• देखिये ट्रेनडिंग न्यूज़ अलर्टस

Uri Terror Attack

सिंधु करार पर हितों से समझौता नहीं: भारत; उड़ी हमले के 6 महीने बाद PAK से होगी बात

सिंधु करार पर हितों से समझौता नहीं: भारत; उड़ी हमले के 6 महीने बाद PAK से होगी बात

Last Updated: March 19 2017, 15:58 PM

नई दिल्ली. परमानेंट इंडस कमीशन यानी स्थायी सिंधु आयोग (PIC) की मीटिंग सोमवार से इस्लामाबाद में शुरू होगी। इसमें 10 मेंबर्स का एक भारतीय डेलिगेशन हिस्सा लेगा। डेलिगेशन रविवार को इस्लामाबाद के लिए रवाना हो गया। मीटिंग में भारत और पाकिस्तान के बीच 57 साल पुराने सिंधु जल समझौते (IWT) पर बातचीत होगी। हालांकि, सोर्सेस के मुताबिक नई दिल्ली ने इससे पहले ही यह क्लियर कर दिया है कि भारत इस करार के तहत मिले अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगा। बता दें कि उड़ी आतंकी हमले के करीब 6 महीने बाद दोनों देशों के बीच सरकार के लेवल पर बातचीत होगी। एजेंडा फाइनल होना अभी बाकी... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पिछले साल 18 सितंबर को उड़ी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से किसी भी मसले पर बातचीत से इनकार कर दिया था। अब बात तो होने जा रही है, लेकिन PIC मीटिंग के एजेंडे को अाखिरी रूप दिया जाना अभी बाकी है। - भारतीय डेलिगेशन में इंडस वाटर कमिश्नर पीके सक्सेना, फॉरेन मिनिस्ट्री के ऑफिशियल्स और टेक्निकल एक्सपर्ट्स शामिल हैं। भारत ने और क्या कहा? - गवर्नमेंट सोर्सेस ने कहा, भारत ने हमेशा पाकिस्तान से बातचीत का रास्ता खुला रखा है। हम IWT के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स पर पाकिस्तान की चिंताओं को दूर करेंगे, लेकिन अपने हितों से कोई समझौता नहीं करेंगे। - हालांकि, मीटिंग के एजेंडे को लेकर रजामंदी बनने में देरी हुई तो क्या मुद्दों को छोड़ दिया जाएगा , यह पूछने पर सोर्सेस ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। सिर्फ इतना कहा, भारत हमेशा ऐसी मीटिंग में उम्मीदों के साथ शिरकत करता है, एजेंडा तय होने में पहले भी देरी हुई है, लेकिन मसले हल किए गए हैं। उड़ी-2, चुटक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर सफल रही थी बातचीत - गवर्नमेंट सोर्सेस ने बताया कि 7 साल पहले उड़ी-2 और चुटक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर पाकिस्तान की चिंताओं को उसके साथ बातचीत के जरिए ही दूर किया गया था। - पाकिस्तान ने बारामुला के 240 MW वाले उड़ी-2 और करगिल के 44 MW के चुटक प्रोजेक्ट्स पर एतराज जताया था और कहा था कि इससे समझौते के तहत पाकिस्तान को मिलने वाले पानी में दिक्कत पैदा होगी। हालांकि, मई 2010 में हुई बातचीत के बाद पाकिस्तान ने अपने एतराज वापस ले लिए थे। भारत ने कहा था कि वह उसे इस बारे में डिटेल जानकारी मुहैया कराएगा। पाक को अब इन 5 प्रोजेक्ट्स पर एतराज - मौजूदा वक्त में भारत के 5 अन्य हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर पाकिस्तान ने चिंता जताई है। इनमें सिंधु नदी बेसिन के पाकल दुल (1000 MW), रातले (850 MW), किशनगंगा (330 MW), मियार (120 MW) और लोअर कालनई (48 MW) प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। पाक का कहना है कि ये प्रोजेक्ट्स समझौते का वॉयलेशन हैं। - दोनों देशों की तरफ से 57 साल पुराने पानी के डिस्ट्रीब्यूशन के समझौते से जुड़े मसलों को हल करने के लिए वर्ल्ड बैंक को मीडिएटर बनाया गया था। पिछले साल वर्ल्ड बैंक के सामने जम्मू-कश्मीर के किशनगंगा और रातले प्रोजेक्ट का मुद्दा उठाया गया था। - अभी ये क्लियर नहीं है कि इन दोनों प्रोजेक्ट से जुड़े मसलों पर PIC मीटिंग में चर्चा होगी या नहीं, क्योंकि ये वर्ल्ड बैंक के सामने पेंडिंग हैं। गवर्नमेंट सोर्सेस ने बताया कि पाकल दुल, मियार और लोअर कालनई पर बातचीत हो सकती है।

उड़ी हमले के आतंकियों के 2 गाइड को NIA ने छोड़ा, PAK को जल्द सौंपे जाएंगे

उड़ी हमले के आतंकियों के 2 गाइड को NIA ने छोड़ा, PAK को जल्द सौंपे जाएंगे

Last Updated: March 08 2017, 18:22 PM

नई दिल्ली. उड़ी आतंकी हमले की जांच कर रही एनआईए ने इस मामले में अरेस्ट 2 पाकिस्तानी लड़कों को बुधवार को छोड़ दिया। दोनों लड़कों को आतंकियों का गाइड माना गया था। इन पर आतंकियों की मदद करने का आरोप था, लेकिन जांच एजेंसी को इनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। एनआईए ने इनके मामले में क्लोजर रिपोर्ट फाइल की थी। अब गुडविल अरेंजमेंट के तहत दोनों लड़कों को जल्द ही पाकिस्तान को सौंपा जा सकता है। एनआईए ने जम्मू में आर्मी कॉर्प्स को सौंपा... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने दोनों पाकिस्तानी लड़कों को जम्मू में आर्मी के 16 कॉर्प्स हेडक्वार्टर्स को सौंप दिया है। जहां से उन्हें जल्द ही पाकिस्तान भेज दिया जाएगा। - दोनों लड़कों फैसल हुसैन अवान और अहसान खुर्शीद को पिछले साल अटैक के 2 दिन बाद 21 सितंबर को उड़ी के ग्वाथन एरिया के पास से पकड़ा गया था। पीओके (पाक के कब्जे वाले कश्मीर) के रहने वाले इन दोनों लड़कों को एनआईए ने अपनी शुरुआती जांच में संदिग्ध माना था। - इन पर हमला करने वाले 4 आतंकियों की मदद करने का आरोप था। जांच एजेंसी ने दोनों पाकिस्तानी लड़कों के खिलाफ कोई सबूत नहीं पाया। जिससे इन पर आरोप तय नहीं किए जा सके। इसके बाद जांच एजेंसी ने इस मामले में 23 फरवरी को क्लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी थी। - बता दें कि उड़ी में 18 सितंबर 2016 को इंडियन आर्मी कैम्प पर आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें 19 जवान शहीद हो गए थे। मां-बाप से विवाद के चलते पार किया बॉर्डर - एनआईए ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि दोनों लड़कों का किसी टेरर एक्टिविटी में इन्वॉल्वमेंट नहीं पाया गया। इनका पढ़ाई को लेकर अपने मां-बाप से विवाद हो गया था जिसके बाद ये बॉर्डर पार कर भारतीय सीमा में आ गए थे। क्या है गुडविल अरेंजमेंट? - भारत-पाकिस्तान के बीच एक गुडविल अरेंजमेंट है। जिसके तहत पाक ने इंडियन आर्मी के सोल्जर चंदू चव्हाण को इसी साल जनवरी में भारत को सौंप दिया था। चंदू चव्हाण गलती से बॉर्डर पार कर पाकिस्तान चला गया था। - चव्हाण की सुरक्षित वापसी के बदले में ही अब भारत दोनों लड़कों को जल्द पाकिस्तान को सौंप सकता है। सिर्फ इकबालिया बयान ही सबूत - एनआईए दोनों लड़कों के खिलाफ इंडियान आर्मी को दिए इकबालिया बयान के अलावा और कोई पुख्ता सबूत नहीं जुटा पाई। हालांकि इन दोनों की रिहाई के बाद भी उड़ी अटैक की साजिश रचने वालों के खिलाफ जांच जारी रहेगी।

