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विनम्रता मेरे स्वभाव में: AI स्टाफर को चप्पल मारने के आरोपी MP का बयान

विनम्रता मेरे स्वभाव में: AI स्टाफर को चप्पल मारने के आरोपी MP का बयान

Last Updated: April 06 2017, 19:17 PM

नई दिल्ली. एअर इंडिया के स्टाफर को चप्पल से पीटने के आरोपी शिवसेना के लोकसभा सांसद रवींद्र गायकवाड़ ने गुरुवार को संसद में इस मुद्दे पर कहा, विनम्रता मेरे स्वभाव में है, मैं सदन से माफी मांगता हूं, लेकिन अफसर से माफी नहीं मांगूंगा। गायकवाड़ के बयान के बाद शिवसेना सांसदों ने सिविल एविएशन मिनिस्टर अशोक गजपति राजू को घेर लिया।शिवसेना सांसदों ने मुंबई से एयरलाइन्स की उड़ानों को रोकने की भी धमकी दी। एअर इंडिया मैनेजमेंट ने शिवसेना की धमकी के बाद मुंबई और पुणे समेत महाराष्ट्र के सभी एयरपोर्ट पर सिक्युरिटी बढ़ाए जाने की मांग की है। अहलूवालिया और राजनाथ ने हालात को संभाला​... - न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से खबर दी कि गायकवाड़ के बयान के बाद हालात थोड़े बिगड़ गए, जिसे बीजेपी सांसद एसएस अहलूवालिया और राजनाथ सिंह ने संभाला। अहलूवालिया गजपति राजू को अपने चैम्बर में ले गए और राजनाथ ने गीते को समझा-बुझाकर शांत किया। - बीजेपी-शिवसेना नेताओं के बीच बहस के दौरान कुछ सांसदों को यह भी कहते सुना गया, मुंबई से एयरलाइन्स की उड़ानें नहीं होने देंगे। - लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने गायकवाड़ के मुद्दे पर राजनाथ, राजू और शिवसेना सांसदों के साथ एक मीटिंग भी की। बाद में राजनाथ ने कहा कि एविशयन मिनिस्टर और शिवसेना के सांसद इस मुद्दे पर जल्द ही हल निकालेंगे। गायकवाड़ से जल्द हट सकता है बैन - संसद में हुए हंगामे के बाद अब माना जा रहा है कि गायकवाड़ पर से एयरलाइन्स का बैन जल्द ही हट सकता है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक सरकार एयरलाइन्स को गायकवाड़ की टिकट बुकिंग का सम्मान करने को कह सकती है। गायकवाड़ को एअर इंडिया समेत 7 एयरलाइन्स ने नो-फ्लाई लिस्ट में डाल रखा है। - एएनआई ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि एअर इंडिया गायकवाड़ पर से बैन तभी हटाएगी जब वो एयरलाइन्स से माफी मांग लेंगे। - उधर, शिवसेना सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर 10 अप्रैल तक इस मसले का हल नहीं निकला तो पार्टी एनडीए की मीटिंग में हिस्सा नहीं लेगी। क्यों भड़के शिवसेना सांसद? - शिवसेना सांसदों ने एविएशन मिनिस्टर को सदन में उस वक्त घेर लिया, जब उन्होंने कहा, फ्लाइट में पैसेंजर की सिक्युरिटी सबसे पहले है और उससे कतई समझौता नहीं किया जा सकता, सांसद पर बैन कानून के मुताबिक लगा है जो सबके लिए बराबर है। इसके बाद ही अनंत गीते राजू की सीट के पास पहुंच गए और जोर-जोर से बोलने लगे। उन्हें यह कहते सुना गया, आपको (बैन का) आदेश वापस लेना होगा। - शिवसेना सांसदों को भड़कते देख अनंत कुमार, अहलूवालिया, स्मृति ईरानी और जयंत सिन्हा समेत कई मंत्रियों और बीजेपी सांसदों ने राजू के पास पहुंचकर घेरा बना लिया। ड्यूटी मैनेजर को चप्पल मारने की बात नहीं कबूली - गायकवाड़ ने कहा, लोकतंत्र के इस सदन में खड़ा हूं, इसलिए नहीं कि मैं निर्दोष हूं या नहीं। लाखों लोगों के चुनकर भेजे गए जनप्रतिनिधि से एयरलाइन्स के कर्मचारियों ने कैसा खराब व्यवहार किया और सारे संसद को गुनहगार ठहराने की कैसे कोशिश हो रही है, यह बताने के लिए मैं खड़ा हूं। अपेक्षा है कि सत्य की विजय इस संसद में तो हो, साथ ही संसद जो गुस्सा दिखा रही है, उसे भी न्याय मिलना चाहिए, यह मेरी अपील है। - मैंने क्या गुनाह किया है? मेरा क्या अपराध है? उसकी जांच किए बिना मीडिया ट्रायल जारी है। 23 मार्च 2017 को मैं पुणे से दिल्ली आ रहा था। मेरा बिजनेस क्लास टिकट था। लेकिन मुझे इकोनॉमी क्लास में बैठाया गया। मेरा ये झगड़ा नहीं था। मेरा वन एफ टिकट था। एक सीनियर सिटिजन को टिकट दे दिया। मैंने एअर इंडिया के स्टाफ के साथ झगड़ा किया, यह गलत बात है। - एअर इंडिया की एयर होस्टेस ने घटना के दो दिन बाद बयान दिया कि मामला अफसर के गलत बर्ताव की वजह से बढ़ा था। ट्रैवल बैन लगाने से मेरे संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है। मेरी सरकार से गुजारिश है कि मेरे खिलाफ दर्ज दिल्ली पुलिस की एफआईआर को वापस लिया जाए। मैं बाला साहेब का शिवसैनिक हूं। मीडिया मुझे एक हफ्ते तक खोज नहीं पाई। मैं आपसे मांग करता हूं कि एअर इंडिया और बाकी एयरलाइन्स के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की जाए। - सदन में दिए अपने पूरे बयान में गायकवाड़ ने ड्यूटी मैनेजर को चप्पल मारने की बात नहीं कबूली। चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली पहुंचे गायकवाड़ - गायकवाड़ बुधवार को चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, नो फ्लाई लिस्ट में डाले जाने के बाद भी वह प्लेन से सफर करने पर अड़े थे। पिछले दिनों उन्होंने एअर इंडिया में 5, इंडिगो और स्पाइस जेट में एक-एक बार टिकट बुक करने की कोशिश की, लेकिन हर बार कैंसल कर दी गई। उन्होंने डॉक्टर और प्रोफेसर के नाम टिकट बुक कराना चाहा, लेकिन तब भी नहीं मिली। इसके बाद सांसद ने चार्टर्ड प्लेन से जाने का फैसला किया। हालांकि, ये पता नहीं चला है कि प्लेन किसका था। इस विवाद के बाद गायकवाड़ को कार और ट्रेन से भी सफर करना पड़ा। क्या है मामला? - गायकवाड़ पर 23 मार्च को एअर इंडिया के स्टाफर को 25 बार सैंडल मारने का आरोप है। खुद उन्होंने मीडिया के सामने इसे कबूल भी किया था। माफी मांगने के सवाल पर उन्होंने कहा था, मैं माफी नहीं मांगूगा, गलती मेरी नहीं, उनकी है। माफी उन्हें मांगनी चाहिए। गायकवाड़ को एअर इंडिया समेत 7 एयरलाइन्स ने नो-फ्लाई लिस्ट में डाल रखा है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, क्या कहते हैं नियम, क्या होती है नो-फ्लाई लिस्ट?

मोदी 12 अप्रैल के बाद कर सकते हैं कैबिनेट में फेरबदल, नए चेहरे हो सकते हैं शामिल

मोदी 12 अप्रैल के बाद कर सकते हैं कैबिनेट में फेरबदल, नए चेहरे हो सकते हैं शामिल

Last Updated: March 16 2017, 09:36 AM

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी कैबिनेट में फेरबदल कर सकते हैं। माना जा रहा है कि 12 अप्रैल को पार्लियामेंट का सेशन खत्म होने के बाद वे इसका फैसला ले सकते हैं। इस फेरबदल में कुछ नए चेहरों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। जेटली को रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है... - फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली को डिफेंस मिनिस्ट्री का एडिशनल चार्ज दिया गया है। इसकी वजह है डिफेंस मिनिस्टर रहे मनोहर पर्रिकर का गोवा का सीएम बनना। - डिफेंस और फाइनेंस मिनिस्ट्री को ज्यादा वर्कलोड वाला डिपार्टमेंट माना जाता है। लिहाजा, नए डिफेंस मिनिस्टर के अप्वाइंटमेंट की संभावना जताई जा रही है। - बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद भी जेटली को डिफेंस मिनिस्ट्री का एडिशनल चार्ज दिया गया था। लेकिन ये अरेंजमेंट कामयाब नहीं हुआ। बाद में तब गोवा के सीएम रहे पर्रिकर को डिफेंस मिनिस्टर बनाया गया। - हालांकि, जानकारों का कहना है कि डिफेंस मिनिस्ट्री का एडिशनल चार्ज संभाल रहे जेटली इस वक्त खास जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। डिफेंस मिनिस्टर होने के नाते वे यहां भी फाइनेंशियल डिमांड का मुद्दा उठा सकते हैं। - इस बीच, एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान को केंद्र में लाकर डिफेंस मिनिस्ट्री का चार्ज देने की अटकलें तेज हुई थीं। लेकिन खुद शिवराज ने मंगलवार को इसे अफवाह करार दिया। क्या कहते हैं सरकार से जुड़े लोग? - मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक अफसर ने कहा, किसे कौन-सी भूमिका में रखा जाएगा, ये कहना अभी मुश्किल होगा। संभावना इस बात की भी है कि सुषमा स्वराज से विदेश मंत्रालय का चार्ज ले लिया जाए। दिसंबर में उनका किडनी ट्रांसप्लान्ट हुआ था। हालांकि, लोकसभा में अपनी 15 मिनट की स्पीच में वे कम्फर्टेबल नजर आई थीं। - अफसरों का ये भी कहना है कि कैबिनेट में कुछ नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। वहीं, कुछ का प्रमोशन भी हो सकता है। मोदी सरकार के पूरे हो रहे हैं 3 साल - मई में मोदी सरकार के 3 साल पूरे हो रहे हैं। सरकार का टर्म 26 महीने का रह गया है। माना जा रहा है कि अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी वे नए लोगों को दे सकते हैं। - माना जाता है कि जब पार्लियामेंट सेशन चल रहा हो, उस दौरान किसी तरह का फेरबदल नहीं किया जाता। हालांकि, ऐसा कोई नियम नहीं है। - मोदी ने पिछले साल जुलाई में फेरबदल किया था। तब एचआरडी मिनिस्टर रहीं स्मृति ईरानी को टेक्सटाइल और सदानंद गौड़ा को लॉ से हटाकर स्टैटिसटिक्स मिनिस्ट्री की जिम्मेदारी दी गई थी। - वेंकैया नायडू को इन्फॉर्मेशन-ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्ट्री मिली थी, वहीं एमजे अकबर को विदेश राज्य मंत्री बनाया गया था।

हमारी सरकार कभी चुप्पी नहीं साधेगी: US में भारतीयों पर हमले के बारे में बोलीं सुषमा

हमारी सरकार कभी चुप्पी नहीं साधेगी: US में भारतीयों पर हमले के बारे में बोलीं सुषमा

