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नरेंद्र मोदी

पढ़ें प्रधान मंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी की ताजा खबरें दैनिक भास्कर के इस पेज पर । Read Latest News of Prime Minister Narendra Modi on this page.

अखिलेश को करना चाहिए आराम, जल्‍दी-जल्‍दी दे रहे बयान: केशव प्रसाद मौर्य

अखिलेश को करना चाहिए आराम, जल्‍दी-जल्‍दी दे रहे बयान: केशव प्रसाद मौर्य

Last Updated: April 26 2017, 20:22 PM

आगरा. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बुधवार को ताजनगरी पहुंचे। उन्होंने कहा, जिस दिन मैं डिप्टी सीएम बना, मैंने पार्टी अध्यक्ष को अपना प्रदेश अध्यक्ष पद का इस्तीफा सौंप दिया था। अब जैसे ही प्रदेश में नए अध्यक्ष का चयन होगा, मैं उसको चार्ज सौंप दूंगा। अखिलेश को करना चाहिए आराम केशव मौर्य ने अखिलेश यादव के पत्रकार पर भड़कने के सवाल पर कहा, अखिलेश को जनता नकार चुकी है। वह जल्दी-जल्दी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उन्हें कुछ दिन आराम करना चाहिए। जनता उनकी बातों को सीरियसली नहीं ले रही है। आगरा हिंसा पर हुई चर्चा - केशव ने यहां सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान जिले के विकास कार्य की समीक्षा हुई और पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। - शाम को वह भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह में पहुंचे। उनसे मिलने के लिए भाजपा के सांसद और विधायक पहुंचे। उन्होंने फतेहपुर सीकरी और थाना सदर में हुई बवाल पर चर्चा की। - नेताओं ने शिकायत की कि इस मामले में पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के नेताओं व कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बेरहमी से पीटा है। इलाज भी ठीक से नहीं मिल रहा है। निष्पक्षता से जांच का दिया भरोसा - बाद में उन्होंने आगरा बवाल पर मीडिया से कहा, हिंदूवादियों पर गलत मुकदमे की जांच निष्पक्षता से होगी। आवश्यक कार्रवाई होगी। दोषी पुलिसकर्मी और थानेदार पर जरुरत पड़ने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का भी मनोबल नहीं गिरने दिया जाएगा। दोनों के बीच में सामंजस्य बनाए रखते हुए हमारी सरकार का प्रयास है कि जो घटना घटी वह दुर्भाग्यपूर्ण थी। - उन्होंने कहा, अधिकारियों व जनप्रतिनिधि के साथ बैठक में आगरा को मॉडर्न जिला बनाने पर चर्चा हुई है। भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के लिए ही ई-टेंडरिंग करवाई जा रही है। - प्रदेश में जिन भू-माफियाओं ने सरकारी जमीनों पर अवैध रुप से कब्जा किया है उन सबको चिन्हित करके उन पर भी कदम उठाने का फैसला हुआ है। आगे की स्लाइड्स में देखें केशव मौर्य की कॉन्फ्रेंस की 2 फोटोज...

कैंसर पीड़ित ये जवान पैसे की वजह से नहीं करा पा रहा इलाज, PM से लगाई गुहार

कैंसर पीड़ित ये जवान पैसे की वजह से नहीं करा पा रहा इलाज, PM से लगाई गुहार

Last Updated: April 26 2017, 18:08 PM

वाराणसी. यूपी के भदोही में इलाज करा रहे सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान रमाशंकर पाल को ब्लड कैंसर है। वह पिछले 20 दिनों से जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। डिपार्टमेंट ने 50 हजार रुपए की मदद की, जो नाकाफी है। रमाशंकर ने dainikbhaskar.com के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मदद की गुहार लगाई है। 20 दिन पहले छुट्टी लेकर आया घर रमाशंकर यूपी के जौनपुर में रहते हैं। वह 32वीं वाहिनी एसएसबी आसाम के हवली में पोस्टेड हैं। उन्होंने बताया, 20 दिन पहले आसाम में तबीयत खराब हुई। छुट्टी लेकर गांव आ गया। काफी इलाज करने के बाद भी ठीक नहीं हुआ तो परिवार के लोग दिल्ली के तछशिला हॉस्पिटल लेकर गए, जहां पता चला की मुझे ब्लड कैंसर है। वहां इलाज के लिए 2 लाख 11 हजार रुपए पहली बार में मांगे गए। पैसा नहीं होने की वजह से 23 अप्रैल को बीएचयू में एडमिट हुआ। यहं ब्लड कैंसर का इलाज नहीं होने और पैसे की कमी के कारण छोटे से जिले भदोई में ब्लड चढ़ाने के लिए मुझे हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा। नेताओं ने दिया आश्वासन जवान की मदद के लिए हमारी टीम ने योगी सरकार में राज्य मंत्री नीलकंठ तिवारी से बात की। उन्होंने कहा, इसके लिए उनके सांसद लिखेंगे तो पीएम मदद कर सकते हैं और विधायक लिखेंगे तो सीएम मदद कर सकते हैं और हम पैरवी कर देंगे। वैसे इस समय विधायक भी कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि फंड रिलीज नहीं हुआ है। वहीं, अपना दल और भाजपा से मड़ियाहूं की विधायक डॉ. लीना तिवारी ने कहा, मुझे इस बात की अब तक जानकारी नहीं थी। पता लगाती हूं और इलाज के लिए स्वास्थ्य मंत्री अनुप्रिया पटेल से बात करूंगी। हर संभव मदद की जाएगी। 2013 में ज्वाइन किया एसएसबी बता दें, रामशंकर ने 2013 में एसएसबी ज्वाइन किया। 2014 में ट्रेनिंग पूरी कर वो आसाम चला गया। पिता मोनइ राम पाल मामूली किसान हैं। तीन बड़े भाईयों में रामशंकर सबसे छोटा है। 15 नवंबर 2016 को मडियाहू में उसकी शादी सुनीता से हुई है, जो गौना न होने के कारण अभी ससुराल नहीं आई है। कोई नहीं कर रहा मदद पिता ने बताया, किसी तरह 4 बेटियों की शादी की, अब पैसे नहीं बचे की इलाज करवा पाऊं। मां हीरावती ने बताया, बेटा देश की सेवा करे तो सबका सीना चौड़ा था, आज तिल-तिल मर रहा है, तो कोई मदद को आगे नहीं आ रहा है। एक बेटी की शादी भी अभी करना है। आगे की स्लाइड्स में देखें खबर से रिलेटेड 3 फोटोज...

''मेरे बेटे ने 5 नक्सलियों को मार गिराया है, अब अपने पोते को भी फौज में भेजूंगी''

''मेरे बेटे ने 5 नक्सलियों को मार गिराया है, अब अपने पोते को भी फौज में भेजूंगी''

