• देखिये ट्रेनडिंग न्यूज़ अलर्टस

Padmavati

  • जयपुर के बाद अब महाराष्ट्र में पद्मावती का सेट तोड़ा, जलाया
    Last Updated: March 16 2017, 03:27 AM

    कोल्हापुर/जयपुर. निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर जयपुर से शुरू हुआ विवाद महाराष्ट्र के कोल्हापुर तक पहुंच गया है। मंगलवार रात मसाई पठार (पहाड़) पर लगाए गए फिल्म के सेट पर पचास से ज्यादा लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर पहुंचे और तोड़फोड़ की। वाहनों पर पथराव किया और सेट पर आग लगा दी। वहां मौजूद श्रमिकों को पीटा गया। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस के मुताबिक रात 2:50 बजे हमलावर सेट पर पहुंचे। उन्होंने काम करने वालों को पीटना शुरू कर दिया। शूटिंग के लिए लाए गए हथियार, महंगे जूते-चप्पल और सामान में आग लगा दी। सेट पर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की। रात में वाहन में सो रहे ड्राइवर महादेव केराप्पा की जमकर पिटाई की। उसके शोर मचाने पर सभी भाग निकले। इससे पहले उन्होंने घोड़ों के अस्तबल में भी आग लगाने का प्रयास किया था। इसमें दो घोड़े झुलस गए हैं। बाद में घटना की जानकारी के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची थी, जिसने आग बुझाई। मौके पर पेट्रोल बम मिला पुलिस को जांच के दौरान मौके से पेट्रोल बम मिला है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। वहीं हमलावर की एक शर्ट भी मिली है। इसी के आधार पर उनकी पहचान की कोशिश की जा रही है। इधर, राजस्थान में अब तक जारी है बवाल सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि पद्मावती की शूटिंग पर प्रदेश में रोक है। सरकार स्क्रिप्ट पढ़कर ही इसकी अनुमति देगी। प्रदेश में प्रसारण से पहले राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों को इसे दिखाकर आपत्ति मांगी जाएगी। बुधवार को सवर्ण आरक्षण अधिकार आंदोलन के संगठनों की बैठक में चतुर्वेदी ने सवर्ण जातियों के लिए नौकरियों में अधिकतम आयु सीमा 35 साल से बढ़ाकर 40 वर्ष करने का आश्वासन भी दिया।

  • कोल्हापुर में फिल्म पद्मावती के सेट पर प्रदर्शनकारियों ने लगाई आग, शूटिंग रोकी
    Last Updated: March 15 2017, 13:48 PM

    कोल्हापुर. संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती के सेट पर कोल्हापुर में आग लगा दी गई है। इसके बाद फिल्म की शूटिंग रोक दी गई है। हंगामा मचाने वाले कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है। बता दें कि 27 जनवरी को जयपुर में इस फिल्म के विरोध में भंसाली के साथ करणी सेना के लोगों ने मारपीट की थी। कई गाड़ियों को तोड़ा गया... - बताया जा रहा है कि देर रात करीब 40-50 लोग कोल्हापुर के मसाई पठार इलाके में पहुंचे और नारेबाजी करते हुए वहां खड़ी गाड़ियों में तोड़-फोड़ शुरू कर दी। सभी के हाथों में डंडे और पत्थर थे। - बुधवार सुबह पुलिस से इसकी शिकायत की गई, इसके बाद कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। - कांग्रेस एमएलए जितेंद्र अव्हद ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है, हम ऐसी घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। हम महाराष्ट्र सरकार से मांग करते हैं कि दोषियों पर जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की जाए। क्या और क्यों है विवाद - 27 जनवरी को जयपुर में फिल्म पद्मावती की शूटिंग के दौरान करणी सेना के प्रदर्शनकारियों ने संजय लीला भंसाली के साथ मारपीट और सेट पर तोड़-फोड़ की थी। - उनका आरोप था कि भंसाली फिल्म में रानी पद्मिनी का गलत चित्रण कर रहे हैं। फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी के साथ पद्मिनी के रोमांटिक सीन फिल्माए जाने को लेकर विरोध चल रहा है। - बता दें कि राजस्थान में रानी पद्मिनी को की वीरता के लिए जाना जाता है। - विवाद की एक वजह यह भी है कि कई इतिहासकार पद्मिनी के होने को ही झुठला रहे हैं। उनकी नजर में यह सिर्फ एक फिक्शन कैरेक्टर था। कौन थीं रानी पद्मावती? - रानी पद्मावती को पद्मिनी के नाम से भी जाना जाता था। वो चित्तौड़गढ़ की रानी और राजा रतन सिंह की पत्नी थीं। - कहा जाता है कि रानी पद्मावती बेहद खूबसूरत थीं। खिलजी वंश का शासक अलाउद्दीन खिलजी उन्हें पाना चाहता था। - रानी को जब ये पता चला तो उन्होंने कई दूसरी राजपूत महिलाओं के साथ जौहर कर लिया। - ऐसा माना जा रहा है कि बाजीराव मस्तानी की तरह इस फिल्म में भी खिलजी और पद्मावती को सेंटर में रखकर कहानी को बुना गया है।

