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Union Budget

बजट 2017: जानिए FY 2017-18 के आम बजट का एनालिसिस और खबरें Dainikbhaskar.com के इस स्पेशल पेज पर ...

  • CM बनने पर भी 'बेघर' थीं मायावती, 8 साल में यूं 100 गुना की थी अपनी संपत्ति
    Last Updated: January 24 2017, 14:51 PM

    लखनऊ. मायावती ने कहा है कि सपा को कांग्रेस के साथ गठबंधन से कोई फायदा नहीं होगा। कभी दिल्ली की इंद्रपुरी की जेजे कॉलोनी में तंगहाली में दिन गुजारने वाली मायावती को उनके पॉलिटिकल करियर ने करोड़पति बनाया। क्या आप जानते हैं कि 2010 में यूपी सीएम बनने के बावजूद मायावती के पास खुद का घर नहीं था। इसके बावजूद महज 8 साल में उन्होंने अपनी संपत्ति को 100 गुना बढ़ाया था। dainikbhaskar.com अपने रीडर्स को 2004 से 2012 के बीच बढ़ी मायावती की संपत्ति की डीटेल्स बता रहा है। 8 साल में यूं 100 गुना बढ़ा था मायावती का खजाना... - ईसी के पास मौजूद 2004 लोक सभा इलेक्शन, 2010 यूपी इलेक्शन और 2012 राज्यसभा एफिडेविट्स के मुताबिक मायावती की टोटल संपत्ति 100 गुना बढ़ी है। - 2004 में उनके पास 11 करोड़ रुपए की संपत्ति थी। - 2010 में यही संपत्ति बढ़कर 87 करोड़ रुपए हुई। - 2012 में मायावती की कुल प्रॉपर्टी लगभग 112 करोड़ रुपए हो गई। - मायावती ने 2012 में सबमिट किए राज्य सभा एफिडेविट में अपने बंगलों का जिक्र किया है, जिनकी कीमत 77.5 करोड़ रुपए है। - 2004 लोक सभा से लेकर 2010 यूपी लेजिस्लेटिव काउंसिल एफिडेविट्स में मायावती ने कोई रेसिडेंशियल बिल्डिंग शो नहीं की। ...पर नहीं है कोई कार - हैरान करने वाली बात यह है कि मायावती के किसी एफिडेविट में उनकी गाड़ियों का ब्योरा नहीं है। - एफिडेविट के मुताबिक उनके पास कार तो छोड़िए स्कूटी तक नहीं है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, मायावती ने कब खरीदा पहला बंगला, क्या थी कीमत...

  • 5 दिन के लिए इंडिया आई और चेंज हो गया मूड, जानें क्‍यों छोड़ी लंदन की JOB
    Last Updated: January 18 2017, 09:57 AM

    लखनऊ. बाहुबली नेता के तौर पर पहचान रखने वाले रायबरेली के अखिलेश सिंह की राजनीतिक विरासत अब उनकी लड़की अदिति सिंह संभालने जा रही है। वो भी अब कांग्रेस में शामिल हो चुकी हैं। रायबरेली की सदर विधानसभा से चुनाव लड़ने जा रही अदिति इस समय काफी चर्चा में हैं। 3 साल पहले अमेरिका से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करके लौटी हैं। dainikbhaskar.com से बातचीत में अदिति अपनी लाइफ से जुड़े इंटरेस्टिंग Facts शेयर किए।   ग्रैजुए‍शन तक बाहर की पढ़ाई      - अदिति सिंह की पूरी पढ़ाई उनके घर रायबरेली से बाहर हुई है।  - शुरुआती दिनों में उनकी पढ़ाई मसूरी में हुई है। जहां वो पर करीब दस साल तक रहीं।  - मसूरी में उन्होंने क्लास वन से लेकर दसवीं तक पढ़ाई की। - इसके बाद उन्होंने 12वीं की पढ़ाई दिल्ली से की। - इसके बाद वो मैनेजमेंट से ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए अमेरिका चली गईं।  - जहां पर उन्होंने ड्यूकन यूनीवर्सिटी से ग्रैजुएशन की पढ़ाई पूरी की।       इस वजह से आ गई इंडिया     - उन्‍होंने बताया कि जब वो में लंदन में थीं और एक फैशन हाउस में काम कर रही थीं।  - जहां पर वो काम करती थीं वो एक तरह से अमीरों की दुनिया थी। जहां पर हर चीज की सुविधा थी।  - उसी दौरान वो पांच दिनों के लिए अपने घर रायबरेली आईं। तब उन्‍होंने देखा कि यहां पर न सिर्फ गरीबी है बल्कि सुविधाएं भी नहीं हैं।  - तब मुझे लगा कि मुझे कुछ करना चाहिए अपने पापा की तरह और जो वो कर रहे हैं उसे आगे बढ़ाना चाहिए। - इसीलिए मैं अमेरिका से वापस इंडिया आ गई।       कौन है अखिलेश सिंह ?    - रायबरेली में अखिलेश को बाहुबली नेता माना जाता है।  - पांच बार के विधायक अखिलेश सिंह ही हमेशा रायबरेली विधानसभा से चुनाव जीतते आए हैं।  - अखिलेश कभी कांग्रेस से ही विधायक थे, लेकिन जब अखिलेश सिंह का कई संगीन अपराधों में नाम दर्ज हो गया तो कांग्रेस ने उनसे किनारा कर लिया। - 2003 में कांग्रेस ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। - इसके बाद उन्होंने 2007 का चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा। - जबकि पिछला चुनाव उन्होंने पीस पार्टी के प्रत्याशी के रूप में लड़ा था।  - उन पर 8 चमामलों में केस दर्ज हैं।       आगे की स्‍लाइड्स में पढ़ें अदिति ने  शेयर किए अपनी लाइफ से जुड़े इंटरेस्टिंग Facts...      

