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सूर्य

  • 800 करोड़ बिजनेस संभालती है ये लेडी, सक्सेस के बताए ये सीक्रेट्स TIPS
    Last Updated: March 23 2017, 08:46 AM

    ग्वालियर। 28 साल पहले 50 हजार रुपए का लोन लेकर दिल्ली के एक बेसमेंट में सैलून चलाने वाली वंदना लूथरा की कंपनी ग्लोबल हो चुकी है और ब्यूटी और बिजनेस का बिजनेस 800 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। 58 साल की वंदना अपने दिन की शुरुआत सूर्य नमस्कार से करती हैं। वंदना कहती हैं ब्यूटी बिजनेस सुंदर दिखाने का नहीं है, बल्कि इससे पर्सनेलिटी में पॉजीटिव विचार आते हैं। यही उनकी सक्सैस का राज है। ब्यूटी वैलनेस का बिजनेस करने वाली और VLCC की फाउंडर वंदना लूथरा शनिवार को ग्वालियर में थीं। उन्होंने अपनी सक्सैस के गुर शेयर किए। -वे बताती हैं कि एक मिडिल क्लास फैमिली जैसी उनकी लाइफ थी। शादी से पहले वे अपने पिता के साथ जर्मनी गईं और वहां होलेस्टिक हैल्थ सेंटर देखा। उनकी इच्छा थी कि इंडिया में वे ऐसा ही सेंटर खोलें। -यह इच्छा लिए हुए उनकी शादी हो गई। हैल्थ सेंटर शुरू नहीं हो पाया। अंत में 1989 में उन्होंने दिल्ली के सफदरजंग के एक बेसमेंट में सैलून खोला। -इसका नाम उन्होंने कर्ल एंड कर्व (curls curves) खोला। बाद में इसी का नाम 1994 में VLCC (vandhana luthra curls curves ) रखा। -तब से उनका सफर जारी है और उनकी कंपनी पब्लिक लिमिटेड बन चुकी है और दुनिया में घूमकर ब्यूटी और वैलनेस की बिजनेस बढ़ रही हैं। ये है उनके फिट रहने का राज -वंदना 58 साल की हो चुकी हैं और उनके फिट रहने का राज है सुबह की शुरुआत सूर्य नमस्कार से करना और उसके बाद योग करके काम के लिए तैयार हो जाती हैं। -वंदना बताती हैं कि इंडियन फूड में वह सब कुछ है, जिससे फिट रहा जाए। केवल फूड को बैलेंस करके खाएं। विदेशी लोग तो मांस, चीज और ब्रेड के अलावा कुछ नहीं खाते। ये अवॉर्ड मिले हैं वंदना को -वंदना को देश का सर्वोच्च सम्मान पद्मश्री मिल चुका है। इसके अलावा उन्हें इंडिया की 50 पावरफुल बिजनैस वुमैन की लिस्ट में शामिल किया गया है। -कई फिल्म एक्ट्रैस को वंदना ब्यूटी टिप्स देती हैं और उनकी कंपनी 170 तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट बनाकर पूरी दुनिया में बेचती है। -अब वे अपनी ब्यूटी टिप्स को देश के कोने-कोने तक पुंहचाने के लिए प्रधानमंत्री के स्किल इंडिया अभियान से जुड़ चुकी हैं और युवाओं को ट्रेनिंग दे रही हैं। स्लाइड्स में देखिए वंदना लूथरा से जुड़े फोटोज.......

  • सिर्फ 15 मिनट ऊंगली को दबाएं फिर देखिए ये 13 अद्भुत चमत्कार
    Last Updated: March 19 2017, 16:52 PM

    डीबी वीडियोज में हम आपको दुनियाभर के ट्रेंडिंग, न्यूज, फनी वीडियोज दिखाते हैं. हमारी कोशिश है कि वीडियो के मार्फत आपकी नॉलेज भी बढ़े और आपको एंटरटेन भी कर सकें. डीबी वीडियोज पर आप बॉलीवुड, स्पोर्ट्स, टिप्स, हेल्थ, गैजेट, इंटरनेशनल, नेशनल हैपनिंग के हर वीडियोज को देख सकते हैं.

  • EX आईएएस का आरोप: हाइवे घोटाले में BJP से लेकर कांग्रेस नेताओं के बेटे शामिल, कहा-सीएजी में उठाऊंगा मुद्दा
    Last Updated: February 26 2017, 19:10 PM