Last Updated: April 25 2017, 13:11 PM

बुलंदशहर. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सोमवार को हुए नक्सली हमले में 25 जवान शहीद हो गए। इसमें यूपी के बुलंदशहर के रहने वाले शेर मोहम्मद भी घायल हुए हैं। शेर मोहम्मद CRPF (सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स) की उस टुकड़ी में थे, जिस पर पीपुल्स लिबरेशन ऑफ गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) के नक्सलियों ने हमला किया। शेर घायल होने के बाद भी डटे रहे और 5 नक्सलियों को मार गिराया। साथ ही अपने अपने कई साथियों की जान भी बचाई। फिलहाल उनका इलाज रायपुर के हॉस्पिटल में चल रहा है। वहीं, यूपी में उनके बुलंदशहर स्थित घर पर प्रार्थनाओं का दौर शुरू हो गया है। उनकी मां फरीदा ने कहा कि मेरे बेटे ने 5 नक्सलियों को मारा है। मुझे उस पर गर्व है। पूरा गांव उसके लिए प्रार्थना कर रहा है। बेटे पर है मां को गर्व... - शेर मोहम्मद की मां फरीना बीबी ने बताया कि उन्हें आज अपने बेटे पर सबसे ज्यादा गर्व है। उनका बेटा अपनी धरती मां को बचाने के लिए नक्सलियों से भिड़ गया और घायल हो गया। - फरीना बताती हैं कि उनके बेटे ने 5 नक्सलियों को मार गिराया और अपने घायल साथियों को बचाने के लिए खुद भी घायल हो गया। उन्हें अपने बेटे पर नाज है। - वहीं, गांव में हर तरफ शेर मोहम्मद की बहादुरी की चर्चा हो रही है। शेर को लगी 5 गोलियां - फरीना ने बताया कि उन्हें टीवी पर न्यूज से पता चला कि नक्सलियों ने हमला कर दिया है, जिसमें उनका बेटा शेर मोहम्मद भी घायल हो गया है। इसके बाद शेर की खबर लेने के लिए बटालियन में फोन किया तो उन्होंने बताया कि रायपुर के एक हॉस्पिटल में वो एडमिट हैं और उन्हें 5 गोलिया लगी हैं। कई बार नक्सलियाें से लोहा ले चुके हैं शेर मोहम्मद - बुलंदशहर के गांव आसिफाबाद चांदपुरा के रहने वाले शेर मोहम्मद छत्तीसगढ़ में पिछले 4 साल से तैनात हैं। वे कई बार नक्सलियों से लोहा ले चुके हैं। - शेर के अलावा उनके पिता नूर मोहम्मद राजपुताना बटालियन में रहकर देश की सेवा कर चुके है। चाचा अब्दुल सलाम भी फौजी हैं। इसके अलावा शेर के भाई मुबारक अली आरटीओ में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। - गांव के सभी लोगों की जुबां पर बस यही दुआ है कि शेर मोहम्मद जल्दी से स्वस्थ होकर उनके बीच आ जाएं। पोते को भी फौज में भेजना चाहती हैं फरीना - फरीना बीबी का कहना है कि देश सेवा करते-करते उनके पति की मौत हो चुकी है। शेर के अलावा उनका एक बेटा इंस्पेक्टर तो दूसरा 74वीं बटालियन में सिपाही है। - यही वजह है कि अब वह अपने पोते को भी देश सेवा के लिए फौज में शामिल कराना चाहती हैं। शेर ने बताया- नक्सलियों ने गांववालों को आगे कर दिया था - DainikBhaskar.com से बातचीत में घायल जवान शेर मोहम्मद ने हमले की पूरी कहानी बयां की। शेर ने बताया, सबसे पहले नक्सलियों ने हमारी लोकेशन पता की। गाय-भैंस चराने वाले गांववाले हमारी पार्टी के बगल से निकले और उसके 15 मिनट बाद ही फायरिंग शुरू हो गई। करीब साढ़े तीन घंटे तक फायरिंग चली। - सीआरपीएफ के जवान पोजिशन लेकर बैठे थे। 150 मीटर दूर जंगल में नक्सली भी बैठे हुए थे। चारों तरफ घना जंगल है, जिसमें 10 फीट दूर देखना भी मुश्किल है। जब हम पर फायरिंग हुई, तो हमने नक्सलियों को भागते देखा। इसके बाद हमने भी जवाबी फायरिंग की। - गांववालों की पोशाक पहने लोग भी गोली चला रहे थे। महिलाएं भी गोलियां चला रही थीं। उनके पास एके-47, एसएलआर जैसे ऑटोमेटिक हथियार थे। ऐसे में हमारे सामने मुश्किल थी कि गांववालों पर कैसे गोली चलाएं। हमने नक्सलियों पर निशाना लगाकर फायरिंग की। करीब 25-30 नक्सलियों को हमने पक्का मार गिराया है। 4-5 को तो मैंने ही मारा है। घायल साथी को बंकर तक पहुंचाया - सौरव कुमार को कंधे पर गोली लगी थी। हमारे पास इन्फॉर्मेशन आई कि मोबाइल बंकर के पास हेलिकॉप्टर आएगा, जहां से घायलों को रायपुर ले जाएंगे। मैं सौरव को लेकर जा रहा था। मुझे सीने पर गोली मारी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट होने की वजह से मैं बच गया। - हमले के वक्त भगदड़ मच जाती है। जवान बेस कैंप की ओर मूव करते हैं। इस दौरान आड़ लेकर फायरिंग करते हैं। इसके चलते भी जवान बिखर जाते हैं। 8 जवान हैं लापता - बता दें, सोमवार को चिंतागुफा और बुरकापाल के करीब सड़क बनाई जा रही थी। सीआरपीएफ की पेट्रोल पार्टी को यहां सिक्युरिटी में लगाया गया था। दोपहर 12.25 बजे सीआरपीएफ की 74th बटालियन पर करीब 300 नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया। सीआरपीएफ अफसर के मुताबिक पेट्रोल पार्टी में 99 जवान थे। फायरिंग में 25 जवान शहीद हो गए, 6 घायल और 8 लापता हैं। - हमले के बाद सीएम रमन सिंह दिल्ली दौरा छोड़कर देर शाम रायपुर पहुंचे और अफसरों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की। पीएम, प्रेसिडेंट, होम मिनिस्टर ने इस हमले पर अफसोस जाहिर किया। - वहीं, नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, सीआरपीएफ जवानों की बहादुरी पर हमें फख्र है, उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। - राजनाथ सिंह ने कहा, ये कायरतापूर्ण हरकत है। वे नहीं चाहते कि विकास हो। वामपंथी उग्रवादियों द्वारा किया गया ये कोल्ड ब्लडेड मर्डर है। - हम क्या कर रहे हैं, ये स्ट्रैटजी कभी डिस्क्लोज नहीं की जाती। ये दोषारोपण करने का वक्त नहीं है। हमने हमले को चुनौती के तौर पर लिया है। - हमारे बहादुर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। नक्सली अपने मंसूबे में कभी कामयाब नहीं होंगे। - अफसरों से पूरी बात हो गई है। रणनीति बनाई गई है। 8 मई को स्ट्रैटजी का रिव्यू किया जाएगा। - राज्य और केंद्र सरकार के ऑपरेशन के चलते नक्सलियों में फ्रस्ट्रेशन है। - राजनाथ ने रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल जाकर जवानों का हालचाल भी जाना। इस दौरान रमन भी मौजूद रहे। इन जवानों की हुई शहादत 1. इंस्पेक्टर रघुवीर सिंह, पंजाब 2. एसआई- केके दास, प.बंगाल 3. एएसआई- संजय कुमार, हिमाचल 4. एएसआई- रामेश्वर लाल, राजस्थान 5. एएसआई ; नरेश कुमार, हरियाणा 6. हेड कांस्टेबल- सुरेंद्र कुमार, हिमाचल 7. हेड कांस्टेबल- बन्नाराम, राजस्थान 8. हेडकांस्टेबल- केपी सिंह, उत्तर प्रदेश 9. हेडकांस्टेबल- नरेश यादव, बिहार 10. हेडकांस्टेबल- पद्मनाभन, तमिलनाडु 11. कॉन्स्टेबल- सौरभ कुमार, बिहार 12. कॉन्स्टेबल- अभय मिश्रा, बिहार 13. कॉन्स्टेबल- बनमाली राम, छत्तीसगढ़ 14. कॉन्स्टेबल-एनपी सोनकर, मध्यप्रदेश 15. कॉन्स्टेबल-केके पांडे, बिहार 16. कॉन्स्टेबल-विनय चंद्र बर्मन, प. बंगाल 17. कॉन्स्टेबल-पी अलगु पांडी, तमिलनाडु 18. कॉन्स्टेबल- अभय कुमार, बिहार 19. कॉन्स्टेबल- सेंथिल कुमार, तमिलनाडु 20. कॉन्स्टेबल-एन तिरुमुरगन, तमिलनाडु 21. कॉन्स्टेबल- रंजीत कुमार, बिहार 22. कॉन्स्टेबल- आशीष सिंह, झारखण्ड 23. कॉन्स्टेबल- मनोज कुमार, उत्तर प्रदेश 24. कॉन्स्टेबल- अनूप कर्मकार, प. बंगाल 25. कॉन्स्टेबल- राममेहर, हरियाणा आगे की स्लाइड्स में देखिए, शेर मोहम्मद और उनकी फैमिली की फोटोज...

