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तमिलनाडु मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम

शशिकला और उनके फैमिली मेंबर्स के पार्टी में रहने तक समझौता नहीं: पन्नीर

शशिकला और उनके फैमिली मेंबर्स के पार्टी में रहने तक समझौता नहीं: पन्नीर

Last Updated: April 18 2017, 15:50 PM

चेन्नई. एआईएडीएमके के दो खेमों के एक होने के कयास लगाए जा रहे थे। इसको लेकर मंगलवार को विधायकों की मीटिंग भी हुई। पूर्व सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम ने कहा है कि जब तक पार्टी और सरकार में शशिकला और उनके परिवार के लोग रहेंगे, दोनों खेमों के एक होने का सवाल ही नहीं उठता। तमिलनाडु में जयललिता के निधन के बाद पन्नीरसेल्वम ने बगावत के बाद एक गुट बना लिया था। दूसरे खेमे को पार्टी की जनरल सेक्रेटरी शशिकला और उनका भतीजा टीटीवी दिनाकरन लीड कर रहे हैं। पार्टी में परिवार की सत्ता नहीं हो सकती... - अपने होमटाउन पेरियाकुलम में मीडिया से बात करते हुए पन्नीरसेल्वम ने कहा, ऐसा नहीं है कि दोनों धड़ों को एक होने के लिए कोई शर्त नहीं है। हम अपनी बेसिक पॉलिटिक्स नहीं हटेंगे। हम पार्टी में एक परिवार की सत्ता के खिलाफ हैं। अगर हम अपने स्टेंड से हटते हैं तो ये तमिलनाडु के लोगों और एआईएडीएमके कैडर के साथ नाइंसाफी होगी। - पार्टी को किसी परिवार के हाथों में नहीं दिया जा सकता। अम्मा (दिवंगत जयललिता) ने इस परिवार को पार्टी से बाहर कर दिया था। इसके बाद शशिकला ने माफी मांगी। इसके बाद भी उन्हें कोई पद नहीं दिया गया। शशिकला ने खुद कहा था कि उनकी फैमिली की साजिश में शामिल थी। लिहाजा उनकी फैमिली का कोई शख्स पार्टी में नहीं होना चाहिए। - पन्नीरसेल्वम ने जयललिता की मौत की जांच कराने की भी मांग की। शशिकला और दिनाकरन के पार्टी से बाहर जाने पर चर्चा नहीं हुई - मंत्री जयकुमार ने कहा कि मीटिंग में शशिकला और दिनाकरन को पार्टी से बाहर किए जाने पर कोई चर्चा नहीं हुई। - AIADMK सरकार में कमर्शियल टैक्स मिनिस्टर केसी वीरामणि के मुताबिक, पार्टी में पद को लेकर लड़ाई हमेशा नहीं रहने वाली। कुछ घंटो में अच्छी खबर आ सकती है। दोनों खेमों में विलय की भी संभावना है। - हालांकि पन्नीर कैंप से जुड़े लोगों का ये भी कहना है कि विरोधी पक्ष के लोगों ने बातचीत की कोई कोशिश नहीं की। - ये भी कहा जा रहा है कि दिनाकरन जेल में शशिकला से मिले थे। कयास हैं कि वे जनरल सेक्रेटरी की पोस्ट छोड़ने को राजी हो गई हैं। - सोमवार रात को यह मीटिंग मंत्री के. थंगामणि के सरकारी आवास पर हुई। इसमें करीब 25 विधायक और मंत्री शामिल हुए थे। - पार्टी के सभी मंत्री और विधायक चाहते हैं कि पार्टी एकजुट रहे और सरकार अपना टेन्योर पूरा करे। शशिकला खेमे में विद्रोह की अटकलें - पार्टी के हवाले से मीडिया में यह खबरें चल रही हैं कि शशिकला खेमे में बगावत हो सकती है। खासकर दिनाकरन के खिलाफ दिल्ली में एफआईआर दर्ज होने के बाद। बता दें कि दिनाकरन के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया है। दिनाकरन पर आरोप है कि उन्होंने तमिलनाडु की आर.के.नगर असेंबली सीट के बाय इलेक्शन के लिए AIADMK के चुनाव चिन्ह दो पत्तियों को हासिल करने के लिए इलेक्शन कमिशन के एक अधिकारी को रिश्वत देने की पेशकश की है। AIADMK में कब बन थे दो गुट - जयललिता की मौत के 65वें दिन AIADMK में बगावत हो ही गई थी। दरअसल जयललिता ने अपनी तबीयत खराब होने के बाद पन्नीरसेल्वम को राज्य का सीएम बनाया था। - जब जयललिता का निधन हो गया तब शशिकला खेमा एक्टिव हुआ और पन्नीरसेल्वम को इस्तीफा देना पड़ा। इस बीच शशिकला को पार्टी का जनरल सेक्रेटरी बना दिया गया। - इसी के बाद पन्नीरसेल्वम ने शशिकला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने दावा किया था- मुझसे जबर्दस्ती इस्तीफा लिया गया। अगर तमिलनाडु के लोग चाहेंगे तो मैं इस्तीफा वापस लेने को तैयार हूं। - उन्होंने बताया था कि मुझे पोएस गार्डन बुलाया। वहां पार्टी नेताओं ने कहा कि शशिकला को सीएम बनाने के लिए इस्तीफा दे दूं। इससे पहले वे करीब 40 मिनट तक जयललिता की समाधि पर मौन बैठे रहे थे। - बाद में हाई ड्रामा के बीच शशिकला खेमा ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित किया था। शशिकला बेंगलुरु जेल में हैं - शशिकला को बेहिसाब प्रॉपर्टी (डिसप्रपोर्शनेट एसेट-DA) मामले में जेल में हैं। बता दें कि फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के 4 साल की सजा के फैसले को बरकरार रखा था। साथ ही 10 करोड़ जुर्माना लगाया था। - शशिकला 6 महीने की सजा वे काट चुकी हैं। उन्हें साढ़े तीन साल जेल में गुजारने होंगे। फैसले के साथ ही शशिकला का पॉलिटिकल करियर एक तरह से खत्म हो गया है। 4 साल की सजा पूरी करने के बाद वे 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। इस तरह 10 साल तक चुनावी राजनीति से बाहर रहेंगी। बता दें कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने इसी केस में शशिकला और जयललिता को 2015 में बरी कर दिया था।

जयललिता को धक्का दिया गया, उसके बाद हॉस्पिटल में भर्ती हुईं: AIADMK नेता का दावा

जयललिता को धक्का दिया गया, उसके बाद हॉस्पिटल में भर्ती हुईं: AIADMK नेता का दावा

Last Updated: March 03 2017, 09:50 AM

चेन्नई. AIADMK के सीनियर नेता पीएच पांडियन ने दावा किया है कि अम्मा (जयललिता) को पोएस गार्डन स्थित उनके घर में किसी ने धक्का दिया था। तमिलनाडु असेंबली के पूर्व स्पीकर पांडियन का कहना है कि उस घटना के बाद ही जयललिता को पिछले साल 22 सितंबर को अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा था। बता दें कि लंबे इलाज के बाद जयललिता का पिछले साल 5 दिसंबर को निधन हो गया था। नैचुरल कंडीशन में नहीं हुई थी मौत... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पांडियन ने शक जताया है कि पूर्व सीएम जयललिता की मौत नैचुरल कंडीशन में नहीं हुई थी। - पूर्व सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम के घर पर गुरुवार को मीडिया से बातचीत में पंडियन ने कहा, धक्का देने के बाद अम्मा गिर गईं। उसके बाद उनके साथ क्या हुआ, यह किसी को नहीं मालूम। - एक पुलिस अफसर ने एम्बुलेंस बुलाया और अम्मा को हॉस्पिटल ले जाया गया। उनके वहां पहुंचने के बाद अपोलो हॉस्पिटल के 27 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को हटा दिया गया। हॉस्पिटल के मैनेजमेंट को क्लियर करना चाहिए कि सीसीटीवी कैमरे क्यों हटाए गए? डेथ के अगले दिन खुलासा क्यों? - पंडियन ने कहा कि अम्मा की डेथ 4 दिसंबर को शाम 4.30 बजे ही हो चुकी थी, लेकिन हॉस्पिटल ने 5 दिसंबर को इसका एलान किया। यह सामने आना चाहिए कि फैमिली के किस मेंबर ने उनका इलाज बंद करने के लिए कहा था। - पंडियन से जब यह पूछा गया कि आपको ये इन्फॉर्मेशन कहां से मिली तो उन्होंने कहा, मेरे अपने सोर्सेस हैं। मैं खुद ही इसकी जांच कर रहा हूं। अम्मा के इलाज में कई ऐसी चीजें हैं, जिन पर शक होता है। - उन्होंने कहा, सीएम होने के नाते अम्मा को एसपीजी सिक्युरिटी मिली हुई थी। क्या एसपीजी एक्ट के मुताबिक, उनके खाने की जांच की गई और उन्हें अस्पताल में जाने की इजाजत क्यों नहीं थी? सिंगापुर से फिजियो क्यों बुलाए? - पंडियन ने कहा, अपोलो हॉस्पिटल में ही कई फिजियो मौजूद हैं, तो अम्मा के इलाज के लिए सिंगापुर से फिजियो क्यों बुलाए गए? - 3 सीटों पर बाय-इलेक्शन के दौरान AIADMK कैंडिडेट्स के नॉमिनेशन के वक्त फॉर्म-ए और बी पर अम्मा के अंगूठे के निशान लिए गए थे। क्या किसी दूसरे डॉक्युमेंट्स पर भी उनके अंगूठे के निशान लिए गए? डॉक्टर और वे लोग जो उस वक्त अम्मा के पास थे, उन्हें इसका जवाब देना चाहिए। - अम्मा को इलाज के लिए जून 2015 में सिंगापुर ले जाने के लिए चेन्नई एयरपोर्ट पर पैरा-एम्बुलेंस हेलिकॉप्टर तैनात था, लेकिन उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर ले जाने से किसने रोका था, इसका भी खुलासा होना चाहिए।

पलानीस्वामी ने 122 MLAs के सपोर्ट से जीता फ्लोर टेस्ट, वोटिंग के लिए असेंबली में बुलानी पड़ी पुलिस

पलानीस्वामी ने 122 MLAs के सपोर्ट से जीता फ्लोर टेस्ट, वोटिंग के लिए असेंबली में बुलानी पड़ी पुलिस