  • कभी वेटर के रूप में सर्व की थी मायावती को चाय, अब कर रहे हैं ये काम
    Last Updated: January 27 2017, 11:48 AM

    लखनऊ. मायावती ने मथुरा विधानसभा से योगेश द्विवेदी को अपना कैंडिडेट बनाया है। योगेश द्विवेदी वही वेटर हैं, जिन्होंने पहली बार मायावती के सीएम बनने के बाद उन्हें मथुरा के एक होटल में वेटर के रूप में उन्हें चाय सर्व की थी। कभी 300 रुपए में एक होटल में काम करने वाले योगेश अब फैक्ट्री के मालिक होने के साथ होटल मालिक भी हैं। उन्होंने पिछला लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन तब वो चुनाव हार गए थे। बता दें, कि 15 जनवरी को मायावती का जन्मदिन होता है। इसलिए उनके इस कैंडिडेट की कहानी चर्चा में है। गरीबी में बीता बचपन - योगेश द्विवेदी बताते हैं कि उनका बचपन काफी गरीबी में बीता। - पिताजी हरेकृष्ण टीचर थे, लेकिन उस समय इतना कम वेतन मिलता था कि घर का गुजारा बड़ी मुश्किल से हो पाता था। - वहीं, आय का दूसरा कोई साधन नहीं था। इसलिए पिताजी को सहारा देने के लिए मुझे शुरुआत में ही नौकरी करनी पड़ी थी। नौकरी में मिलते थे सिर्फ 300 रुपए - उन्होंने बताया कि मैंने वृंदावन के ही हजारीमल सोमानी नगर पालिका इंटर कॉलेज से हाईस्कूल-इंटर पास किया। - इसके बाद वृंदावन में ही नंदन वन के एक रेस्टोरेंट में नौकरी कर ली। - इस नौकरी में उन्हें 300 रुपए मिलते थे। - इसके बाद 1999 में वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से बीए किया। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें योगेश द्विवेदी कैसे आए पॉलिटिक्स में...

  • अखिलेश के दिल पर चलता है इनका राज, जानें कैसे हुई थी पहली मुलाकात
    Last Updated: January 31 2017, 14:49 PM

