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RioOlympics2016

US से ज्यादा पैसे देता है भारत, जानें ओलिंपिक विनर्स को कौन सा देश देता है कितने रु.

US से ज्यादा पैसे देता है भारत, जानें ओलिंपिक विनर्स को कौन सा देश देता है कितने रु.

Last Updated: August 31 2016, 18:40 PM

स्पोर्ट्स डेस्क. रेसलर साक्षी मलिक के ब्रॉन्ज जीतते ही उनपर पैसों की बरसात होने लगी। सबसे पहले हरियाणा सरकार ने उन्हें 2.5 करोड़ रुपए बतौर इनाम देने की घोषणा कर दी। साथ ही राज्य सरकार में नौकरी देने का भी एलान किया। ऐसे ही भारत की ओर से इसबार रियो ओलिंपिक मेडल विनर्स के लिए इनामी रकम तय की गई थी। भारत सरकार ने गोल्ड मेडल के लिए 50 लाख रुपए, सिल्वर मेडल के लिए 30 लाख रुपए और ब्रॉन्ज मेडल के लिए 20 लाख रुपए देने का एलान किया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमेरिका अपने मेडल विनर्स को भारत के मुकाबले बहुत कम पैसे देता है। आगे की स्लाइड्स में देखें, कौन सा देश ओलिंपिक मेडल विनर्स को देता है कितने पैसे...

ओलिंपिक मेडल विनर सिंधु-साक्षी पर जारी है पैसों की बारिश, अब तक मिले 18.5 करोड़

ओलिंपिक मेडल विनर सिंधु-साक्षी पर जारी है पैसों की बारिश, अब तक मिले 18.5 करोड़

Last Updated: August 25 2016, 11:38 AM

स्पोर्ट्स डेस्क. रियो ओलिंपिक में सिल्वर मेडल विनर पीवी सिंधु और ब्रॉन्ज मेडल विनर साक्षी मलिक का देश लौटने पर जोरदार स्वागत हुआ। सिंधु का हैदराबाद में डबल डेकर बस में 32 किमी. तक विजयी जुलूस निकाला गया तो साक्षी को दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर रिसीव करने के लिए हरियाणा सरकार के 5 मंत्री मौजूद थे। बहादुरगढ़ में उनका सम्मान समारोह हुआ। सिंधु को मिलेंगी दो BMW... - पीवी सिंधु सिल्वर मेडलिस्ट हैं, इसलिए उनपर ज्यादा पैसे बरसे। उन्हें अबतक कुल 13.5 करोड़ रुपए बतौर इनाम की घोषणा की जा चुकी है। - साथ ही अगले महीने दो BMW भी मिलेंगी, जिसमें से एक हैदराबाद डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन देगा और दूसरी पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर दे सकते हैं। - सिंधु को सबसे ज्यादा 5 करोड़ रुपए की राशि तेलंगाना सरकार ने देने की घोषणा की है। - वहीं, आंध्र के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सम्मान समारोह के दौरान ही 3 करोड़ रुपए का चेक दे दिया। - सिंधु को दिल्ली, मध्य प्रदेश और हरियाणा सरकार, भारत पेट्रोलियम काॅरपोरेशन लिमिटेड, बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया, स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री आदि ने भी लाखों रुपए इनाम देने की घोषणा की है। साक्षी मलिक को लगभग 5 करोड़ रुपए का इनाम - साक्षी मलिक को ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर समेत कई जगह से करोड़ों रुपए इनाम की घोषणा की गई। - उन्हें अब तक कुल 4.91 करोड़ रुपए बतौर इनाम की घोषणा की जा चुकी है। बहादुरगढ़ में सम्मान समारोह में सीएम खट्टर ने साक्षी को 2.5 करोड़ रुपए का चेक भी सौंपा। - इस दौरान साक्षी ने कहा, सपोर्ट देने के लिए सभी का शुक्रिया। उम्मीद है कि फ्यूचर में भी इसी तरह आप लोगों का सपोर्ट मिलता रहेगा। - हरियाणा सरकार ने साक्षी को राज्य की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना का ब्रांड एम्बेसडर भी बनाया। - साक्षी को दिल्ली सरकार, रेलवे मिनिस्ट्री, स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री : 30 लाख रुपए, इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन आदि ने भी लाखों रुपए इनाम देने की घोषणा की है। सिंधु का ओलिंपिक में अचीवमेंट - ओलिंपिक में देश को मेडल दिलाने वाली सबसे यंग एथलीट बनीं। - 21 साल की सिंधु ने बैडमिंटन में भारत को पहला, ओलिंपिक हिस्ट्री में देश को 6th सिल्वर दिलाया। - 92 साल में भारत के लिए सिल्वर जीतने वाली पहली महिला। साक्षी का ओलिंपिक में अचीवमेंट - रियो में भारत को पहला मेडल दिलाने वाली रेसलर, ब्रॉन्ज मेडल जीता। - ओलिंपिक में मेडल जीतने वालीं भारत की चौथी एथलीट। - रेसिलिंग में किसी भारतीय महिला एथलीट को इससे पहले कोई मेडल नहीं मिला था। आगे की स्लाइड्स में देखें, सिंधु और साक्षी को किसने कितने रुपए इनाम की घोषणा की है...

#Rio के 12 दिन बाद भारत को पहला मेडल: रेसलर साक्षी ने जीता ब्रॉन्ज; 5-0 से पिछड़ रही थीं, आखिरी 9 सेकंड में पलटी बाजी

#Rio के 12 दिन बाद भारत को पहला मेडल: रेसलर साक्षी ने जीता ब्रॉन्ज; 5-0 से पिछड़ रही थीं, आखिरी 9 सेकंड में पलटी बाजी

