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Triple Talaq

हाथों की मेहंदी भी नहीं छूटी थी और पति ने दी तलाक की धमकी, बरातियों को नहीं खि‍लाया था बीफ

हाथों की मेहंदी भी नहीं छूटी थी और पति ने दी तलाक की धमकी, बरातियों को नहीं खि‍लाया था बीफ

Last Updated: April 26 2017, 19:04 PM

लखीमपुर. यूपी के लखीमपुर में एक ट्रिपल तलाक की धमकी देने का मामला सामने आया है। अफसाना के हाथों से अभी मेहंदी का रंग हल्का भी नहीं हुआ था कि उसके सारे सपने चकनाचूर हो गए। उसे पति ने शादी की पहली रात बीतने के बाद तलाक की धमकी देकर घर से भगा दिया। शादी के तीसरे दिन ही वो थाने के चक्कर लगाने को मजबूर हो गई। आरोप है कि उसके पिता बरातियों को बीफ (गोश्त) नहीं परोस पाए थे इसलिए ससुरालवाले नाराज हैं। पढ़ें पूरा मामला... - लखीमपुर के रहने वाले सलारी ने बेटी अफसाना का निकाह बहराइच के रहने वाले फरमान अली के साथ 23 अप्रैल को किया था। - निकाह के दूसरे दिन अफसाना ससुराल से रोती हुई मायके आ गई। उसने पिता को बताया कि फरमान ने शादी में बरातियों को गोश्त न देने की वजह से तलाक की धमकी देकर घर से भगा दिया है। - पिता के मुताबिक, उन्होंने हैसियत के हिसाब से सभी सामान दिया था। उन्होंने बताया कि मंगलवार को फोन करने पर फरमान ने बोला- अपनी लड़की को यहां मत भेजो। मेरा फैसला करा लो मैं तुम्हारी लड़की को तलाक दे दूंगा। - एसपी लखीमपुर दीपेंद्र चौधरी के मुताबिक, मामला पड़ोसी जिले बहराइच का है। संबंधित जिले पर कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

पति ने फोन पर दिया था ट्रिपल तलाक, फिर हलाला के नाम पर देवर ने किया रेप

पति ने फोन पर दिया था ट्रिपल तलाक, फिर हलाला के नाम पर देवर ने किया रेप

Last Updated: April 26 2017, 13:07 PM

मेरठ. पति द्वारा तीन तलाक दिए जाने के बाद देवर द्वारा हलाला के नाम पर रेप का शिकार हुई महिला पिछले एक महीने से लगातार बागपत थाने के चक्कर काट रही है। एसपी अजय शंकर के मुताबिक पीड़िता रिजवाना ने देवर पर रेप का आरोप लगाया है। वहीं पीड़िता का कहना है कि पुलिस पति-देवर को गिरफ्तार करने की जगह उसी के मायके में पूछताछ कर रही है। जानें क्या है पूरा मामला... - इसी साल मार्च में तीन तलाक की इस पीड़िता की शादी मार्च 2014 को बागपत में ही नाई का काम करने वाले सम्मी के साथ हुई थी। - रिजवाना ने बताया, मेरे पति शादी से पहले अवैध संबंध थे। शुरुआत में मैंने विरोध किया लेकिन बाद में परिवार के बारे में सोचकर समझौता कर लिया। वहीं से मेरे बुरे दिन शुरू हो गए। शादी के अगले ही साल बेटा भी हुआ, लेकिन मेरे पति ने तब भी मेरी कद्र नहीं की। वो तो बेटे का मुंह तक देखने को नहीं आया। - उसका कहना है कि पति की बेरुखी के बावजूद वो बेटे को पिता का प्यार दिलवाने डिलिवरी के 4 महीने बाद घर आ गई थी, लेकिन वहां उससे रोज मारपीट का नया सिलसिला शुरू हो गया। - रिजवाना बताती हैं, शादी के बाद भी वो दूसरी औरतों के पास जाते थे। रोज की मारपीट से परेशान होकर मैं मायके लौट आई। नवंबर 2016 में उन्होंने फोन पर तीन बार तलाक कहा और मुझे अपनी जिंदगी से निकाल दिया। घर के बुजुर्गों ने समझाया, मामला पुलिस के पास भी पहुंचा, लेकिन वो नहीं माने। महिला पुलिस थाने में ही मेरे साथ मारपीट की, पुलिस ने भी उन्हीं का सपोर्ट किया। हलाला के नाम पर हुआ रेप - पीड़िता ने अपने देवर पर भी रेप का आरोप लगाया है। उसका कहना है, इसी साल मार्च में सम्मी के भाई इरशाद का फोन आया। उसने कहा कि तुम्हारा हलाला करवा रहे हैं, तुम दिल्ली आ जाओ। मैं वहां पहुंची तो उसने हलाला के नाम पर मेरा रेप कर दिया। - रिजवाना डेढ़ साल के बेटे की मां है। पहले घरेलू हिंसा, फिर तीन तलाक और फिर हलाला के नाम पर रेप का दर्द झेलने वाली ये महिला घरों में ट्यूशन पढ़ाकर अपना पेट पाल रही है। साथ ही वो पति और देवर को सजा दिलाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। - वो कहती हैं, मैं पहले अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती हूं। फिर बेटे को काबिल बनाउंगी, एक अच्छा इंसान बनाउंगी। अब मैं दोबारा किसी से शादी नहीं करना चाहती। पूरा ध्यान मेरे गुनहगारों को सजा दिलाना और बेटे को अच्छी परवरिश देने पर है। आगे की 3 स्लाइड्स में देखें पीड़िता के घर की तस्वीरें...