उड़ी हमले के आतंकियों के 2 गाइड के खिलाफ NIA को नहीं मिले सबूत, रिहाई के आसार

उड़ी हमले के आतंकियों के 2 गाइड के खिलाफ NIA को नहीं मिले सबूत, रिहाई के आसार

Last Updated: February 26 2017, 14:32 PM

नई दिल्ली. उड़ी आतंकी हमले की जांच कर रही एनआईए को PoK से पकड़े गए 2 पाकिस्तानी लड़कों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। दोनों लड़कों को आतंकियों का गाइड माना गया था। इन पर आतंकियों की मदद करने का आरोप था। एनआईए ने इनके मामले में क्लोजर रिपोर्ट फाइल की है। जिसके बाद अब गुडविल अरेंजमेंट के तहत दोनों लड़कों को जल्द पाकिस्तान को सौंपे जाने के आसार हैं। नहीं तय किए जा सके आरोप... - उड़ी में 18 सितंबर 2016 को इंडियन आर्मी कैम्प पर आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें 19 जवान शहीद हो गए थे। - पीओके (पाक के कब्जे वाले कश्मीर) से पकड़े गए 2 लड़कों फैसल हुसैन अवान और अहसान खुर्शीद को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने अपनी शुरुआती जांच में संदिग्ध माना था। - इन पर हमला करने वाले 4 आतंकियों की मदद करने का आरोप था। जांच एजेंसी ने दोनों पाकिस्तानी लड़कों के खिलाफ कोई सबूत नहीं पाया। जिससे इन पर आरोप तय नहीं किए जा सके। - इसके बाद जांच एजेंसी ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी है। क्या है गुडविल अरेंजमेंट? - भारत-पाकिस्तान के बीच एक गुडविल अरेंजमेंट है। जिसके तहत पाक ने इंडियन आर्मी के सोल्जर चंदू चव्हाण को पिछले महीने ही भारत को सौंप दिया था। - चंदू चव्हाण गलती से बॉर्डर पार कर पाकिस्तान चला गया था। - चव्हाण की सुरक्षित वापसी के बदले में ही अब माना जा रहा है कि भारत दोनों पाकिस्तानी लड़कों को जल्द रिहा कर सकता है। - फैसल और अहसान को पिछले साल 21 सितंबर को पीओके से गिरफ्तार किया गया था। सिर्फ इकबालिया बयान ही सबूत - एनआईए दोनों लड़कों के खिलाफ इंडियान आर्मी को दिए इकबालिया बयान के अलावा और कोई पुख्ता सबूत नहीं जुटा पाई। - हालांकि इन दोनों की रिहाई के बाद भी उड़ी अटैक की साजिश रचने वालों के खिलाफ जांच जारी रहेगी। पीओके में वापसी का दिन होम मिनिस्ट्री तय करेगी - होम मिनिस्ट्री के सोर्स के मुताबिक एनआईए ने बीते गुरुवार को क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी। - रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों शख्स के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलने के चलते इन्हें सभी आरोपों से बरी किया जाता है। - दोनों लड़कों को रिहा कर पीओके में उनके परिवार से मिलने के लिए छोड़ दिया जाएगा। - पीओके में इनकी वापसी का दिन होम मिनिस्ट्री तय करेगी। आर्मी को भी क्लोजर रिपोर्ट की इन्फॉर्मेशन दे दी गई है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, कैसे हुआ था उड़ी में आर्मी बेस कैम्प पर आतंकी हमला...

शहीद होने के 5 महीने बाद आया सैनिक का अधजला पर्स, उसमें निकला ये सब

शहीद होने के 5 महीने बाद आया सैनिक का अधजला पर्स, उसमें निकला ये सब

Last Updated: January 10 2017, 09:52 AM

खूंटी (झारखंड)। उड़ी आतंकी हमले में खूंटी के मेराल गांव निवासी जवान जावरा मुंडा की शहादत के करीब 5 महीन् बाद उनका पर्स घर पहुंचा। जावरा मुंडा के एक दोस्त उनका अधजला पर्स लेकर खूंटी पहुंचे। उस पर्स को देख उनके परिजन गमगीन हो गए। पर्स में कुछ रुपए और कुछ कार्ड मौजूद थे। क्या है पूरा मामला... - पिछले साल उड़ी आतंकी हमले के दौरान जवान जावरा मुंडा शहीद हो गए थे। -इस दाैरान उनका पर्स वहीं गिर गया था, जो आधा जल गया था। उनके दोस्त ने पर्स को उनके परिजनों को सौंप दिया। -लोगों ने कहा कि जावरा मुंडा के कारण हमारे जिले और देश का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। विभाग द्वारा उनकी विरासत को पूरे सम्मान के साथ वापस करना प्रशंसनीय है। -जावरा मुंडा के शहादत के बाद उनके छोटे भाई दाउद मुंडा ने बताया था कि कश्मीर जाने के पहले भैया ने कहा था कि गांव में सबसे मिलकर रहना, परिवार व बच्चों का ध्यान रखना। -उन्होंने कहा था कि सेना की भर्ती में जरूर जाना। जाने से पहले उन्होंने किताब खरीद कर दी और कहा था कि ठीक से तैयारी करना। दाउद बीए पार्ट वन का छात्र है। तीन मासूम बेटियां हैं शहीद जावरा की -शहीद जावरा मुंडा की तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी संध्या धनवार आठवीं में पढ़ती है, जबकि दूसरी बेटी सुषमा तीसरी कक्षा में है। सबसे छोटी बेटी शिल्पा ढाई साल की है। -जावरा के पिता गौड़ मुंडा की मृत्यु तीन वर्ष पहले हो गई थी। छोटे भाई दाउद मुंडा ने बताया कि भाई की कमाई से ही पूरा परिवार चलता था। आगे की स्लाइड्स में देखिए फोटोज...