Last Updated: August 23 2016, 17:26 PM

रियो डि जेनेरियो. ओलिंपिक के 12वें दिन 23 साल की रेसलर साक्षी मलिक ने कमाल का मैच खेला। वे 58 किलो की फ्री-स्टाइल रेसलिंग में 5-0 के बड़े मार्जिन से पिछड़ रही थीं, लेकिन उन्होंने आखिरी 9 सेकंड में बाजी पलटकर भारत को ब्रॉन्ज दिला दिया। रियो में यह भारत का पहला मेडल है। महिला रेसलिंग में भारत का किसी भी अोलिंपिक का पहला मेडल है। साक्षी ने बुधवार शाम 6:38 बजे से देर रात 2:50 आठ घंटे 12 मिनट में 5 मुकाबले लड़े। चार में जीतकर देश को मेडल दिलाया। (आगे की स्लाइड में पढ़ें : साक्षी की जिद और जुनून के 5 किस्से) 9 सेकंड में ऐसे जीती साक्षी... 1# रेसलिंग में 3 मिनट की बाउट होती है। ढाई मिनट तक साक्षी किर्गिस्तान की रेसलर एसुलू तिनिबेकोवा 5-0 से पिछड़ रही थीं। 2# साक्षी थोड़ा प्रेशर में थीं, लेकिन उन्होंने हौसला नहीं खोया और फिर जबरदस्त पलटवार करते हुए एसुलू को दो बार मैट पर गिराया और मुकाबला खत्म होने के 10 सेकंड पहले तक स्कोर 5-5 पर ला दिया। 3# साक्षी मेडल से बस कुछ ही दूर थीं। आगे के गेम में उन्होंने कोई गलती नहीं की और आखिरी 9 सेकंड में साक्षी ने किर्गिस्तान की रेसलर काे पटका। इससे तीन प्वाइंट मिले। साक्षी ने 8-5 के अंतर से एसुलू तिनिवेकोवा को हराकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। रियो ओलिंपिक के 12 दिन बाद भारत को पहला मेडल मिला। - मैच के बाद साक्षी ने कहा, मुझे जीत का भरोसा था। यह भारतीय महिला रेसलिंग के लिए ऐतिहासिक मौका है। यह सफलता मेरी 10 सालों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। यह मेरे लिए स्पेशल है और मैं गर्व महसूस कर रही हूं कि मैंने देश के लिए मेडल जीत लिया। लगातार तीसरा ओलिंपिक जब रेपेचेज में मिला मेडल - ये लगातार तीसरा ओलिंपिक है, जब भारत ने रेपेचेज से मेडल जीता है। 2008 में सुशील कुमार और 2012 में योगेश्वर दत्त ने भी इसी तरह रेपेचेज राउंड में ब्रॉन्ज जीता था। - क्वार्टर फाइनल में हार के बाद साक्षी को रेपेचेज मुकाबले में हिस्सा लेने का मौक़ा मिला था। - इससे पहले रेपेचेज राउंड में साक्षी का पहला मुकाबला मंगोलिया की रेसलर ओरखोन से हुआ था। इसमें उन्होंने ओरखोन को 12-3 से हराया। रेसलिंग में पहला, महिलाओं को चौथा मेडल - साक्षी ओलिंपिक में मेडल जीतने वाली भारत की चौथी एथलीट बन गई हैं। - उनसे पहले 2000 में कर्णम मल्लेश्वरी ने वेटलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज जीता था। - 2012 में मैरी कॉम ने बॉक्सिंग में ब्रॉन्ज जीता। - 2012 में साइना नेहवाल ने बैडमिंटन में ब्रॉन्ज जीता। - रेसलिंग में किसी भारतीय महिला एथलीट को इससे पहले कोई मेडल नहीं मिला था। रेपेचेज से साक्षी को ऐसे मिला ब्रॉन्ज - फाइनल में रूस की कोवलोव झोलोबोवा और जापान की काओरी इचो पहुंचीं। - झोलोबोवा ने प्री-क्वार्टर फाइनल में ओर्खोन पुरेवदोर्ज, क्वार्टर फाइनल में साक्षी और सेमी फाइनल में एसुलू तिनिवेकोवा को हराया। - ऐसे में रेपेचेज राउंड में कोवलोव से हारने वाले प्लेयर्स- साक्षी, पुरेवदोर्ज और एसुलू में मुकाबला हुआ। साक्षी जीतीं तो उन्हें ब्रॉन्ज मिला। - ऐसे ही दूसरे ब्रॉन्ज के लिए फाइनलिस्ट काओरी इचो से हारने वाले तीन प्लेयर्स के बीच मुकाबला हुआ। - आपको बता दें कि रेसलिंग में दो ब्रॉन्ज मेडल दिए जाते हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें : #Rio में भारत को पहला मेडल दिलाने वालीं साक्षी की जिद और जुनून के 5 किस्से यह भी पढ़ें - <a href='http://www.bhaskar.com/news/HAR-ROH-OMC-sakshi-malik-wins-bronze-medal-in-rio-olympic-news-hindi-5397887-PHO.html'>मां ने साक्षी के लिए सुबह की थी पूजा, ओलिंपिक में जीत के बाद घर पर मना जश्न</a> <a href='http://www.bhaskar.com/news/HAR-PAN-HMU-sakshi-malik-untold-story-news-hindi-5397901-PHO.html'>बस कंडक्टर की बेटी हैं पहलवान साक्षी मलिक, ऐसे करती हैं प्रैक्टिस</a> <a href='http://www.bhaskar.com/news/HAR-ROH-OMC-wrestler-sakshi-malik-story-news-hindi-5397912-PHO.html'>बचपन में ऐसी थीं ओलिंपिक मेडल दिलाने वाली साक्षी, रेसलर बनते ही बदली लाइफ</a> <a href='http://www.bhaskar.com/news/HAR-ROH-OMC-sakshi-malik-winning-inside-story-news-hindi-5397969-PHO.html'>एक मौके ने बदली साक्षी की लाइफ, इस पहलवान की जगह मिला था चांस</a>