द‍िल्ली गया कमाने और हो गया LOVE, स्पीड पोस्ट से भेजा पत्नी को तलाक

द‍िल्ली गया कमाने और हो गया LOVE, स्पीड पोस्ट से भेजा पत्नी को तलाक

Last Updated: April 25 2017, 23:18 PM

अमरोहा. कमाने के लिए यूपी से दिल्ली गया शादीशुदा शख्स को एक लड़की से प्यार हो गया। इसके बाद पत्नी से नफरत करने लगा। उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। फिर स्पीड पोस्ट से तलाक का लेटर भेजकर दूसरी शादी रचा ली। अब पीड़िता ने सीएम योगी आदित्यनाथ को लेटर लिखकर न्याय की मांग की है। आगे पढ़िए पूरा मामला... -पीड़िता शन्नू (काल्पनिक नाम) अमरोहा के धनोरा थाना क्षेत्र के गांव चुचैला कला की रहने वाली है। उसकी शादी 8 जून 2014 को बछरायूं थाना क्षेत्र के गांव मंजूरपुर निवासी आरिफ अली पुत्र मेहंदी हसन के साथ हुई थी। -शादी के शुरुआती दौर में सब कुछ ठीक था। कुछ दिनों बाद आरिफ दिल्ली प्राइवेट जॉब करने के लिए चला गया। इसके बाद शन्नू भी साथ रहने के लिए जिद करने लगी तो उसे भी वहां लेकर चला गया। -शन्नू का आरोप है कि जब वह दिल्ली गई तो आरिफ उसके साथ मामूली बात को लेकर अक्सर मारपीट करने लगा और रोजाना शराब पीकर आने लगा। -एक दिन वह अपने दोस्तों के साथ लड़कियों को लेकर कमरे पर आया और मेरे सामने ही फिजिकल रिलेशन बनाया। फिर कुछ दोस्तों के साथ मुझसे भी संबंध बनवाया। जब मैंने यह सब करने के लिए मना किया तो मुझे मारपीट कर घर से निकाल दिया। तब से मैं मायके में हूं। -घर आने पर परिजनों ने उसे काफी समझाया, लेकिन वह रखने के लिए तैयार नहीं हुआ, क्योंकि दिल्ली में वह किसी और लड़की से शादी कर लिया है और दूसरी पत्नी से 5 महीने की बेटी भी है। -10 दिन पहले उसने एक स्पीड पोस्ट भेजा, जिसे पढ़कर वो आवाक रह गई। उसमें लिखा है, अब मैं तुम्हें तलाक देता हूं। -इसके बाद मैंने इसकी शिकायत थाने में की, लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में सीएम योगी सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। तीन तलाक बंद होनी चाहिए। आगे की स्लाइड्स में देखिए लेटर में क्या लिखा है...

दुबई से एक शख्स ने पत्नी को वॉट्सऐप पर लिखा तलाक, कहा- ये बर्थडे गिफ्ट है

दुबई से एक शख्स ने पत्नी को वॉट्सऐप पर लिखा तलाक, कहा- ये बर्थडे गिफ्ट है

Last Updated: April 24 2017, 16:30 PM

हैदराबाद. यहां रहने वाली सुमायना नाम की एक महिला को उसके पति ने वॉट्सऐप पर तलाक लिखकर भेजा है। मैसेज में ये भी लिखा है कि ये बर्थडे गिफ्ट है। बीते महीनों में ट्रिपल तलाक का मुद्दा गरमाया हुआ है। हाल ही में नेटबॉल की नेशनल प्लेयर रही एक महिला को इसलिए तलाक दे दिया गया क्योंकि उसकी एक बेटी है। सास-ससुर काला जादू करते थे... - न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक विक्टिम सुमायना ने बताया, मेरे सास-ससुर काला जादू करते थे। वे मुझे टॉर्चर करते थे। तलाक का मैसेज मिलने के बाद मेरे पिता मुझे अपने घर ले आए हैं। - मैसेज में लिखा गया है, तलाक, तलाक, तलाक। ये मेरा फैसला है। किसको लाती, किसको बताती। सबको बोलना है, बोल दे। किसका बाप क्या करता। मैं भी अब अपनी बात नहीं बदलता। ये ही चाह रही थी न तू। ले दे दिया तेरे को बर्थडे गिफ्ट। - वहीं गाजियाबाद में दो बहनों को तलाक देने का मामला सामने आया है। इन दोनों बहनों की शादी दो भाइयों से हुई थी। दोनों भाई सऊदी अरब में काम करते हैं। एक को लेटर में तलाक लिखा गया तो दूसरे ने फोन से बोला। (पूरी खबर पढ़ने के लिए <a href='http://www.bhaskar.com/news/UP-MEER-sisters-in-ghaziabad-divorced-by-spouses-from-saudi-5582121-PHO.html'>यहां क्लिक करें</a>) बेटी पैदा होने पर दिया तलाक - नेशनल लेवल की नेटबॉल प्लेयर शुमायाला जावेद को बेटी पैदा होने पर उनके पति ने तलाक दे दिया। - शुमायाला का कहना है कि ससुराल के लोगों ने शादी के बाद से ही दहेज के लिए उन्हें तंग करना शुरू कर दिया था। - प्रेग्नेंसी की बात पता चलने पर लड़का पैदा करने का दबाव बनाया जा रहा था। लड़की पैदा होते ही ससुराल वालों ने शुमायाला का साथ छोड़ दिया। पति ने तीन बार तलाक बोलकर छोड़ दिया। - शुमायाला अब लेटर लिखकर नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार करेंगी। - मन की बात में मोदी ट्रिपल तलाक को खराब सामाजिक परम्परा कह चुके है। वहीं मुस्लिम लॉ बोर्ड कह चुका है कि पति अपनी पत्नी को 3 बार तलाक बोलकर तलाक दे सकता है। तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं की डिग्निटी पर असर डालता है: केंद्र - हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में दी गई लिखित दलील में केंद्र सरकार ने कहा था कि तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं की डिग्निटी (गरिमा) और सोशल स्टेटस (सामाजिक स्तर) पर असर डालता है। - केंद्र ने यह भी कहा कि तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं के कॉन्स्टीट्यूशन में मिले उनके फंडामेंटल राइट्स की अनदेखी होती है। ये रस्में मुस्लिम महिलाओं को उनकी कम्युनिटी के पुरुषों और दूसरी कम्युनिटी की महिलाओं के मुकाबले कमजोर बना देती हैं। - बता दें कि सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक खत्म हो या नहीं इस मुद्दे पर 11 मई से सुनवाई करेगा। - सरकार ने कोर्ट में कहा कि भारत की आबादी में मुस्लिम महिलाओं की हिस्सेदारी 8% है। देश की ये आबादी सोशली और इकोनॉमिकली बेहद अनसेफ है।

