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विद्या बालन

सलमान के कपड़े सिलता है ये शख्स, कहा- वो ये पहने तो हो जाते हैं बीमार

सलमान के कपड़े सिलता है ये शख्स, कहा- वो ये पहने तो हो जाते हैं बीमार

Last Updated: April 26 2017, 11:41 AM

चंडीगढ़. सलमान खान के पर्सनल डिजाइनर एशले रिबेलो ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। चंडीगढ़ आए रिबेलो ने कहा है कि अगर सलमान खान प्योर वूल से बना कुछ भी पहन लें तो बीमार पड़ जाते हैं। प्योर वूल उन्हें शूट नहीं करता। वैसे उनकी कपड़ों के मामले में कोई खास च्वाइस नहीं हैं। और क्या कहा एशले ने... एशले रिबेलो ने कहा कि - मैंने कुछ डिजाइन किया हो अौर वो सलमान को पसंद ही न आया हो ऐसा कभी हुआ ही नहीं। अब तक मैंने सलमान को जो कुछ भी बनाकर दिया, उन्होंने उसे खुशी से पहन लिया। किसी चीज की शिकायत नहीं करते। दस साल हो गए हैं उन्हें स्टाइल करते हुए। उनकी कभी कपड़ों में किसी तरह की फरमाइश नहीं रही। सॉफ्ट कपड़े ज्यादा भाते हैं सलमान कोः एशले - एशले रिबेलो सलमान के पर्सनल स्टाइलिस्ट व मशहूर डिजाइनर हैं। वे कहते हैं कि जब भी कभी उनकी डिमांड पूछी है तो वह यही कहा- एेशले, तुम्हें पता है कि क्या अच्छा लगेगा। इसलिए मैं उसके मुताबिक ही उनकी डिजाइनिंग करता हूं। - बस, सलमान से जुड़ी दो तीन बातें ख्याल में रखनी पड़ती है। जैसे उन्हें सॉफ्ट कपड़े ज्यादा अच्छे लगते हैं। चुभन वाले फेब्रिक से उन्हें इरिटेशन होता है। प्योर वूल से वह बीमार हो जाते हैं। ऐसे कपड़े डिजाइन करता हूं कि वे 20 साल के युवा लगे... - कोशिश रहती है सलमान की एकदम सिंपल ड्रेस हो। उनकी उम्र के मुताबिक लगे। - बिल्कुल वैसे जैसे 20 साल का युवा। इसलिए हर बार उन्हें सूट्स में डिजाइन करने मेंं मजा आता है। रही मेरी खुद की डिजाइनिंग की बात तो मैं अपने कपड़ों को खुद स्टिच नहीं करवाता। बल्कि मैं टेलरमेड कपड़ों को त्वज्जो देता हूं। - यूं किसी भी ब्रैंड के कपड़े चुन लेता हूं। जैसे शर्ट, जींस और शूज। अपनी वॉडरोब क्लेक्शन का तो पता नहीं कि उसमें शर्ट्स कितनी होंगी। लेकिन हां, मेरे पास लगभग 60 शूज के पेयर जरूर होंगे। - मौजूदा डिजाइंस की बात करूं तो अब 60 और 70 के दशक के जमाने की चीजें ट्रेंड में वापस आ रहा है। जैसे रैट्रो प्रिंट, डिजाइनर पैंट्स। इससे ही नई लुक फिर से क्रिएट कर जा रही हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...