    लखनऊ. देश की सबसे बड़ी पॉलिटिकल फैमिली की बहू और यूपी के सीएम अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल का 15 जनवरी को बर्थ-डे है। डिंपल से शादी करने के लिए अखिलेश को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी, क्योंकि मुलायम इसके लिए तैयार नहीं थे। dainikbhaskar.com आपको अखिलेश और डिंपल की लव स्टोरी बताने जा रहा है। एक कॉमन फ्रेंड ने कराई थी इनकी मुलाकात... - 25 साल के अखिलेश की मुलाकात 21 साल की डिंपल से कॉलेज के दिनों में हुई थी। - डिंपल लखनऊ यूनिवर्सिटी (एलयू) से कॉमर्स की पढ़ाई कर रही थीं और अखिलेश ऑस्ट्रेलिया से इंजीनियरिंग में मास्टर की डिग्री लेकर लौटे थे। - एक कॉमन फ्रेंड के जरिए दोनों की मुलाकात हुई। आर्मी बैकग्राउंड से हैं डिंपल - उत्तराखंड की रहने वाली डिंपल आर्मी बैकग्राउंड से थीं। उनके पिता कर्नल थे। वहीं, अखिलेश सशक्त राजनीतिक परिवार से हैं। - दोनों की शादी के लिए परिवार वाले तैयार नहीं थे। डिंपल की फैमिली तो सिर्फ बेटी की खुशी चाहती थी, लेकिन मुलायम बेटे की पसंद के साथ नहीं थे। - पिता को मनाने के लिए अखिलेश को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी और आखिरकार उन्हें मानना ही पड़ा। - 24 नवंबर 1999 को अखिलेश और डिंपल की शादी हुई। उनके तीन बच्चे अर्जुन, टीना और अदिति यादव हैं। डिंपल का जिंदगी में आना लकी रहा - लव मैरिज करने वाले अखिलेश ने सीएम बनने के बाद एक इंटरव्यू में कहा था कि शादी होते ही उनकी किस्मत बदल गई थी। - डिंपल का उनकी जिंदगी में आना काफी लकी रहा। जुदा हैं दोनों के शौक - डिंपल स्वभाव से बिल्कुल शांत हैं। उनकी सादगी ही उनकी पहचान है। - वहीं, अखिलेश को स्पोर्ट्स से काफी लगाव है। उन्हें क्रिकेट और फुटबॉल खेलना काफी पसंद है। आगे की स्लाइड्स में देखें, अखिलेश यादव और डिंपल की फोटोज...

  • सरका दुपट्टा, तो कहीं नेता ने किया इम्बैरेस, इस एक्‍ट्रेस का एेसा हुआ हाल
    Last Updated: January 21 2017, 09:53 AM

    मेरठ. यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां जोर शोर से लगी हुई हैं। 11 फरवरी को पहला वोट डाला जाएगा। dainikbhaskar.com आपको एक ऐसी कांग्रेस लीडर के बारे में बताने जा रहा है जिसे चुनाव प्रचार के दौरान छेड़खानी का शिकार होना पड़ा था। जब इस एक्ट्रेस और नेता ने गुस्से में कार्यकर्ता को किया था दूर - बॉलीवुड एक्ट्रेस नगमा ने लोकसभा 2014 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। - नगमा ने चुनाव प्रचार में कोई कमी नहीं की थी। ग्लैमर फेस होने की वजह से चुनाव प्रचार के दौरान जब वह किसी सभा में पहुंचती थी, तब कार्यकर्ता उनके नजदीक आने की कोशिश करते थे। - उस दौरान कई बार उन्हें परेशानी का भी सामना करना पड़ा। यही नहीं, कुछ जगह तो नगमा ने गुस्से में कार्यकर्ताओं को अपने से दूर रहने के लिए भी कहा था। - चुनाव प्रचार के दौरान नगमा को एक बार छेड़छाड़ का भी शिकार होना पड़ा था, जोकि काफी चर्चा में रहा था। - अप्रैल 2014 में कांग्रेस नेता गजराज सिंह ने बदसलूकी की थी। - हापुड़ में रोड शो के दौरान गजराज सिंह ने नगमा की ओर हाथ बढ़ाया और उनके सिर को पकड़कर अपनी ओर खींचने की कोशिश की। - नगमा ने नाराजगी के साथ गजराज का हाथ झटक दिया था। इस घटना के बाद नगमा बिना प्रचार किए ही वापस लौट गईं थीं। - इसी तरह चुनाव प्रचार के दौरान भी एक युवक द्वारा हुई छेड़छाड़ से नाराज नगमा ने उसे थप्पड़ जड़ दिया था। जब सरक गया था नगमा का दुपट्टा - महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव नगमा दिसंबर 2015 में कांग्रेस की ओर से आयोजित सदभावना बढ़ाओ, अभाव घटाओ पदयात्रा में शामिल हुई थीं। - मेरठ के शहीद स्मारक पर जब कार्यक्रम के लिए वह पहुंची तो भीड़ ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। - कार्यकर्ताओं में नगमा के पास आने की होड़ लगी थी। इसी होड़ में नगमा के कंधे से उनका दुपट्टा सरक गया। - दुपट्टा सरकने पर नगमा को गुस्सा आ गया। उन्होंने आसपास मौजूद कार्यकर्ताओं को आंखें तरेर कर दूर करने को कहा था। जब नाराज हो गई थीं नगमा - 2014 में चुनाव प्रचार के दौरान नगमा जब सर्किट हाउस पहुंची तो कार्यकर्ता उनके बिल्कुल नजदीक चले गए थे। - जिस पर नगमा ने उन्हें जोर से हड़काकर दूर रहने के लिए कहा था। आगे की स्लाइड्स में देखें चुनाव प्रचार के दौरान जब जब नगमा को करना पड़ा परेशानी का सामना...