    लखनऊ. 455 करोड़ के हाइवे घोटाले में यूपी में बागी आईएएस अफसर सूर्य प्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि इस मामले की जांच ईओडब्लू से कराने की बजाय सीबीआई से करानी चाहिए। तभी सच सामने आएगा। उन्होंने बताया कि इस मामले में जो कंपनी फरार है, उसमें कांग्रेस और बीजेपी के कद्दावर नेताओं के बेटे डायरेक्टर जैसे पदों पर हैं। ऐसे में ईओडब्लू इस मामले में सिर्फ लीपापोती ही करेगा। बतौर सीएजी सदस्य इस मुद्दे को मैं मीटिंग में भी उठाऊंगा। वहीं सीएम ने इस मामले में अभी कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है। एक्स पीएम और बीजेपी नेता मदन लाल खुराना के बेटे शामिल... - सूर्य प्रताप सिंह का कहना है कि पूर्व पीएम नरसिम्हा राव के बेटे और बीजेपी नेता मदन लाल खुराना के बेटे कंपनी में एसईडब्लूएसएसवाई कंपनी में डायरेक्टर के पद पर है। - यही वजह है कि चुनावी मौसम होने के बावजूद पोलिटिकल पार्टियां इस मुद्दे को हवा नहीं दे रही हैं। - उन्होंने बताया कि और भी कई नेताओं के रिश्तेदार फरार कंपनी से जुड़े हुए हैं। - ऐसे में ईओडब्लू से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती है। एसपी सिंह ने इस सम्बन्ध में फेसबुक पर एक पोस्ट भी लिखा है। अखिलेश यादव-नवनीत सहगल निशाने पर - यही नहीं सूर्य प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव और आईएएस नवनीत सहगल को भी निशाने पर लिया है। - उन्होंने अपने पोस्ट में अखिलेश और सहगल को AY-NS Syndicate लिखा है। - उन्होंने बातचीत में बताया कि जब नवनीत सहगल को लगा कि सरकार बदलने वाली है तो आनन-फानन में एफआईआर लिखवा दी गई। - बताते चले कि आईएएस नवनीत सहगल यूपी स्टेट हाइवे अथॉरिटी के सीईओ हैं। यह सवाल भी खड़े किए हैं एक्स आईएएस ने Q1. ठेकेदार कम्पनी की आर्थिक क्षमता का बिना सही आंकलन किए ठेका क्यों दिया गया? Q2. समय-समय पर रिव्यू कर कार्य प्रगति की समीक्षा क्यों नहीं की गई? Q3. जब नवंबर 2013 से काम नहीं हो रहा था, तो टेंडर तभी क्यों नहीं कैंसिल किया गया? एफआईआर कराने और टेंडर कैंसिल करने में इतना टाइम क्यों लगा ? Q4. 11 जून 2014 को निर्माण कम्पनी को 721 दिन का टाइम एक्स्टेन्शन क्यों व किन परिस्थितियों में दिया गया ? Q5. परियोजना की लागत क्यों पुनरक्षित की गई? अब आगे लागत डबल हो जाएगी? दोषी कौन होगा? Q6. जब केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण मार्ग को NHAI को ट्रांसफर करने के लिए कह रही थी तो क्यों ऐसा नहीं किया गया? Q7. कम्पनी द्वारा मौके पर रू. 455 करोड़ खर्च न कर कितना कमीशन/रिश्वत के रूप में दिया गया? Q8. पीडब्लूडी का कितना बजट खर्च किया गया जब यह पीपीपी मॉडल पर स्वीकृत परियोजना थी ?

  • नौकरी करके भी बन सकते हैं करोड़पति, इन 9 इंडियंस ने किया साबित
    Last Updated: February 17 2017, 00:05 AM

    टीम पीपुल। कहते हैं कि नौकरी करके कोई अमीर नहीं बन सकता। लेकिन इस सोच को कई भारतीय गलत साबित कर चुके हैं। इनमें भागलपुर जैसे स्मॉल टाउन में जन्मे संजय झा भी शामिल हैं। फिलहाल इन्फोसिस के सीईओ विशाल सिक्का की सैलरी चर्चा में है। कंपनी के फाउंडर्स ने उनके 74 करोड़ रुपए सालाना पैकेज पर सवाल उठाए हैं। लेकिन कुछ अन्य इंडियन सीईओज की अर्निंग देखें, तो उन्हें इससे भी ज्यादा पैसे मिल रहे हैं। आगे की स्लाइड्स में जानिए उन 9 इंडियन सीईओ के बारे में, जिनकी कमाई करोड़ों में है...

  • डांस कोच से हुआ था इस क्रिकेटर को LOVE, 4 साल तक चली डेटिंग
    Last Updated: February 14 2017, 15:43 PM