9 हजार Sq Ft में बनी हवेली में शूट हुई है 'बेगम जान', देखें Location की Photos

9 हजार Sq Ft में बनी हवेली में शूट हुई है 'बेगम जान', देखें Location की Photos

Last Updated: April 21 2017, 00:01 AM

मुंबई. बंटवारे के बैकड्रॉप पर बेस्ड विद्या बालन स्टारर फिल्म बेगम जान रिलीज हो चुकी है। फिल्म की कहानी बेगम जान के वैश्यालय उर्फ हवेली की है जो भारत-पाकिस्तान के बॉर्डर के बीचोंबीच है। ऐसे बंटवारे के चलते इसे टूटने से बचाने की जद्दोजहद को फिल्म में दिखाया गया है। देखा जाए तो ना सिर्फ फिल्म की कहानी बल्कि शूटिंग का अट्रेक्शन प्वाइंट भी हवेली रही है। हाल ही में dainikbhaskar.com ने हवेली के डिजाइनर शाश्वती कर्माकर और मृदुल बैद्य से खास बातचीत की। जिसमें हमने जाना कैसे 9 हजार स्क्वायर फीट की हवेली को डिजाइन किया गया। पेश हैं बातचीत के खास अंश। 9 हजार स्क्वायर फीट में बनी 7 कमरों की हवेली... शाश्वती बताती हैं, फिल्म में जो हवेली दिखाई है। वो 9 हजार स्क्वायर फिट की है। हवेली में 7 कमरे, बड़ा टैरेस और आंगन था। हवेली के पांच कमरों को यूज शूटिंग के लिए किया गया। बाकी दो में शूटिंग का सामान रखा गया था। इसे बनाने में पूरे 45 दिन का समय लगा था। हवेली को बनाने में काफी मेहनत लगी क्योंकि इसे दो बार बनाना पड़ा। दरअसल एकदम खुला एरिया होने के कारण वहां हवा काफी चलती थी। ऐसे में बवंडर के कारण दो बार हवेली धराशायी हो गई थी। जिसके बाद हमें हवेली दोबारा खड़ी करनी पड़ी थी। कोलकाता से खरीदा विद्या का हुक्का शाश्वती आगे बताती हैं, दिल्ली से फुलकारी वाली बेडशीट्स खरीदी गईं जबकि फिल्म में अट्रेक्शन प्वॉइंट बना विद्या बालन का हुक्का कोलकाता से खरीदा गया था। हवेली को सजाने के लिए हमने राजस्थान, कोलकाता, चेन्नई और दिल्ली के बाजारों में काफी मेहनत की। यहां ये हमने हवेली को प्रोपर 1947 के दौर का दिखाने के लिए काफी सारा सामान खरीदा। फिल्म की शूटिंग के लिए श्रीजीत मुखर्जी झारखंड के आउटर एरिया को सिलेक्ट किया था। उन्होंने बॉर्डर के कई सारे फोटोज लिए थे जो झारखंड की एक लोकेशन से मैच किए। इस लोकेशन पर रेगिस्तान भी था और पहाड़ियां भी। यही वजह रही कि इस एरिया से एक्चुअल बॉर्डर लुक आया। आखिर में आग के हवाले कर दी गई हवेली फिल्म में एक सीन है जब हवेली आग के हवाले हो जाती है। इसके लिए हमने सेट(हवेली) का पूरा जला दिया था ताकि रियल इफेक्ट लगे। वहां ये लोकल लोगों को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आई थी क्योंकि वो इसे यहां रखता चाहते थे। हवेली लोगों के लिए नेशनल हैरिटेज की तरह थी। मुझे याद है जिस दिन हवेली जलाने की शूट था बड़ी संख्या में लोग यहां इकट्ठे हुए थे ताकि वो आखिरी बार इस हवेली को देख सकें। अगर आप अब उस जगह जाते हैं तो आपको वहां कोई हिंट भी नहीं मिलेगी कि यहां बेगमजान का घर था। आगे की स्लाइड्स में देखें हवेली तैयार होने के दौरान की 8 LOCATION PHOTOS...

Photos: अगर बने 'महाभारत' का बॉलीवुड वर्जन तो कुछ ऐसी होगी Starcast

Photos: अगर बने 'महाभारत' का बॉलीवुड वर्जन तो कुछ ऐसी होगी Starcast

Last Updated: April 19 2017, 15:18 PM

मुंबई: मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल महाभारत पर 1000 करोड़ की फिल्म बनाने जा रहे हैं। उन्होंने ऑफिशियल अनाउंसमेंट कर दिया है कि वो जल्द ही 5 पांडवों में से एक भीम के एंगल से महाभारत की कहानी शुरू करेंगे। भले ही महाभारत जैसे विषय पर कई टीवी शोज और फिल्में बनी हों। लेकिन सबसे ज्यादा पॉपुलर बीआर चोपड़ा की महाभारत (1988) रही। सोचिए अगर महाभारत के कैरेक्टर यानी कृष्ण, भीष्म, दुर्योधन, अर्जुन और शकुनी जैसे किरदार बॉलीवुड स्टार्स प्ले करें तो कौन इनके रोल में परफेक्ट बैठेगा? इस पैकेज में हमने महाभारत के बॉलीवुड वर्जन में सबसे सटीक जंचने वाले चेहरों को चुना है। अब आप खुद तय कर सकते हैं कि वे इस किरदार में कितने फिट बैठते हैं। मसलन, महाभारत में भीष्म पितामह का किरदार मुकेश खन्ना ने किया था। अगर इसके बॉलीवुड वर्जन की बात करें तो इसके लिए सबसे परफेक्ट नाम अमिताभ बच्चन ही हो सकते हैं। आगे की स्लाइड्स पर देखें, महाभारत के बॉलीवुड वर्जन में कौन-से स्टार्स फिट बैठेंगे...

विद्या बालन स्टारर 'बेगम जान' ने रिलीज के पहले दिन किया 3.50 करोड़ का कलेक्शन

विद्या बालन स्टारर 'बेगम जान' ने रिलीज के पहले दिन किया 3.50 करोड़ का कलेक्शन

Last Updated: April 17 2017, 11:43 AM

मुंबई। विद्या बालन स्टारर फिल्म बेगम जान सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और सोर्स की मानें तो बॉक्स ऑफिस पर इसका नेट कलेक्शन 3.50 करोड़ रहा। गौरतलब है कि बेगम जान श्रीजीत मुखर्जी की बंगाली फिल्म राजकहीनी पर बेस्ड हिंदी फिल्म है, जो इंडिया के करीब 900-1100 स्क्रीन्स पर रिलीज की गई है। इस फिल्म में विद्या बालन के साथ नसीरुद्दीन शाह , गौहर खान , आशीष विद्यार्थी , पल्लवी शारदा, रंजीत कपूर भी मुख्य भूमिका में नजर आए हैं।

