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उज्जैन सिंहस्थ की रंगीन रोशनी, 14 हजार में से चुनी गई हैं ये खास PHOTOS

उज्जैन सिंहस्थ की रंगीन रोशनी, 14 हजार में से चुनी गई हैं ये खास PHOTOS

Last Updated: May 31 2016, 10:13 AM

भोपाल। माथे पर चंदन और गले में रुद्राक्ष की माला, लंबी-लंबी जटां और बदन पर भभूती रमाए इन नागा साधुओं की ये तस्वीरें फोटो जर्नलिस्ट संजीव गुप्ता ने ली है। राजधानी के स्वराज भवन वीथिका में उज्जैन सिंहस्थ की इन तस्वीरों की प्रदर्शनी लगाई गई है। ये तस्वीरें 14 हजार तस्वीरों में से चुनकर निकाली गईं हैं। प्रदर्शनी 31 मई तक चलेगी। ऐसा था सिंहस्थ का आयोजन - उज्जैन में 22 अप्रैल से 21 मई तक सिंहस्थ का आयोजन किया गया। - इस आयोजन में भारत के सभी 13 अखाड़ों के साधु, संत और आचार्य महामंडलेश्वर आए। - बता दें कि बारह वर्षों के अंतराल से यह पर्व तब मनाया जाता है जब वृहस्पति, सिंह राशि पर स्थित रहता है। -पवित्र क्षिप्रा नदी में पुण्य स्नान की विधियां चैत्र मास की पूर्णिमा से प्रारंभ होती हैं और पूरे एक माह में वैशाख पूर्णिमा के अंतिम स्नान तक कुंभ जारी रहता है। -उज्जैन के इस महापर्व के लिए पारंपरिक रूप से दस योग महत्वपूर्ण माने गए। -इन्हीं योगों पर क्षिप्रा स्नान करने देश भर से साधु जमा हुए। बाकी समय में ये अलग-अलग जगह साधना करते रहते हैं। मुश्किल था इनमें से बेहतरीन चुनना -संजीव अपनी तस्वीरों के बारे में बताते हैं कि ये कुंभ मेरे अब तक देखे दो कुंभ से भव्य था। -सबसे मुश्किल इनमें से चुनकर बेहतरीन फोटोज निकालने का काम रहा। -कई तस्वीरों में साधुओं के चेहरे के हाव-भाव को गहराई से महसूस किया जा सकता है। -फोटोज में सिंहस्थ की तैयारी, भव्य पेशवाई, शाही स्नान और अथाह भीड़ की तस्वीर आकर्षित करती है। आगे की स्लाइड्स पर देखें भक्ति में लीन साधुओं की तस्वीरें...

सिंहस्थ में जाने की जिद को लेकर साध्वी प्रज्ञा अनशन पर, ये दी धमकी

सिंहस्थ में जाने की जिद को लेकर साध्वी प्रज्ञा अनशन पर, ये दी धमकी

Last Updated: May 16 2016, 15:34 PM

भोपाल. 2008 के मालेगांव बम ब्लास्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने तेवर दिखाए हैं। सिंहस्थ में जाने की जिद पर अड़ीं साध्वी ने पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने उन्हें परमिशन नहीं दी, तो वे 21 मई को जल समाधि ले लेंगी। कैंसर से पीड़ित प्रज्ञा ने दवाइयां खाने से भी इनकार कर दिया है। प्रज्ञा ने राज्य सरकार को लिखे लेटर में कहा कि वे कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही हैं। हो सकता है कि अगला कुंभ न देख पाएं। मामले पर बोलने से प्रदेश के गृह मंत्री ने साधा मौन... - साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिलने के बाद से माना जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का सॉफ्ट कॉर्नर उनके प्रति बढ़ा है। - उनके अनशन के मामले में प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर से जब पूछा गया कि सरकार क्या करेगी, तो विवादों से बचने के लिए उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । - गौरतलब है कि साध्वी लगभग सात सालों से जेल में बंद थीं, लेकिन कैंसर के इलाज के लिए कोर्ट ने उन्हें अस्पताल में रहने की परमिशन दी है। - प्रज्ञा ने रविवार को लेटर लिखकर शिवराज सरकार से उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में शामिल होने की परमिशन मांगी थी। - उन्होंने यह भी लिखा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आमरण अनशन करेंगी। - प्रज्ञा ने लिखा, वो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और शायद अगला कुंभ न देख पाएं। इसलिए उनकी अंतिम इच्छा है कि वे उज्जैन कुंभ में जाएं। प्रेसिडेंट, पीएम को भी भेजी है कॉपी - प्रज्ञा ने राज्य सरकार समेत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को भी लेटर की कॉपी भेजी है। - लेटर के मुताबिक, प्रज्ञा ने सोमवार सुबह 9 बजे तक का समय दिया था। मांग पूरी नहीं होने के कारण वे अपने कुछ सपोर्टर्स के साथ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। प्रज्ञा ने लेटर में किए ये सवाल - प्रज्ञा ने लेटर में लिखा कि मैं अन्न जल त्याग दूंगी। अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी। - उन्होंने अपनी सिक्युरिटी को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि मेरे साथ पहले एसएएफ के जवान रहते थे। उनके हटाए जाने से मेरी जान को खतरा हो सकता है। - प्रज्ञा ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और सवाल पूछा कि जब देवास जिला कोर्ट ने उज्जैन जाने की अनुमति दे दी है, तो फिर सिक्युरिटी का हवाला देकर सरकार कोर्ट की अवमानना क्यों कर रही है? - प्रज्ञा की चिट्ठी उनके सबसे विश्वसनीय भगवान झा लेकर पहुंचे थे। जेल सुपरिंटेंडेंट ने भगवान झा को भरोसा दिया के वह मामले को सीनियर अफसरों तक पहुंचा देंगे। - भगवान झा ने कहा, सरकार के पास पुलिस की कोई कमी नहीं है। इसलिए साध्वी की सिंहस्थ यात्रा सुनिश्चित करा दी जाए, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे।