सामने आई सबसे फास्ट रनर बोल्ट की ग्लैमरस गर्लफ्रेंड, देखें हॉट PHOTOS

सामने आई सबसे फास्ट रनर बोल्ट की ग्लैमरस गर्लफ्रेंड, देखें हॉट PHOTOS

Last Updated: August 21 2016, 12:18 PM

स्पोर्ट्स डेस्क. दुनिया के सबसे तेज रनर जमैका के उसैन बोल्ट चर्चा में हैं। इस की दो वजह है। पहली तो उन्होंने अपने करियर का 9वां ओलिंपिक गोल्ड मेडल जीता और दूसरी वजह हैं उनकी नई गर्लफ्रेंड। उनका नाम कासी बैनेट है। वह भी जमैका की ही हैं। बता दें कि बोल्ट ने रियो ओलिंपिक में पुरुषों की 4 गुणा 100 मीटर रिले रेस की विजेता जमैकाई टीम के फिनिशर रहे। उन्होंने 100 और 200 मी. रेस का भी गोल्ड जीता। अप्रैल में सामने आई थी फोटोज... - उसैन बोल्ट और कासी की पहली फोटो इसी साल अप्रैल में न्यू किंगस्टन में हुए एक इवेंट में सामने आई थी। - फोटो में कपल स्मूच करते दिखा था। हालांकि उस वक्त दोनों में से किसी ने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया था। - अब जब बोल्ट ने गोल्ड की झड़ी लगा दी तो कासी ने एक फोटो शेयर करते हुए उन्हें माय बेबी कहते हुए चीयर किया। पहले इनसे रहा अफेयर - उसैन बोल्ट और मेगन एडवर्ड 2012 में रिलेशनशिप में थे। बोल्ट और एडवर्ड मेगन का 2012 में अफेयर था। - हालांकि यह ज्यादा दिन नहीं चला था। एडवर्ड भी 800 मीटर की रनर रही। हाल ही में मेगन न्यूड फोटोशूट की वजह से चर्चा में रहीं। - बोल्ट उन्हें अपने परिवार से मिलवाने के लिए जमैका भी ले गए थे, लेकिन बाद में एडवर्ड ने उन्हें यह कहकर किनारे कर दिया कि वह इतनी लंबी दूरी के रिलेशनशिप को लेकर खुश नहीं हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें, उसैन बोल्ट की ग्लैमरस गर्लफ्रेंड की चुनिंदा फोटोज...

RIO: इंडियन्स ने गूगल पर सबसे अधिक ये 5 सवाल पूछे, जानें कौन रहा पॉपुलर

RIO: इंडियन्स ने गूगल पर सबसे अधिक ये 5 सवाल पूछे, जानें कौन रहा पॉपुलर

Last Updated: August 21 2016, 00:01 AM

स्पोर्ट्स डेस्क. रियो ओलिंपिक 2016 अब खत्म होने पर है। भारत को इस ओलिंपिक में दो मेडल मिले। शटलर पीवी सिंधू ने सिल्वर और रेसलर साक्षी मलिक ने ब्रॉन्ज दिलाकर भारत का सम्मान बढ़ाया। आधा सफर बीत जाने के बाद भारत को निराशा हाथ लगी थी, लेकिन जैसे ही पहला मेडल मिला, वैसे ही इंडियन्स का इंटरेस्ट ओलिंपिक की ओर बढ़ने लगा। देखते-देखते गूगल पर सर्चिंग की स्पीड बढ़ गई। लोग जानकारी के लिए इंटरेस्टिंग सवाल सर्च करने लगे। इंडियन एथलीट्स के बारे में भी सर्चिंग बढ़ गई। आगे की स्लाइड्स में dainikbhaskar.com आपको बता रहा है गूगल पर इंडियन्स ने सबसे अधिक 5 सवाल क्या पूछे और सबसे अधिक सर्च किए जाने वाले 10 एथलीट कौन रहे...

सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक, सिंधू का कुछ ऐसा मुश्किल है रूटीन

सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक, सिंधू का कुछ ऐसा मुश्किल है रूटीन

Last Updated: August 20 2016, 18:30 PM

स्पोर्ट्स डेस्क. इंडिया की दूसरी साइना नेहवाल कही जाने वाली सिंधू ने पहली बार ओलिंपिक में हिस्सा लिया और मेडल जीता। फाइनल में वर्ल्ड नंबर वन से टक्कर हुई और लगभग धूल चटा ही दी थी। उनकी कड़ी मेहनत को देखते हुए इंडियन फैन सिल्वर मेडल को सोना से कम नहीं मान रहे हैं। वर्ल्ड नंबर वन को टक्कर देना या फाइनल तक पहुंचने की बात करना आसान है, लेकिन क्या आप जानते हैं इसके लिए सिंधू को कितनी कड़े शेड्यूल से गुजरना पड़ा। सब सोते थे तो सिंधू कर रही होती थीं प्रैक्टिस की तैयारी... - सिंधू का शेड्यूल सुबह साढ़े 3 बज से शुरू हो जाता है। इसके लिए प्रॉपर उनके पिता ने अपना शत-प्रतिशत दिया। - वे अलार्म लगाकर सोते हैं। साढ़े 3 बजे सिंधू को उठाने के बाद 15 मिनट के अंदर एकेडमी पहुंच जाते हैं। - फिर शुरू होता है सिंधू की प्रैक्टिस का घमासान। यही नहीं, इस दौरान वह घर का दिनभर में कम से कम 3 चक्कर लगाती हैं। आगे की स्लाइड्स में जानें, पीवी सिंधू के कड़े शेड्यूल के बारे में, जिस वजह से मेडल हो सका संभव...

#Rio: खूब लड़ीं सिंधू, हारकर भी रचा इतिहास; 92 साल में भारत के लिए सिल्वर जीतने वाली पहली महिला

#Rio: खूब लड़ीं सिंधू, हारकर भी रचा इतिहास; 92 साल में भारत के लिए सिल्वर जीतने वाली पहली महिला