  • जयपुर के बाद अब कोल्हापुर में भंसाली की पद्मावती का विरोध, सेट पर लोगों ने लगाई आग
    Last Updated: March 15 2017, 12:50 PM

    मुंबई। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती एक बार फिर खबरों में है। कोल्हापुर में फिल्म का नया सेट तैयार किया जा रहा था, लेकिन सोर्स की मानें तो कल रात उसके अंडर कंस्ट्रक्शन सेट को करीब 30-40 लोगों ने आग के हवाले कर दिया। इस दौरान तकरीबन 20 सिक्युरिटी गार्ड वहां मौजूद थे, जिनसे उन लोगों की हाथापाई भी हुई थी। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। गौरतलब है कि जनवरी में भी श्री राजपूत करणी सेना के एक्टिविस्ट ने जयपुर में पद्मावती के क्रू मेंबर्स के साथ मिसबिहेव किया था। सेट और कैमरा डैमेज कर दिए थे और भंसाली के साथ भी गलत बर्ताव किया था, क्योंकि उन्हें फिल्म की कहानी से जुड़े कुछ फैक्ट्स पर ऑब्जेक्शन था।

  • जायसी का फिक्शन कैरेक्टर नहीं, असल में थी रानी पद्मिनी, ये रहे 14 सबूत
    Last Updated: March 13 2017, 11:23 AM

    चित्तौड़गढ़/भोपाल. संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती; पर विवाद हुआ, तो असल रानी पद्मिनी के होने-न-होने पर सवाल उठाए गए। इतिहासकारों ने बयान दिए, सूफी कवि जायसी का गढ़ा किरदार तक बताया गया, ट्वीट भी किए गए, लेकिन रानी पद्मिनी के शहर चित्तौड़गढ़ में आज भी कई सबूत उनके होने की गवाही देते हैं। रानी पद्मिनी के होने के 14 सबूत... dainikbhaskar.com ने असली रानी पद्मिनी के होने; के सबूत उन्हीं के शहर चित्तौड़गढ़ से जुटाएं। इतिहासकारों की मदद से उन ऐतिहासिक ग्रंथों और किताबों को भी खंगाला, जिनमें पद्मिनी का जिक्र है। हम उस मू्र्ति तक भी पहुंचे, जो रानी की एकमात्र मूर्ति मानी जाती है। इसके अलावा, अपनी पड़ताल में हमें उदयपुर के पास मिले उस शिला के बारे में भी पता चला, जिस पर तारीखों के साथ राजा रतन सिंह के शासन काल का जिक्र किया गया है। दूसरी ओर, पद्मिनी के होने पर सवाल उठाने वालों पर चित्तौड़ के लोगों मे गुस्सा है। वे कहते हैं-विरोध करने वाले यहां आएं, हम उन्हें अपनी रानी के होने के सबूत देंगे। अविनाश श्रीवास्तव और अमृत पाल सिंह की स्पेशल रिपोर्ट- क्या और क्यों है विवाद- 27 जनवरी को जयपुर में फिल्म पद्मावती; की शूटिंग के दौरान करणी सेना के प्रदर्शनकारियों ने संजय लीला भंसाली के साथ मारपीट की और सेट पर तोड़फोड़ मचाई। इनका आरोप था कि भंसाली इस फिल्म में रानी पद्मिनी का गलत चित्रण कर रहे हैं। फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी के साथ पद्मिनी के रोमांटिक सीन फिल्माए जाने को लेकर विरोध चल रहा है। बता दें कि राजस्थान में रानी पद्मिनी को शौर्य का प्रतीक माना जाता है। विवाद की एक वजह ये भी है कि कई इतिहासकार पद्मिनी के होने की ही झुठला रहे हैं। उनकी नजर में ये सिर्फ एक फिक्शन कैरेक्टर था। इन्होंने पद्मिनी के होने पर उठाए सवाल - पिछले दिनों एक अंग्रेजी अखबार ने इतिहासकारों के हवाले से लिखा था कि पद्मिनी असल में नहीं थी, बल्कि मशहूर सूफी कवि मलिक मोहम्मद जायसी के 1540 में रचे काव्य पद्मावत; का काल्पनिक कैरेक्टर था। जायसी के इस महाकाव्य पर हिंदी साहित्यकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने टीका और समीक्षा भी की है। - सीनियर हिस्टोरियन इरफान हबीब ने भी उदयपुर में दावा किया है कि जिस पद्मावती के अपमान को मुद्दा बनाकर करणी सेना और दूसरे संगठन हंगामा मचा रहे हैं, वैसा कोई कैरेक्टर असलियत में था ही नहीं, क्योंकि पद्मावती पूरी तरह से एक काल्पनिक चरित्र है। - इरफान के मुताबिक, इतिहास में 1540 से पहले पद्मावती का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता है। - गीतकार जावेद अख्तर ने भी पिछले दिनों ट्वीट किया- पद्मावत इतिहास नहीं, बल्कि एक काल्पनिक कहानी है। पद्मावत पहला हिंदी नॉवल है, जिसे मलिक मोहम्मद जायसी ने अकबर के दौर में लिखा था। यह बिल्कुल वैसे ही है जैसे कि अनारकली और सलीम। - एक अन्य ट्वीट में जावेद ने लिखा, खिलजी मुगल नहीं थे, वे तो मुगलकाल से 200 साल पहले हुआ करते थे। इतिहास में जिक्र कम इसलिए गफलत ज्यादा चित्तौड़गढ़ के इतिहास संकलनकर्ता और मेवाड़ के इतिहास पर किताबें लिख चुके डॉ. एएल जैन ने रानी पद्मिनी और राजा रतन सिंह के कम जिक्र के दो कारण बताए- - राजस्थान और खासकर चित्तौड़ के इतिहास में उन राजाओं का कम जिक्र किया गया है जिनका शासन काल कम समय का रहा है। (इतिहास के मुताबिक, राजा रतन सिंह ने सिर्फ 1 साल, 3 महीने और 5 दिन (1158 ईसवी) ही चित्तौड़ पर शासन किया) - राजपूतों के इतिहास में रानियों और राजपरिवार की महिलाओं का भी कम उल्लेख मिलता है, ऐसा इसलिए क्योंकि परंपराओं के अनुसार इन्हें परदे में रहना होता था और ये खुलकर सबके सामने नहीं आती थीं। राधावल्लभ सोमानी ने अपनी बुक में लिखा है कि 13वीं शताब्दी से पहले शिलालेखों में रानियों के नाम का जिक्र कम होता था, जिसके चलते हाड़ी करमेती, पन्नाधाय और मीरा का नाम भी नहीं है और इसी तरह पद्मिनी का भी। डॉ जैन के मुताबिक, यही वो कारण हैं जिनके चलते राजा रतन सिंह, रानी पद्मिनी और अलाउद्दीन खिलजी से जुड़े तथ्य एकसमान नहीं होते और विवाद हो रहा है। कौन थी रानी पद्मिनी - पद्मिनी, मेवाड़ के राजा रावल रतनसिंह की पत्नी थीं। बताया जाता है कि उस समय के एक जैन तांत्रिक राघव चेतन, जो दिल्ली दरबार से सम्मानित था, ने पद्मिनी की सुंदरता से दिल्ली के तत्कालीन शासक अलाउद्दीन खिलजी को बताया था। इसके बाद खिलजी इतना मोहित हो गया कि उसने चित्तौड़गढ़ पर हमला कर दिया। पद्मिनी को पाने की चाहत मे उसने करीब 6 महीने तक चित्तौड़गढ़ के किले के चारों ओर डेरा डाले रहा। उसने धोखे से रतन सिंह को बंदी बनाया और पद्मिनी को मांगा लेकिन पद्मिनी ने इसकी जगह जौहर कर लिया। उनके साथ 16000 अन्य महिलाओं ने भी जौहर कर लिया। पद्मिनी कहां पैदा हुईं, इसे लेकर इतिहासकारों में कई अलग-अलग मत हैं। इस बारे में कुछ तथ्य हम आपको यहां बता रहे हैं... - पद्मिनी सिंहल द्वीप के राजा गंधर्व सेन की बेटी थी, जिनकी शादी मेवाड़ के रावल रतन सिंह से हुई। सिंहल द्वीप को आज श्रीलंका के रूप में पहचाना जाता है। - कुछ इतिहासकारों का मानना है कि पद्मिनी मध्यप्रदेश के सिंगोली गांव की थी, जो राजस्थान में कोटा के नजदीक है। उस दौरान यहां चौहानों का शासन था और एक किला भी बना हुआ था, जिसके अवशेष आज भी मिलते हैं। - राजस्थान के एक इतिहासकार का मानना है कि पद्मिनी जैसलमेर के रावल पूरणपाल की बेटी थीं, जिन्हें 1276 में जैसलमेर से निर्वासित कर दिया गया था। उन्होंने पूंगल प्रदेश में अपना ठिकाना बनाया। ये जगह बीकानेर के चमलावती और रमनेली नदियों के संगम पर बसा पड़केश्वर था। यह बीकानेर से खाजूवाल मार्ग पर 50 किमी पश्चिम में है। आगे की स्लाइड में देखें वो तमाम सबूत, जो रानी पद्मिनी के जौहर की गवाही आज भी देते हैं-

