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मुलायम सिंह यादव

शिवपाल-मुलायम के समधी समेत कई VIPs के मकान अब नहीं होंगे कमर्शियल, कमिश्नर ने LDA को भेजा प्रस्ताव

शिवपाल-मुलायम के समधी समेत कई VIPs के मकान अब नहीं होंगे कमर्शियल, कमिश्नर ने LDA को भेजा प्रस्ताव

Last Updated: April 24 2017, 21:17 PM

लखनऊ. नवनियुक्त लखनऊ कमिश्नर ने बड़ा एक्शन लेते हुए शिवपाल यादव समेत कई वीआईपी लोगों के आवासीय मकान जिसे कमर्शियल होना था उस प्रस्ताव को रद्द कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक 71 में से 58 आवासीय मकानों का लैंड यूज चेंज होने से रोका गया है। आगे पढ़िए कौन कौन से हैं वीआईपी शामिल... -अक्टूबर 2016 में हुई एलडीए बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया था कि लैंड यूज चेंज करने के लिए फीस में कटौती का फैसला लिया गया था। तब इस लिस्ट में तत्कालीन सरकार से जुड़े कई नेताओं के मकान भी शामिल थे। इसमें सपा नेता शिवपाल यादव का मकान भी शामिल था। -कमिश्नर अनिल गर्ग ने सोमवार को 71 में से 58 मकानों को कमर्शियल करने का प्रस्ताव रद्द कर बोर्ड को भेज दिया है। -इस लिस्ट में शिवपाल यादव, मुलायम के समधी अरविन्द सिंह बिष्ट, मुलायम की समधन अम्बी बिष्ट, पूर्व एलडीए वीसी सतेन्द्र सिंह, सचिव आवास पंधारी यादव जैसे बड़े नाम हैं, जिनके मकानों का प्रस्ताव खारिज किया गया है। बोर्ड की स्वीकृति के लिए भेजा गया है प्रस्ताव -एलडीए सचिव अरुण कुमार ने बताया कि यह प्रस्ताव अब एलडीए बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि ये ऐसे मकान हैं जिन्होंने निर्धारित फीस तीन महीने में नहीं जमा की थी। -ऐसे में जिन मकानों की तय समय सीमा में फीस नहीं जमा हुई है, इनमें 58 मकानों का प्रस्ताव रद्द किया गया है। -उन्होंने बताया कि आवासीय मकानों को कमर्शियल करने का फैसला अक्टूबर 2016 की एलडीए बोर्ड की बैठक में लिया गया था।

योगी ने डिंपल, आजम की Z+ स‍िक्युर‍िटी हटाई; BJP के कट‍ियार की सुरक्षा बढ़ी

योगी ने डिंपल, आजम की Z+ स‍िक्युर‍िटी हटाई; BJP के कट‍ियार की सुरक्षा बढ़ी

Last Updated: April 23 2017, 09:17 AM

लखनऊ. योगी सरकार ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव की पत्नी सांसद डिंपल यादव, पूर्व मंत्री आजम खान, शिवपाल यादव और एसपी महासचिव रामगोपाल यादव की Z+ सिक्युरिटी को घटाकर Y कैटेगरी कर दिया गया है। इसके अलावा सपा सरकार के करीबी 100 अन्य लोगों की सुरक्षा भी वापस ले ली गई है। हालांकि, सरकार ने मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और मायावती की जेड प्लस सिक्युरिटी को जारी रखा है। वहीं, बीजेपी के सीनियर नेता और राज्यसभा मेंबर विनय कटियार की सिक्युरिटी Y कैटेगरी से बढ़ाकर Z कैटेगरी की कर दी गई है। नेताओं की सुरक्षा के संबंध में मांगी गई रिपोर्ट... - बता दें, हाल ही में होम डिपार्टमेंट की मीटिंग के बाद पूर्व सरकार में नेताओं और मंत्रियों को दी गई सिक्युरिटी के संबंध में रिपोर्ट मंगाई गई थी। इसके बाद डिंपल यादव, आजम खान, शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव की सुरक्षा घटाई गई। - वहीं, बदायूं के सांसद धर्मेंद्र यादव की Y+ कैटेगरी की सिक्युरिटी जारी रखी गई है। बसपा के पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को भी Y+ कैटेगरी सुरक्षा दी गई है। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना को Y कैटेगरी सुरक्षा दी गई है। इन नेताओं की सिक्युरिटी वापस ली गई - आशु मलिक, राकेश यादव, अतुल प्रधान समेत सपा सरकार के 100 से ज्यादा करीबियों की कैटेगरीवाइज सिक्युरिटी वापस ले ली गई है। बता दें, वीआईपी कल्चर खत्म करने के तहत सीएम योगी ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी होम को सिर्फ जरूरत के मुताबिक सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सभी वीवीआईपी और वीआईपी को मिली सिक्युरिटी का रिव्यू किया गया। किसे मिलती है जेड और जेड प्लस सिक्युरिटी? - सीएम, कैबिनेट रैंक के मिनिस्टर्स, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज और कुछ ऑफिसर्स को ही यह जेड या जेड प्लस कैटेगरी की सिक्युरिटी दी जाती है। - जेड़ प्लस सिक्युरिटी की जिम्मेदारी यूनियन होम मिनिस्ट्री के अंडर में होती है। इसके लिए वहीं से जरूरी गाइडलाइंस दी जाती है। सिक्युरिटी की कैटेगरी SPG : स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की कैटेगरी की सिक्युरिटी पीएम और उनके परिवारवालों को दी जाती है। एक्स पीएम के लिए यह 6 महीने तक रहती है। इसके अलावा स्पेशल लॉ के तहत यह फैसेलिटी राजीव गांधी के परिवार वालों को दी गई है। Z Plus : इसमें 36 जवानों को तैनात किया जाता है। इनमें 10 से ज्यादा एनएसजी कमांडो और पुलिस ऑफिसर्स होते हैं। एनएसजी कमांडो मार्शल आर्ट माहिर होते हैं और बगैर हथियारों के भी दुश्मन से लड़ सकते हैं। वो MP 5 गन्स और कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस होते हैं। काफिले में जैमर भी होता है। Z : खतरा जेड प्लस से कुछ कम हो तो, जेड कैटेगरी की सिक्युरिटी दी जाती है। इसमें सीआईएसएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ या पुलिस के 22 जवान तैनात रहते हैं। इनमें 5 एनएसजी कमांडो के साथ पुलिस ऑफिसर्स होते हैं। Y : इसमें 11 जवान रहते हैं। इनमें 1 या 2 एनएसजी कमांडो होते हैं। X : सिक्युरिटी की इस कैटेगरी में 2 जवान रहते हैं, जो आमतौर पर स्टेट पुलिस के होते हैं। इन्हें पीएसओ कहा जाता है।

BJP विधायक ने अस्तपाल में मारा छापा, डॉक्टरों से कहा- सुधर जाओ वरना...