Last Updated: March 15 2017, 16:27 PM

नई दिल्ली. अपने किडनी ट्रांसप्लान्ट के बाद सुषमा स्वराज ने गुरुवार को पहली बार लोकसभा में बयान दिया। यूएस में भारतीयों पर हमले की घटनाएं बढ़ने के बारे में सुषमा ने कहा, मैं स्वास्थ्य लाभ जरूर ले रही थी, लेकिन मैं घटनाओं पर नजर रखे हुए थी। अगर विदेशों में भारतीय संकट में हों तो हमारी सरकार न कभी चुप बैठी है, न कभी चुप्पी साधेगी। प्रधानमंत्रीजी भी चुनाव प्रचार में व्यस्त थे, लेकिन वे हर दिन पूछते थे कि विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। और क्या बोलीं सुषमा... - दरअसल, सुषमा स्वराज अमेरिका के कंसास में पिछले महीने हुई गोलीबारी की घटना का जिक्र कर रही थीं। इस हमले में एक भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास की मौत हो गई थी। जबकि दूसरा भारतीय आलोक मदसानी घायल हो गया था। - सुषमा ने अपने बयान में कहा, इन घटनाओं पर अमेरिकी राजनीतिक नेतृत्व, उनकी तुरंत प्रतिक्रिया और समन्वय ने हमें विश्वास दिलाया है कि भारतीयों का अहित नहीं होगा। प्रेसिडेंट डोनाल्ट ट्रम्प ने खुद इन घटनाओं की निंदा की है। वहां जो हिंसा हुई, वह मुट्ठीभर लोगों का काम है। वहीं, इयान ग्रिलट भी अमेरिकी नागरिक ही हैं, जो दो भारतीयों की जान बचाने के लिए हिम्मत दिखाते हुए आगे आए। - सुषमा यहां उस शख्स का जिक्र कर रही थीं, जिसने कंसास के एक बार में शूटिंग के दौरान श्रीनिवास और आलोक की मदद करने की कोशिश की थी। इस कोशिश में इयान खुद घायल हो गए थे। सबसे बड़ी प्रायोरिटी भारतीय ही हैं - सुषमा ने कहा, विदेशों में बसे भारतीयों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम अमेरिका से लगातार बात कर रहे हैं। हमारे दूतावास और कॉन्स्युलेट संपर्क बनाए हुए हैं। हम विदेशों में रहने वाले भारतीयों को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को लेकर सर्तक हैं। - जिस दिन सदन में जब इस मुद्दे पर चर्चा हो रही थी, मैं टीवी के सामने बैठकर उस चर्चा को सुन रही थी। (कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन) खड़गेजी ने एक आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि सरकार चुप्पी साधे हुए है। अंत में कहा कि सरकार चुप्पी क्यों साधे हुए है। - मैं खड़गेजी और पूरे सदन को बताना चाहूंगी कि कोई भारतीय विदेश में संकट में हो और हम चुप्पी साधे रखें, ये संभव ही नहीं है। यह हमारी कार्यशैली ही नहीं है। पूरा सदन और पूरा देश जानता है कि विदेश में कोई भी भारतीय संकट में आता है, हम 24 घंटे में उसकी पीड़ा का निराकरण करने का प्रयत्न करते हैं। सरकार कभी चुप्पी नहीं साधेगी। - जब ये घटना हुई थी, तब प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार में थे, लेकिन वे हर दिन पूछते थे कि विदेश मंत्रालय क्या कदम उठा रहा है। मैं स्वास्थ्य लाभ ले रही थी। मेरा रिकवरी पीरियड था। लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से नजर रखे हुए थी। श्रीनिवासन के परिवार लोग मुझे शुक्रिया कहने के लिए मिलना चाहते थे - सुषमा ने कहा, कंसास की घटना के दिन ही मैंने श्रीनिवासन के पिता, पत्नी, छोटे भाई से बात की। मैंने जब फोन किया तो श्रीनिवास की पत्नी सुनयना सोई हुई थीं। मैंने उनके परिवार से कहा कि उन्हें जगाएं नहीं। बाद में सुनयना ने खुद भारतीय राजदूत को लिखे लेटर में हमारे प्रयासों की तारीफ की। - श्रीनिवास के परिवार के पांच लोगों ने मुझसे मिलने का वक्त सिर्फ इसलिए मांगा था कि वे मेरा शुक्रिया अदा करना चाहते थे। - यही नहीं, जब अमेरिका में एक सिख गोलीबारी में घायल हुआ और हमने मदद पहुंचाई तो उसके पिता ने मुझे फोन कर कहा कि पुत्तरजी, मेरा पुत्तर ठीक है। मैं कदी किसी मिनिस्टर नू ऐ नई सुनया कि वो गल करदां सीदा... पर तुस्सी गल करदां। (मैंने पहले ऐसा कभी नहीं सुना कि कोई मंत्री इस तरह से सीधे बात करता है) - सुषमा 3 मार्च को अमेरिका में दीप राय नाम के अमेरिकी सिख को गोली मारे जाने की घटना का जिक्र कर रही थीं। गोली राय की बांह में लगी थी। दीप को गोली मारने वाले शख्स ने चिल्लाकर कहा था कि अपने देश वापस चले जाओ। अमेरिका की ट्रैवल एडवाइजरी पर क्या बोलीं सुषमा - सुषमा ने कहा, इस सदन में अमेरिका की तरफ से जारी एडवाइजरी का भी जिक्र हुआ था। मैं बताना चाहूंगी कि भारत के खिलाफ कोई एडवाइजरी जारी नहीं हुई थी। भारत के विशेष संदर्भ में कुछ बातें आती हैं, जो इंटेलिजेंस इनपुट पर बेस्ड होती हैं। इस तरह के यात्रा परामर्श जारी करना आम बात है। स्पीकर ने की तारीफ - सुषमा के बयान के बाद लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा, बहुत दिनों बाद आपकी दमदार आवाज इस सदन में गूंजी है। पूरे सदन को अच्छा लगा है। - बता दें कि सुषमा का दिसंबर में किडनी ट्रांसप्लान्ट हुआ है। इसके बाद लोकसभा में उन्होंने गुरुवार को पहली बार बयान दिया। - लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि आप कई दिन बाद लोकसभा में आई हैं। हम सभी स्वागत करते हैं आपका। भगवान लंबी उम्र आपको दे और आप देश की सेवा करती रहें। कंसास में क्या हुआ था? - श्रीनिवास और आलोक मदसानी ओलाथे में जीपीएस बनाने वाली कंपनी गार्मिन के एविएशन विंग में काम करते थे। 22 फरवरी की रात वे ओलाथे के ऑस्टिन बार एंड ग्रिल बार में थे। तभी यूएस नेवी से रिटायर्ड एडम पुरिन्टन (51) उनसे उलझ गया। - एडम रेसिस्ट कमेंट करने लगा। उसने दोनों को आतंकी कहा। बोला कि मेरे देश से निकल जाओ। तुम मेरे देश में क्यों आए हो? तुम हमसे बेहतर कैसे हो? - बहस के बाद एडम को बार से निकाल दिया गया। थोड़ी ही देर में वह गन लेकर लौटा और दोनों पर गोली चला दी। हमले में श्रीनिवास की मौत हो गई थी। आलोक मदसानी जख्मी हुए, फिलहाल वे ठीक हैं। बीच-बचाव में इयान ग्रिलट को गोलियां लगी थीं।

गोवा-मणिपुर में डेमोक्रेसी की हत्या हो रही है: खड़गे; कांग्रेस का लोकसभा से वॉकआउट

गोवा-मणिपुर में डेमोक्रेसी की हत्या हो रही है: खड़गे; कांग्रेस का लोकसभा से वॉकआउट

Last Updated: March 14 2017, 13:18 PM

नई दिल्ली. गोवा के मुद्दे पर मंगलवार को लोकसभा में कांग्रेस ने वॉकआउट किया। इससे पहले कांग्रेस ने कहा था कि पार्टी इस मामले में लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव लाएगी। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ये जिस तरह से किया जा रहा है, वो डेमोक्रेसी की हत्या है। वहां हॉर्स ट्रेडिंग चल रही है... - लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, जिस तरीके से ये किया जा रहा है, ये डेमोक्रेसी की हत्या है। उनको मालूम है कि वहां उनका बहुमत नहीं है। इसके बाद भी वे गोवा-मणिपुर में सरकार बनाना चाहते हैं। वहां हॉर्स ट्रेडिंग चल रही है। क्या है मामला? - कांग्रेस गोवा और मणिपुर में बीजेपी के सरकार बनाने का विरोध कर रही है। - गोवा में मंगलवार शाम मनोहर पर्रिकर सीएम पद की शपथ लेने वाले हैं। - कम सीटों के बावजूद सरकार बनाने के दावे को डेमोक्रेसी का मर्डर करार देते हुए कांग्रेस ने पर्रिकर को सीएम अप्वाइंट किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की है। इस मामले पर कोर्ट तुरंत सुनवाई करने के लिए राजी हो गया है। - वहीं, कांग्रेस मंगलवार को गवर्नर मृदुला सिन्हा से उसे सरकार बनाने के लिए न्योता देने की अपील भी करेगी। ऐसा है गोवा में सरकार बनाने का फॉर्मूला - गोवा में 17 विधायकों के साथ कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है। बहुमत के लिए 21 विधायक जरूरी हैं। यानी कांग्रेस सिर्फ चार विधायक जुटाकर सरकार बना सकती थी। लेकिन बाजी मार गई महज 13 विधायकों वाली बीजेपी। बहुमत तक पहुंचने के लिए 8 विधायकों का सपोर्ट जुटा लिया। - यहां बीजेपी सरकार बनने का फॉर्मूला 13+3+3+2=21 रहा। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) और गोवा फारवर्ड पार्टी (जीएफपी) के 3-3 विधायकों ने समर्थन दिया। तीन में से दो निर्दलीय भी बीजेपी के साथ आ गए। क्या है मणिपुर का गणित? - मणिपुर में भी बीजेपी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। यहां बीरेन सिंह को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है। - बीरेन ने गवर्नर नजमा हेपतुल्ला से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उस वक्त उनके साथ 32 विधायक थे। - 11 मार्च को आए नतीजों में राज्य की 60 सीटों में से कांग्रेस को 28, बीजेपी को 21 और अदर्स को 11 सीटें मिली हैं। - कांग्रेस का कहना है कि सबसे बड़ी पार्टी होने की वजह से उसे सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए।

सैफुल्लाह के पिता की भावना पर पूरे हाउस को गर्व होना चाहिए: राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन

सैफुल्लाह के पिता की भावना पर पूरे हाउस को गर्व होना चाहिए: राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन

Last Updated: March 10 2017, 16:34 PM

नई दिल्ली. राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को राज्यसभा में लखनऊ एनकाउंटर में मारे गए संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह के पिता का बयान पढ़कर सुनाया। इस पर राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन पीजे कुरियन ने कहा कि उस पिता की भावनाओं पर पूरे हाउस को गर्व होना चाहिए। इसके बाद सभी मेंबर्स ने मेज थपथपाकर सपोर्ट किया। साथ ही, अपोजिशन ने बयान पर राजनाथ से सफाई मांगी है। उधर, लोकसभा में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आर्मी में सहायक (बडी) सिस्टम पर अपनी बात रखी। इसके पहले लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी ने राज्यसभा में रामजस कॉलेज विवाद पर चर्चा के लिए नोटिस दिया। होम मिनिस्टर ने क्या कहा... - राजनाथ सिंह ने कहा, यूपी और मध्य प्रदेश एटीएस ने शुक्रवार तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जरूरी कार्रवाई करते हुए देश के खिलाफ काम कर रहे आरोपियों को पकड़ा है। इस पूरे मामले की जांच एनआईए करेगी। हमारा कल्चर ऐसा नहीं है कि देश का कोई भी हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई आतंकी गतिविधियों का सपोर्ट करे। - कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, सरताज का बयान देश की भावना कोे दिखाता है। आतंकवाद से कोई समझौता नहीं। - सीताराम येचुरी ने कहा कि अपोजिशन मेंबर होम मिनिस्टर से बयान पर सफाई की मांग कर रहे हैं। अब राजनाथ अगले वर्किंग डे पर अपनी बात रखेंगे। सैफुल्लाह के पिता ने क्या कहा था? - बता दें कि सैफुल्लाह के पिता मोहम्मद सरताज ने संदिग्ध आतंकी (बेटे) की बॉडी लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा था कि, देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले से मेरा कोई रिश्ता-नाता नहीं है। मैं नहीं जानता कि वह आतंकी संगठन आईएसआईएस से कैसे जुड़ गया। उसे तो अल्लाह भी माफ नहीं करेगा। गद्दारी करने वाले का पिता कहलाने में मुझे जिल्लत महसूस होती है। जो अपने देश का नहीं होे सका, वह परिवार का क्या होगा। - बीते मंगलवार की रात को यूपी एटीएस ने लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में 11 घंटे चले एनकाउंटर में सैफुल्लाह को मार गिराया था। ऐसा आरोप है कि सैफुल्लाह ISIS के खुरासान मॉड्यूल का मेंबर था। आर्मी में शिकायतों से निपटने के लिए मेकैनिज्म बनेगा - रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पिछले दिनों नासिक कैंट में हुई आर्मी सहायक रॉय मैथ्यू की संदिग्ध मौत को लेकर सहायक (बडी) सिस्टम पर बयान दिया। - उन्होंने बताया, हमने आर्मी से कहा है ऐसी शिकायतों से निपटने के लिए एक मेकैनिज्म तैयार की जाए। मैथ्यू के केस में पुलिस अपने हिसाब से जांच कर रही है। - बता दें कि लांस नायक मैथ्यू एक आर्मी कैप्टन के सहायक के तौर पर तैनात थे। फरवरी के आखिरी हफ्ते में बडी सिस्टम को उजागर करता एक स्टिंग सामने आया था, जिसकी वीडियो फुटेज में मैथ्यू कथित तौर पर नजर आए थे। - इसके बाद वह अचानक ड्यूटी से गायब हो गए और कुछ दिन बाद बैरक के एक कमरे में बॉडी पंखे से लटकी मिली थी। मैथ्यू की फैमिली ने स्टिंग सामने आने के बाद उन्हें प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है।

इतने घोटालों में मनमोहन बेदाग रहे, रेनकोट पहनकर नहाना वे ही जानते हैं :मोदी

इतने घोटालों में मनमोहन बेदाग रहे, रेनकोट पहनकर नहाना वे ही जानते हैं :मोदी

Last Updated: February 09 2017, 10:38 AM

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा में हिस्सा लिया। मोदी ने इस दौरान कांग्रेस के घोटालों पर तंज कसा। कहा- इतने घोटालों में भी मनमोहन बेदाग रहे, रेनकोट पहनकर नहाने की कला वे ही जानते हैं। मोदी की इस टिप्पणी के बाद राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया। इसके बाद मोदी ने रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डी. सुब्बाराव की किताब Who Moved My Interest Rate; का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर पी. चिदंबरम ने RBI के काम में दखल दिया था। उधर, मनमोहन पर मोदी के कमेंट से नाराज कांग्रेस अब बाकी बचे बजट सेशन में पीएम का बायकॉट करेगी। पीएम के स्पीच की बड़ी बातें... 1. मनमोहन के लिए कहा- बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाना, ये कला सिर्फ डॉक्टर साहब जानते हैं - मोदी ने कहा, पिछले सत्र में मनमोहन सिंहजी ने अपने विचार रखे थे। ये बात सही है कि अभी आप लोगों ने (कांग्रेस ने) एक किताब निकाली है। उसका फोरवर्ड (प्रस्तावना) डॉक्टर साहब ने लिखा है। हमें लगा किताब उन्हीं की है। लेकिन किताब किसी ने लिखी और फोरवर्ड उनका था। उनके भाषण में भी मुझे ऐसा लगा कि शायद...। - विपक्ष ने इस पर हंगामा किया। इस पर मोदी ने कहा- जो मैंने बोला नहीं, उसका अर्थ आप कैसे समझ गए? - मोदी ने आगे कहा, 35 साल तक इस देश में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा, जिसने आजादी के बाद आधा समय तक देश की अर्थव्यवस्था को देखा हो। लेकिन कितने घोटाले की बातें आईं। खासकर राजनेताओं के पास डॉक्टर साहब से बहुत कुछ सीखने जैसा है। इतना सब हुआ, उन पर एक दाग नहीं लगा। बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाना, ये कला सिर्फ डॉक्टर साहब (मनमोहन सिंह) जानते हैं। 2. पैरेलल इकोनॉमी का सबसे ज्यादा नुकसान गरीब को - मोदी ने कहा, ज्यादातर चर्चा नोटबंदी के आसपास रही है। इस बात से हम इनकार नहीं कर सकते कि हमारे देश में एक बुराई आई है। इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि इसने हमारी अर्थव्यवस्था में, समाज में जड़ें जमा दी हैं। और इसलिए भ्रष्टाचार-कालेधन के खिलाफ लड़ाई राजनीतिक निर्णय नहीं है। - पैरेलल इकोनॉमी के कारण सबसे ज्यादा नुकसान गरीब का हुआ। गरीब का हक छीना जाता है और उसका शोषण होता है। प्रयास पहले भी हुए होंगे। हम कब तक इन समस्याओं को कारपेट के नीचे डालकर गुजारा करते रहेंगे। 3. इसलिए मिले आतंकियों से जाली नोट - पीएम ने कहा, जाली नोट की बात होती है। जो आंकड़े प्रचारित हैं, वो आंकड़े जाली नोटों के बैंकों के पहुंचने तक है। ज्यादातर जाली नोट बैंक के दरवाजे तक न जाएं, इस व्यवस्था से चलाए जाते हैं। आतंकवाद-नक्सलवाद को बढ़ावा देने में इसका उपयोग होता है। - कुछ लोग उछल-उछलकर कह रहे हैं कि आतंकियों के पास दो हजार रुपए के नए नोट मिले। हमें पता होना चाहिए कि बैंक लूटने का प्रयास और नए नोट ले जाने का प्रयास जम्मू-कश्मीर में हुआ। जाली नोट बंद होने के बाद उनके सामने दिक्कत आई। नोटबंदी के कुछ ही दिन बाद जो आतंकी मारे गए, उनके पास से ये नोट मिले। मोदी का ये तंज राहुल गांधी पर था। राहुल ने कश्मीर में मारे गए आतंकियों के पास से 2 हजार के नोट मिलने का मुद्दा उठाया था। 3. जब किताब में वांचू कमेटी का जिक्र हुआ तो आप सो रहे थे क्या? - मोदी ने कहा, इन कदमों से ईमानदारों को बल मिलेगा, ऐसा हमारा स्पष्ट मत है। बहुत पहले वांचू कमेटी बनी थी। नोटबंदी की आर्थिक जरूरतों के संबंध में उन्होंने इंदिराजी के समय अपनी रिपोर्ट दी थी। यशवंतराव चह्वाण उससे सहमत थे। लेकिन इंदिराजी ने कहा था कि हम राजनीति में हैं और चुनाव लड़ने होते हैं। - इस पर कांग्रेस मेंबर्स ने हंगामा किया। तब मोदी ने कहा, ये गोडबोलेजी की किताब में है। अच्छा होता किताब जब छपी, तब आपने पढ़ी होती। आप सो रहे थे क्या? कहां थे आप? आपकी जगह मैं होता तो गोडबोलेजी के खिलाफ केस कर देता। लेकिन आपने नहीं किया। आज जब उनकी किताब की चर्चा हो रही है, तो आपको परेशानी हो रही है। 4. 700 माओवादियों ने सरेंडर किया - मोदी ने कहा, आज जाली नोट, हवाला कारोबार, आतंकवाद, ड्रग्स का कारोबार फैल चुका है। पहले ऐसा नहीं था। हमने जब फैसला किया तो जाली नोट तो उसी वक्त न्यूट्रिलाइज हो गए थे। आपने टीवी पर देखा होगा। दूसरे देश में जाली नोट का कारोबार करने वाले को आत्महत्या करनी पड़ी थी। - हमारे देश में नवंबर-दिसंबर के दरमियान 40 दिन में 700 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। ये नोटबंदी के बाद हुआ। अगर माओवादी सरेंडर करें और उसका संतोष में किसी को ना हो तो ऐसा हो नहीं सकता। और अगर संतोष नहीं हो रहा है तो मामला कुछ और है। 5. चाय बागानों में काम करने वालों को पूरा वेतन मिल रहा है - पीएम ने कहा, हजार के नोट छपने के बाद 500 के नोट कम मिल रहे थे। अब ऐसा नहीं है। पहली बार ऐसा हुआ कि ऐसे फैसले के बाद सभी बैंकों ने एक साथ ब्याज दर कम किया। यहां असंगठित कामगारों की बात हुई। कामगारों को सुरक्षा मिलनी चाहिए। समय रहते हम उन्हें ईपीएफ और ईएसआईसी स्कीम से जोड़ेंगे। असम का उदाहरण देना चाहूंगा। चाय बागान में काम करने वालों के लिए उन्होंने 7 लाख बैंक खाते खुलवाए। मोबाइल ऐप पर उन्हें कारोबार करना सिखाया। इससे चाय बागान के मजदूरों को पूरा वेतन मिलने लगा। वहां बहुत अच्छा एक्सपीरियंस मिला। 6. ज्योतिर्मय बसु ने कहा था- इंदिरा की सरकार कालेधन पर टिकी है - मोदी ने कहा, हमारी और सीतारामजी (येचुरी) की विचारधारा अलग है। लेकिन ये एक ऐसा विषय था कि हमें लगा था कि सीतारामजी का दल हमारे साथ होगा। इसका एक कारण था। कारण यह था कि आपकी ही पार्टी के सीनियर नेता ज्योतिर्मय बसु ने 1972 में वांचू कमेटी की रिपोर्ट सदन में रखने की मांग की थी और लड़ाई लड़ी थी। सरकार प्रस्तुत नहीं कर रही थी। वे खुद उस रिपोर्ट की कॉपी ले आए। उसे टेबल पर रखा। उनका उस दिन का भाषण आज भी याद रखने लायक है। - बसु ने कहा था कि 12 नवंबर 1970 को इस शक्तिशाली और प्राथमिक सिफारिशों में से एक था विमुद्रीकरण। श्रीमती इंदिरा गांधी कालेधन के दम पर ही बची हुई है। उनकी राजनीति कालेधन पर ही टिकी है। इसलिए इस रिपोर्ट को लागू नहीं किया गया और दबाए रखा गया। दोबारा 4 सितंबर 1972 को लोकसभा में बसु ने कहा था कि मैंने विमुद्रीकरण और अन्य उपायों की सिफारिश की है। मैं अब उन्हें दोहराना नहीं चाहता। सरकार को ईमानदारी के साथ लोगों का सहयोग करना चाहिए, लेकिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार का चरित्र कालेधन का है। उनकी सरकार कालेधन द्वारा है और कालेधन के लिए है। - हरकिशन सिंह सुरजीत ने भी कहा था कि क्या बड़े नोट बंद करने के फैसले लिए जा सकते हैं। ये सवाल उन्होंने 1981 में उठाया था। - लिहाजा, लेफ्ट से आग्रह है कि इस लड़ाई में हमारा साथ दीजिए। इस पर लेफ्ट के सीताराम येचुरी ने कहा कि हमारा विरोध तरीके से है, विचार से नहीं। 7. भीम ऐप पर कोई खर्च नहीं - मोदी ने कहा, किसी भी बच्चे को पूछो कि स्कूल नहीं जाते हो। वो कहेंगे कि रोज जाता हूं। ये उसे भी मालूम है और मुझे भी मालूम है कि वो संडे को नहीं जाता। इसी तरह कैशलेस का मतलब है कि धीरे-धीरे समाज को उस दिशा में ले जाना। दुनियाभर में आज भी बैलेट पेपर पर चुनाव होता है। यही वो देश है कि यहां बटन दबाकर वोट डाला जाता है। असुविधा है, तकलीफ है, इसलिए छोड़ देना ठीक नहीं होगा। - भीम ऐप में एक नए पैसे का खर्च नहीं। एक रुपए का कमीशन किसी बैंक को नहीं जाता। जब दुनिया इस तरफ बढ़ रही है तो भारत को पीछे रहने का कोई कारण नहीं है। - जनधन अकाउंट के साथ 21 करोड़ रुपे कार्ड दिए गए हैं। जेब में एक कार्ड होना एक वर्ग के लिए प्रेस्टिजियस विषय बन गया है। हमने समाज के लोगों की छोटी-छोटी उम्मीदों को पूरा किया है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए हमने हर साल 50 हजार करोड़ रुपए का लीकेज बचाया है। बिचौलियों की भूमिका खत्म कर दी है। - इस सरकार ने डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल बनाया। बैंकिंग में प्रोफेशनलिज्म लेकर आए। उसमें भर्ती के लिए बोर्ड बनाया। 8. आरबीआई गवर्नर का बचाव - मोदी ने कहा, मुझ पर हमला होना स्वाभाविक है। लेकिन रिजर्व बैंक को घसीटने और उनके गवर्नर को घसीटने का कोई कारण नहीं है। इनसे पहले भी जो गवर्नर थे, उस वक्त भी आवाजें उठी थीं। मैंने उसका भी विरोध किया था। आरबीआई की बड़ी भूमिका है अर्थव्यवस्था में। जो आरबीआई पर सवाल उठाते हैं और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, मैं उनसे एक बात कहना चाहता हूं। - आरबीआई के गवर्नर सुब्बाराव ने एक किताब लिखी है। इस किताब में उन्होंने लिखा है कि 2008 में तत्कालीन वित्त सचिव के तहत लिक्विडिटी मैनेजमेंट कमेटी नियुक्त करने से मैं परेशान था। चिदंबरम ने भारतीय बैंक के विषय में ओवरस्टेप किया था। लिक्विडिटी मैनेजमेंट पूरी तरह से आरबीआई का विषय है। उन्होंने न सिर्फ ओवरस्टेप किया, बल्कि मुझे बताया ही नहीं। मुझे नहीं पता था कि यह मेरे और उनके बीच मेरे आखिरी दिनों में संबंध असहज करने की टोन सेट करेगा। - मोदी ने रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डी. सुब्बाराव की बुक Who Moved My Interest Rate; को कोट करते हुए कहा कि पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर पी. चिदंबरम ने आरबीआई के काम में दखल दिया था। वेल में कांग्रेस मेंबर्स का हंगामा - मोदी के मनमोहन पर दिए बयान पर राज्यसभा में हंगामा हुआ। कांग्रेस के मेंबर्स वेल तक आ गए। - सभापति डॉ. हामिद अंसारी को कहना पड़ा कि अपनी जगह पर लौट जाएं। - केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि मोदी को हिटलर, मुसोलिनी कहा गया। तब ये विपक्ष कहां था। - रविशंकर प्रसाद ने भी कहा कि क्या आपने हमारे प्रधानमंत्री के बारे में बुरी-बुरी बातें नहीं कहीं? - इसके बाद कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया। - मोदी ने आगे कहा- इतने बड़े पद पर रहे व्यक्ति ने जब बंदर और लूट जैसे शब्द प्रयोग किए थे तो ये सोचना चाहिए था कि संविधान की मर्यादा क्या होती है। हम मर्यादा का आदर करते हैं। किसी भी रूप में पराजय स्वीकार ही नहीं करना, ये कब तक चलेगा? आगे की स्लाइड्स में पढ़ें: मोदी ने जब जवाब दिया तो लोकसभा में मौजूद नहीं थे राहुल गांधी... ये भी पढ़ें: 1. <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-modi-rajya-sabha-speech-updates-and-highlights-news-hindi-5524062-NOR.html?ref=ht'>चिदंबरम ने RBI की ऑटोनॉमी में दखल दिया था: एक किताब के हवाले से बोले मोदी</a> 2. <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-a-panic-button-come-soon-for-women-safety-says-modi-news-hindi-5524079-PHO.html?ref=ht'>महिलाओं की सिक्युरिटी के लिए सरकार जल्द पैनिक बटन लाएगी: नरेंद्र मोदी</a> 3. <a href='http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-modi-remark-rajya-sabha-speech-manmohan-news-hindi-5524078-PHO.html?ref=ht'>मैं कुछ नहीं कहना चाहता: मनमोहन; मोदी के कमेंट्स पर रिएक्शन से किया इनकार</a>