  • भंसाली कहीं भी बनाएं फिल्म, इतिहास के साथ छेड़खानी हुई तो आधे भारत में नहीं चलने देंगे
    Last Updated: March 11 2017, 06:32 AM

    कोटा. संजय लीला भंसाली की फिल्म पदमावती को लेकर श्री राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी ने शुक्रवार को चेतावनी दी है कि अगर भंसाली ने राजपूत समाज से की गई शर्तों विरूद्व इतिहास से छेड़खानी करके फिल्म बनाई तो आधे भारत में यह फिल्म नहीं चलेगी। फिर वह फिल्म दुबई क्या अफगानिस्तान, अमेरिका या रसिया जाकर बना लें। इधर, कालवी ने सेंसर बोर्ड से कहा है कि देश में बनने वाली फिल्मों की वह पहले स्टोरी की जांच करें। इसके लिए 15 इतिहासकार, 15 पत्रकारों व 4 से 5 जजों की मदद लें। इससे इतिहास के साथ छेड़खानी रुकेगी। यह बात कालवी ने आशापुरा माता मंदिर में हुई शुक्रवार को हुई श्री राजपूत करणी सेना की प्रदेशस्तरीय मीटिंग को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करने के दौरान कही हैं। आरक्षण की समीक्षा करवाने के लिए जल्द इक्कठा होंगे 10 लाख लोग करणी सेना की मीटिंग में शामिल हुए कालवी ने कहा कि समय-समय पर आरक्षण समीक्षा की बात उठ रही है। राजपूत समाज इसके लिए खड़ा हुआ है। इस संघर्ष के लिए में समाज 9 जातियों को भी साथ लेगा। इसके लिए 10 लाख लोग जल्द ही इक्कठा होंगे। इसके लिए 5 हजार के करीब मीटिंग की जाएगी।