मोदी ने ट्वीट कर शरीफ को दी जन्मदिन की बधाई, पिछले साल लाहौर गए थे PM

मोदी ने ट्वीट कर शरीफ को दी जन्मदिन की बधाई, पिछले साल लाहौर गए थे PM

Last Updated: December 25 2016, 16:52 PM

नई दिल्ली. भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच नरेंद्र मोदी ने नवाज शरीफ को उनके जन्मदिन पर बधाई दी है। मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, पाकिस्तान के पीएम मिस्टर नवाज शरीफ को जन्मदिन की शुभकामनाएं, मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं। शरीफ रविवार को 67 साल के हो गए। बता दें कि पिछले साल इसी दिन मोदी ने अचानक लाहौर का दौरा कर शरीफ से मिलकर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी थी। मोदी के दौरे के तुरंत बाद ही हुआ था आतंकी हमला... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तान सपोर्टेड आतंकवाद के चलते भारत से उसके रिश्ते खराब दौर में पहुंच चुके हैं। इसके बावजूद मोदी ने शरीफ को जन्मदिन की बधाई दी है। - पिछले साल मोदी इसी दिन बिना किसी तय शेड्यूल के काबुल से लाहौर पहुंचे थे और शरीफ से मिलकर न सिर्फ उन्हें जन्मदिन की बधाई दी थी बल्कि उनकी नातिन की मैरिज सेरेमनी में भी शामिल हुए थे। - मोदी के उस कदम को बायलैटरल रिलेशन सुधारने की दिशा में बेहद अहम माना गया था। हालांकि उसके बाद 1 जनवरी को ही पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमला हुआ था। जिसके बाद से ही रिश्ते बिगड़ने शुरू हो गए और तनाव पैदा हो गया। कैसे और क्यों बढ़ा तनाव? - इस साल पाकिस्तान सपोर्टेड आतंकियों ने भारत में 3 बड़े हमले किए। - 1 जनवरी को पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर 4 आतंकियों ने हमला किया था। 7 जवान शहीद, चारो आतंकी भी मारे गए थे। - 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उड़ी में आर्मी बेस पर हमला हुआ था। 19 जवान शहीद, 4 आतंकी मारे गए थे। - नवंबर के आखिर में आतंकियों ने जम्मू के नगरोटा में आर्मी ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर हमला बोला। 2 अफसर और 5 जवान शहीद, 3 आतंकी मारे गए। - हमलों से आजिज आकर 29 सितंबर को पीओके में इंडियन आर्मी ने सर्जिकल स्ट्राइक की, जिसमें 40 आतंकी मारे गए। - जम्मू-कश्मीर में इंटरनेशनल बॉर्डर और एलओसी पर पाक की तरफ से 300 से ज्यादा बार सीजफायर वॉयलेशन किया गया। पाक ने की है बातचीत के जरिए समझौते की पेशकश - 8 दिसंबर को पाकिस्तान ने बातचीत के जरिए समझौते की बात की थी। - नई दिल्ली में पाक के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने कहा था, हम भारत के साथ लगातार दुश्मनी के माहौल में जीना नहीं चाहते। - 70 साल का वक्त हमने बर्बाद कर दिया। अब समय आ गया है कि दोनों पड़ोसी यह तय करें कि उन्हें मौजूदा हालात में ही रहना है या एक नई शुरुआत करनी है। - अब्दुल बासित ने दोनों देशों के बीच लगातार और बगैर बाधा के बायलेटरल रिलेशन पर जोर दिया। कहा, दोनों देशों को आपसी मतभेदों को इस तरह दू्र करना चाहिए, ताकि वे को-ऑपरेटिव रिलेशनशिप के रास्ते पर बिना किसी दिक्कत के आगे बढ़ सकें। - बासित ने कहा था, दोनों देशों के बीच कुछ गंभीर प्रॉब्लम्स हैं, लेकिन हम उनसे दूर नहीं भाग सकते, हमें उन्हें खत्म करना होगा। हम इनका अंत सोच-समझकर अपनाई गई कूटनीति के जरिए कर सकते हैं।

नुकसान से परेशान PAK में भारतीय फिल्मों से बैन हटा, दंगल का बेसब्री से इंतजार

नुकसान से परेशान PAK में भारतीय फिल्मों से बैन हटा, दंगल का बेसब्री से इंतजार

Last Updated: December 18 2016, 15:52 PM

नई दिल्ली/ कराची. पाकिस्तान के फिल्म एक्जिबिटर्स एसोसिएशन ने भारतीय फिल्मों पर लगा बैन हटा लिया है। सोमवार से यहां भारतीय फिल्में फिर दिखाई जाएंगी। उड़ी हमले के कुछ दिनों बाद भारत में पाकिस्तानी कलाकारों के काम करने पर बैन लगा था वहीं ,पाकिस्तान के थिएटर्स एसोसिएशन ने भी भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग पर बैन लगा दिया था। पाकिस्तान दुनिया में भारतीय फिल्मों का तीसरा सबसे बड़ा मार्केट है। मीडिया और मार्केटिंग मैनेजर सबीना इस्लाम के मुताबिक, पाकिस्तान के सिनेप्लेक्स का 75 फीसदी रेवेन्यू भारतीय फिल्मों के जरिए ही हासिल होता है। आमिर खान की फिल्म दंगल; का यहां बेसब्री से इंतजार हो रहा है। कौन सी फिल्म सबसे पहले दिखाई जाएगी... - फिल्म एक्जिबिटर्स एसोसिएशन के चेयरमैन जोरेश लाशेरी ने कहा- संबंधित लोगों से बातचीत के बाद बॉलीवुड फिल्मों को फिर से दिखाने का फैसला लिया गया है। - लाशेरी ने कहा, बॉलीवुड फिल्मों के टेम्परेरी सस्पेंशन से सिनेमा ओनर्स और बाकी लोगों का काफी नुकसान हुआ। हमने सिनेप्लेक्स और मल्टीप्लेक्स को अपग्रेड करने पर काफी खर्च किया है। अब लेटेस्ट भारतीय फिल्मों से मिलने वाले बिजनेस पर डिपेंड हैं। - बैन हटने के बाद जो फिल्म सबसे पहले दिखाई जाएगी वो नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फ्रेकी अली; है। अब बैन पर सफाई - सिनेमा हाउस मालिकों ने कहा कि हमने भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग को सिर्फ टेम्परेरी सस्पेंड किया था, उन पर पूरी तरह बैन नहीं लगाया था। सस्पेंशन के बाद जो फिल्में पाकिस्तानी दर्शक देख नहीं पाए हैं, उन्हें सबसे पहले स्क्रीन किया जाएगा। - मंडीवाला एंटरटेनमेंट के डायरेक्टर आदिल मंडीवाला ने कहा- हमने सस्पेंशन खत्म करने का फैसला किया। हम चाहते हैं कि हम भारतीय सिनेमा को सपोर्ट करें और उनसे भी यही उम्मीद रखते हैं कि वो हमारी मदद करें। IMPPA की तरफ से कोई पहल नहीं - पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों पर से बैन भले ही हटा लिया गया हो लेकिन इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) ने पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में काम करने पर लगे बैन को हटाने पर कुछ नहीं कहा है। - मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में आमिर खान की फिल्म दंगल का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। - हालांकि सिनेमा ओनर्स को डर है कि कुछ कट्टरपंथी पार्टियां उनके फैसले का विरोध कर सकती हैं। इसके लिए वो सरकार से सिक्युरिटी की मांग भी कर सकते हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें: पाकिस्तान में भारतीय चैनलों पर भी लगा है बैन...

PAK का दावा-भारत के ड्रोन को मार गिराया, सीजफायर वॉयलेशन से पड़ोसी को दोगुना नुकसान, अब तक उसके 40 सैनिक मारे गए

PAK का दावा-भारत के ड्रोन को मार गिराया, सीजफायर वॉयलेशन से पड़ोसी को दोगुना नुकसान, अब तक उसके 40 सैनिक मारे गए