वाजपेयी के वक्त बातचीत जहां छूटी थी, वहीं से शुरू होनी चाहिए: महबूबा

वाजपेयी के वक्त बातचीत जहां छूटी थी, वहीं से शुरू होनी चाहिए: महबूबा

Last Updated: April 24 2017, 16:11 PM

नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती ने नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बातचीत करीब आधे घंटे चली। मुलाकात के बाद महबूबा ने कहा, लोगों से बातचीत होनी चाहिए। इससे ही रास्ता निकलेगा। इससे पहले एक अफसर ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों को जुटाने के लिए 300 वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए थे। हर ग्रुप में करीब 250 मेंबर्स थे। इनका मकसद सिक्युरिटी फोर्सेस के एनकाउंटर ऑपरेशन को बंद करना था। बता दें कि बीते दिनों पुलवामा के एक स्कूल में आर्मी की कार्रवाई के बाद स्टूडेंट्स ने भी फोर्सेस के खिलाफ पत्थरबाजी की थी। कल महबूबा यूनिफाइड कमांड की बैठक करेंगी। अपने लोगों से बातचीत होनी चाहिए... - महबूबा ने कहा, राज्य में जो हालात खराब हुए, उन पर चर्चा हुई। इसमें हमारा जो अलायंस है, उस पर चर्चा हुई। मैंने पीएम को बताया कि सिंधु जल समझौते के चलते हमें नुकसान होता है। अपने लोगों से बातचीत होनी चाहिए। इससे ही रास्ता निकलेगा। - हम एक ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं कि जहां गवर्नेंस और बातचीत दोनों पॉसिबल हो। अच्छे माहौल के बिना कुछ नहीं हो सकता। - पत्थरबाजी के जिम्मेदार कुछ लड़के हैं, जिन्हें वॉट्सऐप और फेसबुक पर उकसाया जाता है। - जब वाजपेयी जी प्रधानमंत्री और आडवाणी जी डिप्टी प्राइम मिनिस्टर थे, उस वक्त हुर्रियत के नेताओं से बात हुई थी। वो वहीं पर छूटी हुई है। मोदीजी ने भी कहा था कि मैं वाजपेयीजी के नक्शेकदम पर चलूंगा। इसलिए तो पीडीपी और बीजेपी साथ हैं। पत्थरबाजी और गोली के माहौल में बात नहीं हो सकती। माहौल को ठीक करके ही सबकुछ मुमकिन है। - राज्य में गवर्नर रूल लगे या नहीं, ये केंद्र सरकार का फैसला है। अन्य राज्य कश्मीर में प्रोग्राम ऑर्गनाइज करें - रविवार को मोदी ने सुझाव दिया था कि दूसरे राज्यों को भी कश्मीर में प्रोग्राम ऑर्गनाइज करना चाहिए ताकि वहां के स्टूडेंट्स को बाहर जाकर पढ़ने का मौका मिले। - हाल ही में हुए श्रीनगर बाईपोल में जमकर हिंसा हुई थी और 8 लोगों की मौत हो गई थी। इस सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूख अब्दुल्ला जीते थे। - बता दें कि 2015 में जम्मू-कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी सरकार बनने के बाद से पत्थरबाजी की घटनाओं में जमकर इजाफा हुआ है। पिछले हफ्ते आर्मी चीफ बिपिन रावत और नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल ने कश्मीर के हालात पर चर्चा की थी। 90% वॉट्सऐप ग्रुप बंद किए गए - एक अफसर के मुताबिक, हमने ग्रुप और ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर्स की पहचान कर ली है। पुलिस ने उन्हें काउंसलिंग के लिए भी बुलाया। इसका रिस्पॉन्स भी अच्छा मिला। बीते 3 हफ्तों में 90% वॉट्सऐप ग्रुप खत्म किए जा चुके हैं। - पत्थरबाजी के दौरान घाटी में इंटरनेट सर्विसेज को बंद करने के फैसले काफी असर हुआ था। - शनिवार को दुर्बुग गांव में आतंकियों के साथ हुए एनकाउंटर का विरोध करने कुछ ही लोग पहुंचे थे। जबकि 28 मार्च को हुए एनकाउंटर के दौरान बड़ी तादाद में लोग पहुंचे थे। इसके बाद फोर्सेस की फायरिंग में 3 लोगों की मौत हो गई थी। - अफसर के मुताबिक, अगर इंटरनेट बंद हो तो भीड़ का पहुंचना नामुमकिन होता है। इससे पहले तो हमने ये भी देखा कि ऑपरेशन की जगह पर करीब 10 किमी से लोग पहुंच गए और पत्थरबाजी कर ऑपरेशन को रोकने की कोशिश की।

हैप्पी बर्थडे टू इंडिया, फ्रॉम इंडिया: जॉन्टी रोड्स की बेटी को मोदी ने किया विश

हैप्पी बर्थडे टू इंडिया, फ्रॉम इंडिया: जॉन्टी रोड्स की बेटी को मोदी ने किया विश

Last Updated: April 24 2017, 09:40 AM

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी ने साउथ अफ्रीका के पूर्व मशहूर क्रिकेटर जॉन्टी रोड्स की बेटी को जन्मदिन की बधाई दी है। रविवार को जॉन्टी की बेटी इंडिया का दूसरा जन्मदिन था। इस मौके पर उन्होंने एक फोटो ट्विटर पर पोस्ट की, जिसके जवाब में मोदी ने उन्हें बधाई दी। मोदी ने ट्वीट किया, हैप्पी बर्थडे टू इंडिया, फ्रॉम इंडिया। बता दें कि जॉन्टी आईपीएल के चलते दिनों भारत में ही हैं, वे मुंबई इंडियंस के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा हैं। भारत में हुआ था बेटी का जन्म... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जॉन्टी रोड्स मुंबई इंडियंस के फील्डिंग कोच हैं। बतौर फील्डर वे काफी मशहूर रहे हैं। उनकी बेटी इंडिया का जन्म आईपीएल 2015 के दौरान भारत में ही हुआ था। इसके चलते जॉन्टी ने बेटी का नाम इंडिया रख दिया था। जॉन्टी साउथ के मंदिरों में अपनी बेटी के लिए पूजा भी करवा चुके हैं। जॉन्टी ने पोस्ट में क्या कमेंट किया? - जॉन्टी ने बेटी के साथ अपनी फोटो ट्वीट की। साथ में एक कमेंट भी किया। लिखा, हैप्पी बर्थडे बेबी इंडिया, 2 टुडे #लैंडऑफयोर बर्थ। इस पर मोदी ने जॉन्टी को टैग करते हुए जन्मदिन की बधाई दी। बेटी का नाम इंडिया रखने की ये है वजह - 2015 में जॉन्टी ने कहा था, इंडिया मिलीजुली संस्कृति, परंपराओं और विरासत वाला देश है और यही वजह है कि मैंने अपनी बेटी का नाम इंडिया रखा है। यह बहुत आध्यात्मिक देश है, मैं इसे पसंद करता हूं, यहां जिंदगी का बेहतर संतुलन दिखाई पड़ता है। लारा की बेटी का नाम सिडनी - जॉन्टी के अलावा भी ऐसे कई क्रिकेटर हैं जिन्होंने अपनी बेटी या बेटे का नाम किसी देश पर रखा है। न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर डियॉन नैश ने भी अपनी बेटी का नाम इंडिया रखा था। वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर ब्रायन लारा ने अपनी बेटी का नाम सिडनी रखा है, क्योंकि लारा ने अपनी पहली टेस्ट सेंचुरी सिडनी में ही बनाई थी।

बेटी पैदा होने पर UP में नेशनल लेवल नेटबॉल प्लेयर को पति ने दिया तलाक

बेटी पैदा होने पर UP में नेशनल लेवल नेटबॉल प्लेयर को पति ने दिया तलाक

Last Updated: April 24 2017, 08:13 AM

अमरोहा (यूपी). नेशनल लेवल की नेटबॉल प्लेयर शुमायाला जावेद को बेटी पैदा होने पर उनके पति ने तलाक दे दिया। शुमायाला का कहना है कि ससुराल के लोगों ने शादी के बाद से ही दहेज के लिए उन्हें तंग करना शुरू कर दिया था। प्रेग्नेंसी की बात पता चलने पर लड़का पैदा करने का दबाव बनाया जा रहा था। लड़की पैदा होते ही ससुराल वालों ने शुमायाला का साथ छोड़ दिया। पति ने तीन बार तलाक बोलकर छोड़ दिया। मोदी को लेटर लिखेंगी शुमायला... - शुमायाला अब लेटर लिखकर नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार करेंगी। - मन की बात में मोदी ट्रिपल तलाक को खराब सामाजिक परम्परा कह चुके है। - वहीं मुस्लिम लॉ बोर्ड कह चुका है कि पति अपनी पत्नी को 3 बार तलाक बोलकर तलाक दे सकता है। तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं की डिग्निटी पर असर डालता है: केंद्र - हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में दी गई लिखित दलील में केंद्र सरकार ने कहा था कि तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं की डिग्निटी (गरिमा) और सोशल स्टेटस (सामाजिक स्तर) पर असर डालता है। - केंद्र ने यह भी कहा कि तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं के कॉन्स्टीट्यूशन में मिले उनके फंडामेंटल राइट्स की अनदेखी होती है। ये रस्में मुस्लिम महिलाओं को उनकी कम्युनिटी के पुरुषों और दूसरी कम्युनिटी की महिलाओं के मुकाबले कमजोर बना देती हैं। - बता दें कि सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक खत्म हो या नहीं इस मुद्दे पर 11 मई से सुनवाई करेगा। - सरकार ने कोर्ट में कहा कि भारत की आबादी में मुस्लिम महिलाओं की हिस्सेदारी 8% है।। देश की ये आबादी सोशली और इकोनॉमिकली बेहद अनसेफ है। - सरकार ने साफ किया कि महिलाओं की डिग्निटी से कोई कम्प्रोमाइज नहीं हो सकती। - केंद्र ने अपनी दलीलों में आगे कहा, लैंगिक असमानता का बाकी समुदाय पर दूरगामी असर होता है। यह बराबर की साझेदारी को रोकती है और आधुनिक संविधान में दिए गए हक से भी रोकती है। - सरकार ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में 60 साल से ज्यादा वक्त से सुधार नहीं हुए हैं और मुस्लिम महिलाएं फौरन तलाक के डर से बेहद कमजोर बनी रहीं। AIMPLB तीन तलाक खत्म करने के खिलाफ रहा है - ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) पहले कहता रहा है कि वह तीन तलाक खत्म करने के खिलाफ है। - उसका कहना है कि किसी महिला की हत्या हो, इससे बेहतर है कि उसे तलाक दिया जाए। - AIMPLB का कहना है, धर्म में मिले हकों पर कानून की अदालत में सवाल नहीं उठाए जा सकते।