  • फूलन देवी के हत्यारे ने करवाया था भंसाली पर हमला, पढ़ें Exclusive रिपोर्ट
    Last Updated: February 09 2017, 10:42 AM

    चित्तौड़गढ़/भोपाल. फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ 27 जनवरी 2017 को जयपुर में जो कुछ हुआ, उसकी स्क्रिप्ट 310 किमी दूर चित्तौड़गढ़ में 33 दिन पहले यानी 24 दिसंबर 2016 को ही लिखी जा चुकी थी। शेर सिंह ने सभा में कहा था- नहीं समझें तो थप्पड़ पड़ेंगे... dainikbhaskar.com की पड़ताल में सामने आया है कि भंसाली पर इस हमले का सूत्रधार और कोई नहीं, शेर सिंह राणा है, जो दस्यु सुंदरी से सांसद बनी फूलन देवी की हत्या के मामले में जमानत पर है। राणा ने वहां जो कहा, एक वीडियो में भी रिकॉर्ड हुआ था। जब इस बारे में हमने राणा से बात की, तो उसने माना कि जयपुर की घटना को उसी के इशारे पर करणी सेना ने अंजाम दिया था। राणा ने यह भी कहा कि भंसाली अगर नहीं समझे, तो उनके साथ आगे कुछ भी हो सकता है। दरअसल, 24 दिसंबर 2016 को चित्तौड़गढ़ में भंसाली पर हमला करने वाली राजपूत करणी सेना ने जौहर स्वाभिमान समारोह आयोजित किया था। इसमें शेर सिंह राणा बतौर गेस्ट मौजूद था। उसके साथ करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी, जयपुर राजघराने की सदस्य और विधायक दीया कुमारी सहित राजपूत समाज के कई बड़े चेहरे भी मंच पर थे। चित्तौड़ के सेंती स्थित उत्सव वाटिका में आयोजित इस कार्यक्रम में संबोधित करते हुए राणा ने कहा था- पद्मावती फिल्म को लेकर मैंने मुंबई में प्रोडयूसर से साफ कहा कि यदि फिल्म में कुछ भी गलत हुआ तो वे कोई धरना-प्रदर्शन नहीं करेंगे, बल्कि सीधे मुंबई जाकर थप्पड़ लगाएंगे।; बता दें, दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद राणा का राजस्थान के कई शहरों में सम्मान किया गया था। रैलियां और सभाएं भी की गईं। <a href='http://dbvideos.bhaskar.com/trending/real-mastermind-behind-sanjay-leela-bhansali-on-padmavati-set-40040.html?153'>(यहां क्लिक करके देखें वीडियो)</a> रानी पद्मिनी को कल्पना मानने वाले लोग भंसाली समर्थकः राणा (सुनें पूरा इंटरव्यू) - अगर रानी पद्मिनी का वास्तविक चरित्र दिखाया जाता है तो हम भंसाली का सम्मान करेंगे, लेकिन मैं गलत हुआ तो मैं ये नहीं कह रहा हूं कि आप सब मेरा साथ देना लेकिन मैं धरना-प्रदर्शन वाला आदमी नहीं हूं मैं उसको वहीं मुम्बई में जाकर चार झापड़ मारूंगा...। - फिल्म निर्माताओं ने मुझसे कहा है कि पद्मिनी ने स्वाभिमान और राष्ट्र के लिए अच्छा कार्य किया है। उसे उसी तरीके से दिखाया जाएगा। उन्होंने मुझे प्रैक्टिकल रीजन भी बताया है कि कोई 100 करोड़ रुपए खर्च कर फिल्म बना रहा है तो वो रुकेगी नहीं। - हालांकि, राणा ने ये भी कहा कि हम पहले स्टोरी देखेंगे, गड़बड़ हुई तो कानूनी रास्ता भी अपनाएंगे। आगे की स्लाइड में- तिहाड़ से फरार हुआ, अफगानिस्तान से लाया पृथ्वीराज की अस्थियां सहयोगः राकेश पटवारी, दैनिक भास्कर चित्तौड़गढ़

  • भंसाली पर हुए हमले पर बोलीं जया, दुखी हूं क्योंकि सरकार ने इसकी निंदा नहीं की
    Last Updated: February 08 2017, 14:00 PM