Interview: विद्या बालन ने बताया 'बेगम जान' के रोल के लिए कैसे की तैयारी

Interview: विद्या बालन ने बताया 'बेगम जान' के रोल के लिए कैसे की तैयारी

Last Updated: April 16 2017, 16:42 PM

मुंबई. विद्या बालन स्टारर फिल्म बेगम जान; बीते शुक्रवार रिलीज हो चुकी है। डायरेक्टर श्रीजीत मुखर्जी की यह फिल्म उन्हीं के डायरेक्शन में बनी बंगाली मूवी राजकाहिनी; का हिंदी रीमेक है, जिसमें विद्या वाला रोल ऋतुपर्णा सेनगुप्ता ने किया था। बेगम जान; की कहानी और इसमें विद्या के रोल के लिए DB पोस्ट ने उनसे खास बातचीत की। जानते हैं विद्या ने क्या बताया... - विद्या के मुताबिक, बेगम जान उनके करियर में अब तक निभाए गए रोल्स में से सबसे पावरफुल रोल है। - वे कहती हैं, बेगम जान किसी की परवाह नहीं करती। उसकी ताकत उसके अंदर है। वह किसी बात से शर्मिंदा नहीं होती। वह सेक्स ट्रेड से नाखुश है, क्योंकि यहां रोज बिजनेस की गुंजाइश नहीं है। -बेगम स्टैंड लेती है और अपनी लड़ाई खुद लड़ती है। सर्दी हो या गर्मी, वह मजबूत स्तंभ की तरह खड़ी है। - रोल के लिए विद्या ने कोई रिसर्च नहीं की। क्योंकि स्क्रिप्ट कम्प्लीट थी और रोल को प्रॉपर तरीके से समझाया गया था। लेकिन कुछ समय पहले उन्होंने राजकाहिनी देखी थी और उसे अपने दिमाग में बिठा लिया था। महिलाएं पावर में हों तो उन्हें जज किया जाता है - विद्या ने आगे कहा, जब महिलाएं पावर में होती हैं तो उन्हें जज किया जता है। लेकिन पुरुषों की सत्ता को एक्सेप्ट कर लिया जाता है। - विद्या के मुताबिक, उन्होंने कॉर्पोरेट वर्ल्ड में महिलाओं को सक्सेसफुल होने के बावजूद टॉप पर अकेला ही महसूस किया है। 21वीं सदी की कॉर्पोरेट फिल्म नहीं है बेगम जान - विद्या आगे कहती हैं कि बेगम जान 21वीं सदी की कॉर्पोरेट फिल्म नहीं है, जिसमें एक महिला पुरुषों के समाज में अपनी शक्ति को पहचानने के लिए स्ट्रगल करती है। - विद्या का कैरेक्टर गुरदासपुर के एक कोठे की मालकिन का है, जो पार्टीशन का विरोध करती है। - वे कहती हैं, यह बहुत खूबसूरत कहानी है। मैं इससे और इसकी स्क्रिप्ट से प्रभावित हुई हूं। कैरेक्टर में मुझे जो सबसे ज्यादा पसंद आया, वह है कि आज के दौर में जहां सक्सेसफुल होने के बाद महिलाएं अफ़सोस महसूस करती हैं। वहीं, बेगम जान में मेरी बॉडी, मेरा घर, मेरा देश और मेरे नियम कहने का पावर है।

जीनत अमान से करीना तक, फिल्मों में प्रॉस्टिट्यूट बन चुकी हैं ये 17 एक्ट्रेस

जीनत अमान से करीना तक, फिल्मों में प्रॉस्टिट्यूट बन चुकी हैं ये 17 एक्ट्रेस

Last Updated: April 16 2017, 14:29 PM

मुंबई। विद्या बालन की मोस्ट अवेटेड फिल्म बेगम जान 14 अप्रैल को रिलीज हो गई। यह बांग्ला मूवी राजकाहिनी का रीमेक है, जिसमें बेगम जान यानी विद्या बालन ने तवायफों के कोठे की मालकिन का रोल प्ले किया है। वैसे, यह पहला मौका नहीं है जब किसी एक्ट्रेस ने फिल्म में तवायफ या वेश्या (प्रॉस्टिट्यूट) का किरदार निभाया है। 1974 में आई फिल्म मनोरंजन में जीनत अमान के रोल से लेकर 2004 में आई करीना कपूर की फिल्म चमेली तक में एक्ट्रेस ने ऐसे रोल प्ले किए। इस पैकेज में हम बता रहे हैं बॉलीवुड की ऐसी ही 20 फिल्मों के बारे में, जिनमें एक्ट्रेस ने प्रॉस्टिट्यूट का रोल किया। आगे की 18 स्लाइड्स में देखें, फिल्मों में प्रॉस्टिट्यूट का रोल कर चुकीं बाकी एक्ट्रेसेस को...