कई साल बाद हम ऐसे बड़े दौरे का गवाह बनेंगे: मोदी विजिट पर बोला इजरायल

कई साल बाद हम ऐसे बड़े दौरे का गवाह बनेंगे: मोदी विजिट पर बोला इजरायल

Last Updated: April 23 2017, 16:50 PM

नई दिल्ली. इजरायल ने कहा कि मोदी का दौरा जब भी होगा, ये बेहद अहम होगा। इजरायली एम्बेसडर डेनियल कारमोन ने कहा कि ये एक ऐसा दौरा होगा, जिसका कई साल बाद इजरायल गवाह बनेगा। मोदी की इजरायल विजिट पर मेगा डिफेंस डील हो सकती हैं। बता दें कि 25 साल बाद इजरायल दौरे पर जाने वाले वाले मोदी पहले भारतीय पीएम होंगे। इजरायल और भारत के बीच बाइलेटरल रिलेशंस की शुरुआत 1992 में हुई थी। इजरायल ने कहा- बिग विजिट... - इजरायली एम्बेसडर डेनियल कारमोन ने कहा, दोनों देशों के बीच रिश्तों और अहम मुद्दों को देखते हुए ये एक बड़ी विजिट होगी। - माना जा रहा है कि जुलाई में मोदी इजरायल दौरा कर सकते हैं। इसमें बराक-8 एअर डिफेंस मिसाइल सिस्टम, जिसका इंडियन नेवी लंबे वक्त से इंतजार कर रही है और इंडियन आर्मी के लिए स्पाइक एंटी टैंक मिसाइल डील पर मुहर लग सकती है। इसके अलावा कई दूसरी अहम डिफेंस डील भी हो सकती हैं। ज्वाइंट रिसर्च और डेवेलपमेंट पर फोकस- इजरायल - कारमोन ने कहा, भारत और इजरायल के रिश्ते खरीदने और बेचने से कहीं आगे पहुंच गए हैं। दोनों देश अब ज्वाइंट रिसर्च और डेवेलपमेंट पर फोकस कर रहे हैं। इजरायल भारत के साथ अच्छे रिलेशन में हैं और इस रिलेशनशिप में डिफेंस के अलावा दूसरी कई चीजें भी शामिल हैं। - पिछले कुछ साल के दौरान दोनों देशों के बीच कई सेक्टर्स में समझौतों का दायरा काफी बढ़ गया है। हम आगे और ज्यदाा मजबूत और गहरे रिश्ते बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। अब मुद्दों पर बेहद गहराई से बात कर रहे हैं। ये केवल डिलिवरी या प्रोडक्ट्स तक नहीं, बल्कि कहीं ज्यादा गहरी हैं। 17 हजार करोड़ की डील हुई थी फाइनल - डिफेंस रिलेशन से जुड़े लोगों का कहना है, इस दौरे पर मल्टी-बिलियन डॉलर की डील संभव हैं। इजरायल के मिलिट्री हार्डवेयर का सबसे बड़ा खरीदार भारत है। लंबे अरसे से इजरायल वेपन सिस्टम, मिसाइल और यूएवी सप्लाई कर रहा है, लेकिन इस सप्लाई का ज्यादातर हिस्सा सामने नहीं आता है। - बता दें कि फरवरी में भारत ने इजरायल के साथ 17 हजार करोड़ की डील का रास्ता साफ कर दिया। जिसके तहत इजरायल के साथ मिलकर आर्मी के लिए मीडियम रेंज सरफेस टू एअर मिसाइल का डेवलेपमेंट किया जाना है। इस डील का ऑफिशियल अनाउंसमेंट मोदी दौरे पर किया जा सकता है। मोदी ने हिब्रू में दी थी इजरायल के PM को मुबारकबाद - मोदी ने नेतन्याहू को बाकायदा हिब्रू (इजरायल की लैंग्वेज) में मुबारकबाद दी थी। उन्होंने ट्वीट में लिखा था, खाग समेख खावरिम (छुट्टियों की मुबारकबाद)। - इसके बाद नेतन्याहू ने लिखा, मेरे दोस्त, छुट्टी की मुबारकबाद देने के लिए शुक्रिया। इजरायल के लोग आपके ऐतिहासिक दौरे का इंतजार कर रहे हैं। यूएन में हुई थी मोदी-नेतन्याहू की मुलाकात - सितंबर, 2014 मोदी-नेतन्याहू की न्यूयॉर्क में यूएन जनरल असेंबली की मीटिंग के दौरान मुलाकात हो चुकी है। 2006 में मोदी बतौर गुजरात के सीएम इजरायल के दौरे पर गए थे। 2015 में प्रणब मुखर्जी और 2016 में सुषमा स्वराज इजरायल गई थीं। - हाल ही में नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल इजरायल गए थे। इस दौरान उनकी मोदी के दौरे में साइन होने वाले समझौतों को लेकर चर्चा हुई थी। इजरायल और भारत की डिफेंस डील्स - हाल ही में इजरायल ने भारत के साथ 2 बिलियन डॉलर (करीब 12 हजार करोड़ रुपए) की डिफेंस डील पर साइन किए हैं। इसके तहत इजरायल भारत को मिसाइल डिफेंस सिस्टम देगा। इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) ने इस बात की जानकारी दी। इसके जरिए दुश्मनों के एयरक्राफ्ट, मिसाइल और ड्रोन्स को 70 किमी के दायरे में मार गिराया जा सकता है। - इजरायल भारत के टॉप तीन डिफेंस सप्लायर्स में से एक है। बीते दस साल में 10 बिलियन डॉलर की डील हासिल करने के अलावा इजरायल ने आखिर के दो सालों में हथियारों के सात कॉन्ट्रैक्ट भारत से हासिल किए हैं। - कई दूसरी बड़ी डील्स भी पाइपलाइन में हैं। इनमें दो इजरायल निर्मित फॉल्कन AWACS (एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) भी शामिल है, जिन्हें रूस निर्मित IL-76 मिलिटरी एयरक्राफ्ट पर लगाया जाना है। चार एरोस्टैट रडार और कुछ हमलावर ड्रोन्स भी खरीदे जाने हैं। भारतीय सेनाओं के पास इजरायल निर्मित 100 ड्रोन्स पहले से हैं।