  • मां को ताने देते थे मायावती के पिता, इस वजह से करना चाहते थे दूसरी शादी
    Last Updated: January 16 2017, 15:49 PM

    लखनऊ. यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की नेत्री मायावती 15 जनवरी को 61वां बर्थडे सेलिब्रेट करेंगी। मायावती अपनी पर्सनल लाइफ काफी सीक्रेट रखती हैं। लेकिन लेखक अजय बोस द्वारा लिखी उनकी बायोग्राफी बहनजी के लिए उन्होंने अपने बचपन के पन्ने खोलकर रख दिए। dainikbhaskar.com अपने रीडर्स को मायावती की इसी किताब से निकले कुछ रोचक किस्से और फैक्ट्स बता रहा है। मां को ताने देते थे मायावती के पिता, करना चाहते थे दूसरी शादी... - मायावती के पिता प्रभुदास पोस्ट ऑफिस में क्लर्क थे। - सरकारी नौकरी की वजह से उनका परिवार दिल्ली में आ बसा था। - मायावती के पहले आइडल थे उनके दादाजी मंगलसेन। - दरअसल मायावती की मां रामरती ने लगातार 3 बेटियों को जन्म दिया था। - बेटा न दे पाने की वजह से प्रभुदास अपनी पत्नी को ताने दिया करते थे। - यही नहीं, पड़ोसियों और रिश्तेदारों के दबाव में आकर उन्होंने वारिस के लिए दूसरी शादी तक करने का मन बना लिया था। - मायावती के दादाजी ने प्रभुदास को दूसरी शादी करने से रोका था। - वो कहते थे - देखना ये बेटियां ही हमारा कुल आगे बढ़ाएंगी। - यही वजह थी कि मायावती अपने पिता से नफरत और दादाजी से बेहद प्यार करती थीं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, 2 दिन के भाई को लेकर पैदल हॉस्पिटल दौड़ गईं थीं मायावती...

  • 500 करोड़ की मालकिन हैं जया बच्‍चन.. पर रखती हैं सिर्फ 2 हजार का रिवॉलवर
    Last Updated: January 17 2017, 10:35 AM

    लखनऊ. यूपी में चुनावी सरगरमी जारी है। आगामी 17 जनवरी से कैंडिडेट्स अपना नॉमिनेशन भरना शुरू कर देंगे। नॉमिनेशन के टाइम पर कैंडिडेट्स को अपनी संपत्ति का ब्योरा देता हुआ एक एफिडेविट सबमिट करना होता है। इसमें वे अपनी सभी चल-अचल संपत्ति इलेक्शन कमीशन को शो करते हैं। 2012 के यूपी इलेक्शन से लेकर 2014 लोक सभा इलेक्शन तक दिग्गज नेताओं ने कुछ ऐसे खुलासे किए जो उनके कद को देखते हुए अजीब लगते हैं। जया बच्चन के घर में हैं सस्ते आइटम...   - यूपी सीट से राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने अपने एफिडेविट में घर में रखी हर चीज का खुलासा किया है। - जया बच्चन की कुल संपत्ति 494 करोड़ रुपए (लगभग 500 करोड़) की दर्ज है। - जया ने घर में लगे महज 7 हजार रुपए कीमत वाले वाटर फिल्टर को भी मेंशन किया है। - जया के एफिडेविट में कुल 2 हजार रुपए की रिवॉल्वर भी है। - इसके अलावा कॉफी मेकर (66 हजार रु), कुर्सियां (2.30 लाख रु) और फ्रिज (3.8 लाख रु) भी शामिल हैं।   (डाटा सोर्स - ADR)   आगे की स्लाइड्स में पढ़िए नेताओं के अजब-गजब खुलासे...

