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आंखें टेस्ट करवाने से पहले पढ़ लीजिए ये खबर, आपके साथ भी न हो जाए ऐसा

रोहित श्रीवास्तव | Sep 13, 2013, 03:05 AM IST

भोपाल।न कोई डिग्री, न डिप्लोमा। सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई की और बन बैठे नेत्र विशेषज्ञ। चश्मे की दुकान के रजिस्ट्रेशन पर खोल ली आई क्लीनिक। शहर के ज्यादातर ऑप्टिकल स्टोर्स पर कुछ ऐसा ही हो रहा है। अधिकांश स्टोर संचालकों के पास मप्र पैरामेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी नहीं है।

बुधवार व गुरुवार को नेत्र रोग विशेषज्ञ और जिला दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल के साथ भास्कर संवाददाता ने शहर में चल रहे आई क्लीनिक का दौरा किया तो ये हकीकत सामने आई।

राजधानी में ऐसे स्टोर्स की संख्या 50 से ज्यादा है, जिन्होंने अपने ऑप्टिकल स्टोर को आई क्लीनिक में तब्दील कर लिया है। यहां १२वीं पास स्टोर संचालक कम्प्यूटराइज्ड मशीनों और लैंस बॉक्स की मदद से लोगों की आंखों की जांच कर रहे हैं। साथ ही उन्हें नजर का चश्मा लगाने की सलाह भी लिखित में दे रहे हैं।

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Web Title: Revealed District Blindness Control Officer inspect
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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