• देखिये ट्रेनडिंग न्यूज़ अलर्टस

Mathura Violence

जस्टिस इम्तियाज मुर्तजा ने शुरू की मथुरा हिंसा की जांच, जवाहरबाग का किया दौरा

जस्टिस इम्तियाज मुर्तजा ने शुरू की मथुरा हिंसा की जांच, जवाहरबाग का किया दौरा

Last Updated: June 25 2016, 20:25 PM

मथुरा. यहां के जवाहरबाग में 2 जून को हुई हिंसा की न्यायिक जांच के लिए शनिवार को जस्टिस इम्तियाज मुर्तजा शहर पहुंचे। 2 दिन के लिए जांच करने आए एक सदस्यीय आयोग के अध्यक्ष इम्तियाज मुर्तजा ने पहले जवाहर बाग का दौरा किया। बाद में पीडब्ल्यूडी गेस्ट हॉउस में घटना से जुड़े लोगों से जानकारी ली। ​ - 6 बिंदुओं के साथ जांच शुरू की गई है। इम्तियाज मुर्तजा ने कहा, जल्द जांच कर पूरी सौंपी जाएगी। - उन्होंने कहा, एडमिनिस्ट्रेशन की मौजूदगी में मैंने सब देख और समझ लिया है। - अब प्रत्यक्षदर्शियों की रिकॉर्डिंग की जाएगी। - वहीं, सांख्य देने आए जवाहर बाग संघर्ष समिति के अध्यक्ष जगदीश कौशिक ने कहा, जवाहर बाग मथुरा के लिए पहेली बना हुआ था। - जानबूझ कर शासन और प्रशाशन आंख बंद किए था। - किसान नेता रामबाबू कटैलिया ने कहा, जवाहर बाग में 50 से 60 पर्सेंट लोग वहां गुंडा और असमाजिक लोग थे। आगे की स्लाइड्स में देखें जांच के लिए जवाहरबाग पहुंचे जस्टिस इम्तियाज मुर्तजा की फोटोज...

UP में 22 दिन में 4 पुलिस अफसरों का मर्डर, हापुड़ में सब इंस्‍पेक्‍टर की गोली मारकर हत्‍या

UP में 22 दिन में 4 पुलिस अफसरों का मर्डर, हापुड़ में सब इंस्‍पेक्‍टर की गोली मारकर हत्‍या

Last Updated: June 24 2016, 10:58 AM

हापुड़. यूपी में पुलिस इस समय बदमाशों ने निशाने पर है। यहां पिछले 22 दिन में 4 पुलिस अफसरों की हत्या कर दी गई। ताजा मामला हापुड़ के थाना शहर कोतवाली का है, जहां गुरुवार देर रात बदमाशों ने एक सब इंस्पेक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश आसानी से फरार हो गए। बागपत जिले के सिंगवाली अहीर थाने में थी तैनाती & - सुखबीर मूलरूप से जिला बुलंदशहर के सिकंदराबाद के रहने वाले थे। - वह बागपत जिले के सिंगवाली अहीर थाने में तैनात थे। -सूत्रों के मुताबिक, जिस दौरान उन्हें गोली मारी गई तब वो अपने घर जा रहे थे। -जैसे ही वह मोदीनगर रोड पर पहुंचे, अज्ञात बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। -गोली लगते ही वह गिर गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई। -पुलिस की मानें तो प्रथम दृष्ट्या पुरानी रंजिश और लूट के बाद हत्या की आशंका लग रही है। -हालांकि, अभी भी इस मामले में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है। मदरसों में हुए स्कॉलरशिप घोटाले की जांच कर रहे थे सुखबीर -बागपत जिले थाना सिंघावली में तैनात एसआई सुखबीर मदरसों में हुए स्कॉलरशिप घोटालों की जांच कर रहे थे। -बागपत और मेरठ जिले के कई मदरसों में करीब एक करोड़ रुपए के घोटाले का मामला सामने आने पर जांच कराई जा रही है। - एसआई सुखबीर थाने से वह इसी मामले की जांच करने के लिए मेरठ निकले थे। - उनसे जांच पर जाने से पहले थाने में अपनी जीडी में एंट्री कर रवानगी की थी। - हापुड़ में सुखबीर की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने के बाद मौत होने से पुलिस की जांच इसी घोटाले की ओर घूम रही है। - पुलिस के अनुसार, बागपत के एक दर्जन मदरसों में करीब 70 लाख रुपए का स्कॉलरशिप घोटाला हुआ है। - मेरठ में भी करीब 20 मदरसों में स्कॉलरशिप घोटाले की जांच कराई जा रही है। - इस मामले में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने थाने में मदरसा संचालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा रखा है। - इस मामले में अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। वर्दी में थे सुखबीर, लेकिन उनके पास नहीं थी रिवॉल्वर - बागपत पुलिस को रात में करीब 10 बजे एसआई को गोली लगने और बाद में उसकी मौत होने की सूचना मिली। - पुलिस को शक है कि कहीं स्कॉलरशिप घोटाले की जांच में फंसे शिक्षण संस्थान से जुड़े लोगों ने तो हत्या को अंजाम नहीं दिलाया है। - हालांकि, पुलिस इस बिंदु के अलावा रंजिश और लूट आदि की संभावनाओं को ध्यान में रखकर भी अपनी जांच कर रही है। - सवाल ये भी उठ रहा है कि एसआई सुखबीर जांच के लिए मेरठ आए थे, वह हापुड़ कैसे पहुंचे। - एसआई सुखबीर वर्दी में थेे, लेकिन उनके पास सर्विस रिवॉल्वर नहीं थी। - एसपी बागपत पूनम का कहना है कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर अपनी जांच पड़ताल कर रही है। बाइक चेकिंग के दौरान बदमाशों ने इंस्पेक्टर को मार दी गोली - बीते बुधवार शाम यानी 22 जून को 7 बजे पुलिस को सूचना मिली कि बाइक सवार बदमाश बिनावर थाना क्षेत्र में बरेली हाईवे पर लूटपाट कर रहे हैं। - इसके बाद इंस्पेक्टर सर्वेश कुमार यादव और सिपाही रसूलपुर मोड़ पर वाहन चेकिंग करने लगे। - इस बीच अपाचे बाइक से आ रहे तीन लोगों को पुलिस ने रोका तो वे फायरिंग करने लगे। - इस एक गोली इंस्पेक्टर को लग गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। -इस घटना में दो सिपाही घायल हो गए। इसके बाद फायरिंग करते हुए फरार हो गए। मथुुरा में एसपी और सब इंस्पेक्टर को रामवृक्ष के गूर्गों ने कर दी मर्डर -2 जून को मथुरा के जवाहर बाग में कब्जा छुड़ाने गए पुलिसकर्मियों पर आंदोलनकारियों ने हमला कर दिया। -इस दौरान मथुरा हिंसा के मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव के गूर्गेां ने एसपी मुकुल द्विवेदी और सब इंस्पेक्टर संतोष यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। -इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल भी हो गए थे। आगे की स्लाइड्स में देखिए अन्य फोटोज&