न्यू इंडिया के लिए साथ आएं राज्य: मोदी; विकास के लिए बना 15 साल का प्लान

न्यू इंडिया के लिए साथ आएं राज्य: मोदी; विकास के लिए बना 15 साल का प्लान

Last Updated: April 23 2017, 16:03 PM

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी की अगुवाई में रविवार को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की तीसरी मीटिंग हुई। इसमें पहले दो मीटिंग में लिए गए फैसलों पर चर्चा हुई। मीटिंग में आयोग के वाइस प्रेसिडेंट अरविंद पनगढ़िया देश में तेजी से विकास के लिए एक रोडमैप भी पेश किया। मोदी ने कहा, जीएसटी से एक देश, एक संकल्प और एक चाहत की भावना का पता चलता है। 2022 तक सपनों को पूरा करें... - मोदी ने कहा, नीति आयोग विकास के लिए 15 साल के विजन प्रोग्राम, 7 साल की मीडियम टर्न स्ट्रैटजी और 3 साल के एक्शन प्लान पर काम कर रहा है। - यहां टीम इंडिया इसलिए जुटी है ताकि दुनिया में बदलते ग्लोबल ट्रेंड्स और उनके प्रभावों पर चर्चा की जा सके। - ये हम सबकी जिम्मेदारी है कि देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ यानी 2022 तक सपनों को पूरा करें। - राज्यों को भी पॉलिसी बनाने में मदद करनी चाहिए। 2014-15 और 2016-17 के बीच राज्यों को दिए जाने वाले फंड में 40% का इजाफा हुआ है। - मोदी ने विकास के लिए सरकार, प्राइवेट सेक्टर और सिविल सोसाइटी को साथ में मिलकर काम करने के लिए कहा है। - मोदी के मुताबिक, न्यू इंडिया का विजन सभी राज्यों और मुख्यमंत्रियों के सहयोग से ही हासिल किया जा सकता है। - जीएसटी पर एकराय बनना इतिहास बनाएगा। यह कोऑपरेटिव फेडरलिज्म का एग्जाम्पल बनेगा। GST से एक देश, एक संकल्प और एक चाहत की भावना का पता चलता है। - मोदी ने राज्यों से कहा कि पूंजीगत खर्च और इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाएं। साथ ही उन्होंने चुनाव की बहसों और चर्चाओं को आगे ले जाएं। राज्यों के सीएम भी हुए शामिल - नीति आयोग की मीटिंग में राज्यों के सीएम भी शामिल हुए। इनमें नीतीश कुमार, कैप्टन अमरिंदर सिंह, त्रिपुरा के माणिक सरकार, तमिलनाडु के सीएम ई पलानीस्वामी शामिल रहे। - दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और वेस्ट बंगाल की सीएम ममता बनर्जी मीटिंग में नहीं पहुंचीं। - मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान किसानों का आय दोगुनी करने का रोडमैप का प्रेजेंटेशन दिया। मोदी ने किए ट्वीट - मोदी ने ट्वीट किया, राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ नीति आयोग की मीटिंग में भारत में बदलाव को लेकर विकास का मुद्दा अहम रहेगा। राज्यों ने कई क्षेत्रों में रिफॉर्म्स किए हैं। ये मीटिंग एक-दूसरे को सीखने का मौका है। - नीति आयोग के चेयरमैन बताएंगे कि कितनी तेजी से देश को विकास की राह पर ले जाया जा सकता है। मीटिंग में जीएसटी पर भी प्रेजेंटेशन होगा। - मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज एग्रीकल्चर के क्षेत्र में एक रेवोल्यूशन लेकर आए हैं। वे भी किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर प्रेजेंटेशन देंगे। नीति आयोग की हो चुकी हैं दो मीटिंग - नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की पहली मीटिंग में केंद्र और राज्यों के बीच राष्ट्रीय मुद्दों और योजनाओं पर सहयोग करने को लेकर चर्चा हुई थी। - दूसरी मीटिंग में सतत विकास के लिए मुख्यमंत्रियों के तीन सबग्रुप और गरीबी हटाने-एग्रीकल्चर डेवलपमेंट के लिए 2 टास्क फोर्स बनाई गई थीं।

पीएम मोदी की रैली को राज्य सरकार ने दी मंजूरी, रिज ग्राउंड पर कड़ी रहेगी सुरक्षा

पीएम मोदी की रैली को राज्य सरकार ने दी मंजूरी, रिज ग्राउंड पर कड़ी रहेगी सुरक्षा

Last Updated: April 23 2017, 11:23 AM

शिमला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 27 अप्रैल के दौरे के लिए सरकार भी सुरक्षा इंतजाम करने में जुट गई है। वहीं रिज पर रैली के लिए भी मंजूरी दे गई है। शनिवार को सचिवालय में मुख्य सचिव वीसी फारका की अध्यक्षता में सुरक्षा इंतजामों को लेकर बैठक हुई। इसमें मुख्य सचिव ने मोदी की सुरक्षा के लिए इंतजाम कड़े करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने खुफिया एजेंसियों को भी चौकसी बरतने के निर्देश दिए। बैठक में डीजीपी संजय कुमार ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया कि पुलिस की ओर से सुरक्षा इंतजामों में किसी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी। चप्पे-चप्पे पर जवानों को तैनात कर उनकी सुरक्षा के घेरे को मजबूत किया जाएगा। कार्यक्रम स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पुलिस बल सुरक्षा के साथ ही लोगों का भी मार्गदर्शन करेगी। मुख्य सचिव के साथ बैठक के बाद डीजीपी ने अपने कार्यालय में जिले के एसपी और खुफिया एजेंसियों के साथ अलग से बैठक भी की। एसपीजी आज से कर सकती है ट्रायल शुरू प्रधानमंत्री के दौरे के लिए सुरक्षा इंतजाम करने एसपीजी भी शिमला पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि एसपीजी सिक्योरिटी को लेकर रविवार से ट्रायल शुरू कर सकती है। राज्य पुलिस के अलावा पीएम मोदी की सुरक्षा के लिए एसपीजी का घेरा भी रहेगा। जुब्बड़हट्टी और अनाडेल से लेकर रिज मैदान तक के रास्ते में सुरक्षा को लेकर एसपीजी ट्रायल करेगी। 27 को पहले जुब्बड़हट्टी, फिर रिज पहुंचेंगे पीएम प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 अप्रैल को सुबह हेलिकॉप्टर से जुब्बड़हट्टी पहुंचेंगे। वे यहां करीब आधे घंटे रुकेंगे। इस दौरान हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। उसके बाद हेलिकॉप्टर से अनाडेल तक पहुंचेंगे और वहां से एजी चौक होते हुए रिज पहुंचेंगे। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि पीएम जुब्बड़हटी से सड़क होते हुए एजी चौक पहुंचेंगे और यहां से उन्हें खुली जीप में रिज मैदान तक लाया जाएगा। कौन का रूट इनमें से फाइनल किया जाएगा, यह अभी तय नहीं है। सरकार के लिए कड़ी चुनौती सरकार सुरक्षा इंतजाम करने अभी से जुट गई है, मगर बेहतर सुरक्षा इंतजाम करना सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। नरेंद्र मोदी की 27 अप्रैल को रिज पर आयोजित की जा रही परिवर्तन रैली की तैयारियों के लिए भाजपा ने नेताओं की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और रैली के प्रभारी डॉ राजीव बिंदल ने रैली के सफल संचालन के लिए प्रभारियों की नियुक्तियां की हैं। इसमें शिमला संसदीय क्षेत्र के सभी मंडलों, जिला बिलासपुर, किन्नौर और आनी मंडल में प्रभारियों की नियुक्ति की है। प्रदेश उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा जिला बिलासपुर के प्रभारी होंगे जबकि दलीप सिंह पाल को जिला किन्नौर का प्रभारी नियुक्त किया है। इसी तरह सुभाष शर्मा को रोहडू मंडल, नरेंद्र बरागटा और राकेश शर्मा को जुब्बल कोटखाई मंडल, बलवीर वर्मा और अजय राणा को चौपाल मंडल, राम सिंह को ठियोग मंडल, हिमांशु मिश्रा को रामपुर मंडल, बिहारी लाल शर्मा को कसुम्पटी मंडल, रतन सिंह पाल और पायल वैद्य को शिमला ग्रामीण मंडल, महेंद्र धर्माणी को शिमला मंडल, इंदू गोस्वामी को सोलन, नरेंद्र अत्री अर्की ,कमलेश कुमारी कसौली, रश्मि धर सूद दून, रितु सेठी नालागढ़, राकेश शर्मा पच्छाद, बलदेव भंडारी रेणुका, विनोद ठाकुर नाहन, राकेश बबली पांवटा , युवराज बौद्ध आनी और हुकम सिंह बैंस को सिलाई मंडल में रैली की तैयारियों का जिम्मा सौंपा गया है। बिंदल ने बताया कि सभी जिला व मंडल प्रभारी 24 अप्रैल को सुबह दस बजे से अपने मंडलों में रहकर रैली की तैयारियों में जुटेंगे।

4 बच्चों के प‍िता ने योगी से मांगी मदद, कहा- मेरी बीवी को खोज दो वरना...

4 बच्चों के प‍िता ने योगी से मांगी मदद, कहा- मेरी बीवी को खोज दो वरना...

Last Updated: April 23 2017, 00:05 AM

आगरा. यूपी के आगरा में एक शख्स ने मोदी और योगी से इंसाफ की गुहार लगाते हुए इच्छामृत्यु की मांग की है। बताया जा रहा है कि एक महीने पहले युवक की पत्नी अचानक घर से गायब हो गई। पुलिस के चक्कर लगाने पर भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपने चार बच्चों को लेकर एसएसपी के पास पहुंचा और पत्नी के न मिलने पर आत्मदाह की धमकी देने लगा। इसके बाद भी कोई कार्रवाई न होने से परेशान होकर पीड़ित ने पीएम और सीएम से न्याय की गुहार लगाई है। पत्नी घर से लेकर गई थी जेवर और कैश... - मामला आगरा के न्यू आगरा थानाक्षेत्र की दीपविहार कॉलोनी का है। यहां किराए पर रह रहे मुलायम सिंह के बेटे आराम सिंह की करीब 11 साल पहले शादी हुई थी। - पेशे से माली आराम सिंह की पत्नी गीता पिछले एक महीने से गायब है। आराम ने बताया, 8 मार्च को दिन में दो बजे गीता के रिलेटिव जितेंद्र, रामू, मीनू और प्रीति घर आए थे और उसे अपने साथ बाजार ले गए। - वो अपने साथ सारे जेवरों और घर में रखे 25 हजार कैश भी ले गई। इसके बाद से वो आजतक घर नहीं आई। - जब उस दिन शाम को इस बारे में बच्चों ने बताया तो मैंने नामजद केस लिखाने के लिए तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी में एनसीआर लिखकर मामला निपटा दिया। योगी सरकार की होगी जिम्मेदारी - पुलिस की कार्रवाई से परेशान आराम सिंह बीते 3 अप्रैल को अपने चार बच्चों स्पर्श (9), संघर्ष (7), आकांक्षा (5) और छोटू (3) के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच गया। यहां उसने आत्महत्या करने की धमकी दी। - जब इस पर भी सुनवाई नहीं हुई तो 21 अप्रैल को आराम सिंह ने डीएम के सामने इच्छामृत्यु की मांग कर कहा कि अगर हफ्ते भर में मेरी पत्नी नहीं मिली तो आत्महत्या कर लूंगा और अगर मैं मरा तो मेरे बच्चों की जिम्मेदारी आगरा प्रशासन और योगी सरकार की होगी। - पीड़ित ने कहा कि पत्नी के न होने के कारण मैं ही बच्चों की देखभाल कर रहा हूं। काम-धंधा भी बंद हो गया है। मैंने स्पीड पोस्ट के जरिए पीएम मोदी और सीएम योगी को लेटर भेजकर मामले में कार्रवाई न होने पर इच्छामृत्यु की मांग की है। क्या कहना है डीएम का? - डीएम पंकज दयाल का कहना है कि पीड़ित की पत्नी मिल नहीं रही है, जिसकी वजह से वो परेशान है। इस मामले में एसएसपी प्रीतिंदर सिंह को उचित कार्रवाई के लिए कहा गया है। - वहीं, एसएसपी प्रीतिंदर सिंह ने न्यू आगरा थाने एसओ रघुराज सिंह को पीड़ित की पत्नी के बारे में जल्द जानकारी देने का आदेश दिया है। आगे की स्लाइड्स में देखिए, खबर से रिलेटेड 4 फोटोज...