Last Updated: November 19 2016, 22:11 PM

इस्लामाबाद/ नई दिल्ली. पाकिस्तान की आर्मी ने शनिवार को नया दावा किया। कहा- हमने एक भारतीय ड्रोन को मार गिराया, एलओसी पर भारी पहरे के बावजूद भारतीय ड्रोन पाकिस्तानी क्षेत्र में घुस आया था और जासूसी कर रहा था। हालांकि भारत ने पाक के दावे और आरोप को खारिज किया है। इससे पहले, पाक के 10 कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मलिक जफर इकबाल ने दावा किया, भारत को सीजफायर वॉयलेशन की कीमत चुकानी पड़ रही है। एलओसी पर जारी फायरिंग में पाकिस्तान के मुकाबले भारत को दोगुना नुकसान हुआ है। पाक के सिर्फ 20 सैनिक जबकि भारत के अब तक 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए हैं। पाकिस्तान ने और क्या कहा... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पाक आर्मी के स्पोक्सपर्सन लेफ्टिनेंट जनरल असीम सलीम बाजवा ने ट्वीट कर बताया कि भारतीय ड्रोन को पाकिस्तान ट्रूप्स ने शाम 4:45 बजे मार गिराया। भारतीय ड्रोन पाकिस्तानी क्षेत्र में गिरा, जिसे पाक ट्रूप्स उठाकर ले गए। - बाजवा ने दावा किया कि भारतीय ड्रोन एलओसी से पाकिस्तान की तरफ 60 मीटर अंदर घुस आया था। वह रखछाकरी सेक्टर में अगाही पोस्ट के पास गिरा। - पाक मिलिट्री की मीडिया विंग ISPR (इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन) ने पाकिस्तानी साइट एआरवाई न्यूज को भारतीय ड्रोन का मार गिराने की जानकारी दी है। जनरल इकबाल का दावा पाक आर्मी चीफ के बयान के बाद आया सामने - इससे पहले, पाक मिलिट्री के टॉप कमांडर जनरल इकबाल का दावा सामने आया। उन्होंने शुक्रवार को गिलगित में पाक सांसदों और जर्नलिस्ट्स की मौजूदगी में यह दावा किया। - इकबाल पाकिस्तान के नॉर्थ में रणनीतिक रूप से अहम गिलगित बाल्तिस्तान रीजन के दौरे पर थे। इस दौरान वहां उन्होंने सिविल और मिलिट्री ऑफिशियल्स को एड्रेस भी किया। - जनरल इकबाल का बयान पाक आर्मी चीफ जनरल राहिल शरीफ के उस दावे के बाद सामने आया है जिसमें राहिल ने कहा था कि बॉर्डर पर हाल में हुई गोलीबारी में इंडियन आर्मी के कम से कम 40 सैनिक मारे गए हैं। - राहिल ने यह आरोप भी लगाया था कि इंडियन आर्मी पब्लिक के गुस्से के डर की वजह से अपने नुकसान को छिपा रही है। भारत नहीं कर पा रहा बर्दाश्त - जनरल इकबाल ने यह भी दावा किया कि इंडियन आर्मी के मरने वाले जवानों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिसे भारत बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। - इकबाल ने कहा, अगर भारत दोपहर में सीजफायर वॉयलेशन करता है तो शाम से पहले ही उसे जवाब मिल जाता है और अगर रात को फायरिंग की जाती है तो हम सुबह होने से पहले उसे जवाब दे देते हैं। सीपीईसी में बाधा डाल रहा भारत - लेफ्टिनेंट जनरल इकबाल ने हाल ही में खुनजरेब चोटी का भी दौरा किया था, जो चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर का एंट्री प्वाइंट है। वहां इकबाल ने एक एटीएम मशीन का इनॉगरेशन किया था। - उस दौरान इकबाल ने आरोप लगाया था कि भारत ने सीपीईसी में बाधा डालने के लिए इन्टेलिजेंस का एक स्पेशल सेक्शन बनाया है, लेकिन पाकिस्तान दुश्मन के नापाक इरादों को विफल करने के लिए तैयार है। इससे पहले पाक ने क्या दावे किए थे? 1. पाकिस्तान की नेवी ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने एक भारतीय सबमरीन को पाक जल सीमा के पास आते देखकर उसे वापस जाने पर मजबूर कर दिया। हालांकि इंडियन नेवी ऑफिशियल्स ने इस दावे को सरासर झूठा करार दिया है। 2. पाकिस्तान ने बीते सोमवार को दावा किया था कि बीते रविवार देर रात भारत की तरफ से भिम्बर सेक्टर में फायरिंग की गई, जिसमें हमारे 7 सैनिक मारे गए। 3. पाकिस्तान आर्मी चीफ राहिल शरीफ ने दावा किया कि जिस दिन भारत ने पाकिस्तान के 7 सैनिक मारे, उसी दिन LOC पर पाक ने भारत के 11 सैनिक मार गिराए। इंडियन आर्मी ने पाकिस्तान के इस दावे को भी झूठा करार दिया था। कहा, 14-15 या 16 नवंबर को हमें कोई नुकसान नहीं हुआ। ऐसे बिगड़े दोनों देशों के रिश्ते - 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उड़ी में इंडियन आर्मी बेस पर पाक सपोर्टेड आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। - इसके बाद 29 सितंबर की तड़के इंडियन आर्मी ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। जिसमें 40 आतंकी मारे गए और उनके 7 लॉन्चिंग पैड्स तबाह हो गए। - इसके बाद से ही इंटरनेशनल बॉर्डर और एलओसी पर तनाव बढ़ गया है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाक जम्मू-कश्मीर में अब तक करीब 300 बार सीजफायर तोड़ चुका है। - इससे जम्मू-कश्मीर में 26 लोगों की मौत हुई है, इनमें इंडियन आर्मी के 10 और बीएसएफ के 4 शहीद जवान भी शामिल हैं। इसके अलावा 83 लोग जख्मी भी हुए हैं।

PAK नेवी का दावा- हमारे इलाके में आ रही भारतीय सबमरीन को खदेड़ दिया; भारत ने कहा- सरासर झूठा है आरोप

PAK नेवी का दावा- हमारे इलाके में आ रही भारतीय सबमरीन को खदेड़ दिया; भारत ने कहा- सरासर झूठा है आरोप

Last Updated: November 18 2016, 19:59 PM

कराची/नई दिल्ली. पाकिस्तान की नेवी ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने एक भारतीय सबमरीन को पाक जल सीमा के पास आते देखकर उसे वापस जाने पर मजबूर कर दिया। कहा गया है कि पाक के दक्षिणी तट पर बीते सोमवार को भारतीय सबमरीन देखी गई। हालांकि इंडियन नेवी ऑफिशियल्स ने इस दावे को सरासर झूठा करार दिया है। पाक ने और क्या कहा... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पाक नेवी ने एक प्रेस रिलीज जारी कर यह दावा किया है। - इसमें कहा गया है कि भारतीय सबमरीन ने बचने की बहुत कोशिश की, लेकिन पाक नेवी की फ्लीट यूनिट्स ने उसे लगातार ट्रैक किया और उसे अपनी जल सीमा से बाहर धकेल दिया। - पाक नेवी ने अपनी बात को साबित करने के लिए फुटेज और फोटोग्राफ्स भी जारी किए हैं। - दूसरी ओर, इंडियन नेवी के ऑफिशियल्स ने पाक जल सीमा के वॉयलेशन से इनकार किया है। - इंडियन नेवी के स्पोक्सपर्सन कैप्टन डीके शर्मा ने कहा- हमारी नेवी ने कोई अंडर वाटर मूवमेंट नहीं किया, जैसा कि पाक नेवी दावा कर रही है। क्या था भारतीय सबमरीन का नाम? - जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाक नेवी स्पोक्सपर्स ने कहा है कि हमारी फ्लीट यूनिट्स ने भारतीय सबमरीन का पीछा किया। - कमोडोर (रिटायर्ड) सैयद मो. ओबैदुल्लाह ने बताया कि भारतीय सबमरीन का नाम Type 209 था, जो दुनिया की सबसे घातक सबमरीन्स में से एक है। बाद में भारतीय सबमरीन बलूचिस्तान कोस्ट की तरफ बढ़ गई। - कमोडोर (रिटायर्ड) तसनीम अहमद ने कहा कि भारतीय सबमरीन का पता पाक के टोही विमानों ने लगाया। ऐसे बिगड़े दोनों देशों के रिश्ते - पाकिस्तान नेवी का यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। - इस साल, 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उड़ी में इंडियन आर्मी बेस पर पाक सपोर्टेड आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। - इसके बाद 29 सितंबर की तड़के इंडियन आर्मी ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। जिसमें 40 आतंकी मारे गए और उनके 7 लॉन्चिंग पैड्स तबाह हो गए। - इसके बाद से ही इंटरनेशनल बॉर्डर और एलओसी पर तनाव बढ़ गया है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाक जम्मू-कश्मीर में अब तक करीब 300 बार सीजफायर तोड़ चुका है। - इससे जम्मू-कश्मीर में 26 लोगों की मौत हुई है, इनमें इंडियन आर्मी के 10 और बीएसएफ के 4 शहीद जवान भी शामिल हैं। इसके अलावा 83 लोग जख्मी भी हुए हैं। पहले कहा था- भारत के 11 सैनिक मार गिराए - पाकिस्तान ने बीते सोमवार को दावा किया था कि बीते रविवार देर रात भारत की तरफ से भिम्बर सेक्टर में फायरिंग की गई, जिसमें हमारे 7 सैनिक मारे गए। - पाकिस्तान आर्मी चीफ राहिल शरीफ ने दावा किया कि जिस दिन भारत ने पाकिस्तान के 7 सैनिक मारे, उसी दिन LOC पर पाक ने भारत के 11 सैनिक मार गिराए। - इंडियन आर्मी ने पाकिस्तान के इस दावे को भी झूठा करार दिया था। कहा, 14-15 या 16 नवंबर को हमें कोई नुकसान नहीं हुआ।

PAK ने जम्मू-कश्मीर के 2 सेक्टर्स में फिर की फायरिंग, आर्मी दे रही है जवाब; 47 दिन में 290 बार सीजफायर तोड़ चुका है पड़ोसी