मुस्लिम नहीं होने पर इस मासूम को किया गया था टॉर्चर, पढ़ें सबसे चर्चित हादसे

मुस्लिम नहीं होने पर इस मासूम को किया गया था टॉर्चर, पढ़ें सबसे चर्चित हादसे

Last Updated: December 28 2016, 17:05 PM

कानपुर. साल 2016 देश के सबसे बड़े पॉलिटिकल स्टेट यूपी के लिए कहीं खुशी तो कहीं गम लेकर आया। कानपुर के पास हुए रेल हादसे ने लगभग हर देशवासी की आंखों को नम कर दिया, वहीं फिरोजाबाद की तारिषि को बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले में आतंकियों ने टॉर्चर के बाद मौत के घाट उतार दिया। dainikbhaskar.com ऐसी खबरों का रिकॉल अपने रीडर्स के लिए कर रहा है। मुस्लिम नहीं होने की इस मासूम को मिली थी सजा... - 1 जुलाई को ढाका के हॉली आर्टीसियन बेकरी में हुए ISIS अटैक में मरने वाली 19 साल की तारिषि जैन फिरोजाबाद से ताल्लुक रखती थी। - तारिषि और उसके दोस्तों से आतंकियों ने कुरान पढ़ने के लिए कहा था। - जब वो ऐसा नहीं कर पाई तो उसे फिजिकल टॉर्चर दिया गया। - बाद में उसका गला रेंत कर हत्या कर दी गई। - मौत से पहले तारिषि ने आतंकी हमले के बीच अपनी फैमिली से फोन पर बात की थी। - तारिषि की यह तस्वीर मीडिया में वायरल हुई थी। आगे की स्लाइड्स में देखिए 2016 में ऐसे ही हैरान करने वाले दुखद हादसे...

मुस्लिम नहीं होने पर इस मासूम को किया गया था टॉर्चर, पढ़ें सबसे चर्चित हादसे

मुस्लिम नहीं होने पर इस मासूम को किया गया था टॉर्चर, पढ़ें सबसे चर्चित हादसे

Last Updated: December 28 2016, 13:49 PM

कानपुर. साल 2016 देश के सबसे बड़े पॉलिटिकल स्टेट यूपी के लिए कहीं खुशी तो कहीं गम लेकर आया। कानपुर के पास हुए रेल हादसे ने लगभग हर देशवासी की आंखों को नम कर दिया, वहीं फिरोजाबाद की तारिषि को बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले में आतंकियों ने टॉर्चर के बाद मौत के घाट उतार दिया। dainikbhaskar.com ऐसी खबरों का रिकॉल अपने रीडर्स के लिए कर रहा है। मुस्लिम नहीं होने की इस मासूम को मिली थी सजा... - 1 जुलाई को ढाका के हॉली आर्टीसियन बेकरी में हुए ISIS अटैक में मरने वाली 19 साल की तारिषि जैन फिरोजाबाद से ताल्लुक रखती थी। - तारिषि और उसके दोस्तों से आतंकियों ने कुरान पढ़ने के लिए कहा था। - जब वो ऐसा नहीं कर पाई तो उसे फिजिकल टॉर्चर दिया गया। - बाद में उसका गला रेंत कर हत्या कर दी गई। - मौत से पहले तारिषि ने आतंकी हमले के बीच अपनी फैमिली से फोन पर बात की थी। - तारिषि की यह तस्वीर मीडिया में वायरल हुई थी। आगे की स्लाइड्स में देखिए 2016 में ऐसे ही हैरान करने वाले दुखद हादसे...