Last Updated: August 20 2016, 15:45 PM

रियो ओलिंपिक. 21 साल की स्टार शटलर पीवी सिंधू ने शुक्रवार रात इतिहास रच दिया। ओलिंपिक 1896 से खेले जा रहे हैं। भारत 1924 से ओलिंपिक में महिला एथलीट्स भेज रहा है। उस लिहाज से सिंधू 92 साल में सिल्वर जीतने वाली पहली महिला हैं। वे ओलिंपिक मेडल जीतने वाली सबसे कम उम्र की एथलीट भी बन गई हैं। फाइनल में स्पेन की कैरोलिना मारिन ने जैसे ही गोल्ड जीता, सिंधू खेल भावना दिखाते हुए उनके पास गईं और उन्हें गले से लगा लिया। सिंधू ने पहला सेट 21-19 से जीता, जबकि कैरोलिना ने दूसरा सेट 21-12 से अपने नाम किया। तीसरे सेट में सिंधू को 21-15 से हार का सामना करना पड़ा। 12 साल बाद ओलिंपिक में बैडमिंटन का 80 मिनट लंबा मुकाबला देखा गया। सिंधू ने आखिरी में 5 मिनट में जीता पहला सेट... - पहला प्वाइंट मारिन ने लिया, लेकिन इसके बाद सिंधू ने लगातार दो प्वाइंट लेकर जबरदस्त वापसी की। - वर्ल्ड नंबर वन ने लगातार 4 प्वाइंट लेकर स्कोर 5-2 कर दिया। यहां सिंधू ने एक प्वाइंट लिया जरूर, लेकिन कुछ शॉट खराब शॉट खेले और प्वाइंट्स गंवाए। - इसका फायदा उठाकर स्पेनिश खिलाड़ी ने स्कोर 12-6 की बढ़त बना ली। इस दौरान शटल चेंज होने के बाद सिंधू ने जोरदार वापसी की और 3 प्वाइंट जुटाए। - अब स्कोर 10-12 हो गया। लेकिन स्पेनिश खिलाड़ी ने फिर वापसी की और स्मैश लगाकर प्वाइंट्स जुटाए। दोनों एक-दूसरे को जोरदार टक्कर देती रहीं। - हालांकि, सिंधू ने आखिरी 5 मिनट में जोरदार वापसी की और स्कोर 19-19 से बराबरी कर ली। इसके बाद दो प्वाइंट्स लेकर 21-19 से पहला सेट अपने नाम कर लिया। जबरदस्त वापसी, दिखाया डॉमिनेटिंग गेम - दूसरे सेट की शुरुआत में मारिन ने जबरदस्त वापसी की और 11-2 की बढ़त बना ली। जब तक सिंधू 10 तक पहुंचती, तब तक कैरोलिना 18 प्वाइंट तक पहुंच चुकी थी। - सिंधू ने वापसी तो की, लेकिन मारिन को शुरुआती समय में ली गई लीड का फायदा मिला। ये सेट मारिन ने 21-12 से अपने नाम किया। इसके साथ ही मैच 1-1 से बराबरी पर पहुंच गया। - वर्ल्ड नंबर वन ने स्मैश, ड्रॉप और नेट पर अपने कमांड जोरदार प्रदर्शन किया। तीसरे सेट में जोरदार टक्कर, लेकिन भारी पड़ी वर्ल्ड नंबर वन - मैच बराबरी पर होने के बाद तीसरे सेट में दोनों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली। कैरोलिना मारिन ने तीसरा सेट 15-21 से अपने नाम कर लिया। सिंधू के अहम पड़ाव - सिंधू ने 8 की उम्र में खेलना शुरू किया। 18 की उम्र में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज जीतकर लाईं। इसी उम्र में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड मिला। 20 में वे पद्मश्री के लिए चुनी गईं और 21 की उम्र में ओलिंपिक मेडल जीतकर लाई हैं। ओलिंपिक मेडल जीतने वाली भारत की पांचवीं महिला - कर्णम मल्लेश्वरी: वेटलिफ्टिंग: ब्रॉन्ज: 2000 - मैरी काॅम: बॉक्सिंग: ब्रॉन्ज: 2012 - साइना नेहवाल: बैडमिंटन: ब्रॉन्ज: 2012 - साक्षी मलिक: रेसिलंग: ब्रॉन्ज: 2016 - पीवी सिंधू: बैडमिंटन: सिल्वर: 2016 सिंधू ने भारत को दिलाया 6th सिल्वर - 1900, पेरिस : ब्रिटिश मूल के नॉरमन प्रिटचर्ड को 200 मीटर और 200 मीटर हर्डल्स में 2 सिल्वर। - 2004, एथेंस : राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को शूटिंग में। - 2012, लंदन : विजय कुमार को शूटिंग और सुशील कुमार को रेसलिंग में। - 2016, रियो : पीवी सिंधू को बैडमिंटन में। यह भी पढ़ेंः #Rio: कोच गोपीचंद के कहने पर अग्रेशन के लिए घंटों चिल्लाती थीं सिंधू; ट्रेनिंग के लिए पिता रोज 30 Km दूर ले जाते थे (<a href='http://www.bhaskar.com/news-ht/SPO-ROLM-pv-sindhu-inside-story-news-hindi-5398343-PHO.html'>यहां क्लिक करें</a>)

सिल्वर मेडल जीतते ही सिंधू पर हुई पैसों की बारिश, कोई देगा BMW तो कोई 4 करोड़

सिल्वर मेडल जीतते ही सिंधू पर हुई पैसों की बारिश, कोई देगा BMW तो कोई 4 करोड़

Last Updated: August 20 2016, 15:02 PM

नई दिल्ली. स्टार शटलर पीवी सिंधू के ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतते ही उनपर इनामों की बारिश शुरू हो गई है। हैदराबाद डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन के प्रेसिडेंट वी चामुंडेश्वरनाथ ने उन्हें BMW गिफ्ट करने का एलान किया है। वहीं, हरियाणा सरकार पहले ही सिल्वर मेडलिस्ट को बतौर इनाम 4 करोड़ रुपए देने का एलान कर चुकी है। चामुंडेश्वरनाथ साइना नेहवाल को भी दे चुके हैं BMW... - 2012 ओलिंपिक में साइना नेहवाल के ब्रॉन्ज जीतने पर भी चामुंडेश्वरनाथ ने उन्हें BMW गिफ्ट में दिया था। - इस बार भी उन्होंने पहले ही ये एलान कर दिया था कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से जो भी एथलीट मेडल लाएगा, उसे वे BMW गिफ्ट करेंगे। - उन्होंने कहा- मुझे खुशी है कि मैं इस बार पीवी सिंधू को गिफ्ट करूंगा। मैं उन्हें सचिन तेंडुलकर के हाथों गाड़ी की चाबी दिलवाऊंगा। - भारत सरकार, तेलंगाना सरकार, दिल्ली सरकार, बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया, रेलवे मिनिस्ट्री, इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन और बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने भी सिंधू के लिए इनाम की घोषणा की है। - इसके अलावा हैदराबाद की रियल स्टेट कंपनियों ने भी सिंधू को फ्लैट्स देने का एलान किया है। फाइनल में स्पेन से हार गईं सिंधू - फाइनल मुकाबले में स्पेन की कैरोलिना मारिन से उन्हें 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। - सिंधू ओलिंपिक में मेडल जीतने वाली सबसे कम उम्र की एथलीट भी बन गई हैं। - सिंधू ने पहला सेट 21-19 से जीता, जबकि कैरोलिना ने दूसरा सेट 21-12 से अपने नाम किया। - तीसरे सेट में सिंधू को 21-15 से हार का सामना करना पड़ा। ओलिंपिक मेडल जीतने वाली भारत की पांचवीं महिला - कर्णम मल्लेश्वरी: वेटलिफ्टिंग: ब्रॉन्ज: 2000 - मैरी कॉम: बॉक्सिंग: ब्रॉन्ज: 2012 - साइना नेहवाल: बैडमिंटन: ब्रॉन्ज: 2012 - साक्षी मलिक: रेसिलंग: ब्रॉन्ज: 2016 - पीवी सिंधू: बैडमिंटन: सिल्वर: 2016 सिंधू ने ओलिंपिक हिस्ट्री में भारत को दिलाया 6th सिल्वर - 1900, पेरिस : ब्रिटिश मूल के नॉरमन प्रिटचर्ड को 200 मीटर और 200 मीटर हर्डल्स में 2 सिल्वर। - 2004, एथेंस : राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को शूटिंग में। - 2012, लंदन : विजय कुमार को शूटिंग और सुशील कुमार को रेसलिंग में। - 2016, रियो : पीवी सिंधू को बैडमिंटन में। आगे की स्लाइड्स में देखें, सिंधू को और किस-किस ने कितने रुपए बतौर इनाम देने की घोषणा की...