विद्या बालन ने कहा- 'बेगम जान' में गाली-गलौच और मारपीट मैंने खूब एन्जॉय की

विद्या बालन ने कहा- 'बेगम जान' में गाली-गलौच और मारपीट मैंने खूब एन्जॉय की

Last Updated: April 15 2017, 19:10 PM

मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन ने कहानी 2 के बाद अब बेगम जान से बड़े पर्दे पर वापसी की है। इस मूवी में विद्या ने कोठे की मालकिन का रोल प्ले किया है। नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली एक्ट्रेस कहती हैं कि उन्होंने ये ग्रे कैरेक्टर बहुत एन्जॉय किया है। विद्या कहती हैं ये रोल इतना आसान नहीं था। इसके लिए डायरेक्टर श्रीजीत ने कहा- रोल में फिट बैठने के लिए मुझे एब्यूसिव लैंग्वेज यूज करने से लेकर स्लेपिंग और किकिंग भी करना है, ताकि बार-बार रीटेक करने की नौबत न आए। इसके लिए मैंने अपना पूरा फोर्स लगा दिया, क्योंकि इसमें मुझे फिजिकली भी पावरफुल दिखना था।

'बेगम जान' में विद्या बालन ने बोले हैं ऐसे डायलॉग्स, गालियों को किया एन्जॉय

'बेगम जान' में विद्या बालन ने बोले हैं ऐसे डायलॉग्स, गालियों को किया एन्जॉय

Last Updated: April 15 2017, 15:38 PM

मुंबई. डायरेक्टर श्रीजीत मुखर्जी की फिल्म बेगम जान शुक्रवार को रिलीज हो गई है। इसमें विद्या बालन ने लीड रोल प्ले किया है, जबकि इला अरुण, नसीरुद्दीन शाह, चंकी पांडे, गौहर खान और पल्लवी शारदा ने भी अहम किरदार निभाए हैं। सभी की एक्टिंग जबरदस्त है। लेकिन विद्या बालन की डायलॉग्स डिलिवरी ऑडियंस को अट्रैक्ट करती है। बता दें कि फिल्म के डायलॉग्स कौसर मुनीर और राहत इंदौरी ने लिखे हैं। विद्या बालन ने एन्जॉय किए गालियों से भरे डायलॉग्स... - हाल ही में एक इंटरव्यू में विद्या बालन से पूछा गया था कि रियल लाइफ में वे कैसी हैं? क्या वे गालियों देती हैं? - जवाब में विद्या ने कहा था, नहीं मैं रियल लाइफ में गालियां नहीं देती। लेकिन मुझे याद है कि कॉलेज के समय में मैं चैम्बूर से वीटी के लिए ट्रेन में सफर करती थी और लोग धक्का-मुक्की करते थे। तब मैं उन्हें थप्पड़ मार देती थी और गालियां भी देती थी। अभी जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन बेगम जान में मैंने गाली-गलौच को खूब एन्जॉय किया। बेगम जान से विद्या बालन के डायलॉग्स आप आगे की 15 स्लाइड्स में पढ़ सकते हैं...

यहीं बना था 'बेगम जान' का कोठा, जानिए शूटिंग के दौरान क्या हुआ था यहां

यहीं बना था 'बेगम जान' का कोठा, जानिए शूटिंग के दौरान क्या हुआ था यहां

Last Updated: April 15 2017, 09:52 AM

दुमका(झारखंड)। यहां नंदिनी गांव में पिछले साल जून-जुलाई के दौरान 'बेगम जान' की शूटिंग हुई थी। यहीं फिल्म का सेट बनाया गया था। शुक्रवार को फिल्म पर्दे पर आई। शूटिंग के दौरान फिल्म में लीड रोल कर रही विद्या बालन से मिलने और सेल्फी खिंचवाने के लिए लोग दीवानों की तरह घूमते नजर आए थे। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे एसपी प्रभात कुमार ने भी विद्या के साथ सेल्फी खिंचवाई और उनसे मुलाकात की थी।     -फिल्‍म की करीब 90 प्रतिशत शूटिंग झारखंड के दुमका में हुई थी। फिल्‍म की शूटिंग दुमका जिले के रनेश्‍वर, पाटजोर और नंदिनी गांव में हुई थी। -गांव में पहाड़ की खूबसूरत वादियों में ‘बेगम जान’ के कोठे का जो सेट बना था, वह मुख्य रूप से प्लाई का था। इस सेट को बनाने में करीब 20 दिन लगे थे। -करीब डेढ़ माह तक विद्या बालन, नसीरुद्दीन शाह, आशीष विद्यार्थी, चंकी पांडेय जैसे कलाकार यहां ठहरे थे। जहां फिल्म का सेट था, वहां से कलाकार एक घंटे की दूरी तय कर शांति निकेतन में ठहरते थे। -दिन-रात शूटिंग चलती थी। इस दौरान स्थानीय पुलिस की दो टीम लगातार एक्टर्स की सिक्युरिटी में तैनात रही। ‘बेगम जान’ बांग्‍ला फिल्म ‘राजकाहिनी’ की रीमेक है, जो एक वेश्या के जीवन और उसके कोठे पर केंद्रित हैं। -फिल्‍म का ट्रेलर दमदार है, जिसे लोगों की अच्‍छी प्रतिक्रिया मिली है। फिल्‍म में 11 महिलाओं की कहानी है जिनके ऊपर भारत-पाकिस्‍तान के विभाजन के बाद कहर टूटता है।   आगे की स्लाइड्स में देखिए फोटोज...  