Last Updated: March 02 2017, 14:19 PM

चेन्नई. तमिलनाडु असेंबली में शनिवार को भारी हंगामे के बाद नए सीएम ई. पलानीस्वामी ने फ्लोर टेस्ट जीत लिया। असेंबली में सीक्रेट बैलेट की मांग को लेकर विपक्ष के विधायक हंगामा कर रहे थे। उन्होंने जमकर तोड़फोड़ की। स्पीकर से बदसलूकी हुई। इसके बाद पुलिस बुलाकर DMK के 89 विधायकों को बाहर निकाला गया। वोटिंग के दौरान सिर्फ AIADMK के विधायक मौजूद थे। इसके बाद वोट ऑफ कॉन्फिडेंस मोशन पर वोटिंग शुरू हुई। 122 विधायकों ने पलानीस्वामी के फेवर में वोट किया। जबकि AIADMK के बागी नेता ओ. पन्नीरसेल्वम को सिर्फ 11 वोट मिले। मेजॉरिटी साबित करने के लिए 67 वोटों की जरूरत थी। असेंबली में 3 बातें पहली बार हुईं... - असेंबली में तीन बातें पहली बार हुईं। पहला- विधायकों ने स्पीकर ओ. धनपाल से जमकर धक्कामुक्की की। उनकी शर्ट तक फाड़ दी। - दूसरा- दो-दो विधायक उनकी कुर्सी पर भी जा बैठे। बाद में मार्शल्स ने घेरा बनाकर स्पीकर को सुरक्षित बाहर निकाला। - तीसरा- स्पीकर को डीएमके विधायकों को बाहर करने के लिए असेंबली कैम्पस में पुलिस बुलानी पड़ी। - हंगामे के चलते असेंबली का नजारा ठीक वैसा ही था, जैसा 29 साल पहले एमजीआर के निधन के बाद जयललिता के फ्लोर टेस्ट के वक्त हुआ था। - जैसे ही पलानीस्वामी ने विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया, डीएमके विधायक सीक्रेट बैलेट की मांग पर अड़ गए, कागज फाड़े, कुर्सियां फेंकीं। टेबल और माइक भी तोड़ दिए। इस तोड़फोड़ में एक ऑफिसर घायल हो गया। वोटिंग के दौरान क्या हुआ? - AIADMK के 122 विधायकों ने पलानस्वामी (शशिकला गुट) के सपोर्ट में वोट दिया। - पार्टी के सिर्फ 11 विधायकों ने पन्नीरसेल्वम को वोट दिया। - डीएमके और कांग्रेस अलायंस के 98 विधायक असेंबली से बाहर रहे। - इस तरह पलानीस्वामी ने 122-11 के मार्जिन से फ्लोर टेस्ट जीत लिया। असेंबली में अब क्या है स्थिति? - विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं। AIADMK के पास 135 और डीएमके के पास 89 सीटें हैं। - जयललिता के निधन के बाद उनकी सीट खाली है। कांग्रेस के पास 8 सीट और IUML के पास एक सीट है। दोनों खेमों के लीडर ने क्या कहा? - फ्लोर टेस्ट जीतने के बाद सीएम पलानीस्वामी (शशिकला खेमे के लीडर) ने कहा, हर किसी ने देखा कि विद्रोही खेमे ने किस तरह अम्मा की सरकार के खिलाफ काम किया। आज का दिन अम्मा के असली सपोर्टर्स का दिन है। - फ्लोर टेस्ट के बाद पन्नीरसेल्वम (विद्रोही खेमे के लीडर) ने कहा, डीएमके विधायक 3 घंटे तक डेमोक्रेसी को बचाने की गुहार लगाते रहे। हमारी गैरमौजूदगी में विश्वास मत पास कराया गया, हमें इसकी वैलिडिटी पर शक है। - अम्मा की पार्टी ने उनके परिवार को फिर से बाहर कर दिया, लेकिन ये आखिरी लड़ाई नहीं है, अम्मा का राज फिर आएगा। स्टालिन ने लगाया बदसलूकी का आरोप, मरीना बीच पर किया प्रोटेस्ट - डीएमके के वर्किंग प्रेसिडेंट एमके स्टालिन ने AIADMK विधायकों पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। - स्टालिन ने कहा, जब पुलिस हमारे विधायकों को बेदखल कर रही थी तो मेरी भी कमीज फट गई, सत्तारूढ़ दल के इशारे पर हमारे साथ बदसलूकी की गई। - स्टालिन जब विधायकों के साथ बाहर आए तो उनकी भी शर्ट फटी और बिखरी हुई थी। - फ्लोर टेस्ट के बाद स्टालिन ने अपने विधायकों के साथ गवर्नर सी. विद्यासागर राव से मुलाकात की। - स्टालिन ने मरीना बीच पर प्रोटेस्ट भी किया। वहां भूख हड़ताड़ पर बैठ गए। - मरीना बीच पर पहले से धारा 144 लागू है। पुलिस ने स्टालिन को अरेस्ट कर लिया। गवर्नर को लेटर लिखा, कहा- सीएम का फ्लोर टेस्ट जीतना असंवैधानिक - सीक्रेट वोटिंग की मांग को लेकर सदन से बाहर किए गए अपोजिशन की नाराजगी कायम है। - डीएमके लीडर स्टालिन ने गवर्नर को लेटर लिख कर राज्य में डेमोक्रेटिक वैल्यूज बहाल करने की अपील की है। - स्टालिन ने लेटर में लिखा है, स्पीकर ने एजेंडे के तहत डीएमके की गैरमौजूदगी में सीएम के विश्वास मत जीतने का एलान कर दिया, जो अनकॉन्स्टिट्यूशनल है। 29 साल बाद हुआ फ्लोर टेस्ट - राज्य में 29 साल बाद ऐसा माैका आया, जब फ्लोर टेस्ट हुआ। इससे पहले एमजी रामचंद्रन के निधन के बाद AIADMK में फूट हुई थी। - उस दौरान फ्लोर टेस्ट में जयललिता हार गई थीं। बाद में चुनाव में वे जीतकर लौटीं। - इस बार फ्लोर टेस्ट में भी हालात कुछ ऐसे ही थे। जयललिता के निधन के बाद उनकी सियासी वारिस शशिकला बेहिसाब प्रॉपर्टी के केस में जेल जा चुकी हैं। - उनके बाद पलानीस्वामी सीएम बने हैं, लेकिन पन्नीरसेल्वम बागी हैं। आगे की स्लाइड में पढ़ें, दिनभर कैसे चला घटनाक्रम...

जयललिता ने मेरे और बहन दीपा के नाम कर दी थी प्रॉपर्टी: भतीजे दीपक का बयान

जयललिता ने मेरे और बहन दीपा के नाम कर दी थी प्रॉपर्टी: भतीजे दीपक का बयान

Last Updated: February 24 2017, 16:12 PM

चेन्नई. जयललिता की प्रॉपर्टी को लेकर उनके भतीजे दीपक जयकुमार ने दावा किया है। दीपक ने कहा कि जयललिता ने अपनी वसीयत में प्रॉपर्टी उनके और बहन दीपा जयकुमार के नाम कर दी। इसमें पोएस गॉर्डन का वेदा निलयम भी शामिल है। उन्होंने कहा कि वीके शशिकला का सीएम की कुर्सी पर बैठना तमिलनाडु की जनता ने स्वीकार नहीं किया। दिनकरण के फेवर में नहीं AIADMK मेंबर्स... - दीपक ने कहा कि AIADMK के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी के रूप में टीटीवी दिनाकरण का अप्वाइंटमेंट के फेवर में पार्टी के लोग नहीं हैं। - गुरुवार को मीडिया में दिए एक इंटरव्यू में दीपक ने कहा दिनकरण और वेंकटेश को पार्टी में दोबारा पार्टी में शामिल किए जाने पर भी सवाल उठाया। - बता दें कि टीवीवी दिनाकरण को 2011 मेें जयललिता ने पांच साल के लिए AIADMK से निष्कासित कर दिया गया था। - शशिकला के पति एम नटराजन, भतीजे दिनाकरण और दूसरे रिश्तेदार वेंकटेश पर पार्टी और सरकार के मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगा था। AIADMK में लाना चाहते हैं फैमिली रूल - दीपक ने कहा, वेंकटेश और दिनाकरण दोनोेें ही पार्टी में फैमिली रूल लाना चाहते हैं और हो सकता है कि वो शशिकला पर पार्टी को हैंडओवर करने का दबाव बनाएं। - दीपा जयकुमार को पार्टी में पोजिशन दी जा सकती है, लेकिन दिनाकरण और वेंकटेश को नहीं। पार्टी कैडर भी इसको मंजूर नहीं करेगा। - अगर ऐसा होता है तो ऐसे हालात पैदा हो सकते हैं, जिससे पार्टी में बंटवारा हो जाए। पन्नीरसेल्वम को किया सपोर्ट - कभी शशिकला का समर्थन करने वाले दीपक जयकुमार ने अब पन्नीरसेल्वम का सपोर्ट किया है। - उन्होंने कहा, मैं उनका सम्मान करता हूं और वो एक अच्छे मुख्यमंत्री थे। वो अभी भी पार्टी में हैं। उन्हीं की पार्टी में निकालने और वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता। कितनी है जयललिता की प्रॉपर्टी 1. गोल्ड और डायमंड - आय से अधिक संपत्ति के मामले में ट्रायल कोर्ट के वैल्युएशन के हिसाब से जयललिता और शशिकला के पास 2.51 करोड़ रुपए की गोल्ड और डायमंड की ज्वैलरी, 20.8 की चांदी थी। 2. घड़ियां और फुटवियर - 15.9 लाख रुपए की कलाई घड़ियां, 92.4 लाख रुपए की साड़ियां और 2 लाख रुपए के फुटवियर का होने का दावा भी किया गया था, लेकिन इसे माना नहीं गया। 3. बिल्डिंग्स और कारें - कोर्ट ने कहा था कि जयललिता के पोएस गार्डन घर पर रहने वाले दोषियों ने मिलकर 20.07 रुपए की इमूवेबल प्रॉपर्टीज जमा की। इसके अलावा 22.53 करोड़ रुपए की नई बिल्डिंग्स भी खरीदीं। - 1991-1996 के दौरान 1.29 करोड़ रुपए की एक मारूति कार, हिंदुस्तान मोटर्स की एक कॉन्टेसा, वैंस और जीप्स भी खरीदीं। 4. फिक्स डिपॉजिट और कैश - जांच में सामने आया था कि दोषियों ने 3.42 करोड़ रुपए के फिक्स डिपॉजिट्स भी किए थे। उनके अकाउंट्स में 97.47 लाख कैश भी पाए गए थे। 5. आय से ज्यादा बेहिसाबी प्रॉपर्टी 541% - बेहिसाब प्रॉपर्टी के इस केस में 21 साल बाद तय हुआ है कि जया-शशिकला की आय से ज्यादा बेहिसाब प्रॉपर्टी 8% नहीं बल्कि 541% थी।