किन्नर नहीं फिर भी सिंहस्थ में बनवा दिया 'अखाड़ा', विवादों में रहता है ये संत

किन्नर नहीं फिर भी सिंहस्थ में बनवा दिया 'अखाड़ा', विवादों में रहता है ये संत

Last Updated: May 14 2016, 11:00 AM

भोपाल। उज्जैन सिहंस्थ मेले को सबसे जुदा कर रहा है यहां मौजूद किन्नरों का अखाड़ा। किसी भी कुंभ मेले में पहली बार किन्नरों का अखाड़ा भाग ले रहा है अौर पहली बार ही बकायदा कोई किन्नर महामंडलेश्वर बना है। किन्नरों के इस अखाड़े के पीछे की सोच है ऋषि अजय दास की। अजय दास भोपाल के रहने वाले हैं और कई बार विवादों में आए। वे राधे मां के साथ भी नजर आ चुके हैं। जानिए, कौन हैं अजय दास और कैसे किया किन्नर अखाड़े का गठन? अजय दास खुद किन्नर नहीं है, लेकिन उन्होंने उज्जैन सिहंस्थ मेले में किन्नर अखाड़े की न सिर्फ पैरवी की, बल्कि उनके अखाड़े की पेशवाई निकलवाई और सिहंस्थ मेले में किन्नर अखाड़े को जगह भी दिलवाई। अजय दास एक विवादित पुस्तक विवाह एक नैतिक बलात्कार लिख चुके हैं, जिसके विमोचन के दौरान लव गुरू मटुकनाथ और जूली और अजय दास के साथ कुछ हिंदुवादी संगठनों ने मारपीट की थी। उन्होंने अपने गुरू जगन्नाथ दास महामंडलेश्वर से दीक्षा ली। अजय दास बताते हैं कि धर्म में मौजूद आडंबर को खत्म करने के लिए उन्होंने प्रयास शुरू किए। वे बताते हैं कि कुछ समय किन्नरों के साथ होने वाले भेदभाव को उन्होंने देखा तो काफी बुरा लगा। इसके बाद उन्होंने किन्नरों के हित के लिए काम करना शुरू कर दिया। अजय दास अब किन्नर अखाड़े की व्यवस्था और प्रबंधन देखते हैं। - अजय दास बताते हैं कि किन्नरों को उनका सम्मान दिलाने के लिए अखाड़ा बनाना जरूरी था। - इस अखाड़े का शंकराचार्य समेत कई धार्मिक गुरुओं ने विरोध किया, फिर भी सरकार को किन्नरों को भी सिहंस्थ मेले में जगह देनी पड़ी। - अखाड़ा परिषद ने अभी भी किन्नर अखाड़ा को मान्यता नहीं दी है। - अजय दास बताते हैं कि सिहंस्थ मेले के आवंटन लेटर में सरकार ने किन्नर अखाड़ा शब्द लिखा है, इससे साबित होता है कि उन्होंने हमें अखाड़े के रूप में मान्यता दे दी है। - दरअसल, कुंभ मेले में साधु-संतों के 13 अखाड़े होते हैं, ये अखाड़े बेहद प्राचीन हैं और बहुत पुराने समय से इन अखाड़ों की स्नान पर्व की परंपरा चल रही है। इन्हीं अखाड़ों में एक नया अखाड़ा किन्नर अखाड़ा जुड़ा है। - अजय दास ने किन्नर-तृतीय प्रकृति शीर्षक से एक किताब भी लिखी, जिस पर भी काफी विवाद हुआ। कैसा है किन्नर अखाड़ा? - हर अखाड़े की अपनी परंपरा, तिलक, आरती, माला, शास्त्र, शस्त्र अलग-अलग होते हैं। अखाड़े का एक पूरा विधान होता है। अखाड़े का प्रमुख महामंडलेश्वर होते हैं। - किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर किन्नर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी को बनाया गया है। - अखाड़े की आराध्य अर्धनारीश्वर व बहुतेरा माता होंगी। - अखाड़ा जगदंबा भवानी की आरती करेगा। - अखाड़े का तिलक त्रिपुंड होगा। जिसमें बीच में बिंदी होगी और ऊपर श्री लिखा होगा। - अखाड़े की माला वैजयंती की माला होगी, जिसमें तीन मुखी रुद्राक्ष होंगे। तीन मुखी रुद्राक्ष नर, नारी और किन्नर का प्रतीक रहेगा। - इस अखाड़े का शास्त्र शिव पुराण और शस्त्र तलवार होगी। - अखाड़े का ध्वज तिकोन सफेद रंग का होगा,जिसमें गोल्डन कलर की बॉर्डर होगी। - अखाड़े का वस्त्र सफेद और पीला होगा। सफेद शांति का प्रतीक अौर पीला शत्रु के नाश का प्रतीक होगा। आगे की स्लाइड में देखें अजय दास की राधे मां और किन्नर अखाड़े के साथ फोटोज...

