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Kulbhushan Jadhav

जाधव मामले में यूनाइटेड नेशंस को नए सबूत सौंपेगा PAK, तैयार किया डॉजियर

जाधव मामले में यूनाइटेड नेशंस को नए सबूत सौंपेगा PAK, तैयार किया डॉजियर

Last Updated: April 15 2017, 22:47 PM

लाहौर/नई दिल्ली. कुलभूषण जाधव को फांसी दिए जाने के मामले में पाकिस्तान यूनाइटेड नेशंस को नए सबूत सौंपेगा। इसके लिए PAK ने और ज्यादा सबूतों वाला नया डॉजियर तैयार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये डॉजियर जाधव के कबूलनामे वाले वीडियो और कोर्ट के सामने दिए गए उसके बयान के बेस पर तैयार किया गया है। बता दें कि पाक आर्मी ने भारतीय अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। पाक ने आरोप लगाया था कि जाधव भारतीय जासूस है। भारत ने मैरिटाइम सिक्युरिटी डायलॉग रोका... - भारत ने पाकिस्तान के साथ होने वाले मैरिटाइम सिक्युरिटी डायलॉग (सामुद्रिक सुरक्षा को लेकर होने वाली बातचीत) को रोक दिया है। ये बातचीत अगले ही हफ्ते होने वाली थी। - भारत के इस कदम को कुलभूषण जाधव को पाक आर्मी कोर्ट द्वारा मनमाने ढंग से फांसी की सजा सुनाने का असर माना जा रहा है। भारत एक साल में अब तक 14 बार कुलभूषण से मुलाकात करने की कोशिश कर चुका है। लेकिन पाकिस्तान इसकी इजाजत नहीं दे रहा है। पाक डेलिगेशन का 16-19 अप्रैल तक भारत दौरा था - कोस्ट गार्ड के सूत्रों के मुताबिक, डिफेंस मिनिस्ट्री ने पाक डेलिगेशन को भारत आने की परमिशन नहीं दी। - बता दें कि इसी हफ्ते भारतीय नेवी के पूर्व अफसर कुलभूषण जाधव को पाक की आर्मी कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद से दोनों देशों के बीच काफी तनाव है। - भारत साफ कर चुका है कि जाधव की फांसी को एक सोची-समझी हत्या माना जाएगा। क्या है मामला? - 11 अप्रैल को पाक आर्मी ने वहां की जेल में बंद भारतीय अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। पाक ने आरोप लगाया था कि जाधव भारतीय जासूस है। - पाक मिलिट्री के अफसर मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट किया था कि पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत जाधव का फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) किया गया और फांसी की सजा सुनाई गई। - इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित को तलब किया। उन्हें डिमार्शे (डिप्लोमैटिक डिमांड लेटर) सौंपा। इसमें कहा गया- अगर सजा पर अमल होता है तो ये कानून के बुनियादी नियमों के खिलाफ होगा। इसे सोचा-समझा कत्ल कहा जाएगा। - डिमार्शे में आगे कहा गया- ये ध्यान रखा जाना चाहिए कि पाकिस्तान में इंडियन हाई कमीशन को ये बताने की जरूरत भी नहीं समझी गई कि कुलभूषण पर केस चल रहा है। भारत के लोग और सरकार इसे सोचा-समझा कत्ल ही मानेंगे। - वहीं, पाकिस्तान ने कहा है कि कुलभूषण जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा के खिलाफ 60 दिन के अंदर अपील की जा सकती है। - विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में कहा, जाधव को न्याय दिलवाने के लिए सरकार आउट ऑफ वे जाने को भी तैयार है। अगर जाधव को फांसी दी गई तो पाकिस्तान को द्विपक्षीय संबंधों को लेकर गंभीर अंजाम भुगतने होंगे।; जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा, हमारी सेना हर खतरे से लड़ने के लिए तैयार है। - सुषमा ने ये भी कहा था, पाक ने जाधव को जो सजा सुनाई है, वो सोचा-समझा मर्डर है। उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। सरकार आउट ऑफ द वे जाकर मदद करेगी। अगर जाधव को फांसी होती है तो पाकिस्तान को गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। इसका असर बाइलैटरल रिलेशन पर भी पड़ेगा। - इस बीच भारत ने पाकिस्तान से चार्जशीट और आर्मी कोर्ट के ऑर्डर की कॉपी मांगी है।

PoK से RAW के 3 संदिग्ध एजेंट अरेस्ट, एंटी-टेररिस्ट एक्ट के तहत केस दर्ज: PAK

PoK से RAW के 3 संदिग्ध एजेंट अरेस्ट, एंटी-टेररिस्ट एक्ट के तहत केस दर्ज: PAK

Last Updated: April 15 2017, 13:48 PM

नई दिल्ली/इस्लामाबाद. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके ) की पुलिस ने रॉ के 3 संदिग्ध एजेंटों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पाकिस्तान मीडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि अरेस्ट किए शख्स पाक विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। इनके खिलाफ एंटी टेररिज्म एक्ट (ATA) और एक्सप्लोसिव्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मीडिया के सामने पेश किया गया... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक पाकिस्तान के न्यूजपेपर डॉन ने शनिवार को अपनी एक रिपोर्ट में रॉ एजेंटों की गिरफ्तारी की बात कही है। इसमें यह भी बताया गया है कि इन एजेंटों को रावलकोट में मीडिया के सामने पेश किया गया। तीनों शख्स पीओके के अब्बासपुर में तरोटी गांव के रहने वाले हैं। इनके नाम मोहम्मद खलील, इम्तियाज और राशिद हैं। - बता दें कि पाकिस्तान ने इंडियन सिटिजन कुलभूषण जाधव पर जासूसी का आरोप लगाकर उसे फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले को लेकर दोनों देशों के संबंधों में पहले से तनाव है। भारत ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि जाधव ईमानदार भारतीय है, उन्हें अगवा कर पाक ले जाया गया था, उनको फांसी दी गई तो इसे हत्या माना जाएगा। धमाके में शामिल होने का आरोप - मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुंछ के DSP (डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस) साजिद इमरान ने कहा कि प्रमुख संदिग्ध खलील नवंबर 2014 में कश्मीर अपने एक रिश्तेदार के घर आया था, वहीं वह रॉ ऑफिशियल्स के कॉन्टैक्ट में आया। - DSP इमरान के मुताबिक तीनों संदिग्ध सितंबर में अब्बासपुर में एक पुलिस स्टेशन के बाहर हुए एक बम धमाके में शामिल थे। उन्होंने ही वहां IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) प्लांट किया था। डीएसपी ने दावा किया कि खलील को इस टास्क के लिए 5 लाख रुपए की पेशकश की गई थी। CPEC प्रोजेक्ट को टारगेट करने का मिला था जिम्मा - डीएसपी इमरान ने बताया कि खलील के पास से पुलों, देवबंदी स्कूल के तहत आने वाली मस्जिदों, आर्मी और पुलिस के दफ्तरों की फोटो बरामद हुई हैं। उससे 2 एक्टिव सिम भी मिले हैं। पुलिस पुंछ डिवीजन के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल चौधरी सज्जाद ने कहा, रॉ ने तीनों शख्स को कम्बाइन्ड मिलिट्री हॉस्पिटल्स (CMHs), CPEC (चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर) से जुड़े प्रोजेक्ट्स, चीन के इंजीनियरों और सेंसिटिव लोकेशंस को टारगेट करने का जिम्मा सौंपा था। लोकल शख्स ने तीनों को देखा था - मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक लोकल शख्स ने तीनों संदिग्धों को ब्लास्ट से पहले की रात 26 सितंबर को मौके पर देखा था। तीनों शॉपिंग बैग लिए हुए थे। इसके बाद ही पुलिस को धमाके में तीन लोगों का हाथ होने का पता चला।

