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कृष्णा

  • मिस्त्री का लैटर इंपैक्ट: टाटा ग्रुप के स्टॉक्स में 5% तक टूटे, TCS के 4000 करोड़ डूबे
    Last Updated: October 27 2016, 09:43 AM

    नई दिल्ली. साइरस मिस्त्री को हटाए जाने के बाद टाटा ग्रुप की कंपनियों के स्टॉक्स पर असर नजर आ रहा है। पिछले 3 दिन में ग्रुप की मार्केट कैप 26 हजार करोड़ रुपए घट गई है। गुरुवार को टीसीएस के अलावा ग्रुप कंपनियों के बाकी सभी स्टॉक्स में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली। बता दें कि बीते सोमवार टाटा सन्स के बोर्ड ने साइरस मिस्त्री को चेयरमैन की पोस्ट से हटा दिया था। टाटा ग्रुप के 148 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी चेयरमैन को हटाया गया। उनकी जगह अब 78 साल के रतन टाटा चार महीने के लिए इंटरिम चेयरमैन बने हैं। किस तरह आई स्टॉक्स में गिरावट... साइरस मिस्त्री के मेल के बाद बढ़ी गिरावट - टाटा ग्रुप के स्टॉक्स में गिरावट साइरस मिस्त्री का लिखा ईमेल सामने आने के बाद बढ़ी। साइरस मिस्त्री ने अपने ईमेल में टाटा ग्रुप को 1800 करोड़ डॉलर यानी 1.20 लाख करोड़ रुपए नुकसान का अंदेशा जताया है। - बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों से मिस्त्री द्वारा टाटा बोर्ड को भेजे गए ईमेल पर क्लैरिफिकेशन मांगा है। - जिन कंपनियों से क्लैरिफिकेशन मांगा गया है, उनमें टाटा मोटर्स, इंडियन होटल्स, टाटा टेलिसर्विसेस और टाटा पावर जैसी कंपनियां शामिल हैं। - इसके बाद गुरुवार को टाटा ग्रुप के सभी स्टॉक्स में 6 फीसदी तक की तेज गिरावट देखने को मिली। मेल के बाद विवाद बढ़ने की आशंका से इन्वेस्टर्स ने ग्रुप की कंपनियों में बिकवाली की, जिससे स्टॉक्स में गिरावट रही। तीन दिन में टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के स्टॉक में इतनी आई गिरावट टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनिया स्टॉक में बदलाव टीसीएस 0.68% टाटा मोटर्स -1.44% टाटा मोटर्स डीवीआर -2.08% टाटा केमिकल्स -1.98% टाटा कॉफी -3.33% टाटा कम्युनिकेशन -1.68% टाटा एलेक्सी -2.44% टाटा ग्लोबल बेवरेजिज लिमिटेड -5.21% टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन -5.43% टाटा मेटेलिक्स -4.74% टाटा पावर -1.36% टाटा स्पॉन्ज आयरन -3.98% टाटा स्टील -0.44% टिनप्लेट -3.98% रैलिस इंडिया -2% (नोट: सभी आंकड़े बीएसई की वेबसाइट से लिए गए हैं।) टाटा ग्रुप के स्टॉक में निवेश न करें - एंजेल ब्रोकिंग के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट अमरजीत मौर्या ने बताया कि साइरस मिस्त्री के लेटर के बाद टाटा ग्रुप के स्टॉक्स में गिरावट देखने को मिल रही है, जो आगे और बढ़ सकती है। अभी इस मुद्दे पर कोई क्लैरिफिकेशन नहीं आया है। जब तक मामला पूरी तरह से साफ नहीं हो जाता, तब तक टाटा ग्रुप के स्टॉक्स में निवेश न करें। - उन्होंने कहा कि नैनो के कारण टाटा मोटर्स को नुकसान उठाना पड़ सकता है, लेकिन इसका असर ग्रुप की सभी कंपनियों पर देखने को मिलेगा। मिस्त्री ने ये लगाए हैं ये आरोप - मिस्त्री ने टाटा ग्रुप को भेजा लेटर पब्लिक कर दिया था। इसमें उन्होंने कहा- आईएचसी, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील यूरोप, टाटा पावर और टाटा टेलिसर्विसेज के 2011 से 2015 के बीच के आंकड़ों को तो पता चलेगा कि इन कंपनियों में लगने वाली कैपिटल 1.32 लाख करोड़ से बढ़कर 1.96 लाख करोड़ रुपए (ऑपरेशनल लॉस, इंट्रेस्ट और कैपेक्स के कारण) हो गई। - मिस्त्री ने कहा कि टाटा की इन 5 कंपनियों का घाटा 1800 करोड़ डॉलर रह सकता है। टाटा मोटर्स का एनपीए 4000 करोड़ रुपए हो गया है। - मिस्त्री का आरोप है कि बोर्ड में वो सिर्फ कागजी चेयरमैन थे। उनके अप्वॉइंटमेंट के बाद कई ऐसे बदलाव किए गए, जिससे उन्हें पहले जैसी चेयरमैन पावर नहीं मिले। नैनो पर सवाल - मिस्त्री के मुताबिक- नैनो की वजह से एक हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद इमोशनल वजहों से उसे बंद नहीं किया जा रहा है। - मिस्त्री ने एयर एशिया के साथ डील पर भी आपत्ति जताई। जांच में एयरएशिया में 22 करोड़ रुपए की गलत लेन-देन की जानकारी मिली है। - इसी तरह उन्होंने टाटा-डोकोमो डील पर भी सवाल उठाए हैं। उन्हें कॉन्ट्रैक्ट बचाने के लिए 1.17 अरब डॉलर का पेमेंट कंपनी को करना पड़ा। - इंडियन होटल्स द्वारा देश और विदेश में किए गए एक्विजिशन से भी कंपनी का घाटा बढ़ा है। मिस्त्री ने एक्विजिशन पर सवाल उठाए हैं।

  • टाटा Vs मिस्त्री पर लीगल एक्सपर्ट: सायरस के आरोप गंभीर, कोर्ट में करना होगा साबित
    Last Updated: October 27 2016, 00:00 AM