दो बहनों को फोन और लेटर पर सऊदी से सगे भाइयों ने द‍िया तलाक, योगी से मांगा इंसाफ

दो बहनों को फोन और लेटर पर सऊदी से सगे भाइयों ने द‍िया तलाक, योगी से मांगा इंसाफ

Last Updated: April 24 2017, 11:31 AM

गाजियाबाद. दहेज में प्लॉट और नगदी न देने पर यहां दो सगी बहनों काे उनके पतियों ने तलाक दे दिया। सऊदी में रहने वाले दोनों पति भी सगे भाई हैं। एक लड़की के पति ने फोन पर तो दूसरी के पति ने लेटर लिखकर तलाक दिया है। अब दोनों बहनाें ने सीएम योगी को लेटर लिखकर इंसाफ की मांग की है। 2010 में हुई थी शादी... - मामला गाजियाबाद की प्रेम नगर कॉलोनी का है। लाेनी की रहने वाली दो लड़कियों का निकाह बागपत के रहने वाले शफीक के बेटे जफर और दानिश के साथ 9 जनवरी 2010 को हुआ था। - आरोप है कि शफीक का परिवार शादी में कम दहेज मिलने से नाखुश था। लड़के पक्ष के लोग शादी में प्लॉट और नगदी की डिमांड कर रहे थे। वहीं, शादी के डेढ़ महीने बाद ही जफर पत्नी की छोड़कर नौकरी करने सउदी चला गया। इस बीच परिवार के लोग जफर की पत्नी और उसकी छोटी बहन को परेशान करने लगे। - कुछ दिन बाद जफर की पत्नी अपने मायके आकर रहने लगी। डेढ़ साल बाद उसकी छोटी बहन भी ससुराल से पिता के पास आ गई। इस दौरान दोनों बहनों ने एक-एक बेटे को जन्म दिया। सऊदी से लौटकर दूसरी लड़कियों से की शादी - बताया जा रहा है कि करीब 3 महीने पहले सऊदी से लौटकर दोनों भाइयों ने बड़ौत की रहने वाली दो लड़कियों से शादी कर ली। दूसरी शादी की जानकारी मिलने पर 21 अप्रैल को दोनों विक्टिम बहनों ने अपने पतियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई और कार्रवाई के लिए कोर्ट में खर्चे के लिए अर्जी दाखिल की। - दोनों बहनों ने तलाक को गैर कानूनी बताते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ को भी लेटर लिखकर कार्रवाई की मांग की। तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं की डिग्निटी पर असर डालता है: केंद्र - हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में दी गई लिखित दलील में केंद्र सरकार ने कहा था कि तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं की डिग्निटी (गरिमा) और सोशल स्टेटस (सामाजिक स्तर) पर असर डालता है। - केंद्र ने यह भी कहा कि तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं के कॉन्स्टीट्यूशन में मिले उनके फंडामेंटल राइट्स की अनदेखी होती है। ये रस्में मुस्लिम महिलाओं को उनकी कम्युनिटी के पुरुषों और दूसरी कम्युनिटी की महिलाओं के मुकाबले कमजोर बना देती हैं। - बता दें कि सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक खत्म हो या नहीं इस मुद्दे पर 11 मई से सुनवाई करेगा। - सरकार ने कोर्ट में कहा कि भारत की आबादी में मुस्लिम महिलाओं की हिस्सेदारी 8% है।। देश की ये आबादी सोशली और इकोनॉमिकली बेहद अनसेफ है। - सरकार ने साफ किया कि महिलाओं की डिग्निटी से कोई कम्प्रोमाइज नहीं हो सकती। - केंद्र ने अपनी दलीलों में आगे कहा, लैंगिक असमानता का बाकी समुदाय पर दूरगामी असर होता है। यह बराबर की साझेदारी को रोकती है और आधुनिक संविधान में दिए गए हक से भी रोकती है। - सरकार ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में 60 साल से ज्यादा वक्त से सुधार नहीं हुए हैं और मुस्लिम महिलाएं फौरन तलाक के डर से बेहद कमजोर बनी रहीं। AIMPLB तीन तलाक खत्म करने के खिलाफ रहा है... - वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) पहले कहता रहा है कि वह तीन तलाक खत्म करने के खिलाफ है। - उसका कहना है कि किसी महिला की हत्या हो, इससे बेहतर है कि उसे तलाक दिया जाए। - AIMPLB का कहना है, धर्म में मिले हकों पर कानून की अदालत में सवाल नहीं उठाए जा सकते।