    वाराणसी. आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के क्रिकेटर सूर्य कुमार यादव अपनी वाइफ देविशा के साथ पहला वेलेन्टाइन डे मना रहे हैं। पिछले साल 7 जुलाई को उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड से शादी रचाई थी। सूर्य के अंकल विनोद यादव ने उनकी लव स्टोरी dainikbhaskar.com के साथ शेयर की थी। देविशा के डांस ने किया था सूर्य को इंप्रेस, ऐसी थी लव स्टोरी... - सूर्य और देविशा की पहली मुलाकात 2012 में पोद्दार डिग्री कॉलेज, वर्ली में हुई थी। - देविशा तब फ्रेशर थीं और सूर्य बीकॉम कर रहे थे। - कॉलेज में सूर्य को बैटिंग करते देख देविशा उन्हें मन ही मन चाहने लगी थीं। - वहीं सूर्य भी कॉलेज के एक फंक्शन में देविशा का डांस देख मोहित हो गए थे। - स्टूडेंट लाइफ में ही दोनों की दोस्ती हुई और बात पहले प्यार और फिर शादी तक पहुंच गई। शादी में गिफ्ट की हीरे की अंगूठी - सूर्य कुमार ने शादी के दिन देविशा को डायमंड रिंग गिफ्ट की थी, जिसकी कीमत सवा लाख रुपए थी। - सूर्य ने बरात ले जाने के लिए व्हाइट कलर की फॉर्च्यूनर कार खरीदी थी। - सूर्य ने एक्स्ट्रा 10 लाख रूपए लगाकर कार को मॉडिफाइ करवाया था। - उन्होंने कार का कलर व्हाइट से येलो करवा दिया था। - देविशा मुंबई में डांस कोच हैं और सूर्य को भारतीय पेट्रोलियम में स्पोर्ट्स कोटा के बेसिस पर असिस्टें मैनेजर की पोस्ट मिली है। रामपुर में है सूर्य का गांव - विनोद कुमार ने बताया कि सूर्य के पिता अशोक कुमार यादव भाभा रिसर्च सेंटर में इंजीनियर के पद पर हैं। - गाजीपुर-बनारस बॉर्डर हथौड़ा रामपुर में इनका पुश्तैनी गांव है। - विनोद यादव के मुताबिक सूर्य ने बचपन में काशी में ही उनके साथ क्रिकेट सीखा। - 10 साल की उम्र में सूर्य वाराणसी छोड़ मुंबई चले गए थे। - सूर्य अपनी स्कूली क्रिकेट टीम के मेंबर भी रहे। आगे की स्लाइड्स में देखें सूर्य-देविशा की Photos...

  • लिट्रेचर फेस्ट में 'सूर्यपुत्र कर्ण' की पीड़ा हुई साकार
    Last Updated: February 04 2017, 08:09 AM

    ग्वालियर. सिंधिया स्कूल में आयोजित नेशनल लिट्रेचर फेस्ट में शामिल होने आए मेहमान साहित्यकारों के सामने रंगकर्मी संस्था कला समूह ने नाटक सूर्यपुत्र कर्ण; परफोर्म किया। देश भर के साहित्यकारों ने रंगकर्मी हौजाई गोंबा सिंह की गंभीर प्रस्तुति की जम कर तारीफ की। - सिंधिया लिटररी फेस्ट की शुरुआत हिंदी नाटक सूर्यपुत्र कर्ण; से हुई। जिसका निर्देशन हौजाई गोंबा सिंह ने किया। - हौजाई गोंबा सिंह ने सूर्यपुत्र कर्ण; के जरिए जिस तरह योद्धा होते हुए भी आजीवन ऊहापोह से पीड़ित रहे कर्ण की पीड़ा को साकार किया, उसकी देश भर के विद्वानों ने तारीफ की। - सिंधिया स्कूल में आयोजित 3 दिन के लिट्रेचर फेस्ट में पहली बार कैंपस को छतरियों, पतंगों और फोक आर्ट से डेकोरेट किया गया। - लिट्रेचर फेस्ट में आने वाले साहित्यकारों के फोटो, संबंधित जानकारी और उनकी फेमस किताबों के बारे में डिसप्ले बोर्ड लगाया गया। - लिटररी फेस्ट के बुक फेयर में फिक्शन और नॉन-फिक्शन किताबों को शामिल किया गया है, जिससे स्टूडेंट्स नई किताबों के बारे में जानकारी हासिल कर सकें। स्लाइड्स में है, सिंदिया स्कूल में सूर्यपुत्र कर्ण का मंचन.....

  • अखिलेश का विरोध कर चर्चा में आए पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप ने कहा- RLD मुझे सीएम फेस बनाने को तैयार
    Last Updated: January 24 2017, 17:29 PM