PAK ने जम्मू-कश्मीर के 2 सेक्टर्स में फिर की फायरिंग, आर्मी दे रही है जवाब; 47 दिन में 290 बार सीजफायर तोड़ चुका है पड़ोसी

Last Updated: November 15 2016, 14:55 PM

श्रीनगर/इस्लामाबाद. पाकिस्तान ने मंगलवार को भी जम्मू-कश्मीर के पल्लनवाला और सुंदरबानी सेक्टर में सीजफायर वॉयलेशन किया। भारत की तरफ से भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। इससे पहले सोमवार को भी पाक रेंजर्स ने इन दोनों सेक्टर्स में एलओसी पर फायरिंग की थी। बता दें कि पीओके में 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाक अब तक (47 दिनों में) 290 बार सीजफायर वॉयलेशन कर चुका है। पल्लनवाला में पूरी रात फायरिंग... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तानी रेंजर्स ने राजौरी डिस्ट्रिक्ट के सुंदरबानी सेक्टर में 4 चार घंटे फायरिंग की, मोर्टार शेल बरसाए। - जम्मू डिस्ट्रिक्ट के पल्लनवाना सेक्टर में तो पूरी रात पाक की तरफ से फायरिंग की गई। - सोमवार को पाक ने 4 सेक्टर्स में फायरिंग की थी। पल्लनवाला, सुंदरबानी समेत राजौरी के नौशेरा और पुंछ के खादी सेक्टर्स में फायरिंग की थी। - इंडियन आर्मी ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के नौगाम सेक्टर में आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश को विफल कर एक आतंकी को मार गिराया था। - बीएसएफ के एक सीनियर अफसर के मुताबिक, सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने अब तक 290 बार सीजफायर तोड़ा है। - इससे जम्मू-कश्मीर में 26 लोगों की मौत हुई है, इनमें शहीद हुए आर्मी के 10 जवान और बीएसएफ के 4 जवान भी शामिल हैं। इसके अलावा 83 लोग जख्मी भी हुए हैं। - पाक रेंजर्स ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर 186 बार सीजफायर का वॉयलेशन किया है। इस दौरान उन्होंने कठुआ, सांबा और जम्मू डिस्ट्रिक्ट में बॉर्डर पोस्ट्स को निशाना बनाया। - जबकि LoC पर पाकिस्तानी की तरफ से 104 बार सीजफायर तोड़ा गया है। - बता दें कि 18 सितंबर को उड़ी में हुए आतंकी हमले के बाद ही भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था। जिसके बाद से दोनों देशों के बीच इंटरनेशनल बॉर्डर और एलओसी पर तनाव है। पाक बोला- LoC पर हमारे 7 सैनिक मारे गए - पाकिस्तान ने सोमवार को दावा किया था कि बीते रविवार देर रात भारत की तरफ से भिम्बर सेक्टर में फायरिंग की गई, जिसमें हमारे 7 सैनिक मारे गए। - पाक की इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन्स (ISPR) ने बयान जारी कर कहा- पाक के कब्जे वाले कश्मीर में भारत ने सीजफायर वॉयलेशन किया। - भारत की तरफ से एलओसी पर फायरिंग की गई, मोर्टार शेल भी बरसाए गए। - हालांकि, पाक की इस दलील को इंडियन ऑफिशियल्स ने खारिज कर दिया है। उनका कहना है- हमारी फोर्सेस पाकिस्तान की फायरिंग के बाद ही जवाब देती हैं। - पाक आर्मी के स्पोक्सपर्सन ने बताया- आर्मी चीफ जनरल राहिल शरीफ रावलपिंडी के पास झेलम में इन सैनिकों के फ्यूनरल में शामिल हुए। - पाक फॉरेन मिनिस्ट्री ने इस पर इंडियन हाई कमिश्नर गौतम बम्बावाले को तलब किया है। - विदेशी मामलों में पाक पीएम नवाज शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज ने इसे भारत की रणनीतिक गलती करार देते हुए परमाणु हमले की धमकी दी है। फायरिंग की आड़ में बनाए 5 लॉन्चिंग पैड - पाकिस्तान ने इंटरनेशनल बॉर्डर और एलओसी पर फायरिंग की आड़ में आतंकियों के लिए 5 लॉन्चिंग पैड (कैम्प) बनाए हैं। - इसमें 3 एलओसी के और दो आईबी के पास बनाए गए हैं। ये कैम्प पाकिस्तानी सेना और रेंजरों की मदद से बनाए गए हैं। - कुछ कैंम्पों पर आतंकियों की हलचल देखी गई है, बाकी कैम्प अभी खाली हैं। - इस बात की जानकारी डिफेंस और होम मिनिस्ट्री को दे दी गई है। - पिछले दिनों बॉर्डर पर हुई घुसपैठ की कोशिशों में इन्हीं कैम्पों को एक्टिव किया गया था। पाक का इरादा फायरिंग की आड़ में इन कैम्पों से आतंकियों को सीमा पार कराना है।

अजहर पर चीन खत्म कर सकता है विरोध, बैन लगाने के लिए भारत ने UN में की है अपील

अजहर पर चीन खत्म कर सकता है विरोध, बैन लगाने के लिए भारत ने UN में की है अपील

Last Updated: November 06 2016, 14:27 PM

नई दिल्ली. मसूद अजहर को यूएन से ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करवाने और उस पर बैन लगवाने की भारत की कोशिशों पर चीन ने अपना विरोध खत्म करने का संकेत दिया है। नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल और चीन के स्टेट काउंसलर यांग जीची की मीटिंग से भारत को इस कामयाबी की उम्मीद जगी है। तकनीकी रोक में दे सकता ढील... - एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी सोर्सेज ने शनिवार को बताया कि 5 घंटे चली इस मीटिंग से भारत को पॉजिटिव नतीजे मिले हैं। - सरकारी सोर्सेज ने कहा कि- चीन जनवरी में यून पैनल में अजहर का मुद्दा उठने पर इस पर लगाई अपनी तकनीकी रोक में ढील दे सकता है। - डोभाल ने बीते शुक्रवार को हैदराबाद में चीन के काउंसलर से मुलाकात की। पिछले दो महीनों में यांग जीची का यह तीसरा भारत दौरा था। - हालांकि, इस मीटिंग के बाद जारी ऑफिशियल बयान में कहा गया है कि डोभाल-यांग में बॉर्डर डिस्प्यूट, साझा हितों और आतंकवाद पर तो चर्चा हुई, लेकिन अजहर-एनएसजी पर नहीं। - बता दें कि भारत और चीन के बीच बॉर्डर डिस्प्यूट के मुद्दे पर डोभाल और यांग को स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव बनाया गया है। चीन का रवैया बदलने की क्या है वजह? - सरकारी सोर्सेज ने दावा किया है कि चीन ने अजहर पर अपने बदले रवैये से पाकिस्तान को भी वाकिफ करा दिया है। - कहा जा रहा है कि चीन का रुख बदलने का कारण यह है कि उसने यह समझ लिया है कि यूएन काउंसिल में वह इस मामले में अकेला पड़ गया है। - 15 मेंबर्स वाली यूएन सिक्युरिटी काउंसिल का चीन अकेला मेंबर है जिसने भारत की मांग पर अड़ंगा लगा रखा है। 14 मेंबर भारत के सपोर्ट में हैं। पहले क्या कहा था चीन ने? - इसी साल अप्रैल में चीन ने नई दिल्ली की तरफ से इस मामले में यूएन में की गई अपील में तकनीकी रोड़ा अटका दिया था। - चीन ने तकनीकी रोक की मियाद को 3 महीने के लिए आगे बढ़ा दिया था। बीजिंग ने दावा किया था- भारत की तरफ से मार्च में दी गई एप्लिकेशन पर अब भी अलग-अलग विचार हैं। - उसका कहना था- यून की 1267 कमेटी में भारत के एप्लिकेशन पर अलग-अलग राय थी और बीजिंग के नए कदम से संबंधित पक्षों को इस मुद्दे पर सोचने का ज्यादा समय मिल गया है। - पिछले महीने गोवा में हुई ब्रिक्स समिट में भी भारत ने अजहर का मुद्दा उठाया था, लेकिन तब भी चीन ने अपना रवैया बदलने से इनकार कर दिया था। कौन है मसूद अजहर? - जैश-ए-मोहम्मद का सरगना है मसूद अजहर। जैश पाकिस्तान सपोर्टेड आतंकी संगठन है। - अजहर इस साल जनवरी में पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड भी है। - यूएन की 1267 कमेटी की लिस्ट में अजहर का नाम शामिल हो जाने से उसकी संपत्तियां जब्त हो जाएंगी और उसकी यात्रा पर भी रोक लग जाएगी। - उड़ी टेरर अटैक के बाद भारत, अमेरिका और अन्य देशों के साथ मिलकर पाक पर आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव बना रहा है। - इसी साल 18 सितंबर को हुए उड़ी टेरर अटैक में 19 भारतीय जवानों की मौत हो गई थी। इसमें भी जैश का हाथ सामने आया है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, क्या है 1267 कमेटी? चीन से बॉर्डर डिस्प्यूट पर कहां तक पहुंची बात...