ओवैसी ने सलमान खान पर किया कमेंट, कहा- कौन हैं वो, हम उनसे बड़े स्‍टार हैं

ओवैसी ने सलमान खान पर किया कमेंट, कहा- कौन हैं वो, हम उनसे बड़े स्‍टार हैं

Last Updated: June 21 2016, 17:18 PM

मुरादाबाद. सलमान खान के हाल ही में किए गए कमेंट पर मंगलवार को एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सलमान खान कौन हैं? हम उनसे बड़े स्टार हैं। बता दें, सलमान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अपकमिंग मूवी सुल्तान की शूटिंग के दौरान जब वे रिंग से बाहर निकलते थे तो उन्हें रेप का शिकार हुई महिला की तरह महसूस होता था, क्योंकि वे सीधे नहीं चल पाते थे। सलमान के इस बयान पर उनके पिता सलीम खान ने माफी भी मांगी, लेकिन इस स्टेटमेंट का उन्हीं के फैन्स सोशल मीडिया पर विरोध कर रहे हैं। सपा और बीजेपी पर ओवैसी ने साधा निशाना... - मुरादाबाद के एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने सपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मथुरा हादसा सपा की बड़ी गलती है। - इसमें सरकार के कई बड़े नेता जुड़े हैं। - मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान भी 50 हजार लोग बेघर हो गए थे। उस समय भी सपा सरकार ने ही 2 हजार से ज्यादा लोगों को लाखों रुपए बांटने का काम किया था। - वहीं, कैराना मामले पर उन्होंने कहा कि बीजेपी की जारी की गई लिस्ट बोगस है। सपा और बीजेपी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। चुनाव आयोग को सौंपेंगे अफसरों की लिस्ट - ओवैसी ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह एक भी मुस्लिम कैंडिडेट नहीं जिता पाए। - उन्होंने पूछा कि केवल एक ही परिवार में लोकसभा की पांचों सीटें क्यों आईं। - इस दौरान एआईएमआईएम चीफ ने कहा कि यूपी में सभा करने की परमीशन न देने वाले अफसरों की लिस्ट बनाकर वह चुनाव आयोग को देंगे। - जिससे विधानसभा चुनाव निष्पक्ष हो सके। यूपी में मुसलमानों का नहीं हो रहा भला - अोवैसी ने आगे कहा कि मुलायम सिंह सच्चे लोहिया नहीं हैं। वह लोहिया की किसी भी नीति पर नहीं चल रहे हैं। - अगर ऐसा है तो वह उन्हें सभा करने की इजाजत दें। - यूपी में मुसलमानों का भला नहीं हो रहा है। उनसे किया गया एक भी वादा पूरा नहीं किया गया। - वहीं, यूपी में किसी पार्टी से समझौते के सवाल पर उन्होंने कहा कि समय आने पर पत्ते खोले जाएंगे। - बता दें, ओवैसी सोमवार को एआईएमआईएम की ऑर्गनाइज की गई इफ्तार पार्टी में शिरकत करने पहुंचे थे। - ओवैसी पिछले काफी समय से यूपी में अपनी पार्टी का प्रचार कर रहे हैं।