एक्सपर्ट की राय : कड़वी सच्चाई और बंगाल के सामाजिक मुद्दों को उठाती है 'बेगम जान'

एक्सपर्ट की राय : कड़वी सच्चाई और बंगाल के सामाजिक मुद्दों को उठाती है 'बेगम जान'

Last Updated: April 14 2017, 16:51 PM

बेगम जान रिलीज हो गई है। इसपर जानी-मानी फिल्म क्रिटिक अनुपमा चोपड़ा से dainikbhaskar.com ने जाना, कैसी है ये फिल्म... स्टारकास्ट - विद्या बालन , इला अरुण, गौहर खान , पल्लवी शारदा, सुमित निझावन, नसीरुद्दीन शाह, राजेश शर्मा, विवेक मुश्रान, चंकी पांडे, रजित कपूर, आशीष विद्यार्थी, पितोबाश त्रिपाठी। कहानी 34 साल पहले इला अरुण ने अपना एक्टिंग डेब्यू ऐसी ही एक फिल्म मंडी से किया था। फिल्म का डायरेक्शन श्याम बेनेगल ने किया था। बेगम जान की कहानी मैडम रुक्मणि बाई (इला अरुण) और उनकी लड़कियों की है। उनके प्यार, लाइफ, रिश्ते, डिसअप्वॉइनमेंट, ताकत और बॉन्डिंग ने फिल्म में यादगार है। बेगम जान में बंगाल ने सामाजिक मुद्दों और कड़वी सच्चाई को बताया गया है। बंटवारे के बैकड्रॉप पर बनीं इस फिल्म में नया कंटेंट यह रहा कि उनका वेश्यालय रेडक्लिफ लाइन पर आता है। ऐसे में वेश्यालय का एक तिहाई हिस्सा भारत में और बाकी का पाकिस्तान में होता है। जब दोनों देशों की सरकार इसे यहां ये हटाने की कोशिश करती है तो बेगम (विद्या) और उनकी लड़कियां इस बात को मानने से साफ इंकार कर देती हैं। ऐसे में कोठे को लेकर बहस होती हैं कि इस प्लेस का बंटवारा नहीं होगा। वो कहती हैं- यहां ना तो कोई धर्म है और ना ही कोई क्लास। यहां सिर्फ धंधा चलता है। जब यहां लाइट बंद होती है हर मर्द बराबर होता है। डायरेक्शन फिल्म एक स्ट्रांग आइडिया है जिसे लेकर पहले ही बंगाली में काम किया चुका है। फिल्म के राइटर और डायरेक्टर श्रीजीत मुखर्जी हैं जिन्होंने पहले राजकाहिनी बनाई है। उसी कहानी को इस बार फिर उन्होंने बताया है लेकिन कुछ बदलाव के साथ, कि कैसे आज देश की महिलाएं बदल गई हैं। बेगम जान की कहानी राजकाहिनी से अच्छी हैं क्योंकि इसमें विद्या बालन है। बेगम जान एक आकर्षक महिला है। कहीं थोड़ी क्रूर लेकिन लविंग और अंदर से कमजोर। बस एक बात समझ नहीं आती कि ये महिलाएं उस जगह पर क्यों रुक जाती हैं ये तो कहीं भी अपना वेश्यालय खोल सकती हैं। क्योंकि कभी भी सेक्स के बाजार में तो कोई कमी नहीं होने वाली। 134 मिनिट की इस फिल्म को बेहतरीन तरीके से एग्जिक्यूट किया गया है। कहानी को वाकई जबरदस्त तरीके से लिखा गया है। हालांकि फिल्म के सपोर्टिंग कैरेक्टर को लेकर ज्यादा स्क्रिप्ट में नहीं लिखी है। रजित कपूर और आशीष विद्यार्थी पूरी फिल्म में अजीब फ्रेम में रहते हैं। सुजीत ने दोनों को टाइट क्लोजअप और उनके फेस को ही फिल्म में लिया गया है। शायद इससे कहीं बंटवारे को बताने की कोशिश की गई है हालांकि ये आइडिया काम नहीं आया है। वेश्यालय की बाकी महिलाओं को आसानी से भुलाया जा सकता है। सिर्फ गौहर खान का कैरेक्टर याद रहता है साथ उनके प्रेमी पितोबाश त्रिपाठी भी बेहतरीन हैं। चंकी पांडे ने अपने न्यू लुक से एक छाप छोड़ने की कोशिश की है। लेकिन वो उस हद तक सफल नहीं हुए। रेटिंग फिल्म से दो आइकोनिक राइटर शहादत हसन मंटो और इस्मत चुगताई को डेडिकेट है। वहीं अंत में साहिर के सॉन्ग- वो सुबह कभी तो आएगी...। फिल्म एक फिक्शन है जिसे और बेहतर किया जा सकता था। बेगम जान की कहानी को ज्यादा ही पका दिया गया है। जो कि सिर्फ रुलाती है। मैं इस फिल्म को ढाई स्टार्स देना चाहूंगी।