जरूरत पड़ी तो PAK में घुसकर सभी आतंकी नेटवर्क को खत्म कर देंगे: US की वॉर्निंग

जरूरत पड़ी तो PAK में घुसकर सभी आतंकी नेटवर्क को खत्म कर देंगे: US की वॉर्निंग

Last Updated: October 23 2016, 13:41 PM

वॉशिंगटन. अमेरिका ने पाकिस्तान को वॉर्निंग दी है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह खुद पाक में घुसकर सभी आतंकी नेटवर्क को खत्म कर देगा। यह चेतावनी यूएस के टेररिज्म और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस के एक्टिंग अंडर सेक्रेटरी एडम जुबिन ने दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाहती है। बता दें कि उड़ी आतंकी हमले के बाद इंडियन आर्मी ने 28-29 सितंबर की दरमियानी रात पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक कर 40 आतंकियों को मार गिराया था। इसके साथ ही भारत सरकार ने इंटरनेशनल लेवल पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने का दबाव भी बना रखा है। दोनों देशों के बीच बिगड़े माहौल से अमेरिका चिंतित है। अमेरिका ने और क्या कहा... - जुबिन ने शनिवार को वॉशिंगटन में एक इवेंट में कहा- प्रॉब्लम यह है कि पाकिस्तान सरकार में मौजूद कुछ ताकतें, खासकर- आईएसआई देश में एक्टिव सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाहती। - इसीलिए हम पाकिस्तान में अपने सहयोगियों से लगातार यह कह रहे हैं कि देश में ऑपरेट सभी आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कदम उठाया जाए। - अमेरिका इस काम में पाकिस्तान की मदद करने को तैयार है। आतंकवादियों के खिलाफ अभियान में यूएस PAK के साथ - जुबिन ने यह भी कहा कि- इस बात को लेकर कोई शक नहीं होना चाहिए कि हम आतंकवादियों के खिलाफ अभियान में पाकिस्तान सरकार के साथ हैं। - लेकिन इसके बावजूद अगर पाकिस्तान में सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी तो अमेरिका खुद उन्हें खत्म करने से नहीं हिचकेगा। आतंकवाद के चलते पाकिस्तान पिछड़ा - पॉल एस नित्जे स्कूल ऑफ एडवांस इंटरनेशनल स्टडीज में जुबिन ने कहा- आतंकवाद से मुकाबला के लिए अमेरिका पाकिस्तान का अहम साझीदार है। - पाकिस्तान खुद भी क्रूर आतंकी हमलों से पीड़ित है, वहां स्कूल्स, मार्केट और मस्जिदों पर हमले जारी हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है। - इस हिंसा के पीछे पाकिस्तान की ही कुछ ताकतों का हाथ है। इसने देश को पीछे धकेल दिया है। नॉर्थ-वेस्ट पाकिस्तान को सेफ हेवन बनने से रोका - जुबिन ने कहा- हालांकि नॉर्थवेस्ट पाकिस्तान को आतंकियों का सेफ हेवन बनने से रोकने में सफलता मिली है। - वहां ISIL के नाम से एक आतंकी संगठन एक्टिव था जो अब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को फंडिंग कर रहा है। - आईएसआई की तरफ से आतंकी संगठनों को सपोर्ट अभी भी जारी है। अमेरिका इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।

PAK ने नौशेरा में की 5 घंटे फायरिंग, सर्जिकल स्ट्राइक के बाद 28th बार तोड़ा सीजफायर

PAK ने नौशेरा में की 5 घंटे फायरिंग, सर्जिकल स्ट्राइक के बाद 28th बार तोड़ा सीजफायर

Last Updated: October 18 2016, 12:55 PM

जम्मू. पाकिस्तान ने एक बार फिर एलओसी पर सीजफायर वॉयलेशन किया है। जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में उसने सोमवार रात 8:30 बजे फायरिंग शुरू की, जो आधी रात 1:30 बजे तक जारी रही। भारतीय जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। आर्मी के एक सीनियर अफसर के मुताबिक, पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाक ने एलओसी पर अब तक 28 बार सीजफायर का वॉयलेशन किया है। नौशेरा में 3 दिन में दूसरी बार सीजफायर वॉयलेशन... - जम्मू-कश्मीर के डिफेंस डिपार्टमेंट के पीआरओ ने बताया कि राजौरी डिस्ट्रिक्ट के नौशेरा में पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग के अलावा 82 mm के मोटार्स भी दागे गए। - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इसमें जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। - सोर्सेस के मुताबिक, नौशेरा सेक्टर में पाक ने तीन दिनों में दूसरी बार सीजफायर वॉयलेशन किया है। - इससे पहले, बीते रविवार को पाकिस्तान की तरफ से हुई फायरिंग में एक भारतीय जवान शहीद हो गया था। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हुए आतंकी हमले 1. शोपियां, 11 अक्टूबर: आतंकवादियों ने मंगलवार सुबह सीआरपीएफ की टुकड़ी पर ग्रेनेड से हमला किया। इसमें दो जवानों समेत 6 लोग घायल हो गए। 2. पंपोर, 10 अक्टूबर: आतंकियों ने सबसे पहले सीआरपीएफ के जवानों पर फायरिंग की। इसके बाद वे जेकेईडीआई की बिल्डिंग में आकर छिप गए। इस हमले में एक जवान जख्मी हो गया। 3. शोपियां, 8 अक्टूबर: आतंकवादियोंं ने पुलिस पोस्ट पर हमला किया। इसमें एक पुलिस जवान शहीद हो गया। हमले में कितने आतंकवादी शामिल थे, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। 4. कुपवाड़ा, 6 अक्टूबर: कुपवाड़ा के हंदवाड़ा स्थित लंगेट में आर्मी कैम्प पर आतंकवादियों ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकी मारे गए। आतंकवादियों के पास पाकिस्तान में बनी दवाइयां और दूसरे सामान मिले। आर्मी ने आतंकियों के खिलाफ यहां 6 घंटे ऑपरेशन चलाया। 5. बारामूला, 2 अक्टूबर: सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आतंकवादियों ने बारामूला में बीएसएफ और आर्मी के कैम्प को निशाना बनाया। इस हमले में एक जवान शहीद हो गया और एक जवान जख्मी हो गया। हमला करने के बाद आतंकी भागने में सफल रहे। ऐसा कहा जा रहा है कि इस हमले को 3 से 4 आतंकवादियों ने अंजाम दिया था। 6. जकूरा (श्रीनगर), 14 अक्टूबर: सशस्त्र सीमा बल (SSB) की पैट्रोलिंग पार्टी पर आतंकी हमला, 1 जवान शहीद, 8 घायल। 7. तूतीगुंड (हंदवाड़ा), 15 अक्टूबर: जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में शनिवार रात आतंकियों ने एक पुलिस गाड़ी पर फायरिंग की। हमला तूतीगुंड में हुआ था। हालांकि, जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। कब और क्यों हुई थी सर्जिकल स्ट्राइक? - 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में इंडियन आर्मी के बेस पर 4 आतंकियों ने हमला किया था। - इस हमले में आर्मी के 18 जवान शहीद हो गए थे, जबकि 2 अन्य जवानों ने बाद में दम तोड़ा था। - उड़ी अटैक के बाद इंडियन आर्मी ने 28-29 सितंबर की दरमियानी रात सर्जिकल स्ट्राइक की प्लानिंग की और पीओके में कार्रवाई को अंजाम दिया। इसमें 40 आतंकी मारे गए। 7 लॉन्चिंग पैड तबाह कर दिए गए।