    नई दिल्ली: संजय लीला भंसाली पर जयपुर में हुए हमले की निंदा जया बच्चन ने राज्य सभा में की है। इस मामले को उठाते हुए जया ने कहा, जिन लोगों को सियासी संरक्षण मिला है, वे कानून अपने हाथ में लेने लगे हैं। ऐसे लोग कानून-व्यवस्था का सम्मान भी नहीं करते। जो भंसाली के साथ जयपुर में हुआ फिल्म जगत को वह हमेशा झेलना पड़ता है। सरकार या तो मदद करती ही नहीं और अगर करें भी तो ना के बराबर होती है। उन्होंने आगे कहा, फिल्म इंडस्ट्री रोजगार देती है। अगर यही होता रहा तो आय और रोजगार के अवसरों पर प्रभाव पड़ेगा। मुझे दुख है कि सरकार ने तो इस हमले की निंदा तक नहीं की। इस बारे में सोचना चाहिए। गौरलतब है कि, पिछले महीने संजय लीला भंसाली के जयपुर में बनाए हुए सेट पर जमकर विरोध हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने भंसाली को थप्पड़ तक मारा दिया। <a href='http://bollywood.bhaskar.com/news/ENT-BNE-misbehave-with-sanjay-leela-bhansali-in-jaipur-news-hindi-5514642-PHO.html'>(पढ़ें पूरी खबर)</a>

  • लालू के छोटे बेटे ने इंग्लिश में किया ट्वीट, जानिए क्यों पड़ रही गालियां
    Last Updated: February 06 2017, 22:44 PM

    पटना. लालू के छोटे बेटे और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने ट्विटर के जरिए फिल्म डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को बिहार में शूटिंग करने के लिए इनवाइट किया। तेजस्वी ने ये ट्वीट इंग्लिश में किया था। उनके इस ट्वीट के जवाब में लोगों ने उन्हें खूब सुनाई। उनके इस ट्वीट पर लोगों के कमेंट्स आए। कुछ ने सुझाव दिया तो कुछ ने उनसे बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल भी पूछा। इनमें से बहुत ट्विट्स फनी भी थे। जानिए क्या है पूरा मामला... - दरअसल, राजस्थान में पद्मावती की शूटिंग के दौरान संजय लीला भंसाली के साथ मारपीट की गई। - इसके बाद तेजस्वी भंसाली के सपोर्ट में आ गए और शूटिंग के लिए उन्हें बिहार इनवाइट कर दिया। - तेजस्वी ने लिखा मैं बॉलीवुड को न्योता देता हूं कि वे हमारे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्रगतिशील बिहार में आ कर फिल्में बनाएं। हम उन्हें हर तरह की सुविधाएं मुहैया कराएंगे। - तेजस्वी के इस ट्वीट के बाद लोगों ने उनपर निशाना बनाना शुरू कर दिया। कुछ ने कहा कि बिहारियों को सुविधाएं तो मिल नहीं रही और आप बात बॉलीवुड की कर रहे हैं। - कुछ यूजर्स ने तेजस्वी से चारा घोटाला, बिहार में क्राइम को लेकर सवाल पूछ दिया। - कुछ ने फनी कमेंट्स करते हुए तेजस्वी के इंग्लिश में किए गए ट्विट को लेकर खूब मजा लिया। इससे पहले तेजस्वी ने किया था ये ट्वीट - बिहार में शूटिंग का इनविटेशन देने से पहले तेजस्वी ने ट्वीट किया कि संजय लीला भंसाली के साथ बीजेपी शासित राजस्थान में जो हुआ, बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। - उन्होंने लिखा कि हिंदुस्तानियों को आपस में लड़ाना बीजेपी के डीएनए में है। - तेजस्वी के इस ट्वीट के बाद एक यूजर ने लिखा कि आप गलत हैं। बीजेपी ने दो विरोधियों (लालू और नीतीश) को आपस में मिला दिया और आप आपस में लड़ाने की बात करते हैं। - तेजस्वी ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा कि अगर बिहार में भंसाली के साथ ऐसा हुआ होता तो ये एक इश्यू बन जाता। - उन्होंने लिखा कि कुछ पत्रकार इसे लेकर टीवी पर डिबेट करने लगते। वे जंगलराज और जातिवाद जैसे मुद्दे को लेकर बैठ जाते। आगे की स्लाइड्स में देखें तेजस्वी के ट्वीट पर यूजर्स के रिएक्शन्स....

  • हमले के बाद दोगुनी भंसाली की सिक्युरिटी, शूटिंग के लिए बन रहे स्पेशल पास
    Last Updated: February 05 2017, 10:34 AM

    जयपुर. पिछले दिनों जयपुर में पद्मावती की शूटिंग के दौरान करणी सेना ने संजय लीला भंसाली और उनकी क्रू पर हमला किया था। इसके बाद पूरी शूटिंग यूनिट लाव लश्कर समेटकर मुंबई आ गई। अंतत: भंसाली और करणी सेना के बीच समझौता हुआ, जिसमें रानी पद्मावती और अल्लाउद्दीन खिलजी के बीच किसी भी तरह के ड्रीम सीक्वेंस दिखाए जाने से इंकार किया गया। तय शेड्यूल पर ही फिल्म की शूटिंग करेंगे भंसाली... यह भी जानकारी आ रही है कि भंसाली तय शेड्यूल पर ही फिल्म की शूटिंग करेंगे। सूत्रों के अनुसार, भंसाली और शूटिंग यूनिट की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। गौरतलब है कि कई गार्ड्स की मौजूदगी में भी करणी सेना के लोग सेट में घुस आए थे। इसलिए न केवल सुरक्षा गार्ड्स दोगुने किए जा रहे हैं, बल्कि शूटिंग के स्पेशल पास बन रहे हैं। मुंबई से बाहर की लोकेशन पर शूटिंग के लिए स्थानीय प्रशासन से बातचीत व सुरक्षा की तैयारी की जा रही है। कुछ प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनियों से भी इस बाबत चर्चा हो रही है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, करणी सेना अब भी नाराज...