    लखनऊ. यूपी में बागी आईएएस के नाम से मशहूर सूर्य प्रताप सिंह जल्द ही पॉलिटिक्स ज्वाइन कर सकते हैं। उन्हें राष्ट्रीय लोकदल की तरफ से पार्टी ज्वाइन करने का ऑफर मिला है। सूर्य प्रताप के मुताबिक, रालोद उन्हें सीएम फेस बनाने को भी तैयार है। बता दें, सिंह सरकारी नौकरी में रहते हुए अखिलेश यादव का विरोध कर चर्चा में आए थे। सोच-समझकर ज्वाइन करूंगा... - dainikbhaskar.com से बातचीत में सूर्य प्रताप सिंह ने कहा, आरएलडी से आए ऑफर के बारे में मैं अभी सोच रहा हूं। - हफ्ते भर में मीटिंग होनी है। इसके बाद ही कोई निर्णय लूंगा। मैंने उन्हें साफ कह दिया है कि मैं अपनी शर्तों पर ही पार्टी में शामिल होउंगा। - अजीत सिंह के बेटे जयंत चौधरी से मेरी बात हुई है। अगर पार्टी मेरी शर्तों पर मुझे स्वीकार करेगी तो ठीक है। सीएम फेस बनाने को तैयार - सूर्य प्रताप सिंह ने आगे बताया, रालोद मुझे सीएम फेस बनाने को भी तैयार है। पार्टी की तरफ से कहा गया है कि आप जहां से चाहें, वहां से चुनाव लड़ें। अगर चुनाव नहीं लड़ते हैं तो आप पार्टी के लिए प्रचार कीजिए। - मैं समाजसेवा करना चाहता हूं, इसलिए अगर किसी दल में जाऊंगा तो भी उसी हिसाब से काम करूंगा। कौन हैं आईएएस सूर्य प्रताप सिंह? - सूर्य प्रताप सिंह को अखिलेश सरकार में प्रमुख सचिव औद्योगिक के पद पर तैनाती मिली थी, लेकिन कुछ विवादों के चलते उनका तबादला कर दिया गया। - इसके बाद वह सरकारी नौकरी में रहते हुए अखिलेश सरकार के गलत कामों पर उंगलियां उठाते रहे। - आखिर में सरकार ने उन्हें वेटिंग में डाल दिया, जिसके बाद वे वेटिंग में ही रहते हुए रिटायर भी हो गए।

  • CM ने बच्चों के साथ किया सूर्य-नमस्कार, गिनाए फायदे और कहा-स्वयं पर विश्वास रखें
    Last Updated: January 13 2017, 11:51 AM

    भोपाल। स्वामी विवेकानंद जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर गुरुवार को पूरे प्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुबह स्थानीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक शाला के प्रांगण में बच्चों के साथ सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम किया। सीएम ने विद्यार्थियों का आह्वान किया​... स्वयं पर विश्वास रखें: सीएम प्राणायाम से पहले सीएम ने स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। विवेकानंद के आदर्शों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य में अनंत शक्तियां और ऊर्जा होती है। वह असंभव कार्य भी आसानी से कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे स्वयं पर विश्वास रखें। हमेशा आत्मविश्वास से भरे रहें और स्वस्थ शरीर और प्रखर बुद्धि के साथ नई ऊंचाइयों को छुएं। सीएम ने सराही स्कूल शिक्षा की पहल सीएम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने यह सिखाया कि जीवन व्यर्थ बिताने के लिए नहीं, बल्कि महान कार्य करने के लिए है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे खूब खेलें, स्वस्थ रहें और पढ़ाई करें। पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने गुलदस्ते की जगह किताबों से स्वागत करने की स्कूल शिक्षा की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे जिज्ञासु प्रवृत्ति का विकास होगा। सीएम ने बताए सूर्य नमस्कार के लाभ मुख्यमंत्री ने सूर्य नमस्कार के लाभ बताते हुए कहा कि यह योग क्रियाओं का समुच्चय है। उन्होंने कहा कि भारतीय ऋषियों ने वर्षों के ज्ञान और चिंतन के बाद सूर्य नमस्कार को मानव समाज के सामने प्रस्तुत किया। उल्लेखनीय है कि सूर्य नमस्कार और प्राणायाम करना प्रदेश की युवा नीति का अंग है। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से किया गया था आयोजन कार्यक्रम का आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया गया। स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह और स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने भी सामूहिक सूर्य नमस्कार और प्राणायाम में भाग लिया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद का शिकागो में दिया गया ऐतिहासिक भाषण विद्यार्थियों को सुनाया गया। सामूहिक सूर्य-नमस्कार में शामिल हुए ये भी... मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह और स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में हुए सामूहिक सूर्य-नमस्कार में शामिल हुए। कार्यक्रम के संबंध में आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास और प्राचार्य डाइट को निर्देश भी जारी किए थे। सीएम के संदेश के बाद शुरू हुआ प्राणायाम शहर के सभी शिक्षण संस्थाओं, महाविद्यालय, ग्राम पंचायत और आश्रम-शालाओं में सुबह 9 बजे से सूर्य नमस्कार हुआ। इसके बाद उदघोषक द्वारा कार्यक्रम की भूमिका की जानकारी दी गई। इस दौरान राष्ट्र गीत वंदे-मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। सुबह 9.30 बजे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संदेश सुनवाया गया। सुबह 9.45 से सूर्य-नमस्कार और प्राणायाम की शुरुआत की गई। दूसरे स्कूलों में सीएम का संदेश प्रसारित किया गया सामूहिक सूर्य-नमस्कार सभी शिक्षण संस्थाओं पर एक संकेत और एक निर्देश पर किया गया। सूर्य-नमस्कार में कक्षा-6 से 12वीं तक और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को शामिल किया गया। कक्षा-1 से 5 तक के बच्चे सूर्य-नमस्कार में शामिल नहीं हुए, लेकिन वे आयोजन को देखने के लिए उपस्थित रहे। सामूहिक सूर्य-नमस्कार कार्यक्रम के रेडियो से सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गई थी। रेडियो से सीधे प्रसारण के दौरान मुख्यमंत्री का संदेश भी प्रसारित किया गया। 12 गिनती के आधार पर हुआ सूर्य-नमस्कार सूर्य-नमस्कार के लिए एक से 12 गिनती के आधार पर योग मुद्राएं हुईं। एक पर प्रार्थना मुद्रा, दो पर हस्त उत्तानासन, तीन पर पादहस्तासन, चार पर अश्व संचालनासन, पांच पर पर्वतासन, छह पर अष्टांग नमस्कार, सात पर भुजंगासन, आठ पर पर्वतासन, नौ पर अश्व संचालनासन, दस पर पादहस्तासन, ग्यारह पर हस्त उत्तानासन और अंत में बारह पर प्रार्थना मुद्रा होगी। सामूहिक सूर्य-नमस्कार के लिये मैदान की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है। आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज...