कश्मीर मुद्दे ने बिगाड़ा माहौल, भारत गंभीरता दिखाए तो PAK बातचीत के लिए तैयार: शरीफ

कश्मीर मुद्दे ने बिगाड़ा माहौल, भारत गंभीरता दिखाए तो PAK बातचीत के लिए तैयार: शरीफ

Last Updated: October 15 2016, 18:35 PM

इस्लामाबाद. नवाज शरीफ ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान, भारत से बातचीत के लिए तैयार है बशर्ते नई दिल्ली कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए गंभीरता दिखाए। पाकिस्तान के पीएम ने यह भी कहा कि, कश्मीर इश्यू के चलते ही रीजन में माहौल बिगड़ा है। और क्या कहा शरीफ ने... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शरीफ ने कहा- कश्मीर मुद्दे का हल यूएन सिक्युरिटी काउंसिल के रिजोल्यूशंस के तहत ही निकाला जाना चाहिए। - भारत को इन रिजोल्यूशंस को लेकर गंभीरता और इनके सम्मान के प्रति कमिटमेंट दिखाना चाहिए। - पाक के पीएम ने कहा- पाकिस्तान कश्मीर इश्यू को शांति के साथ हल करने के लिए कमिटेड है। अगर भारत गंभीरता दिखाता है तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं। - शरीफ ने अजरबैजान की राजधानी बाकू में अपना 3 दिन का दौरा खत्म होने के मौके पर मीडिया से बातचीत में यह कहा। - बता दें कि शरीफ का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब दोनों देशों के रिश्तों में तनाव चरम पर पहुंच गया है। उड़ी हमले में भारत ने 6 घंटों में ही आरोप लगा दिया - शरीफ ने यह भी कहा कि, पाकिस्तान ने भारत को विवादित मामलों पर बायलैट्रल बातचीत का कई बार ऑफर दिया, लेकिन नई दिल्ली का रवैया ठीक नहीं रहा। - पीएम नवाज शरीफ ने भारत के उड़ी में आर्मी बेस पर आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराए जाने पर अफसोस जताया। - कहा- भारत ने घटना की जांच किए बिना हमले के 6 घंटों के अंदर ही पाकिस्तान पर आरोप लगा दिया। जबकि LoC से कोई घुसपैठ हुई ही नहीं। क्या है उड़ी आतंकी हमला? - 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में इंडियन आर्मी के बेस पर 4 आतंकियों ने हमला किया था। - इस हमले में आर्मी के 18 जवान शहीद हो गए थे, जबकि 2 अन्य जवानों ने बाद में दम तोड़ा था। - आर्मी की जवाबी कार्रवाई में चारों आतंकी मारे गए थे। - एनआईए को जांच में पाक सपोर्टेड टेरर ग्रुप के इस हमले में हाथ होने के साफ सबूत मिले हैं। - आतंकियों के पास से पाक में बनी दवाइयां बरामद हुई थीं। - हमले के कुछ दिनों बाद ये सबूत पाकिस्तान के नई दिल्ली में मौजूद हाई कमिश्नर को सौंप दिए गए थे। इंडियन आर्मी ने PoK में की थी सर्जिकल स्ट्राइक, 40 आतंकी मारे - उड़ी अटैक के बाद इंडियन आर्मी ने सर्जिकल स्ट्राइक की प्लानिंग की और पीओके में कार्रवाई की। - सर्जिकल स्ट्राइक को 28-29 सितंबर की दरमियानी रात अंजाम दिया गया। इसमें पीओके में आतंकियों के 7 लॉन्चिंग पैड तबाह कर दिए गए। - सर्जिकल स्ट्राइक में 40 आतंकी मारे गए। जिसमें लश्करे-तैयबा के सबसे ज्यादा 20 आतंकी शामिल थे। - उड़ी आतंकी हमले में लश्कर का ही हाथ सामने आया है।

अब पूर्व गृहमंत्री शिंदे ने कहा: UPA काल में 2-3 बार हए थे सर्जिकल स्ट्राइक

अब पूर्व गृहमंत्री शिंदे ने कहा: UPA काल में 2-3 बार हए थे सर्जिकल स्ट्राइक

Last Updated: October 13 2016, 18:10 PM

मुंबई: सर्जिकल स्ट्राइक पर सियासत रुकने का नाम नहीं ले रही है। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने दावा किया है कि यूपीए के शासनकाल में भी 2-3 सर्जिकल स्ट्राइक किए गए थे। पवार भी कर चुके हैं दावा...     - एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए शिंदे ने कहा कि, यूपीए शासन में भी सर्जिकल स्ट्राइक किए गए थे लेकिन इसके बारे में तथ्यों का खुलासा नहीं किया गया और ना ही किया जाना चाहिए। - इनसे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा था कि, उनके रक्षा मंत्री रहते 4 बार सर्जिकल स्ट्राइक किए गए थे।   रक्षामंत्री ने खारिज किया यह दावा   - सर्जिकल स्ट्राइक के 13 दिन बाद बुधवार को मनोहर पर्रिकर ने कांग्रेस और एनसीपी के दावों को खारिज करते हुए कहा था,- 'मैं 2 साल से ज्यादा वक्त से डिफेंस मिनिस्टर हूं और जहां तक मुझे पता है कि इससे पहले कभी सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुआ।' - 'दुश्मन ने हमें हजार घाव दिए, देश के 127 करोड़ लोगों पर यह एक बोझ था।' - डिफेंस मिनिस्टर ने यह भी कहा कि, 'इस बारे में फैसला करने और इसकी योजना बनाने का ज्यादा क्रेडिट पीएम को जाता है। मैंने तो सिर्फ उनका साथ दिया।' - 'पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को खत्म करने का क्रेडिट आर्मी को जरूर मिलना चाहिए।' - 'जिन लोगों को सर्जिकल स्ट्राइक पर शक है, वह भी इसका क्रेडिट ले सकते हैं, मुझे देश के हर नागरिक से क्रेडिट शेयर करने में कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि सर्जिकल स्ट्राइक को हमारी आर्म्ड फोर्सेज ने अंजाम दिया, न कि किसी पॉलिटिकल पार्टी ने। मेरे बयान से ज्यादातर लोगों को संतुष्टि मिल जानी चाहिए।' - पर्रिकर ने यह भी कहा था कि- 'ऑफिशियल ऑर्डर लिए बगैर और सरकार की मंजूरी लिए बिना ऑपरेशन पहले किए जाते रहे हैं। लोकल कमांडर उन्हें किसी की जानकारी में लाए बिना अंजाम देते रहे हैं।'  - 'लेकिन इस बार सर्जिकल स्ट्राइक किया गया, पहले इसका फैसला किया गया और फिर बाद में इसकी जानकारी भी दी गई। यह एक ऐसा ऑपरेशन था जिससे साफ तौर पर सरकार और देश के इरादे का पता चला।'

पहले नहीं हुआ सर्जिकल स्ट्राइक, हजार जख्म मिले, 127 Cr लोगों पर एक बोझ था: पर्रिकर

पहले नहीं हुआ सर्जिकल स्ट्राइक, हजार जख्म मिले, 127 Cr लोगों पर एक बोझ था: पर्रिकर