    नई दिल्ली. जैसी उम्मीद थी, टाटा ग्रुप और चेयरमैन पद से हटाए गए सायरस मिस्त्री के बीच आरोपों का दौर शुरू हो गया है। टाटा सन्स के बोर्ड ने जहां मिस्त्री को हटाए जाने के लिए परफॉर्मेंस को आधार बनाया है, वहीं मिस्त्री ने लेटर लिखकर मैनेजमेंट पर कई आरोप लगा दिए हैं। बढ़ती कॉरपोरेट लड़ाई जल्द ही कानूनी लड़ाई बन सकती है। ऐसे में, moneybhaskar.com देश के प्रमुख कॉरपोरेट वकीलों के जरिए आपको यह बता रहा है कि अपनी साख के लिए मशहूर इस कॉरपोरेट घराने की लड़ाई आने वाले दिनों में कैसा रुख ले सकती है। सायरस को देने होंगे सबूत... - सुप्रीम कोर्ट के सीनियर कॉरपोरेट वकील केटीएस तुलसी के मुताबिक, अगर कोर्ट में लड़ाई आगे बढ़ती है, तो सायरस मिस्त्री ने जो आरोप लगाए हैं, उन्हें कोर्ट में साबित करना होगा। - मिस्त्री ने चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद आरोप लगाए हैं। लिहाजा, यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर उन्हें गड़बड़ियां दिखी थीं, तो उन्होंने इसे पहले क्यों नहीं उठाया। - कोर्ट में कानूनी लड़ाई का भविष्य क्या होगा, यह इससे तय होगा कि मिस्त्री के आरोपों में सबूत कितने ठोस हैं। इसी आधार पर टाटा ग्रुप का भी एक्शन तय होगा। हल निकालने की कोशिश करेगा ग्रुप : सिंघवी - टाटा ग्रुप के वकील अभिषेक मनु सिंघवी के मुताबिक, कैविएट फाइल करना एक रूटीन मामला है। इसे एक अग्रेसिव स्ट्रैटजी के रुप में नहीं देखना चाहिए। - उन्होंने कहा कि जहां तक कोर्ट की बात है, अगर किसी विवाद का हल नहीं निकलता है, तो वह हमेशा उसका हल निकालने के लिए काम करेगा। कैविएट से टाटा समूह को मिला सेफगार्ड - इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के पूर्व प्रेसिडेंट अमरजीत चोपड़ा ने <a href='http://moneybhaskar.com/'>moneybhaskar.com</a> को बताया कि कैविएट फाइल करने से अब टाटा ग्रुप को लीगल सेफगार्ड मिल गया है। - अब मिस्त्री टाटा सन्स के खिलाफ कोई भी कदम आगे उठाते हैं, तो पहले समूह को नोटिस देना होगा। - चोपड़ा के मुताबिक, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यून बोर्ड बनने के बाद कंपनी कानून से जुड़े विवाद वहीं फाइल होते हैं। - ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील की जा सकती है। हाईकोर्ट में ऐसे मामले नहीं चलाए जा सकते। मिस्त्री ने ये लगाए हैं ये आरोप - मिस्त्री ने कहा है कि बोर्ड में उन्हें कागजी चेयरमैन के रूप में पावर मिली हुई थी। उनकी नियुक्ति के बाद कई ऐसे बदलाव किए गए, जिससे उन्हें पहले रह चुके चेयरमैन जैसी पावर नहीं मिली। - उन्होंने कहा है कि नैनो की वजह से एक हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है, इसके बावजूद इमोशनल वजहों से उसे बंद नहीं किया जा रहा है। - मिस्त्री ने एयरएशिया के साथ डील पर भी आपत्ति जताने की बात कही है। फोरेंसिक जांच में एयरएशिया में 22 करोड़ रुपए की गलत लेन-देन की जानकारी मिली है। - इसी तरह उन्होंने टाटा-डोकोमो डील पर भी सवाल उठाए हैं। उन्हें कॉन्ट्रैक्ट बचाने के लिए 1.17 अरब डॉलर का पेमेंट कंपनी को करना पड़ा। - इंडियन होटल्स द्वारा देश और विदेश में किए गए एक्विजिशन से भी कंपनी का घाटा बढ़ा है। मिस्त्री ने एक्विजिशन पर सवाल उठाए हैं।

  • साइरस मिस्त्री की लीडरशिप में टाटा ग्रुप की ये कंपनियां रही बेस्ट, इन्होंने डुबाई लुटिया
    Last Updated: October 27 2016, 00:06 AM