बेटी पैदा होने पर इस नेशनल प्लेयर को फोन पर मिला तलाक, CM योगी से है मांगी मदद

बेटी पैदा होने पर इस नेशनल प्लेयर को फोन पर मिला तलाक, CM योगी से है मांगी मदद

Last Updated: April 24 2017, 11:12 AM

मुरादाबाद. यूपी के मुरादाबाद में अमरोहा जिले में तीन तलाक का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय खिलाड़ी शुमायला को उसके शोहर ने लड़की पैदा होने पर तलाक दे दिया। वह अपनी दो वर्षीय बेटी के साथ सीएम के सचिव से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। ये है पूरा मामला... - मुरादाबाद सदर कोतवाली के मुहल्ला पीरजादा निवासी जावेद इकबाल की बेटी शुमायला जिले से लेकर नेशनल स्तर पर अपना कई खेलों में दम दिखा चुकी है। ये नेटबाल में 7 बार नेशनल और 4 आल इंडिया प्रतियोगिता खेल चुकी है। - शुमायला की शादी 9 फरवरी 2014 को लखनऊ गोसाईगंज के मोहन लालगंज निवासी फारुक अली आजम अब्बासी से हुई थी। शादी होने के कुछ समय बाद से ही सुसराल पक्ष के लोगों ने दहेज की मांग को लेकर उसे परेशान करने लगे थे। पीड़िता ने लगाया आरोप - पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति ने अपने परिजनों के साथ मिलकर उसका शारीरिक व मानसिक शोषण किया। इस दौरान जब पीड़िता प्रेग्नेंट हो गई तो उसके पति ने उसका भ्रूण लिंग चेकअप कराया। जिसमें पेट में लड़की होने का पता चला तो उसे अपने मायके भेज दिया था। - शुमायला ने बताया कि 15 मई 2015 को मुरादाबाद अस्पताल में एक बेटी को जन्म दिया तो पति फारुख अली लड़की होने से बहुत नाराज हुआ। पीड़िता 24 जनवरी 2015 को अमरोहा आ गई। जहां उसे फिर से मारपीट कर प्रताड़ित किया गया। - पीड़िता को उसके पति ने 8 फरवरी 2016 को फोन पर तलाक दे दिया तब से वह अपने पिता के घर में ही रह रही है। जब इसकी शिकायत पुलिस से की तो वहां उसे कोई मदद नहीं मिला। अब शुमायला न्याय पाने के लिए मुख्यमंत्री योगी के दरवार पर जा पहुंची है। तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं की डिग्निटी पर असर डालता है: केंद्र - हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में दी गई लिखित दलील में केंद्र सरकार ने कहा था कि तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं की डिग्निटी (गरिमा) और सोशल स्टेटस (सामाजिक स्तर) पर असर डालता है। - केंद्र ने यह भी कहा कि तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं के कॉन्स्टीट्यूशन में मिले उनके फंडामेंटल राइट्स की अनदेखी होती है। ये रस्में मुस्लिम महिलाओं को उनकी कम्युनिटी के पुरुषों और दूसरी कम्युनिटी की महिलाओं के मुकाबले कमजोर बना देती हैं। - बता दें कि सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक खत्म हो या नहीं इस मुद्दे पर 11 मई से सुनवाई करेगा। - सरकार ने कोर्ट में कहा कि भारत की आबादी में मुस्लिम महिलाओं की हिस्सेदारी 8% है।। देश की ये आबादी सोशली और इकोनॉमिकली बेहद अनसेफ है। - सरकार ने साफ किया कि महिलाओं की डिग्निटी से कोई कम्प्रोमाइज नहीं हो सकती। - केंद्र ने अपनी दलीलों में आगे कहा, लैंगिक असमानता का बाकी समुदाय पर दूरगामी असर होता है। यह बराबर की साझेदारी को रोकती है और आधुनिक संविधान में दिए गए हक से भी रोकती है। - सरकार ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में 60 साल से ज्यादा वक्त से सुधार नहीं हुए हैं और मुस्लिम महिलाएं फौरन तलाक के डर से बेहद कमजोर बनी रहीं। AIMPLB तीन तलाक खत्म करने के खिलाफ रहा है - ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) पहले कहता रहा है कि वह तीन तलाक खत्म करने के खिलाफ है। - उसका कहना है कि किसी महिला की हत्या हो, इससे बेहतर है कि उसे तलाक दिया जाए। - AIMPLB का कहना है, धर्म में मिले हकों पर कानून की अदालत में सवाल नहीं उठाए जा सकते। आगे की स्लाइड्स में देखें खबर से जुड़ी 3 और फोटोज...

पति‍ ने दिया तीन तलाक तो पत्नी ने योगी को लगाया फोन-VIDEO VIRAL

पति‍ ने दिया तीन तलाक तो पत्नी ने योगी को लगाया फोन-VIDEO VIRAL

Last Updated: April 24 2017, 09:47 AM

लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने तीन तलाक के मुद्दे को मुख्य मुद्दा बनाया था। यहां बीजेपी सरकार बनने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ भी मुस्लिम महिलाओं के हक और तीन तलाक के विरोध में खड़े नजर आए। इन्हीं मुद्दों पर एक प्रैंक सिंगर अभिजीत भट्टाचार्या ने एक वीडियो अपने ट्विटर पेज से शेयर किया है। यह प्रैंक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो की शुरुआत में एक शख्स नमाज पढ़ता हुआ दिखता है। उसी समय बुर्का पहने उसकी पत्नी घर में आती है। उसका चेहरा ढका नहीं होता। यह देखकर उसका पति नाराज हो जाता है। उसका पति पूछता है, तुम्हारा चेहरा ढका क्यों नहीं है? जवाब में पत्नी कहती है- बाहर बहुत गर्मी है। पति इस बात से नाराज होकर तीन बार तलाक बोल देता है। इसके बाद पत्नी अपना मोबाइल निकालती है और योगी आदित्यनाथ को फोन लगाने लगती है। पति हंसते हुए कहता है-मजाक, मजाक, मजाक। आगे की स्लाइड्स में देखें फोटो...

बेटी पैदा होने पर UP में नेशनल लेवल नेटबॉल प्लेयर को पति ने दिया तलाक

बेटी पैदा होने पर UP में नेशनल लेवल नेटबॉल प्लेयर को पति ने दिया तलाक

Last Updated: April 24 2017, 08:13 AM

अमरोहा (यूपी). नेशनल लेवल की नेटबॉल प्लेयर शुमायाला जावेद को बेटी पैदा होने पर उनके पति ने तलाक दे दिया। शुमायाला का कहना है कि ससुराल के लोगों ने शादी के बाद से ही दहेज के लिए उन्हें तंग करना शुरू कर दिया था। प्रेग्नेंसी की बात पता चलने पर लड़का पैदा करने का दबाव बनाया जा रहा था। लड़की पैदा होते ही ससुराल वालों ने शुमायाला का साथ छोड़ दिया। पति ने तीन बार तलाक बोलकर छोड़ दिया। मोदी को लेटर लिखेंगी शुमायला... - शुमायाला अब लेटर लिखकर नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार करेंगी। - मन की बात में मोदी ट्रिपल तलाक को खराब सामाजिक परम्परा कह चुके है। - वहीं मुस्लिम लॉ बोर्ड कह चुका है कि पति अपनी पत्नी को 3 बार तलाक बोलकर तलाक दे सकता है। तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं की डिग्निटी पर असर डालता है: केंद्र - हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में दी गई लिखित दलील में केंद्र सरकार ने कहा था कि तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं की डिग्निटी (गरिमा) और सोशल स्टेटस (सामाजिक स्तर) पर असर डालता है। - केंद्र ने यह भी कहा कि तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं के कॉन्स्टीट्यूशन में मिले उनके फंडामेंटल राइट्स की अनदेखी होती है। ये रस्में मुस्लिम महिलाओं को उनकी कम्युनिटी के पुरुषों और दूसरी कम्युनिटी की महिलाओं के मुकाबले कमजोर बना देती हैं। - बता दें कि सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक खत्म हो या नहीं इस मुद्दे पर 11 मई से सुनवाई करेगा। - सरकार ने कोर्ट में कहा कि भारत की आबादी में मुस्लिम महिलाओं की हिस्सेदारी 8% है।। देश की ये आबादी सोशली और इकोनॉमिकली बेहद अनसेफ है। - सरकार ने साफ किया कि महिलाओं की डिग्निटी से कोई कम्प्रोमाइज नहीं हो सकती। - केंद्र ने अपनी दलीलों में आगे कहा, लैंगिक असमानता का बाकी समुदाय पर दूरगामी असर होता है। यह बराबर की साझेदारी को रोकती है और आधुनिक संविधान में दिए गए हक से भी रोकती है। - सरकार ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में 60 साल से ज्यादा वक्त से सुधार नहीं हुए हैं और मुस्लिम महिलाएं फौरन तलाक के डर से बेहद कमजोर बनी रहीं। AIMPLB तीन तलाक खत्म करने के खिलाफ रहा है - ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) पहले कहता रहा है कि वह तीन तलाक खत्म करने के खिलाफ है। - उसका कहना है कि किसी महिला की हत्या हो, इससे बेहतर है कि उसे तलाक दिया जाए। - AIMPLB का कहना है, धर्म में मिले हकों पर कानून की अदालत में सवाल नहीं उठाए जा सकते।