तमिलनाडु असेंबली में 5 घंटे हंगामा: MLAs ने तोड़े कुर्सी-टेबल, स्पीकर से बदसलूकी

तमिलनाडु असेंबली में 5 घंटे हंगामा: MLAs ने तोड़े कुर्सी-टेबल, स्पीकर से बदसलूकी

Last Updated: February 18 2017, 22:08 PM

चेन्नई. तमिलनाडु विधानसभा में 5 घंटे चले हंगामे के बीच ई. पलानीस्वामी ने वोट ऑफ कॉन्फिडेंस जीत लिया। लेकिन इस दौरान असेंबली में ऐसा नजारा देखने को मिला जो पहले कभी नहीं हुआ था। हंगामा कर रहे विधायकों ने स्पीकर से बदसलूकी की। उनसे धक्कामुक्की की गई। उनकी शर्ट तक फाड़ दी। धक्कामुक्की के बाद जैसे ही स्पीकर मार्शल्स के घेरे में असेंबली से बाहर निकले, दो विधायक उनकी सीट पर जाकर बैठ गए। ये भी पहली बार ही हुआ। इतना ही नहीं, सदन में कुर्सी-टेबल-माइक भी तोड़े गए। कागज उछाले गए। डीएमके के वर्किंग प्रेसिडेंट स्टालिन ने भी मीडिया को अपनी फटी हुई शर्ट दिखाई। 10 प्वाइंट में जानिए 5 घंटे के दौरान क्या-क्या हुआ तमिलनाडु असेंबली में... 1# स्पीकर की शर्ट फाड़ी - हंगामे के दौरान विधायकों ने स्पीकर ओ. धनपाल से जमकर धक्कामुक्की की। उनकी शर्ट तक फाड़ दी। 2# स्पीकर की कुर्सी पर विधायक बैठे - स्पीकर ओ धनपाल की शर्ट फाड़ने के बाद हंगामा कर रहे दो विधायक उनकी कुर्सी पर भी जा बैठे। मार्शल्स ने घेरा बनाकर स्पीकर को सुरक्षित बाहर निकाला। 3# असेंबली कैंपस में बुलाई गई पुलिस - स्पीकर को डीएमके विधायकों को बाहर करने के लिए असेंबली कैम्पस में पुलिस बुलानी पड़ी। 4# स्टालिन ने मीडिया को दिखाई फटी शर्ट - डीएमके के वर्किंग प्रेसिडेंट एमके स्टालिन ने AIADMK विधायकों पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। सदन से बाहर आने के बाद उन्होंने मीडिया को अपनी फटी हुई शर्ट दिखाई। - स्टालिन ने कहा कि जब पुलिस हमारे विधायकों को बेदखल कर रही थी तो मेरी भी कमीज फट गई, सत्तारूढ़ दल के इशारे पर हमारे साथ बदसलूकी की गई। फ्लोर टेस्ट के बाद स्टालिन ने अपने विधायकों के साथ गवर्नर सी. विद्यासागर राव से मुलाकात की। 5# मेरे साथ जो हुआ, वो किससे कहूं-स्पीकर - तमिलनाडु असेंबली में अपने साथ हुई बदसलूकी के बाद स्पीकर पी धनपाल ने कहा कि मैं कहां जाकर अपने ऊपर हुए सितम की बात कहूं। उन्होंने कहा कि जनता को जाकर बताओ कि मेरे साथ क्या बदसलूकी हुई। 6# कुर्सियां और माइक्रोफोन फेंके - सीक्रेट बैलट की डिमांड करते हुए डीएमके MLAs ने स्पीकर धनपाल को चारों ओर से घेर लिया। - इस दौरान कुछ विधायक कुर्सियां और स्पीकर के सामने लगए माइक्रोफोन फेंकते हुए भी िदखाई दिए। - इस दौरान ट्रेजरी बेंच से कागज और फाइलें भी फेंकी गईं। 7# विधानसभा स्थगित करने की डिमांड - डीएमके MLAs ने स्पीकर को चारों ओर से घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की भी की गई। - अपोजिशन के विधायक तुरंत स्पीकर से विधानसभा को स्थगित करने की डिमांड करने लगे। 8# असेंबली कैंपस में सैकड़ों पुलिसवाले - हंगामे के बाद असेंबली कैंपस में सैकड़ों पुलिस वाले तैनात कर दिए गए। - किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस को तैनात किया गया। 9# पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग - स्टालिन ने स्पीकर से कहा कि पुलिस की वजह से हमारी कार काफी पहले रोक दी गई और हमें करीब एक किलोमीटर तक पैदल चलकर हाउस में आना पड़ा। - उन्होंने कहा कि विधायकों के साथ ऐसा बर्ताव ठीक नहीं है। ऐसा लग रहा था, जैसे कि हमें फिरौती के लिए बंधक बनाकर रखा गया है। डीएमके नेता दुराईमुरुगन ने पुलिस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। 10# तेजाब से हमले की धमकी दी- AIADMK MLA - ओ पन्नीरसेल्वम और स्टालिन ने सीक्रेट वोटिंग की डिमांड की। पन्नीरसेल्वम ने बिहार विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि जब राबड़ी देबी सीएम थीं, तब वहां भी सीक्रेट वोटिंग कराई गई। - इस बीच AIADMK विधायक पांडियाराजन ने कहा कि उन्हें तेजाब से हमले की धमकी दी। उन्होंने स्पीकर से कड़ा एक्शन लिए जाने की डिमांड की। यह भी पढ़ें 1# <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-tamilnadu-trust-vote-palaniswami-panneerselvam-sasikala-jayalalithaa-news-hindi-5531651-PHO.html?ref=ht'>तमिलनाडु असेंबली में स्पीकर की शर्ट फाड़ी, 28 साल पहले जया की साड़ी खींची गई थी</a> 2# <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-tn-cm-palaniswami-trust-vote-aiadmk-news-hindi-5531136-PHO.html?ref=ht'>पलानीस्वामी ने ऐसे जीता फ्लोर टेस्ट</a>

तमिलनाडु असेंबली में स्पीकर की शर्ट फाड़ी, 28 साल पहले जया की साड़ी खींची गई थी

तमिलनाडु असेंबली में स्पीकर की शर्ट फाड़ी, 28 साल पहले जया की साड़ी खींची गई थी

Last Updated: February 18 2017, 20:18 PM

चेन्नई. जयललिता के निधन के बाद शनिवार को तमिलनाडु विधानसभा में वही हालात देखने को मिले, जो 28 साल पहले एमजी रामचंद्रन के निधन के बाद नजर आए थे। 1989 में जयललिता तमिलनाडु की लीडर ऑफ अपोजिशन थीं और एम करुणानिधि सीएम। इसी साल 25 मार्च के दिन असेंबली में डीएमके और एआईडीएमके MLAs के बीच हाथापाई हुई। इस दौरान जयललिता की साड़ी खींची गई। इस घटना के बाद जयललिता ने एक बार खुद कहा था कि उस दिन सदन में डीएमके नेताओं ने उनकी साड़ी खींची थी। बता दें कि शनिवार को तमिलनाडु असेंबली में जमकर हंगामा हुआ। विधायकों ने स्पीकर ओ. धनपाल से जमकर धक्कामुक्की की। उनकी शर्ट तक फाड़ दी। जया ने सदन में बताया था, कैसे हुई घटना... - द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अपने साथ हुई बदसलूकी के बारे में तमिलनाडु असेंबली में ही बताया था। - इस घटना के करीब 14 साल बाद 2003 में जयललिता ने असेंबली में डीएमके मेंबर्स से सवाल किया कि आपके नेता सदन में क्यों नहीं आते हैं? - इसके जवाब में डीएमके मेंबर्स ने कहा कि आप और आपके मेंटर एमजीआर भी पहले सेशन से दूर रहते आए हैं। - इसके बाद जयललिता ने 25 मार्च 1989 को हुई घटना के बारे में बताया। उस दिन AIADMK और DMK विधायकों में जमकर हाथापाई हुई थी। - जया ने अपनी साड़ी की ओर इशारा करते हुए कहा कि उस दिन मेरी साड़ी खींची गई और फाड़ दी गई थी। - जया ने डीएमके मेंबर दुराई मुरुगन की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये और इनके साथी वीरापंडी अरुमुगम ट्रेजरी बेंच के ऊपर कूद गए और वो शर्मनाक हरकत की थी। - हालांकि, जया के इन आरोपों काे तब डीएमके मेंबर्स ने गलत बताया था। जया ने खाई थी कसम - 25 मार्च 1989 को तमिलनाडु विधानसभा में डीएमके और एआईएडीएमके विधायकों के बीच जमकर हाथापाई हुई। - अपने साथ हुई बदसलूकी के बाद जयललिता ने कसम खाई थी कि वो सीएम बनकर ही वापस लौटेंगी। - 1991 में एआईएडीएमके ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया और चुनावों में 234 में से 225 सीटें जीतीं। - जयललिता ने 1991 में पहली बार तमिलनाडु की पहली महिला और सबसे कम उम्र की सीएम के रूप में शपथ ली। स्पीकर ओ. धनपाल से धक्कामुक्की - तमिलनाडु असेंबली में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। तीन बातें पहली बार हुईं। पहला- विधायकों ने स्पीकर ओ. धनपाल से जमकर धक्कामुक्की की। उनकी शर्ट तक फाड़ दी। - दूसरा- दो-दो विधायक उनकी कुर्सी पर भी जा बैठे। बाद में मार्शल्स ने घेरा बनाकर स्पीकर को सुरक्षित बाहर निकाला। - तीसरा- स्पीकर को डीएमके विधायकों को बाहर करने के लिए असेंबली कैम्पस में पुलिस बुलानी पड़ी। - जैसे ही नए सीएम ई. पलानीस्वामी ने वोट ऑफ कॉन्फिडेंस मोशन पेश किया, विधायक सीक्रेट बैलट वोटिंग की मांग पर अड़ गए। कागज फाड़े। कुर्सियां फेंकीं। टेबल और माइक तोड़ दिए। <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-tn-cm-palaniswami-trust-vote-aiadmk-news-hindi-5531136-PHO.html?ref=ht'>(पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...)</a> एमजीआर के निधन के बाद शुरू हुई थी सत्ता की लड़ाई - 24 दिसंबर 1987 को एमजी रामचंद्रन के निधन के बाद एआईएडीएमके में सत्ता हासिल करने की लड़ाई शुरू हो गई थी। - एक तरफ थीं एमजीआर की पत्नी वीएन जानकी और दूसरी ओर थीं जे जयललिता। एक महीने बाद 1988 में जानकी को असेंबली में ट्रस्ट वोट हासिल करने थे। - ट्रस्ट वोटिंग के दौरान जया खेमे के 33 विधायक गायब हो गए। इसके चलते जानकी आसानी से जीत गईं। - ट्रस्ट वोट के दौरान 132 में से 97 एआईएडीएमके विधायकों ने जानकी के फेवर में वोटिंग की और उन्हें सीएम चुन लिया गया। - उस वक्त राजीव गांधी सरकार ने राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की। इसका नतीजा यह हुआ कि जानकी की सरकार को 21 दिन बाद ही बर्खास्त कर दिया गया। - इसके बाद हुए चुनावों में जया सपोर्टर्स को 27 सीटें मिलीं और जानकी खेमे को 2 सीटें। जिसके चलते जानकी ने पॉलिटिक्स से दूरी बना ली। पहले भी सदन में हुईं ऐसी घटनाएं 1997: यूपी असेंबली - अक्टूबर में कल्याण सिंह सरकार को विधानसभा में बहुमत साबित करना था। - ट्रस्ट वोटिंग के दौरान असेंबली में जमकर कुर्सियां फेंकी गईं। विधायकों ने माइक उखाड़कर एक-दूसरे पर फेंकने शुरू कर दिए थे। - टीवी पर साफ दिखाई दे रहा था कि विधायक एक-दूसरे की लात-घूंसों से पिटाई की और जमकर जूते-चप्पल भी चले। 2004: ओडिशा असेंबली - 2 नवंबर 2004 को ओडिशा असेंबली में कांग्रेस और सत्तापक्ष के विधायकों के बीच जमकर हाथापाई हुई और चप्पल भी गिरी। - हंगामे के दौरान उस वक्त सीएम रहे नवीन पटनायक पर मेज गिर गई थी और वो घायल हो गए। 2006: प. बंगाल असेंबली - रूलिंग और अपोजिशन पार्टी के MLAs के बीच जमकर हाथापाई हुई। - फाइल फाड़ी गई और कुर्सियां तोड़ी गईं। इस हंगामे के दौरान कई विधायक घायल हो गए थे। 2009: आंध्रप्रदेश असेंबली - विपक्षी तेलुगु देशम, तेलंगाना राष्ट्र समिति और वामपंथी पार्टियों ने सीएम राजशेखर रेड्डी के बेटे जगन मोहन रेड्डी की कंपनियों पर हेराफेरी का आरोप लगाया। - जब अपोजिशन मेंबर्स को बाहर जाने को कहा गया तो उन्होंने मना कर दिया। मार्शल और विधायकों के बीच खींचतान हुई,गिलास तोड़े गए। इस घटना में कई MLAs घायल हो गए थे। 2009: महाराष्ट्र असेंबली - सपा MLA अबु आजमी हिंदी में शपथ ले रहे थे। इस दौरान एमएनएस के विधायकों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। - करीब 20 मिनट तक महाराष्ट्र असेंबली में ये हंगामा चलता रहा। - इस घटना के बाद अबु आजमी ने कहा था कि मुझे मराठी नहीं आती इसलिए मैंने हिंदी में शपथ ली और एमएनएस विधायकों ने मुझसे हाथापाई की। 2010: बिहार असेंबली - मानसून सत्र के दौरान एक घोटाले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए। - इस दौरान कुर्सियां फेंकी गईं और स्पीकर की ओर चप्पल भी फेंकी गई। 2014: लोकसभा - यूपीए सरकार ने फरवरी में अलग तेलंगाना बिल लोकसभा में पेश किया। इस दौरान आंध्र के ज्यादातर सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। - एल राजगोपाल ने सदन में मिर्ची पाउडर का स्प्रे कर दिया। एक सांसद पर चाकू निकालने का भी आरोप लगा। सांसदों ने स्पीकर के सामने कागज भी फाड़े। - मिर्ची पाउडर स्प्रे के चलते कई सांसदों की तबीयत भी खराब हो गई। 2014: असेंबली में उतार दिए कुर्ते - फरवरी 2014 में यूपी असेंबली में रालोद के दो विधायकों ने कुर्ते उतार दिए। - विधायक अपनी इस हरकत के जरिए अपने क्षेत्र के किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान खींचना चाहते थे। - इसी साल जम्मू-कश्मीर विधानसभा में चर्चा के दौरान पीडीपी विधायक सैयद बशीर अहमद अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंच गए। इस दौरान जब मार्शल ने रोकने की कोशिश की तो उन्होंने उसे थप्पड़ मार दिया। - हालांकि बाद में बशीर ने अपनी इस हरकत के लिए माफी मांग ली थी।