नोटबंदी से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक तक पढ़ें मोदी की स्पीच की 10 बड़ी बातें

नोटबंदी से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक तक पढ़ें मोदी की स्पीच की 10 बड़ी बातें

Last Updated: February 08 2017, 13:44 PM

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के बजट अभिभाषण पर हुई चर्चा का मंगलवार को लोकसभा में जवाब दिया। संसद में यह उनका अब तक का सबसे लंबा स्पीच था। 88 मिनट की स्पीच की शुरुआत में ही उन्होंने राहुल गांधी पर चुटकी ली। उन्होंने कहा- धमकी तो बहुत पहले सुनी थी। लेकिन कल आखिर भूकंप आ ही गया। चर्चा के दौरान मोदी ने नोटबंदी का भी जिक्र किया। कहा- यह फैसला हड़बड़ी में नहीं लिया गया। यह नोटबंदी के लिए सही समय था। वहीं, सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में उन्होंने कहा कि पहले नेताओं ने कई बयान दिए। लेकिन बाद में देश का मिजाज देखकर अपने तेवर बदल दिए। अपनी स्पीच में मोदी ने चार्वाक के सिद्धांतों से लेकर महाभारत के श्लोकों और काका हाथरसी की पंक्तियों का जिक्र किया और विपक्ष पर निशाना साधा। पढ़ें मोदी की स्पीच की 10 बड़ी बातें... 1. मैं सोच रहा था कि भूकंप आया क्यों? - मोदी ने कहा, कल भूकंप आया। इस भूकंप के कारण जिन-जिन क्षेत्रों में असुविधा हुई है, मैं उनके प्रति भावना व्यक्त करता हूं। केंद्र सरकार राज्यों के संपर्क में है। कुछ टीमें वहां पहुंच गई हैं। लेकिन आखिर भूकंप आ ही गया। मैं सोच रहा था कि भूकंप आया कैसे? धमकी तो बहुत पहले सुनी थी। कोई तो कारण होगा कि धरती मां इतनी रूठ गई होगी? - मोदी के इतना कहते ही अपोजिशन की ओर से हंगामा होने लगा। बता दें कि पिछले सेशन में राहुल गांधी ने कहा था कि मोदी उन्हें बोलने नहीं दे रहे हैं। अगर वे बोलेंगे तो भूकंप आ जाएगा। - विरोध कर रहे सांसद कल्याण बनर्जी से मोदी ने कहा, कल्याणजी! आपका कल्याण होगा। - इसके बाद हंगामा और तेज हो गया। स्पीकर सुमित्रा महाजन ने बनर्जी को बीच में टोका और कहा कि कृपया प्रधानमंत्री की बात सुनें। - मोदी ने आगे कहा, अादरणीय अध्यक्षा जी, मैं सोच रहा था कि भूकंप आया क्यों? जब कोई स्कैम में भी सेवा का भाव देखता है, नम्रता का भाव देखता है तो सिर्फ मां नहीं, धरती मां भी दुखी हो जाती है। तब जाकर भूकंप आता है। ...अौर इसलिए राष्ट्रपतिजी ने अपने अभिभाषण में जनशक्ति का ब्योरा दिया है। 2. नोटबंदी में नहीं, सबसे ज्यादा 1035 बार मनरेगा में नियम बदले गए - मोदी ने कहा, जब हमने कहा कि 2 लाख से ज्यादा की ज्वैलरी खरीदने पर पैन नंबर देना होगा, तो मैं हैरान हूं कि कालेधन के खिलाफ भाषण देने वाले लोग मुझे चिट्ठियां लिखते रहे कि ये फैसला वापस लीजिए। मैं जानता हूं कि इससे कठिनाई हुई होगी, लेकिन देश के लिए यह जरूरी था। - हमने इनकम टैक्स डिक्लेरेशन स्कीम भी लाई। अब तक का सबसे ज्यादा पैसा इसमें डिक्लेयर हुआ। हमने 1100 से ज्यादा पुराने कानून खत्म किए। लेकिन यहां कहा गया कि आपने नोटबंदी में बार-बार नियम बदले। ये तो ऐसा काम था, जिसमें हमें जनता की तकलीफ तुरंत समझने के बाद रास्ता खोजना पड़ा था। - एक तरफ देश को लूटने वाले थे, दूसरी तरफ देश को ईमानदारी के रास्ते पर लाने वाले थे। लेकिन आप लोगों का जो बड़ा प्रिय कार्यक्रम है, उस पर आप पीठ थपथपा रहे हैं। देश आजाद होने के बाद 9 अलग-अलग नाम से योजना चली। आज उसे मनरेगा कहते हैं। - देश और आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इतने साल से चली योजना के बावजूद मनरेगा में 1035 बार नियम बदले गए। उसमें तो कोई लड़ाई नहीं थी। मनरेगा में भी क्यों 1035 बार परिवर्तन करने पड़े? एक्ट तो एक बार बन गया था। नियम बदले गए। - काका हाथरसी की कविता के शब्द सुनाता हूं। इसे यूपी के चुनाव से ना जोड़ें। काका हाथरसी ने कहा था- अंतरपट में खोजिए, छिपा हुआ है खोट, मिल जाएगी आपको बिल्कुल सत्य रिपोर्ट। - मोदी ने कहा- कई लोग सोच रहे थे मैंने नोटबंदी का यह फैसला इस वक्त क्यों लिया? मैं बताता हूं? उस वक्त हमारी इकोनॉमी मजबूत थी। कारोबार के लिए भी वक्त सही था। - हमारे देश में सालभर में जितना व्यापार होता है, उसका आधा दिवाली के समय ही हो जाता है। - यह सही समय था नोटबंदी के लिए। जो सरकार ने सोचा था, लगभग उसी हिसाब से सब चीजें चलीं। मैंने जो हिसाब-किताब कहा था, उसी प्रकार से गाड़ी चल रही है। - इसलिए मैं बता दूं कि यह फैसला मैं हड़बड़ी में नहीं लिया। 3. सर्जिकल स्ट्राइक पर क्या बोले मोदी? - मोदी ने कहा, अपने सीने पर हाथ रखकर पूछिए। सर्जिकल स्ट्राइक के पहले 24 घंटे में नेताओं ने क्या बयान दिए थे। जब उन्होंने देखा कि देश का मिजाज अलग है तो उन्हें अपनी भाषा बदलनी पड़ी। ये बहुत बड़ा निर्णय था। नोटबंदी में तो लोग पूछते हैं कि मोदीजी सीक्रेट क्यों रखा, कैबिनेट क्यों नहीं बुलाई। सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में कोई नहीं पूछ रहा। - हमारे देश की सेना के जितने गुण-गान करें, उतना कम है। इतनी सफल सर्जिकल स्ट्राइक की है। सर्जिकल स्ट्राइक आपको परेशान कर रही है, मैं जानता हूं। आपकी मुसीबत यह है कि पब्लिक में जाकर बोल नहीं पाते हो। अंदर पीड़ा महसूस कर रहे हो। आप मानकर चलिए कि ये देश और हमारी सेना सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी सक्षम है। 4. बेनामी संपत्ति का फिर जिक्र किया - मोदी ने कहा, हमारे खड़गेजी ने कहा कि कालाधन हीरे-जवाहरात, सोने-चांदी और प्रॉपर्टी में है। मैं आपकी बात से सहमत हूं। लेकिन ये सदन जानना चाहता है कि ये ज्ञान आपको कब हुआ? इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि भ्रष्टाचार की शुरुआत नकद से होती थी। परिणाम में प्रॉपर्टी-ज्वैलरी होती है। जरा बताइए कि 1988 में जब राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे, पंडित नेहरू से भी ज्यादा बहुमत दाेनों सदनों में आपके पास था। पंचायत से पार्लियामेंट तक सब कुछ आपके कब्जे था। - 1988 में आपने बेनामी संपत्ति का कानून बनाया। आपको जो ज्ञान आज हुआ है, क्या कारण था कि 26 साल तक उस कानून को नोटिफाई नहीं किया गया? क्यों उसे दबोच कर रखा गया? तब नोटिफाई कर देते तो 26 साल पहले की स्थिति ठीक थी। देश को साफ-सुथरा करने में योगदान हो जाता। वो कौन लाेग थे, जिन्हें कानून बनने के बाद लगा कि इससे तो नुकसान हो जाएगा। आपको देश को जवाब देना पड़ेगा। - हमने कानून बनाया है। मैं आज इस सदन के जरिए देशवासियों को कहना चाहता हूं कि आप कितने ही बड़े क्यों ना हो, गरीब के हक का आपको लौटाना पड़ेगा। मैं इस रास्ते से पीछे लौटने वाला नहीं हूं। इस देश में प्राकृतिक संपदा, मानव संसाधन की कमी नहीं थी, लेकिन एक ऐसा वर्ग पनपा जो लोगों का हक लूटता रहा। इसलिए देश ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया। - इस पर अपोजिशन ने कहा- जियो के बारे में बोलिए। इस पर मोदी ने जवाब दिया, जिनके पास एजेंसी है, वो बोलेंगे। 