पहली बार तीन तलाक जैसे 6 मुद्दों का वो सच, जो कट्‌टरपंथी सामने नहीं लाना चाहते

पहली बार तीन तलाक जैसे 6 मुद्दों का वो सच, जो कट्‌टरपंथी सामने नहीं लाना चाहते

Last Updated: April 23 2017, 14:33 PM

लखनऊ. पहली बार सुप्रीम कोर्ट की तीन बेंच गर्मियों की छुटि्टयों में सुनवाई करेगी। इनमें से एक बेंच के सामने ऐतिहासिक और सबसे विवादित मसले होंगे। मुस्लिमों में ट्रिपल तलाक और एक से ज्यादा शादियों को लेकर कोर्ट में बहस होगी। चौतरफा दबाव के बीच, अब तक दखल न स्वीकार करने वाला ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अब थोड़ा झुका है। बोर्ड ने कहा है कि वह खुद डेढ़ साल में ट्रिपल तलाक को खत्म कर देगा। बोर्ड ने हाल ही में पति-पत्नी के लिए कोड ऑफ कंडक्ट भी जारी किया है। विवादों और बहस के बीच आज dainikbhaskar.com आपको मुस्लिमों से जुड़े 6 ऐसे मुद्दों का सच बताने जा रहा है, जिन पर सबसे ज्यादा बात होती है। इस्लामिक स्कॉलर्स ने बताया कि आखिर वो क्या चीज है, जिसे कट्टरपंथी सामने नहीं लाने देना चाहते हैं। (नोट: इन 5 स्कॉलर्स ने कुरान के आधार पर बताया कि कैसे कट्टरपंथी गुमराह कर रहे हैं)- 1. जीनत शौकत अली डायरेक्टर जनरल, वर्ल्ड इंस्टीट्यूट ऑफ इस्लामिक स्टडीज फॉर डायलॉग 2. डॉ सैयद रिजवान अहमद अधिवक्ता, इलाहाबाद हाईकोर्ट में इन्होंने निकाहनामे पर याचिका लगाई है 3. डॉ मुफ्ती जाहिद एसोसिएट प्रोफेसर, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी 4. हुस्ने अहमद कादरी महासचिव जमीयतुल उलेमा हिंद 5. अब्दुल बिस्मिल्लाह पूर्व विभागाध्यक्ष जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी क्या है 6 सबसे विवादित बातें- 1. ट्रिपल तलाक #सबसे चर्चित/विवादित - पिछले साल 50 हजार से ज्यादा मुस्लिम महिलाओं ने इसके खिलाफ सिग्नेचर कैम्पेन चलाया। इस कैम्पेन का ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने विरोध किया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले साल ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक और क्रूर बताया। ट्रिपल तलाक के बारे में कुरान/हदीस में क्या लिखा है? #प्री-इस्लामिक अरब में लोग बीवी से गुलामों जैसा व्यवहार करते थे। कई तरह के तलाक होते थे। तब पैगम्बर हजरत मोहम्मद सब खत्म कराकर तलाक-ए-अहसन लाए। बाद में दूसरे खलीफा हजरत उमर के जमाने में उनके पास कुछ महिलाएं आईं और कहा कि हमारे पति कई-कई दफा तलाक कहते हैं, लेकिन फिर रिश्ता बना लेते हैं। ऐसे में हजरत उमर ने कहा- अगर तीन तलाक कहते हैं तो इसे तलाक माना जाएगा। स्थिति को देखते हुए इसे फौरी राहत माना गया था। वो खुद इसे स्थायी नहीं चाहते थे। तीन बार तलाक कहना तो कुरान में है ही नहीं। क्या है इसका आधार? सूरा नंबर 4 वर्स नंबर 35 में कहा गया है कि अगर पति-पत्नी में कोई झगड़ा है तो दोनों परिवार के लोग मध्यस्थता करें। इसके लिए 90 दिन की इद्दत भी है। यानी वेटिंग पीरियड। अगर इस दौरान भी सुलह की स्थिति न बन पाए तो फिर काजी के जरिए तलाक का प्रॉसेस पूरा होता है। इस्लाम में इस काजी की कल्पना कोर्ट के जज की ही तरह की गई है। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए, बाकी 5 मुद्दों के बारे में...