बीजेपी सरकार वाले 13 राज्यों के सीएम से कल मिलेंगे मोदी, शाह रहेंगे मौजूद

बीजेपी सरकार वाले 13 राज्यों के सीएम से कल मिलेंगे मोदी, शाह रहेंगे मौजूद

Last Updated: April 22 2017, 22:16 PM

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी बीजेपी की सरकार वाले 13 राज्यों के चीफ मिनिस्टर्स के साथ रविवार को एक मीटिंग करेंगे। बताया जा रहा है कि मीटिंग में पीएम डेवेलपमेंट और गुडगवर्नेंस के मुद्दे पर CMs से बातचीत करेंगे। इस मीटिंग में अमित शाह भी मौजूद रहेंगे, वो भी पार्टी लीडर्स और CMs से बात करेंगे। इस मीटिंग में राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, वेंकैया नायडू और दूसरे मिनिस्टर्स मौजूद रहेंगे। BJP चीफ मिनिस्टर्स के साथ दूसरी मीटिंग... - पार्टी सोर्सेस के मुताबिक, मीटिंग में मोदी का एजेंडा डेवेलपमेंट और गुड गवर्नेंस के साथ-साथ समाज के गरीब तबकों पर फोकस करने का भी रहेगा। - बीजेपी जनरल सेक्रेटरी भूपेंदर यादव ने ने कहा, 2014 में सरकार बनाने के बाद सभी बीजेपी के CMs के साथ मोदी की ये दूसरी मीटिंग है। पिछले साल अगस्त में ऐसी ही मीटिंग हुई थी। आने वाले इलेक्शन पर है नजर - माना जा रहा है कि इस साल के आखीर में होने वाले विधानसभा चुनाव और 2019 के आम चुनाव को लेकर मोदी ने ये मीटिंग बुलाई है। - मोदी और शाह आने वाले चुनाव को लेकर तैयारियां कर रहे हैं। जिसके तहत गवर्नेंस एजेंडा जनता से जुड़ा रखने और दूसरे फैक्टर्स को दूर करना है। मोदी ने कहा था- भारत को लगानी होगी लंबी छलांग - हाल ही में बीजेपी नेशनल एक्जिक्यूटिव मीटिंग के दौरान मोदी ने कहा था कि भारत को लगातार विकास के लिए लंबी छलांग लगानी होगी। वहीं, इस मीटिंग में शाह ने कहा था कि पार्टी को अभी इसके शिखर पर पहुंचना बाकी है। बता दें कि रविवार को नीति आयोग की मीटिंग भी होनी है, जिसमें सभी राज्यों के सीएम हिस्सा लेंगे।

मोदी खुद मिसाल बनें: राहुल; अफसरों को PM की हिदायत पर दिया रिएक्शन

मोदी खुद मिसाल बनें: राहुल; अफसरों को PM की हिदायत पर दिया रिएक्शन

Last Updated: April 22 2017, 17:33 PM

नई दिल्ली. राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी को खुद अफसरों के सामने मिसाल पेश करनी चाहिए। राहुल ने ये ट्वीट मोदी के उस बयान पर किया, जिसमें पीएम ने अफसरों को सोशल मीडिया पर सेल्फ प्रमोशन से दूर रहने की हिदायत दी थी। राहुल ने शनिवार को ट्वीट किया, खुद मिसाल बनकर दूसरों को लीड करना वास्तव में मुश्किल है। बता दें कि मोदी सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। ट्विटर पर आम लोगों के ट्वीट का जवाब भी देते हैं। ट्विटर पर मोदी के 2.9 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर हैं। वहीं, राहुल को फॉलो करने वालों की तादाद 10.9 लाख है। राहुल ने मोदी को कहा था सेल्फी मशीन... - पिछले साल सितंबर में राहुल गांधी ने किसान यात्रा निकाली थी। इस दौरान उन्होंने एक स्पीच में कहा था कि मोदी सेल्फी लेने वाली मशीन बन गए हैं। - राहुल ने कहा था, मोदी सेल्फी और वादा करने वाली मशीन हैं। एक सेल्फी, एक वादा... बस यही उनका काम है। मोदी हिंदुस्तानियों के बीच नफरत फैलाने में माहिर हैं। मोदी ने अफसरों को क्या हिदायत दी? - मोदी ने शुक्रवार को सिविल सर्विसेस-डे प्रोग्राम में बताया कि उन्होंने अपनी मीटिंग्स में मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। - पीएम ने अफसरों से कहा, मैंने देखा है कि डिस्ट्रिक्ट लेवल के अफसर आजकल इतने बिजी, इतने बिजी हैं कि पूरे वक्त इसमें (मोबाइल कीपैड चलाने का इशारा करते हुए) लगे रहते हैं। इसीलिए मैंने अपनी मीटिंग्स में इसकी एंट्री बैन करा दी। क्या पता वहां भी निकालकर शुरू हो जाते। ये एक जरूरी चीज है। लोगों तक पहुंचने का आसान जरिया हमारे हाथ आया है। लेकिन मोबाइल का इस्तेमाल जन सुविधाओं के लिए होना चाहिए। अफसर सोशल मीडिया का इस्तेमाल खुद के प्रचार के लिए न करें। बस काम करने का तरीका बदलें। लोग भी ई-गवर्नेंस से एम. गवर्नेंस की ओर शिफ्ट हो गए हैं। सेवा भाव से काम करें, नाम कमाने की इच्छा से नहीं - मोदी बोले, समर्पण भाव से काम करना चाहिए, नाम कमाने की इच्छा न होना ही सबसे बड़ी ताकत है। ओनरशिप का मोमेंट होना सबसे जरूरी है। व्यक्ति के तौर पर इंसान की सबसे सही कसौटी कब होती है, अभाव ग्रस्त व्यवस्था व्यक्ति का सही मूल्यांकन नहीं करती है, प्रभाव ग्रस्त व्यवस्था ही व्यक्ति का सही मूल्यांकन कर सकती है। काम का बोझ नहीं बढ़ा है, चुनौतियां बढ़ी हैं - मोदी ने कहा था, सरकार में बैठे लोगों की जिम्मेदारी पहले से ज्यादा बढ़ गई है। काम का बोझ नहीं बढ़ा है, चुनौतियां बढ़ी हैं। कोई भी सिस्टम कॉम्पिटीशन में होनी ही चाहिए। अब लोग प्राइवेट अस्पताल से सरकारी अस्पताल की तुलना करते हैं। - तुलना करने पर हमें भी लगता है कि हमें आगे बढ़ना चाहिए। अच्छा ये होगा कि जितना जल्दी हम अपनी काम करने के तरीकों को बदलेंगे, तो ये चुनौती अवसर में बदल जाएंगी। बदलते समय में सरकार के बिना कमी महसूस हो, लेकिन सरकार के रहते कमी महसूस न हो, लेकिन ये सिस्टम तब बनेगा, जब हम चीजों को उस तरीके से देखना शुरू करेंगे।