  • #RajasthanBudget राजस्थान बजट में एजुकेशन के लिए है ये प्रावधान, होंगी भर्तियां
    Last Updated: March 08 2017, 16:10 PM

    जयपुर। सीएम वसुंधरा राजे में इस बजट में शिक्षा के क्षेत्र में कई प्रावधान किए हैं। एक ओर उन्होंने शिक्षक भर्तियों की बात की है तो वहीं दूसरी ओर कई स्कूलों के शुरु करने की भी बात की है। जानिए बजट एजुकेशन के लिए क्या है खास... - 13900 स्कूलों को क्रमोन्नत किया गया है। एकीकृत स्कूलों की स्थापना की गई है। - ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षकों की उपलब्धता के लिए पदों का निर्धारित समानीकरण किया गया । - 33 हजार शिक्षकों की भर्ती की गई। - पदस्थापन किया गया एक लाख से अधिक शिक्षकों का। - ग्रामीण स्कूलों में बच्चों के प्रवेश में बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी तीन सालों में अंग्रेजी, गणित क्षेत्र में भी हुई है। - राष्ट्रीय अंतर खेलकूद बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी निकल रहे हैं। - चयनित स्कूलों को उच्च माध्यमिक विद्यालयों में क्रमोन्नत किया गया। अब आगे आने वाले समय में भी ऐसा होगा। - वर्तमान में 772 ग्राम पंचायतों में निजी स्कूल हैं लेकिन सरकारी नहीं। चालीस से अधिक नामांकन वाले प्राथमिक स्कूलों को क्रमोन्नत किया जाएगा। - 100 से अधिक कला संकाय वाले स्कूलों में साइंस लाई गई। सत्र में बांसवाड़ा, डूंगरपुर, पाली, अलवर, जोधपुर सहित ज्यादातर जिलों में स्कूलों में विज्ञान संकाय शुरू होगी। - आगामी सत्र में उदयपुर, बूंदी, जयपुर, प्रतापगढ़ सहित राज्य के कई स्कूलों में भी वाणिज्य के साथ विज्ञान सब्जेक्ट लाया जाएगा। - व्यावसायिक शिक्षा 50 स्कूलों में शुरू की जाएगी। - 133 स्कूलों में 746 क्लासरूम सहित पेयजल सुविधा, शौचालय निर्माण कराए जाएंगे। उच्च शिक्षा - आगामी वर्ष में राजसमंद, जोधपुर, कुंभलगढ़, अंता, चूरू में राजकीय कन्या - महाविद्यालय सहित महाविद्यालय खोले जाएंगे। - कई कॉलेजों में नए सब्जेक्ट शामिल किए जाएंगे। - सात संभागीय मुख्यालयों पर स्माल साइंस लैब बनाई जाएगी। ढाई करोड़ का खर्च होगा। - अलवर, बांसवाड़ा, सीकर, भरतपुर यूनिवर्सिटी भवन के निर्माण के लिए राशि स्वीकृत। - करौली व धौलपुर के नए इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए राशि स्वीकृत। - राज्य के आठ पॉलीटेक्नीक में इंडस्ट्रियल सेल खोले गए हैं। शेष में भी अब खोले जाएंगे।

  • गांव वालों के चंदे से चलता है ये रेलवे स्टेशन, ऐसे चल रही हैं यहां की व्यवस्था
    Last Updated: February 07 2017, 09:42 AM