5. मोदी ने बताया- बजट की तारीख क्यों बदली? - मोदी ने कहा, एक चर्चा यह आई कि बजट जल्दी क्यों पेश किया गया। भारत कृषि प्रधान देश है। हमारा पूरा आर्थिक कारोबार कृषि पर आधारित है। कृषि की ज्यादातर स्थिति दीपावली तक पता चल जाती है। हमारे देश की कठिनाई है कि अंग्रेजों की छोड़ी विरासत को लेकर चल रहे हैं। हम मई में बजट की प्रक्रिया से पार निकलते हैं। एक जून के बाद बारिश आती है। तीन महीने बजट का इस्तेमाल नहीं हो पाता। काम करने का समय कब बचता है। जब समय आता है तो दिसंबर से मार्च तक जल्दबाजी में काम होते हैं। - बजट पहले शाम 5 बजे पेश होता था। ऐसा इसलिए होता था, क्योंकि यूके के टाइम के हिसाब से अंग्रेज यहां बजट पेश करते थे। घड़ी उलटी पकड़ते हैं तो लंदन का टाइम दिखता है। ऐसा इसलिए दिखाया, क्योंकि कई लोगों को कई चीजें समझ नहीं आतीं। मोदी की इस बात पर कांग्रेस के सदस्य भी हंसने लगे। - मोदी ने आगे कहा, जब अटलजी की सरकार आई तो समय बदला गया। जब आपकी (यूपीए) सरकार थी तो आपने भी कमेटी बनाई थी। आप भी चाहते थे कि वक्त बदलना चाहिए। आपके वक्त के प्रपोजल को ही हमने पकड़ा। आप नहीं कर पाए। आपकी प्रायाेरिटी अलग थी। आपको बड़े गर्व से कहना चाहिए। फायदा उठाइए ना कि ये हमारे समय हुआ था। - रेलवे में भी एक बात समझें कि 90 साल पहले जब रेल बजट आता था, तब ट्रांसपोर्टेशन का मोड रेलवे ही था। आज ट्रांसपोर्टेशन बड़ी अनिवार्यता है। इसके कई मोड हैं। पहले बजट में गौड़ाजी ने बताया था कि करीब 1500 घोषणाएं हुई थीं। लोगों को खुश रखने के लिए एलान होते थे। 1500 घोषणाओं को कागज पर ही मोक्ष प्राप्त हो गया था। ऐसी चीजें ब्यूरोक्रेसी को सूट करती थीं। हमने ये बंद किया। 6. मल्लिकार्जुन खड़गे के बहाने आपातकाल का जिक्र - मोदी ने कहा, हम ये जानते हैं कि जनशक्ति का मिजाज कुछ और ही होता है। कल हमारे मल्लिकार्जुनजी कह रहे थे कि कांग्रेस की कृपा है कि अब भी लोकतंत्र बचा है और आप प्रधानमंत्री बन पाए। वाह! क्या शेर सुनाया। - बहुत बड़ी कृपा की अापने देश पर कि लोकतंत्र बचाया। कितने महान लोग हैं आप। लेकिन उस पार्टी के लोकतंत्र को देश भली-भांति जानता है। एक परिवार के लिए पूरा लाेकतंत्र आहत कर दिया गया है। - 75 का कालखंड, तब देश पर आपातकाल थोप दिया गया था, हिंदुस्तान को जेलखाना बना दिया गया था। जयप्रकाश बाबू समेत लाखों नेताओं को जेल में बंद कर दिया गया था। अखबारों पर ताले लगा दिए गए थे। उन्हें अंदाज नहीं था कि जनशक्ति क्या होती है। लोकतंत्र को कुचलने के ढेर सारे प्रयासों के बावजूद यह जनशक्ति की सामर्थ्य थी कि लोकतंत्र स्थापित हुआ। ये उस सामर्थ्य की ताकत है कि गरीब मां का बेटा भी प्रधानमंत्री बन सका। 7. अपने ऊपर हुई आपत्तिजनक टिप्पणी का दिया जवाब - मोदी ने कहा, चंपारण सत्याग्रह शताब्दी का वर्ष है। इतिहास किताबों में रहे तो समाज को प्रेरणा नहीं देता। हर युग में इतिहास को जानने और जीने का प्रयास आवश्यक होता है। उस समय हम थे या नहीं थे, हमारे कुत्ते भी थे या नहीं थे... औराें के कुत्ते हो सकते हैं। ...हम कुत्तों वाली परंपरा में पले-बढ़े नहीं हैं। - लेकिन देश के कोटि-कोटि लोग थे, जब कांग्रेस पार्टी का जन्म नहीं हुआ था। 1857 का स्वतंत्रता संग्राम इस देश के लोगों ने जान की बाजी लगाकर लड़ा था। सभी ने मिलकर लड़ा था। संप्रदाय की भेद-रेखा नहीं थी। तब भी कमल था, आज भी कमल है। - बता दें कि कांग्रेस की ओर से मोदी के बारे में कल एक टिप्पणी की गई थी, जिसमें कुत्ते; शब्द का इस्तेमाल हुआ था। स्पीकर ने यह शब्द कार्यवाही से हटवा दिया था। - मोदी ने आगे कहा, हम भले ही उस वक्त नहीं थे, लेकिन हमें देश के लिए जीने का सौभाग्य मिला है। 8. लोगों ने छोड़ी सब्सिडी - मोदी ने कहा, शास्त्रीजी की अपनी गरिमा थी। युद्ध के दिन थे। भारत विजय का भाव था। शास्त्रीजी ने अन्न त्यागने की बात कही थी। ज्यादातर सरकारों ने जन सामर्थ्य को पहचानना छोड़ दिया है। लोकतंत्र के लिए यही सबसे बड़ा चिंता का विषय है। मुझ जैसे सामान्य व्यक्ति ने बातों-बातों में कह दिया था कि जो अफोर्ड कर सकते हैं, वे गैस की सब्सिडी छोड़ दें। - 2014 में एक दल इस मुद्दे पर चुनाव लड़ रहा था कि 9 सिलेंडर देंगे या 12 देंगे। हमने कहा कि अफोर्ड करने वाले सब्सिडी छोड़ दें। सिर्फ कहा था। इस देश के 1 करोड़ 20 लाख से ज्यादा लोग गैस सब्सिडी छोड़ने के लिए आगे आए। 9. कांग्रेस और भगवंत मान पर चुटकी - मोदी ने कहा, एक समानांतर अर्थव्यवस्था बनी थी। ये बात भी आपके (कांग्रेस) संज्ञान में थी। जब इंदिराजी थीं, तब यशवंतराव चह्वाण उनके पास गए थे। तब इंदिराजी ने कहा था कि चुनाव नहीं लड़ना है क्या। आपका निर्णय गलत नहीं था, लेकिन आपको चुनाव का डर था। आपने कैसे देश चलाया? - मोदी ने कहा, चार्वाक का सिद्धांत विपक्ष ने मान लिया। चार्वाक में कह था- यावत जीवेत, सुखम जीवेत। ऋणं कृत्वा, घृतं पीवेत। यानी जब तक जियो सुख से जियो, उधार लो और घी पियो। उस समय ऋषियों ने घी पीने की बात कही थी। शायद उस वक्त भगवंत मान नहीं थे। नहीं तो कुछ और पीने को कहते। 10. अधर्म आप जानते थे, उसे छोड़ने का सामर्थ्य नहीं था - मोदी ने कहा, नीतियों की ताकत नियम से जुड़ी होती है। इसलिए हमारे देश में उस कार्य संस्कृति को समझने की जरूरत है। हम कुछ भी कहते हैं तो आप कहते हैं कि ये हमारे समय था। इसलिए मैंने साेचा इसी पर खेलूं। आपके मैदान में आकर खेलने में मजा आता है। - मोदी ने महाभारत के एक श्लोक का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। कहा, धर्म क्या है, वो तो आप जानते हैं, लेकिन वह आपकी प्रवृत्ति नहीं थी। अधर्म क्या है, वो भी अाप जानते हैं, लेकिन उसे छोड़ने का आपका सामर्थ्य नहीं था। - 2007 के बाद मैंने जितनी चुनावी सभाएं सुनीं, आपके नेता कहते रहे कि राजीव गांधी कम्प्यूटर क्रांति लाए। जब आज मैं कह रहा हूं कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल बैंकिंग नेटवर्क में किया जा सकता है तो आप कह रहे हैं कि मोबाइल ही कहां हैं। तो आप क्या समझाना चाहते हैं? - अगर 40 फीसदी के पास भी मोबाइल है तो क्या उन्हें आधुनिक व्यवस्था की दिशा से जोड़ने का प्रयत्न क्यों नहीं होना चाहिए? आज एक-एक ATM को संभालने के लिए एवरेज 5 पुलिसवाले लगते हैं। करंसी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए काफी खर्च होता है। इसलिए जो लोग डिजिटल करंसी से जुड़ सकते हैं, उन्हें जोड़ना चाहिए। - आप मोदी का विरोध करें, कोई बात नहीं। आपका काम भी है। करना चाहिए। लेकिन जो अच्छा काम हो रहा है, उसे तो बढ़ावा दें। 11 महीने बाद संसद में ऐसा भाषण - पिछली बार मोदी संसद में पिछले साल मार्च में बजट सेशन में बोले थे। - तब भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने लोकसभा में राहुल पर तंज कसा था। कहा था- कुछ लोगों की उम्र तो बढ़ती है लेकिन समझ नहीं बढ़ती। उन्हें समझने में देर लगती है। कुछ लोग तो समय बीतने के बाद भी चीजें समझ नहीं पाते। - उस भाषण में उन्होंने 70 मिनट तक अपनी बात रखी थी। - मंगलवार को संसद में उन्होंने 88 मिनट स्पीच दिया। यह उनका संसद के अंदर अब तक का सबसे लंबा भाषण था। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें : और क्या बोले मोदी...