2 महीने में तमिलनाडु के तीसरे CM बने पलानी सामी, 30 मंत्रियों ने भी ली शपथ

2 महीने में तमिलनाडु के तीसरे CM बने पलानी सामी, 30 मंत्रियों ने भी ली शपथ

Last Updated: February 16 2017, 21:44 PM

चेन्नई. AIADMK में पिछले कुछ दिनों से चल रही उठापटक गुरुवार को खत्म हो गई। गवर्नर सी. विद्यासागर राव ने शशिकला खेमे के पलानीसामी को सरकार बनाने का न्योता दिया। पलानीसामी ने दो महीने के भीतर राज्य के तीसरे सीएम के रूप में शपथ ली। पलानी के साथ 30 मंत्रियों ने भी शपथ ली। गवर्नर ने फ्लोर टेस्ट के लिए 15 दिन का वक्त दिया। पलानी इसी शनिवार विधानसभा में बहुमत साबित करेंगे। बता दें कि दिसंबर में जयललिता के निधन के बाद ओ पन्नीरसेल्वम सीएम बने थे। इसके बाद, पार्टी में शशिकला को सीएम बनाने की कोशिशें शुरू हुई थीं। पन्नीरसेल्वम इस्तीफा देने के बाद बागी हो गए थे। उधर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शशिकला को बेहिसाब प्रॉपर्टी के केस में जेल जाना पड़ा। उसके बाद, पलानीसामी को विधायक दल का नेता बनाया गया था। पलानीसामी​ ​बोले- साबित करेंगे बहुमत... - शपथ लेने के बाद पलानी सामी ने कहा कि वो असेम्बली में बहुमत साबित करेंगे और अम्मा (जयललिता) का गोल्डन रूल जारी रहेगा। - उन्होंने कहा, गवर्नर ने मुझे असेम्बली में बहुमत साबित करने के लिए कहा है और मैं सदन ने बहुमत साबित करूंगा। - शपथ लेने के बाद पलानी मरीना बीच पर एमजीआर और जयललिता मेमोरियल पर पहुंचे और उन्होंने वहां मीडिया से बात की। परिवार की तरह हैं MLAs - केटी राजेंधीरा बालाजी ने कहा कि पार्टी के MLAs परिवार की तरह हैं और हमारा फोकस तमिलनाडु में अच्छी सरकार देने का रहेगा। - बालाजी ने कहा, AIADMK सरकार सीएम के पलानीसामी की लीडरशिप में जनता की बेहतरी के काम करेगी। - पन्नीरसेल्वम के एक बयान पर बाला जी ने कहा, कोई भी परिवार AIADMK को प्रभावित नहीं कर रहा है, सभी MLAs एक हैं और परिवार की तरह काम कर रहे हैं। इतने दिनों तक हम पार्टी की एकता की रक्षा करते आए हैं और करते रहेंगे। ईसी पहुंचा था पन्नीरसेल्वम खेमा - इससे पहले पन्नीरसेल्वम खेमा ने इलेक्शन कमीशन में शशिकला को महासचिव बनाए जाने के खिलाफ शिकायत की। - इनका आरोप है कि शशिकला को जनरल सेक्रेटरी बनाए जाना पार्टी के संविधान के खिलाफ है। पलानीसामी​ ​ने किया 124 विधायकों के सपोर्ट का दावा - इससे पहले बुधवार को गवर्नर ने पलानीसामी और पन्नीरसेल्वम से अपने-अपने समर्थक विधायकों की लिस्ट मांगी थी। - बुधवार को केयर टेकर सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम और ई. पलानीसामी ने राजभवन पहुंचकर गवर्नर सी. विद्यासागर राव से मुलाकात की थी। - पलानीसामी के साथ गए मिनिस्टर जय कुमार ने 124 विधायकों के सपोर्ट का दावा किया है। तमिलनाडु असेंबली में अभी क्या है स्थिति? - विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं। AIADMK के पास 135 और डीएमके पास 89 सीटें हैं। - जयललिता के निधन के बाद उनकी सीट खाली है। कांग्रेस के पास 8 सीट और मुस्लिम लीग के पास एक सीट है। - शशिकला के पास 119 विधायकों का सपोर्ट था। उनके जेल जाने के बाद पलानीसामी ने 124 विधायकों के सपोर्ट का दावा किया। - पन्नीसेल्वम के पास 11 विधायक ही हैं। मौजूदा स्थिति के मुताबिक वे सीएम बनते नहीं दिख रहे। - हालांकि, पलानीसामी सीएम बनते हैं तो पन्नीरसेल्वम विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान उनका खेल बिगाड़ सकते हैं। - राज्य में सरकार बनाने और बचाए रखने के लिए कम से कम 118 विधायकों का सपोर्ट जरूरी है। जेल गईं शशिकला - शशिकला नटराजन ने बुधवार शाम बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट (जेल) में सरेंडर कर दिया। - सुप्रीम कोर्ट ने बेहिसाब प्रॉपर्टी के केस में उन्हें 4 साल की जेल की सजा सुनाई है। - उन्होंने ए-क्लास सेल मांगी थी, लेकिन फिलहाल उन्हें 2 अन्य कैदियों के साथ रखा गया है। - जेल में उन्हें कैदी नंबर 9234 कहा जाएगा। शशिकला को कैंडल बनाने का काम दिया गया है। इसके बदले में उन्हें हर दिन 50 रुपए मिलेंगे। पन्नीर ने कहा- अभी 11 विधायक का सपोर्ट - गवर्नर ने पलानीसामी के बाद पन्नीरसेल्वम से मुलाकात की। - ऐसा कहा जा रहा है कि पन्नीर ने अभी तक 11 विधायक के सपोर्ट का दावा किया है। लेकिन उनके खेमे का दावा है कि उनके साथ 40 से ज्यादा हैं। - अगर शशिकला खेमा विधायकों को रिजॉर्ट से फ्री कर दे तो हालात बदल सकते हैं। - बता दें कि पन्नीरसेल्वम पहले शशिकला को मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे चुके थे। बाद में बागी तेवर अपनाते हुए उन्होंने कहा कि उनसे इस्तीफा दबाव में लिया गया था और वे मुख्यमंत्री बने रहने के लिए तैयार हैं। - पन्नीरसेल्वम के इस बागी रुख के बाद शशिकला ने जेल जाने से पहले उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। उनके साथ 20 और समर्थकों को पार्टी से बर्खास्त कर दिया था।

Funny: बाहुबली-2 आने तक लें मजा, Social Sites पर शशिकला का मजाक!

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Last Updated: February 15 2017, 10:49 AM

कहां तो जयललिता की मृत्यु के बाद शशिकला सीएम की कुर्सी हथियाने की होड़ में थीं, वहीं दूसरी ओर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने बेहिसाब प्रॉपर्टी केस में उन्हें दोषी करार दिया है। कुल मिलाकर ये ड्रामा अब दिलचस्प मोड़ पर आ गया है और सोशल साइट्स पर भी तरह-तरह के रिएक्शन होने लगे हैं... देखते हैं क्या चल रहा है शशिकला को लेकर, आगे की स्लाइड्स में देखें और भी मजेदार चीजे...