    नई दिल्ली। साइरस मिस्त्री ने टाटा ग्रुप को 28 दिसंबर 2012 को ज्वाइन किया था। करीब 21 सालों तक कमान संभालने के बाद रतन टाटा ने टाटा ग्रुप की को टाटा; कह दिया था। साइरस मिस्त्री की लीडरशिप में टाटा ग्रुप की अधिकतर कंपनियों की मार्केट कैप दोगुनी हो चुकी है। टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों की मार्केट कैप में 57% से ज्यादा की बढ़ोत्तरी देखने को मिली। टाटा ग्रुप की कुल मार्केट कैप 12,500 करोड़ डॉलर (8.5 लाख करोड़ रुपए) है। इसमें अकेले टीसीएस की मार्केट कैप 4.7 लाख करोड़ रुपए है। टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के स्टॉक में टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनिया 28 दिसंबर 2012 को भाव मौजूदा भाव बदलाव पिछले 2 दिनो में बदलाव टीसीएस 1265 2380 88% -1.23% टाटा मोटर्स 306 541 80% -4.33 टाटा मोटर्स डीवीआर 170 352 107% -5% टाटा केमिकल्स 349 567 62% -4.85% टाटा कॉफी 140 130 -7 -3% टाटा कम्यूनिकेशन 236 651 176 -4.36% टाटा एलेक्सी 229 1293 464% -4.57 टाटा ग्लोबल बेवरेजिज लिमिटेड 160 148 -7.5% -5.75 टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन 462 619 34% -1.45 टाटा मेटेलिक्स 62 393 534% -8.53% टाटा पावर 105 81 -23% -3.57% टाटा स्पॉन्ज आयरन 306 624 104% -3.61 टाटा स्टील 433 413 -5% -6.33 टिनप्लेट 82 86 5% -4.70 रैलिस इंडिया 150 227 51% -5 ट्रेंट 128 200 56% -1.47 नेलको 51 93 82% -4.21 इंडियन होटल 98 125 27% -7 वोल्टास 105 392 273% -2 सभी आंकड़े बीएसई की वेबसाइट से लिए गए हैं। साइरस मिस्त्री को हटाने के बाद सभी स्टॉक लुढ़के टाटा ग्रुप के बोर्ड ने 24 अक्टूबर को साइरस मिस्त्री को चेयरमैन के पद से हटा दिया था जिसके बाद स्टॉक मार्केट में टाटा ग्रुप की कंपनियों के स्टॉक में भारी बिकवाली देखने को मिली। इस दौरान सबसे ज्यादा गिरावट टाटा मेटेलिक्स के स्टॉक में 8.53 फीसदी की देखने को मिली। वहीं टीसीएस का स्टॉक भी 1 फीसदी से ज्यादा टूटा। 500% से ज्यादा बढ़े स्टॉक के भाव सायरस मित्री के केवल 4 साल के कार्यकाल में टाटा ग्रुप की कुछ कंपनियों के स्टॉक प्राइस 500% तक बढ़े इस दौरान सबसे ज्यादा तेजी 534 फीसदी की तेजी टाटा मेटेलिक्स के स्टॉक में रही जबकि इसके बाद टाटा एलेक्सी का स्टॉक 464 फीसदी तक तेज हुआ। जबकि इस दौरान कुछ कंपनियों के स्टॉक में गिरावट भी दर्ज की गई। सायरस मिस्त्री के कार्यकाल में टाटा पावर 23 फीसदी, टाटा कॉफी 7 फीसदी, टाटा ग्लोबल बेवरेजिज 7.5 फीसदी और टाटा स्टील 5 फीसदी लुढ़के हैं। अगली स्लाइड: साइरस मिस्त्री के कार्यकाल में दोगुनी हुई मार्केट कैप

  • एसएम कृष्णा BJP में शामिल; कांग्रेस छोड़ते वक्त कहा था, पार्टी को मेरी जरूरत नहीं
    Last Updated: March 22 2017, 19:12 PM

    नईदिल्ली. कर्नाटक के पूर्व कांग्रेस नेता एसएम कृष्णा बुधवार को बीजेपी में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा- मोदी और शाह के काम से मैं इम्प्रेस हूं। यही वजह है कि मैं बीजेपी ज्वाइन कर रहा हूं। इससे पहले कांग्रेस छोड़ते वक्त उन्होंने कहा था कि पार्टी को उनकी जरूरत नहीं है। अमित शाह ने बीजेपी की मेंबरशिप दिलाई। अटलजी से मेरे अच्छे रिलेशन रहे हैं... - एसएम कृष्णा ने कहा- अपने राज्य कर्नाटक में और केंद्र में मैंने काम किया है। मेरा लंबा राजनीतिक अनुभव रहा है। - बीजेपी ने जिस तरह से मोदी और अमित शाह की लीडरशिप में अच्छा काम किया है। इससे मैं काफी इम्प्रेस हूं। यही वजह है कि मैं बीजेपी ज्वाइन कर रहा हूं। - अटल जी के साथ मेरे अच्छे रिलेशन रहे हैं। मैं जब सीएम था तो वे पीएम थे। - अमित शाह ने कहा- मुझे पूरा विश्वास है कि कृष्णा के आने से पार्टी को केंद्र और राज्य में मजबूती मिलेगी। उनकी सीनियरिटी, एक्सपीरियंस और रिस्पेक्ट को बरकरार रखा जाएगा। 29 जनवरी को दिया था इस्तीफा - एसएम कृष्णा ने कांग्रेस से 29 जनवरी को इस्तीफा दिया था। - बता दें कि कृष्णा कांग्रेस में करीब 46 साल तक रहे हैं। वे कांग्रेस में राजनीतिक तौर पर काफी प्रभावी माने जाने वाले वोक्कालिगा कम्युनिटी के प्रमुख नेताओं में से एक थे। - कृष्णा 1999 से 2004 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री थे। वह देश के विदेश मंत्री और महाराष्ट्र के गवर्नर भी रह चुके हैं। - एसएम कृष्णा इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। - कांग्रेस छोड़ने के दौरान कृष्णा ने कहा था कि उन्हें जिस तरह विदेश मंत्री के पद से हटाया गया वह सही नहीं था। पार्टी इस बारे में भ्रम की स्थिति में है कि उसे जन नेताओं की जरूरत है या नहीं।

  • बाहुबली के कटप्पा से रजनीकांत तक, रियल लाइफ में गंजे हैं साउथ के ये स्टार
    Last Updated: March 21 2017, 10:57 AM