UP में साधुओं के वेश में हमला कर सकते हैं आतंकी, MP पुलिस का अलर्ट

UP में साधुओं के वेश में हमला कर सकते हैं आतंकी, MP पुलिस का अलर्ट

Last Updated: April 22 2017, 13:35 PM

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आतंकवादी किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। मध्यप्रदेश पुलिस ने यूपी एटीएस को बताया है कि आतंकी साधु और तांत्रिक के वेश में बड़े हमले की योजना बना रहे हैं। ये यूपी के मंदिरों, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स को निशाना बना सकते हैं। इनकी टीम में 17 से 18 साल के लड़के हैं। इन्हें बकायदा ट्रेनिंग भी दी गई है। इस जानकारी के बाद पूरे यूपी में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी जोन के आईजी, डीआईजी, जिला कप्तानों और एसएसपी को चौकसी बढ़ाने को कहा गया है। डीजीपी सुलखान ने कहा- सभी एजेंसियां अलर्ट पर हैं... - यूपी के नए डीजीपी सुलखान सिंह ने शनिवार को कहा, हमारी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। जो जानकारी मिली है, उसकी जांच करने के लिए भी टीमें लगा दी गई हैं। - DainikBhaskar.com के पास एमपी पुलिस से मिले इनपुट्स की कॉपी है। इसमें कहा गया है कि यूपी भेजे गए लड़कों की उम्र 17 से 18 साल है। इन्हें हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों की ट्रेनिंग दी गई है। ये लोग साधु-संतों और तांत्रिक के वेश में हो सकते हैं। फरवरी में 20-25 लड़कों को आतंकी संगठनों ने भारत-नेपाल बॉर्डर से यूपी भेजा है। पुलिस और सिक्युरिटी एजेंसियों से बचने के लिए इन लोगों ने अपना हिंदू नाम रखा है। - अयोध्या, काशी, मथुरा के अलावा आगरा का ताज महल, इलाहाबाद और लखनऊ की हाईकोर्ट बिल्डिंग, विधानसभा, सचिवालय के अलावा अहम इंस्टीट्यूट्स, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले बाजार इनके निशाने पर हैं। - सूत्रों के मुताबिक, आतंकवादियों ने हमलों को अंजाम देने के लिए ऑपरेशन कृष्णा इंडिया नाम दिया है। संदिग्ध आतंकी गौस मोहम्मद करन खत्री बनकर रह था, इसलिए पुलिस को बढ़ा शक - यूपी पुलिस ने इसी साल इस्लामिक स्टेट के खुरासान मॉड्यूल के एजेंट और मास्टरमाइंड गौस मोहम्मद को अरेस्ट किया था। गौस मोहम्मद लखनऊ में करन खत्री बनकर किराए के मकान में रह रहा था। - इसके अलावा 12 सितंबर 2014 को बिजनौर में आईईडी ब्लॉस्ट हुआ था। इसमें मारे गए सिमी आतंकियों (खंडवा जेल से फरार हुए थे) के हाथ में भी कलावा और माथे पर तिलक मिला था। जेल से फरार होने के बाद इन लोगों ने हिंदू नामों से बिजनौर में किराए का मकान लिया था। - फिलहाल एजेंसियां एमपी पुलिस से मिले इनपुट्स पर काम कर रही हैं। योगी की सिक्युरिटी बढ़ाई गई - इस बीच योगी आदित्यनाथ की सिक्युरिटी बढ़ा दी गई है। अभी उन्हें जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है। सूत्रों के मुताबिक, अब नेशनल सिक्युरिटी गार्ड (NSG) की क्विक रेस्पॉन्स टीम (QRT) टीम भी उनकी सुरक्षा में तैनात होगी। दो दिन पहले 10 संदिग्ध आतंकी पकड़े गए थे - 20 अप्रैल को यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने 5 राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर ज्वाइंट ऑपरेशन में ISIS के 10 संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा था। - इन आतंकियों को पकड़ने के लिए मुंब्रा (महाराष्ट्र), जालंधर (पंजाब), नरकटियागंज (बिहार), बिजनौर और मुजफ्फरनगर (यूपी) में रेड डाली गई थी। दिल्ली स्पेशल सेल, यूपी और महाराष्ट्र ATS के अलावा आंध्र प्रदेश, पंजाब और बिहार की पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया था। एनकाउंटर में मारा गया था संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह - इसी साल 7 मार्च की सुबह एमपी के शाजापुर में भोपाल-पैसेंजर ट्रेन में IED ब्लास्ट हुआ था। इसमें 10 लोग जख्मी हुए थे। ब्लास्ट के बाद दोपहर को एमपी पुलिस ने पिपरिया के एक टोल नाके से बस रोककर 4 सस्पेक्ट पकड़े। इनकी गिरफ्तारी के बाद यूपी एटीएस ने कानपुर से दो और इटावा से एक संदिग्ध को अरेस्ट किया था। - इन संदिग्धों से मिली इन्फॉर्मेशन और इंटेलिजेंस इनपुट के बाद यूपी एटीएस ने लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई की थी। यह एक घर में छुपा हुआ था। एटीएस ने पहले सैफुल्लाह को सरेंडर करने के लिए कहा था। बाद में 11 घंटे चले एनकाउंटर के बाद उसे मार गिराया। उसके पास से 8 रिवॉल्वर, 650 कारतूस, कई बम और रेलवे का मैप मिला था।

नर्मदा सेवा यात्रा का समापन: अगर 5 लाख में से आधे भी डुबकी लगाएंगे तो क्या होगा?

नर्मदा सेवा यात्रा का समापन: अगर 5 लाख में से आधे भी डुबकी लगाएंगे तो क्या होगा?

Last Updated: April 21 2017, 18:52 PM

भोपाल। नर्मदा सेवा यात्रा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ से होने वाले जल और वायु प्रदूषण को लेकर राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(NGT) ने राज्य सरकार से पूछा है कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आने वाले पांच लाख श्रद्धालुओं के प्रबंधन के लिए क्या योजना बनाई है। जानें पूरा मामला... -एनजीटी ने इस बात पर चिंता जताई है कि यदि पांच लाख में से 50 प्रतिशत ने भी नर्मदा में डुबकी लगाई, तो जल प्रदूषण की क्या स्थिति होगी। वहीं अमरकंटक में नर्मदा के उदगम स्थल के पानी की जांच में कोलीफॉर्म बैक्टेरिया होने की पुष्टि पर भी एनजीटी ने राज्य शासन से जवाब मांगा है। -अमरकंटक में नर्मदा नदी के किनारे हो रहे पर्यावरण नियमों के उल्लंघन को लेकर स्थानीय रहवासी संजीव तिवारी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई हुई। -इस दौरान शासन ने नर्मदा नदी के उदगम स्थल के पानी की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में नदी के उदगम स्थल में कोलीफॉर्म होना सामने आया है। -शासन की ओर से जवाब में बताया गया कि यहां श्रद्धालुओं द्वारा चावल व फूल चढ़ाए जाते हैं, जिनके कारण कोलीफॉर्म आ रहा है। लेकिन एनजीटी ने शासन के जवाब को यह कहकर खारिज कर दिया कि कोलीफॉर्म सीवेज का पानी मिलने से नदी में आता है। -एनजीटी ने सुनवाई में शासन से यह भी पूछा है कि नदी में मिलने वाले सीवेज को रोकने के लिए पहले जो आदेश दिए गए थे उनका पालन कितना हुआ। 27 अप्रैल को योजना के साथ बुलाया अधिकारियों को -याचिकाकर्ता के वकील धरमवीर शर्मा के अनुसार आगामी 15 मई को नर्मदा सेवा यात्रा के समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। इस पर एनजीटी ने जब शासन से श्रद्धालुओं की संख्या पूछी तो जवाब में 5 लाख के आना बताया गया। इस पर एनजीटी ने इतनी बड़ी संख्या से होने वाले जल व वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए शासन द्वारा बनाई गई योजना की रिपोर्ट एक हफ्ते के अंदर तलब की है। -27 अप्रैल को होने वाली सुनवाई में एनजीटी ने अनूपपुर कलेक्टर के साथ ही नगरीय प्रशासन, वन व कृषि विभाग के अधिकारियों को बुलाया है। -एनजीटी ने पूछा है कि 5 लाख में से यदि 50 प्रतिशत श्रद्धालुओं ने नर्मदा में डुबकी लगाते हैं तो इससे होने वाले जल प्रदूषण और बड़ी संख्या में आने वाले वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के क्या इंतजाम किए गए हैं। -साथ ही शौचालय के लिए भी किए जाने वाले इंतजाम की जानकारी मांगी है। एनजीटी ने यह भी पूछा है कि भरी गर्मी में नर्मदा नदी के किनारे जो पौधारोपण किया जाएगा उसकी सिंचाई की क्या व्यवस्था की गई है।