रामवृक्ष के फाइनेंसर ने पुलिस पर की थी फायरिंग, गिरफ्तारी के बाद हुए कई खुलासे

रामवृक्ष के फाइनेंसर ने पुलिस पर की थी फायरिंग, गिरफ्तारी के बाद हुए कई खुलासे

Last Updated: June 19 2016, 12:46 PM

मथुरा. जवाहर बाग हिंसा के मास्टरमांइड रामवृक्ष यादव के फाइनेंसर राकेश गुप्ता ने पुलिस के सामने कई राज खोले हैं। फर्रुखाबाद से गिरफ्तार राकेश गुप्ता ने बताया कि बाग में रामवृक्ष मिनी सरकार चलाता था। उसने अलग-अलग लोगों को विभागों की जिम्मेदारी दे रखी थी। हिंसा के दौरान उसने अपनी लाइसेंसी रायफल से पुलिस पर फायरिंग भी की थी। एसएसपी बब्लू कुमार ने बताया कि राकेश को रिमांड पर लेकर फिर से पूछताछ की जाएगी। चुनाव लड़ना चाहता था राकेश - जानकारी के मुताबिक, राकेश गुप्ता साल 2017 में यूपी विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहता था। - वह 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की प्रॉपर्टी का मालिक है। - उसके पास दो असलहों का लाइसेंस था। जवाहर बाग हिंसा के बाद बदायूं के डीएम ने 13 जून को लाइसेंस रद कर दिया था। - इनमें से एक रायफल जवाहरबाग हिंसा के बाद सर्च अभियान में पुलिस ने बरामद किया था। - राकेश ने जवाहर बाग में मदद के लिए रामवृक्ष यादव को 10 लाख से ज्यादा रुपए दिए थे। रसद की सप्लाई भी वही करवाता था। - वह बाबा जयगुरुदेव के नाम से दूसरे राज्यों से चंदा मांगकर लाता था। इसी से जवाहरबाग का खर्च चलता था। कैसे हुई रामवृक्ष और राकेश की मुलाकात - रामवृक्ष से राकेश गुप्ता की मुलाकात साल 2014 में हुई थी। इसी दौरान रामवृक्ष ने समझाया कि बाबा जयगुरुदेव अभी भी जिंदा हैं। - 2011 में रामवृक्ष यादव ने जब जयगुरुदेव आश्रम पर हमला किया तो केस में राकेश ने ही जमानत दी थी। - इसके बाद से उसे अब भी विश्वास है कि बाबा जयगुरुदेव जिंदा हैं और उनका किडनैप किया गया है। वह जरूर दर्शन देंगे। - जवाहरबाग के खर्चे, आय और चंदा आदि की जिम्मेदारी कैलाश के पास थी। - सुरक्षा के लिए बाग के चारों तरफ 8 से 10 चौकियां बनी थीं। यहां असलहे और लाठी के साथ लठैत तैनात रहते थे। - हर चौकी पर 5 से 6 सुरक्षाकर्मी रहते थे, जबकि पुलिस के आने पर यहां पर 15-20 लोगों को तैनात किया जाता था। - जवाहरबाग की सुरक्षा की जिम्मेदारी वीरेश यादव के पास थी। उसके न रहने पर कपिल नाम के युवक के पास सुरक्षा देखता था। - दीपचंद्र गुप्ता के पास बिजली और पानी का इंतजाम था।

हां, मैंने रामवृक्ष को जलते हुए देखा था... मास्‍टरमाइंड के फाइनेंसर का खुलासा

हां, मैंने रामवृक्ष को जलते हुए देखा था... मास्‍टरमाइंड के फाइनेंसर का खुलासा

Last Updated: June 18 2016, 18:12 PM

बदायूं. मथुरा जवाहरबाग कांड के मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव के कथित फाइनेंसर राकेश गुप्ता को पुलिस ने शुक्रवार को बदायूं के थाना उसहैत क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। उसने पुलिस से कहा है कि रामवृक्ष यादव को जवाहरबाग कांड में जलते हुए देखा था। शनिवार को मथुरा में उसका मेडिकल हुआ। उससे पूछताछ में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। क्या मिला है सुराग... - उसने पुलिस को बताया कि मथुरा हिंसा वाले दिन जवाहरबाग में रामवृक्ष यादव को जलते हुए देखा था। - उसने पुलिस को एक अन्य आरोपी वीेरेश यादव के छिपने के ठिकाने के बारे में बताया है। उस आधार पर वीरेश की गिरफ्तारी के लिए सुरक्षा एजेंसियों की टीम शनिवार को बदायूं पहुंच गई। कौन है वीरेश यादव... - वीरेश यादव कथित सुभाष सेना का सुरक्षा अधिकारी बताया जाता है। - वह मथुरा हिंसा के मुख्य आरोपियों में शामिल है। कौन है राकेश गुप्ता - राकेश गुप्ता बदायूं की साधन सहकारी समिति प्रसिधपुर में 2002 से बतौर सचिव कार्यरत था। - वह रामवृक्ष यादव का फाइनेंसर बताया जाता है। - उस पर आरोप है कि रामवृक्ष यादव को पैसे, अनाज और हथियारों की सप्लाई करता था। - जवाहरबाग कांड में नाम आने के बाद उसको सस्पेंड कर दिया गया। उसका आर्म्स लाइसेंस भी कैंसिल करने की तैयारी चल रही है। - बताया जाता है कि उसे सत्तापक्ष के कई नेताओं का संरक्षण प्राप्त था। इस वजह से आज तक उसके समिति की कभी जांच नहीं हुई। - उसका कहना है कि वो 3 तारीख से ही बदायूं में था। क्या था मथुरा कांड? - मथुरा के जवाहर बाग में 2 जून, 2016 को हुई हिंसा में 25 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। - इसमें दो पुलिस अफसर भी शहीद हो गए थे। हिंसा का मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव भी पुलिस के साथ हुई गोलीबारी में मारा गया था। - डीजीपी ने रविवार को ट्वीट कर उसकी मौत की पुष्टि की थी। आगे की स्लाइड्स में देखिए मथुरा हिंसा की फोटो...