    एंटरटेनमेंट डेस्क। कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा? इस सवाल का जवाब जानने के लिए ऑडियंस को बेसब्री से बाहुबली 2 (बाहुबली : द कन्क्लूजन) का इंतजार है। बता दें कि फिल्म का ट्रेलर 16 मार्च को रिलीज हो गया है और यह फिल्म 28 अप्रैल को रिलीज होगी। फिल्म में कटप्पा का रोल प्ले कर रहे तेलुगु एक्टर सत्यराज का लुक देखने लायक है। एडवांस्ड VFX तकनीक की मदद से न सिर्फ फिल्म के सीन में जान डाली गई है, बल्कि कटप्पा के लुक और मेकअप को भी बेहतरीन बनाया गया है। वैसे, फिल्मों को हिट कराने के लिए आए दिन कोई न कोई नया ट्रेंड शुरू हो जाता है। जो अगर एक बार सक्सेसफुल हो गया, तो फिर हर कोई उसे फॉलो करने लगता है। ऐसा ही एक ट्रेंड है बाल्ड लुक का। वैसे, साउथ फिल्म इंडस्ट्री में तो ऐसे कई सुपरस्टार हैं, जो फिल्मों में विग पहनकर काम करते हैं लेकिन रियल लाइफ में गंजे हैं। साउथ के सुपरस्टार्स की बात करें तो सत्यराज, रजनीकांत से लेकर मोहन बाबू, बालाकृष्ण, राजेन्द्र प्रसाद और सुरेश तक सभी रियल लाइफ में बाल्ड (गंजे) हैं। हालांकि ये स्टार्स जब फिल्मों में विग पहनकर रोल करते हैं तो कोई इन्हें जज नहीं कर सकता कि रियल में इनका लुक कुछ ऐसा होगा। इस पैकेज में हम बता रहे हैं साउथ फिल्म इंडस्ट्री के कुछ ऐसे ही सुपरस्टार्स को, जो रील लाइफ और रियल लाइफ में बिल्कुल ही अलग नजर आते हैं। सत्यराज 3 अक्टूबर 1954 को चेन्नई, तमिलनाडु में जन्में एक्टर सत्यराज ने 100 से भी अधिक फिल्मों में काम किया है। सत्यराज एक्शन, ड्रामा से लेकर कॉमेडी फिल्मों में भी अपनी एक्टिंग का जौहर दिखा चुके हैं। सत्यराज अनाकिली फिल्म की शूटिंग देखने गए थे, जहां उनकी मुलाकात एक्टर शिवकुमार और प्रोड्यूसर तिरूप्पुर मेनियन से हुई और वे कोमल स्वामीनाथन की नाटक मंडली में शामिल हो गए। सत्यराज वैसे तो तेलुगु फिल्मों के एक्टर हैं। लेकिन तमिल, मलयालम और कन्नड़ सहित कई भाषाओं की फिल्मों में उन्होंने काम किया है। बाहुबली से पहले उन्हें शाहरुख खान स्टारर बॉलीवुड फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस में दीपिका पादुकोण के पिता के रोल में देखा जा चुका है। आगे की स्लाइड्स पर देखें, साउथ के कुछ और स्टार्स और उनका बाल्ड (गंजा) LOOK...

  • बचत और निवेश... शेयर ट्रेडिंग करना संपत्ति के लिए घातक इसलिए है
    Last Updated: March 21 2017, 07:22 AM

    यह आम धारणा है कि शेयरों में यदि पैसा लगाया जाता है तो वह अन्य असेट क्लास के मुकाबले ज्यादा रिटर्न देता है। ऐसे में कई निवेशक इसमें बिना सोचे-समझें पैसा लगाते हैं और हाथ जला बैठते हैं। 100 में से केवल एक ऐसा निवेशक होता है, जो इसमें सफल होता है, बाकि अपने रिटर्न को ही खाते रहते हैं। जानिए विस्तार से- यह आम धारणा है कि शेयर बाजार में पैसा लगाने से रिटर्न अन्य इन्वेस्टमेंट की बजाय बेहतर मिलता है लेकिन, शेयर बाजार में इन्वेस्टमेंट तभी बेहतर है, जब आप लगातार ट्रेडिंग कर रहे हों। कुछ लोग डे ट्रेडर होते हैं। यानी वे शेयर खरीदते हैं और उसी दिन उसे बेचते हैं। एक ही ट्रेडिंग सेशन में वे कई तरह की ट्रेडिंग करते हैं। जबकि कुछ स्विंग ट्रेडर्स होते हैं। ऐसे ट्रेडर शेयर खरीदने के कुछ दिन बाद तक शेयर संभालकर रखते हैं। कुछ लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर होते हैं, जो शेयर काफी रिसर्च के बाद खरीदते हैं और कुछ समय तक शेयर अपने पास रखते हैं। ये लॉन्ग टर्म के टार्गेट प्राप्त करते हैं। बाजार की घट-बढ़ या खबरों के कारण ये प्रभावित नहीं होते हैं और न ही इसके हिसाब से खरीदी बेचान करते हैं। इक्विटी की ट्रेडिंग को आपकी संपत्ति के लिए खतरनाक बताया गया है। अमेरिका के एक अध्ययन के अनुसार जो परिवार लगातार ट्रेडिंग करते हैं, उन्हें सालाना स्तर पर 11.4 फीसदी का रिटर्न मिल पाता है, जबकि जो परिवार कभी-कभी ट्रेडिंग करते हैं, उनका वार्षिक रिटर्न 18.5 फीसदी तक का होता है। कुछ परिवारों ने भी ब्रोकर के यहां अपना अकाउंट बना रखा है, जिससे शेयरों की खरीदी-बिक्री होती है। इन दलालों का कहना है कि जो परिवार लगातार ट्रेडिंग करते रहते हैं, उनको पेनल्टी भी कई बार देना पड़ती है। वे बड़े पैमाने पर ट्रेडिंग का खर्च तो उठाते ही है, साथ ही भारी-भरकम कमीशन भी देते हैं। यहां तक कि उन शेयरों का भी जो किसी काम के नहीं रह जाते हैं। एक वास्तविक घटना है, जिसे अध्ययन में लिया गया। इसमें 400 लोगों के एक समूह ने ट्रेडिंग शुरू की। इसमें से मात्र 14 को ही फायदा हुआ। वह भी लंबे समय में और वे नियमित रूप से ट्रेडिंग करने लगे। यह 3.5 से 4.5 फीसदी तक की ही सफलता दर आंकेंगे। केवल 7 ट्रेडर जो पहले वर्ष में विफल रहे थे, उन्होंने एक वर्ष के बाद भी ट्रेडिंग जारी रखी। अन्य ने ट्रेडिंग बंद कर दी, क्योंकि वे नुकसान नहीं झेल सकते थे। जो लोग ज्यादा ट्रेडिंग करते हैं, वे ज्यादा से ज्यादा निगाह शेयर पर रखते हैं। वे बाजार और शेयर की खबरों में ज्यादा ध्यान देते हैं। इस कारण से बाजार और इकोनॉमी को लेकर उनकी जानकारी बहुत ज्यादा होती है। वे बढ़-चढ़कर पूर्वानुमान लगाते हैं और घाटे की सीमा को भी बहुत ऊपर तक ले जाकर आंक लेते हैं। इसी कारण से वे ज्यादा ट्रेडिंग कर भी पाते हैं, जो उनके पोर्टफोलियो से जांचा जा सकता है। कई बार ये लोग अपने ही स्तर पर शेयर बेच देते हैं और नए खरीद लेते हैं। फिर भी यदि आप ज्यादा ट्रेडिंग करते हैं तो आपका पोर्टफोलियो कभी भी संतुलित नहीं कहा जा सकता। एक संतुलित पोर्टफोलियो वह होता है, जो कुछ शेयर के कारण न तो ज्यादा भारी होता है न ही कुछ सेक्टर के कारण जोखिम के एवज में हेजिंग करता हो। साथ ही इस तरह के पोर्टफोलियो में रिटर्न अधिक होता है। ज्यादा ट्रेडिंग की बजाय एक संतुलित पोर्टफोलियो होना ज्यादा जरूरी और बेहतर है। यदि पैसा ज्यादा है तो शेयरों की ट्रेडिंग की बजाय किसी अन्य सेक्टर में पैसा लगाना चाहिए। पोर्टफोलियो मैनेजर आपको यह भली-भांति समझा सकते हैं। ट्रेडिंग को जीरो सम गेम भी कहा जाता है। जैसे जैसे बाजार की चाल बढ़ती है किसी ट्रेडर द्वारा अर्जित पैसा उसकी जेब से निकलकर दूसरे ट्रेडर की जेब में चला जाता है। कोई भी ट्रेडर दूसरे ट्रेडर से प्रतिस्पर्धा ही करते रहता है। बाजार ऐसे ही चलता भी है, जबकि लंबी अवधि के लिए पैसा लगाने वाले लोग इस तरह की प्रतिस्पर्धा में नहीं रहते हैं। इसी कारण से पैसा एक जेब से- दूसरी जेब में आता-जाता है। हो सकता है कि आप हमेशा सफल हो, लेकिन यह बेहद असंभव है यानी सौ में से केवल एक। अनेक मामलों में इस तरह के ट्रेडर अपने रिटर्न को ही हजम करते जाते हैं, क्योंकि कई शेयर खराब रिटर्न दे देते हैं। यदि इस तरह की ट्रेडिंग कर रहे हैं तो इस जोखिम से रूबरू तो होना ही पड़ता है। इसलिए शेयर बाजार में युक्तिसंगत फैसले लेने पर ही सफल होंगे। फैक्ट- म्युचुअल फंड के टोटल असेट में छोटे शहरों (बी-15 के बाहर) का शेयर फरवरी 2016 के 2.13 लाख करोड़ रु. से बढ़कर फरवरी 2017 में 3.07 लाख करोड़ रु. पहुंच गया है। मधुपम कृष्णा सदस्य, फाइनेंशियल प्लानर्स गिल्ड ऑफ इंडिया