    जयपुर। दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क का एक ऐसा रेलवे स्टेशन है जो गांव वालों के चंदे से चलाया जाता है। जानकर आश्चर्य जरूर होगा। यहां गांव वाले ही टिकट काटते हैं और वहीं यहां की सारी व्यवस्थाएं देखते हैं। जानिए इस रेलवे स्टेशन के बारे में& - सीकर जिले के रशीदपुरा खोरी रेल स्टेशन पर जो भी जाता है तो वहां की व्यवस्था को देखकर चौंक जाता है। - यहां गांव वाले ही टिकट काटते, साफ-सफाई करते, ट्रेन को सिग्नल देते और लोगों के पानी की व्यवस्था करते देखे जाते हैं। ये देख लोग अचम्भा में पड़ जाते हैं। - लोगों को खुद की आंखों पर विश्वास नहीं होता कि भारतीय रेल इस स्टेशन से गुजरती है, लेकिन एक भी रेल कर्मचारी यहां नहीं है। इसलिए ये स्टेशन है गांव वालों के हवाले - दरअसल उत्तर-पश्चिम रेलवे जयपुर डिवीजन में स्थित इस स्टेशन की वजह से रेलवे को घाटा हो रहा था। - ऐसे में इसे वर्ष 2005 में बंद करने का फैसला ले लिया गया था। चूंकि इस स्टेशन के बंद होने से पलथाना,रशीदपुरा खोरी और प्रतापगढ़ के करीब 20 हजार पैसेंजर्स के सामने अचानक समस्या आ गई। - गांव वालों ने रेलवे को खूब चिट्ठियां लिखीं। अधिकारियों के खूब चक्कर लगाए। - वर्ष 2009 में स्टेशन को दोबारा शुरू करने पर रेलवे ने हामी तो भर दी, लेकिन सशर्त। - रेलवे के मुताबिक हर माह तीन लाख रुपए के टिकट रेलवे से खरीदने पड़ेंगे। - इसके बाद ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर टिकट खरीदा और वहां ट्रेनें चलने लगीं। - फिलहाल इस स्टेशन और रेल लाइन पर काम चलने की वजह से यहां ट्रेनों का आवागमन नहीं हो रहा है। - ऐसा माना जा रहा है कि रेल पथ विस्तार के बाद इस स्टेशन को हॉल्ट में तब्दील कर दिया जाएगा। एक टिकट की जगह खरीदना पड़ता है 10 टिकट - इस स्टेशन पर यात्रा करने वाला हर पैसेंजर एक टिकट के स्थान पर 10 टिकट खरीदता है ताकि रेलवे का टारगेट पूरा किया जा सके। - यहां बिना टिकट यात्रा करने वालों पर भी गांव वालों की नजर रहती है। - गांव के ही विजय टिकट खरीद कर लाते हैं और उसपर उस तारीख की मुहर लगाकर बेचते हैं। - इन्हें टिकट काटने के एवज में 15 प्रतिशत का कमीशन दिया जाता है। आगे की स्लाइड्स में क्लिक करके देखिए खबर की और फोटोज

  • #Budget : ऐसा उड़ा मजाक, जेटली, राहुल और केजरीवाल को भी नहीं छोड़ा
    Last Updated: February 04 2017, 21:12 PM

    ह्यूमर डेस्क। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज बुधवार काे बजट 2017-18 पेश किया। बजट पेश करते ही सोशल मीडिया पर जोक्सकार और व्यंग्यकार एक्टिव हो गए। पेश हैं सोशल मीडिया पर बजट को लेकर ट्रेंड हो रहे जोक्स और फन लाइनर्स : आगे की स्लाइड्स में पढ़िए ऐसे ही मजेदार जोक्स...

  • इस रेलवे स्टेशन पर ट्रेन राजस्थान और एमपी में होती है खड़ी. ऐसा है यहां नजारा
    Last Updated: February 03 2017, 09:52 AM

    जयपुर। देश के अजब-गजब रेलवे स्टेशन में शुमार राजस्थान का यह रेलवे स्टेशन लोगों के लिए चौंकाने जैसा है। यहां खड़ी होने वाली ट्रेन के आधे यात्री राजस्थान में और आधे एमपी में होते हैं। यहां प्लेटफॉर्म भी दो राज्यों में बंटा हुआ है। कुछ लोग एमपी में खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करते हैं तो कुछ लोग राजस्थान में। जानिए इस रेलवे स्टेशन के बारे में& - अक्सर भवानी मंडी स्टेशन पर रूकने वाली ट्रेनों के यात्री प्लेटफॉर्म पर उतरकर एक ही स्टेशन के दो राज्यों में बंटे होने के नजारे को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करते हैं। - यहां युवा एक दूसरे से मजाक भी करते हैं। कहते हैं भाई मैं तो राजस्थान में हूं और बात करते-करते थोड़ी आगे निकल जाते हैं कहते हैं अब मैं एमपी में आ गया। - कई बार खिड़की से मुंह निकालकर एक यात्री दूसरे यात्री से कहता है कि मैं तो एमपी में आ गया, तुम तो अभी राजस्थान में ही हो। - कई बार राजस्थान में बैठकर ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्री को एमपी में जाकर पानी पीना पड़ता है। - यहां समोसा और स्नैक्स बेचने वाला हर रोज कई बार इन महज इस रेल प्लेटफॉर्म के जरिए दिन भर में सैकड़ों बार दोनों राज्यों का चक्कर लगा लेता है। - इस स्टेशन का दक्षिणी हिस्सा राजस्थान के झालावाड़ जिले में और उत्तरी हिस्सा एमपी के मंदसौर जिले में आता है। आगे की स्लाइड्स में क्लिक करके देखिए खबर की और फोटोज ...