जाधव केस PAK का खतरनाक खेल, हमारा जवाब वो झेल नहीं सकेगा: पर्रिकर

जाधव केस PAK का खतरनाक खेल, हमारा जवाब वो झेल नहीं सकेगा: पर्रिकर

Last Updated: April 15 2017, 09:28 AM

पणजी. पूर्व डिफेंस मिनिस्टर मनोहर पर्रिकर ने कुलभूषण जाधव के मामले को पाकिस्तान का एक खतरनाक खेल बताया है। उन्होंने कहा है कि अगर भारत ने इसका जवाब देना शुरू किया तो पाकिस्तान झेल नहीं पाएगा। बता दें कि पाक मिलिट्री कोर्ट ने जासूसी का आरोप लगाकर जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। भारत मामले को और भड़काना नहीं चाहता... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक गोवा के सीएम पर्रिकर ने एक इंटरव्यू में शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान को समझना चाहिए कि अगर भारत ने इसका जवाब देना शुरू किया तो वह झेल नहीं पाएगा, क्योंकि उसके पास मुकाबले की ताकत नहीं है, जैसा कि वह खुद को दिखाता है। - पर्रिकर ने कहा, हालांकि हम शांति चाहते हैं, हम मामले को और भड़काना नहीं चाहते इसलिए सही यही होगा कि पाक जाधव को वापस भारत भेज दे। तालिबान ने अगवा कर पाक को सौंपा - पर्रिकर ने कहा, जाधव पाकिस्तान में नहीं था, ईरान में था। ईरान ने बताया है कि तालिबान ने जाधव को किडनैप किया और फिर उसे पाकिस्तान को सौंप दिया। पाकिस्तान की कुछ न कुछ करने की आदत है। - सुषमा जी ने सही जवाब दिया है कि अगर पाक ने जाधव को फांसी दी तो भारत चुप नहीं बैठेगा, जो भी जरूरी होगा, करेगा। अगर पाकिस्तान कुछ करने की सोच रहा है तो ये उसे हमारी हिदायत है। - बता दें कि भारत ने कहा है कि अगर पाक ने जाधव को फांसी दी तो इसे हत्या माना जाएगा। कश्मीर मुद्दे पर दबाव में था, इसलिए गोवा लौटा - पर्रिकर ने डॉ. आंबेडकर जयंती समारोह में कहा कि कश्मीर समेत कई मुद्दों को लेकर वे दबाव में रहते थे, इसलिए डिफेंस मिनिस्ट्री का पद छोड़कर गोवा में वापसी को चुना। उन्होंने कहा, वैसे भी दिल्ली मेरा वर्क फील्ड नहीं रहा और मैं वहां खुद को दबाव में महसूस करता था। मौका मिला तो मैंने तुरंत राज्य में वापसी की हामी भर दी। - पर्रिकर ने कहा, कश्मीर मामले का हल इतना आसान नहीं है। इसके लिए एक लॉन्ग टर्म पॉलिसी बनाने की जरूरत है। कुछ चीजें ऐसी हैं, जिन पर कम चर्चा किए जाने की जरूरत है, लेकिन ऐक्शन लिया जाना चाहिए। इसका कारण है कि जब आप चर्चा के लिए बैठते हैं तो यह मुद्दे और उलझ जाते हैं।