जय गुरुदेव के उत्‍तराधिकारी ने कहा- मथुरा कांड से हमारा कोई लेना-देना नहीं

जय गुरुदेव के उत्‍तराधिकारी ने कहा- मथुरा कांड से हमारा कोई लेना-देना नहीं

Last Updated: June 18 2016, 17:12 PM

सिद्धार्थनगर. बाबा जय गुरूदेव महराज के उत्तराधिकारी पंकज महाराज ने कहा कि मथुरा के जवाहर बाग घटना बहुत ही दुखद है। हालांकि, हमारी संस्था का इन लोगों से कोई संबंध नहीं है। ये बातें उन्होंने यहां के बांसी तहसील स्थित ग्राम सूपाराजा स्थित जय गुरूदेव आश्रम में कही। आगे पढ़िए अच्छे समाज का निर्माण शाकाहार के बिना संभव नहीं& उन्होंने कहा कि देश में अच्छे समाज का निर्माण और चरित्र का उत्थान शाकाहार के बिना संभव नहीं है। शुद्ध खान-पान से ही मन, बुद्धि, विचार शुद्ध होंगे। दुनिया के रगड़े-झगड़े खत्म करने और अमन-चैन की बहाली के लिए बाबा जय गुरूदेव के संदेश सम-सामयिक एवं प्रासंगिक है। देश में वैचारिक शुद्धता लाने के महा अभियान में अब सबको विशेषकर युवाओं और बुद्धिजीवियों को शामिल होकर भागीदार बनने की जरूरत है। उक्त बातें बाबा जय गुरूदेव महराज के उत्तराधिकारी पंकज महाराज ने बांसी तहसील स्थित ग्राम सूपाराजा स्थित जय गुरूदेव आश्रम में व्यक्त किया। जब तक लोग भगवान का भजन नहीं करेंगे, दुनिया से क्लेश नहीं जाएगा पंकज महाराज प्रदेश की 50 दिवसीय यात्रा के दौरान यहां आयोजित सत्संग में पहुंचे थे। उन्होंने अपने प्रवचन के दौरान बाबा जय गुरूदेव को सृष्टि का सबसे आलौकिक एवं प्रबल आत्म संकल्प शक्ति से संपन्न महापुरूष बताते हुए उनके अच्छे समाज के निर्माण के महा अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि कहा शाकाहार, सदाचार मद्य निषेध और चरित्र उत्थान के लिए अच्छी शिक्षा की जरूरत है। मन, बुद्धि, विचार और शुद्ध आहार से शुद्ध होंगे। इन सभी का दूषित हो जाने पर उत्तम चरित्र का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक लोग भगवान का भजन नहीं करेंगें, दुनिया के कष्ट-क्लेश जाने वाला नहीं है। अदला-बदला देने से भगवान नहीं बचे तो हम साधारण इंसानों की क्या विसात है। मथुरा कांड से हमारा कोई संबंध नहीं सत्संग के पूर्व पंकज जी महराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम इस मृत्युलोक में पराए देश को अपना सम-सहेजने की भूल कर रहे हैं। यहां जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु अवश्य होगी। मानव तन वेशकीमती है, जो प्रभू को पाने के वास्ते मिला है। उन्होंने बिहार की तर्ज पर यूपी में भी शराब बंदी और बूचड़खाने बंद करने की गुजारिश किया। मथुरा के जवाहर बाग घटना के सवाल पर उन्होंने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि हमारी संस्था का इन लोगों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई से 21 जुलाई तक जय गुरूदेव आश्रम मथुरा में गुरू पूर्णिमा पर्व मनाया जाएगा। इसमें सभी जयगुरूदेव अनुयायी भारी संख्या में पहुंचे। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद इस दौरान राम कृष्ण यादव, डॉ. केके मिश्रा, उपदेशक बाबूराम, संतराम चौधरी, सुनील यादव, रोहितास गुप्ता, अनूप कुमार सिंह, नानक भाई, जीतू भाई पटेल, सतीश शुक्ला, डीडी शुक्ला, भीखम सिंह, राम मनोहर सिंह, पीसी यादव, उदयराज सिंह, अविनाश, राजेश दीपचन्द्र, बैकुंठ के अलावा पूर्व सदर विधायक ईश्वर चन्द्र शुक्ला, बुधिराम पाल, हरिश्चन्द्र यादव एडवोकेट, मंगरू चौरसिया, रामउजागिर, आत्माराम यादव आदि लोग उपस्थित रहे। आगे की स्लाइड्स में देखिए अन्य फोटोज&

'सपा से जुड़े होने का मतलब है किसी को भी चौराहे पर गोली मार देना'

'सपा से जुड़े होने का मतलब है किसी को भी चौराहे पर गोली मार देना'

Last Updated: June 17 2016, 14:31 PM

गोरखपुर. बीजेपी सांसद आदित्यनाथ ने कहा है, मथुरा की घटना सपा ने ही प्लान की थी, जिसमें दो पुलिस अफसरों को अपनी जान गवानी पड़ी। सपा से जुड़े होने का मतलब है कि वे कहीं भी किसी की संपत्ति पर कब्जा कर सकते हैं। किसी को चौराहे पर गोली मार सकते हैं। किसी की इज्जत को थाने में नीलाम कर सकते हैं। इसका लाइसेंस सपा सरकार के मुखिया ने उन्हें दे रखा है। कैराना प्रकरण पर आदित्यनाथ ने कहा, कैराना हो या कांधला पश्चिमी यूपी के अंदर ऐसे बहुत सारे कस्बे हैं। जहां पर अराजकतत्वों का बोलबाला है। इस तरह के अराजकतत्वों को राज्य की सरकार संरक्षण दे रही है। साल 2001 की जनगणना में कैराना में हिंदुओं की आबादी 68 फीसदी थी, लेकिन आज वहां सिर्फ 8 फीसदी हिंदू बचा है। यह सब उन सालों में हुआ है, जब यूपी में सपा के साथ ही बसपा की सरकारें रही। सपा और बसपा का मतलब है, हिंदुओं की विनाशक पार्टी। नरेंद्र मोदी सरकार गौ संरक्षण और गौ संवर्धन के लिए बहुत सी योजनाएं शुरू कर रही है। भारतीय मूल के गौ नस्ल में लिए तो मथुरा में एक प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। अगर यह प्रोजेक्ट सही से धरातल पर आया तो इसे सभी जिलो में लागू किया जाएगा।