BJP विधायक ने अस्तपाल में मारा छापा, डॉक्टरों से कहा- सुधर जाओ वरना...

Last Updated: April 20 2017, 17:22 PM

चंदौली. यूपी के चंदौली जिले में मुगलसराय से बीजेपी की महिला विधायक साधना सिंह ने गुरुवार को अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोगवारे में छापेमारी की। अचानक छापेमारी से हड़कंप मच गया। अस्पताल में गंदगी देख विधायक ने डॉक्टरों और कर्मचारियों को फटकार लगाई। यही नहीं एक हफ्ते के अदंर अस्पताल को सुधारने की चेतावनी भी दे दी। कहा, एक हफ्ते बाद फिर आऊंगी और अस्पताल का यही हाल रहा तो स्वास्थ्य विभाग के मंत्री और सीएम से मिलकर आप लोगों की लिखित कंप्लेन करूंगी। महिला टॉयलेट में नहीं मिले दरवाजे, कमरों में जमा धूल की मोती परतें मुगलसराय-चहनिया मार्ग पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। 30 बेड के इस स्वास्थ्य केंद्र में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ था। ऑपरेशन थिएटर में धूल भरी हुई थी। कई रूम महीनों से बंद पड़े थे, जहां धूल के मोती परतें जम गई थी। वॉशबेशिन का नल टूटा था। महिलाओं के लिए बने टॉयलेट से दरवाजे गायब थे। हैंडपंप खराब पड़े हुए थे। अस्पताल का यह हाल देखकर बीजेपी विधायक भड़क गईं और मौके पर मौजूद डॉक्टरों को जमकर फटकार लगाई। मेरे विधानसभा में यह सब नहीं चलेगा साधना सिंह ने कहा, मेरे विधानसभा में यह सब नहीं चलेगा। सुधर जाइए, यह सपा-बसपा की सरकार नहीं है। बीजेपी की सरकार है। मोदी जी और योगी जी के नेतृत्व में प्रदेश चल रहा है। सिंह ने बताया, पूरे मामले को सीएमओ को बताया गया है। उन्होंने 3 दिन का समय मांगा है, जिसमें अस्पताल की व्यवस्था सुधारी जाएगी। बता दें, विधायक ने अस्पताल प्रशासन को भी एक सप्ताह का समय दिया है। विधायक ने कहा, एक हफ्ते बाद फिर आऊंगी और अस्पताल का यही हाल रहा तो स्वास्थ्य विभाग के मंत्री और सीएम से मिलकर आप लोगों की लिखित कंप्लेन करूंगी। आगे की 6 स्लाइड्स में देखें बीजेपी एमएलए साधना सिंह ने कैसे किया अस्पताल का इंस्पेक्शन...

सपा अकेले ही जीत सकती है, महागठबंधन की जरूरत नहीं: मुलायम

सपा अकेले ही जीत सकती है, महागठबंधन की जरूरत नहीं: मुलायम

Last Updated: April 17 2017, 07:47 AM

लखनऊ. मुलायम सिंह यादव ने बेटे अखिलेश यादव के उस प्रपोजल को ठुकरा दिया है जिसमें उन्होंने बीजेपी को रोकने के लिए किसी भी पार्टी से अलायंस की बात कही थी। मुलायम ने रविवार को मैनपुरी में एक प्रोग्राम के दौरान कहा- महागठबंधन की कोई जरूरत नहीं है। समाजवादी अकेले की सक्षम हैं। कांग्रेस से गठबंधन के भी खिलाफ थे मुलायम... - बता दें कि मुलायम ने यूपी असेंबली इलेक्शन के दौरान भी कांग्रेस से गठबंधन का विरोध किया था। लेकिन, अखिलेश ने जब उनकी सलाह नहीं मानी तो मुलायम ने सार्वजनिक तौर पर इस गठबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी। - हालांकि, मुलायम की नाराजगी के बावजूद गठबंधन जारी रहा और असेंबली इलेक्शन में इस अलायंस को हार मिली। 2019 को लेकर महागठबंधन की तैयारी - विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब बीजेपी विरोधी पार्टियां 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई हैं। - पहले गठबंधन से इनकार करने वाली मायावती का रुख भी अब नर्म नजर आ रहा है। - महागठबंधन की चर्चा तब और तेज हो गई जब पिछले दिनों अखिलेश ने ममता बनर्जी से दिल्ली में मुलाकात की थी। मायावती ने कहा था- बीजेपी विरोधी पार्टियों से हाथ मिलाने में परहेज नहीं - मायावती ने भी गठबंधन की बात कही थी। मायावती ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की 126वीं जयंती पर हुए कार्यक्रम में कहा था- ईवीएम मुद्दे पर बीजेपी विरोधी पार्टियों से हाथ मिलाने में परहेज नहीं। - बीजेपी विरोधी पार्टियां भी हमारे साथ आना चाहेंगी तो उनके साथ भी अब हमें हाथ मिलाने में कोई परहेज नहीं होगा।