  • नहीं रहे दीपिका पादुकोण के नाना, 95 साल की उम्र में हुआ निधन
    Last Updated: February 03 2017, 17:54 PM

    मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण के नाना का बीते 30 जनवरी को 95 साल की उम्र में निधन हो गया। मीडिया इंटरेक्शन के दौरान दीपिका ने बताया कि वो अपने नाना जयंत करकल के काफी क्लोज थीं और उनके साथ कुछ और वक्त बिताना चाहती थीं। दीपिका के मुताबिक, मैंने नाना के साथ ही इस बार न्यू ईयर सेलिब्रेट किया था। हर साल मैं न्यू ईयर पर कहीं बाहर जाती थी, लेकिन इस बार स्पेशली नाना की वजह से मैंने इंडिया में ही इसे सेलिब्रेट किया था। दीपिका ने इन दिनों फिल्म पद्मावती की शूटिंग से कुछ दिनों के लिए ब्रेक लिया है और फिलहाल वह अपनी फैमिली के साथ हैं। बता दें कि दीपिका की मां उज्जला मुंबई की रहने वाली हैं और उनके नाना साउथ मुंबई में रहते थे। दीपिका के पिता फेमस बैडमिंटन प्लेयर प्रकाश पादुकोण है। दीपिका ने फिल्म पद्मावती की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर संजय लीला भंसाली पर हुए हमले की भी निंदा की। उन्होंने कहा- ये बेहद दुखद है। फिल्म में पद्मावती के कैरेक्टर के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है।

  • 33 दिन पहले जयपुर से 310 किमी दूर लिखी गई थी भंसाली पर हमले की स्क्रिप्ट
    Last Updated: February 02 2017, 18:50 PM

    चित्तौड़गढ़/भोपाल. फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ 27 जनवरी 2017 को जयपुर में जो कुछ हुआ, उसकी स्क्रिप्ट 310 किमी दूर चित्तौड़गढ़ में 33 दिन पहले यानी 24 दिसंबर 2016 को ही लिखी जा चुकी थी। dainikbhaskar.com की पड़ताल में सामने आया है कि भंसाली पर यह हमला पहले से तय था और इसका सूत्रधार और कोई नहीं, वही शेर सिंह राणा हैं, जो दस्यु सुंदरी से सांसद बनी फूलन देवी की हत्या के मामले में दोषी है। राणा ने वहां जो कहा, एक वीडियो में भी रिकार्ड हुआ था। जब इस बारे में हमने राणा से बात की, तो उन्होंने माना कि जयपुर की घटना उन्हीं के इशारे पर करणी सेना ने अंजाम दी थी। राणा ने यह भी कहा कि भंसाली नहीं समझे, तो उनके साथ कुछ भी हो सकता है। शेर सिंह ने सभा में कहा था- नहीं समझें तो थप्पड़ पड़ेंगे... दरअसल, 24 दिसंबर 2016 को चित्तौड़गढ़ में भंसाली पर हमला करने वाली राजपूत करणी सेना ने जौहर स्वाभिमान समारोह आयोजित किया था। इसमें तिहाड़ से फरार होकर अफगानिस्तान से पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लाने का दावा करने वाले शेर सिंह राणा बतौर गेस्ट मौजूद थे। उनके साथ करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी, जयपुर राजघराने की सदस्य और विधायक दीया कुमारी सहित राजपूत समाज के कई बड़े चेहरे मंच पर थे। चित्तौड़ के सेंती स्थित उत्सव वाटिका में आयोजित इस कार्यक्रम में संबोधित करते हुए राणा ने कहा था- पद्मावती फिल्म को लेकर मैंने मुंबई में प्रॉडयूसर से साफ कहा कि यदि फिल्म में कुछ भी गलत हुआ तो बर्दाश्त नहीं होगा। वे कोई धरना-प्रदर्शन नहीं करेंगे, बल्कि सीधे मुंबई जाकर थप्पड़ लगाएंगे।; (देखें वीडियो) रानी पद्मिनी को कल्पना मानने वाले लोग भंसाली समर्थकः राणा- आखिरी स्लाइड में सुनें पूरा इंटरव्यू चित्तौड़ में हुई इस सभा में राजपूत क्षत्रिय समाज के कई पदाधिकारी मौजूद थे। उनके नाम और कार्यक्रम के फोटो आगे की स्लाइड्स में देखे जा सकते हैं। बता दें, दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद राणा को राजपूत गौरव बताते हुए राजस्थान के कई शहरों में सम्मान किया गया था। रैलियां और सभाएं भी की गईं। चित्तौड़गढ़ में भंसाली की पद्मावती; पर क्या कहा था राणा ने- यदि फिल्म में रानी पदमिनी और इतिहास से अलग कुछ आपत्तिजनक नहीं हुआ तो उसे नहीं रोका जाएगा। फिल्म तो मेरे पर भी बन रही है। मेरी ही किताब पर। अगर रानी पद्मिनी का वास्तविक चरित्र दिखाया जाता है तो हम भंसाली का सम्मान करेंगे, लेकिन अगर कुछ गलत हुआ तो मैं इस मंच से बता देना चाहता हूं कि अगर उन्होंने (अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल) हरकत की, तो मैं ये नहीं कह रहा हूं कि आप सब मेरा साथ देना लेकिन मैं धरना प्रदर्शन वाला आदमी नहीं हूं मैं उसको वहीं मुम्बई में जाकर चार झापड़ मारूंगा...। (राणा के इस बयान के बाद तालियां भी बजती है और सभा में नारे भी लगाए जाते हैं।) अगर सिर्फ डायलॉगबाजी करनी है, तो करते रहिए लेकिन अगर वाकई फिल्म रुकवानी है, तो जो करना है अभी करिए। वरना बाद में जाकर वो करना पड़ेगा जो मैं कह रहा हूं, उसकी जाकर पिटाई करनी पड़ेगी। मैंने इस पर भी आपत्ति जताई कि अक्सर फिल्मों में ठाकुर आदि रूप में भी राजपूत को खलनायक की तरह पेश किया जाता है। फिल्म निर्माताओं ने मुझसे कहा है कि पदमिनी ने स्वाभिमान और राष्ट्र के लिए अच्छा कार्य किया है। उसे उसी तरीके से दिखाया जाएगा। उन्होंने मुझे प्रैक्टिकल रीजन भी बताया है। मेरा भी मानना है कि यदि ऐसा है तो यह दिखाना भी चाहिए। कोई 100 करोड़ रुपए खर्च कर फिल्म बना रहा है तो वो रुकेगी नहीं। हालांकि राणा ने ये भी कहा कि हम पहले स्टोरी देखेंगे, गड़बड़ हुई तो कानूनी रास्ता भी अपनाएंगे। बता दें इसी समारोह के आयोजक लोकेंद्रसिंह कालवी लगातार यह बयान दे रहे थे कि फिल्म पद्मावती बन भले जाए, उसे चलने नहीं दिया जाएगा। आगे की स्लाइड में- तिहाड़ से फरार हुआ, अफगानिस्तान से लाया पृथ्वीराज की अस्थियां सहयोगः राकेश पटवारी, दैनिक भास्कर चित्तौड़गढ़