Last Updated: October 12 2016, 22:01 PM

मुंबई. सर्जिकल स्ट्राइक के 13 दिन बाद बुधवार को मनोहर पर्रिकर ने नया बयान दिया। बोले- मैं 2 साल से ज्यादा वक्त से डिफेंस मिनिस्टर हूं और जहां तक मुझे पता है कि इससे पहले कभी सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुआ। दुश्मन ने हमें हजार घाव दिए, देश के 127 करोड़ लोगों पर यह एक बोझ था। डिफेंस मिनिस्टर ने यह भी कहा कि, इस बारे में फैसला करने और इसकी योजना बनाने का ज्यादा क्रेडिट पीएम को जाता है। मैंने तो सिर्फ उनका साथ दिया। बता दें कि अपोजिशन के कई नेताओं ने इस मामले में सरकार पर क्रेडिट लेने का आरोप लगाया है। और क्या बोले पर्रिकर... - मुंबई में MET 2016 (मटीरियल्स इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी) कॉन्फ्रेंस में पर्रिकर ने कहा- पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को खत्म करने का क्रेडिट आर्मी को जरूर मिलना चाहिए। - जिन लोगों को सर्जिकल स्ट्राइक पर शक है, वह भी इसका क्रेडिट ले सकते हैं, मुझे देश के हर नागरिक से क्रेडिट शेयर करने में कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि सर्जिकल स्ट्राइक को हमारी आर्म्ड फोर्सेज ने अंजाम दिया, न कि किसी पॉलिटिकल पार्टी ने। मेरे बयान से ज्यादातर लोगों को संतुष्टि मिल जानी चाहिए। सर्जिकल स्ट्राइक से सरकार और देश के इरादे का पता चला - पर्रिकर ने कहा- ऑफिशियल ऑर्डर लिए बगैर और सरकार की मंजूरी लिए बिना ऑपरेशन पहले किए जाते रहे हैं। लोकल कमांडर उन्हें किसी की जानकारी में लाए बिना अंजाम देते रहे हैं। - लेकिन इस बार सर्जिकल स्ट्राइक किया गया, पहले इसका फैसला किया गया और फिर बाद में इसकी जानकारी भी दी गई। यह एक ऐसा ऑपरेशन था जिससे साफ तौर पर सरकार और देश के इरादे का पता चला। - इससे पहले पिछले हफ्ते गुरुवार को लखनऊ में पर्रिकर ने कहा था- हमारी फोर्सेज की बहादुरी पर कभी किसी को शक नहीं रहा, लेकिन पहली बार कुछ लोगों ने शक जताया है, इसे लेकर एक रेस दिखाई पड़ रही है। - कुछ लोग सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांग रहे हैं, उन्हें डर है कि मोदी की इमेज इससे और स्ट्रॉन्ग होगी। दोस्ती के हाथ को कमजोरी समझा जा रहा था - पर्रिकर ने भारत की रक्षा क्षमताओं की मजबूती प्रोग्राम में कहा- दुश्मन ने हमें हजार घाव दिए, 127 करोड़ लोगों और 13.5 लाख आर्मी के लोगों पर यह एक बोझ था। - देश के 127 करोड़ लोगों और आर्म्ड फोर्सेज ही इसके क्रेडिट के लायक हैं। - पीएम मोदी ने बेहतर रिश्ते बनाने का पड़ोसी को मौका दिया था। हमारी दोस्ती के हाथ को हमारी कमजोरी समझा जा रहा था और अब उन्हें (पाक) जवाब दे दिया गया है। 30 साल का गुस्सा 29 सितंबर को निकला - डिफेंस मिनिस्टर बोले- हमें खुद को उस लेवेल तक मजबूत करना चाहिए जहां कोई हमें चुनौती देने की हिम्मत न कर सके। - आतंकवाद एक मुद्दा है, मुझे लगता है कि यह नॉन स्टेट एक्टर की तरफ से चलाया जा रहा एक प्रॉक्सी वॉर है, एक गुप्त ऑपरेशन जैसा है। सर्जिकल स्ट्राइक से हमारे दुश्मनों की मानसिकता बदलेगी, अब वे सोचेंगे कि भारत के बारे में पहले से कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता। - 30 साल का गुस्सा 29 सितंबर को निकला, उस दिन हमने जो किया, उससे दुश्मन को पता चल गया कि भारत अब बर्दाश्त नहीं करेगा। ताकतवर बनना युद्ध टालने की शर्त - पर्रिकर ने कहा- देश को यह समझने की जरूरत है कि ताकतवर बनना युद्ध टालने की शर्त है। शांति और युद्ध टालने के इस तरीके को कमजोरी नहीं बनाना चाहिए। - हमें युद्ध पसंद नहीं है, क्योंकि इससे आर्थिक दिक्कतें पैदा होती हैं। हालांकि भारत ने बाकी देशों के रूल को कभी पसंद नहीं किया और यही हमारी महानता है। कांग्रेस ने पहले क्या किया था दावा? - आर्मी की तरफ से पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में खुलासा होने के बाद कांग्रेस स्पोक्सपर्सन रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा था कि- यूपीए सरकार के दौरान भी 3 बार सर्जिकल स्ट्राइक हुए थे। लेकिन उस वक्त सरकार ने देश की सुरक्षा के हित में इसका दावा नहीं किया था। - हमें गर्व है कि सेना ने 1 सितंबर 2011, 28 जुलाई 2013 और 14 जनवरी 2014 को इन सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था। अपोजिशन बोला- माफी मांगें पर्रिकर - पर्रिकर के बयान पर कांग्रेस स्पोक्सपर्सन रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को कहा- सेना की कार्रवाई का श्रेय लेने के बयान पर पर्रिकर माफी मांगें। - वह झूठ बोल रहे हैं। आर्म्ड फोर्सेज ने 1947, 1966, 1971 के युद्ध में भी सर्जिकल स्ट्राइक किया था। 2011 का ऑपरेशन जिंजर भी सर्जिकल स्ट्राइक था। - बीजेपी ने राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे का राजनीतिकरण कर दिया है। - देश का कोई रक्षा मंत्री ऐसा बयान कैसे दे सकता है, यह अपने आप में आश्चर्यचकित करने वाला है। - कांग्रेस लीडर मनीष तिवारी ने कहा- पर्रिकर का व्यवहार एक मिनिस्टर जैसा नहीं है। वे रक्षा मंत्री की पोस्ट के लायक नहीं हैं। - आप लीडर आशुतोष ने ट्वीट कर कहा- पर्रिकर को झूठ नहीं बोलना चाहिए। उन्हें सर्जिकल स्ट्राइक का क्रेडिट आर्मी से छीनने के लिए माफी मांगनी चाहिए। राहुल, केजरीवाल ने क्या कहा था? - राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक के बाद नरेंद्र मोदी पर शहीदों के खून की दलाली करने का आरोप लगाया था। - राहुल ने कहा था- हमारे जवानों ने अपना खून दिया है जम्मू-कश्मीर में। जिन्होंने हिंदुस्तान के लिए सर्जिकल स्ट्राइक किया है, उनके खून के पीछे आप छुपे हुए हो। उनकी आप दलाली कर रहे हो। ये बिल्कुल गलत है। हिंदुस्तान की सेना ने हिंदुस्तान का काम किया है। आप अपना काम कीजिए। - कांग्रेस के दो और नेताओं ने भी बयान दिए थे। संजय निरुपम ने कहा- हर भारतीय चाहता है कि पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक हो, लेकिन फर्जी नहीं, जैसा कि बीजेपी ने सियासी फायदे के लिए किया है। - दिग्विजय सिंह ने कहा- सेना की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। सरकार सबूत दे। - दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था- जर्नलिस्ट्स को एलओसी पर ले जाकर पाकिस्तान दिखा रहा है कि देखो, सर्जिकल स्ट्राइक हुआ ही नहीं है। पीएम से अपील है कि इसके सबूत देकर पाक के झूठे कैम्पेन को बेनकाब करें। मोदी ने पार्टी नेताओं को पीठ थपथपाने से किया था मना - नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपनी पार्टी के नेताओं से सर्जिकल स्ट्राइक पर बयानबाजी करने और पोस्टर लगाकर पीठ थपथपाने से मना किया था। - इसके पहले, राजनाथ सिंह ने कहा था- पीएम मोदी ने दुनिया को दिखा दिया है कि भारत कमजोर देश नहीं है। - अमित शाह ने कहा था- पीएम मोदी की राजनीतिक दृढ़ इच्छाशक्ति की वजह से यह स्ट्राइक 100 फीसदी परफेक्ट रही। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, पीओके में क्या कार्रवाई की थी इंडियन आर्मी ने...

Flicker