अफसर मोबाइल में बिजी रहते हैं, इसीलिए मीटिंग्स में इस पर बैन लगाया: मोदी

अफसर मोबाइल में बिजी रहते हैं, इसीलिए मीटिंग्स में इस पर बैन लगाया: मोदी

Last Updated: April 21 2017, 18:41 PM

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी ने सिविल सर्विसेस डे प्रोग्राम में शुक्रवार को बताया कि उन्होंने अपनी मीटिंग्स में मोबाइल की एंटी पर रोक लगाई। पीएम ने अफसरों से कहा, मैंने देखा है कि डिस्ट्रिक्ट लेवल के अफसर आजकल इतने बिजी, इतने बिजी हैं कि पूरे वक्त (मोबाइल कीपैड चलाने का इशारा करते हुए) इसमें लगे रहते हैं। इसीलिए मैंने अपनी मीटिंग्स में इसकी एंट्री बैन करा दी। क्या पता वहां भी निकालकर शुरू हो जाते। ये एक जरूरी चीज है। लोगों तक पहुंचने का आसान जरिया हमारे हाथ आया है। लेकिन मोबाइल का इस्तेमाल जन सुविधाओं के लिए होना चाहिए। अफसर सोशल मीडिया का इस्तेमाल खुद के प्रचार के लिए न करें। बस काम करने का तरीका बदलें। लोग भी ई-गवर्नेंस से एम. गवर्नेंस की ओर शिफ्ट हो गए हैं। मोदी ने अफसरों से कॉम्पिटीशन, काम के तरीके, आइडिया, माइंडसेट, एप्रोच और सिस्टम जैसे सब्जेक्ट पर भी बात की। मोदी के स्पीच की 7 खास बातें... 1. काम का बोझ नहीं बढ़ा है, चुनौतियां बढ़ी हैं - मोदी ने कहा- मुझे अफसरों की जिम्मेदारियों का पता है।15-20 साल पहले हमी हम थे। ऐसे में कमियां नजरअंदाज करने की आदत बन जाती है। आम लोगों को लगता है कि सामान्य मानवीय के जीवन में 15-20 साल में एक विकल्प पैदा होता है। - इसके चलते सरकार में बैठे लोगों की जिम्मेदारी पहले से ज्यादा बढ़ गई है। काम का बोझ नहीं बढ़ा है, चुनौतियां बढ़ी हैं। कोई भी सिस्टम कॉम्पिटीशन में होनी ही चाहिए। अब लोग प्राइवेट अस्पताल से सरकारी अस्पताल की तुलना करते हैं। - तुलना करने पर हमें भी लगता है कि हमें आगे बढ़ना चाहिए। अच्छा ये होगा कि जितना जल्दी हम अपनी काम करने के तरीकों को बदलेंगे, तो ये चुनौती अवसर में बदल जाएंगी। बदलते समय में सरकार के बिना कमी महसूस हो, लेकिन सरकार के रहते कमी महसूस न हो, लेकिन ये सिस्टम तब बनेगा, जब हम चीजों को उस तरीके से देखना शुरू करेंगे। 2. काम का क्वालिटेटिव एनालिसिस होना चाहिए मोदी ने कहा- क्वांटम जम्प तो हुआ है, हम इसका स्वागत करते हैं। मेरे सामने रिपोर्ट आई तो मेरा दिमाग और चलने लगा। अब थोड़ा क्वालिटेटिव एनालिसिस होना चाहिए। हमें ये तो देखें कि कैसे किया है। मैं चाहता हूं कि एक साल में क्वालिटेटिव चेंज होना चाहिए। - ये कॉम्पिटीशन का दौर है, चुनौतियां बड़ी हैं। आपने देखा होगा गृहणी की योग्यता पर कभी गौर नहीं किया जाता, लेकिन जब परिवार का मुखिया अचानक छिन जाता है तो दिखाई पड़ता है कि गृहणी घर संभालना शुरू कर देती है। मेरे कहने का मतलब सबसे मेधावी लोग आईएएस बनते हैं काम भी उसी हिसाब से होना चाहिए। - हमें ये देखना चाहिए कि कहीं हमारा अनुभव ब्रेक तो नहीं बन रहा? हमें फख्र होना चाहिए कि हमनें जो खेत जोता था, आगे के लोगों की वजह से उसमें फल भी आया। हमें इसी भाव से काम करना चाहिए। कई अफसर आप देखेंगे कि उन्होंने किसी आइडिया को बड़ा बनाया। आज खोजे से भी पता नहीं चलेगा कि वह कौन अफसर था। लेकिन आज कहीं इसमें कमी तो नहीं आ रही है। 3. अनुभव बोझ नहीं बनना चाहिए - मोदी ने कहा- अनुभव बोझ नहीं बनना चाहिए। अच्छे और नए काम को बढ़ावा मिलना चाहिए। अफसर मोबाइल पर लगे रहते हैं, इसलिए मैंने इसे बैठक में बंद कर दिया। आज दुनिया ई गवर्नेंस से एम गवर्नेंस की तरफ चल पड़ी है। कौन सी ताकत कब और किस काम आनी चाहिए, ये हमें पता होना चाहिए। - परंपरा को बरकरार रखना भी एक चुनौती है, हमें इसका ध्यान रखना होगा। मैं 16 साल से आप लोगों के साथ काम कर रहा हूं। इस व्यवस्था में काम करने वाले जो लोग हैं, उनका सुझाव ही सबसे उत्तम हो सकता है। अच्छे काम के लिए टीम वर्क जरूरी है। 4. सेवा भाव से काम करें, नाम कमाने की इच्छा से नहीं - मोदी बोले, समर्पण भाव से काम करना चाहिए, नाम कमाने की इच्छा न होना ही सबसे बड़ी ताकत है। ओनरशिप का मोमेंट होना सबसे जरूरी है। व्यक्ति के तौर पर इंसान की सबसे सही कसौटी कब होती है, अभाव ग्रस्त व्यवस्था व्यक्ति का सही मूल्यांकन नहीं करती है, प्रभाव ग्रस्त व्यवस्था ही व्यक्ति का सही मूल्यांकन कर सकती है। - आप सोचिए आप में से ही कुछ लोग, जवान जब कश्मीर में बाढ़ आने पर लोगों की मदद करते हैं, तो उनको वहां तालियां भी मिलती हैं। भले ही बाद में वे ही लोग आपको पत्थर मारें, लेकिन कुछ समय के लिए उनके मन में भी आता है कि ये लोग हमारे लिए जान दे सकते हैं। कहने का मतलब काम में लोगों की सेवा का भाव होना चाहिए अभाव नहीं। 5. हम अपना माइंडसेट बदल सकते हैं क्या? - मोदी ने कहा- विपुलता के बीच कैसे काम किया जाए? जिस तरह देश बढ़ रहा है, उसी तरह विपुलता के भी दर्शन हो रहे हैं। हम विपुलता के बीच अपनी स्ट्रैटजी बदल सकते हैं क्या, हम अपना माइंडसेट बदल सकते हैं क्या? अब जिले-राज्य-देशों, कल और आज के बीच कॉम्पिटिशन है। राष्ट्रहित सिविल सेवा का धर्म है। - अफसर हर फैसले को राष्ट्रहित के तराजू पर तौलें। हर अफसर के बीच लुब्रिकेटिंग व्यवस्था होनी चाहिए। सरकार के 2 डिपार्टमेंट आपस में क्यों झगड़ रहे हैं, ये मुझे समझ नहीं आता। 15 साल से काम रुका क्यों पड़ा है? सिविल सर्विस डे पर ये आत्मचिंतन का विषय होना चाहिए। 6. आज एक अवसर आया है स्थितियों को बदलने का - मोदी बोले, सरकारें आएंगी-जाएंगी, व्यवस्था लागू रहेगी। आज एक अवसर आया है स्थितियों को बदलने का। सत्यनिष्ठा से काम होना चाहिए, मैं आपके साथ खड़ा हूं। उस वक्त को याद कीजिए, जब आपने सिविल सेवा परीक्षा पास की थी तो क्या सपने थे, क्या उसमें कोई बदलाव आया है। - हम अपनी जिंदगी से ही प्रेरणा ले सकते हैं। गड्ढा खोदने-भरने से काम नहीं चलेगा, पेड़ भी लगना चाहिए। हम जो काम करें, उसका नतीजा भी निकलना चाहिए। अब हमें हर काम को आउटकम के तराजू पर तौलना होगा। परफॉर्म करने के लिए कमर कसना होगा। 7. अफसर चाहें तो गंगा साफ हो सकती है मोदी ने कहा- कल तक हम अपना गुजारा जैसे तैसे करते थे, लेकिन 2022 में भारत को ताकत बनाने के लिए काम करें। विभागों में मतभेद और अहम नहीं होना चाहिए। अफसर चाहें तो गंगा साफ हो सकती है। अगर हम मिलकर कोशिश करें तो गंगा साफ हो सकती है। - कश्मीर में बाढ़ आती है, तो जवान लोगों की जान बचाते हैं, भले वहां लोग जवानों को पत्थर मारें, लेकिन उनके लिए तालियां बजाई जाती हैं। लोगों के मन में भाव पैदा करें, अभाव नहीं।

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