गायत्री प्रजापति मामला: डिप्टी SP के खिलाफ FIR दर्ज करने पर SO सस्पेंड

गायत्री प्रजापति मामला: डिप्टी SP के खिलाफ FIR दर्ज करने पर SO सस्पेंड

Last Updated: April 07 2017, 12:17 PM

अमेठी. पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति मामले में डिप्टी एसपी के खिलाफ केस दर्ज करने पर एसओ को शुक्रवार को सस्पेंड कर दिया गया है। गुरुवार को गायत्री प्रजापति पर रेप की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला ने मामले की विवेचक व लखनऊ में डिप्टी एसपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। महिला का आरोप है कि एसपी के निर्देश पर पुलिसकर्मियों ने बेटी को किडनैप कर लखनऊ में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम) कोर्ट में जबरिया बयान दिलवाया है। आगे पढ़िए पूरा मामला... - मामला कर्वी कोतवाली का है। यहां यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति पर गैंगरेप का आरोप लगाने वाली महिला ने मुकदमा दर्ज कराया है। - महिला का आरोप है, एसपी के निर्देश पर घर में घुसकर पुलिसकर्मियों ने बेटी को किडनैप कर लखनऊ में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम) कोर्ट में जबरिया बयान दिलवाया है। - महिला की तहरीर पर मामला दर्ज हुआ। क्या कहना है पुलिस का ? - कर्वी एसओ सत्यपाल सिंह का कहना था, डिप्टी एसपी अमिता सिंह के खिलाफ नामजद और 3 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इनके खिलाफ धारा 363, 506 और 218 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। SP ने SO को किया सस्पेंड - एसपी दिनेश पाल के मुताबिक, कर्वी एसओ सत्यपाल सिंह ने बिना उच्चाधिकारियों की जानकारी के डिप्टी एसपी के खिलाफ केस दर्ज करने पर उन्हें सस्पेंड कर दिया है। साथ ही विभागीय जांच की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुए थे गायत्री अरेस्ट - बता दें, गायत्री प्रजापति तथा उनके 6 अन्य साथियों पर एक महिला से सामूहिक रेप और उसकी बेटी से छेड़खानी करने का आरोप लगा था। - इसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने 17 फरवरी को उनपर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था। - वहीं, 15 मार्च को गायत्री की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। धोखाधड़ी का भी लगा है आरोप - रेप के आरोपी गायत्री प्रजापति के खिलाफ लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया गया था। - मेरठ के परतापुर निवासी राकेश प्रजापति ने गौतमपल्ली थाने में तहरीर दी थी कि उन्होंने 2015 में तत्कालीन परिवहन मंत्री गायत्री को अपने एक रिश्तेदार को नौकरी दिलाने के लिए 6 लाख रुपए दिए थे। - वहीं, काम नहीं होने पर जब वह रुपए वापस मांगे, तो गायत्री ने उन्हें धक्के मारते हुए बेइज्जत किया और बाहर निकलवा दिया था।

मुलायम पर फिर बरसे अमर सिंह, खुद के बारे में कह डाली ऐसी बात

मुलायम पर फिर बरसे अमर सिंह, खुद के बारे में कह डाली ऐसी बात

Last Updated: April 06 2017, 20:09 PM

मिर्जापुर. अमर सिंह ने कहा,सपा में मेरी हालत वेश्या जैसी थी, जिसका लोग भोग तो करते हैं, लेकिन सामाजिक मान्यता नहीं देते। मुलायम सिंह ने खुद में मुझे सामने से आने को रोका, लेकिन ये भी कहा कि अगर जरूरी हो तो पिछले के दरवाजे से आना, चोरों की तरह। बता दें, अमर सिंह बुधवार को राम नवमी के मौके पर जयाप्रदा के साथ विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी के दर्शन करने पहुंचे थे। अब मुलायम से मेरा कोई राजनीतिक संबंध नहीं... अमर ने कहा, अब मुलायम सिंह से मेरा कोई राजनीतिक संबंध नहीं है। मैं गद्दारों की लिस्ट में नाम नहीं लिखवाना चाहता था इसलिए अंत तक उनके साथ रहा। उन्होंने साथ आने से रोका, लेकिन जरूरी होने पर पीछे के चोर दरवाजे से आने को कहा। धृतराष्ट्र की भूमिका में मुलायम अमर सिंह ने कहा कि मुलायम सिंह महाभारत के धृतराष्ट्र की भूमिका में हैं। भारत माता को डायन कहने वाले आजम खान मुलायम के सबसे प्रिय हैं। मेरे साथ अलग व्यवहार किया गया। मुलायम ने मुझसे कहा कि लखनऊ, दिल्ली यहां तक कि सिंगापुर चले जाइए, लंदन चले जाइए, मै वहां चला गया। मेरी बलि देने पर मुलायम को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने पर समझौता अमर ने आगे कहा, आजम, अखिलेश और रामगोपाल ने ने मेरी बलि देने पर तीन महीने फिर से मुलायक सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की बात पर समझौता की बात कही थी। फिर खुद मुलायम ने कहा कि आप मेरे साथ निर्वाचन आयोग नहीं आएंगे। फिर यहां तक कहा कि लखनऊ छोड़ दीजिए, फिर कहा- दिल्ली छोड़कर सिंगापुर, फिर लंदन चले जाइए, मैं चला गया। अमर ने कहा, मुलायम का नेचर ये है कि अगर कोई व्यक्ति शक्तिशाली या तेज धार वाला हो तो पराजित कर दो या उसकी धार कम कर दो। आगे की 5 स्लाइड्स में देखें अमर ने जयाप्रदा के साथ की पूजा, गायों को खिलाया चारा...

Yogi से बार-बार क्यों मिल रही मुलायम की बहू, ये हैं 3 वजहें

Yogi से बार-बार क्यों मिल रही मुलायम की बहू, ये हैं 3 वजहें

Last Updated: April 05 2017, 10:28 AM

लखनऊ. विधानसभा में बीजेपी की जीत से आदित्यनाथ के सीएम बनने तक अपर्णा यादव योगी से तीन बार मुलाकात कर चुकी हैं। जब मुलायम की बहू से पूछा कि क्या वो बीजेपी ज्वाइन कर रही हैं, तो बोलीं - वक्त आने पर जवाब दूंगी। जानें योगी-अपर्णा की मुलाकात पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स...   कारण No.1 अखिलेश यादव को ब्लैकमेल करने की है कोशिश   - वरिष्ठ पत्रकार योगेश त्रिपाठी का कहना है - अपर्णा ने लोकसभा चुनावों के ठीक पहले चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन अखिलेश ने इनका विरोध किया। सपा की हार के बाद इन्होंने बीजेपी की तारीफ की और सपा को बैकफुट पर कर दिया।  - 2017 के चुनाव में शिवपाल के कहने पर मुलायम ने अपर्णा को लखनऊ कैंट से प्रत्याशी बनाया, लेकिन वो हार गईं।  - भाजपा के सत्ता में आने पर उनका योगी से 3 बार मिलना यह बताता है कि यदि सपा में उन्हें वैल्यू नहीं मिलती तो बीजेपी का ऑप्शन खुला है। एक तरह से अखिलेश को ब्लैकमेल कर रही हैं।   कब-कब मिलीं योगी से   - पहली बार 18 मार्च को सीएम बनने की घोषणा के बाद लखनऊ में मिलीं। मुलाकात पूरी तरह से गोपनीय रही, करीब 15 मिनट बातचीत हुई और योगी को बधाई संदेश देकर वापस आईं।  - दूसरी बार 24 मार्च को सीएम पद की शपथ लेने के बाद VVIP गेस्ट हाउस में प्रतीक यादव के साथ मिलीं। मुलाकात 1 घंटे तक चली।  - तीसरी बार 31 मार्च को अपर्णा और प्रतीक अपनी गौशाला - कान्हा उपवन में 2 घंटे तक योगी के साथ रहे।   आगे जानें अपर्णा-योगी मुलाकात पर और क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स...