पहले दिया तीन तलाक, फिर 2 महीने तक कमरे में बंदकर किया टॉर्चर

पहले दिया तीन तलाक, फिर 2 महीने तक कमरे में बंदकर किया टॉर्चर

Last Updated: April 22 2017, 17:03 PM

संभल​. यूपी के संभल में तीन तलाक का एक मामला सामने आया है। महिला का आरोप है कि, उसके पति ने पहले शराब के नशे में उसे तलाक दिया। इसके बाद 2 माह तक बंधक बनाकर टॉर्चर भी करता रहा। टॉर्चर से परेशान महिला किसी तरह अपने पति के चंगुल से निकल कर थाने पहुंची और अपनी आपबीती बताई। तलाक के बाद दो महीने तक टॉर्चर करता रहा पति - संभल के मोहल्ला देहली दरवाजा निवासी रशीद ने अपने बेटी यासमीन का निकाह दो साल पहले आलम के साथ किया था। - शादी के एक वर्ष बाद यासमीन ने एक बेटे को जन्म दिया। यासमीन के मुताबिक, उसका पति रोजाना शराब पीकर उससे लड़ाई झगड़े करता था। - यासमीन ने कहा कि, दो माह पूर्व मेरे पति शराब के नशे में घर पहुंचे और मरे साथ मारपीट की। इसके बाद मुझे तीन तलाक दे दिया। - इस घटन के बाद मैं जैसे ही मायके जाने को तैयार हुई तो पति ने मुझे बंधक बना लिया। उसने मुझे कमरे में दो महीने तक बन्द रखा और इस दौरान मुझे टॉर्चर करता रहा। बेटे को लेकर मायके पहुंची यासमीन - इसबीच यासमीन को मौका मिल गया। यासमीन इसके बाद अपने मायके पहुंची और परिवार के लोगों को तलाक के बारे में बताया। - इसके बाद लगातार दो तीन दिनों तक ससुराल पक्ष के लोगों के साथ पंचायत हुई, लेकिन उन्होंने उसे अपनाने से इंकार कर दिया। साथ ही खर्चा देने से भी मना कर दिया। - अब परेशान यासमीन ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। शुक्रवार को देर रात यासमीन के परिवार वाले उसे लेकर कोतवाली पहुंचे। फिलहाल यासमीन अपने बेटे के साथ मायके में रह रही है। आगे की स्लाइड्स में वीडियो में देखें यासमीन का क्या है कहना...

हिंदू महिला को तीन तलाक से अलग रखने वाली पिटीशन HC ने खारिज की

हिंदू महिला को तीन तलाक से अलग रखने वाली पिटीशन HC ने खारिज की

Last Updated: April 21 2017, 21:14 PM

नई दिल्ली. हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मुस्लिमों से विवाह करने वाली हिंदू महिलाओं पर ट्रिपल तलाक लागू होने से रोका जाए। HC में ट्रिपल तलाक और बहुविवाह को लेकर केंद्र को में डायरेक्शन देने की अपील की गई थी। एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस अनु मलहोत्रा की बेंच ने कहा, ट्रिपल तलाक का मसला सुप्रीम कोर्ट में है और हम इसमें जाना नहीं चाहते हैं। कानून के तहत हर महिला को बराबर सुरक्षा का हक... - बेंच ने कहा, इस पर कोई विवाद नहीं है कि इस मामले की सुनवाई के लिए संवैधानिक पीठ का गठन किया गया है। इसलिए ये जो कानून बनाएगी, वो समाज की हर महिला और बच्चे पर लागू होगा। कानून के तहत हर महिला को बराबरी से सुरक्षा का हक मिला है। - एडवोकेट विजय कुमार शुक्ला ने हाईकोर्ट में पिटीशन दायर की थी, जिसमें मुस्लिम से विवाह करने वाली हिंदू महिलाओं की हालत का जिक्र किया गया। - पिटीशन में सेंटर को ये डायरेक्शन देने की अपील की गई थी कि इंटरकास्ट मैरिज का रजिस्ट्रेशन स्पेशल मैरिज एक्ट या कम्पलसरी रजिस्ट्रेशन मैरिज एक्ट के तहत कम्पलसरी किया जाए। साथ ही ये नियम भी हो कि रजिस्ट्रेशन न किए जाने पर पेनाल्टी लगाई जाए। मुस्लिम पर्सनल बोर्ड ने क्या फैसला किया? - ट्रिपल तलाक के मसले पर पिछले दिनों लखनऊ में हुई मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में फैसला लिया गया था। इसमें कहा गया था कि गलत तरीके से ट्रिपल तलाक लेने वालों का सोशल बायकॉट किया जाएगा। इसके अलावा ट्रिपल तलाक को लेकर कोड ऑफ कंडक्ट भी जारी किए गए। बोर्ड ने कहा कि ये कोड ऑफ कंडक्ट हर एक शख्स तक पहुंचाए जाएंगे। कॉन्स्टिट्यूशन बेंच कर रही है सुनवाई - अब इस मामले पर 5 जजों की कॉन्स्टिट्यूशनल बेंच सुनवाई कर रही है। कई महिलाओं ने इस मामले में पिटीशंस फाइल कर तीन तलाक को बायस्ड बताया है। - सुप्रीम कोर्ट यह क्लियर कर चुका है कि वह तीन तलाक, निकाल हलाला और बहु विवाह से जुड़े कानूनी प्रस्तावों पर ही विचार करेगा। कोर्ट इस बात पर फैसला नहीं करेगा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत तलाक पर अदालतें नजर रखेंगी या नहीं। क्या कहा था पर्सनल लॉ बोर्ड ने? - 27 मार्च को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि मुस्लिमों में तीन तलाक, निकाह हलाला और बहु विवाह की प्रैक्टिस (प्रथा) को चुनौती देने वाली पिटीशन्स विचार के काबिल नहीं हैं। ये मामले कोर्ट के दायरे में नहीं आते हैं। - मुस्लिम लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी कहा था कि इस्लामिक कानून की बुनियाद होली कुरान है, इसकी वैलिडिटी कॉन्स्टिट्यूशन के खास प्रोविजन्स पर परखी नहीं जा सकती है। इसकी कॉन्स्टिट्यूशनल इंटरप्रिटेशन जब तक जरूरी न हो जाए, तब तक उसकी दिशा में आगे बढ़ने से कोर्ट को संयम बरतने की जरूरत है। केंद्र सरकार का क्या स्टैंड है? - केंद्र सरकार ने पिछले साल 7 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक, निकाह हलाला और बहु विवाह की प्रथा का विरोध किया था। साथ ही जेंडर इक्वैलिटी और सेक्युलरिज्म के आधार पर मामले पर फिर से विचार करने की अपील की थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एंड जस्टिस की तरफ से दायर किया गया था। - सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था, भारत में जारी तीन तलाक, निकाह हलाला और बहु विवाह का इस्लाम में रिवाज नहीं है। तीन बार तलाक कहना महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है। सच तो ये है कि कई मुस्लिम देशों में इस बारे में बड़े सुधार किए जा चुके हैं।