जाधव की फांसी के खिलाफ अपील करेगा भारत, चार्जशीट की कॉपी मांगी

जाधव की फांसी के खिलाफ अपील करेगा भारत, चार्जशीट की कॉपी मांगी

Last Updated: April 14 2017, 20:38 PM

इस्लामाबाद/नई दिल्ली. इंडियन नेवी के पूर्व अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी दिए जाने के मामले में भारत ने पाकिस्तान से चार्जशीट और अार्मी कोर्ट के ऑर्डर की कॉपी मांगी है। भारत ने कहा कि हम जाधव को फांसी दिए जाने के खिलाफ अपील करेंगे। इस्लामाबाद में शुक्रवार को इंडिया के हाई कमिश्नर गौतम बम्बावले ने PAK फॉरेन सेक्रेटरी तहमीना जंजुआ से मुलाकात की। बता दें कि PAK की आर्मी कोर्ट ने इंडियन नेवी के पूर्व ऑफिसर कुलभूषण को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। और क्या बोले भारतीय हाई कमिश्नर... - बम्बावले ने कहा, उन लोगों ने जाधव से मिलने की हमारी रिक्वेस्ट 13 बार ठुकराई। मैंने एक बार फिर फॉरेन सेक्रेटरी से रिक्वेस्ट की है कि हमें जाधव से मिलने दिया जाए, ताकि हम अपील कर सकें। - उन्होंने कहा, हम निश्चित रूप से इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। लेकिन, हम तब तक ऐसा नहीं कर सकते हैं, जब तक हम चार्जशीट और फैसले की कॉपी न देख लें। इसलिए मेरी पहली मांग ये कॉपी दी जाए। सभी पार्टियां जाधव की फांसी पर राजी- सरताज अजीज - इससे पहले PAK के फॉरेन अफेयर्स एडवाइजर सरताज अजीज ने कहा, सभी सियासी पार्टियां इस बात पर राजी हैं कि कुलभूषण जाधव को फांसी देनी चाहिए, क्योंकि लीगल प्रॉसेस भी पूरी हो चुकी है। - उन्होंने कहा, इस बात में कोई दो राय नहीं है कि जाधव RAW के लिए काम कर रहा था। हमने अपने देश के कानून के हिसाब से काम किया है। - जाधव को फंसाने के आरोप गलत हैं। वो जासूस है, कारोबारी नहीं। उसके पास दो पासपोर्ट थे। एक बेगुनाह आदमी के पास दो पासपोर्ट क्यों हैं? एक हिंदू के नाम से और दूसरा मुस्लिम के नाम से? कुलभूषण जाधव को फंसाए जाने के भारत के आरोप गलत हैं। - जाधव के सामने ऑप्शन हैं। वो पाकिस्तान प्रेसिडेंट के सामने दया याचिका (मर्सी पिटीशन) दायर कर सकता है। जाधव इंडियन नेवी में था और इसके बाद वो एंटी-पाकिस्तान एक्टिविटीज में शामिल हो गया। पूछताछ में उसने तमाम आरोप कबूल किए हैं। केस लड़ा तो लाइसेंस कैंसल: LHBA - इससे पहले लाहौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (LHBA) ने शुक्रवार को वकीलों को चेतावनी दी कि उन्होंने कुलभूषण जाधव का केस लड़ा, तो लाइसेंस कैंसल कर दिया जाएगा। - LHBA के जनरल सेक्रेटरी आमेर सईद रान ने कहा, हमने ये तय किया है कि अगर किसी भी वकील ने कुलभूषण जाधव का केस लड़ने की कोशिश की तो उसकी मेंबरशिप कैंसल कर दी जाएगी। हमने सरकार से भी कहा है कि जाधव के केस में विदेशी दबाव के चलते किसी भी हालत में न झुके। - भारत ने जाधव को अपना बेटा कहा है और लगातार पाकिस्तान पर उसे रिहा करने का प्रेशर बनाया जा रहा है। हमारी मांग है कि जो हिंदुस्तानी जासूस पाकिस्तानियों की जिंदगी से खेलता रहा, उसे किसी भी हाल में न बख्शा जाए। पाकिस्तान सरकार ये निश्चित करे कि उसे फांसी हो। - इससे पहले पाकिस्तान के टॉप मिलिट्री कमांडर्स ने कहा था, ऐसी राष्ट्र विरोधी गतिविधि के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। फांसी के विरोध में US में बलूच एक्टिविस्ट का प्रोटेस्ट - वाशिंगटन में बलूच एक्टिविस्ट ने कुलभूषण जाधव को फांसी दिए जाने का विरोध किया। - एक्टिविस्ट अहमर मुस्तिखान ने कहा, ISI ने जाधव को अगवा किया और दबाव डालकर उसके बयान लिए गए। आज हम सभी बलूच नागरिक कुलभूषण जाधव के साथ हैं। - इस बीच विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा कि कुलभूषण जाधव के पास वैलिड इंडियन वीजा है और ऐसे में वो जासूस कैसे हो सकता है। सुषमा ने कहा था- फांसी देने के गंभीर परिणाम होंगे - विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था, जाधव को न्याय दिलवाने के लिए सरकार आउट ऑफ वे जाने को भी तैयार है। अगर जाधव को फांसी दी गई तो पाकिस्तान को द्विपक्षीय संबंधों को लेकर गंभीर अंजाम भुगतने होंगे।; जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा, हमारी सेना हर खतरे से लड़ने के लिए तैयार है। - सुषमा ने ये भी कहा था, पाक ने जाधव को जो सजा सुनाई है, वो सोचा-समझा मर्डर है। उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। सरकार आउट ऑफ द वे जाकर मदद करेगी। अगर जाधव को फांसी होती है तो पाकिस्तान को गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। इसका असर बाइलैटरल रिलेशन पर भी पड़ेगा। ये दुश्मनों को वॉर्निंग: PAK डिफेंस मिनिस्टर - जाधव को फांसी की सजा सुनाए जाने पर पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने कहा था, वो लोग जो पाकिस्तान के खिलाफ साजिश रचते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। आसिफ के मुताबिक- आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा, जाधव की सजा पर मुहर लगा चुके हैं। क्या है मामला? - पाक आर्मी ने वहां की जेल में बंद भारतीय अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। पाक ने आरोप लगाया था कि जाधव भारतीय जासूस है। - पाक मिलिट्री के अफसर मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट किया था कि पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत जाधव का फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) किया गया और फांसी की सजा सुनाई गई। - इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित को तलब किया। उन्हें डिमार्शे (डिप्लोमैटिक डिमांड लेटर) सौंपा। इसमें कहा गया- अगर सजा पर अमल होता है तो ये कानून के बुनियादी नियमों के खिलाफ होगा। इसे सोचा-समझा कत्ल कहा जाएगा। - डिमार्शे में आगे कहा गया- ये ध्यान रखा जाना चाहिए कि पाकिस्तान में इंडियन हाई कमीशन को ये बताने की जरूरत भी नहीं समझी गई कि कुलभूषण पर केस चल रहा है। भारत के लोग और सरकार इसे सोचा-समझा कत्ल ही मानेंगे। - वहीं, पाकिस्तान ने कहा है कि कुलभूषण जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा के खिलाफ 60 दिन के अंदर अपील की जा सकती है।

कुलभूषण जाधव की फांसी के विरोध में मुंबई के मुसलमान, पाकिस्तान मुर्दाबाद के लगाए नारे

कुलभूषण जाधव की फांसी के विरोध में मुंबई के मुसलमान, पाकिस्तान मुर्दाबाद के लगाए नारे

