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चीन की शह पर गिलगित को प्रांत बनाना चाहता है पाक

अजय धवले | Mar 21, 2017, 07:20 IST

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चीन की शह पर गिलगित को प्रांत बनाना चाहता है पाक
पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज की अध्यक्षता में एक समिति ने गिलगित-बाल्टिस्तान को प्रांत का दर्जा देने का प्रस्ताव दिया है। दरअसल, चीन के इशारे पर पाकिस्तान क्षेत्र को पूर्ण राज्य बनाने जा रहा है ताकि चीनी निवेश को वैधता मिल जाए। पीओके के साथ इस इलाके पर भी भारत दावा करता रहा है और सुरक्षा के नज़रिये से भी यह इलाका संवेदनशील है।

चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को पाकिस्तान अपने हर मर्ज की दवा मान रहा है। ग्वादर बंदरगाह पर बलूचिस्तानी विरोध का दमन करने के बाद अब उसकी निगाह अवैध कब्जे वाले इस क्षेत्र पर है। दशकों से वहां के संसाधनों की लूट से परेशान स्थानीय निवासी इस परियोजना का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। अज़ीज समिति ने सिफारिश की है इस क्षेत्र का दर्जा बदले जाने को लेकर संविधान में संशोधन किया जाएगा। इसी क्षेत्र से 46 अरब डॉलर की लागत वाला चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपेक) गुजरता है।
पाकिस्तान ने सुदूर उत्तर में एक इलाके को काराकोरम राजमार्ग के निर्माण के लिए चीन को ‘गिफ्ट’ कर दिया, क्योंकि चीन को यूरोप तक पहुंचने में जल-मार्ग से अभी 45 दिन लगते हैं जबकि ‘चीनी राजमार्ग’ बन जाने पर उसे सिर्फ दस दिन लगेंगे। इसे बनाने के लिए चीन कुछ भी करने को तैयार है। अभी बलूचिस्तान, खैबर-पख्तूनख्वां, पंजाब और सिंध पाकिस्तान के चार प्रांत है। वहीं गिलगित-बाल्टिस्तान स्वायत्त प्रदेश है, जिस पर पाकिस्तान ने 1947 में कब्जा किया था। इसकी अपनी विधानसभा और एक निर्वाचित मुख्यमंत्री है।
पाकिस्तान के इस नापाक कदम से भारत की चिंताएं बढ़ सकती है, क्योंकि इस विवादित क्षेत्र की सीमा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से लगती है, लेकिन, पाकिस्तान के लिए राह इतनी आसान नहीं है। स्वतंत्रता दिवस पर भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को घेरते हुए बलूचिस्तान के साथ-साथ गिलगित-बाल्टिस्तान का भी जिक्र किया था। भारत सरकार ने जो रणनीति बनाई है उससे यह स्पष्ट है कि अब भारत न सिर्फ विरोध करेगा बल्कि इसे रोकने के लिए हरसंभव कदम भी उठाएगा।
अजय धवले, 28
कॉर्पोरेट लॉयर, नेशनल
लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी
Twitter@ @AjayDhawle
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Web Title: bhaskar editorial by Ajay Dhawle
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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