  • अब ऐसी दिखती हैं ये हॉट एक्ट्रेस, फिल्मों से दूर होने की बताई ये वजह
    Last Updated: March 19 2017, 19:32 PM

    इंदौर। अस्सी के दशक में हिंदी सिनेमा के परदे पर सनसनी की तरह उभरी जीनत अमान फिर से फिल्मों में वापसी करना चाहती है। एक कार्यक्रम में शामिल होने इंदौर आई जीनत ने बताया कि उन्होंने बच्चों की वजह से फिल्मों से दूरी बनाई थी। साथ ही कहा कि यदि कोई इंट्रेस्टिंग रोल मिला तो मैं पर्दे पर फिर से नजर आऊंगी। जीनत ने दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा की तारीफ़ भी की और कहा मैं अक्सर इनकी फिल्में देखती हूं। - जीनत ने कहा कि मजहर से शादी के बाद मैंने फिल्मों से दूरी बनाना शुरू कर दिया था। मां बनने के बाद इंडस्ट्री छोड़ दी, क्योंकि मुझे लगा कि बच्चों की बेहतर परवरिश करना ज्यादा जरूरी था। - ना करने के बाद भी कई प्रोड्यूसर मुझे अपनी फिल्म साइन करने की रिक्वेस्ट करते थे, लेकिन वक्त की बहुत कमी थी। - अब बच्चे बड़े हो गए है। यदि कोई इंट्रेस्टिंग रोल मिला तो जरूर करूंगी। वैसे छोटे बेटे ने मुझे इंडस्ट्री से फिर से जोड़ दिया है। मैं उसके लिए फिल्में प्रोड्यूस कर रही हूं। - आज के स्टार्स के बारे में पूछने पर पुराने जमाने की सेक्स सिंबाल ने पीसी यानी प्रियंका चोपड़ा और दीपिका का जिक्र किया। - जीनत ने कहा कि मैं इन दोनों ऐक्ट्रेस की फैन हूं। अक्सर इनकी फिल्में देखती हूं, लेकिन आज की फिल्मों की कहानियों, गानों और डायलॉग में मासूमियत कहीं खो चुकी है। - प्रोग्राम में जीनत की मौजूदगी में उनके चुनींदा गानों को पेश किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीनत के फैन मौजूद थे। स्टेज को उनके फोटोग्राफ्स से सजाया गया था। - शानदार एक्टिंग हमेशा जवां रहती है, बूढ़ा तो आर्टिस्ट होता है। उसका शानदार काम ही लोगों को याद रहता है। - मैं अक्सर अपने बच्चों से यही कहती हूं कि अपने काम को इतने दमदार तरीके से करो कि लोग आपको नहीं, आपके काम को लम्बे अरसे तक याद रखें। खो चुकी है फिल्मों और गानों में मासूमियत - पुराने फिल्मकारों और संगीतकार ने इसी दमदारी से काम किया है। यही कारण है कि गुज़रे दौर की फिल्में और गानें लोगों को आज भी याद हैं। - उन्होंने कहा कि पुराने गीत दमदार थे लिहाजा आज भी वे नए तरीके से कम्पोज किए जा रहे हैं। उनके रीमिक्स बनाए जा रहे हैं। - आज भी पसंद किए जाते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि नए आर्टिस्ट अच्छा काम नहीं कर रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें, एक्ट्रेस जीनत अमान की फोटोज...