आजम ने मुलायम-अखिलेश पर किया कमेंट, बोले- बेटे को बाप से शिकायत है, बाप को बेटे से

आजम ने मुलायम-अखिलेश पर किया कमेंट, बोले- बेटे को बाप से शिकायत है, बाप को बेटे से

Last Updated: April 04 2017, 10:58 AM

रामपुर. सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने मुलायम सिंह और अखिलेश यादव की तनातनी पर कहा- बेटे को बाप से शिकायत है, बाप को बेटे से शिकायत है। इन दोनों शिकायतों के बीच जो सबसे बड़ा नुकसान हुआ है, वो मुसलमानों का हुआ है। झगड़े से पूरे मुल्क के मुसलमानों का बड़ा नुकसान - आजम ने मुलायम सिंह के अखिलेश पर कमेंट को लेकर कहा- यह बात वो बहुत पहले से कहते रहे हैं। - बेटे को बाप से शिकायत है बाप को बेटे से शिकायत है। इन दोनों शिकायतों के बीच सबसे बड़ा नुकसान मुसलमानों का हुआ है। - अब मतलब तो वो बेहतर समझेंगे जो नुकसान झेल रहे हैं। इस झगड़े का जो नतीजा निकला है, वो भी नुकसान है। - दिल्ली से बैठ कर जिन लोगों ने इधर से भी और उधर से भी पार्टी को नुकसान पहुंचाया उससे बहुत नुकसान हुआ है। - ये सिर्फ यूपी के मुसलमानों का नहीं पूरे मुल्क के मुसलमानों का बड़ा नुकसान है। कुछ हालातों में मुस्लिम महिलाओं को नौकरी की इजाज़त नहीं दी जाती - आजम खान ने देवबंद के मौलाना के बयान जिसमें उन्होंने, मुस्लिम महिलाओं का नौकरी करना इस्लाम के खिलाफ बताया था उसको लेकर कहा- देखिये अभी तो इसके बार में मालूम नहीं है। इसको मालूम करना होगा। हम जानकारी लेंगे कि किन हालातों में ऐसा कहा गया है। - क्योंकि कुछ हालात ऐसे हैं जिसमें इजाज़त नहीं दी जाती है। कुछ हालात ऐसे भी हैं, जिसमें इजाज़त दी जाती है।

'अखिलेश जी, घंमड तो रावण का भी नहीं रहा...इन 9 रत्नों में घिर गए आप'

'अखिलेश जी, घंमड तो रावण का भी नहीं रहा...इन 9 रत्नों में घिर गए आप'

Last Updated: April 04 2017, 10:26 AM

वाराणसी. सपा नेता सुधीर सिंह ने अखिलेश यादव को लेटर लिखा, अखिलेश जी इतिहास उठाकर देख लें, घमंड तो रावण का भी नहीं रहा तो हम आप क्या चीज हैं? शर्मनाक हार हुई, लेकिन इस हार से सबक नहीं लिया, आप कुछ लोगों के चंगुल में फंसे हुए हैं। जो आपको जमीनी हकीकत पता नहीं चलने दे रहे। आप हार की मंडलवार समीक्षा कर रहे हैं। 5 सालों से आपकी सरकार चलाने वाले 9 रत्नों के गुट की बूथवार समीक्षा कर लें। dainikbhaskar.com ने सुधीर से 7 सवालों के जरिए पूरा मामला जाना। पढ़ें सपा नेता से किए गए सवाल और उनके जवाब... Q. अखिलेश के नौ रत्न कौन थे, जिनकी बात वो मानते रहे और चुनाव हारे। A. एमएलसी आनंद भदौरिया, सुनील साजन, उदयवीर, सन्नी, संजय लाठर, गजेंद्र, अमिताभ बाजपेयी, नीटू (ओएसडी), शिवकुमार (सुरक्षा अधिकारी)। Q. अखिलेश की 5 सबसे बड़ी गलती क्या हैं। A. बेहिसाब घमंड, पिता और बुजुर्गों का अपमान, कॉकस बना कर योजना लाना। कार्यकर्ताओं से दूर रहना। साथियों के समझाने पर आ गए कि मोदी से ज्यादा अखिलेश की लहर है। Q. शिवपाल-मुलायम से कैसे नुकसान हुआ। A. जनता समझ गई कि जो पिता और चाचा की इज्जत नहीं करता वो जनता की क्या करेगा। Q. अखिलेश को लेटर भेजन के बाद किसी का फोन आया। A. हां, जो अखिलेश से दूरी बनाएं हैं उनका फोन आया। सच्चाई पर हर कोई खुश है। Q. पार्टी में अब क्या हो रहा है। A. हार की समीक्षा तक नहीं हुई है, विद्रोह की स्थिति है। Q. आगे क्या-क्या हो सकता है। A. यही स्थिति रही तो पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी छोड़ेंगे, अखिलेश का रवैया कार्यकर्ताओं को पसंद नहीं है। Q. रामगोपाल शकुनी कैसे हैं। उन्होंने ऐसा क्या किया। A. रामगोपाल का बेटा, यादव सिंह प्रकरण में फंसा है। उन्होंने परिवार को तोड़ने के साथ पार्टी में बिखराव लाए। अखिलेश उनकी बातें मानते रहे, जो हार का कारण बना। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें कौन हैं सुधीर सिंह, क्या है बैकग्राउंड...