Last Updated: April 13 2017, 10:53 AM

मुंबई. इंडियन नेवी के रिटायर्ड आॅफिसर कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में फांसी की सजा सुनाई जाने का देश में विरोध बढ़ रहा है। इसी बीच मुंबई के नयानगर के मुस्लिम लोगों ने भी कुलभूषण को पाकिस्तान से वापस लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की मांग की है। यहां पर इसके लिए प्रोटेस्ट भी किया गया। लगे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे..... - मुंबई नयानगर के में प्रोटेस्ट करने वाले मुस्लिम लोगों ने कहा कि, कहा कि कुलभूषण को पक्ष सुने बिना ही उन्हें पाकिस्तान की अदालत ने फांसी की सजा दी है। -यह पाक की नापाक हरकत है।विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जाधव की फांसी रद्द कराने की पुरजोर कोशिश कर रहीं है। -इस क्रम में सरकार को पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाब बनाकर जाधव की फांसी रद्द करवानी चाहिए और उसे कड़ा सबक सिखाना चाहिए ताकि दोबारा वो इस तरह की हरकत ना कर पाए। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि, पाकिस्तान जो कर रहा है वो ठीक नहीं है और वो जल्द से जल्द जाधव को रिहा कर भारत को सौपे वर्ना उसका अंजाम ठीक नहीं होगा। दोस्तों ने चलाया था कैम्पेन - जाधव को 2016 में पाकिस्तान में गिरफ्तार किए जाने के बाद यहां उनके बचपन के दोस्तों ने पस लाने के लिए कुलभूषण को वापस लाओ अभियान चलाया था। - जाधव के एक दोस्त तुलसीदास पवार ने कहा, हमें पता था कि पाकिस्तान कुलभूषण का हाल भी सरबजीत जैसा ही करेगा। - पवार के मुताबिक- हमारा दोस्त बहुत बड़ी मुश्किल में है। वह बहुत मेहनती है और नेवी ज्वाइन करने पर बहुत खुश था। नेवी से रिटायर होने पर उसने अपना बिजनेस भी शुरू किया था। हमें नहीं लगता कि वो रॉ एजेंट होगा। सांगली में रहते हैं पिता और चाचा - जाधव के पिता सुधीर और चाचा सुभाष मुंबई पुलिस में अफसर रहे हैं। पिता फिलहाल सांगली में रहते हैं। जाधव फैमिली का सतारा में एक फार्म हाउस भी है। यहां अब ताला लगा हुआ है। - यहां के लोग कहते हैं कि कुलभूषण जब भी यहां आते थे, तो गांव के लोगों की मदद करते थे। वो सोशल वर्क्स में भी काफी एक्टिव रहते थे। पनवेल में जाधव के घर रहता था हुसैन नामक शख्स - पनवेल रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले रोड़ पर हाई प्वाइंट बिल्डिंग का एक फ्लैट कुलभूषण की मां अवंती के नाम है। - इस फ्लैट में दस साल पहले हुसैन पटेल नामक शख्स रहता था। पिछले कई सालों से यह फ्लैट बंद है। - सोसाइटी के सेक्रेटरी ने दैनिक भास्कर समूह के मराठी अखबार दिव्य मराठी से बातचीत में कहा कि यह फ्लैट जाधव की मां का है। उन्होंने 1991 में इसे खरीदा था। - यहां पर रहने वाला हुसैन खुद को शिपिंग कारोबारी बताता था। उसने यह फ्लैट किराए पर लिया था, लेकिन महीने में एक या दो बार ही यहां पर आता था। - एक बार पटेल ने पासपोर्ट के लिए सोसाइटी से रेजीडेंशियल प्रूफ की मांग की थी, लेकिन उसका एग्रीमेंट नहीं था, इसलिए उसे प्रूफ नहीं दिया गया। क्या है पूरा मामला? - पाक आर्मी ने वहां की जेल में बंद भारतीय अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। पाक ने आरोप लगाया था कि जाधव भारतीय जासूस है। - ISPR के अफसर मेजर जनरल आसिफ गफूर ने सोमवार को ट्विटर पर बताया था कि पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत जाधव का फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) किया गया और फांसी की सजा सुनाई गई। - दूसरी ओर, भारत ने सोमवार शाम पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित को तलब किया। उन्हें डिमार्शे (डिप्लोमैटिक डिमांड लेटर) सौंपा। इसमें कहा गया- अगर सजा पर अमल होता है तो ये कानून के बुनियादी नियमों के खिलाफ होगा। इसे सोचा-समझा कत्ल कहा जाएगा। - डिमार्शे में आगे कहा गया- ये ध्यान रखा जाना चाहिए कि पाकिस्तान में इंडियन हाई कमीशन को ये बताने की जरूरत भी नहीं समझी गई कि कुलभूषण पर केस चल रहा है। भारत के लोग और सरकार इसे सोचा-समझा कत्ल ही मानेंगे। - इस बीच, भारत सरकार ने पाकिस्तान के 11 कैदियों की रिहाई टाल दी। आगे की स्लाइड्स में देखें मुंबई में कुलभूषण जाधव की फांसी के विरोध में प्रोटेस्ट के फोटोज

PAK ने जाधव से मिलने की भारत की अपील ठुकराई, 16 बार कर चुका है खारिज

PAK ने जाधव से मिलने की भारत की अपील ठुकराई, 16 बार कर चुका है खारिज

Last Updated: April 26 2017, 18:46 PM

नई दिल्ली. पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव से मुलाकात के लिए भारत की अपील को एक बार फिर ठुकरा दिया है। भारत के हाई कमिश्नर ने बुधवार को पाकिस्तान की फॉरेन सेक्रेटरी से मिलकर यह अपील की थी। इससे पहले भारत 15 बार जाधव तक डिप्लोमैटिक पहुंच के लिए अपील कर चुका है, लेकिन पाकिस्तान ने हर बार इनकार कर दिया। बता दें कि पाक मिलिट्री कोर्ट ने इंडियन नेवी के पूर्व अफसर जाधव को 10 अप्रैल को फांसी की सजा सुनाई थी। नई दिल्ली ने इस पर एतराज जताया है। भारत का कहना है कि जाधव को अगवा किया गया है, सजा पर अमल किया गया तो इसे मर्डर माना जाएगा। पाक ने कहा- जाधव का केस बाइलेटरल एग्रीमेंट के तहत नहीं आता... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तान के आर्मी एक्ट के सेक्शन- 133बी के तहत फांसी के फैसले के खिलाफ भारत ने अपील की थी। - बुधवार को इस्लामाबाद में भारत के हाई कमिश्नर गौतम बंबावले ने इस सिलसिले में पाकिस्तान की फॉरेन सेक्रेटरी तहमीना जंजुआ से मुलाकात की। - पाकिस्तान का कहना है कि जाधव एक जासूस है और यह केस बाइलेटरल एग्रीमेंट के तहत नहीं आता है। इस वजह से भारत को उससे मिलने के लिए डिप्लोमैटिक एक्सेस नहीं दी जा सकती। - बता दें कि बंबावले दूसरी बार खुद जंजुआ से मिले हैं। इससे पहले भारत करीब 15 बार अपील कर चुका है। मां ने पाकिस्तान सरकार से कहा- बेटे से मिलना चाहती हूं - एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कुलभूषण जाधव की मां की ओर से एक पिटीशन पाकिस्तान सरकार को दी गई है। - फॉरेन मिनिस्ट्री ने बताया कि जाधव की मां ने एक पिटीशन अपीलीय कोर्ट में भी दायर की है। इसके अलावा, जाधव की मां ने बेटे की रिहाई के लिए पाक सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग भी की। साथ ही बेटे से मिलने की इच्छा जताई है। क्या है मामला - 11 अप्रैल को पाक आर्मी ने वहां की जेल में बंद भारतीय अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। पाक ने आरोप लगाया था कि जाधव भारतीय जासूस है। - पाक मिलिट्री के अफसर मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट किया था कि पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत जाधव का फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) किया गया और फांसी की सजा सुनाई गई। - इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित को तलब किया। उन्हें डिमार्शे (डिप्लोमैटिक डिमांड लेटर) सौंपा। इसमें कहा गया- अगर सजा पर अमल होता है तो ये कानून के बुनियादी नियमों के खिलाफ होगा। इसे सोचा-समझा कत्ल कहा जाएगा। - डिमार्शे में आगे कहा गया- ये ध्यान रखा जाना चाहिए कि पाकिस्तान में इंडियन हाई कमीशन को ये बताने की जरूरत भी नहीं समझी गई कि कुलभूषण पर केस चल रहा है। भारत के लोग और सरकार इसे सोचा-समझा कत्ल ही मानेंगे। फांसी की सजा के खिलाफ 60 दिन के अंदर अपील की जा सकती है - पाकिस्तान ने कहा है कि कुलभूषण जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा के खिलाफ 60 दिन के अंदर अपील की जा सकती है। भारत इसी प्रोविजन के तहत जाधव को कानूनी मदद देना चाहता है, लेकिन पाकिस्तान हर बार ऐसा करने से इनकार कर रहा है। - इस्लामाबाद में भारत के राजदूत ने बुधवार को अपनी अपील को फॉरेन सेक्रेटरी को सौंपा। सुषमा ने कहा था- सरकार आउट ऑफ वे जाने को भी तैयार - विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में कहा था, जाधव को न्याय दिलवाने के लिए सरकार आउट ऑफ वे जाने को भी तैयार है। अगर जाधव को फांसी दी गई तो पाकिस्तान को द्विपक्षीय संबंधों को लेकर गंभीर अंजाम भुगतने होंगे।; जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा, हमारी सेना हर खतरे से लड़ने के लिए तैयार है। - सुषमा ने ये भी कहा था, पाक ने जाधव को जो सजा सुनाई है, वो सोचा-समझा मर्डर है। उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। सरकार आउट ऑफ द वे जाकर मदद करेगी। अगर जाधव को फांसी होती है तो पाकिस्तान को गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। इसका असर बाइलैटरल रिलेशन पर भी पड़ेगा। - इस बीच भारत ने पाकिस्तान से चार्जशीट और आर्मी कोर्ट के ऑर्डर की कॉपी मांगी है। पाकिस्तान ने जारी किया था जाधव के कबूलनामे का वीडियो - मार्च, 2016 में पाकिस्तान आर्मी ने जाधव के कथित कबूलनामे का वीडियो जारी किया था। आर्मी ने कहा था- कुलभूषण जाधव ने कबूल किया है कि वह रॉ के लिए बलूचिस्तान में काम कर रहा था और टेररिस्ट एक्टिविटीज में शामिल रहा। भारत ने इस वीडियो को खारिज कर सवाल उठाया था। भारत ने शक जताया था कि जाधव को ईरान से किडनैप किया गया है। - पाकिस्तान ने आरोप लगाया था - जाधव इंडियन नेवी का सर्विंग अफसर है। उसे सीधे रॉ चीफ हैंडल करते हैं। वो एनएसए के भी टच में है। आपका मंकी (जासूस) हमारे पास है। उसने वो कोड भी बताया है, जिससे वह रॉ से कॉन्टैक्ट करता था। जाधव अब भी इंडियन नेवी का अफसर है। वह 2022 में रिटायर होने वाला है। - एक पासपोर्ट (No. L9630722) भी जारी किया गया था। जिसके बारे में कहा गया था कि यह बलूचिस्तान में गिरफ्तार भारतीय शख्स का ही है। - पासपोर्ट में उसका नाम हुसैन मुबारक पटेल लिखा है। जन्मस्थान महाराष्ट्र का सांगली बताया गया है। पाकिस्तान ने उसके पास ईरान का वैध वीजा होने का भी दावा किया था।