कभी विद्या को 'मनहूस' मानते थे प्रोड्यूसर, 40 स्क्रीन टेस्ट के बाद मिला ब्रेक

कभी विद्या को 'मनहूस' मानते थे प्रोड्यूसर, 40 स्क्रीन टेस्ट के बाद मिला ब्रेक

Last Updated: April 14 2017, 13:52 PM

मुंबई: विद्या बालन स्टारर बेगम जान बॉक्सऑफिस पर रिलीज हो गई है <a href='http://bollywood.bhaskar.com/news/ENT-REVI-REV-begam-jaan-movie-review-news-hindi-5574113-NOR.html?ref=bf1'>(पढ़ें रिव्यू)</a>। श्रीजीत मुखर्जी की इस पीरियड ड्रामा फिल्म में विद्या ने तवायफों के कोठे की मालकिन का रोल प्ले किया है। गौरतलब है कि 2005 में आई परिणीता से विद्या ने डेब्यू किया था। 40 स्क्रीन टेस्ट, 17 मेकअप शूट देने के बाद उन्हें परिणीता मिली थी। स्ट्रगलिंग डेज के दौरान विद्या को कहा गया था मनहूस... साल 2000 में मोहनलाल के अपॉजिट विद्या ने मलयालम फिल्म चक्रम साइन की थी। इसके तुरंत बाद उन्हें 12 फिल्में मिली। लेकिन किन्हीं वजहों से चक्रम डिले हुई। इससे पहले मोहनलाल की कोई भी फिल्म डिले नहीं हुई थी। ऐसे में प्रोड्यूसर्स ने विद्या को मनहूस बताया। उनके हाथ से पूरी 12 फिल्में भी चली गई। इनमें से कुछ फिल्मों का पहला शूटिंग शिड्यूल भी विद्या पूरा कर चुकी थीं। बावजूद इसके उन्हें रिप्लेस कर दिया गया था। विद्या के फिल्मी करियर और पर्सनल लाइफ के बारे में जानने के लिए, आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करें....

बेगम जान की एक झलक पाने उमड़ी भीड़, विद्या ने सुनाए ये डॉयलॉग्स

बेगम जान की एक झलक पाने उमड़ी भीड़, विद्या ने सुनाए ये डॉयलॉग्स

Last Updated: April 14 2017, 11:10 AM

रांची (झारखंड)। बेगम जान फिल्म की एक्ट्रेस विद्या बालन शनिवार को रांची में थीं। इस दौरान उनकी एक झलक पाने के लिए लोग उमड़ पड़े। यहां के न्यूक्लियस मॉल में उनका एक प्रोग्राम था, जहां बड़ी संख्या में लोग विद्या को देखने जमे हुए थे। 11 औरतों की कहानी वाली है फिल्म... - इससे पहले विद्या बालन ने सूचना भवन में प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि बेगम जान 11 महिलाओं पर केंद्रित ऐसी फिल्म है जो किसी भी हाल में अपना घर छोड़ना नहीं चाहती और इसके लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। - विद्या ने कहा कि यह अनोखी कहानी है और यह उनका सौभाग्य रहा कि उन्हें इस फिल्म में काम करने का मौका मिला। बंगला में बनने के बाद इस फिल्म का निर्माण हिंदी में हुआ है। - मौके पर विद्या ने फिल्म के डाॅयलॉग्स भी सुनाए, इससे पहले कि कोई हमें यहां से हटाए, उससे पहले हम उसके हाथ, पैर और जिस्म का... वो क्या कहते हैं पार्टिशन कर देंगे। राज्य में फिल्म निर्माण के लिए बेहतर माहौल - विद्या बालन ने कहा कि झारखंड के दुमका में फिल्म की ज्यादातर शूटिंग हुई है। दुमका का पतजोर बहुत याद आता है। वहां के लोगों का पूर्ण सहयोग मिला और फिल्म की शूटिंग एक बेहतर माहौल में पूरी हुई। राज्य सरकार ने अपना भरपूर सहयोग फिल्म निर्माण के दौरान दिया है। - प्रेस कांफ्रेंस में फिल्म निर्माता महेश भट्ट, बेगम जान के निर्देशक श्रीजीत सरकार, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार आदि मौजूद थे। आगे की स्लाइड्स पर देखें संबंधित PHOTOS : फोटो : रमीज/संदीप नाग।