  • वंदेमातरम और मध्यप्रदेश गान के साथ स्टूडेंट्स ने किया सूर्य नमस्कार
    Last Updated: January 13 2017, 08:25 AM

    ग्वालियर। पहले वंदेमातरम गाया, फिर मध्यप्रदेश गान, इसके साथ शुरु हो गया सूर्य नमस्कार। सामूहिक सूर्य नमस्कार के इस आयोजन में स्टूडेंट्स के साथ अफसर भी योग करते हुए नजर आए। मुख्य कार्यक्रम मुरार के उत्कृष्ट स्कूल में हुआ। यह सूर्य नमस्कार पूरी तरह स्वैच्छिक रखा गया था। ऐसे किए सूर्य नमस्कार के योग..... -स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को सरकार ने युवा दिवस के रूप में घोषित कर रखा है। मध्य प्रदेश में सूर्य नमस्कार का आयोजन करके स्वामी विवेकानंद को याद किया जाता है। -पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक सरकार के सभी स्कूलों में गुरुवार को सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया। -तय समय पर पहले वंदे मातरम गाया गया और फिर मध्य प्रदेश का गान हुआ। इसके बाद आकाशवाणी से मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन हुआ। संकेत मिलते ही शुरु हुआ सूर्य नमस्कार -इसके बाद आकाशवाणी से सूर्य नमस्कार के संकेत मिले और स्टूडेंट्स ने योग करना शुरू कर दिया। सुबह 10 बजे तक लगातार सूर्य नमस्कार की सभी विधाएं पूरी की गईं। -इस आयोजन में स्टूटेंड्स के साथ कमिश्नर एसएन रूपला सहित कई अफसरों ने भी सूर्य नमस्कार योग किया। स्वैच्छिक था सूर्य नमस्कार -सरकार ने पहले से ही कहा था कि सूर्य नमस्कार योग पूरी तरह स्वैच्छिक है और इसमें छोटे बच्चों, यानि कक्षा 1 से 5 तक के स्टूडेंट्स शामिल नहीं थे। बड़े स्टूडेंट्स को ही शामिल होने के लिए कहा गया था। स्लाइड्स में देखिए सूर्य नमस्कार के फोटोज...

  • स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर कंपकंपाती ठंड में हजारों ने किया सूर्य नमस्कार
    Last Updated: January 12 2017, 12:30 PM

    इंदौर। कंपकपाती सर्दी के बीच गुरुवार को हजारों स्कूली छात्रों ने सामूहिक सूर्य नमस्कार किया। महाराजा शिवाजी राव स्कूल में हुए इस आयोजन में कई गणमान्य नागरिकों सहित हजारों की संख्या में छात्र मौजूद थे। स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस के अवसर पर युवा दिवस के तहत हुए इस आयोजन में शिक्षक भी पहुंचे। सुबह 9.20 पर राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ। 9.30 बजे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का संदेश सुनाया गया। 9.45 बजे से सूर्य नमस्कार और प्राणायाम की शुरुआत हुई। साढ़े 10 बजे समारोह समाप्त हुआ। सूर्य नमस्कार में कक्षा छठवी से 12वीं तक के स्कूली छात्र तथा कॉलेजों के छात्र शामिल थे। कार्यक्रम का रेडियो पर भी सीधा प्रसारण किया गया। राज्य शासन ने 25 जनवरी 2007 से सामूहिक सूर्य नमस्कार तथा प्राणायाम का आयोजन शुरू किया था। इसके बाद यह आयोजन हर वर्ष 12 जनवरी को आयोजित हो रहा है।

  • कमल हासन, धनुष और सूर्या ने किया तमिल कल्चरल गेम जलीकट्टू का समर्थन
    Last Updated: January 11 2017, 15:40 PM