5 घंटे की पूछताछ में चंदन बोस ने उगले कई राज, रामवृक्ष के सिद्धांतों का भी किया गुणगान

5 घंटे की पूछताछ में चंदन बोस ने उगले कई राज, रामवृक्ष के सिद्धांतों का भी किया गुणगान

Last Updated: June 16 2016, 18:06 PM

मथुरा. जवाहरबाग कांड का मुख्य आरोपी शूूटर चंदन बोस और उसकी पत्नी पूनम बोस को गुरुवार सुबह ट्रांजिक्ट रिमांड पर मथुरा लाई पुलिस, एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीम ने करीब 5 घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान दोनों रामवृक्ष यादव के सिद्धांतों और नीतियों का ही गुणगान करते रहे। वहीं, सूत्रों की मानें तो पुलिस ने इस पूछताछ में कई अहम जानकारियां हासिल की हैं। इसके बाद पुलिस ने उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया, पुलिस ने उसे रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। हिंसा के बाद से फरार था चंदन... - मथुरा हिंसा के आरोपी नक्सली चंदन बोस को बुधवार को बस्ती से पुलिस ने गिरफ्तार किया था। - बोस का मथुरा कांड में अहम रोल था। वह रामवृक्ष यादव का करीबी होने के साथ शॉर्प शूटर था। - बता दें, एसओ संतोष यादव को उसने ही गोली मारी थी। हिंसा के बाद से वह फरार चल रहा था। पत्नी के साथ हुआ गिरफ्तार - चंदन की गिरफ्तारी बस्ती के परशुरामपुर थानाक्षेत्र से हुई है। - मथुरा और बस्ती पुलिस ने मिलकर पत्नी पूनम के साथ चंदन बोस को पकड़ा। - पुलिस कुछ देर में मामले का खुलासा कर सकती है। कौन था चंदन बोस? - मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला चंदन बोस जवाहरबाग कांड के मास्टर माइंड रामवृक्ष का दायां हाथ माना जाता था। - वह लोगों को हिंसा के लिए उकसाता था और हथियारों की व्यवस्था करता था। - उसका फाइनेंसर राकेश बाबू गुप्ता बदायूं का रहने वाला है, जो अब भी फरार चल रहा है। राकेश के पास पैसों का इंतजाम करने का जिम्मा था। - चंदन की आखिरी लोकेशन गंगा की कटरी कासगंज क्षेत्र में मिली थी, जहां बदायूं और एसओजी की टीमें उसे तलाश रही थीं। - उसे पकड़ने के लिए डीजीपी जावीद अहमद की ओर से सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था।