धोनी के शहर कुछ यूं पहुंची 'बेगम जान', एसी कार छोड़ ऑटो से की सवारी

धोनी के शहर कुछ यूं पहुंची 'बेगम जान', एसी कार छोड़ ऑटो से की सवारी

Last Updated: April 14 2017, 11:10 AM

रांची। बेगम जान मूवी के प्रमोशन के लिए शनिवार को फिल्म की लीड एक्ट्रेस विद्या बालन और फिल्म निर्माता महेश भट्ट, एमएस धोनी के होम टाउन रांची पहुंचे। एयरपोर्ट से दोनों ही पिंक ऑटो पर बैठ होटल रेडिशन ब्लू गए। फिल्म में विद्या बालन ने बेगम जान नामक महिला का किरदार निभाया है। महिला ऑटो ड्राइवर्स के साथ खिंचवाई थी फोटो... -बताते चलें कि इससे पहले जब महेश भट्ट रांची आए थे तो उन्होंने पिंक ऑटो में सवारी की थी। उन्होंने महिला ड्राइवर्स के साथ फोटो भी खिंचवाई थी। उस वक्त ही यह तय किया था कि पिंक ऑटो के जरिए फिल्म का प्रमोशन किया जाएगा। -दरअसल, पिंक ऑटो महिलाओं के लिए संचालित ऑटो है, जिसकी ड्राइवर भी महिलाएं ही हैं। कहीं ना कहीं यह फिल्म महिला सशक्तिकरण से जुड़ी हुई है, इस लिए पिंक ऑटो ड्राइवर्स को भी फिल्म प्रमोशन में शामिल किया गया। -शनिवार को मुंबई से विद्या बालन और महेश भट्ट रांची एयरपोर्ट पहुंचे। उनके आने से करीब 1 घंटे पहले ही करीब दर्जन भर पिंक ऑटो ड्राइवर यहां आ गईं थी। -एयरपोर्ट पर विद्या बालन को देखने के लिए फैन्स की भीड़ उमड़ पड़ी। विद्या बालन और महेश भट्ट एयरपोर्ट से बाहर आए और एक पिंक ऑटो में बैठ गए। -महेश भट्ट ऑटो में आगे बैठे और विद्या बालन पीछे बैठ होटल रेडिशन ब्लू के लिए रवाना हो गए। यहां से वो सूचना भवन पहुंचे, जहां अधिकारियों और मीडिया से मुलाकात की। इसके बाद एक मॉल में उन्होंने मूवी प्रमोशन किया। -बताते चलें कि फिल्म बेगम जान की शूटिंग दुमका के नंदिनी गांव में पिछले साल जुलाई में हुई थी। गांव में ही फिल्म का सेट लगा था। आगे की स्लाइड्स में देखिए फोटोज ... फोटो : नितिन चौधरी/पुष्पगीत।

एक्ट्रेस को थप्पड़ जड़ने के बाद आधे घंटे तक रोती रही थीं 'बेगम जान'

एक्ट्रेस को थप्पड़ जड़ने के बाद आधे घंटे तक रोती रही थीं 'बेगम जान'

Last Updated: April 14 2017, 10:54 AM

मुंबई: 14 अप्रैल को विद्या बालन स्टारर बेगम जान रिलीज होने वाली है। डायरेक्टर श्रीजीत मुखर्जी की इस फिल्म के ट्रेलर में विद्या काफी बोल्ड और स्ट्रॉन्ग वुमन का किरदार निभा रही हैं। लेकिन असल जिंदगी में विद्या काफी इमोशनल हैं। हाल ही में दिए इंटरव्यू में बेगम जान की एक्ट्रेस मिष्ठी चक्रवर्ती ने बताया कि कैसे सीन के दौरान जब विद्या ने उन्हें थप्पड़ जड़ा। तो वे अपने आंसू नहीं रोक पाई और लगातार आधे घंटे तक रोती रहीं। एक्टर को जड़ा थप्पड़, फिर रोने लगी विद्या... फिल्म के एक सीन में विद्या, मिष्ठी चक्रवर्ती को थप्पड़ जड़ती दिखाई देंगी। मिष्ठी की मानें तो इस सीन की शूटिंग करते हुए विद्या काफी इमोशनल हो गई थीं। मिष्ठी बताती हैं, सीन के बाद, वे मेरे पास आईं। मुझे गले लगाया और आधे घंटे तक रोती रहीं। वह बहुत इमोशनल हो गई थीं। मैंने उनसे कहा कि मैं ठीक हूं, फिर भी वे लगातार माफी मांगती रहीं। उन्हें लगा कि मैं सच में रो रही हूं, जबकि मैं एक्टिंग कर रही थी। वह सीन इतना रियल था कि सेट पर मौजूद सभी लोग रोने लगे थे। इस सीन के री-टेक के लिए तैयार नहीं थीं विद्या.... फिल्म में नजर आने वाली एक्ट्रेस फ्लोरा सैनी ने बताया कि एक सीन के दौरान विद्या इतनी इमोशनल हो गई थी कि वे अपने आंसू रोक नहीं पा रही थीं। फ्लोरा की मानें तो विद्या बालन काफी डाउन-टू-अर्थ इंसान हैं। बकौल फ्लोरा, जिस तरह से सेट पर वे हम सबका ध्यान रखती थीं, वह बेहद खास था। विद्या जमीन से जुड़ी हुई हैं, यह देखकर हमें बहुत अच्छा लगता है। वे चेयर की मांग करने की बजाय हमारे साथ सीढिय़ों पर ही बैठ जाया करती थीं। फिल्म के एक सीन में उन्हें बेहद क्रूरता दिखानी थी। उन्हें एक लड़की को बालों से घसीटकर ले जाना था, सीन को करने के बाद वे बेहद रोने लगी और बार-बार उस लड़की से माफी मांग रही थीं। जब डायरेक्टर ने री-टेक की मांग की तो विद्या ने साफ इनकार कर दिया। ऐसे में डायरेक्टर ने उन्हें याद दिलाया कि सीन में वे बेगम जान है और उन्हें किरदार निभाने को कहा। तब जाकर विद्या ने सीन किया, लेकिन वह लगातार रोती रहीं। अगली स्लाइड पर जानें फिल्म बेगम जान के बारे में...