जब मीडिया ने जाधव पर पूछा सवाल तो भड़क गए सुशांत, पढ़िए क्या दिया जवाब

जब मीडिया ने जाधव पर पूछा सवाल तो भड़क गए सुशांत, पढ़िए क्या दिया जवाब

Last Updated: April 18 2017, 11:40 AM

मुंबई। हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत और कृति सेनन अपनी अपकमिंग फिल्म राब्ता के ट्रेलर लॉन्चिंग पर पहुंचे। इस दौरान जब फिल्म की कास्ट मीडिया से इंटरैक्ट कर रही थी तो सिचुएशन कुछ सीरियस हो गई। सोर्स की मानें तो एक सीनियर रिपोर्टर ने कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में मौत की सजा सुनाए जाने पर राब्ता टीम का रिएक्शन जानने की कोशिश की थी। इस पर प्रोड्यूसर और डायरेक्टर दिनेश विजेन ने कहा- ऐसे सवाल का जवाब दिए जाने के लिए यह सही प्लेटफॉर्म नहीं है। इसके बाद यही सवाल सुशांत सिंह से पूछा गया जिस पर उनकी जर्नलिस्ट से थोड़ी बहस भी हो गई थी। सुशांत का कहना था जब हमें ये मामला ठीक से पता नहीं, तो इस बारे में कुछ भी बोलने का हमें हक भी नहीं है। सुशांत की नाराजगी देखने हुए भले ही जर्नलिस्ट ने ये बात वहां छोड़ दी लेकिन वहां मौजूद दूसरे जर्नलिस्ट जरूर उनके सपोर्ट में खड़े हो गए थे। उनका मानना कि देश के इस सेंसेटिव इश्यू पर एक्टर्स को अपनी राय रखनी चाहिए थी।

जाधव तक पहुंच न देने में पाकिस्तान ने कानून का बहाना बनाया

जाधव तक पहुंच न देने में पाकिस्तान ने कानून का बहाना बनाया

Last Updated: April 18 2017, 10:35 AM

इस्लामाबाद. पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव तक जाने के लिए फिर भारत को इजाजत देने से मना कर दिया है। इस बार उसने बहाना बनाया कि कानून इसकी इजाजत नहीं देता। पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, कानूनन हम काउंसलर पहुंच नहीं दे सकते क्योंकि कुलभूषण जासूसी में शामिल था।; लेकिन दिल्ली में अफसरों ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान की ओर कोई सूचना नहीं मिली है। यह भारत की 14वीं कोशिश थी। शुक्रवार को इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त गौतम बम्बावाले ने पाकिस्तान की विदेश सचिव तहमीना जंजुआ से मुलाकात की थी।

भारतीय काउंसलर को जाधव से मिलने नहीं दिया जाएगा: पाकिस्तान आर्मी

भारतीय काउंसलर को जाधव से मिलने नहीं दिया जाएगा: पाकिस्तान आर्मी

Last Updated: April 18 2017, 09:21 AM

इस्लामाबाद. भारतीय नेवी के रिटायर्ड अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने मौत की सजा सुनाई है। भारत की तरफ से उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है, लेकिन पाकिस्तानी आर्मी ने एक बार फिर जाधव तक कांउसलर एक्सेस देने से इनकार कर दिया। भारत अब तक जाधव तक पहुंचने की 14 कोशिशें कर चुका है। बता दें कि PAK की आर्मी कोर्ट ने इंडियन नेवी के पूर्व ऑफिसर कुलभूषण को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। इस भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि पाक ने जाधव को जो सजा सुनाई है, वो सोचा-समझा मर्डर है। - पाकिस्तानी आर्मी के सपोक्सपर्सन मेजर जनरल आसिफ गफूर ने सोमवार को मीडियाकर्मियों से कहा, कानून के मुताबिक हम जाधव तक राजनियक पहुंच नहीं दे सकते, जो कि जासूसी में शामिल था। जाधव पाकिस्तान के खिलाफ एक्टिविटीज में शामिल था। आर्मी की जिम्मेदारी है कि उसे सजा दी जाए। हमने इस पर कोई समझौता नहीं किया है और उसे सजा सुनाई है। - ट्रायल के दौरान जाधव की कानूनी जरूरतों को पूरा किया गया था। जाधव को ऐसे सबूतों के आधार पर सजा सुनाई गई है जिन्हें किसी भी फोरम पर गलत नहीं साबित किया जा सकता। - भारतीय नागरिक फैसले के खिलाफ आर्मी की अपीलीय कोर्ट में जा सकता है और उसके बाद आर्मी चीफ के पास अपील कर सकता है। वह सुप्रीम कोर्ट और पाकिस्तान के प्रेसिडेंट के सामने भी अपील दायर कर सकता है, लेकिन सेना हर फोरम पर उसका विरोध करेगी। भारत ने ऑर्डर की कॉपी मांगी थी, जाधव से मिलने की अपील की थी - इस्लामाबाद में 14 अप्रैल को इंडिया के हाई कमिश्नर गौतम बम्बावले ने PAK फॉरेन सेक्रेटरी तहमीना जंजुआ से मुलाकात की थी। - बम्बावले ने कहा था, उन लोगों ने जाधव से मिलने की हमारी रिक्वेस्ट 13 बार ठुकराई। मैंने एक बार फिर फॉरेन सेक्रेटरी से रिक्वेस्ट की है कि हमें जाधव से मिलने दिया जाए, ताकि हम अपील कर सकें। - हम निश्चित रूप से इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। लेकिन, हम तब तक ऐसा नहीं कर सकते हैं, जब तक हम चार्जशीट और फैसले की कॉपी न देख लें। इसलिए मेरी पहली मांग ये कॉपी दी जाए। क्या है मामला? - पाक आर्मी ने वहां की जेल में बंद भारतीय अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। पाक ने आरोप लगाया था कि जाधव भारतीय जासूस है। - पाक मिलिट्री के अफसर मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट किया था कि पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत जाधव का फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) किया गया और फांसी की सजा सुनाई गई। - इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित को तलब किया। उन्हें डिमार्शे (डिप्लोमैटिक डिमांड लेटर) सौंपा। इसमें कहा गया- अगर सजा पर अमल होता है तो ये कानून के बुनियादी नियमों के खिलाफ होगा। इसे सोचा-समझा कत्ल कहा जाएगा। - डिमार्शे में आगे कहा गया- ये ध्यान रखा जाना चाहिए कि पाकिस्तान में इंडियन हाई कमीशन को ये बताने की जरूरत भी नहीं समझी गई कि कुलभूषण पर केस चल रहा है। भारत के लोग और सरकार इसे सोचा-समझा कत्ल ही मानेंगे। - वहीं, पाकिस्तान ने कहा है कि कुलभूषण जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा के खिलाफ 60 दिन के अंदर अपील की जा सकती है।