  • रंग में कुछ इस अंदाज में रंग गई विदेशी लड़कियां-देखें PHOTOS
    Last Updated: March 14 2017, 09:56 AM

    मथुरा. श्रीकृष्ण जन्मस्थान के दर्शन करने आए ऑस्ट्रेलियन डेलिगेट्स के सदस्यों ने जन्मस्थान के गोविन्द नगर गेट पर रंग-गुलाल से जमकर होली खेली। यही नहीं, वहां मौजूद पुलिस अफसरों को भी गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। 3 बसों में कड़ी सुुरक्षा के बीच आए विदेशी भक्तों ने एक-दूसरे को जमकर गुलाल लगाया और जन्मस्थान के द्वार पर श्रुद्धालुओं को हैप्पी होली कह कर गले से लगाया। एक घंटे होली खेलने के के बाद सभी वृन्दावन के बांके बिहारी के दर्शन करने के लिए चले गए। आगे की स्लाइड्स में देखें अन्य फोटोज...

  • कान्हा ने सखाओं के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली से खेली फाग, उड़ाया गुलाल
    Last Updated: March 14 2017, 07:39 AM

    ग्वालियर. ब्रज की तरह शिवपुरी में भी ट्रैक्टर-ट्रॉली के रथ पर सवार हो कर भगवान कृष्ण के बाल रुप में सजे बच्चों और बाल सखाओं नें शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए भक्तों की टोलीपर रंग बिखेरे। युवाओं की टोली के साथ कान्हा जहां विशेष पिचकारी से फाग खेला, जबकि उनके सखाओं गुलाल उड़ाकर होली खेली।   - शिव की नगरी के तौर पर जाना जाने वाला शिवपुरी होली पर वृंदावन नजार आ रहा थी। होली की सुबह माधव चौक पर हिंदू उत्सव समिति ने होली आयोजन शुरू कर दिया। - ट्रैक्टर-ट्रॉली पर विशेष रुप से बनाए गए रथ पर भगवान बाल कृष्ण ओर उनके बाल सखाओं को बिठाया गया। - कान्हा ने विशेष पिचकारियों से रंगों और फूलों की बरसात की और उनके सखाओं नें गुलाल उड़ाया।   - वृंदावन की तरज पर आयोजित इस फाग में 40 संस्थाएं शामिल हुईं। - इन संस्थाओं के सदस्य कान्हा की यात्रा में शामिल हुए। DJ नाचती गाती हुरिहारों की टोली शहर भर से गुजरी और कान्हा व उनके सखाओं ने जब कर पूल और रंग-गुलाल उड़ाया। इस आयोजन से शिवपुरी में पूरी तरह वृंदावन जैसा माहौल हो गया।   स्लाइड्स में हैं रथ से फाग खेलते कान्हा और बाल सखा.... 

  • MYTH: इस वन में कृष्ण करते हैं राधा का श्रृंगार, देखने वालों का होता है ये हाल
    Last Updated: March 13 2017, 08:29 AM