अखिलेश को पता चली इलेक्शन में हार की वजह, बोले- भितरघातियों को नहीं बख्शेंगे

अखिलेश को पता चली इलेक्शन में हार की वजह, बोले- भितरघातियों को नहीं बख्शेंगे

Last Updated: April 04 2017, 00:25 AM

लखनऊ. विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को मिली हार का राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पता लगाने में लगे हुए हैं। सोमवार को अखिलेश यादव ने 8 जिलों के पदाधिकारियों के साथ जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट में बैठकर रीव्यू किया। इन जिलों के रीव्यू से ही अखिलेश को पता चला कि चुनावों में हार की मुख्य वजह क्या थी। मीटिंग के दौरान ही अखिलेश यादव ने कहा, किसी भी कीमत पर भितरघातियों को नहीं बख्शा जाएगा। भितरघात और अपनों ने दिया धोखा... - मीटिंग में संबंधित जिलों के पदाधिकारियों ने खुलकर अपनी बात को रखा। - रीव्यू के दौरान पता चला कि जिन्हें टिकट नहीं दिया गया और जो नेताओं के साथ बंटे हुए कार्यकर्ता थे, उन्ही के भितरघात की वजह से हार हुई। - मीटिंग में यह बात भी उठी कि जमीनी कार्यकर्ता शिवपाल और अखिलेश गुट में बंटे हुए थे। जिसकी वजह से इतनी बुरी हार का खामियाजा उठाना पड़ा। - यह ऐसे जिले हैं, जिन्हें सपा पार्टी का गढ़ माना जाता है। ये 8 जिले माने जाते हैं सपा के गढ़ - दरअसल, पहले फेज में अखिलेश यादव ने फर्रुखाबाद, इटावा, औरैया, मैनपुरी, फिरोजाबाद, कन्नौज, एटा, कासगंज जिले का रीव्यू इसलिए किया, क्योंकि यह 8 जिले सपा का गढ़ माने जाते रहे हैं। - अब इन जिलों में हुई हार को अखिलेश पचा नहीं पा रहे हैं, ऐसे में उन्होंने पहले उन्ही जिलों का रीव्यू किया, जिन्हें सपा का गढ़ माना जाता है। अखिलेश ने कहा- भितरघातियों को नहीं बख्शेंगे - मीटिंग के दौरान ही अखिलेश यादव ने कहा, किसी भी कीमत पर भितरघातियों को नहीं बख्शा जाएगा। - उन्होंने पदाधिकारियों को संकेत दिए कि जल्द ही ऐसे लोगों की लिस्ट बनाई जाएगी जिन्होंने पार्टी में रहकर सपा को नुकसान पहुंचाया है। पार्टी की 2012 में इन जिलों में ये थी स्तिथि - 2012 में इटावा में 3 सीट थीं, जिस पर सपा का कब्ज़ा था। इसी तरह मैनपुरी में 4 सीट, जबकि फिरोजाबाद में 5 सीटों में से 3 पर सपा का कब्ज़ा था। - वहीं, फर्रुखाबाद में 4 सीटें थी, जिनमें 3 पर सपा का कब्ज़ा था। औरैया, कन्नौज में 3 सीटों पर सपा का कब्ज़ा था। - इसी तरह एटा में 4 सीटों पर, कासगंज में 3 सीटों में से 2 पर सपा और 1 पर बसपा का कब्ज़ा था। 2017 में क्या रही स्तिथि - 2017 में इटावा में 3 सीटों में से 1 सपा के पास, जबकि 2 बीजेपी के पास रही। - मैनपुरी में 4 सीटों में से 1 सीट बीजेपी के पास है, जबकि 3 सपा के पास हैं, औरैया में 3 सीटों में से तीनों बीजेपी के पास चली गई। - फिरोजाबाद में 5 सीटों में से 4 पर बीजेपी और 1 पर सपा को जगह मिली। इसी तरह फर्रुखाबाद में 4 सीटों पर बीजेपी, कन्नौज में 3 सीटों में से 2 पर बीजेपी और 1 पर सपा का कब्ज़ा रहा। - वहीं, एटा की 4 सीटों और कासगंज की 3 सीट पर बीजेपी का कब्ज़ा है।

घमंड तो रावण का नहीं रहा, हम-आप क्या चीज हैं: सपा नेता का अखिलेश को लेटर

घमंड तो रावण का नहीं रहा, हम-आप क्या चीज हैं: सपा नेता का अखिलेश को लेटर

Last Updated: April 03 2017, 08:53 AM

लखनऊ. विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की हार के बाद अखिलेश यादव को उनके नेता ने ही एक लेटर भेजा। इसमें लिखा, अखिलेश जी इतिहास उठाकर देख लें, घमंड तो रावण का भी नहीं रहा तो हम आप क्या चीज हैं? शर्मनाक हार हुई, लेकिन इस हार से सबक नहीं लिया, आप कुछ लोगों के चंगुल में फंसे हुए हैं। जो आपको जमीनी हकीकत पता नहीं चलने दे रहे। आप हार की मंडलवार समीक्षा कर रहे हैं। 5 सालों से आपकी सरकार चलाने वाले 9 रत्नों के गुट की बूथवार समीक्षा कर लें। ये बातें बनारस जनपद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुधीर सिंह लिखी हैं। जिनके पास साईकिल नहीं थी, अब BMW से चलते हैं... - सुधीर सिंह ने लिखा, जिनके पास साइकिल नहीं थी, वे अब बीएमडब्ल्यू के काफिले में चल रहे हैं। - आपको 9 रत्नों ने यह समझा दिया कि आपकी लहर 2014 की मोदी लहर से भी ज्यादा चल रही है। - एक जनवरी को जनेश्वर मिश्र पार्क में हुआ सम्मेलन आपके पतन का कारण था। उस दिन अधिकांश समाजवादियों के घर चूल्हे नहीं जले थे। शकुनि हैं रामगोपाल यादव - सुधीर ने लिखा, घमंड के चलते आपने संघर्ष के बलबूते पार्टी को खड़े करने वाले शिवपाल यादव को दो-दो बार बेइज्जत करके बाहर निकाला। - जिस मुलायम सिंह यादव ने अपनी जीवनभर की कमाई आपको सौंप दी, शकुनि रामगोपाल यादव के कहने से आप उन्हें अध्यक्ष पद से हटाकर खुद अध्यक्ष बन गए। - आप घमंड में इतने चूर थे कि चार-चार विधायक रहे लोगों का टिकट काटकर कल के लड़कों को टिकट दे दिया। - दुनिया में शायद ही कोई बेटा होगा जो अपने पिता और चाचा को गालियां दिलवाता हो और उसके बाद विजयी मुस्कान से मुस्कुराता हो। - आपके चाटुकारों ने आपको समझा दिया, यूपी की जनता आपको इतना प्यार करती है कि कोई भी कुत्ते-बिल्ली को चुनाव लड़ा दो, तो आपके नाम से जीत जाएगा। चाचा-पिता ने भी अखिलेश पर साधा निशाना - बता दें, सपा पार्टी के नेता शिवपाल यादव ने भी रविवार को अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, जो बच्चे बाप की बात नहीं मानते वो तरक्की नहीं करते। - वहीं मुलायम सिंह यादव ने भी शनिवार को मैनपुरी में कहा था, मोदी ने कहा था- जो बेटा अपने बाप का नहीं हो सकता, वो किसी का नहीं हो सकता। अखिलेश ने मोदी को ये कहने का मौका दिया। आगे की स्लाइड्स में देखें- सपा नेता ने लेटर में क्या लिखा...