जून में हो सकती है मोदी और नवाज के बीच मुलाकात: PAK मीडिया

जून में हो सकती है मोदी और नवाज के बीच मुलाकात: PAK मीडिया

Last Updated: April 17 2017, 19:34 PM

नई दिल्ली/इस्लामाबाद. कुलभूषण जाधव के मसले पर बढ़े तनाव के बावजूद नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ के बीच जून में मुलाकात हो सकती है। पाकिस्तान मीडिया की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन की मीटिंग में दोनों नेता पहुंचेंगे और इस बात की पूरी संभावना है कि इन दोनों के बीच बातचीत हो। इस उम्मीद का आधार क्या... - पाकिस्तान के अखबार द ट्रिब्यून; ने पाकिस्तानी डिप्लोमैटिक सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट पब्लिश की है। - इस रिपोर्ट में कहा गया है- मोदी और नवाज के बीच शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट के दौरान मुलाकात हो सकती है। पहले भी कई मौके ऐसे आए हैं जब दोनों देशों के बीच काफी तनाव था, लेकिन इसके बावजूद सबसे बड़े नेताओं ने मुलाकात की। - रिपोर्ट के मुताबिक, 1998 में दोनों देशों ने न्यूक्लियर टेस्ट किए। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी बस से लाहौर गए थे। - फिर 2001 में भारतीय संसद पर हमले के बाद ऐसा माहौल बन गया जैसे जंग शुरू हो जाएगी। लेकिन इसी, दौरान आगरा में वाजपेयी और परवेज मुशर्रफ मिले। - हालांकि, इसके बाद करगिल की जंग हुई और दोनों पड़ोसियों के रिश्ते बद से बदतर हो गए। एक बार फिर रिश्ते बेहद खराब - कुछ महीने पहले पाकिस्तान ने भारत के पूर्व नेवी अफसर को RAW का जासूस बताते हुए उन्हें गिरफ्तार किया। बाद में वहां की मिलिट्री कोर्ट ने जाधव को फांसी की सजा सुना दी। भारत ने इस पर सख्त रुख अपनाया। सुषमा स्वराज ने कहा- अगर ऐसा होता है तो ये सोची समझी हत्या होगी और इसके नतीजे गंभीर होंगे। - स्वराज ने पिछले दिनों संसद में कहा था- वो देश का बेटा है। हम किसी भी कीमत पर उसे बचाएंगे। बातचीत से पाकिस्तान को फायदा - रिपोर्ट में पाकिस्तान की फॉरेन मिनिस्ट्री के हवाले से कहा गया है कि अगर मोदी और नवाज की मुलाकात होती है तो इससे पाकिस्तान को ज्यादा फायदा है। - SCO के मेंबर्स में रूस, चीन और सेंट्रल एशिया के देश शामिल हैं। भारत और पाकिस्तान को इस ऑर्गनाइजेशन में इस शर्त पर शामिल किया गया है कि वो आपसी रिश्ते बेहतर रखेंगे। - रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी और नवाज जब इस मीटिंग में पहुंचेेंगे तो दूसरे देश के नेताओं का उनपर बातचीत के लिए दबाव होगा। बता दें कि 2015 में SCO की मीटिंग रूस के ऊफा में हुई थी। तब भी मोदी और नवाज ने मुलाकात की थी। - रिपोर्ट में पाकिस्तान के एक अफसर के हवाले से कहा गया- भारत बातचीत टालने के बहाने खोजता है। कुलभूषण भी इनमें से एक है। भारत हमारे देश में आतंकवाद फैला रहा है। इसके बावजूद हमारी सरकार उससे बातचीत को तैयार है।

हाईकोर्ट का मोदी सरकार को निर्देश, कहा- कुलभूषण मामले में न बनें मूकदर्शक

हाईकोर्ट का मोदी सरकार को निर्देश, कहा- कुलभूषण मामले में न बनें मूकदर्शक

Last Updated: April 17 2017, 13:35 PM

लखनऊ. भारतीय नौसेना के अधिकारी कुलभूषण जाधव मामले में अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है। बेंच ने कहा कि, केंद्र सरकार इस मामले में मूकदर्शक न बने। सरकार बेगुनाह भारतीय की रिहाई का प्रयास करे। बता दें, पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई है। कुलभूषण को छुड़ाना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी - लखनऊ हाईकोर्ट की जस्टिस एपी शाही और जस्टिस संजय हरकौली की बेंच ने सोमवार को कुलभूषण मामले पर केंद्र सरकार को निर्देश दिए। - कोर्ट ने कहा- केंद्र सरकार इस मामले में मूकदर्शक न बने। सरकार बेगुनाह भारतीय की रिहाई का प्रयास करे। - इस मामले में राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय कानूनी डिप्लोमेसी का इस्तेमाल करना चाहिए। बेगुनाह कुलभूषण को छुड़ाना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। कुलभुषण को फांसी के विरोध में वकील - वहीं, इस मामले में वकीलों की संस्था प्रदेश बार काउंसिल ने 17 अप्रैल को सूबे के सभी वकीलों से न्यायिक कार्य से विरत रहने को कहा है। - प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह ने कहा कि, भारतीय नौसेना के अधिकारी को फांसी की सजा सुनाए जाने का विरोध पूरे विश्व में हो रहा है। - कुलभूषण को अंतर्राष्ट्रीय मान्यताओं एवं कानून कायदे का गला घोटते हुए फांसी की सजा का एलान किया गया है। - इसके विरोध में 17 अप्रैल को सभी वकील न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। कुलभूषण जाधव मामला - पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय अफसर कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में फांसी की सजा दी गई है। पाक ने आरोप लगाया था कि जाधव भारतीय जासूस है। - ISPR के अफसर मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्विटर पर बताया कि पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत जाधव का फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) किया गया और फांसी की सजा सुनाई गई। - इस मामले में भारत ने पाकिस्तान के हाईकमिश्नर को तलब कर उन्हें डिमार्शे सौंपा था। साथ ही यह भी कहा था कि, अगर जाधव को फांसी दी जाती है तो ये सोचा समझा मर्डर होगा।