  • बजट: 2.5 से 5 लाख रुपए की सालाना इनकम पर 10% की जगह 5% लगेगा TAX
    Last Updated: February 02 2017, 19:52 PM

    नई दिल्ली. अरुण जेटली ने आम बजट में इनकम टैक्स को घटाने का एलान किया है। अब आपकी सालाना इनकम 3 लाख रुपए है तो टैक्स नहीं देना होगा। पहले ढाई से पांच लाख रुपए की इनकम पर पहले 10% टैक्स लगता था। अब यह आधा यानी 5% ही लगेगा। 5 से 10 लाख रुपए के स्लैब में टैक्स रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन्वेस्टमेंट दिखाने के बाद 5 लाख रुपए तक की इनकम वालों को सालाना 12500 रुपए का फायदा मिल सकता है। पहले क्या थी स्लैब और अब क्या आया बदलाव... पहले ये थी टैक्स स्लैब 2.5 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं लगता था। 2.5 से 5 लाख रुपए की इनकम पर 10% टैक्स लगता था। 5 से 10 लाख रुपए की इनकम पर 20% टैक्स लगता था। 10 लाख रुपए से ज्यादा की इनकम पर 30% टैक्स लगता था। - सभी स्लैब में इनकम टैक्स पर 3% एजुकेशन सेस भी लगता था। बदलाव को इस तरह समझें 3 से 3.5 लाख रुपए की इनकम पर 2500 रुपए टैक्स लगेगा। 5 लाख रुपए तक की इनकम पर 5% टैक्स। 5 से 10 लाख रुपए तक 20% टैक्स और 10 लाख रुपए से ज्यादा इनकम पर 30% टैक्स को बरकरार रखा गया है। 3 लाख रुपए तक की इनकम इस तरह होगी टैक्स फ्री - ढाई लाख रुपए तक की इनकम पर फिलहाल कोई टैक्स नहीं लगता। - ढाई लाख से तीन लाख रुपए की टैक्सेबल इनकम पर 5 फीसदी टैक्स देना होगा। - यानी 50 हजार रुपए की इस टैक्सेबल इनकम पर 5 फीसदी टैक्स हुआ 2500 रुपए। - सरकार ने 3.5 लाख रुपए तक की सालाना इनकम पर 2500 रुपए टैक्स में छूट दे रखी है। - इस तरह अगर आपकी सालाना इनकम 3 लाख रुपए है तो आपको जीरो टैक्स देना होगा। 5 लाख रुपए तक की इनकम पर भी नहीं देना होगा टैक्स - फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने कहा है कि अगर मौजूदा इन्वेस्टमेंट लिमिट का इस्तेमाल किया जाए तो सालाना 5 लाख रुपए तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। सीए अतुल गर्ग ने moneybhaskar.com को बताया कि 2.5 लाख रुपए तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं है। बाकी 1.5 लाख रुपए आप 80C के तहत इन्वेस्ट कर टैक्स छूट पा सकते हैं। इसके अलावा होम लोन ब्याज पर भी टैक्स छूट पा सकते हैं। इस तरह से आप को 5 लाख रुपए की सालाना इनकम पर भी टैक्स नहीं देना होगा। 5 लाख रुपए तक की टैक्सेबल इनकम वालों के लिए आएगा 1 पेज का ITR फॉर्म सरकार ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को टैक्स नेट में लाने के लिए 5 लाख रुपए की टैक्सेबल इनकम वालेे इंडीविजुअल टैक्सपेयर के लिए 1 पेज का ITR फॉर्म लाने की घोषणा की है। इससे इस कैटेगरी के लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना आसान होगा। अमीरों के लिए कितना टैक्स? - जेटली ने कहा कि 50 लाख से 1 करोड़ रुपए की सालाना इनकम रखने वालों को 30% टैक्स पर 10% सरचार्ज देना होगा। - वहीं, 1 करोड़ से ज्यादा की इनकम पर 30% टैक्स पर 15% सरचार्ज लगेगा। नोटबंदी के दौरान बड़ी रकम जमा हुई, फिर भी टैक्स नहीं देती हमारी सोसायटी - जेटली ने बजट स्पीच में कहा कि भारत बड़े पैमाने पर टैक्स नहीं देने वाली सोसायटी है। जो लोग टैक्स नहीं देते, वे ईमानदारी से टैक्स भरने वालों का अपमान करते हैं। - उन्होंने कहा कि पिछले साल नोटबंदी के बाद 1.09 करोड़ बैंक खातों में 2 लाख से 80 लाख रुपए तक का डिपॉजिट हुआ। एवरेज डिपॉजिट 5 लाख रुपए था। 1.48 करोड़ बैंक खाते ऐसे सामने आए जिनमें 80 लाख रुपए से ज्यादा की रकम जमा हुई। हर खाते में एवरेज 3.31 करोड़ रुपए नोटबंदी के दौरान जमा हुए। - जेटली ने बताया कि देशभर में 76 लाख लोग ही ऐसे हैं जिन्होंने अपनी इनकम 5 लाख रुपए से ज्यादा बताई है। इनमें से भी 56 लाख लोग सैलरी क्लास के हैं। 10 साल पुराने केस भी ओपन कर सकेंगे IT अफसर - इनकम टैक्स अफसर अब अघोषित आय और 50 लाख से ज्यादा संपत्ति के 10 साल पुराने मामले भी ओपन कर सकेंगे। - ऐसे मामलों में अभी तक IT अफसर 6 साल पुराने मामलों की जांच कर सकते हैं। लेकिन, इनकमटैक्स एक्ट में अमेंडमेंट से ये सीमा 4 साल और बढ़ जाएगी। अमेंडमेंट 1 अप्रैल 2017 से लागू होगा। - अमेंडमेंट के पीछे सरकार का मकसद ब्लैकमनी पर लगाम लगाना है।