चीफ जस्टिस खेहर बोले- दिल की बात सुनें पीएम; मोदी ने कहा: मन से सुन रहा हूं

चीफ जस्टिस खेहर बोले- दिल की बात सुनें पीएम; मोदी ने कहा: मन से सुन रहा हूं

Last Updated: April 02 2017, 18:45 PM

इलाहाबाद. नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150th एनिवर्सरी प्रोग्राम में शिरकत की। प्रोग्राम में डिप्टी सीएम केशव मौर्या, चीफ जस्टिस जीएस खेहर और यूपी के गवर्नर राम नाइक भी शामिल हुए। इस मौके पर CJI खेहर ने कहा, पीएम मुझे दिल की बात करने दें। स्पीच के बाद मोदी ने कहा, मैं मन से सुन रहा था। दरअसल, CJI जजों पर काम के बोझ की प्रॉब्लम का जिक्र कर रहे थे। PM ने कहा, मोबाइल SMS से तारीख मिलने की सुविधा मिलनी चाहिए। जेल को कोर्ट से जोड़ने से काफी फायदा होगा। जेल से कैदियों को लाने-ले जाने में काफी समय लगता है। भारत के न्याय विश्व में इलाहाबाद का 150 साल पुराना तीर्थक्षेत्र... - मोदी ने कहा, 150 साल इस समारोह का आज समापन हो रहा है। लेकिन साल भर चला ये समारोह समापन के साथ नई ऊर्जा, नई प्रेरणा, नए संकल्प और नए भारत के सपने को पूरा करने की ताकत बन सकता है। - भारत के न्याय विश्व में इलाहाबाद का 150 साल पुराना तीर्थक्षेत्र है। यहां आने को मैं अपना गौरव मानता हूं। चीफ जस्टिस साहब अपना अनुभव सुना रहे थे, मैं मन से सुन रहा था। - मुझे यकीन है कि उनके संकल्प पूरे होंगे। जहां तक सरकार का सवाल है, जिस संकल्प को आप प्रेरित कर रहे हैं, हम उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे। - जब इलाहाबाद कोर्ट के 100 साल हुए थे, तब राष्ट्रपति राधाकृष्णन यहां आए थे। उन्होंने कहा था-कानून एक ऐसी चीज है, जो लगातार बदलती रहती है। कानून लोगों के स्वभाव और पारंपरिक मूल्यों के अनुकूल होना चाहिए। कानून को चुनौतियों का ध्यान रखना चाहिए। किस तरह की जिंदगी हम गुजारना चाहते हैं, कानून का क्या कहना है। कानून का लक्ष्य है- हर नागरिक का कल्याण। केवल अमीर का ही नहीं। इसे ही पूरा किया जाना चाहिए। - गांधीजी कहते थे कि हम कोई भी निर्णय करें तो इसकी कसौटी क्या हो। वे कहते थे कि अगर फैसला लेने में दुविधा हो तो सोचिए कि आखिरी छोर पर बैठे शख्स पर इसका असर क्या होगा। आप सही फैसला ले पाएंगे। 1200 कानून खत्म किए - मोदी ने कहा, गांधीजी ने आजादी के वक्त लोगों की उनकी क्षमता के हिसाब से ढाल दिया था। वकीलों का भी इसमें योगदान रहा है। गांधीजी ने आजादी का जज्बा जगाया। - 2022 में आजादी के 75 साल हो रहे हैं। क्या इलाहाबाद से देश को प्रेरणा मिल सकती है। क्या हम कोई रोडमैप तय कर सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि लोग ऐसा नहीं कर सकते। - 2022 में हम गांधीजी-राधाकृष्णन के मूल्यों पर देश को आगे ले जा सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि देश के सवा सौ करोड़ लोगों का सपना देश को सवा सौ करोड़ कदम आगे ले जा सकता है। - पहले मैंने कहा था- कि मुझे ये तो नहीं पता कि कितने कानून बनाऊंगा लेकिन रोज एक कानून खत्म करूंगा। अब तक 1200 कानून खत्म कर दिए हैं। - मोदी ने कहा, टेक्नोलॉजी से जीवन आसान हो गया है। कौन से केस में क्या फैसला हुआ, गूगल गुरु में सब देखा जा सकता है। - मोबाइल SMS से तारीख मिलने की सुविधा मिलनी चाहिए। जेल को कोर्ट से जोड़ने से काफी फायदा होगा। जेल से कैदियों को लाने-ले जाने में काफी समय लगता है। योगी जी आए हैं, उम्मीद है इस दिशा में कुछ करेंगे। क्या बोले CJI खेहर - CJI खेहर ने अपनी स्पीच में जजों पर पड़ने वाले काम के बोझ के बारे में बात की। - उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट की समर वेकेशन के दौरान भी 3 बेंच बैठेंगी, ताकि पेंडिंग पड़े केस का निपटारा हो सके। - CJI ने अपील की कि छुट्टियों के दौरान भी 5 दिन जज केसेस की सुनवाई करें और कम से कम एक दिन में 10 केस का निपटारा हो। - इस तरह से हजारों छोटे मैटर्स का निपटारा हो सकेगा। और, लंबे समय से जो केस अटके पड़े हैं, उनमें कमी आएगी। समर वेकेशंस में ट्रिपल तलाक पर सुनवाई के लिए SC मे 5 जजों की 3 बेंच बनाई गई हैं। - एक संविधान पीठ भी ट्रिपल तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह जैसे मसलों पर पिटिशंस की सुनवाई करेगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के 67 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा, जब संविधान पीठ गर्मी की छुट्टियों में सुनवाई करेगी। न्यायपालिका की भूमिका अहम - योगी ने कहा, कानून शासकों का भी शासक होता है। उससे ऊपर कोई नहीं है। - न्यायपालिका की भूमिका अहम है। न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच शक्तियों का अलग होना जरूरी है। - न्याय, न्याय प्रक्रिया पर विद्वानों का चिंतन हमारा मार्गदर्शन करने में सक्षम है। हमेशा से न्यायपालिका, विधायिका एक-दूसरे के पूरक रहे हैं। - ये गौरव का विषय है कि मनीषियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हमेशा मार्गदर्शन किया है। - माननीय न्यायपालिका ने ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए जिन्होंने देश की दिशा बदली। - इलाहाबाद हाईकोर्ट में 9 लाख मामले हैं। जब कोर्ट की स्थापना हुई थी तो 6 जज थे। अब यहां 160 जज हैं। ड्रोन कैमरों से रखी गई नजर - प्रोग्राम की सिक्युरिटी के लिए एसपीजी कई दिनों से इलाहाबाद में है। एयरपोर्ट से लेकर समारोह स्थल तक चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात थे। - हाईकोर्ट के आसपास की बिल्डिंग को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। इलाहबाद एसएसपी शलभ माथुर के मुताबिक, ड्रोन कैमरों से भी हाईकोर्ट के आसपास नजर गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट का इतिहास - इलाहाबाद हाईकोर्ट एशिया का सबसे बड़ा और सबसे पुराना हाईकोर्ट है। इसकी स्थापना 17 मार्च 1866 में हुई थी। सर वॉल्टर मॉर्गन इलाहाबाद हाईकोर्ट के पहले चीफ जस्टिस थे। - उस वक्त सिर्फ 6 जज ही थे, लेकिन अब यहां जजों के 160 पद हैं। इसके अलावा करीब 17 हजार वकील हाईकोर्ट से जुड़े हुए हैं, लेकिन उस वक्त महज दर्जन भर ही वकील थे। - ये देश का पहला हाईकोर्ट है, जिसके पास अपना म्यूजियम और आर्काइव गैलरी है। - लखनऊ में इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच है। स्थापना के वक्त हाईकोर्ट आगरा में था।