Movie Review: सोचने पर मजबूर करती है विद्या बालन की 'बेगम जान'

Movie Review: सोचने पर मजबूर करती है विद्या बालन की 'बेगम जान'

Last Updated: April 14 2017, 10:54 AM

क्रिटिक रेटिंग 3.5/5 स्टार कास्ट विद्या बालन , इला अरुण, गौहर खान , पल्लवी शारदा, सुमित निझावन, नसीरुद्दीन शाह, राजेश शर्मा, विवेक मुश्रान, चंकी पांडे डायरेक्टर श्रीजीत मुखर्जी प्रोड्यूसर विशेष फिल्म्स संगीत अनु मलिक, खय्याम जॉनर पीरियड ड्रामा कहानी यह कहानी उस समय की है जब देश आजाद हुआ था और उस वक्त भारत से पाकिस्तान को अलग करने के लिए एक रेडक्लिफ लाइन खींची गई थी। यह लाइन एक बेगम जान (विद्या बालन) के वेश्यालय के बीचोंबीच जाने वाली थी और अफसर बेगम जान से वेश्यालय छोड़कर जाने का आग्रह करने आते हैं। लेकिन बेगम जान इस आदेश का पालन बिल्कुल नहीं करना चाहती। फिर कहानी में सरकारी तंत्र का दबाव और कई षड्यंत्रों को दिखाया जाता है। बेगम जान के साथ-साथ इस वेश्यालय में 10 और महिलाएं, साथ ही 2 पुरुष भी रहते हैं। वैसे, बेगम जान और इन 12 लोगों के संघर्ष की कहानी के साथ साथ फिल्म में आज के दौर के बड़े ही अहम मुद्दे की तरफ भी प्रकाश डाला गया है, जो आपको सोचने पर विवश करते हैं। डायरेक्शन फिल्म का डायरेक्शन अच्छा है और साथ ही सिनेमैटोग्राफी, ड्रोन कैमरे से लिए हुए शॉट्स, डायलॉग्स भी कमाल के हैं। गोलीबारी के साथ-साथ आग के सीन भी बहुत कमाल के हैं। कहानी के लिहाज से स्क्रीनप्ले और बेहतर हो सकता था। साथ ही एडिटिंग काफी बिखरी-बिखरी जान पड़ती है, जिसे और अच्छा किया जा सकता था। फिल्म में बहुत सारे किरदार हैं, जिसकी वजह कुछ अच्छे किरदार और उनकी परफॉर्मेंस की तरफ आप पूरी तरह से ध्यान नहीं दे पाते हैं। उन किरदारों को और निखारा जा सकता था। परफॉर्मेंस फिल्म की कास्टिंग कमाल की है। विवेक मुश्रान, चंकी पांडे, राजेश शर्मा, रजित कपूर, आशीष विद्यार्थी, पल्लवी शारदा, इला अरुण जैसे कलाकारों का काम काफी सहज है। वही, पितोबाश त्रिपाठी और गौहर खान आपको सरप्राइज भी करते हैं। सुमित निझावन और विवेक मुश्रान का काम भी काफी सराहनीय है। बेगम जान का किरदार विद्या बालन ने बेहतरीन तरीके से निभाया है। उनका रूप-रंग और आवाज आपके कानों पर देर तक गूंजती रहती है। विद्या ने पूरी तरह से किरदार को अपना लिया है। नसीरुद्दीन शाह का छोटा, लेकिन अच्छा रोल है। अमिताभ बच्चन की आवाज सूत्रधार के रूप में आपको सुनाई देगी। म्यूजिक फिल्म का म्यूजिक अच्छा है, आशा भोसले का गाया प्रेम में तोहरे..., अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल का गाना सुबह... कहानी के साथ-साथ चलता है। बाकी गाने फिल्म की रफ्तार को कमजोर बनाते हैं। फिल्म में बाबुल मोरा नैहर.. नाम का लोकगीत भी बढ़िया लगता है। देखें या नहीं? यह फिल्म पूरे परिवार के साथ और खासतौर पर घर की महिला सदस्यों को देखनी ही चाहिए। ये अलग तरह का सिनेमा है, जो आंखें खोलने का काम भी करता है।

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