MP : सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में शराब बैन, RSS एजेंडे पर क्या बोले CM शिवराज ?

MP : सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में शराब बैन, RSS एजेंडे पर क्या बोले CM शिवराज ?

Last Updated: April 22 2016, 06:05 AM

उज्जैन/भोपाल. शाही स्नान के साथ शुक्रवार से शुरू हो रहे सिंहस्थ में शराब बेचने पर बैन लगा दिया गया है। उज्जैन और उसके आसपास भी शराब की दुकानें बंद रहेंगी। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'हम शराब को सामाजिक बुराई मानते हैं। इसके कंट्रोल के प्रयास भी लगातार जारी रहेंगे।' सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सिक्युरिटी और फैसिलिटीज के बारे में कहा कि हर रात 10 बजे वे अफसरों के साथ खुद मीटिंग कर उसका हल निकालेंगे। भास्कर को दिए स्पेशल इंटरव्यू में आरएसएस को लेकर क्या बोले शिवराज...      भास्कर : सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों में देखा जाता है कि वीआईपी मूवमेंट दिक्कत खड़ी करते हैं?     सीएम : शुक्रवार के शाही स्नान में लोगों की संख्या कम हो सकती है, लेकिन बाद के शाही स्नान में कम से कम एक करोड़ लोग होंगे। इसीलिए वीआईपी इस दिन नहीं आएं। यदि कोई आता भी है तो वह साधारण श्रद्धालु की तरह ही स्नान करेगा। मैं भी जाऊंगा तो सामान्य नागरिक की तरह।   सवाल : क्या सिंहस्थ में अब तक किए गए कामों से आप संतुष्ट हैं?    सीएम : आज पूरे उज्जैन में बदलाव दिख रहा है। यह चार साल पहले काम शुरू करने से हुआ। हमने अभी तक 3304 करोड़ रुपए के काम कराए हैं। अभी और राशि खर्च होनी है। 13 फ्लाईओवर समेत परमानेंट कंस्ट्रक्शन ज्यादा हुए हैं। कुछ कमी रहती है तो उसे भी ठीक करेंगे।     भास्कर : सिंहस्थ में वैचारिक महाकुंभ जैसे कई बड़े आयोजन हो रहे हैं। पहले हुए ऐसे कई प्रोग्राम्स के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं हैं?     सीएम : देखिए..वैचारिक महाकुंभ में कृषि कुंभ, शक्ति कुंभ, स्वच्छता समेत अन्य विषयों पर चर्चा होगी। एमपी गवर्नमेंट निष्कर्षों को लागू करने की कोशिश करेगी, लेकिन देश-विदेश के विद्वानों की चर्चा से दुनिया तक तो मैसेज जाएगा ही। फिर जो इसे लागू करना चाहे करे।  इस वैचारिक आयोजन में नेपाल और श्रीलंका के प्रेसिडेंट ने आने की सहमति दे दी है। उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत करेंगे और समापन पीएम नरेंद्र मोदी।      भास्कर : क्या यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एजेंडा लागू करने का प्रयास है?    सीएम : ऐसा नहीं है। सिंहस्थ में साधु-संत मौजूदा परिस्थितियों के प्रासंगिक मुद्दों पर विचार करेंगे। वे इसीलिए उज्जैन में आए हैं।    भास्कर : क्या राममंदिर पर कोई बात होगी?    सीएम : जी नहीं। वैचारिक महाकुंभ में पहले से जो विषय बताए गए हैं, उन्हीं पर बात होगी।     भास्कर : क्या क्षिप्रा नदी के लिए सिंहस्थ के बाद कोई रिवाइवल प्लान है? उज्जैन की शक्ल क्या बदल जाएगी?     सीएम : नर्मदा का पानी निरंतर क्षिप्रा में मिलता रहेगा। फिलहाल इसी सिंहस्थ को ‘ग्रीन सिंहस्थ’ के रूप में लिया गया है। वन विभाग क्षिप्रा नदी के दोनों किनारों पर पौधरोपण कर रहा है। उज्जैन को सिंहस्थ के बाद भी कल्चरल सिटी के रूप में पहचान दिलाने के लिए काम होंगे।  उसे जापान के क्योटो शहर की तरह विकसित करना चाहते हैं। क्योटो दुनिया भर में मंदिरों के शहर के रूप में पहचाना जाता है।    भास्कर : श्रद्धालुओं की सिक्युरिटी को लेकर क्या इंतजाम हैं?    सीएम : श्रद्धालुओं और स्थायी निवासियों का दो लाख रुपए का बीमा कराया गया है। सात मंजिला 450 बिस्तरों का हॉस्पिटल भी तैयार किया गया है।    भास्कर : सिंहस्थ में शराब बंद की गई है। इसे स्टेट में लागू करने की कोई प्लानिंग है?    सीएम : बिहार और केरल ने जो प्रयास किए हैं, हम उनका अध्ययन करेंगे। उसके बाद ही फैसला लेंगे। यह भी देखना होगा कि कहीं कोई माफिया न खड़ा हो जाए। ऐसा नहीं है कि सरकार शराब पर पाबंदी नहीं लगाना चाहती, लेकिन हमें लोगों की मानसिकता बदलनी होगी। ताकि वे इस बुराई को समझें। उज्जैन में काल भैरव की पूजा की परंपरा पर इस बैन का कोई असर नहीं पड़ेगा।