पति ने फोन पर मांगा तलाक; योगी के दरबार पहुंची ये महिला, बयां किया दर्द

पति ने फोन पर मांगा तलाक; योगी के दरबार पहुंची ये महिला, बयां किया दर्द

Last Updated: April 21 2017, 16:18 PM

गोरखपुर. यूपी के गोरखपुर में एक पति ने निकाह के 4 महीने के बाद पत्नी को कॉल कर तलाक देने को कहा। इसके बाद मदद की फ़रियाद लिए युवती गोरखनाथ मंदिर बाबा के दरबार शुक्रवार को पहुंची। पीड़ित युवती ने कहा, आखिर मेरा क्या कसूर है, जो मेरा पति तलाक देना चाहता है। पति ने तलाक देने के लिए कहा है, लेकिन मैं उसे नहीं देना चाहती हूं। मुझे शक है कि मेरा पति दूसरी शादी करना चाहता है।आगे पढ़िए पूरा मामला... - मामला गोरखपुर के बक्शीपुर का है। यहां शकीला बानो (19) अपनी मां मरियम निशा, बड़ी बहन शकीना अपने 4 भाइयों सिकंदर, मजहर, अजहर और मनोज के साथ रहती है। - पिता इकराम अली की मौत शकीला के पैदा होने के 1 साल बाद हो गई, तब से मां ही परिवार का लालन-पालन कर रही हैं। - फरियादी की मां का कहना है, बड़ी बेटी की सलाह के बाद बेटी शकीला की निकाह 4 महीने पहले उरुवां थानाक्षेत्र के सिकरीगंज के रहने वाले बाबर खान के साथ कराई। - विदाई के बाद से ही ससुराल वालों ने बेटी को अवॉयड करना शुरू कर दिया। अभी 2 दिन पहले मायके आई थी तो ससुराल ले जाने के लिए दामाद को कॉल किया तो उसने तलाक की बात कही। फरियाद लेकर पहुंची गोरखनाथ मंदिर बाबा के दरबार - पति के ससुराल नहीं ले जाने की धमकी के बाद शुक्रवार को पीड़िता फरियाद लेकर गोरखनाथ मंदिर बाबा के दरबार पहुंची। - यहां फरियादी ने कहा,आखिर मेरा क्या कसूर है, जो मेरा पति तलाक देना चाहता है। पति ने तलाक देने के लिए कहा है, लेकिन मैं उसे नहीं देना चाहती हूं। मुझे शक है कि मेरा पति दूसरी शादी करना चाहता है। - बता दें, गोरखनाथ मंदिर बाबा के दरबार में योगी आदित्यनाथ सीएम से पहले महंत थे। आगे की स्लाइड्स की 5 फोटोज में देखिए फरियादी पहुंची बाबा के दरबार...

22 देशों में तीन तलाक नहीं है, तो हिन्दुस्तान में क्यों; ये अन्यायपूर्ण व्यवस्था है: रीता जोशी

22 देशों में तीन तलाक नहीं है, तो हिन्दुस्तान में क्यों; ये अन्यायपूर्ण व्यवस्था है: रीता जोशी

Last Updated: April 20 2017, 07:49 AM

लखनऊ. के मुद्दे पर महिला एवं बाल विकास कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा ने मुस्लिम महिलओं और एनजीओ के साथ बैठक की। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद रीता ने कहा- 22 देशों में नहीं है, तो हिन्दुस्तान में क्यों? ये अन्यायपूर्ण व्यवस्था है। रानी बाई कोष से होगी मदद मुस्लिम महिलाओं की मदद... - मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने बैठक के बाद बताया कि, सभी धर्म की महिलाओं के लिए रानी बाई कोष खोला जाएगा। रानी लक्ष्मी बाई कोष मुस्लिम महिलाओं के लिए भी खुलेगा। - हम मुस्लिम महिलाओं की प्रतिक्रिया संग्रह करेंगे और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखेंगे। जनमत संग्रह किस विधि से किया जाए इस पर निर्णय लेने के लिए 19 अप्रैल, 2017 को एक बैठक बुलाई गई है। - हमारा मत बिलकुल साफ है, यह अन्यायपूर्ण व्यवस्था है, यह महिलाओं के मानवाधिकार के विरोध में है, मुस्लिम महिलाएं खुद इसे नापसंद करती हैं। किसी पुरुष को यह अधिकार नहीं कि आप अपने जीवनसाथी के जीवन का अकेले फैसला कर लें। बाइस देशों में तीन तलाक नहीं है तो हिन्दुस्तान में क्यों? तीन तलाक पर कानून बनना चाहिए: मोहसिन रजा - यूपी के माइनोरिटी अफेयर्स मिनिस्टर मोहसिन रजा मंगलवार को कहा था- तीन तलाक पर कानून बनना चाहिए और औरतों को उनका अधिकार मिलना चाहिए। यह शरीयत का हिस्सा नहीं है। - साथ ही उन्होंने ऑल मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के लिए कहा- इस तरह के ऑर्गनाइजेशन (AIMPLB) लोगों के लिए काम नहीं करते, इन्हें पूरी तरह से बैन कर देना चाहिए। ये संविधान के खिलाफ काम कर रहे हैं। - इसे मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड नहीं, बल्कि मौलवी पर्सनल लॉ बोर्ड कहना चाहिए। ट्रिपल तलाक मुद्दे पर जो लोग चुप, वे अपराधियों की तरह: योगी - सीएम योगी ने सोमवार को तीन तलाक के मुद्दे पर कहा था- जो लोग इस मुद्दे पर चुप हैं, वे अपराधियों जैसे हैं। - कुछ लोग देश की इस (तीन तलाक) ज्वलंत समस्या को लेकर मुंह बंद किये हुए हैं। तो मुझे महाभारत की वह सभा याद आती है, जब द्रौपदी का चीरहरण हो रहा था, तब द्रौपदी ने उस भरी सभा से एक प्रश्न पूछा था कि, आखिर इस पाप का दोषी कौन है। - मुझे लगता है कि देश का राजनीतिक क्षितिज तीन तलाक को लेकर मौन बना हुआ है। ट्रिपल तलाक का गलत इस्तेमाल करने वाले का सोशल बायकॉट होगा- AIMPLB - ऑल मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने दो दिनों की बैठक के बाद रविवार को कहा कि ट्रिपल तलाक का गलत इस्तेमाल करने वाले का सोशल बायकॉट किया जाएगा। AIMPLB सेक्रेटरी जफरयाब जिलानी ने कहा, 1972 में गठन के 45 साल बाद बोर्ड ने ऐसा फैसला लिया है।