पलानीस्वामी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया; रिजॉर्ट नहीं छोड़ने पर अड़े MLAs

पलानीस्वामी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया; रिजॉर्ट नहीं छोड़ने पर अड़े MLAs

Last Updated: February 14 2017, 22:02 PM

चेन्नई. शशिकला के बाद AIADMK विधायक दल के नेता चुने गए ईके पलानीस्वामी 124 MLAs की लिस्ट के साथ गवर्नर सी. विद्यासागर राव से मिले। उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया। दूसरी ओर, पन्नीरसेल्वम के सपोर्टर सांसद-विधायकों ने भी गवर्नर से मुलाकात की। जयललिता की भतीजी दीपा जयकुमार भी उनके सपोर्ट में आ गईं। इसबीच, पुलिस चेन्नई के पास कूवाथुर रिजॉर्ट को खाली कराने के लिए पहुंची। यहां शशिकला सपोर्टर 100 से ज्यादा मौजूद हैं। विधायकों के रिजॉर्ट नहीं छोड़ने पर बिजली सप्लाई काट दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 21 साल पुराने बेहिसाबी प्रॉपर्टी के मामले में शशिकला और उनके 2 रिश्तेदारों को दोषी माना। पन्नीर समेत 20 नेता पार्टी से बर्खास्त... - इसके बाद भी AIADMK ने शशिकला का सपोर्ट किया। पार्टी ने कहा कि शशिकला ने हमेशा ही जयललिता का बोझ हलका किया। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। - शशिकला ने सरेंडर करने से पहले पलानीस्वामी को पार्टी का अगला नेता बनाया। पन्नीरसेल्वम और उनके खेमे के 20 नेताओं (12 सांसद और 8 विधायकों) को बाहर का रास्ता दिखाया है। - वहीं, पन्नीरसेल्वम खेमे पर हमला करते हुए लोकसभा डिप्टी स्पीकर और पार्टी के वरिष्ठ नेता एम थंबीदुराई ने कहा कि पन्नीरसेल्वम सरकार नहीं बना सकते। पलानीस्वामी को नया लीडर चुना गया है। विधायकों का बहुमत हमारे साथ है। - ऐसी खबर आ रही है कि पन्नीरसेल्वम ने अपने सपोर्टर्स को रिजॉर्ट भेजा है। लेकिन उन्हें पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। कौन हैं पलानीस्वामी - पलानीस्वामी का जन्म 2 मार्च, 1954 में हुआ। वे कोंगु रीजन में सलेम जिले इदापडी इलाके से हैं। - इदापडी सीट से वे 1989, 1991, 2011 और 2016 में विधायक चुने गए। - जयललिता सरकार में मंत्री थे। उन्हें मिनिस्टर फॉर हाईवेज एंड माइनर पोर्ट्स की जिम्मेदारी मिली थी। - जब जयललिता को दिल का दौरा पड़ा था और वे जब हॉस्पिटल में एडमिट थीं, तब पन्नीरसेल्वम के अलावा पलानीस्वामी का नाम भी आया था। लेकिन बाद में पन्नीरसेल्वम को सीएम बनाया गया। - पलानीस्वामी गौंडर कम्युनिटी से हैं। इस बैकवर्ड जाति को थेवर कम्युनिटी के साथ AIADMK का सबसे बड़ा वोट बैंक माना जाता है। - बता दें कि शशिकला थेवर कम्युनिटी से हैं। शशिकला के 10 साल सीएम बनने के आसार खत्म - बता दें कि जयललिता के निधन के बाद पन्नीरसेल्वम ही सीएम बने थे। लेकिन जब पार्टी ने शशिकला को अपना नेता चुन लिया तो पन्नीरसेल्वम ने सीएम पोस्ट से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, बाद में उन्होंने शशिकला के खिलाफ बगावत कर दी। - सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शशिकला के विधायक बनने या अगले 10 साल सीएम बनने के आसार खत्म हो गए हैं। अगर वे बरी हो जातीं तो सीएम बन सकती थीं। - सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद AIADMK ने ट्वीट कर कहा, जब कभी अम्मा पर बोझ बढ़ा, चिनम्मा ने वह बोझ हलका किया। वे आज भी वैसा ही कर रही हैं। - वहीं, पलानीस्वामी ने कहा कि हमने अम्मा की सरकार; बनाने का दावा पेश करने के लिए विधायकों के सपोर्ट का लेटर गवर्नर के पास भेज दिया है। शशिकला खेमा अभी कहां है? - चेन्नई से 80 किमी दूर एक रिजॉर्ट में शशिकला ने अपने भराेसेमंद विधायकों को रखा है। वे लगातार तीन दिन यहां आईं और विधायकों से मिलीं। - सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद और बाकी की सजा पूरी करने के लिए अदालत में सरेंडर करने से पहले शशिकला ने इसी कूवाथुर रिजॉर्ट में विधायकों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की। - इसमें इस बात पर चर्चा की गई कि शशिकला के जेल जाने के बाद AIADMK की कमान किसके हाथों में रहेगी। - चर्चा में 2 नाम थे। पहला- केए सेनगोट्टियन। उन्हें हाल ही में पार्टी का प्रेजिडियम चेयरमैन बनाया गया था। दूसरा- ईके पलानीस्वामी। वे तमिलनाडु सरकार के ताकतवर मंत्री हैं। - इस बीच, पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। कितने विधायक शशिकला के साथ? - तमिलनाडु विधानसभा में 234 सीटें हैं। इनमें AIADMK के पास 135 हैं। जयललिता के निधन के बाद अब पार्टी के पास सीटें 134 बची हैं। - पन्नीरसेल्वम या शशिकला के वफादार में से जो भी सीएम बनेगा, उसके लिए 118 विधायकों का सपोर्ट होना जरूरी है। - केंद्र ने सोमवार को ही गवर्नर सी. विद्यासागर राव को सलाह दी थी कि वे एक हफ्ते में फ्लोर टेस्ट कराएं। - पन्नीरसेल्वम के साथ अब लोकसभा और राज्यसभा के कुल 11 सांसद हैं। 8 विधायकों का सपोर्ट उनके साथ है। - शशिकला खेमे ने 119 विधायकों के लिखित बयान हाईकोर्ट में पेश कर उनका समर्थन होने का दावा किया था। सोमवार को क्या हुआ? - AIADMK की जनरल सेक्रेटरी शशिकला नटराजन ने लगातार तीसरे दिन सोमवार शाम को गोल्डन-बे रिजॉर्ट में विधायकों के साथ मीटिंग की। वहां मीडिया भी मौजूद था। स्पीच के दौरान शशिकला रो पड़ीं। कहा, अम्मा (जयललिता) आज भी मेरे दिल में हैं। आज रात मैं भी यहीं रुकूंगी। पन्नीरसेल्वम कैम्प के लोग विधायकों के घर जाकर धमका रहे हैं। - इससे पहले, दोपहर में पोएस गार्डन स्थित घर पर सपोर्टर्स के बीच उन्होंने कहा, पार्टी को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। गद्दार पन्नीरसेल्वम का असली चेहरा अब दिख रहा है। हमने 33 साल में ऐसे 1000 पन्नीरसेल्वम देखे हैं। इसलिए मैं डरती नहीं हूं। - उधर, केयरटेकर सीएम पन्नीरसेल्वम ने सीएम ऑफिस पहुंचकर काम किया। उन्होंने सेक्रेटेरियट में ऑफिशियल्स से मुलाकात भी की। बताया- पहले क्यों नहीं संभाली CM की पोस्ट? - शशिकला ने सोमवार दोपहर पोएस गार्डन स्थित घर पर मीडिया से बातचीत में बताया कि जयललिता की मौत की रात (5 दिसंबर 2016) उन्होंने क्यों नहीं सीएम पोस्ट संभाली। - शशिकला ने कहा, उस वक्त सीएम पोस्ट मेरे लिए अहम नहीं थी, मैं दुखी थी, अम्मा (जया) की बॉडी के पास रहना चाहती थी। - मैंने पन्नीरसेल्वम समेत 5 मिनिस्टर्स को बुलाया और उन्हें चार्ज संभालने को कहा। मैंने उनसे कहा कि पन्नीरसेल्वम सीएम हो सकते हैं और दूसरे लोग भी अपने पोर्टफोलियो अपने पास रख सकते हैं। - बता दें कि तमिलनाडु में राजनीतिक संकट 7 फरवरी से शुरू हुआ था। शशिकला को 5 फरवरी को एआईएडीएमके विधायक दल का नेता चुना गया था। इसके बाद पन्नीरसेल्वम ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। - हालांकि, बाद 7 फरवरी को पन्नीरसेल्वम ने कहा था कि उनसे जबर्दस्ती इस्तीफा लिया गया गया है। गवर्नर से मिलकर दोनों ही खेमों ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। यह भी पढ़ें 1# <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-sc-judgement-on-da-case-against-late-jayalalithaa-and-sasikala-news-hindi-5527803-NOR.html?ref=ht'>SC ने शशिकला को DA केस में दोषी माना: 8 मिनट में सुनाया फैसला, जाएंगी जेल</a> 2# <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-supreme-court-convicts-sasikala-in-disproportionate-assets-case-news-hindi-5528233-PHO.html?ref=ht'>What Next: CM नहीं बन पाएंगी शशिकला, 10 साल तक कोई पद नहीं ले सकेंगी</a> 3# <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-tn-political-row-aiadmk-panneerselvam-shashikala-updates-news-hindi-5528231-PHO.html?ref=ht'>124 MLAs की लिस्ट के साथ गवर्नर से मिले पलानीस्वामी</a>