MP: महाकाल मंदिर में पुजारियों के बीच चले लात-घूंसे, देखें वीडियो

MP: महाकाल मंदिर में पुजारियों के बीच चले लात-घूंसे, देखें वीडियो

Last Updated: March 06 2016, 10:25 AM

उज्जैन/इंदौर. महाकाल मंदिर के नंदी हॉल में शनिवार की शाम दो पुजारियों संदीप और नयन में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। श्रद्धालुओं के बीच ही उन दोनों में लात-घूंसे चलने लगे। आरती से पहले हुए इस विवाद से अफरातफरी मच गई। फिर क्या हुआ, कैसे शांत हुआ मामला...     - जिस वक्त ये घटना हुई, मंदिर में काफी श्रद्धालु मौजूद थे।  - इस वजह से कुछ देर मंदिर में अफरा-तफरी मच गई। - समिति के लोगों ने दोनों को किसी तरह अलग कर मामला शांत कराया।   कार्रवाई की जाएगी   - इसके बाद मंदिर समिति के प्रशासक आरपी तिवारी ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। - उन्होंने बताया कि दोनों मंदिर के अधिकृत 16 पुजारी व 21 पंडों में शामिल नहीं, बल्कि उनके सहयोगी हैं। - नोटिस का जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।   आगे की स्लाइड्स पर फोटोज और <a href='http://www.bhaskar.com/news/MP-IND-HMU-kick-boxing-between-mahakala-temple-priests-5267303-NOR.html?seq=5&version=5'>वीडियो</a> में देखें किस तरह हुई मारपीट...

MY FM के RJs की अनोखी पहल, 3 साल बाद मिले कुंभ में बिछड़े भाई-बहन

MY FM के RJs की अनोखी पहल, 3 साल बाद मिले कुंभ में बिछड़े भाई-बहन

Last Updated: February 02 2016, 19:09 PM

नई दिल्ली/भोपाल. कुंभ का मेला। भाई-बहनों का बिछड़ना और फिर मिलना। फिल्मों में इस सब्जेक्ट पर कई कहानियां बुनी गईं। लेकिन हकीकत में भी एक कहानी ऐसी है जिसमें 3 साल पहले। कुंभ के मेले में भाई-बहन बिछड़ते हैं और एक दिन NGO के प्रोग्राम में आमने-सामने खड़े मिलते हैं। MY FM के 2 आरजे ने शुरू किया कैंपेन... दरअसल, MY एफएम के आरजे विनय और आरजे नवनीत अलग-अलग जगहों पर कुछ बच्चों के लिए काम करते हैं। एक दिन दोनों ने अपने-अपने साथ के बच्चों को मिलाने का प्लान किया और यहीं पर तीन साल पहले बिछड़े ये भाई-बहन मिले। आगे की स्लाइड्स में देखें, फोटो...

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