  • दुनियाभर में कौन करता है कितना कैश इस्तेमाल, नोदबंदी के बाद ऐसा रहा रुपया
    Last Updated: February 02 2017, 19:07 PM

    मुद्रा का कैश के रूप में उपयोग करना अधिकांश देशों की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी समस्या है। हाल ही में भारत सरकार ने नकदी के उपयोग पर अंकुश लगाने के साथ ही डिजिटल लेने -देन के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। यहां आप जान सकते हैं कि दुनिया भर में कैश के उपयोग की तुलना में प्लास्टिक मनी का कितना उपयोग हो रहा है। सरकार के उठाए गए कदमों से देश की मुद्रा की स्थिति कैसी रही.... बजट के बाद रुपए की ऐसी रही चाल... वर्ष 2016-17 के दौरान रुपया शुरुआत के छह महीने तक स्थिर और डॉलर के मुकाबले अपेक्षाकृत मजबूत हुआ। लेकिन बाद में गिरावट आई जिसका असर एक्सपोर्ट बढ़ने के रूप में आया। वहीं बुधवार को बजट की घोषणाओं के बाद रुपया डॉलर की तुलना में 40 पैसा कमजोर होकर 67.46 के स्तर पर बंद हुआ। बजट में सरकार ने घोषणा की है कि देश के पास 36,100 करोड़ डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है जो अगले एक वर्ष तक के आयात के लिए पर्याप्त है। आगे की स्लाइड्स में रुपए की चाल का ग्राफिक में...

  • इस बजट में इन 4 सेक्टर में आया खूब पैसा, किसे सबसे ज्यादा, किसे सबसे कम
    Last Updated: February 02 2017, 17:38 PM

    केंद्र सरकार ने बजट 2017 में चार सेक्टर्स को सबसे ज्यादा पैसा देने का प्रावधान किया है। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण क्षेत्र, रक्षा और महिला एवं बाल विकास को प्राथमिकता दी है। इसके साथ यहां कुछ सेक्टर के लिए कम पैसा दिया गया है। यहां इन प्रमुख सेक्टर को ऐसे बजट में राशि दी गई है। आगे की स्लाइड्स में सबसे ज्यादा, सबसे कम बढ़त इनकी...

  • नोटबंदी से लेकर 2017-18 के बजट तक ऐसे झुलाया सरकार ने हमें
    Last Updated: February 02 2017, 16:40 PM

    नई दिल्ली. टैक्सपेयर यानी हम। हम तो छोटी-छोटी बचत चाहते थे। उम्मीद थी कि टैक्स में छूट मिलेगी। छूट दी भी, लेकिन इतनी छोटी कि बचत होती हुई दिखेगी नहीं। बिलकुल सरकार के झूलों की तरह। देखिए बजट में हमें कैसे झुलाया गया...

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