जो बच्चे बाप की बात नहीं मानते, तरक्की नहीं करते: शिवपाल का अखिलेश पर निशाना

जो बच्चे बाप की बात नहीं मानते, तरक्की नहीं करते: शिवपाल का अखिलेश पर निशाना

Last Updated: April 02 2017, 17:31 PM

इटावा.​ समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव ने अखिलेश यादव पर रविवार को निशाना साधा। उन्होंने कहा, जो बच्चे बाप की बात नहीं मानते वो तरक्की नहीं करते। बता दें, मुलायम सिंह यादव ने भी शनिवार को मैनपुरी में कहा था, मोदी ने कहा था- जो बेटा अपने बाप का नहीं हो सकता, वो किसी का नहीं हो सकता है। अखिलेश ने मोदी को ये कहने का मौका दिया। नई पीढ़ी को पीड़ा नहीं देनी चाहिए... - शिवपाल यादव अपनी कॉन्स्टीट्वेंसी के जसवंतनगर में एक स्कूल के प्रोग्राम में पहुंचे। यहां उन्होंने मुलायम सिंह के मैनपुरी में अखिलेश पर दिए बयान का समर्थन किया। - उन्होंने कहा, नई पीढ़ी को पीड़ा नहीं देनी चाहिए। संस्कार और नैतिकता पर चलना चाहिए। - जो बच्चे बाप की बात नहीं मानते वो तरक्की नहीं कर सकते। जो बिना मेहनत के पाते हैं बड़ी जिम्मेदारी नहीं निभा पाते। मैं नेताजी के साथ हूं। रिवर फ्रंट की जांच से कोई फिक्र नहीं - शिवपाल ने उन्होंने गोमती रिवर फ्रंट की जांच को लेकर कहा, मैंने नियम से काम किया है। मुझे कोई चिंता नहीं है। - बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ सिंह ने शनिवार को गोमती रिवर फ्रंट की जांच के ऑर्डर दिए थे। - गोमती रिवर फ्रंट का काम पीडब्लूडी देख रही है और अखिलेश सरकार में शिवपाल काफी वक्त तक पीडब्लूडी मिनिस्टर थे। मुलायम ने कहा था- अखिलेश के पास दिमाग है, वोट नहीं - बता दें कि मुलायम सिंह ने शनिवार को मैनपुरी में अखिलेश यादव पर कमेंट करते हुए कहा था, मोदी ने कहा था, जो बेटा अपने बाप का नहीं हो सकता, वो किसी का नहीं हो सकता है। अखिलेश ने मोदी को कहने का मौका दिया। - मेरी जिंदगी में ये मेरा सबसे बड़ा अपमान था। अखिलेश ने अपने ही चाचा को मंत्री पद से हटा दिया। पारिवारिक कलह का पीएम मोदी को फायदा मिला। - कोई बाप अपने बेटे को मुख्यमंत्री नहीं बनाता, लेकिन मैंने उसे बनाया। देश में किसी और नेता ने अब तक ऐसा नहीं किया। - अखिलेश के पास बुद्धि है पर वोट नहीं है। अखिलेश ने कांग्रेस से गठबंधन किया, जिसने मुझ पर तीन बार जानलेवा हमला करवाया था। मैं अब अखिलेश के भरोसे नहीं जनता के भरोसे पर रहूंगा।