रामवृक्ष की मौत पर कोर्ट को शक, कहा-  कैसे मान लिया जाए कि वह  मर चुका है

रामवृक्ष की मौत पर कोर्ट को शक, कहा- कैसे मान लिया जाए कि वह मर चुका है

Last Updated: June 16 2016, 17:21 PM

मथुरा. जवाहर बाग हिंसा के सरगना रामवृक्ष यादव की मौत की रिपोर्ट को स्थानीय कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने उसकी मौत पर संदेह जताया है। कोर्ट का कहना है कि शव की शिनाख्त परिवारीजन या बेहद करीबी से नहीं करवाया गया। ऐसे में कैसे मान लिया जाए कि रामवृक्ष की मौत हो चुकी है। पुलिस ने जिस शव की शिनाख्त की है, उसके सुरक्षित रखे गए दांत और स्कैल्प का डीएनए टेस्ट करवाने का आदेश कोर्ट ने दिया है। आगे पढ़िए पुलिस ने कहा- आग में जलकर मर गया रामवृक्ष यादव& - गुरुवार को मथुरा के सेशन कोर्ट (नौवां) में रामवृक्ष यादव के खिलाफ हत्या के प्रयास और धमकी आदि के मुकदमे की सुनवाई थी। - इस दौरान मथुरा के थाना हाइवे प्रभारी विनोद मिश्रा ने कोर्ट में रामवृक्ष यादव की मौत की रिपोर्ट सौंपी। -इसमें कहा गया गया है कि पुलिस ने कहा कि जवाहर बाग हिंसा में रामवृक्ष यादव आग में जलकर मर गया। - इसके बाद कोर्ट ने कहा कि जवाहर बाग हिंसा में चंदन बोस जैसे बेहद करीबी लोग भाग गए। -ऐसे में आशंका है कि जघन्य अपराध में शामिल रामवृक्ष यादव भी फरार हो गया होगा। - ऐसे में एक अज्ञात शव को पुलिस ने बरामद किया और 3 दिन बाद जेल में बंद हरनाथ सिंह से शिनाख्त करवा ली। कोर्ट ने कहा- शव का शिनाख्त करीबी लोगों ने नहीं किया है - कोर्ट का कहना है कि समाचारों से जानकारी मिली है कि शव का शिनाख्त परिवारीजन और बेहद करीबी व्यक्ति ने नहीं किया है। -ऐसे में कोर्ट को इस शिनाख्त पर संदेह है। ऐसे में कैसे मान लिया जाए कि रामवृक्ष की मौत हो चुकी है। - कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कुछ फैसलों का हवाला देते हुए कहा है कि ऐसे परिस्थिति में रामवृक्ष यादव की शिनाख्त डीएएन टेस्ट से हो सकती है। - पुलिस ने शव के दांत और स्कैल्प का सैंपल रखा हुआ है। -कोर्ट ने मथुरा के सीएमओ को इस मामले में हस्तक्षेप करने और डीएनए टेस्ट करवाने को कहा है। ये है पूरा मामला -बताते चलें कि 2 जून को जवाहर बाग में रिहर्सल के दौरान रामवृक्ष यादव और उसके गुर्गों के साथ पुलिस की हिंसा हुई थी। -इसमें एसओ संतोष और एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की मौत हो गई थी। - इसके बाद यहां भीषण आग लगी। इस दौरान सैकड़ों लोग वहां से फरार हो गए थे। - फरार होने वालों में रामवृक्ष यादव का सबसे विश्वासपात्र चंदन बोस भी था। उसे पुलिस ने बुधवार को बस्ती से गिरफ्तार किया है। - हिंसा के बाद डीजीपी जावीद अहमद ने कहा था कि हो सकता है कि रामवृक्ष भी आग में जलकर मर गया होगा। - इसके अगले दिन पुलिस ने अज्ञात शव की शिनाख्त जेल में बंद जवाहर बाग हिंसा के एक आरोपी से करवाई थी। -घटना के 3 दिन बाद पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार करवा दिया था। आगे की स्लाइड्स में देखिए कोर्ट ऑर्डर की कॉपी...

मथुरा हिंसा: नक्‍सली चंदन बोस बस्‍ती से गिरफ्तार, SO संतोष को मारी थी गोली

मथुरा हिंसा: नक्‍सली चंदन बोस बस्‍ती से गिरफ्तार, SO संतोष को मारी थी गोली

Last Updated: June 15 2016, 15:59 PM

मथुरा. मथुरा हिंसा के आरोपी नक्सली चंदन बोस को बुधवार को बस्ती से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बोस का मथुरा कांड में अहम रोल था। वह रामवृक्ष यादव का करीबी होने के साथ शॉर्प शूटर था। बता दें, एसओ संतोष यादव को उसने ही गोली मारी थी। हिंसा के बाद से वह फरार चल रहा था। पत्नी के साथ हुआ गिरफ्तार... - चंदन की गिरफ्तारी बस्ती के परशुरामपुर थानाक्षेत्र से हुई है। - मथुरा और बस्ती पुलिस ने मिलकर पत्नी पूनम के साथ चंदन बोस को पकड़ा। - पुलिस कुछ देर में मामले का खुलासा कर सकती है। कौन था चंदन बोस? - मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला चंदन बोस जवाहरबाग कांड के मास्टर माइंड रामवृक्ष का दायां हाथ माना जाता था। - वह लोगों को हिंसा के लिए उकसाता था और हथियारों की व्यवस्था करता था। - उसका फाइनेंसर राकेश बाबू गुप्ता बदायूं का रहने वाला है, जो अब भी फरार चल रहा है। राकेश के पास पैसों का इंतजाम करने का जिम्मा था। - चंदन की आखिरी लोकेशन गंगा की कटरी कासगंज क्षेत्र में मिली थी, जहां बदायूं और एसओजी की टीमें उसे तलाश रही थीं। - उसे पकड़ने के लिए डीजीपी जावीद अहमद की ओर से सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था।

48 घंटों में इन 10 बयानों ने गर्म की UP की सियासत, जानें किसने क्‍या कहा

48 घंटों में इन 10 बयानों ने गर्म की UP की सियासत, जानें किसने क्‍या कहा

Last Updated: June 13 2016, 21:41 PM

लखनऊ. इलाहाबाद में संगम के किनारे बीजेपी की पिछले 2 दिनों से नेशनल एग्जीक्यूटिव की मीटिंग चल रही थी। इसमें नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया। यहां पीएम ने कुछ बड़े बयान दिए तो वहीं बीजेपी नेताओं ने भी बयानबाजी कर अखिलेश सरकार को घेरा। बीजेपी नेताओं ने मौके का फायदा उठाते हुए कैराना और मथुरा की घटना को जमकर उछाला और एक से एक बयान दिए। ऐसे में dainikbhaskar.com 48 घंटों में आए ऐसे 10 बयानों के बारे में बताने जा रहा है, जिन्होंने यूपी में चुनावी लड़ाई का आगाज किया है। आगे पढ़िए किसने दिया कौन सा बयान& नरेंद्र मोदी का बयान -बीजेपी को मौका दें। अगर आपका नुकसान कर दिया तो आप मुझे लात मार कर बाहर कर दीजिएगा। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए अमित शाह ने क्या कहा&