  • पद्मावती विवाद पर बोले शाहरुख़, ‘अगर किसी को कोई आपत्ति है तो बातचीत होनी चाहिए’
    Last Updated: February 02 2017, 12:34 PM

    अपने बेटे अबराम के साथ गोल्डन टेंपल (अमृतसर) माथा टेकने पहुंचे शाहरुख खान ने संजय लीला भंसाली के साथ हुई मारपीट को लेकर एक बयान दिया है। उन्होंने कहा है, अगर आर्ट की किसी भी फॉर्म को लेकर किसी को कोई आपत्ति है तो बैठकर बात करें, इसके अलावा दूसरा कोई भी रास्ता ठीक नहीं है।; गौरतलब है कि संजय लीला भंसाली आैर उनकी टीम के साथ जयपुर में बदसलूकी की गई थी। इसके बाद भंसाली ने लिखित में भरोसा दिलाया था कि उनकी फिल्म में पद्मावती को लेकर कोई भी आपत्तिजनक सीन नहीं होंगे।

  • जावेद अख्तर ने पद्मावत को काल्पनिक कहानी बताया
    Last Updated: February 01 2017, 11:04 AM

    जावेद अख्तर ने एक ट्वीट के जरिए कहा हैकि पद्मावत इतिहास नहीं बल्कि एक काल्पनिक कहानी है। पद्मावत पहला हिंदी नॉवल है, जिसे मलिक मोहम्मद जायसी ने अकबर के दौर में लिखा था। यह बिल्कुल वैसे ही है जैसे कि अनारकली आैर सलीम।; एक अन्य ट्वीट में जावेद ने लिखा, खिलजी मुगल नहीं थे, वे तो मुगलकाल से 200 साल पहले हुआ करते थे।; संजय लीला भंसाली के समर्थन में किया गया यह ट्वीट कई बार रीट्वीट हुआ। कुछ लोगों ने इस ट्वीट को लेकर विरोध भी जताया। गौरतलब है कि भंसाली पर उनकी आगामी फिल्म पद्मावती में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ का आरोप लगा था। इसको लेकर जयपुर की करणी सेना ने शूटिंग सेट पर तोड़फोड़ भी की थी।

  • भंसाली ने दी फिल्म पर लिखित सफाई, अब फिल्म का नाम बदलने की मांग
    Last Updated: January 31 2017, 12:52 PM