मेडल जीतने के बाद साक्षी पर पैसों की बारिश, हरियाणा सरकार देगी 2.5 करोड़ रुपए

मेडल जीतने के बाद साक्षी पर पैसों की बारिश, हरियाणा सरकार देगी 2.5 करोड़ रुपए

Last Updated: August 20 2016, 11:56 AM

नई दिल्ली. रेसलर साक्षी मलिक के ब्रॉन्ज जीतने के बाद हरियाणा सरकार ने 2.5 करोड़ रुपए और सरकारी नौकरी देने का फैसला किया है। उत्तर रेलवे, इंडियन ओलिंपिक फेडरेशन, उत्तर प्रदेश सरकार, सलमान खान और JSW सीमेंट ने भी इनाम का एलान किया है। बता दें कि गुरुवार को साक्षी ने रियो ओलिंपिक में ब्रॉन्ज जीतकर भारत के मेडल के इंतजार को खत्म किया। ओलिंपिक में मेडल जीतने वाली पहली वुमन रेसलर... - एशियन चैम्पियनशिप-2015 में पोडियम फिनिश करने वाली साक्षी ओलिंपिक के रेसलिंग में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। - ओलिंपिक में भारत के लिए साक्षी से पहले कभी किसी महिला पहलवान ने पदक नहीं जीता था। - साक्षी के पहले भारत की ओर से ओलिंपिक में सिर्फ 3 महिला खिलाड़ी कर्णम मल्लेश्वरी, मैरी कॉम और साइना नेहवाल ही मेडल जीत सकी थीं। आखिरी 15 सेकंड में भारी पड़ीं साक्षी - 23 साल की साक्षी ने किर्गिस्तान की एसुलू तिनिवेकोवा को फ्री स्टाइल इवेंट के 58kg वेट कैटेगरी में हराया। - कोरिओका एरेना-2 में हुई फाइट में साक्षी 0-5 से पीछे थीं, लेकिन सेकंड राउंड में उन्होंने 8-5 से जीत लिया। - फाइट के अंतिम 15 सेकंड साक्षी के पक्ष में रहे। रेपचेज राउंड-2 में साक्षी ने मंगोलिया की पुरेवदोर्ज ओरखोन को 12-3 के अंतर से मात दी थी। इस मैच में साक्षी पूरी तरह से हावी रहीं। साक्षी का रेसलिंग करियर : 5 साल में 11 बड़े टूर्नामेंट में जीते 8 मेडल - गोल्ड मेडल : जूनियर नेशनल-2011, जम्मू - ब्रॉन्ज मेडल: जूनियर एशियन-2011, जकार्ता - सिल्वर मेडल: सीनियर नेशनल-2011, गोंडा - गोल्ड मेडल: ऑल इंडिया विवि-2011, सिरसा - गोल्ड मेडल: जूनियर नेशनल-2012, देवघर - गोल्ड मेडल: जूनियर एशियन-2012, कजाकिस्तान - ब्रॉन्ज मेडल: सीनियर नेशनल-2012, गोंडा - गोल्ड मेडल: ऑल इंडिया विवि-2012, अमरावती - गोल्ड मेडल: सीनियर नेशनल-2013, कोलकाता - गोल्ड मेडल: देन सतलज मेमोरियल-2014, यूएसए - गोल्ड मेडल: ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी-2014, मेरठ आगे की स्लाइड्स में जानें, ब्रॉन्ज जीतने पर कौन देगा कितने पैसे...

रियो की 15 ग्लैमरस PHOTOS, जिन्हें क्लिक करने से नहीं चूके फोटोग्राफर्स

रियो की 15 ग्लैमरस PHOTOS, जिन्हें क्लिक करने से नहीं चूके फोटोग्राफर्स

Last Updated: August 19 2016, 00:00 AM

स्पोर्ट्स डेस्क. रियो का रोमांच अपने चरम पर चल रहा है। इस रोमांच में ग्लैमर का तड़का भी खूब लग रहा है। वुमन एथलीट्स की सेल्फी तो फोटोग्राफर्स के द्वारा ली गई ग्लैमरस मोमेंट की फोटोज सोशल साइट पर पॉपुलर हो रही हैं। dainikbhaskar.com आपको उन्हें में से चुनिंदा 15 फोटोज दिखा रहा है। बता दें कि रियो में लगभग 11 हजार एथलीट्स हिस्सा ले रहे हैं। हर बार की तरह इस बार भी अमेरिका मेडल लिस्ट में टॉप पर बना हुआ है। 30 गोल्ड, 32 सिल्वर और 31 ब्रॉन्ज उसके खाते में हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें, रियो ओलिंपिक की 15 ग्लैमरस फोटोज...