मथुरा जाने पर रोक को लेकर इस IPS अफसर ने दी सरकार के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती

मथुरा जाने पर रोक को लेकर इस IPS अफसर ने दी सरकार के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती

Last Updated: June 13 2016, 16:30 PM

लखनऊ. मथुरा के जवाहर बाग में हुई घटना की जांच को लेकर डीजीपी द्वारा घटनास्थल पर जाने से मना करने को लेकर आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच में चुनौती दी है। याचिका में उन्होंने कहा है कि किसी भी स्थान पर आना-जाना संविधान के अनुच्छेद 19(1)(डी) के अधीन प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। किसी व्यक्ति से मात्र इस कारण उसके संवैधानिक अधिकार नहीं छीने जा सकते कि वह लोक सेवक है। इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 1962 में कामेश्वर प्रसाद बनाम बिहार सरकार के आदेश का हवाला दिया है। याचिका में बताया गया सीएम के जाने पर रोक नहीं& अमिताभ ठाकुर ने याचिका में कहा है कि जब उनसे कई गुणा सामाजिक और प्रशासनिक रसूख वाले सीएम अखिलेश यादव के मथुरा जाने पर मनाही नहीं है। तो फिर उन्हें इस आधार पर नहीं रोका जा सकता कि मथुरा में इस समय न्यायिक जांच चल रही है। उनका दौरा अनावश्यक मीडिया की सुर्खियां बन सकता है और उनके बयानों से न्यायिक जांच में व्यवधान हो सकता है। डीजीपी ने दिया था ये आदेश अमिताभ ठाकुर ने एडीजी रूल्स एवं मैन्युअल तनूजा श्रीवास्तव से मथुरा की घटना का व्यक्तिगत स्तर पर अध्ययन करने के लिए 10 जून से 2 दिन के लिए मथुरा जाने की इजाजत मांगी थी। उनका प्रार्थनापत्र 9 जून को डीजीपी को भेजा गया था। जिस पर डीजीपी ने अपने आदेश में कहा कि मथुरा में इस समय न्यायिक जांच चल रही है और ऐसे में अमिताभ का वहां जाना उचित नहीं होगा। आदेश में कहा गया कि कानून और व्यवस्था की दृष्टि से मथुरा इस समय संवेदनशील है। अमिताभ का दौरा अनावश्यक मीडिया की सुर्खियां बन सकता है। उनके बयानों से न्यायिक जांच में व्यवधान हो सकता है। इसलिए अमिताभ को मथुरा की इजाजत नहीं दी जाती है।

मथुरा कांड पर CM बोले- CBI में नहीं रखते विश्‍वास; बीजेपी को क्‍यों कहा बेईमान?

मथुरा कांड पर CM बोले- CBI में नहीं रखते विश्‍वास; बीजेपी को क्‍यों कहा बेईमान?

Last Updated: June 13 2016, 15:45 PM

मथुरा. अखिलेश यादव सोमवार को जवाहरबाग हिंसा में शहीद हुए एसपी मुकुल द्विवेदी के तेरहवीं संस्कार में पहुंचे। यहां सीएम ने उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख का चेक सौंपा। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, विपक्ष के लोग जवाहर बाग को मुद्दा बना रहे हैं। उनको विकास नजर नहीं आ रहा है। हम सीबीआई में विश्वास नहीं रखते हैं। ज्यूडिशयरी अपना काम कर रही है। जवाहर बाग की घटना काफी दुखद है। जांच के बाद दोषियों पर होगी। कैराना मामले पर सीएम ने क्या कहा? - चुनाव करीब है, इसलिए बीजेपी के लोग इस पर पॉलिटिक्स कर रहे हैं। उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। - उन्हाेंने न सड़क बनाई, न बिजली दी। सपा सरकार ने ये सारे काम किए हैं। - बीजेपी सांसद और नेताओं ने लोगों के पलायन करने वालों की लिस्ट जारी की। - इसमें कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने कई साल पहले कैराना से पलायन किया। उस समय भी, जब हमारी सरकार नहीं थी। - लेकिन बीजेपी के लोग केवल हमारी सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। वे झूठे और बेईमान हैं। - बता दें, सीएम के आने से पहले पूरे इलाके को पुलिस छावनी सा बना दिया गया था। साथ ही जवाहर बाग में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई। सुरक्षा के कड़े इंतजाम... - अखिलेश यादव का हेलिकॉप्टर सुबह करीब 11.05 बजे पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरा। - यहां पर बने टेंट में उन्होंने अफसरों से कुछ देर बातचीत की। फिर शहीद एसपी मुकुल के आवास की ओर निकल गए। - यहां पर सीएम की मौजूदगी के दौरान शहीद के परिवारीजन और मित्रों के अलावा किसी अन्य को आने नहीं दिया गया। - सीएम का जवाहर बाग जाने का कोई प्रोग्राम नहीं है, लेकिन यहां भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई। आगे की स्लाइड्स में देखिए, फोटोज...

Flicker