आखिर भूकंप आ ही गया: मोदी का राहुल पर तंज; घी पीने की बात पर भगवंत पर चुटकी

आखिर भूकंप आ ही गया: मोदी का राहुल पर तंज; घी पीने की बात पर भगवंत पर चुटकी

Last Updated: February 07 2017, 17:20 PM

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में नोटबंदी, इकोनॉमी, आम बजट, रेल बजट, कालेधन, सर्जिकल स्ट्राइक और टैक्स जैसी सभी मुद्दों पर विपक्ष के सवालों के जवाब दिए। स्पीच की शुरुआत में ही उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा- आखिर भूकंप आ ही गया। मैं सोच रहा था कि भूकंप आया कैसे? धमकी तो बहुत पहले सुनी थी। कोई तो कारण होगा कि धरती मां इतनी रूठ गई होगी। मोदी ने भगवंत मान पर भी चुटकी ली। राहुल ने कहा- पीएम संसद आने से डरते हैं... - राहुल ने 8 दिसंबर को कहा था- नोटबंदी हिंदुस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा स्कैम है। मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है। मैं पूरी बात रखूंगा कि कैसे और किसे फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया। बोलूंगा तो मोदीजी बैठ नहीं पाएंगे वहां। देखिएगा कैसे भूकंप आता है। पीएम संसद आने से डरते हैं। मोदी का जवाब - कल भूकंप आया। इस भूकंप के कारण जिन-जिन क्षेत्रों में असुविधा हुई है, मैं उनके प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। केंद्र सरकार राज्यों के संपर्क में है। कुछ टीमें वहां पहुंच गई हैं। लेकिन आखिर भूकंप आ ही गया। मैं सोच रहा था कि भूकंप आया कैसे? धमकी तो बहुत पहले सुनी थी। कोई तो कारण होगा कि धरती मां इतनी रूठ गई होगी? - मोदी के इतना कहते ही अपोजिशन की ओर से हंगामा होने लगा। भगवंत मान पर चुटकी ली - मोदी ने कहा, चार्वाक का सिद्धांत विपक्ष ने मान लिया। चार्वाक में कहा गया है- यावत जीवेत, सुखम जीवेत। ऋणं कृत्वा, घृतं पीवेत। यानी जब तक जियो सुख से जियो, उधार लो और घी पियो। उस समय ऋषियों ने घी पीने की बात कही थी। शायद उस वक्त भगवंत मान नहीं थे। नहीं तो कुछ और पीने को कहते। विपक्ष ने आंकड़ों पर सवाल उठाए तो सुनाई काका हाथरसी की पंक्तियां - मोदी ने कहा, देश और आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इतने साल से चली योजना के बावजूद मनरेगा में 1035 बार नियम बदले गए। उसमें तो कोई लड़ाई नहीं थी। मनरेगा में भी क्यों 1035 बार परिवर्तन करने पड़े? एक्ट तो एक बार बन गया था। नियम बदले गए। - इस पर विपक्ष ने कहा कि मोदी जो आंकड़े बता रहे हैं, वो गलत हैं। - इस पर मोदी ने कहा, काका हाथरसी की कविता के शब्द सुनाता हूं। इसे यूपी के चुनाव से ना जोड़ें। काका हाथरसी ने कहा था- अंतरपट में खोजिए, छिपा हुआ है खोट, मिल जाएगी आपको बिल्कुल सत्य रिपोर्ट। वाह! क्या शेर कहा - मोदी ने कहा, हम ये जानते हैं कि जनशक्ति का मिजाज कुछ और ही होता है। कल हमारे मल्लिकार्जुनजी कह रहे थे कि कांग्रेस की कृपा है कि अब भी लोकतंत्र बचा है और आप प्रधानमंत्री बन पाए। वाह! क्या शेर सुनाया। - बहुत बड़ी कृपा की अापने देश पर कि लोकतंत्र बचाया। कितने महान लोग हैं आप। लेकिन उस पार्टी के लोकतंत्र को देश भली-भांति जानता है। एक परिवार के लिए पूरा लाेकतंत्र आहूत कर दिया गया है। अधर्म आप जानते थे, उसे छोड़ने का सामर्थ्य नहीं था - मोदी ने कहा, नीतियों की ताकत नियम से जुड़ी होती है। इसलिए हमारे देश में उस कार्य संस्कृति को समझने की जरूरत है। हम कुछ भी कहते हैं तो आप कहते हैं कि ये हमारे समय था। इसलिए मैंने साेचा इसी पर खेलूं। आपके मैदान में आकर खेलने में मजा आता है। - मोदी ने महाभारत के एक श्लोक का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। कहा, धर्म क्या है, वो तो आप जानते हैं, लेकिन वह आपकी प्रवृत्ति नहीं थी। अधर्म क्या है, वो भी अाप जानते हैं, लेकिन उसे छोड़ने का आपका सामर्थ्य नहीं था। मोदी ने विपक्ष के इन सवालों के जवाब भी दिए 1. बजट का वक्त क्यों बदला? मोदी का जवाब: एक चर्चा यह आई कि बजट जल्दी क्यों पेश किया गया। भारत कृषि प्रधान देश है। हमारा पूरा आर्थिक कारोबार कृषि पर आधारित है। कृषि की ज्यादातर स्थिति दीपावली तक पता चल जाती है। हमारे देश की कठिनाई है कि अंग्रेजों की छोड़ी विरासत को लेकर चल रहे हैं। हम मई में बजट की प्रक्रिया से पार निकलते हैं। एक जून के बाद बारिश आती है। तीन महीने बजट का इस्तेमाल नहीं हो पाता। काम करने का समय कब बचता है। जब समय आता है तो दिसंबर से मार्च तक जल्दबाजी में काम होते हैं। पहले क्या था- बता दें कि पहले आम बजट 28 और 29 फरवरी को आता था। पहली बार 1 फरवरी को पेश किया गया। 2. नोटबंदी के दौरान क्यों बदले नियम - मोदी का जवाब: कहा गया कि मैंने नोटबंदी में बार-बार नियम बदले। ये तो ऐसा काम था, जिसमें हम जनता की तकलीफ तुरंत समझने के बाद रास्ता खोजना पड़ा था। एक तरफ देश को लूटने वाले थे, दूसरी तरफ देश को ईमानदारी के रास्ते पर लाने वाले थे। लेकिन आप लोगों का जो बड़ा प्रिय कार्यक्रम है, उस पर आप पीठ थपथपा रहे हैं। देश आजाद होने के बाद 9 अलग-अलग नाम से योजना चली। आज उसे मनरेगा कहते हैं। - देश और आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इतने साल से चली योजना के बावजूद मनरेगा में 1035 बार नियम बदले गए। उसमें तो कोई लड़ाई नहीं थी। मनरेगा में भी क्यों 1035 बार परिवर्तन करने पड़े? एक्ट तो एक बार बन गया था। नियम बदले गए। 3. नोटबंदी से कितना ब्लैकमनी वापस आया - मोदी का जवाब: 2014 से पहले सदन में आवाज आती थी कि स्कैम में कितना गया, अब आवाज आती है कि मोदी कितना लाया। यही तो बदलाव है। 4. नोटबंदी पर पूछते हैं कि सीक्रेट क्यों रखा? - मोदी का जवाब- नोटबंदी में पूछते हैं कि सीक्रेट क्यों रखा, कैबिनेट को क्यों नहीं बताया? लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में नहीं पूछते। सर्जिकल स्ट्राइक आपको परेशान कर रही है। इसलिए आपकी मुसीबत यह है कि पब्लिक में जाकर बोल नहीं पा रहे। आपको पीड़ा हो रही है। यह आपकी मुसीबत है। 5. सर्जिकल स्ट्राइक क्यों की? - मोदी का जवाब- अपने सीने पर हाथ रखकर पूछिए। सर्जिकल स्ट्राइक के पहले 24 घंटे में नेताओं ने क्या बयान दिए थे? जब उन्होंने देखा कि देश का मिजाज अलग है तो उन्हें अपनी भाषा बदलनी पड़ी। ये बहुत बड़ा निर्णय था। 6. नोटबंदी का वक्त 8 नंवबर क्यों रखा? - मोदी का जवाब- कई लोग सोच रहे थे मैंने नोटबंदी का यह फैसला इस वक्त क्यों लिया? मैं बताता हूं? उस हमारी इकोनॉमी मजबूत थी। कारोबार के लिए भी वक्त सही था। हमारे देश में सालभर में जितना व्यापार होता है उसका आधा दिवाली के समय ही हो जाता है। यह सही समय था नोटबंदी के लिए। जो सरकार ने सोचा था लगभग उसी हिसाब से सब चीजें चलीं। मैंने जो हिसाब-किताब कहा था, उसी प्रकार से गाड़ी चल रही है। इसलिए मैं बता दूं कि यह फैसला हड़बड़ी में नहीं लिया। 7. डिजिटल इकोनॉमी क्यों लाए? - मोदी का जवाब- 2007 के बाद मैंने जितनी चुनावी सभाएं सुनीं, आपके नेता कहते रहे कि राजीव गांधी कम्प्यूटर क्रांति लाए। जब आज मैं कह रहा हूं कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल बैंकिंग नेटवर्क में किया जा सकता है तो आप कह रहे हैं कि मोबाइल ही कहां हैं। तो आप क्या समझाना चाहते हैं? - अगर 40 फीसदी के पास भी मोबाइल है तो क्या उन्हें आधुनिक व्यवस्था की दिशा से जोड़ने का प्रयत्न क्यों नहीं होना चाहिए? आज एक-एक ATM को संभालने के लिए एवरेज 5 पुलिसवाले लगते हैं। करंसी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए काफी खर्च होता है। इसलिए जो लोग डिजिटल करंसी से जुड़ सकते हैं, उन्हें जोड़ना चाहिए।

सांसद ई. अहमद के निधन पर संसद में हंगामा, कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित

सांसद ई. अहमद के निधन पर संसद में हंगामा, कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित

Last Updated: February 06 2017, 11:50 AM

नई दिल्ली. केरल के सांसद ई. अहमद के निधन पर कांग्रेस ने सोमवार को संसद में फिर हंगामा किया। जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले केरल के सांसदों ने संसद के कैम्पस में भी प्रदर्शन किया। इसमें राहुल गांधी भी शामिल हुए। उधर कांग्रेस लीडर मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई जानी चाहिए और जो दोषी पाया जाए उसे सजा होनी चाहिए। बता दें कि बजट पेश किए जाने के एक दिन पहले प्रेसिडेंट संसद में बजट अभिभाषण पढ़ रहे थे तभी अहमद को हार्ट अटैक आया था। अगले दिन सुबह हॉस्पिटल में उनका निधन हो गया था। अपोजिशन ने बजट टालने की मांग की थी... - अहमद के निधन के बाद अपोजिशन ने बजट टालने की भी मांग की थी, लेकिन सरकार ने 1 फरवरी को ही बजट पेश किया। - अहमद केरल से लोकसभा सांसद थे। केरल के सीएम पिनराई विजयन ने पीएम को पत्र लिखकर अहमद की मौत की जांच कराने की मांग की है। - अहमद के निधन पर शुक्रवार को कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल स्थगन प्रस्ताव लेकर आए थे। - स्थगन प्रस्ताव में वेणुगोपाल ने अस्पताल प्रशासन और केन्द्र सरकार पर इस मामले में अनैतिक रवैया अपनाने का आरोप लगाया था।

लोकसभा में टीएमसी का हंंगामा, कांग्रेस ने सांसद अहमद के ट्रीटमेंट को लेकर नोटिस दिया

लोकसभा में टीएमसी का हंंगामा, कांग्रेस ने सांसद अहमद के ट्रीटमेंट को लेकर नोटिस दिया