    मथुरा. देश के हर धार्मिक स्थलों के बारे में कुछ न कुछ मान्यता है, जो अतीत की कहानियां बयां करता है। ऐसी ही जगहों में से एक है धार्मिक नगर वृंदावन में मौजूद निधिवन। ये स्थान बेहद पवित्र, धार्मिक और रहस्यमयी है। मान्यता है कि निधिवन में आज भी हर रात कृष्ण गोपियों संग रास रचाते हैं। ऐसे में निधिवन को शाम को आरती के बाद बंद कर दिया जाता है। यहां तक कि इस वन में दिन में रहने वाले पशु-पक्षी भी शाम होते ही निधिवन को छोड़कर चले जाते हैं। मान्यता है कि इस दौरान अगर कोई यहां जाता है तो वो अंधा हो जाता है या फिर उसका मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है। (ग्यारहवीं स्लाइड में देखें VIDEO) - इस समय होली को लेकर पूरा मथुरा रंगीन हो गया है। श्रीकृष्ण भक्त इन दिनों दिन में भक्तों से पूरा भरा रहता है। -हालांकि, कृष्ण भक्तों से भरा रहने वाला निधिवन में शाम 7 बजे से खाली होने लगता है। - इस समय निधिवन से सैकड़ों बंदर भी बाहर निकलने लगे हैं। चिड़ियों की चहचहाहट से पूरा इलाका गूंजने लगा है। - क्योंकि इस वक्त राधा और कृष्ण के रास का वक्त होता है। लोगों की मान्यता है कि इस रास को देखने वाले अंधे हो जाते हैं। - पंडित ब्रजवासी ने बताया कि भगवान कृष्ण को निधिवन बेहद प्रिय है। - भगवान कृष्ण और राधा ने यहां पर श्रृंगार किया था और हर रात बांके बिहारी मंदिर से निकलकर यहां आते हैं। इस दौरान कोई नहीं होता है। - यहां पेड़ के रूप में ऋषिि हैं, जो रात को गोपियां बनकर भगवान के साथ रास में हिस्सा लेते हैं। - शाम को आरती के बाद निधिवन को बंद कर दिया जाता है। यहां कोई नहीं होता है। क्या है मान्यता - मान्यता है कि अब तक यहां जिसने भी झांकने की कोशिश की, वो बाद में कुछ बताने की हालत में नहीं रहा। - इसी जगह पर एक कुंआ है। माना जाता है कि जब राधा को प्यास लगी तो कृष्ण ने अपनी बांसुरी से जमीन खोदकर इसे बना दिया था। - उसके बाद राधा ने बांसुरी को चुरा लिया। यहां पर बांसुरी चोर राधा का मंदिर भी है। - निधिवन के धार्मिक मान्यता को देखते हुए पर्यटन विभाग ने इस वन की सच्चाई को बड़े शिलापट में लिखवाया है। - इसके अनुसार निधिवन, संगीत सम्राट रसिक शेरवर स्वामी हरिदास जी की साधना स्थली रही है। यहां पर अनेक आचार्यों की समाधियां भी हैं। - स्वामी हरिदास ने जीवन भर इस वन में निवास किया। जन भावनाएं हैं कि यहां पर कृष्ण-राधा ने विभिन्न रास किए। - जन मान्यता है कि यहां पर बांके बिहारी जी का प्रकाट्य स्थल है। यहां पर एक कुंज से उनका विग्रह प्रकट हुआ था। - मान्यता है कि इसके पास ही रंग महल में कृष्ण की नित्य बिहार लीला होती है। - इस वन में हीललिता कुंड है। माना जाता है कि यहीं पर मुगल बादशाह अकबर ने तानसेन के साथ यहां आकर स्वामी हरिदास के दर्शन किए थे। निधिवन की मान्यता और हकीकत मान्यता ; निधिवन में जो रात में रह गया वह मर गया और जगह-जगह उसकी समाधि बन गई। हकीकत ; यह बांके बिहारी मंदिर से जुड़ा निधिवन है। जिन गोस्वामियों का निधन हो जाता है, उसका अंतिम संस्कार के बाद यहां पर याद में छोटा सा स्मारक बना दिया जाता है। इसे प्रचारित किया जाता है कि यहां पर रात में रुकने वालों की समाधि है। इसके अलावा स्वामी हरिदास के वक्त के आचार्यों की समाधियां हैं। मान्यता ; निधिवन में कृष्ण रास रचाने आते हैं। यहां रुककर देखने वाले अंधे हो जाते हैं या मानसिक संतुलन खराब हो जाता है। इस जगह पर न बंदर और न ही चिड़ियां रहती है। हकीकत ; बांके बिहारी मंदिर के रिटायर्ड भंडारी हीरालाल ने बताया कि 10 साल पहले एक व्यक्ति अंदर रह गया था। सुबह उसे देखा गया और पकड़ लिया गया। उसे कुछ नहीं हुआ था। मान्यता ; निधिवन के आस-पास के घरों की खिड़कियां रात को बंद रहती हैं। रात को नहीं झांकते वन में। हकीकत ; वन के बगल में रहने वाले रत्नेश उपाध्याय ने बताया कि ऐसा नहीं है कि गर्मी के दिनों में खिड़कियां बंद नहीं होती हैं। मान्यताएं हैं, तो इसका ख्याल रखकर हमलोग खिड़कियों से नहीं झांकते हैं। बच्चे अक्सर रात को खिड़की से निधिवन को देख लेते हैं, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ। मान्यता ; रात को बंदर और पक्षी भी निधिवन में नहीं रुकते हैं। हकीकत ; निधिवन में पेड़ों पर दिन में बंदर और पक्षियों का हुजूम रहता है। शाम को बड़ी संख्या में बंदर और पक्षी बाहर आ जाती हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कोई भी बंदर या पक्षी यहां नहीं रहती है। इसमें जरूर सच्चाई है कि इन पेड़ों पर घोसले नहीं हैं। आगे की स्लाइड्स में देखिए अन्य फोटोज...

  • कपूर फैमिली में ऐसे मनाई जाती थी होली, VIDEO में देखिए कैसे होता था हाल
    Last Updated: March 12 2017, 14:22 PM

    डीबी वीडियोज में हम आपको दुनियाभर के ट्रेंडिंग, न्यूज, फनी वीडियोज दिखाते हैं. हमारी कोशिश है कि वीडियो के मार्फत आपकी नॉलेज भी बढ़े और आपको एंटरटेन भी कर सकें. डीबी वीडियोज पर आप बॉलीवुड, स्पोर्ट्स, टिप्स, हेल्थ, गैजेट, इंटरनेशनल, नेशनल हैपनिंग के हर वीडियोज को देख सकते हैं.

  • ऐश्वर्या के पिता की हालत नाजुक, तबीयत बिगड़ने के बाद वेंटीलेटर पर किया शिफ्ट
    Last Updated: March 12 2017, 12:47 PM

    मुंबई। ऐश्वर्या राय के पिता कृष्णा राज की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लीलावती हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। पहले उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया लेकिन क्रिटिकल कंडीशन के बाद वेंटीलेटर पर रखा गया है। कुछ दिनों पहले समधी को देखने के लिए अमिताभ बच्चन भी हॉस्पिटल पहुंचे थे। उनके अलावा सिकंदर खेर भी अस्पताल के बाहर नजर आए। बता दें कि इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ऐश्वर्या के पिता पहले कैंसर से पीड़ित रह चुके हैं और दोबारा भी उसी के लक्षण हो सकते हैं। ऐश्वर्या-अभिषेक भी हॉस्पिटल में... ऐश्वर्या, अभिषेक बच्चन के साथ लीलावती हॉस्पिटल पहुंचीं। इस दौरान दोनों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही थीं। फिलहाल ऐश्वर्या अपने पिता की पूरी देखभाल कर रही हैं। यहां तक कि जब अभिषेक किसी काम से न्यूयॉर्क गए थे तब भी वो अकेले ही हॉस्पिटल में पिता की देखभाल के लिए रहती थीं। इस बार बच्चन फैमिली नहीं खेलेगी होली... इंडस्ट्री में होली-दिवाली जैसे फेस्टिव ओकेजन पर पार्टी ऑर्गनाइज करने के लिए सबसे ज्यादा बच्चन फैमिली ही जानी जाती हैं, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं होगा। सोर्स की मानें तो इस साल बच्चन फैमिली होली का जश्न नहीं मनाएगी, क्योंकि ऐश्वर्या राय बच्चन के पिता कृष्णा राय पिछले कुछ दिनों से लीलावती हॉस्पिटल में एडमिट है। आगे की स्लाइड्स पर देखें, लीलावती हॉस्पिटल के बाहर ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन...