पन्नीरसेल्वम कैम्प MLAs को घर जाकर धमका रहा है: शशिकला; रिजॉर्ट में रो पड़ीं

पन्नीरसेल्वम कैम्प MLAs को घर जाकर धमका रहा है: शशिकला; रिजॉर्ट में रो पड़ीं

Last Updated: February 14 2017, 13:45 PM

चेन्नई. तमिलनाडु में सरकार गठन के मुद्दे का अभी कोई हल निकलता नहीं दिखाई दे रहा है। AIADMK की जनरल सेक्रेटरी शशिकला नटराजन ने लगातार तीसरे दिन सोमवार शाम को गोल्डन-बे रिजॉर्ट में विधायकों के साथ मीटिंग की। वहां मीडिया भी मौजूद था। स्पीच के दौरान शशिकला रो पड़ीं। कहा, अम्मा (जयललिता) आज भी मेरे दिल में हैं। आज रात मैं भी यहीं रुकूंगी। पन्नीरसेल्वम कैम्प के लोग विधायकों के घर जाकर धमका रहे हैं। इससे पहले, दोपहर में पोएस गार्डन स्थित घर पर सपोर्टर्स के बीच उन्होंने कहा, पार्टी को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। गद्दार पन्नीरसेल्वम का असली चेहरा अब दिख रहा है। हमने 33 साल में ऐसे 1000 पन्नीरसेल्वम देखे हैं। इसलिए मैं डरती नहीं हूं। उधर, केयरटेकर सीएम पन्नीरसेल्वम ने सीएम ऑफिस पहुंचकर काम किया। उन्होंने सेक्रेटेरियट में ऑफिशियल्स से मुलाकात भी की। इस बीच, अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने गवर्नर को असेंबली में एक हफ्ते में फ्लोर टेस्ट कराने की सलाह दी है। ये हमारी सरकार है, हमें इसे साढ़े 4 साल और चलाना है... - शशिकला ने रिजॉर्ट में कहा, जब मैं यहां आ रही थी, तो लोगों ने मुझे एक झोपड़ी में बुलाया, मैं वहां गई, मैंने वहां अम्मा की फोटो देखी, वहां वे उनके दिलों में जिंदा हैं। - मैं अपने कपड़े साथ लाई हूं, आज रात आपके (विधायक) साथ ही यहां रहूंगी। - हमें धैर्य रखना होगा, ये हमारी सरकार है, हमें इसे साढ़े 4 साल और चलाना है। - मैं अम्मा के लिए एक स्मारक बनवाऊंगी। एमजीआर का शताब्दी वर्ष भी मनाया जाएगा। - वे कोर्ट में पिटीशन फाइल कर रहे हैं, कह रहे हैं कि विधायक लापता हैं। वे ऐसा दिखा रहे हैं, जैसे सभी विधायकों को उनकी इच्छा के खिलाफ यहां लाया गया हो। - पन्नीरसेल्वम कैम्प आरोप लगा रहा है कि हमने विधायकों को बंधक बनाया है, क्या वे जानवर हैं जो उन्हें यहां बंद किया गया है? - शशिकला ने डीएमके पर भी निशाना साधा। कहा, डीएमके को चीजों को कैलकुलेट करने में महारत हासिल है। जब एमजीआर का निधन हुआ था, उस वक्त भी उसने ऐसा ही किया था। - इससे पहले, डीएमके चीफ एमके स्टालिन ने कहा, राज्य में विकास के कई काम रुके पड़े हैं, पानी सबसे अहम मुद्दा है, किसान खुदकुशी कर रहे हैं, सूखे के भी हालात हैं। गवर्नर को तुरंत राज्य में एक स्थिर सरकार के लिए कदम उठाना चाहिए। बताया- पहले क्यों नहीं संभाली CM की पोस्ट? - शशिकला ने सोमवार दोपहर पोएस गार्डन स्थित घर पर मीडिया से बातचीत में बताया कि जयललिता की मौत की रात (5 दिसंबर 2016) उन्होंने क्यों नहीं सीएम पोस्ट संभाली। - शशिकला ने कहा, उस वक्त सीएम पोस्ट मेरे लिए अहम नहीं थी, मैं दुखी थी, अम्मा (जया) की बॉडी के पास रहना चाहती थी। - मैंने पन्नीरसेल्वम समेत 5 मिनिस्टर्स को बुलाया और उन्हें चार्ज संभालने को कहा। मैंने उनसे कहा कि पन्नीरसेल्वम सीएम हो सकते हैं और दूसरे लोग भी अपने पोर्टफोलियो अपने पास रख सकते हैं। - बता दें कि तमिलनाडु में राजनीतिक संकट 7 फरवरी से शुरू हुआ था। शशिकला को 5 फरवरी को एआईएडीएमके विधायक दल का नेता चुना गया था। इसके बाद पन्नीरसेल्वम ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। - हालांकि, बाद में पन्नीरसेल्वम ने कहा था कि उनसे जबर्दस्ती इस्तीफा लिया गया गया है। गवर्नर से मिलकर दोनों ही खेमों ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। आय से अधिक संपत्ति मामले में फैसला मंगलवार को - आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को 10:30 AM बजे फैसला सुना सकता है। शशिकला इस मामले में सह आरोपी हैं। - अगर इस मामले में शशिकला को दोषी करार दिया जाता है, तो वह सीएम पोस्ट के लिए किसी और का भी नाम आगे कर सकती हैं। HC को बताया 119 विधायकों का पुलिस ने बयान लिया - राज्य सरकार के चीफ प्रॉसिक्यूटर ने सोमवार को मद्रास हाईकोर्ट को बताया कि 119 विधायक दो रिजॉर्ट्स में रह रहे हैं, जिनमें गोल्डन-बे रिजॉर्ट भी शामिल है। - पुलिस और रेवेन्यू ऑफिशियल्स ने गोल्डन-बे रिजॉर्ट जाकर 119 विधायकों का बयान लिया है। सरकार ने इस बारे में एफिडेविट भी दिए। - सरकार का यह बयान शशिकला के बयान के उलट है, जिसमें AIADMK चीफ ने 129 विधायकों के सपोर्ट का दावा किया गया था। - विधायकों के लापता होने की बंदी प्रत्यक्षीकरण (habeas corpus) याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। - बता दें कि 10 फरवरी को हुई सुनवाई में यह आरोप लगाया गया था कि बंधक बनाए गए विधायकों में से 20 ने अन्न-जल लेने से इनकार कर दिया है। - इस पर हाईकोर्ट ने कहा था, अगर ये सच है कि विधायकों को बंधक बनाया गया है और उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया है तो ये गंभीर चिंता की बात है। बहुमत शशिकला के साथ: AIADMK - एआईएडीएमके स्पोक्सपर्सन वईगई छेलवन ने दावा किया कि विधायकों का बहुमत जनरल सेक्रेटरी शशिकला नटराजन के साथ है और गवर्नर उन्हें जल्द बुला सकते हैं। - छेलवन ने कहा कि पन्नीरसेल्वम के पास सिर्फ 7 विधायकों का सपोर्ट है और वे असेंबली में बहुमत सिद्ध नहीं कर सकते। किसके साथ कितने विधायक-सांसद? - राज्य में सरकार बनाने को लेकर गवर्नर के फैसले में देरी के साथ ही पन्नीरसेल्वम खेमा लगातार मजबूत हो रहा है। इस खेमे में रविवार को 6 और सांसद आ गए हैं। - इस तरह, पन्नीरसेल्वम के साथ अब लोकसभा और राज्यसभा के कुल 11 सांसद हैं। 7 विधायक का सपोर्ट भी उन्हें मिल चुका है। - शशिकला ने 129 विधायकों के सपोर्ट का दावा किया है। - असेंबली में 234 सीटें हैं। AIADMK के 135 विधायक हैं। बहुमत के लिए 118 का आंकड़ा चाहिए। 7 विधायक पन्नीरसेल्वम के साथ हैं। अगर 11 और विधायक उनके साथ गए तो शशिकला से बहुमत की ताकत छिन जाएगी। 18 विधायक टूटने पर शशिकला के पास 117 विधायक ही बचेंगे। गवर्नर ने फैसला नहीं लिया, तो कोर्ट जा सकता है मामला: स्वामी - बीजेपी लीडर और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने वॉर्निंग दी है कि अगर गवर्नर सी. विद्यासागर राव ने सोमवार तक फैसला नहीं लिया तो कोर्ट में केस दायर करेंगे। - उन्होंने कहा है, ऐसा नहीं हुआ तो कॉन्स्टिट्यूशन के आर्टिकल 32 के तहत विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) की कोशिशों के आरोप के तहत के रिट पिटीशन दायर की जा सकती है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, शशिकला ने रविवार को रिजॉर्ट में क्या कहा था...