Last Updated: February 03 2017, 11:51 AM

नई दिल्ली. लोकसभा में आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा होगी। लेकिन विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। कांग्रेस दिवंगत सांसद ई अहमद के मुद्दे पर चर्चा करना चाहती है। इसके लिए उसकी तरफ से नोटिस भी दिया गया। इससे पहले टीएमसी ने संसद परिसर में गांधीजी की मूर्ति के सामने प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने कहा- सीनियर लीडर का सम्मान होना चाहिए... - टीएमसी के सांसदों ने चिट फंड मामले में अपने दो सांसदों के अरेस्ट किए जाने का विरोध किया। - टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा हम मोदीजी के इरादों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने हमारे नेता एस बंदोपाध्याय को अरेस्ट किया है। लेकिन मोदी हमें नहीं रोक सकते हैं। - शरद यादव ने यूनिफॉर्म सिविल कोड पर राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस दिया। - उधर, कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सीनियर नेता का अपमान नहीं होना चाहिए। अब देखते हैं कि ई. अहमद का मामला वे संसद में उठाने देते हैं या नहीं। बता दे कि सांसद अहमद को राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान दिल का दौरा पड़ा था। बाद में 1 फरवरी को निधन हो गया था। कांग्रेस की मांग थी कि बजट को एक दिन स्थगित कर देना चाहिए था।

संसद में हंगामे से नाराज जेटली की चुनौती- हिम्मत है तो विपक्ष चर्चा करे; मोदी बोले, नोटबंदी पर जनशक्ति हमारे साथ है

संसद में हंगामे से नाराज जेटली की चुनौती- हिम्मत है तो विपक्ष चर्चा करे; मोदी बोले, नोटबंदी पर जनशक्ति हमारे साथ है

Last Updated: December 07 2016, 17:26 PM

नई दिल्ली. संसद में इस साल विंटर सेशन में एक दिन भी संसद की कार्यवाही ठीक से नहीं चल सकी है। नोटबंदी पर बुधवार को भी हंगामा हुआ। लोकसभा दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद ने कहा, देश को लाइन में लगा दिया गया। 84 की मौत हुई, इसकी किसी को तो जिम्मेदारी लेनी होगी। जवाब में अरुण जेटली ने कहा, हिम्मत है तो विपक्ष चर्चा करे। दोपहर बाद हंगामे के कारण राज्यसभा भी दिनभर के लिए स्थगित हो गई। वहीं, नरेंद्र मोदी पार्टी की मीटिंग में कहा, विपक्ष कुछ भी कहे, जनशक्ति सरकार के साथ है। मोदी बोले- EVM की तरह कैशलेस सिस्टम का प्रचार होना चाहिए... - संसद में बीजेपी पार्लियामेंट्री पार्टी की भी मीटिंग हुई। - इसमें नरेंद्र मोदी ने कहा, मतदान के समय देश में ईवीएम के बारे में जैसे प्रचार होता है, ठीक उसी तरह कैशलेस सिस्टम का प्रचार होना चाहिए। - संसदीय मामलों के राज्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा, एक रेजोेल्यूशन पास किया गया है, जिसमें जिस तरह से जनता ने नोटबंदी का समर्थन किया है, उसका स्वागत किया गया है। पूरा पैसा आएगा तो ब्लैकमनी कहां गई? - गुलाम नबी आजाद कहा, रेवन्यू सेक्रेटरी ने कहा कि जितना भी पैसा है, सब वापस आएगा। पूरा पैसा आएगा तो ब्लैकमनी कहां गई? - फिर क्यों हिंदुस्तान को लाइन में खड़ा किया? लाखों की तादाद में लोग बेरोजगार हुए। 84 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है? - बता दें कि रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अढिया ने कहा था कि सरकार को उम्मीद है कि बंद हुए 500-1000 नोट बैंकिंग सिस्टम में आ जाएंगे। काला धन जमा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जेटली ने कहा- हिम्मत है तो चर्चा करे विपक्ष - राज्यसभा में सदन के नेता अरुण जेटली ने कहा, नोटबंदी पर चर्चा हुई है, विपक्ष ने जो मांगें की, उसे हमने पूरा किया है। उन्होंने पीएम को बुलाने की मांग की। वे सदन में आए। - लेकिन विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। विपक्ष सदन के जीरो ऑवर में सिर्फ टेलीविजन कवरेज के लिए मुद्दे उठाता है। - एक ही मुद्दे को हर बार जीरो ऑवर में क्यों उठाया जा रहा है? हंगामा और नारेबाजी जारी है। - इसके बाद सरकार पक्ष के सदस्यों ने नारेबाजी की। विपक्ष की ओर इशारा करते हुए नारेबाजी की - हिम्मत है तो चर्चा करो। - बता दें कि राज्यसभा में 16 नवंबर को चर्चा शुरू तो हुई लेकिन पूरी नहीं हो सकी। विपक्ष पीएम की मौजूदगी में चर्चा की मांग कर रहा है। जबकि जेटली कह चुके हैं कि चर्चा खत्म होने के बाद पीएम जवाब देंगे। अनंत कुमार ने कहा- चर्चा से भाग रहा है विपक्ष - राज्यसभा में चर्चा शुरू भी हो गई है। पीएम के आने की बात की। पीएम गए भी। - पर विपक्ष चर्चा के लिए तैयार नहीं है। - लोकसभा में वह नियम 184 के तहत चर्चा की मांग कर रहा था। नियम 193 के तहत चर्चा शुरू भी हो चुकी है। अब उन्हें चर्चा में शामिल होना चाहिए। मायावती ने कहा- तानाशाह रवैया छोड़कर फैसला वापस लें मोदी - मायावती ने कहा, जनता को परेशान किया जा रहा है। करप्शन के खिलाफ हम भी हैं, लेकिन मोदी ने इसे इज्जत का मुद्दा बना लिया है। - उन्हें फैसला वापस लेना चाहिए।

नोटबंदी: येचुरी बोले- फैसला सही तरीके से लागू हो; मंत्री ने कहा- प्लान नाकाम करने की साजिश कर रहा विपक्ष

नोटबंदी: येचुरी बोले- फैसला सही तरीके से लागू हो; मंत्री ने कहा- प्लान नाकाम करने की साजिश कर रहा विपक्ष

Last Updated: November 15 2016, 17:04 PM

नई दिल्ली. नोटबंदी को लेकर अपोजिशन सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। 16 नवंबर से संसद का विंटर सेशन भी शुरू हो रहा है। ऐसे में सीपीएम, सीपीआई, जेडीयू, डीएमके, सपा, बसपा मीटिंग की। सीताराम येचुरी ने कहा, हम सरकार का विरोध नहीं कर रहे। हम चाहते हैं कि फैसले को ठीक तरीके से लागू किया जाए। इस पर पीएमओ में मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, अपोजिशन सरकार का प्लान नाकाम करने की साजिश कर रहा है। वेस्ट बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी मोदी के नोटबंदी के फैसले का विरोध कर रही हैं। उन्होंने शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात की। कल प्रेसिडेंट से मिलेंगी ममता... - नोटबंदी को लेकर ममता बुधवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करेंगी। उनके साथ उमर अब्दुल्ला और अरविंद केजरवाल भी राष्ट्रपति से मिलेंगे। - उन्होंने कहा, हालात काफी चिंताजनक हैं। हम बुधवार को राष्ट्रपति से मिलेंगे। क्या होता है, ये बाद में देखा जाएगा। - इस बीच सीपीएम के जनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी ने कहा, हम सरकार से फैसला वापस लेने के नहीं कह रहे। हम केवल ये चाहते हैं कि ये सही तरीके से लागू हो। - इस बीच ममता ने नोटबंदी को लेकर शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात की। शिव सेना, एनडीए का अलायंस भी है। - शिव सेना नेता संजय राउत ने कहा, दोनों नेताओं के बीच नोटबंदी को लेकर चर्चा हुई। - उधर, दिल्ली में लेफ्ट पार्टियों समेत सपा, बसपा, डीएमके, जेडीयू, की मीटिंग की। माना जा रहा है कि सरकार को घेरने को लेकर अपोजिशन स्ट्रैटजी तैयार कर रहा है। क्या बोले बीजेपी के मंत्री? - पीएमओ में मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, अपोजिशन मुद्दे को बेवजह क्रिटिसाइज कर रहा है। वो सरकार के फैसले नाकाम करने की साजिश कर रहे है। वे छिपाकर रखना ज्यादा और बताना कम चाहते हैं। ममता ने क्या कहा था? - ममता ने दो दिन पहले कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, हमारे सीपीएम के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन देश बचाने के लिए हम कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बसपा के साथ काम करने को तैयार हैं। - ममता का ये बयान सीपीएम के माउथपीस में छपे एक आर्टिकल के बाद आया है। - सीपीएम के माउथपीस में दावा किया गया था कि नरेंद्र मोदी के 8 नवंबर को नोटबंदी के एलान के कुछ मिनट बाद ही प्रदेश बीजेपी के अकाउंट में 3 करोड़ रुपए जमा कराए गए थे। क्या बोली थी सीपीएम, सपा और आरजेडी? - सोमवार को वृंदा करात ने कहा, टीएमसी क्यों बोलेगी जो खुद नारद-शारदा जैसे स्कैम के साए में खड़ी है। - लखनऊ में एक प्रोग्राम के दौरान अखिलेश ने कहा, क्या गारंटी है पाकिस्तान 2 हजार के नकली नोट नहीं छोपेगा। क्या हर बार करंसी बदलेंगे? - केंद्र सरकार अपनी कमी छिपाने के लिए नोट बंद किए हैं। जब तक हम मिलकर नहीं चलेंगे, तब तक कालाधन बंद नहीं होगा। - नोटबंदी पर RJD अध्यक्ष लालू यादव ने कहा कि अगर दो महीने की दिक्कत और ब्लैकमनी की वसूली के बाद जनता के खाते में 15 लाख आ गए तो ठीक है। अगर 15 लाख नहीं आते हैं तो फिर ये फेक स्ट्राइक होगी और इसे जनता का फेक एनकाउंटर कहा जाएगा।

राज्यसभा में #Uttarakhand पर हंगामा, मोदी के खिलाफ लगे नारे

राज्यसभा में #Uttarakhand पर हंगामा, मोदी के खिलाफ लगे नारे

Last Updated: April 26 2016, 15:15 PM

नई दिल्ली. संसद का मंगलवार को सेशन शुरू होते ही राज्यसभा में नए मेंबर्स न शपथ ली। इसके बाद जमकर हंगामा हुआ। उत्तराखंड मुद्दे पर राज्यसभा में अपोजिशन के नेताओं ने नारेबाजी की। इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि उत्तराखंड में राज्य सरकार अल्पमत में थी। इसलिए प्रेसिडेंट रूल लगा। राज्यसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा में सूखे पर सवाल-जवाब... - बीजेपी सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी ने यह सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान के 19 जिलों में सूखा है। - कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की एक टीम जायजा लेने के लिए जाएगी। - लोकसभा में इस मुद्दे पर शुक्रवार को चर्चा होगी। - वहीं, राज्यसभा में बुधवार को सूखे पर चर्चा होगी। देश के 10 राज्यों में सूखे के हालात पर बुधवार को राज्यसभा में चर्चा कराई जाएगी। - वाइस-चेयरमैन पीजे कुरियन ने गुलाम नबी आजाद और समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल की ओर से उठाए गए इस मुद्दे पर चर्चा को मंजूरी दी। स्वामी और मैरी कॉम बने सांसद - बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी और मैरी कॉम जैसी हस्तियां नए मेंबर बने। गैर कश्मीरी स्टूडेंट्स को मिलेगा एग्जाम देने का मौका - श्रीनगर आईआईटी में एग्जाम छोड़ने वाले गैर कश्मीरी स्टूडेंट्स को फिर मिलेगा चांस। - लोकसभा में इसकी जानकारी होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने दी। - 26 से 29 मई तक फिर से एग्जाम होंगे। सोमवार को संसद में क्या हुआ था? - कांग्रेस, लेफ्ट, जेडीयू समेत अपोजिशन पार्टियों ने उत्तराखंड मुद्दे पर हो-हल्ला किया। सरकार को घेरा। - हंगामे के कारण लोकसभा में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो सका। जबकि राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी। - लोकसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन का मुद्दा उठाया। - उन्होंने केंद्र सरकार को लोकतंत्र का हत्यारा; करार दिया। कहा कि केंद्र सरकार गैरभाजपाई सरकारों को गिराने की साजिश रच रही है। - राज्यसभा में कांग्रेस ने उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश के मुद्दे पर चर्चा की मांग की। कांग्रेस के आनंद शर्मा ने कहा, सरकार ने अरुणाचल में चुनी सरकार को अस्थिर किया। अब उत्तराखंड सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया गया है।; - कांग्रेस सदस्य मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी;, मोदी सरकार होश में आओ; के नारे लगाते रहे। माल्या के खिलाफ एक्शन तय - सांसद और शराब कारोबारी विजय माल्या को राज्यसभा से बाहर किया जाना तय हो गया है। - उन पर बकाया कर्ज मामले पर गौर कर रही एक संसदीय कमेटी ने सोमवार को एक्शन का सपोर्ट किया। - माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का 9,432 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है। - इसी के साथ कांग्रेस नेता कर्ण सिंह की अगुअाई वाली राज्यसभा की कंडक्ट कमेटी ने माल्या को उनके बिहेवियर के बारे में सफाई के लिए हफ्ते भर का वक्त दिया है। अगली मीटिंग 3 मई को होगी। - इससे पहले रविवार को सरकार ने माल्या का पासपोर्ट कैंसल कर दिया था। 2 मार्च को भारत छोड़ने के बाद से माल्या ब्रिटेन में हैं।