अगर ये खतरनाक हादसा न होता तो एक नहीं दो मेडल होते भारत के पास

अगर ये खतरनाक हादसा न होता तो एक नहीं दो मेडल होते भारत के पास

Last Updated: August 18 2016, 16:16 PM

रियो डिन जेनेरियो. साक्षी मलिक ने 58kg वेट कटेगरी के फ्री स्टाइल में ब्रॉन्ज जीतकर भारत का खाता खोला। रियो में एक हादसा न होता तो भारत एक नहीं दो मेडल की खुशी मना रहा होता। जी हां, साक्षी से पहले 48kg में जीत से शुरुआत करने वाली विनेश फोगट क्वार्टर फाइनल में बुरी तरह चोटिल हो गईं। कब हुआ ये खतरनाक हादसा... - चीन की सुन यानान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले में विनेश एक समय 1-0 से आगे चल रही थीं। - लेकिन तभी युनान ने अपने मजबूत दांव में फंसा लिया। विनेश ने इस दांव में फंसकर दो अंक तो गंवा ही बैठीं। - बल्कि उनका पैर बुरी तरह मुड़ गया और वह दर्द से कराहने लगीं। वह इसके बाद खड़ी भी नहीं हो पाईं और मुकाबले से हटने का फैसला कर लिया। रेफरी ने सुन यानान को विजयी घोषित कर दिया। 6 सप्ताह तक रहेंगी रेसलिंग से दूर - विनेश को क्वार्टर फाइनल फाइट के दौरन चीन की सुन यानान के खिलाफ खेलते हुए चोट लगी थी। - विनेश की जांच करने के बाद डॉक्टरों ने दो सप्ताह तक मैट से दूर रहने की सलाह दी है। - इस बारे में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुक राकेश गुप्ता ने कहा, विनेश को टेंडन टीयर है। - कोई फ्रैक्चर नहीं है। डॉक्टरों ने कहा है कि उन्हें पूरी तरह फिट होने में कुछ सप्ताह लगेगा। - भारतीय दल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी पवनदीप सिंह कोहली ने कहा- वह छह सप्ताह बाद ही कुश्ती शुरू कर सकेंगी। स्ट्रेचर पर बाहर ले जाया गया - विनेश को स्ट्रेचर पर बाहर ले जाया गया। विनेश के चोटिल होने का दुख उनकी विपक्षी खिलाड़ी के चेहरे पर साफ देखा जा सकता था। - यानान इस मुकाबले से पांच क्लासीफिकेशन अंक हासिल करने में भी सफल रहीं। - इससे पहले विनेश ने दमदार प्रदर्शन करते हुए एकतरफा मुकाबले में जीत हासिल करते हुए 1/4 फाइनल्स में प्रवेश किया था। - विनेश को क्वालिफिकेशन राउंड में बाई मिला था और उन्होंने सीधे 1/8 फाइनल्स चरण से अपने अभियान की जीत के साथ शुरुआत की थी। आगे की स्लाइड्स में देखें, फोटोज में विनेश का कैसे टूट गया मेडल ड्रीम, चोटिल होने के बाद हुईं बाहर...

दर-दर भटक रही थी पुलिस, वह बेटे के होटल में आपत्तिजनक हालत में मिला

दर-दर भटक रही थी पुलिस, वह बेटे के होटल में आपत्तिजनक हालत में मिला

Last Updated: August 18 2016, 16:16 PM

रियो डि जेनेरियो. रियो ओलिंपिक टिकट की अवैध बिक्री के आरोप में यूरोपियन ओलिंपिक कमेटी के प्रमुख पैट्रिक हिकी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उन्हें उनके बेटे के होटल से दबोचा। गिरफ्तारी के लिए तलाशी के वक्त वे होटल के रूप में नेक्ड पाए गए। बता दें कि पुलिस को संदेह है कि 71 साल के पैट्रिक हिकी ओलिंपिक की टिकटों को कीमत से अधिक दाम पर बेचने के मामले से जुड़े हो सकते हैं। वाइफ कर रही थी गुमराह... - हिकी की पत्नी ने बताया कि वो पिछले सप्ताह ही रियो से आयरलैंड चले गए हैं। - इसके बाद उन्होंने होटल की मदद से तलाशी शुरू की और हिकी दूसरे कमरे में मिल गए। - पुलिस का कहना है कि इस मामले में ओलिंपिक के शुरुआती समारोह के दिन आयरलैंड के केविन जेम्स मैलोन की गिरफ़्तारी हुई थी। पद से भी हटाया गया - पुलिस के अनुसार, पैट्रिक हिकी को सावधानी के तौर पर अस्पताल ले जाया गया है और वो शायद रात के वक्त वहीं रहेंगे। - जिस वक्त अधिकारी हिकी के होटल के कमरे में गए तो उन्होंने पाया कि उनकी पत्नी वहां मौजूद थीं, जिनके पास हिकी के पहचान पत्र थे। - पुलिस के अनुसार, इससे उन्हें करीब 31 लाख डॉलर का लाभ हो सकता था। आगे की स्लाइड्स में देखें, हिकी की गिरफ्तारी के वक्त की फोटो, नेक्ड पाए गए थे होटल रूम में...

#Rio: सिर्फ 3 महीने की तैयारी में फाइनल तक पहुंचीं जिमनास्ट दीपा ने करियर की बेस्ट जम्प लगाई थी, मेडल हारकर खूब रोईं

#Rio: सिर्फ 3 महीने की तैयारी में फाइनल तक पहुंचीं जिमनास्ट दीपा ने करियर की बेस्ट जम्प लगाई थी, मेडल हारकर खूब रोईं