  • विधवाओं ने वृंदावन में खेली होली, सफेद साड़ी हुई रंगीन, देखें PHOTOS
    Last Updated: March 09 2017, 17:09 PM

    मथुरा. यूपी के मथुरा में विधवा होते ही रंगों की दुनिया से दूर कर दी गई महिलाओं ने गुरुवार को वृंदावन में परंपरा तोड़ दी। 500 से ज्यादा विधवाओं ने गुलाल के साथ होली खेली। कृष्ण की भक्ति में उनकी सफेद साड़ी गुलाल के रंगों से रंगीन हो गई। गोपीनाथ मंदिर के प्रांगण में इतने गुलाल और फूल उड़े कि फर्श पर इसकी मोटी परत जम गई। चेहरे पर दिखा कृष्ण संग होली खेलने का आनंद... - देशभर के कई इलाकों से आकर हजारों विधवाएं कृष्ण की भक्ति में वृंदावन में रहती हैं। वो साल में कुछ ही वक्त के लिए अपने घर जाती हैं। अधिकतर समय वो यहीं के आश्रम और मंदिरों में रहती हैं। - इनके लिए गोपीनाथ मंदिर में भगवान कृष्ण की प्रतिमा के सामने होली का आयोजन किया गया है। गुरुवार की दोपहर 12 बजे से यहां होली का अलग रंग दिखाई दिया। इसका आयोजन सुलभ इंटरनेशनल की तरफ से किया गया था। - आज बिरज में होली रे रसिया गीत पर सैंकड़ों विधवाएं गुलाल उड़ाकर नाचती रही। फर्श पर कई इंच का गुलाल पड़ा और फूलों की बरसात होती रही। - विधवाओं के चेहरे पर कान्हां के साथ होली खेलने का आनंद दिख रहा था। पहली बार खेले होली - पंजाब से आई विधवा रमेश्वरी ने बताया कि वो बचपन में ही विधवा हो गई थीं। आज जिंदगी में पहली बार उसने रंगों की होली खेली है। वह इस खुशी को बता नहीं सकती है। - वृंदावन में ऐसी खास होली चौथी बार आयोजित की गई है। इससे पहले गोपीनाथ मंदिर में ही 3 बार विधवाएं होली खेल चुकी हैं। ये महिलाएं बेहद खुश हैं। - पश्चिम बंगाल की पंकजा ने बताया कि पति 10 साल पहले गुजर गए। इसके बाद से भगवान कृष्ण ही उनके सबकुछ हैं। उन्होंने कहा कि वो भगवान कृष्ण के साथ होली खेल रही हैं। भगवान के भजन के बीच रंगों से सराबोर होने का आनंद अलौकिक है। विधवाएं क्यों खेलती हैं होली - इस होली के आयोजक सुलभ इंटरनेशनल है। इसके प्रमुख बिंदेश्वर पाठक ने बताया कि विधवाओं के जीवन में उत्साह और समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए यह आयाोजन किया गया है। - सुलभ की वृंदावन इंचार्ज विनीता वर्मा ने बताया कि यह होली विधवाओं की जिंदगी में नए रंग भर रही है। - वह कहती हैं कि विधवाओं को आमतौर पर देश में होली खेलने से अलग रखा जाता है। लेकिन उनका संगठन चाहता है कि रंगभरी दुनिया में विधवाएं भी इसमें रम जाएं। कृष्ण की भक्ति में रंग का बड़ा योगदान है। - इस होली के लिए विधवाएं सोमवार की सुबह से ही तैयारी की। वृंदावन के विधवा आश्रमों व मंदिरों से विधवाएं सुबह जल्दी पहुंच गईं। - इस होली को देखने के लिए करीब दो हजार आम लोग भी यहां पर पहुंचे। ताकि आमलोग भी विधवाओं की होली को नजदीक से देख सकें और बदलती परंपरा के बारे में समाज को बता सकें। आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज...

  • ‘Yeh Hai Mohabbatein’ की इस एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा फोटो शेयर
    Last Updated: March 09 2017, 15:08 PM

    मुंबई। बॉलीवुड ही नहीं, टेलीविजन एक्ट्रेसेस भी आए दिन सोशल मीडिया पर अपनी ड्रेसिंग को लेकर कई बुरे-बुरे कमेंट्स फेस कर रही हैं। लेकिन हाल ही में Yeh Hai Mohabbatein; में आलिया का रोल प्ले करने वाली टीवी एक्ट्रेस कृष्णा मुखर्जी ने वुमन्स डे पर ऐसे ही लोगों काे मुंहतोड़ जवाब देने की कोशिश की है। इन्होंने वुमन्स डे पर अपनी ब्रा फ्लान्ट करते हुए एक फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किया है और उसमें कैप्शन दिया है Dont judge women Happy womens Day. गौरतलब है कि इससे पहले सोनम कपूर, दिशा पटानी, टीवी एक्ट्रेस निया शर्मा और डियांड्रा को उनकी ड्रेसिंग को लेकर फैन्स काफी बुरे-बुरे कमेंट्स कर चुके हैं।

  • ऐश्वर्या के पिता की तबीयत बिगड़ी, समधी को देखने हॉस्पिटल पहुंचे अमिताभ
    Last Updated: March 09 2017, 11:33 AM

    मुंबई। अमिताभ बच्चन बीती रात लीलावती हॉस्पिटल के बाहर नजर आए। वो यहां ऐश्वर्या के पिता और अपने समधी कृष्णा राज को देखने पहुंचे थे। कृष्णा राज की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पिछले दो हफ्ते से यहां भर्ती किया गया है। इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि वो पहले कैंसर से पीड़ित रह चुके हैं और दोबारा भी उसी के लक्षण हो सकते हैं। फिलहाल उन्हें आईसीयू में रखा गया है। ऐश्वर्या-अभिषेक भी पहुंचे हॉस्पिटल... बीती रात ऐश्वर्या, अभिषेक बच्चन के साथ लीलावती हॉस्पिटल पहुंचीं। इस दौरान दोनों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही थीं। फिलहाल ऐश्वर्या अपने पिता की पूरी देखभाल कर रही हैं। यहां तक कि जब अभिषेक किसी काम से न्यूयॉर्क गए थे तब भी वो अकेले ही हॉस्पिटल में पिता की देखभाल के लिए रहती थीं। आगे की स्लाइड्स पर देखें, लीलावती हॉस्पिटल के बाहर ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन...

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