आजाद हैं सारे MLAs: शशिकला; पन्नीरसेल्वम बोले-हर विधायक पर 4 गुंडे तैनात

आजाद हैं सारे MLAs: शशिकला; पन्नीरसेल्वम बोले-हर विधायक पर 4 गुंडे तैनात

Last Updated: February 13 2017, 11:09 AM

चेन्नई. एआईएडीएमके प्रमुख शशिकला नटराजन ने रविवार को कूवथूर के गोल्डन-बे रिजॉर्ट में MLAs के साथ मीटिंग की। वहां मीडिया भी मौजूद था। इस दौरान शशिकला इमोशनल भी हो गईं। कहा, आप सच देख सकते हैं, यहां कितनी आजादी है, मैंने विधायकों को जबर्दस्ती यहां नहीं रखा है। हम यहां एक परिवार की तरह रह रहे हैं। विरोधी पार्टियां अफवाह फैला रही हैं कि विधायकों को यहां बंधक बनाया गया है। उधर, केयरटेकर सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम ने कहा, कई विधायकों ने मुझसे कॉन्टैक्ट किया है, उन्होंने बताया कि हर विधायक के लिए वहां 4 गुंडे रखे गए हैं। उन्हें टॉर्चर किया जा रहा है, शशिकला घड़ियाली आंसू बहा रही हैं। बता दें कि पन्नीरसेल्वम ने विधायकों को रिजॉर्ट में बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया है। इनके खेमे में 6 और सांसद आ गए हैं। इस तरह पन्नीरसेल्वम के साथ अब तक 11 सांसद और 7 विधायक आ चुके हैं। पन्नीरसेल्वम पार्टी तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं​... - रिजॉर्ट में शशिकला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। कहा, पार्टी वर्कर्स और कुछ ताकतें हमारा विरोध कर रही हैं, पन्नीरसेल्वम पार्टी तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन वे अपनी कोशिशों में सफल नहीं होंगे। हम ऐसा नहीं होने देंगे। - मीडिया के यह पूछने पर कि अगर गवर्नर ने आपको सरकार बनाने के लिए नहीं बुलाया तो क्या प्रोटेस्ट करेंगी, शशिकला बोलीं- हम इस पर काम कर रहे हैं। - अगले कदम के बारे में पूछने पर शशिकला ने कहा, कृपया अभी इंतजार करें। - आय से अधिक संपत्ति मामले में कोर्ट के पेंडिंग फैसले से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, फैसला आने दें, मैं देख लूंगी। - मीडिया के सवाल पर शशिकला ने कहा, डेमोक्रेसी में मुझे भरोसा है, सभी विधायक मेरे साथ हैं, आप बेहतर जानते हैं कि क्यों सारे सांसद दूसरे खेमे में जा रहे हैं। - बता दें कि तमिलनाडु में राजनीतिक संकट मंगलवार से शुरू हुआ था। शशिकला को पिछले रविवार को एआईएडीएमके विधायक दल का नेता चुना गया था। इसके बाद पन्नीरसेल्वम ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। - हालांकि, बाद में पन्नीरसेल्वम ने कहा था कि उनसे जबर्दस्ती इस्तीफा लिया गया गया है। गवर्नर से मिलकर दोनों ही खेमों ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। सियासत में महिला का रहना मुश्किल - शशिकला ने रविवार को गवर्नर की ओर से बहुमत साबित करने का वक्त मिलने में देरी होने पर नाराजगी भी जताई। - कहा, सियासत में किसी महिला का रहना बहुत मुश्किल है। अम्मा (जयललिता) के वक्त भी यही हालात थे। - उन्होंने दावा किया कि एआईएडीएमके की सरकार अगले साढ़े 4 साल तक चलेगी। क्या बोले पन्नीरसेल्वम? - पन्नीरसेल्वम ने चेन्नई स्थित अपने आवास पर सपोर्टर्स को संबोधित किया। - कहा, एमएलए अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों की राय का पालन करें। गोल्डन बे रिजॉर्ट में जो एमएलए हैं, उन्हें टॉर्चर किया जा रहा है। - जो पार्टी कैडर तमिलनाडु में नहीं हैं, वो भी शशिकला के खिलाफ अपनी राय दे रहे हैं। - अम्मा (जयललिता) ने इतने साल तक अकेले मेरा साथ दिया। इतने अर्से में ये पहली बार है जब पार्टी में मुझे प्रताड़ित होना पड़ा। - शशिकला घड़ियाली आंसू बहा रही हैं। रोज नया बयान देने से कोई फायदा नहीं होने वाला है। हम सब कुछ असेंबली में साबित करेंगे। - दीपा जयकुमार (जललिता की भतीजी) को अम्मा की बॉडी तक नहीं देखने दी गई। ऐसा क्यों? राज भवन के बाहर पुलिस फोर्स तैनात - शशिकला ने सपोर्टर्स के साथ प्रदर्शन करने की धमकी दी है। उनके सपोर्टर्स ने रविवार को पोएस गार्डन पर पन्नीरसेल्वम के खिलाफ नारेबाजी भी की। - गवर्नर के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन का डर है। एहतियात के तौर पर चेन्नई में राज भवन के बाहर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। गवर्नर के पास सोमवार तक का वक्त: स्वामी - बीजेपी लीडर और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है, गवर्नर के पास सोमवार तक का वक्त है, उन्हें फैसला करना होगा। - ऐसा नहीं हुआ तो कॉन्स्टिट्यूशन के आर्टिकल 32 के तहत हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों के साथ रिट पिटीशन दायर की जा सकती है। पन्नीरसेल्वम के साथ कौन-कौन? - रविवार को पन्नीरसेल्वम को 6 और सांसदों पार्थिबन, बी. सेनगुट्टूवन, जे. जेयासिंह, आरपी मरुथराजा, एस. राजेंद्रन और राज्यसभा मेंबर आर. लक्ष्मणन ने भी सपोर्ट दे दिया। - तब से अब तक पन्नीरसेल्वम के खेमे में 11 सांसद और 7 विधायक आ चुके हैं। - 5 सांसद वी. सथ्यबामा, के. अशोक कुमार, पीआर सुंदरम, वनरोजा और राज्यसभा मेंबर वी. मैत्रेयन उन्हें पहले ही सपोर्ट दे चुके थे। - इनके अलावा, दो विधायक ई. मदुसुधानन और राज्य के एजुकेशन मिनिस्टर के. पांडिराजन भी उनके साथ आ चुके हैं। - पोन्नियन का पन्नीरसेल्वम खेमे में शामिल होना शशिकला के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। राम राजन, कमल हासन भी सपोर्ट में - कमल हासन के बाद एक्टर और पूर्व सांसद राम राजन भी पन्नीरसेल्वम के सपोर्ट में आ गए हैं। - पत्ताली मक्कल कटची (पीएमके) के सांसद ई. पुन्नूस्वामी ने भी पन्नीरसेल्वम को बहुमत साबित करने का मौका देने की मांग की है। शशिकला ने रिजॉर्ट में शनिवार को भी की थी मीटिंग - शशिकला शनिवार को भी चेन्नई में कूवथूर के गोल्डन-बे रिजॉर्ट में विधायकों से मिलने गई थीं। - मीटिंग के बाद शशिकला ने कहा था, सभी विधायक ठीक और खुश हैं। सभी को गवर्नर के जवाब का इंतजार है। - एआईएडीएमके के 130 विधायकों को 8 फरवरी को लापता बताया गया था। हाईकोर्ट में सुनवाई सोमवार को - बंधक बनाए गए विधायकों में से 20 विधायक के अन्न-जल लेने से इनकार करने की भी बात सामने आई थी। - पन्नीरसेल्वम खेमे ने इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट में पिटीशन दायर किया है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई थी। - हाईकोर्ट ने कहा था, अगर ये सच है कि विधायकों को बंधक बनाया गया है और उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया है तो ये गंभीर चिंता की बात है। - मद्रास हाईकोर्ट ने इस मामले में तमिलनाडु सरकार और पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी को होगी। शशिकला ने गवर्नर को लेटर लिख देरी पर उठाया सवाल - शशिकला ने शनिवार को गवर्नर सी. विद्यासागर राव को लेटर लिखकर उनसे शपथ ग्रहण समारोह में देरी करने पर सवाल उठाया था। - उन्होंने कहा था कि कोई जवाब नहीं मिला तो वाे अपने सपोर्टर्स के साथ रविवार से विरोध-प्रदर्शन करेंगी। - बता दें कि राजभवन ने अभी तक शशिकला को शपथ ग्रहण के लिए नहीं बुलाया है। - शुक्रवार को गवर्नर हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि गवर्नर अभी आॅप्शन्स पर विचार कर रहे हैं। - सूत्रों के मुताबिक, गवर्नर को आय से अधिक संपत्ति के मामले में शशिकला पर आने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है। शपथ ग्रहण रोकने के लिए SC में लगी है PIL - सुप्रीम कोर्ट में एआईएडीमके से निकाली गईं सांसद शशिकला पुष्पा समेत कुछ लोगों ने एक पीआईएल लगाई है। इसमें शशिकला के शपथ ग्रहण को रोकने की अपील की गई है। - सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को संकेत दिए थे कि वह शशिकला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जल्द फैसला सुना सकता है। करप्शन के इस केस में जयललिता भी आरोपी थीं। - अगर शशिकला सीएम बन जाती हैं और फिर वे दोषी साबित हुईं तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ सकता है। आगे की स्लाइड में पढ़ें, शशिकला को 5 फरवरी को चुना गया था विधायक दल का नेता...

MLAs बंधक हैं तो गंभीर बात है: HC; तमिलनाडु सरकार और पुलिस से मांगी रिपोर्ट

MLAs बंधक हैं तो गंभीर बात है: HC; तमिलनाडु सरकार और पुलिस से मांगी रिपोर्ट

Last Updated: February 11 2017, 15:19 PM

चेन्नई. शशिकला गुट द्वारा AIADMK विधायकों को रिजॉर्ट में बंधक बनाए जाने के आरोपों पर मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार और पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने शुक्रवार को उस पिटीशन पर सुनवाई की, जिसमें विधायकों को बंधक बनाए जाने की जानकारी देने के साथ यह भी कहा गया है कि 20 MLAs ने अन्न-जल लेने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा, अगर यह सच है तो ये गंभीर चिंता की बात है। बता दें कि AIADMK के 134 विधायकों में से 130 बुधवार यानी 2 दिन से लापता बताए जा रहे थे। इनमें से एक विधायक ई. मदुसुधानन रिजॉर्ट से भागकर पन्नीरसेल्वम के पास पहुंच गए। बताया जा रहा है कि 134 में से 5 विधायक पन्नीरसेल्वम के साथ मिल गए हैं। बहरहाल, दोनों गुटों ने गवर्नर के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया है। विधायक ने शशिकला के जनरल सेक्रटरी बनने से जुड़े प्रपोजल को चुनौती दी... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट में यह माना कि उसकी तरफ से गुरुवार को दिया बयान गलत था। - सरकार ने 9 फरवरी को हाईकोर्ट में कहा था कि 130 विधायक शशिकला के सपोर्ट में हैं और उन्हें बंधक नहीं बनाया गया है। वे चेन्नई के सरकारी MLA हॉस्टल में रुके हुए हैं। - जस्टिस सीटी सेल्वम और जस्टिस टी मथिवनन की बेंच ने सरकार के गलत बयान और कई विधायकों के अन्न-जल नहीं लेने के बयान को भी रिकॉर्ड करने का आदेश दिया। - बेंच ने बंदी प्रत्यक्षीकरण ( habeas corpus) याचिका पर कहा, हम सिर्फ वकील के कहने पर कार्रवाई का आदेश नहीं दे सकते, मामले को देखते हुए सरकार को जवाब के लिए एक मौका देना सही होगा। - मामले की अगली सुनवाई अब 13 फरवरी को होगी। रिजॉर्ट की तलाशी का आदेश - बंधक विधायकों की फैमिलीज के कोर्ट से गुहार लगाने के बाद अब डीजीपी ने डिप्टी सुपरिटेंडेंट को गोल्डन बीच रिजॉर्ट की तलाशी का आदेश दिया है। - उधर, गवर्नर विद्यासागर राव ने शुक्रवार को राज्य के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी समेत टॉप सरकारी-पुलिस ऑफिशियल्स से मुलाकात कर हालात की जानकारी ली। पन्नीरसेल्वम के गुट में शामिल विधायक को AIADMK से निकाला - रिजॉर्ट से भागकर पन्नीरसेल्वम के गुट में शामिल होने वाले विधायक ई. मदुसुधानन को शशिकला ने AIADMK की प्राइमरी मेंबरशिप और प्रेसीडियम चेयरमैन की पोस्ट से हटा दिया है। - मदुसुधानन को AIADMK के सीनियर नेताओं में गिना जाता था। शशिकला को डर है कि और भी विधायक पाला बदल सकते हैं। - मदुसुधानन ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर दरख्वास्त की है कि शशिकला के जनरल सेक्रेटरी बनाने से जुड़े प्रपोजल को खारिज किया जाए। - पार्टी से निकाले जाने पर मदुसुधानन ने कहा, वे मुझे पार्टी से नहीं निकाल सकती, क्योंकि मैंने उन्हें पहले ही पार्टी से निकाल दिया है। एक और सीनियर नेता ने किया पन्नीरसेल्वम का सपोर्ट - AIADMK के एक और सीनियर नेता ई. पुन्नूस्वामी भी पन्नीरसेल्वम के गुट में शामिल हो गए हैं। - पुन्नूस्वामी ने कहा, जयललिता ने पन्नीरसेल्वम को ही अपना वारिस माना था। उन्होंने बाकी विधायकों से भी पन्नीरसेल्वम के साथ आने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने शपथ से जुड़ी पिटीशन पर सुनवाई से इनकार किया - सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को सीएम के तौर पर शपथ दिलाए जाने के खिलाफ निर्देश देने की अपील करने वाली पिटीशन पर शुक्रवार को तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। - पिटीशनर ने दलील दी थी कि शशिकला को सीएम के तौर पर शपथ नहीं दिलाई जानी चाहिए, क्योंकि आय से अधिक संपत्ति के मामले में उन्हें और अन्य नेताओं को बरी किए जाने के कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती पर फैसला आना अभी बाकी है। दोनों गुटों ने पेश किया है सरकार बनाने का दावा - AIADMK चीफ वीके शशिकला और पूर्व सीएम ओ पन्नीरसेल्वम अब आमने-सामने हैं। - दोनों गुट ने गुरुवार की रात गवर्नर सी विद्यासागर से मिलकर अपनी सरकार बनाने का दावा पेश किया। - शशिकला ने पार्टी के 134 विधायकों में से 130 को रिजॉर्ट में भेज दिया है। यह वाकया 29 साल बाद दोहराया गया है। - पार्टी के फाउंडर एमजी रामचंद्रन के निधन के बाद 1988 में उनकी पत्नी जानकी और जयललिता के बीच ऐसी फाइट देखने को मिली थी। तब भी विधायकों को अपने पाले में रखने के लिए उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया गया था।