Last Updated: August 17 2016, 14:52 PM

रियो डि जेनेरियो. रियो ओलिंपिक में 23 साल की जिमानस्ट दीपा कर्माकर 0.15 प्वाइंट से मेडल चूक गई थीं। वे वॉल्ट इवेंट में चौथी पोजिशन पर रहने के बाद मुस्कुराती रहीं। लेकिन जैसे ही खेलगांव पहुंचीं, फूट-फूट कर रोईं। उनके कोच बिश्वेश्वर नंदी कहते हैं, हमने सिर्फ तीन महीने की तैयारी में यह मुकाम पाया। ऐसे में, इतने कम प्वाइंट्स से मेडल चूकने पर अफसोस हुआ। दीपा को संभालना मुश्किल हो गया था। बता दें कि ओलिंपिक हिस्ट्री के 120 साल में ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई भारतीय एथलीट जिमनास्टिक्स के फाइनल तक पहुंचा था। कोच नंदी ने क्या बताया... - न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कोच नंदी ने बताया- मामूली अंतर से ब्रॉन्ज से चूकना हमारे लिए जिंदगी का सबसे खराब समय रहा। हर कोई खुश था, लेकिन हमारी तो दुनिया ही मानो उजड़ गई और वह भी इतने मामूली अंतर से। हमारे लिए यह सबसे खराब इंडिपेंडेंस डे रहा।मैं धरती पर सबसे दुखी कोच हूं। - हमने सिर्फ तीन महीने तैयारी की, जबकि दूसरे जिमानस्ट पूरे साल तैयारी करते हैं। मैं विदेशी कोचों के खिलाफ हूं। हम कर सकते हैं, तो उनकी क्या जरूरत है। हमें फिट रहने और दीपा को टोक्यो ओलिंपिक 2020 तक फिट बनाए रखने के लिए फैसिलिटी चाहिए। - फाइनल में हार के बाद दीपा ने ट्वीट के जरिए देश से माफी मांगी। उन्होंने कहा- 1.3 अरब भारतीयों की उम्मीदों को पूरा नहीं कर सकी। लेकिन मैंने काफी मेहनत की। अगर संभव हो तो माफ कर दें। करियर की बेस्ट जम्प थी - प्रुडोनोवा वॉल्ट में डिफिकल्टी लेवल 17 से शुरू होता है जो 7 पर आकर खत्म होता है। दीपा ने 15.1 डिफिकल्टी लेवल हासिल किया जो उनके करियर का बेस्ट था। - उनके कोच नंदी कहते हैं, यह दीपा के करियर की सबसे बेस्ट जम्प थी। वह परफेक्ट थी। लेकिन जज उसकी लैंडिंग से कन्विंस नहीं हुए। वो शायद थोड़ा नीचे रह गई थी। - फाइनल वॉल्ट में दीपा का एवरेज स्कोर 15.066 रहा। प्रुडोनोवा के दो राउंड में उन्होंने 14.866 और 15.266 प्वाइंट्स के साथ फिनिश किया। प्रुडोनोवा के डेथ वॉल्ट; में दीपा ने 17 में से 15.10 प्वाइंट्स हासिल किए, जो उनका बेस्ट परफॉर्मेंस रहा। अमेरिका को मिला गोल्ड, रूस को सिल्वर - दीपा ने वॉल्ट इवेंट में डिफिकल्टी में 8.666 और एग्जीक्यूशन में 8.266 प्वाइंट हासिल किए। दीपा ने पहले अटेम्प्ट में 6 डिफिकल्टी और दूसरे में 7 डिफिकल्टी को चुना था। - इस तरह, उन्होंने पहले अटेम्प्ट में 14.866 और दूसरे में 15.266 प्वाइंट हासिल किए। इसका एवरेज 15.066 बना। - अमेरिका की सिमोन बाइल्स ने 15.966 प्वाइंट के साथ गोल्ड और रूस की मारिया पेसेका ने 15.253 प्वाइंट के साथ सिल्वर और स्विट्जरलैंड की गुलिया एस. 15.216 अंकों के साथ ब्रॉन्ज में सफल रहीं। सरकार को भी बाद में समझ आया था - दीपा जब रियो के लिए रवाना हो रहीं थीं, तब उनके कोच नंदी और खुद दीपा ने स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री से अपने फिजियो साजिद मीर को साथ भेजने की अपील की थी। तब उनकी बात नहीं सुनी गई। लेकिन जैसे ही दीपा फाइनल में पहुंचीं, मिनिस्ट्री ने आनन-फानन में साजिद के पेपर्स तैयार कराए और उन्हें रियो भेजा गया। प्रोडुनोवा यानी वॉल्ट ऑफ डेथ लेकिन ऐसा क्यों? - दीपा की इस वॉल्ट में एक्सपर्टाइज है। जिमनास्टिक्स में सबसे ज्यादा प्वॉइंट्स प्रोडुनोवा में ही मिलते हैं। 90 के दशक में येलेना प्रोडुनोवा ने यह वॉल्ट शुरू किया। बाद में उन्हीं के नाम पर इस वॉल्ट का नाम पड़ा। उनके बाद दुनिया में सिर्फ 4 जिमनास्ट ही ये कर पाईं। उनमें दीपा भी शामिल हैं। WHAT NEXT - दीपा का अगला टारगेट टोक्यो में 2020 में होने वाला ओलिंपिक है। दीपा तब तक 27 साल की हो जाएंगी। - क्या इस तरह के जिमनास्टिक में उम्र असर डालती है, इस पर दीपा के कोच नंदी कहते हैं, फिटनेस जरूरी होगी। जिमनास्टिक्स में 32 साल की उम्र तक आप अपने करियर का बेस्ट दे सकते हैं। उज्बेकिस्तान की ओसाका क्यूसोवितिना तो 41 साल की हैं। वे रियो में 7th पोजिशन पर रही थीं। आगे की स्लाइड्स में देखें PHOTOS...

Rio: जिमनास्ट दीपा करमाकर 0.15 प्वाइंट से मेडल चूकीं, सिंधू ने बरकरार रखी उम्मीदें

Rio: जिमनास्ट दीपा करमाकर 0.15 प्वाइंट से मेडल चूकीं, सिंधू ने बरकरार रखी उम्मीदें