कभी ऐसे नजर आते थे कुलभूषण जाधव, फ्रेंड्स कर रहे वापसी की दुआ

कभी ऐसे नजर आते थे कुलभूषण जाधव, फ्रेंड्स कर रहे वापसी की दुआ

Last Updated: April 17 2017, 11:34 AM

मुंबई. पूर्व नेवल ऑफिसर कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी सैनिक कोर्ट ने रॉ का एजेंट बताते हुए फांसी की सजा सुनाई है। जाधव को न्याय दिलाने के लिए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। जाधव के साथ पाकिस्तान में हो रहे बर्ताब के बाद भारत में उनके गांव के लोग और दोस्त काफी दुखी हैं और उनकी सकुशल वापसी के लिए दुआएं कर रहे हैं। सतारा में बीता जाधव का बचपन... - कुलभूषण जाधव मुंबई के रिटायर्ड एसीपी सुधीर जाधव के बेटे हैं। उनका परिवार लोवर परेल इलाके में रहता है। साल 2002 में सलमान खान के खिलाफ हिट एंड रन केस दर्ज हुआ था, तब वे बांद्रा पुलिस थाने के इंचार्ज थे। - महाराष्ट्र के सतारा जिले में पैदा हुए कुलभूषण जाधव के चाचा भी पुलिस में हैं। वे नेवी से प्री-मेच्योर रिटायरमेंट के बाद बिजनेस करने लगे थे। - सतारा के जावली गांव में जाधव की कुछ जमीनेंं और एक फार्म हाउस है। गांव वाले बताते है कि 10 साल पहले जाधव यहां आया-जाया करते थे। - आखिरी बार जाधव की चार महीने पहले अपने परिवार से बात हुई थी। गांववालों की हेल्प करते थे जाधव - उनके फ्रेंड तुलसी राम पवार ने बताया कि, जाधव बचपन से ही स्पोर्ट्स और स्टडीज में आगे थे। - पवार के मुताबिक, वे हमेशा से जरूरतमंदों की हेल्प के लिए आगे रहे हैं। कुछ महीने पहले एक बीमार महिला के लिए उन्होंने डॉक्टर्स को मुहैया करवाया था। वे जब भी यहां आते गरीबों को कंबल बांटते और खाना खिलाते थे। - गांववालों का कहना है कि, 46 वर्षीय जाधव शर्मीले स्वभाव के व्यक्ति हैं, वे ज्यादा बातचीत पसंद नहीं करते थे। नेवी ऑफिसर होने के नाते उनकी एक अलग पहचान थी। - वे गांव के स्कूल के विद्यार्थियों से अक्सर मिला करते थे और यहां के कुछ किसान उनकी खेती में बटाई पर काम भी करते थे। वायरल हुई कॉलेज लाइफ की कुछ फोटोज ... - पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव के यंग ऐज की कुछ फोटोज सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। - इनमें वे अपने फ्रेंड्स के साथ मस्ती करते नजर आ रहे हैं। उनके सिर पर पूरे बाल हैं। - कॉलेज लाइफ की ये फोटोज किसी पिकनिक ट्रिप की बताई जा रही हैं। - उनके फ्रेंड्स आज भी पुराने दिनों को याद कर जाधव की जल्द रिहाई की मांग कर रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखिए जाधव की कुछ और ओल्ड फोटोज ...

मुस्ल‍िम समुदाय ने फूंका पाक का पुतला, कहा- कुलभूषण को र‍िहा करो, वरना अंजाम बुरा होगा

मुस्ल‍िम समुदाय ने फूंका पाक का पुतला, कहा- कुलभूषण को र‍िहा करो, वरना अंजाम बुरा होगा

Last Updated: April 16 2017, 18:29 PM

कानपुर. मस्लिम समुदाय ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए रविवार को पाक का पुतला फूंका। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकठ्ठा होकर नवाज शरीफ होश में आओ, कुलभूषण को रिहाई करो के स्लोगन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि यदि कुलभूषण के फांसी की सजा पाकिस्तान वापस नहीं लेता है तो हम सभी सीमा पर जाकर पाकिस्तान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेंगे। कुलभूषण पर पाकिस्तान ने बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। आगे पढ़िए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के अध्यक्ष ने क्या कहा... कानपुर के दलेल पुरवा में मुस्लिम समुदाय के लोग हाथों में बैनर-पोस्टर और पाकिस्तान का पुतला लेकर सड़कों पर उतार आए। कुलभूषण की रिहाई की मांग करते हुए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के अध्यक्ष समी अंसारी ने कहा कि पाकिस्तान हमारे देश में घुस बैठ बंद करे। सीमा पार से लगातार वह हिंदुस्तान आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह बड़ी ही शर्मनाक बात है नौसेना से रिटायर्ड अधिकारी को रॉ का एजेंट बताकर और झूठे आरोप लगाकर आरोपी साबित करने का काम किया है। भारत सरकार से मांग है कि वह इसमें कठोर कदम उठाए और पाकिस्तान पर दबाव बनाए कि वह कुलभूषण पर लगे सभी आरोप वापस ले और उन्हें रिहा करे। पाकिस्तान अपनी हद में रहे, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी हद में रहे, वरना हिंदुस्तान का मुस्लिम एकजुट होकर सीमा पर उनके खिलाफ प्रदर्शन करेगा। हिंदुस्तान इस कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेगा। हम सभी शांतिप्रिय लोग हैं हमें उकसाने की कोशिश न करे, वरना इसका अंजाम भुगतने को पाकिस्तान तैयार रहे। आगे की स्लाइड्स में देखिए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते लोगों की अन्य फोटोज..