EVM विवाद पर अखि‍लेश यादव ने किया ट्वीट, जांच की मांग की

EVM विवाद पर अखि‍लेश यादव ने किया ट्वीट, जांच की मांग की

Last Updated: April 02 2017, 10:33 AM

लखनऊ. मध्य प्रदेश के भिंड में VVPAT (वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) की चेकिंग के दौरान ईवीएम में गड़बड़ी के मामले में यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने जांच की मांग की है। अखिलेश ट्वीट कर कहा- बात सिर्फ ईवीएम मशीन की जांच की नहीं, चुनावी प्रक्रिया में जनता के विश्वास की है। दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, There should be an inquiry after electronic voting machines in Madhya Pradesh were only dispensing BJP slips. क्या है मामला... - मध्य प्रदेश के भिंड में VVPAT (वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) की चेकिंग के दौरान ईवीएम के दो अलग-अलग बटन दबाने पर कमल का फूल प्रिंट हुआ। - मामले में इलेक्शन कमीशन ने रिपोर्ट मांगी है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी शनिवार को इलेक्शन कमीशन (ईसी) से शिकायत की। - अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब बीजेपी सारे इलेक्शन जीतेगी और ईवीएम के दलदल से कमल खिलेगा। उधर, दिग्विजय ने कहा कि मुझे शुरू से ही ईवीएम पर भरोसा नहीं था। - लालू प्रसाद यादव ने कहा कि यह बहुद बड़ा स्कैम है। इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर भिंड में गलती से हुआ तो दूसरी पार्टी का चुनाव चिह्न प्रिंट क्यों नहीं होता? - अब यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी ईवीएम केस की जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह जनता के भरोसे का सवाल है। क्या है EVM कॉन्ट्रोवर्सी? - मायावती ने यूपी इलेक्शन में हार के बाद कहा था कि चुनाव जनता ने नहीं, ईवीएम ने हराया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 325 सीट जीतकर भी बनावटी मुस्कराहट से साफ होता है कि चुनाव धांधली कराकर जीता है। - उत्तराखंड में हार के बाद हरीश रावत ने कहा था कि मोदी क्रांति और ईवीएम के चमत्कार को सलाम करता हूं। - वहीं, केजरीवाल ने कहा था, पंजाब में AAP का 20 से 25% वोट ईवीएम के जरिए अकालियों को ट्रांसफर हो गया। मेरा मानना है कि हम जीत रहे थे और ईवीएम में गड़बडी के असली कारण क्या थे, इसका मुझे पता नहीं है। अगर ईवीएम में गड़बड़ी की जाती है तो चुनावों का क्या मतलब। हमें पंजाब में सत्ता से बाहर रखने के लिए सारा खेल किया गया। - EVM विवाद के बाद इलेक्शन कमीशन ने कहा था कि मशीन को 2 बार चेक किया जाता है। उसे कैंडिडेट के सामने जांचा और सील किया जाता है। काउंटिंग से पहले भी ईवीएम को कैंडिडेट्स के सामने खोला जाता है। - बता दें कि 1980 में इलेक्शन कमीशन ने राजनीतिक दलों को EVM दिखाई थी। लेकिन 24 साल बाद 2004 के लोकसभा चुनाव में इसका पूरे देश में इस्तेमाल शुरू हो सका।

20 साल तक राजनीति भूल जाएं माया-मुलायम, केंद्र में PM मोदी- यूपी में CM योगी ही रहेंगे: कैब‍िनेट मंत्री

20 साल तक राजनीति भूल जाएं माया-मुलायम, केंद्र में PM मोदी- यूपी में CM योगी ही रहेंगे: कैब‍िनेट मंत्री

Last Updated: March 31 2017, 17:26 PM

लखनऊ. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार में सभी मंत्रियों को उनके विभाग मिल चुके हैं। लखनऊ मध्य से चुनाव लड़कर 17वीं विधानसभा में पहुंचे बीजेपी विधायक बृजेश पाठक को राजनीतिक पेंशन और अतिरिक्त ऊर्जा विभाग दिया गया है। dainikbhaskar.com से खास बातचीत में कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक ने बताया कि जो विभाग उन्हें मिला है, उसमें ईमानदारी से काम करूंगा। केंद्र में पीएम मोदी और यूपी में सीएम योगी ही रहेंगे। 20 साल के लिए राजनीति भूल जाएं माया-मुलायम। आगे पढ़ें बृजेश पाठक से हुई बातचीत में उन्होंने क्या कहा... Q.1 विधायक से कैबिनेट मंत्री बनने के बाद, क्या जिम्मेदारी बढ़ गई है? A.जिम्मेदारियों को उठाने के लिए ही राजनीति में आया हूं। अब सरकार हमारी है सबकी समस्याओं को दूर किया जाएगा। Q.2 सपा-कांग्रेस गठबंधन के बाद उनके उम्मीदवारों के सामने जीत हासिल करने की कोई खास टेक्नीक ? A. सपा-कांग्रेस कभी रेस में थे ही नहीं। मैं विधायक अपनी और पार्टी के कार्यकर्ताओं की मेहनत से बना। बीजेपी की तुलना घोटालेबाज, भ्रष्टाचारियों से नहीं की जा सकती है। Q.3 कैबिनेट मंत्री पद तो मिला है, क्या आपको लगता है कि कुछ और विभाग भी मिलने चाहिए थे? A. मुझे जो विभाग मिला है, वो सबसे बड़े हैं। सौर ऊर्जा देश का भविष्य है। प्रदेश में मुफ्त बिजली का सबसे सही तरीका सोलर प्लान्ट ही है, जो कि मेरे पास है। मैं इसे ईमानदारी से निभा रहा हूं। Q.4 कैबिनेट मंत्री बनने के बाद लोगों की समस्याओं को दूर करने के बारे में क्या सोचा है ? A. लखनऊ की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक और सड़कों-नालियों की गंदगी हैं। मैप तैयार कर लिया गया है। अब जल्दी ही आपको सड़कों और नालियों में पूरी सफाई देखने को मिलेगी। साथ ही ट्रैफिक को दूर करने के लिए चर्चा करूंगा। Q.5 क्या अभी तक आपके विभाग में कोई अनियमितता या घोटाला सामने आया? A. अभी शुरुआत है, सपा-बसपा की बीमारियों को दूर करने का वादा सीएम योगी भी कर चुके हैं। जल्दी ही रिजल्ट सबके सामने होगा। आगे की स्लाइड में पढ़ें बृजेश पाठक किन सवालों के क्या दिए जवाब...

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