    मुंबई. चार दिन बाद पोंगल का त्यौहार है। ऐसे में बैन हुए तमिल कल्चर के पारंपरिक खेल जलीकट्टू को लेकर साउथ स्टार ने विरोध जाहिर किया है। एक्टर धनुष, कमल हासन और सूर्या ने बैन पर ट्वीट पर सवाल उठाए हैं। कमल हासन ने ऐसे जताया विरोध.... कमल ने इस खेल का खुद का फैन बताया। उन्होंने कहा, जो लोग बुल फाइट से नफरत करते हैं उन्हें बिरयानी भी छोड़ देनी चाहिए। अगर जलीकट्टू को बैन कर रहे हैं तो बिरयानी को भी बैन करना चाहिए। मैं उन कुछ एक्टर्स में से हूं जो खुद जलीकट्टू खेलते हैं। मैं तमिलियन होने पर गर्व करता हूं ये हमारा कल्चर है। जलीकट्टू के सपोर्ट में आए धनुष और सूर्या एक्टर धनुष ने भी एक पारंपरिक खेल का सपोर्ट किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, #Jallikattu is an integral element of the voice and identity of Tamilians। धनुष के साथ सूर्या ने ट्वीट कर जलीकट्टू की मुद्दा उठाते हुए कहा, बैलों की प्रजाति में लगातार गिरावट आ रही है। ऐसे में लुप्त होती प्रजाति को संरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। बैल हमारी संस्कृति और पहचान का हिस्सा हैं। ऐसे में कुछ रूल्स बनाए जा सकते हैं लेकिन खेल खत्म नहीं किया जाना चाहिए।

  • विवेकानंद जयंती पर होगा सामूहिक सूर्य नमस्कार, शामिल होंगे स्कूल स्टूडेंट्स और राजनेता
    Last Updated: January 10 2017, 10:57 AM

    भोपाल। राज्य शासन द्वारा स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन 12 जनवरी को युवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर सभी शिक्षण संस्थाओं में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन होगा। हर साल की तरह इस साल भी 12 जनवरी 2017 को युवा दिवस के उपलक्ष्य में जिले के सभी विद्यालयों में सुबह 9.00 बजे से 10.30 बजे तक सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया जाएगा। सभी शिक्षण संस्थानों में होगा सूर्य नमस्कार... रेडियो के सभी प्रायमरी चैनल पर होगी प्रसारण की सुविधा सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन सभी संस्थाओं में एक साथ एक संकेत पर किया जाएगा। जिन संस्थाओं में मैदान नहीं है, वे अपने विद्यार्थियों के लिए पास की संस्था/मैदान में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन करेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्देशित किया गया है कि सभी शिक्षण संस्थाओं में निर्धारित समय पर सूर्य नमस्कार किया जाए। इस आयोजन में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को शामिल किया जाए। प्राथमिक शाला में कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों को शामिल नहीं किया जाएगा। लेकिन, वे दर्शकों के रूप में उपस्थित होगे। सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम के सीधे प्रसारण की व्यवस्था रेडियो के सभी प्रायमरी चैनल एवं विविध भारती से होगी । सुनाए जाएगा सीएम का संदेश... मुख्यमंत्री का प्री-रिकार्डेड संदेश कार्यक्रम में प्रसारित किया जाएगा। सामूहिक सूर्य नमस्कार के पूरे समय तक प्रदेश के सभी आयोजन स्थलों पर रेडियो चलाए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। संस्था प्राचार्य यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उनके आयोजन में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि आवश्यक रूप से सम्मिलित हों। प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करने से होने वाले लाभ से विद्यार्थियों, पालकों को भी अवगत कराया जाए। यह होगी रूपरेखा... युवा दिवस 12 जनवरी को शिक्षण संस्थाओं, महाविद्यालय, ग्राम पंचायत और आश्रम-शालाओं में सुबह 9 से 10 बजे तक सामूहिक सूर्य-नमस्कार होगा। सूर्य-नमस्कार के लिए सुबह 9 बजे सभी प्रतिभागी पहुंच जाएंगे। इसके बाद उदघोषक द्वारा कार्यक्रम की भूमिका की जानकारी दी जाएगी। सुबह 9.20 पर राष्ट्र गीत वन्दे-मातरम् का सामूहिक गायन होगा। सुबह 9.30 बजे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संदेश सुनवाया जाएगा। सुबह 9.45 से सूर्य-नमस्कार और प्राणायाम की शुरूआत की जाएगी।

  • कैफ ने पोस्ट की सूर्य नमस्कार की फोटो, सोशल मीडिया पर उठे सवाल तो कहा- ये कम्प्लीट  एक्सरसाइज
    Last Updated: January 01 2017, 21:09 PM