    जयपुर। अपनी अपकमिंग फिल्म पद्मवती में खिलजी के ड्रीम सीन्स और दोनों के लव सीन्स पर विवाद के बाद भंसाली प्रोडक्शन की ओर से सोमवार को लिखित में सफाई दे दी गई। एक लेटर के जरिए भंसाली प्रोडक्शन की सीईओ शोभा संत ने लिखित में बताया कि जिस तरह के सीन पर विवाद है ऐसा कोई सीन फिल्म में नहीं है। जानिए किन बातों पर हुई करणी सेना से सहमति& - जयपुर के जयगढ़ फोर्ट में शूटिंग के दौरान फिल्म डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को थप्पड़ मारने और उनके सेट तोड़ने के बाद सोमवार को मामले में नया मोड़ आ गया। - राजपूत करणी सेना और भंसाली प्रोडक्शन की ओर से प्रेस कांफ्रेंस कर लिखित में मुद्दों पर सहमति हो गई। - इस पूरे मामले में किसी ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की बल्कि बातचीत के जरिए मसले को सुलझा लिया। - वहीं मसले में करणी सेना से जुड़े कुछ युवाओं ने नया मुद्दा खड़ा कर दिया। - युवाओं के मुताबिक फिल्म का नाम ही बदल देना चाहिए। - फिल्म का नाम पद्मावती की जगह राजा रतन सिंह हो सकता है। इन मुद्दों पर थी आपत्ति - करणी सेना यूथ इकाई के प्रदेश अध्यक्ष महिपाल मकराणा और राजपूत सभा के अध्यक्ष गिरिराज सिंह के साथ भंसाली प्रोडक्शन की शोभा संत और असिस्टेंट डायरेक्टर चेतन धवलकर पत्रकारों से रूबरू हुए। - इस दौरान लिखित में भंसाली प्रोडक्शन ने फिल्म में ड्रीम और लव सीक्वेंस के अलावा अश्लील दृश्य न होने की बात की। - इसके अलावा आश्वस्त किया कि फिल्म में काफी रिसर्च की गई है। - इसमें ऐसी कोई कहानी नहीं है जो मनगढ़ंत है और किसी की भावनाओं को ढेंस पहुंचाती है। ये हैं करणी सेना के नए मुद्दे - करणी सेना ने प्रोडक्शन के सामने दो नए मुद्दे रखे हैं। - इनमें पहला कि फिल्म रिलीज होने के बाद इसकी स्क्रीनिंग एक कमेटी के सामने हो। - इस कमेटी में कुछ पत्रकार, समाजसेवी, इतिहासकार और कानून से जुड़े लोग होंगे। - दूसरा सेना के कुछ युवाओं की आपत्ति फिल्म के नाम पर है जिसे बदलने की बात की गई। - भंसाली प्रोडक्शन की शोभा ने कहा कि फिल्म स्क्रीनिंग के लिए प्रोडक्शन से बात करनी होगी। - वहीं फिल्म के नाम पर संजय लीला भंसाली ही तय करेंगे। - कुल मिलाकर प्रेस कांफ्रेंस में संजय लीला भंसाली और राजपूत करणी सेना में सहमति बनती नजर नहीं आई। फोटो : बृजेश उपाध्याय आगे की स्लाइड्स में क्लिक करके देखिए खबर की और फोटो <a href='http://www.bhaskar.com/news/c-10-misbehave-with-film-director-sanjay-leela-bhansali-in-jaipur-at-the-time-of-shooting-of-film-pa.html'>यहां क्लिक करके वीडियो में देखिए फिल्म डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को पड़े थप्पड़ और सेट में हुई तोड़फोड़ </a>

  • फिल्म का टाइटल बदलने की शर्त पर भंसाली-राजपूत करणी सेना के बीच सुलह
    Last Updated: January 31 2017, 11:18 AM

    मुंबई. संजय लीला भंसाली की टीम और करणी सेना में सुलह हो गई है। जानकारी के मुताबिक हाल ही में दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत में करणी सेना की गलतफहमियां दूर हुई हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम ने बताया है, फिल्म को लेकर अब कोई भी विवाद नहीं है। सेना ने फिल्म का नाम बदले जाने की मांग की है और भंसाली को नाम बदलने में कोई एतराज नहीं है।; हालांकि एक ट्वीट में राजपूत सभा ने फिल्म रिलीज़ होने से पहले दिखाए जाने की मांग भी की है। भंसाली प्रोडक्शंस की सीईओ शोभा संत ने आश्वासन दिला दिया है कि अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के बीच कोई भी ऐसा सीन नहीं फिल्माया गया है, जो आपत्तिजनक हो। टीम ने लिखित में यह आश्वासन दिया... आपसे हुई चर्चा के अनुसार हम यह बताना चाहते हैं कि फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के बीच कोई भी रोमांटिक सीन या ड्रीम सीक्वेंस नहीं है। हमने काफी रिसर्च की है आैर उम्मीद करते हैं कि इसे देखने के बाद मेवाड़ के लोगों को फिल्म पर गर्व होगा। हमारा मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। हम चाहते हैं कि राजपूत संगठन भी फिल्म की प्रोडक्शन टीम और कलाकारों को नुकसान न पहुंचाए। यह था मामला कुछ दिन पहले जयपुर में करणी सेना ने पद्मावती; के सेट पर उत्पात मचाया था। उनका आरोप था कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है। सेट पर तोड़फोड़ के बाद सेना ने भंसाली के साथ मारपीट भी की थी। सेना का कहना था अलाउद्दीन खिलजी फिल्म में एक सपना देखता है जिसमें वो रानी पद्मावती के साथ है, जबकि खिलजी और पद्मावती ने कभी एक दूसरे को आमने-सामने देखा ही नहीं आैर ना ही किसी किताब में भी ऐसे किसी सपने का कोई जिक्र है।

Flicker