लालू ने ट्रिपल तलाक पर कहा- अब तो एक बीबी संभलती नहीं कौन करता है तीन शादी

लालू ने ट्रिपल तलाक पर कहा- अब तो एक बीबी संभलती नहीं कौन करता है तीन शादी

Last Updated: April 19 2017, 16:23 PM

पटना. ट्रिपल तलाक पर आरजेडी चीफ लालू प्रसाद ने कहा कि एक बीबी तो अब लोग से संभालती नहीं तीन शादी कौन करता है। लालू प्रसाद ने आगे कहा कि आरएसएस के इशारे भाजपा ने को किनारे कर दिया है। लालू प्रसाद पटना में बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए ये बातें कही। क्या कहा लालू ने... लालू ने कहा कि बाबरी मस्जिद मामले को एक बार फिर से छेड़ कर भाजपा ने बड़ी चलाकी से लाल कृष्ण आडवाणी को किनारे कर दिया है। जब से बाजार में इस बात की चर्चा थी कि भाजपा को राष्ट्रपति बना सकती है। उसी समय से आरएसएस इस प्रयास में लग गया था कि कैसे लाल कृष्ण आडवाणी को इससे रोका जाए। और अन्ततः बाबरी मस्जिद मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वे अब इस रेस से बाहर हो गए। लालू ने आरोप लगाया कि आरएसएस, बीजेपी और विश्व हिंदू परिषद अपने और पराये का भी ख्याल नहीं करता हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के हाथ में सीबीआई है और सीबीआई ने कोर्ट मे खुद कहा कि मुकदमा चलना चाहिए। इसके बाद कोर्ट के पास कोई ऑप्शन नहीं था। राजद सुप्रीमो ने के अजान वाले बयान पर कहा कि अजान कुंभकर्णी नींद से जगाता है। ये लोग गायक नहीं बल्कि सांप के बच्चा हैं।ट्रिपल तलाक पर उन्होंने कहा कि योगी ने खुद शादी क्यों नहीं की। किसी के पर्सनल मामले में किसी को दखल देने का हक नहीं है। आज कौन तीन शादी करता है एक बीवी संभलती नहीं है.?

मुस्ल‍िम अफसर ने लगवाए जय श्री राम के नारे, कहा- मैं एक तलाक के भी सपोर्ट में नहीं

मुस्ल‍िम अफसर ने लगवाए जय श्री राम के नारे, कहा- मैं एक तलाक के भी सपोर्ट में नहीं

Last Updated: April 19 2017, 15:12 PM

मुरादाबाद. यहांं RTI से जुड़े एक प्रोग्राम में पहुंचे स्टेट इन्फॉर्मेशन कमिश्नर हाफिज उस्मान ने लोगों से जय श्री राम के नारे लगवाए। इस दौरान उन्होंने ट्रिपल तलाक के मामले पर कहा कि तीन क्या, मैं तो एक तलाक के भी समर्थन में नहीं हूं। उस्मान ने देश के मुसलमानों को नसीहत देते हुए ये भी कहा कि भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान वे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाएं। तीन तलाक भी क्या, एक तलाक भी नहीं होना चाहिए... - मुरादाबाद के पंचायत भवन में मंगलवार की शाम आरटीआई के एक प्रोग्राम का आयोजन किया गया था, जिसमें हाफिज उस्मान चीफ गेस्ट के तौर पर पहुंचे थे। प्रोग्राम में मुरादाबाद के डीआईजी, कमिश्नर और डीएम के साथ दूसरे लोग भी मौजूद थे। - जब उस्मान को एड्रेस करने के लिए इन्वाइट किया गया तो वे आरटीआई के मुद्दे पर बोलते-बोलते ट्रिपल तलाक पर बात करने लगे। उन्होंने कहा, मैं तीन तलाक का विरोध करता हूं। तीन तलाक ही क्या, एक तलाक भी नहीं होना चाहिए। - जिन महिलाओं को तलाक दिया जाता है, वो भी किसी की बहन-बेटी होती है। इसलिए अपनी आंखों से पर्दा हटाओ और खुद में विरोध करने का हौसला पैदा करो। हिंदुस्तान में हर किसी को आजादी है और वह सवाल कर सकता है। बस मुसलमान अपनी बात सही से रख नहीं पाते हैं। - उन्होंने मुसलमानों से अपील करते हुए आगे कहा, अगर इंडिया-पकिस्तान का क्रिकेट मैच हो तो आप मैच न देखें, बल्कि बाहर निकलकर आएं और बेखौफ होकर पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाएं। उस्मान की स्पीच पर प्रोग्राम के संचालक ने किया ऑब्जेक्शन - उस्मान के बोलने के बाद उनकी स्पीच पर प्रोग्राम के संचालक संजीव आकांशी ने असहमति जताते हुए उन्हें गलत करार दिया। इस पर हाफिज उस्मान दोबारा मंच से उठकर पोडियम पर गए और संचालक को उनकी गरिमा में रहने की हिदायत दी। - इसके बाद उन्होंने सामने बैठे लोगों से भारत माता की जय, हिंदुस्तान की जय और जय श्री राम के नारे हाथ ऊपर उठाकर लगवाने लगे। उन्होंने कहा, देखिए, ये बहुत दुःख की बात है। मैं सूचना आयुक्त हूं और इस प्रोग्राम का चीफ गेस्ट हूं। मुझे बुलाया गया है, सब अधिकारी मौजूद हैं। मैंने हिंदू-मुसलमान को लड़ाने की बात नहीं की। मैंने तो मुसलमानों के बारे में जो गलतफहमी है, उसे दूर करते हुए हिंदू और मुसलमान को करीब लाने की कोशिश की है। मैंने तो ये बताया है कि मुसलमान छोटा भाई है और हिंदू बड़ा भाई है। - प्रोग्राम में ये सब देख लोग जब तक कुछ समझ पाते, डीएम ने प्रोग्राम खत्म करने का अनाउंसमेंट कर दिया। आगे की स्लाइड्स में देखें, खबर से जुड़ी एक और फोटो...

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