    स्पोर्ट्स डेस्क. मोहम्मद कैफ ने सूर्य नमस्कार करते हुए अपनी फोटो पोस्ट कीं। इसके बाद टि्वटर यूजर्स ने इस पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा कि ये मजहब के खिलाफ है। कैफ ने इन ट्रोलर्स को जवाब दिया- ये कम्प्लीट एक्सरसाइज है, जो बिना मशीन के हो जाती है। बता दें कि इससे पहले क्रिकेटर मोहम्मद शमी की वाइफ की फोटो पर भी कुछ ट्रोलर्स ने एतराज जताया था। उस दौरान कैफ शमी के बचाव में सामने आए थे। क्यों उठे कैफ की फोटो पर सवाल... - मोहम्मद कैफ ने सूर्य नमस्कार करते हुए अपनी फोटो पोस्ट की। - इस फोटो के साथ ही कैफ ने सूर्य नमस्कार से शरीर को होने वाले फायदे भी लिखे थे। - उन्होंने लिखा, शरीर की क्रियाओं के लिए सूर्य नमस्कार कम्प्लीट वर्कआउट है, इस दौरान बिना किसी मशीन के पूरी एक्सरसाइज हो जाती है। - इस फोटो पर कुछ लोगों ने एतराज जताया। - एक यूजर ने लिखा, सूर्य नमस्कार हमारे मजहब के खिलाफ है। आप ऐसा विवादित फोटो क्यों पोस्ट कर रहे हैं। - एक यूजर ने कहा, हमारे मजहब में सूर्य नमस्कार पूरी तरह मना है, हम अल्लाह के सिवा किसी के सामने नहीं झुक सकते। कैफ ने ट्रोलर्स को दिया जवाब - ट्रोलर्स के सवाल उठाने पर कैफ ने फिर से वही फोटो पोस्ट किया। - कैफ ने लिखा, इन चारों मूव्स को करने के दौरान मेरे मन में अल्लाह रहते हैं। - मुझे एक बात समझ नहीं आती, सूर्य नमस्कार हो या जिम हो, एक्सरसाइज का धर्म से क्या लेना-देना। ये सभी के लिए एक जैसी फायदेमंद है। - इस दौरान कई लोगों ने कैफ का बचाव करते हुए उनका सपोर्ट भी किया। कैफ ने शमी का भी किया था बचाव - कुछ दिन पहले जब क्रिकेटर मो. शमी ने कुछ फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किए थे, जिसमें उनकी वाइफ हसीन जहां ने स्लीवलेस ड्रेस पहनी हुई थी। - इसके बाद लोग हसीन की ड्रेस को लेकर आपत्ति जता रहे थे। कई लोगों ने मजहब का हवाला देते हुए उन्हें ऐसे कपड़े नहीं पहनने की सलाह भी दी। - उस वक्त भी कैफ ने ट्वीट करते हुए शमी का फेवर किया था। - उन्होंने लिखा था देश में इससे भी ज्यादा बड़े मुद्दे हैं। उम्मीद है कि लोग समझदारी दिखाएंगे। - कैफ ने लिखा था, ये कमेंट्स सच में शर्मनाक हैं। शमी को पूरी तरह सपोर्ट करें। आगे की स्लाइड में देखें, मो. कैफ के दोनों ट्वीट...

  • बचाई गई सबसे छोटी बच्ची की जान, लंबाई 31cm, वजन था सिर्फ 600 ग्राम
    Last Updated: December 21 2016, 18:23 PM