शशिकला को SC के फैसले तक सरकार बनाने का न्योता नहीं दे सकते हैं गवर्नर

शशिकला को SC के फैसले तक सरकार बनाने का न्योता नहीं दे सकते हैं गवर्नर

Last Updated: February 11 2017, 11:01 AM

चेन्नई. तमिलनाडु की सीएम बनने की तैयारी कर रही शशिकला को झटका लग सकता है। संभव है कि गर्वनर अभी उन्हें सरकार बनाने का न्योता न दें। सूत्रों की मानें तो वह शशिकला के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे। आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट जल्द ही फैसला सुनाएगा। राज्यपाल ने की डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी से मुलाकात... - इससे पहले दिन में राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी के साथ बातचीत की। - राजभवन ने यह भी साफ किया कि इस मामले में केंद्र को कोई रिपोर्ट नहीं भेजी है। - दूसरी तरफ, AIADMK के नेताओं में एक-दूसरे को निकालने का खेल शुरू हो गया। शशिकला को तो मैं पहले ही बर्खास्त कर चुका हूं - पन्नीरसेल्वम सपोर्टर और AIADMK के सीनियर नेता ई मधुसूदनन ने इलेक्शन कमीशन को ज्ञापन भेज शशिकला का महासचिव के तौर पर चुनाव अमान्य करने की मांग की। - इसके बाद शशिकला ने मधुसूदनन को पार्टी से निकालने का दावा किया। इस पर मधुसूदनन ने कहा, शशिकला को तो मैं पहले ही बर्खास्त कर चुका हूं।; - पार्टी संविधान के मुताबिक इनके दावों की हकीकत अभी सामने आना बाकी है। विधायकों को बंधक बनाने के दावे पर हाईकोर्ट ने डीजीपी से मांगी रिपोर्ट - शशिकला खेमे द्वारा AIADMK विधायकों को बंधक बनाने के आरोपों पर मद्रास हाईकोर्ट ने डीजीपी से रिपोर्ट मांगी है। - कोर्ट ने कहा कि अगर विधायक वास्तव में बंधक बनाए गए हैं तो मामला काफी गंभीर है। एक याचिका में दावा किया गया था कि बंधक विधायकों में से 20 अनशन पर बैठ गए हैं। - मामले की सुनवाई अब 13 फरवरी को होगी। शशिकला के खिलाफ याचिका पर तुरंत सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार - आय से अधिक संपत्ति के मामले में फैसला आने तक शशिकला को सीएम पद की शपथ लेने से रोकने के लिए दायर याचिका पर तुरंत सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। - इस याचिका पर 17 फरवरी को सुनवाई होगी।

आपके पास सीबीआई तो हमारे पास आरटीआई है: सिसोदिया

आपके पास सीबीआई तो हमारे पास आरटीआई है: सिसोदिया

Last Updated: February 11 2017, 05:26 AM

नई दिल्ली. दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलता हुए, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में शुक्रवार को आरटीआई दाखिल की है। आरटीआई दाखिल करने के बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पीएम मोदी के पास अगर सीबीआई है तो हमारे पास आरटीआई है। वह हमारी फाइल सीबीआई से उठवाएं, हम उनकी फाइल आरटीआई से लेंगे। इन्हें लेकर जनता के बीच जाएंगे। फिर देश की जनता यह फैसला करेगी कि कौन कितना काम कर रहा है? कहां भ्रष्टाचार हो रहा है? क्योंकि हम जनता के मन की बात करें तो भ्रष्टाचार और आप अपने मन की बात करें तो देशभक्ति? सिसोदिया ने कहा कि करीब सालभर पहले हमने जनता से संवाद के लिए सोशल मीडिया, फेसबुक, ट्विटर आदि पर संवाद के लिए विज्ञापन दिए थे। इन विज्ञापनों को लेकर सीबीआई जांच कराई जा रही है। सरकार द्वारा जनता से बात करने को क्रेडिट लिमिट का हवाला देकर भ्रष्टाचार बताया जा रहा है। जबकि मोदी जी खुद मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी चार मुहिम के तहत सोशल साइट्स पर प्रचार प्रसार करा रहे हैं। पहले पत्र लिखकर मांगी थी जानकारी, नहीं मिली सिसोदिया बताते हैं कि मैंने दिल्ली का उपमुख्यमंत्री होने के नाते पहले पीएमओ को पत्र लिखकर इन पर खर्च का ब्योरा और क्रेडिट लिमिट की जानकारी मांगी थी। लेकिन हमें यह जानकारी नहीं दी गई। अब हमने जानकारी लेने के लिए आरटीआई लगाई है। सिसोदिया ने कहा कि मैंने आरटीआई लगाई है कि मेक इन इंडिया, नमो एप, स्टार्ट अप इंडिया, डिजिटल इंडिया के विज्ञापन सोशल मीडिया पर देने की भारत सरकार की प्रक्रिया क्या थी? सोशल मीडिया में विज्ञापन का भुगतान क्रेडिट लिमिट/ क्रेडिट कार्ड के जरिए होता है। मोदी सरकार ने किस क्रेडिट लिमिट/क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया? मैं जानना चाहता हूं - दुनिया भर में मोदी जी के इन विज्ञापनों का ठेका कैसे और किसको दिया गया है?

तमिलनाडु गवर्नर ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट, शशिकला ने किया सरकार बनाने का दावा

तमिलनाडु गवर्नर ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट, शशिकला ने किया सरकार बनाने का दावा

Last Updated: February 10 2017, 09:21 AM

चेन्नई. तमिलनाडु के गवर्नर सी विद्यासागर राव ने वीके शशिकला और ओ पन्नीरसेल्वम से गुरुवार को मुलाकात के बाद सेंट्रल गवर्नमेंट और प्रेसिडेंट को रिपोर्ट भेज दी है। माना जा रहा है कि तमिलनाडु में चल रही सियासी लड़ाई का फैसला दिल्ली से होगा। इससे पहले शशिकला गुरुवार को पार्टी के 5 सीनियर लीडर्स के साथ गवर्नर से मिलीं और सरकार बनाने का दावा पेश किया। उन्होंने MLAs का सपोर्ट लेटर भी पेश किया। उनके साथ 130 विधायक बताए जा रहे हैं। इससे पहले, पार्टी से बागी हुए एक्टिंग सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम ने गवर्नर से मुलाकात की। पन्नीरसेल्वम ने गवर्नर से कहा कि पार्टी ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया था। उन्होंने बाद में मीडिया को बताया कि गवर्नर ने इंसाफ का भरोसा दिया है। शशिकला ने जयललिता मेमोरियल पर फूल चढ़ाए... - गवर्नर विद्यासागर राव से मुलाकात से पहले शशिकला मरीना बीच पर गईं और उन्होंने जयललिता मेमोरियल पर फूल चढ़ाए और प्रार्थना की। - शशिकला ने जयललिता मेमोरियल पर एक सीलबंद लिफाफा भी रखा। माना जा रहा है कि ये विधायकों के सपोर्ट लेटर थे। - इसके बाद शशिकला गवर्नर से मिलने पहुंचीं। AIADMK के मुताबिक, इस मुलाकात में उन्होंने 129 विधायकों के सपोर्ट की बात कहते हुए सरकार बनाने का दावा पेश किया। धर्म की जीत होगी- पन्नीरसेल्वम - गवर्नर से मुलाकात के बाद अपने घर पर ओ पन्नीरसेल्वम ने मीडिया से कहा कि धर्म की जीत होगी। - उन्होंने कहा, मैंने गवर्नर को राज्य के मौजूदा हालात के बारे में जानकारी दी। आने वाले वक्त में अच्छी चीजें होंगी। - मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पन्नीरसेल्वम ने गवर्नर से कहा कि उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। उन पर दबाव था और उन्हें डराया जा रहा था। पन्नीरसेल्वम ने शशिकला के बहुमत को भी बनावटी बताया। - इससे पहले पन्नीरसेल्वम ने मीडिया से कहा कि शशिकला झूठ बोलती हैं कि उन्होंने कभी अम्मा (जयललिता) से गद्दारी नहीं की। - उन्होंने कहा, शशिकला सीएम की कुर्सी हथियाने के लिए ओछे तरीके अपना रही हैं। अगर वे अपनी कोशिशों में कामयाब हो जाती हैं तो यह डेमोक्रेसी पर बड़ा धब्बा होगा। तमिलनाडु में किस पार्टी के पास, कितनी सीटें - तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं। - AIADMK के पास 135 और डीएमके पास 89 सीटें हैं। जयललिता के निधन के बाद उनकी सीट खाली है। - कांग्रेस के पास 8 सीट और मुस्लिम लीग के पास 1 सीट है। शशिकला की मीटिंग में पहुंचे 130 थे एमएलए - बुधवार को 134 में से 130 विधायक पार्टी महासचिव शशिकला की मीटिंग में पहुंचे। पाला बदलने से रोकने के लिए सभी को तीन बसों में एक होटल भेज दिया। - दूसरी तरफ, पन्नीरसेल्वम ने भी 50 विधायकों के समर्थन का दावा किया। - गुरुवार को ही मद्रास हाईकोर्ट ने AIADMK MLAs को बंधक बनाकर रखे जाने का आरोप लगाती पिटीशन पर अर्जेंट सुनवाई से इनकार कर दिया। - तमिलनाडु सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि विधायक हॉस्टल में ही हैं और उन्हें कहीं भी आने-जाने की आजादी है। पन्नीरसेल्वम ने बैंकों को लिखी चिट्ठी - AIADMK ट्रेजरर पद से हटाए गए पन्नीरसेल्वम ने 2 बैंक को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वह अब भी ट्रेजरर हैं। - उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया से कहा है कि मेरी परमिशन के बिना किसी दूसरे को पार्टी अकाउंट ऑपरेट न करने दें।

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