संसद में उत्तराखंड मुद्दे पर हंगामा: राज्यसभा में नारेबाजी, 3 बजे तक स्थगित

संसद में उत्तराखंड मुद्दे पर हंगामा: राज्यसभा में नारेबाजी, 3 बजे तक स्थगित

Last Updated: April 26 2016, 08:53 AM

नई दिल्ली. सोमवार से बजट सेशन का दूसरा फेज शुरू हो गया। राज्यसभा में नए सांसदों के शपथ के बाद हंगामा शुरू हो गया। नारेबाजी के चलते राज्यसभा को 3 बजे तक स्थगित कर दिया गया। इससे पहले राज्यसभा को 2 बजे तक स्थगित किया गया था। कांग्रेस ने कहा कि सरकार ने उत्तराखंड में प्रेसिडेंट रूल लगाने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया। वहीं, बीजेपी का कहना है कि मामला कोर्ट में है। ये बोले गुलाम नबी आजाद... - आजाद बोले- उत्तराखंड में प्रेसिडेंट रूल लगा है। इस पर चर्चा होकर रहेगी। - जो सरकार कोर्ट के ऑर्डर का सम्मान नहीं करती, उसका कैसे विश्वास करें? - देश में लोकतंत्र का अपमान हुआ है। - अपोजिशन ने राज्यसभा में मोदी की तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगाए। - इस बीच राज्यसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। - वहीं, लोकसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल समेत 20 कांग्रेस सांसदों ने वेल में आकर उत्तराखंड मसले पर सरकार का विरोध किया। बीजेपी ये बोली - राजनाथ सिंह ने कहा- हमने कुछ नहीं किया। उत्तराखंड का पूरा मसला कांग्रेस की आंतरिक समस्या के चलते हुआ है। - मुख्तार अब्बास नकवी बोले- चर्चा करना चाहते हैं। लेकिन मामला कोर्ट में पेंडिंग है। इसलिए चर्चा नहीं कराई जा सकती है। इसलिए हो रहा उत्तराखंड मुद्दे पर बवाल - उत्तराखंड में 9 कांग्रेस MLAs के पार्टी छोड़ने के बाद सरकार अल्पमत में आ गई थी। - गवर्नर की सिफारिश के बाद राज्य में प्रेसिडेंट रूल लगा दिया गया था। - इसके खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाते हुए उत्तराखंड में सरकार को कॉन्फिडेंस मोशन पेश करने कहा था। - सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला पलटकर प्रेसिडेंट रूल बरकरार रखने की बात रखी। मामले में 27 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। इन सांसदों ने ली शपथ - राज्यसभा में नए चुने सदस्यों में कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, प्रताप सिंह बाजवा ने शपथ ली। - शिरोमणि अकाली दल के नरेश गुजराल, श्वेत मलिक ने भी शपथ ली। अच्छे फैसले लिए जाएंगे - मोदी ने कहा कि मैं सभी दलों से सपोर्ट की उम्मीद करता हूं। सेशन में अच्छे फैसले लिए जाएंगे। - मोदी ने ये भी कहा, सेशन को बढ़ाया जा सकता है। - संसद भवन एनेक्सी में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान कांग्रेस और आरजेडी ने उत्तराखंड में प्रेसिडेंट रूल और सूखे के हालात पर चर्चा की मांग की। - हंगामेदार सत्र की पॉसिबिलिटी को देखते हुए सरकार ने कहा है कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। - हालांकि, लोकसभा स्पीकर का कहना है कि उत्तराखंड का मुद्दा कोर्ट में है, इसलिए इस पर 27 अप्रैल से पहले चर्चा पॉसिबल नहीं है। अपोजिशन की सरकार को घेरने की स्ट्रैटजी - कांग्रेस ने राज्य सभा में केवल कार्य स्थगन का प्रस्ताव दिया है। - उत्तराखंड में निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने के लिए मोदी सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किए जाने की भी मांग की है। - राज्यसभा में अपोजिशन के उपनेता आनंद शर्मा ने नियम 267 के तहत नोटिस दिया है। - इसमें राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी से उत्तराखंड में सरकार को अस्थिर करने और वहां प्रेसिडेंट रूल लागू करने के लिए मोदी सरकार की निंदा करने वाला प्रस्ताव पारित कराने का भी आग्रह किया है। - प्रस्ताव में कहा गया है, यह सदन उत्तराखंड में लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने की आलोचना करता है और संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत वहां अनुचित रूप से राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को अस्वीकार करता है। - अरुणाचल प्रदेश के मामले में भी कांग्रेस का यही रुख है। पार्टी को उम्मीद है कि इस पर बड़ी संख्या में विपक्षी पार्टियां उसका सपोर्ट करेंगी। - उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रेसिडेंट रूल रद्द करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत को 29 अप्रैल को बहुमत साबित करने का वक्त दिया था। - लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर अस्थायी रोक लगाते हुए प्रेसिडेंट रूल लागू माना और अगली सुनवाई की तारीख 27 अप्रैल तय की है।

BJP के 8 MPs ने तोड़ा ऑड-ईवन रूल, सभी सांसद बोले - हमें नियम में मिले छूट

BJP के 8 MPs ने तोड़ा ऑड-ईवन रूल, सभी सांसद बोले - हमें नियम में मिले छूट

Last Updated: April 25 2016, 17:42 PM

नई दिल्ली. संसद में आज सभी राजनीतिक दलों ने अपने मतभेदों को भुलाकर एक सुर में ऑड-ईवन का विरोध किया। सांसदों ने मांग की कि उन्हें दिल्ली में लागू इस नियम से बाहर रखा जाए। इससे पहले सोमवार को जब पार्लियामेंट सेशन शुरू हुआ तो BJP के 8 MPs रूल तोड़ते हुए संसद परिसर पहुंचे। जबकि सांसदों के लिए चलाई गईं दिल्ली सरकार की 6 एसी बसें खाली ही रहीं। ऑड-ईवन का नियम तोड़ने वालों में एक्टर और गुजरात से बीजेपी सांसद परेश रावल भी शामिल थे। हालांकि, उन्होंने इसके लिए सीएम अरविंद केजरीवाल से माफी मांग ली। आज है ऑड नंबर की गाड़ी का दिन, पैदल पहुंचे ओवैसी... - बता दें कि दिल्ली में 15 अप्रैल से शुरू हुआ ऑड-ईवन पार्ट-2 30 अप्रैल तक चलेगा। इसमें सांसदों को इस नियम से छूट नहीं दी गई है। - नियम के मुताबिक, सोमवार को ऑड नंबर की गाड़ियों को इजाजत थी लेकिन कई सांसद ईवन नंबर की गाड़ियां लेकर पहुंचे। इन बीजेपी सांसदों ने तोड़ा नियम - अहमदाबाद ईस्ट से सांसद परेश रावल - मेरठ से सांसद राजेंद्र अग्रवाल - करनाल से सांसद अश्वनी कुमार चोपड़ा - फतेहपुर सीकरी से सांसद चौधरी बाबूलाल - दमोह से सांसद प्रह्लाद सिंह पटेल - दिल्ली से सांसद उदित राज - फूलपुर से केशव प्रसाद मौर्या - गढ़वाल से सांसद बी.सी. खंडूरी आम आदमी पार्टी ने उठाया सवाल - आप नेता आशुतोष ने ट्वीट किया, ये लॉ मेकर्स हैं या लॉ ब्रेकर्स? और हर बार ये बीजेपी नेता ही क्यों होते हैं? ये बस से या पैदल पहुंचे - एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी संसद पैदल चलकर पहुंचे। - उनका कहना था कि उन्हें दिल्ली सरकार की स्पेशल बसें कहीं दिखी ही नहीं। - हालांकि बीजेपी के दो सांसद वडोदरा से रंजनाबेन धनंजय भट्ट और राजसमंद से सांसद हरी ओम सिंह राठौर बस से पहुंचे। इन्होंने मांगी माफी - रावल ने अरविंद केजरीवाल से इस नियम को तोड़ने के लिए माफी मांग ली। - उन्होंने ट्विटर पर लिखा, मैंने आज एक सीरियस गलती कर दी है, सॉरी अरविंद जी और दिल्ली वालों। संसद में क्या कहा सांसदों ने? -राज्यसभा में कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि कैसे एक सांसद को संसद में आने से रोका जा सकता है। -वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल बोले की उन्हें ऑड-ईवन की वजह से पार्लियामेंट पहुंचने में बहुत दिक्कत हुई। -कांग्रस नेता गुलाम नबी आजाद ने भी कहा कि सांसदों को इस रूल से बाहर रखा जाना चाहिए क्योंकि टैक्सियां पार्लियामेंट में नहीं आ सकती। -लोकसभा में राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने इस नियम पर सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक ऐसी योजना है जो करप्शन को बढ़ावा देने, आम लोगों, हाउस वाइव्स और स्कूली बच्चों को परेशान करने वाली है। सांसदों ने की थी मांग, लेकिन स्पीकर ने ठुकरा दी थी - संसद सत्र के बजट सेशन का दूसरा पार्ट शुरू होने से पहले कुछ सांसदों ने लोकसभा सेक्रेटरिएट से मांग की थी कि उन्हें ऑड-ईवन के नियमों से अलग रखा जाए। - ओवैसी, टीआरएस से सांसद जितेंद्र रेड्डी, एनसीपी लीडर तारिक अनवर ये मांग करने वालों में शामिल थी। - बताया जाता है कि लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने यह मांग ठुकरा दी थी और कहा था कि इस बारे में विचार भी नहीं हो सकता। - वहीं, सेक्रेटरिएट ने सांसदों से कहा था कि पूल कारों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। कहां चल रही हैं बसें - ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर गोपाल राय ने कहा कि हमने शटल सर्विस लॉन्च की है इसलिए सांसदों को छूट देने की कोई जरूरत नहीं लगती। - राय ने ट्वीट करके बताया कि डीटीसी की स्पेशल शटल सेवा के तहत नॉर्थ और साउथ एवेन्यू से 3-3 बसें सुबह 9 बजे नॉर्थ और साउथ एवेन्यू से अशोका रोड और अकबर रोड होते हुए चलेंगी। - राय ने कहा कि उन्होंने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से फोन पर बात की थी और संसद में हिस्सा लेने वाले सांसदों की जानकारी मांगी थी। - बता दें कि ऑड-ईवन पार्ट-2 के तहत अब तक 5800 से ज्यादा लोगों के चालान काटे जा चुके हैं। - इनसे दिल्ली पुलिस ने 1.16 करोड़ रुपए का जुर्माना हासिल किया है।

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