Last Updated: August 15 2016, 12:41 PM

रियो डि जेनेरियो. रियो में भारत के लिए रविवार का दिन बेहतर नहीं रहा। टॉप वुमन शटलर साइना नेहवाल, टेनिस के मिक्स्ड डबल्स में सानिया मिर्जा और रोहन बोप्पना की जोड़ी को हार का सामना करना पड़ा। बॉक्सिंग में मनोज कुमार को लाइट वेट कैटेगरी (64kg) में उज्बेकिस्तान के फैजलिद्दीन गैब्नाजारॉ से हार मिली। पुरुष हॉकी टीम को बेल्जियम से 1-3 से हार का सामना करना पड़ा है। अब टीम मेडल की दौड़ से बाहर हो गई है। दूसरी ओर, ओलिंपिक में पहली बार हिस्सा लेने वाली दीपा करमाकर 0.15 प्वाइंट के अंतर से ब्रॉन्ज मेडल चूक गईं। भारत के लिए पीवी सिंधू ने ही कुछ पॉजिटिव न्यूज दी। वह प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई हैं। उन्होंने कनाडा की मिशेल ली को 19-21, 21-15, 21-17 से हराया। दीपा करमाकर 0.15 प्वाइंट से चूकीं ब्रॉन्ज... - भारत की दीपा करमाकर वॉल्ट इवेंट के फाइनल में चौथे स्थान पर रहीं। - वह महज कुछ अंकों के साथ ब्रॉन्ज मेडल से चूक गईं। - दीपा ने डिफिकल्टी में 8.666 और एग्जीक्यूशन में 8.266 अंक हासिल किए। - दीपा ने पहले प्रयास में 6 डिफिकल्टी और दूसरे प्रयास में 7 डिफिकल्टी चुना था। - इस तरह, उन्होंने पहले प्रयास में 14.866 और दूसरे प्रयास के लिए 15.266 अंक पाए, जिसका औसत 15.066 बना। - अमेरिका की सिमोन बाइल्स ने 15.966 प्वाइंट के साथ गोल्ड, रूस की मारिया पेसेका ने 15.253 प्वाइंट के साथ सिल्वर और स्विट्जरलैंड की गुलिया एस. 15.216 अंकों के साथ ब्रॉन्ज में सफल रहीं। साइना को घुटने की चोट ले डूबी - साइना ने कहा- मेरे घुटने में दर्द था और मैं अपना बेस्ट परफॉर्मेंस नहीं कर पाई। - पैर पर काफी पट्टियां बंधी थीं। मुझे मूवमेंट में काफी दिक्कत हो रही थी और दर्द भी हो रहा था। - यह दिल तोड़ने वाली हार है। मुझे काफी बुरा लग रहा है। यह चोट ओलिंपिक से ठीक पहले लगी थी। - 5वीं रैंक की साइना को ग्रुप-जी के मुकाबले में यूक्रेन की 61th वर्ल्ड रैंक की मारिया यूलितिना ने रोमांचक मुकाबले में 21-18, 21-19 से हरा दिया। शुरुआती बढ़त के बाद साइना को मिली हार - यूक्रेन की खिलाड़ी ने जल्द वापसी करते हुए 8-8 से बराबरी कर ली। साइना ने एक बार फिर 11-9 से बढ़त हासिल कर ली। - मारिया ने कड़े इवेंट में स्कोर फिर से 13-13 से बराबरी पर आ गया। ये सेट यूक्रेन की खिलाड़ी ने 21-18 से अपने नाम किया। - मारिया ने दूसरे गेम की अच्छी शुरुआत की। पहला प्वाइंट हासिल किया। लेकिन साइना ने पलटवार करते हुए लगातार 4 प्वाइंट हासिल किए। - एक समय दूसरे गेम में 15-17 से पिछड़ने के बाद यूक्रेन की खिलाड़ी ने 18-18 से बराबरी कर मैच को रोमांचक मोड़ पर ला दिया। - यूक्रेन की प्लेयर ने 20-19 से बढ़त लेकर साइना को तगड़ा झटका दिया, जिससे साइना उबर नहीं पाईं और मैच मैच हार कर ओलिंपिक से बाहर हो गईं। #सानिया-बोप्पना की जोड़ी सीधे सेटों में हारी - ब्रॉन्ज मेडल के लिए हुए मैच में सानिया और रोहन बोप्पना की जोड़ी को चेक रिपब्लिक की जोड़ी राडेक स्टेपानेक और लुसी हार्देका ने हराया। - सानिया की जोड़ी दोनों ही सेटों में कुछ खास नहीं कर सकी और एक घंटा और 11 मिनट तक चले इस मुकाबले में सीधे सेटों में 6-1 और 7-5 से हारकर बाहर हो गई। #श्रीकांत का सफर है जारी - किदांबी श्रीकांत ने बैडमिंटन के सिंगल में राउंड ऑफ-16 में जगह बना ली है। - उन्होंने ग्रुप-एच के अपने मुकाबले में स्वीडन के हेनरी हुरसकाईनने को कड़े मुकाबले में 21-6, 21-18 से हराया। - 11th रैंक के श्रीकांत ने पहला गेम महज 13 मिनट में अपने नाम किया। - हालांकि, दूसरे गेम में हेनरी ने शानदार खेल दिखाया और श्रीकांत को एक-एक अंक के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। #50 मीटर राइफल प्रोन 3 पोजिशन: नारंग, चैन सिंह बाहर - गगन नारंग और चैन सिंह 50 मीटर राइफल प्रोन 3 पोजिशन स्पर्धा के क्वालिफिकेशन दौर में बाहर हो गए। - चैन सिंह ने 1169 के स्कोर के साथ 23th प्लेस पर रहे, जबकि नारंग 1162 के स्कोर के साथ 33th प्लेस हासिल कर सके। - क्वालिफाइंग में उतरे 44 में रूस के सर्जेई कामेंस्की ने वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया और 1184 के स्कोर के साथ टॉप पर रहे। - इसके साथ ही रियो ओलिंपिक में भारतीय निशानेबाजी अभियान बिना किसी मेडल के समाप्त हो गया।

ऐसा पंच मारा कि चैम्पियन हो गया ढेर, PHOTOS में देखें फाइट का रोमांच

ऐसा पंच मारा कि चैम्पियन हो गया ढेर, PHOTOS में देखें फाइट का रोमांच

Last Updated: August 15 2016, 08:00 AM

रियो डि जेनेरियो. रियो ओलिंपिक में सुपर हैवीवेट बॉक्सिंग इवेंट में एक बड़ा ही चौंकाने वाला वाकया हुआ। नाइजीरिया के सिर्फ 22 साल के एक बॉक्सर ने सिर्फ एक पंच में त्रिनिदाद एंड टोबैगो के नेशनल चैम्पियन को धूल चटा दी। पंच इतना जोरदार था कि त्रिनिदाद एंड टोबैगो के निगेल पॉल उठा ही नहीं सके। ऐसा रहा फाइट का रोमांच... - नाइजीरिया के इफे अजाग्बा और त्रिनिदाद एंड टोबैगो के निगेल पॉल के बीच सुपर हेवीवेट बॉक्सिंग (91 किग्रा) का प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेला जा रहा था। - अजाग्बा ने ऐसा जोरदार पंच मारा कि निगेल जमीन पर गिर पड़े और फिर उठ नहीं सके। अजाग्बा ने विरोधी बॉक्सर को नॉकआउट कर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। - इफे अजाग्बा सिर्फ 22 साल के हैं, जबकि निगेल पॉल की उम्र 27 साल है। पॉल अमेरिकन चैम्पियनशिप में भी 7 रहे थे। - दूसरी ओर इफे ने पहली बार इतने बड़े इवेंट में हिस्सा लिया था। हालांकि वे बॉक्सिंग से पहले बास्केटबॉल खेला करते थे। आगे की स्लाइड्स में देखें, फोटोज में आखिर ऐसा क्या हुआ कि सिर्फ एक पंच में ढेर हो गया चैम्पियन...

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