एक के बदले काटो दस सिर, कुलभूषण के मामले में बोले BJP के ये MP

एक के बदले काटो दस सिर, कुलभूषण के मामले में बोले BJP के ये MP

Last Updated: April 15 2017, 14:34 PM

उन्नाव. पाकिस्तान की कोर्ट से फांसी की सजा पाने वाले भारत के पूर्व नौसेना अफसर कुलभूषण जाधव के बचाव में सांसद साक्षी महाराज ने कहा है कि पाकिस्तान अपना ड्रामा बंद कर दे। यही रवैया रहा तो भारत भी उसे उसी की भाषा में जवाब देगा। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में फारुक अब्दुल्ला और पकिस्तान की सह पर हालात बिगड़े हैं। उन्हीं की सह पर सब हो रहा है। पाक को दी चेतावनी बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर शुक्रवार को उन्होंने कहा कि कुलभूषण जाधव के पक्ष में सर्वसम्मति से लोकसभा में हमलोगों ने प्रस्ताव पास किया है। साथ ही एक बड़ी चेतावनी पकिस्तान को दी है कि अगर इस बार भी पकिस्तान ने गलती की तो परिणाम भयावह हो सकते हैं। उन्होंने कहा, मुझे शंका है कि कुलभूषण जाधव जिंदा भी हैं कि नहीं। जिंदा हैं और अगर कोई अनहोनी होती है तो भारत को कोई बड़ा एक्शन लेना चाहिए। हमारे राजनाथ सिंह ने भी कहा है कि एक सिर के बदले दस सिर। कुलभूषण का अपहरण कर पाक ले जाया गया साक्षी महाराज ने कहा कि हमारे यहां भी कुछ लोग बंदी हैं, दोषी हैं। उसी हिसाब से उसी भाषा को जिसे पकिस्तान समझना चाहता है उस भाषा में उसे उत्तर मिले। उन्होंने कहा कि पहले कुलभूषण का अपहरण किया गया। हमारी सरकार कह ही रही है वो पकिस्तान गया ही नहीं। ईरान से उसका अपहरण करके पाकिस्तान लाया गया। इसके लिए भारत सरकार गंभीर है। जम्मू कश्मीर के बारे मेंं क्या कहा जम्मू कश्मीर में सेना की कार्रवाई के बारे में उन्होंने कहा कि मीडिया यह दिखाना चाहिए कि हमारी सेना के जवान वहां किन कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। वहां जो परिस्थितियां बिगड़ी हैं उसके पीछे फारुक अब्दुल्ला, उनके बेटे और पकिस्तान का सह है। आगे की स्लाइड्स में देखें फोटो...

जाधव PAK में कहां, किस हाल में हैं नहीं पता: भारत; UN बोला-दखल नहीं देंगे

जाधव PAK में कहां, किस हाल में हैं नहीं पता: भारत; UN बोला-दखल नहीं देंगे

Last Updated: April 13 2017, 18:39 PM

नई दिल्ली/वॉशिंगटन. भारत ने कहा है कि पाकिस्तान सरकार से कुलभूषण जाधव से मुलाकात की 13 बार अपील की गई, लेकिन उसने हर बार इनकार कर दिया, पाक ने आज तक नहीं बताया कि जाधव पाक में कहां और किस हाल में हैं। उधर, यूनाइटेड नेशंस ने जाधव को फांसी की सजा पर कोई कमेंट करने से इनकार कर दिया है। यूएन ने कहा है कि वह इस मामले में फैसला लेने की स्थिति में नहीं है और भारत-पाकिस्तान को आपसी बातचीत के जरिए अपनी प्रॉब्लम्स का हल निकालना चाहिए। बता दें कि जाधव को पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। पाक के पास कोई सबूत नहीं... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन गोपाल बागले ने गुरुवार को इस मसले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कहा, जाधव को ईरान से किसी तरह अगवा करके पाक ले जाया गया। पिछले साल ईरान सरकार को इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन जाधव की कोई सूचना नहीं मिली। - हमने पाक सरकार से पूछा कि जाधव कहां है, हमसे कहा गया कि हमें नहीं पता कि वो कहां हैं, उनकी कंडीशन क्या है, उनकी सेहत कैसी है? इस बारे में पाकिस्तान सरकार ने आज तक हमें कोई जानकारी नहीं दी। इंडियन कॉन्सुलर को भी मिलने की इजाजत नहीं दी गई। - हमने 13 बार जाधव से मिलने की अपील की, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने हर बार इनकार कर दिया। जाधव नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी हैं। वह एक ईमानदार भारतीय हैं। हमने पाकिस्तान को बता दिया है कि जाधव को अगवा करके ले जाया गया है, उनके खिलाफ आपके पास कोई भी सबूत नहीं हैं। अगर उन्हें फांसी दी जाती है तो यह सोची-समझी हत्या होगी। - सरकार जाधव को वापस लाने की हर संभव कोशिश कर रही है, हाई कमीशन पाकिस्तान के टच में है। इस मसले के चलते दोनों देशों के बीच नया तनाव पैदा हो गया है। UN ने और क्या कहा? - यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरस के स्पोक्सपर्सन स्टीफन डुजारिक ने बुधवार को अपनी डेली ब्रीफिंग में कहा, हम इस पूरी प्रॉसेस को जज करने या इस खास मामले में अपना पक्ष रखने की स्थिति में नहीं हैं। - डुजारिक से जाधव को पाक की मिलिट्री कोर्ट द्वारा आर्मी एक्ट के तहत फांसी की सजा सुनाए जाने पर सवाल किया गया था। जाधव पर आतंकवादी गतिविधियों और जासूसी में शामिल होने का आरोप है। - डुजारिक को बताया गया कि भारत ने फांसी की सजा पर सख्त एतराज जताया है, इस पर उन्होंने कहा, हम यह कहना जारी रखेंगे कि आपस में बातचीत के जरिए ही भारत-पाक को इसका हल निकालना चाहिए। संसद में भारत सरकार ने क्या कहा था? - सुषमा स्वराज ने संसद में कहा था, हिंदुस्तान के इस बेटे को बचाने के लिए अच्छा वकील खड़ा करना तो छोटी बात है, हम राष्ट्रपति तक भी बात करेंगे। सरकार आउट ऑफ द वे जाकर मदद करेगी। अगर जाधव को फांसी होती है तो पाकिस्तान को गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। इसका असर बाइलैटरल रिलेशन पर भी पड़ेगा। - राजनाथ सिंह ने कहा था, कुलभूषण के पास वैलिड भारतीय वीजा मिला था। ऐसी स्थिति में वह जासूस कैसे हो सकता है? उसे बचाने के लिए जो बन पड़ेगा, वो सरकार करेगी। मैं आश्वस्त करता हूं कि उसके साथ अन्याय नहीं होगा। जाधव बहुत पहले ही नेवी छोड़ चुका था। उसका बिजनेस था। इसी सिलसिले में वह ईरान के चाबहार आया-जाया करता था। वहां से उसे अगवा किया गया और बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया हुआ दिखाया गया। जाधव के पास 3 जगह अपील के मौके: पाक - पाक डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा है कि जाधव को पाकिस्तान तुरंत सजा नहीं देगा। अभी वह तीन मंचों पर इस सजा के खिलाफ अपील कर सकते हैं। आसिफ ने संसद में यह बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सैन्य अदालत के फैसले के खिलाफ अपील के लिए जाधव के पास 60 दिन हैं। इसके बाद भी वह सेना प्रमुख और राष्ट्रपति के समक्ष मर्सी पिटीशन (दया याचिका) दायर कर सकते हैं।

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