    मुंबई। 104 दिनों बाद आखिरकार मुंबई के डॉक्टरों ने देश की सबसे छोटी और सबसे कम वजन वाली बच्ची को बचाने में सफलता हासिल कर ली। बच्ची जब पैदा हुई थी तो उसकी लंबाई सिर्फ 31 सेंटीमीटर थी और वजन सिर्फ 600 ग्राम। खतरे में थी मां और बच्ची की जान .. - यह कारनामा कर दिखाया है मुंबई के सूर्य हॉस्पिटल एंड चाइल्ड केयर के डॉ. नंदकिशोर काबरा और उनकी टीम ने। - इसी टीम से जुड़े डॉ हरिबल्कृष्ण बालासुब्रमण्यम ने dainikbhaskar.com को बताया कि, नाइजीरियन दंपति एल्विस और स्टेला की शादी के 8 साल बाद भी जब उन्हें कोई संतान नहीं हुई तो वे मुंबई आ गए। - यहां कई कोशिशों के बाद स्टेला गर्भवती हुई और डॉक्टरों ने बताया कि उनके पेट में तीन बच्चे हैं। - स्टेला को कई मेडिकल प्रॉब्लम्स थी और तीन बच्चे उनकी जान के लिए खतरा साबित हो सकते थे। ऐसे में उन्होंने सिर्फ दो बच्चे रखने पर सहमति बनाई। - डॉ बालासुब्रमण्यम ने बताया कि, स्टेला के गर्भधारण करने के सिर्फ 23 सप्ताह बाद अगस्त महीने में अचानक एक दिन दर्द शुरू हुआ। - इसके बाद उन्हें मीरा रोड़ अस्पताल ले जाया गया। जहां हालत बिगड़ने के बाद उन्हें सूर्या हॉस्पिटल ले जाया गया। - इसके दो दिन बाद स्टेला ने दो बच्चियों को जन्म दिया। सिर्फ 6 महीने में पैदा हुई इन बच्चियों की लंबाई सिर्फ 31 सेंटीमीटर थी और वजन 600 ग्राम था। ऐसे बची बच्ची की जान - डॉ बालासुब्रमण्यम ने बताया कि, प्रेगनेंसी के दौरान जो जरुरी दवाएं एक महिला को दी जानी चाहिए थी वह स्टेला को नहीं दी गई थी। जिस कारण उनका कांप्लीकेशन बढ़ गया। - क्विक डिलीवरी के कारण दोनों बच्चियों के लंग्स पूरी तरह से विकसित नहीं हुए थे। उसके बाद दोनों को एनआईसीयू में ले जाया गया। जहां दो हफ्तों बाद इनमें से एक बच्ची की मौत हो गई। - इसके बाद गोल्डन नाम की दूसरी बच्ची को 18 दिनों तक वेंटीलेटर पर रखा गया। डॉ बालासुब्रमण्यम के मुताबिक ऐसे बच्चों के बचने का प्रतिशत सिर्फ 40 परसेंट रहता है, लेकिन डॉ नंदकिशोर और उनकी टीम के प्रयास से इस बच्ची को बचाया जा सका। - यह बच्ची तकरीबन 104 दिनों तक हॉस्पिटल के एक्सपट्र्स डॉक्टर की निगरानी में रही और आखिरकार इसे एक दम फिट कर घर भेजा गया। बच्ची का वजन 2.5 किलोग्राम हुआ - बच्ची के माता-पिता इसे एक चमत्कार से कम नहीं मानते। एल्विस ने बताया कि, हमारे लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। - हम बच्ची हमारे लिए बेहद कीमती है इसलिए हमने इस बच्ची का नाम गोल्डन रखा है। - अब यह बिलकुल स्वस्थ है और इसका वजन भी बढ़कर 2.5 किलोग्राम हो गया है।

  • डेयरिंग स्‍टोरी: 25Yr-54 ट्रांसफर-मुलायम से पंगा, लाठी लेकर चलता था ये IAS
    Last Updated: December 20 2016, 12:21 PM

    लखनऊ. यूपी में 15 दिसंबर से 18 दिसंबर तक आईएएस वीक चल रहा है। dainikbhaskar.com इस मौके पर आपको यूपी के बागी आईएएस के नाम से मशहूर 1982 बैच के सूर्य प्रताप सिंह के किस्से बताने जा रहा है। सूर्य प्रताप सिंह ने 34 साल नौकरी की। जिसमें से 9 साल वह अमेरिका में रहे, लेकिन बाकी बचे 25 साल के करियर में उनके 54 ट्रांसफर हुए। dainikbhaskar.com से बातचीत में सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि वह किसी भी पोस्टिंग पर छह महीने से ज्यादा नहीं टिक सके। किसी न किसी कारण उनका ट्रांसफर होता रहा है। जब मुलायम को नहीं उतरने दिया था बदायूं में - सूर्य प्रताप सिंह बताते हैं कि साल 1989 में वह बदायूं के डीएम थे। उस समय चुनाव होने वाले थे। तत्कालीन सीएम मुलायम की रैली बदायूं में होने वाली थी। - जिस दिन रैली होनी थी उसी दिन प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गयी थी। तब तक मुलायम मुरादाबाद में अपनी रैली खत्म कर बदायूं के लिए हेलीकाप्टर से निकल चुके थे। - उस समय टीएन शेशन केन्द्रीय चुनाव आयुक्त हुआ करते थे। मैंने उनसे तुरंत फोन पर बात की और बताया कि सरकारी हेलीकाप्टर से सीएम मुलायम बदायूं आ रहे हैं। उन्होंने कहा उन्हें उतरने से मना कर दो। - उसके बाद मैंने एसपी को आदेश दिया कि हेलिपैड हटा दो। तुरंत आदेश अमल में आया। इसके बाद मुलायम का हेलीकाप्टर 20 से 25 मिनट तक हवा में रहा। पायलट का मैसेज आता रहा लेकिन मैंने उतरने नहीं दिया। - उसके बाद हेलीकाप्टर फिर बदायूं-मुरादाबाद बॉर्डर पर उतरा जहां से मुलायम कार से रैली स्थल तक आए। रैली के बाद मुझे बुलाया गया। - मैंने जाते ही उन्हें खाने के लिए इनवाईट किया तो उन्होंने गुस्से में कहा आपने तो पहले ही भूख खत्म कर दी। फिर मैंने उन्हें अपनी मजबूरी बताई तो उन्होंने कहा आचार संहिता तो मुरादाबाद में भी लगी थी। मैंने कहा यह वहां का डीएम जाने। मैंने तो अपना काम किया। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें IAS सूर्य प्रताप सिंह से जुड़ी अन्य कहानियां...

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