Home »Abhivyakti »Editorial » Copreret Sector Units

सतर्कता से बढ़ाएं कदम

Bhaskar News | Jan 19, 2013, 05:01 AM IST

भारत में जब कॉपरेरेट सेक्टर की इकाइयों के कमर्शियल बैंकिंग के क्षेत्र में आने का रास्ता खुला है, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने यह चेतावनी देने की जरूरत महसूस की है कि बिना विनियमन एवं निगरानी का माकूल इंतजाम हुए ऐसा करना जोखिम भरा है।
हाल में संसद से पास बैंकिंग नियम (संशोधन) बिल में भारतीय रिजर्व बैंक को बैंक बोर्डो के निर्णयों को पलटने और बैंक में साझीदार कंपनियों की जांच करने के अधिकार मिले हैं। लेकिन आईएमएफ की राय में ये पर्याप्त नहीं हैं। आईएमएफ ने ध्यान दिलाया है कि रिजर्व बैंक अभी भी स्वतंत्र नहीं है, बल्कि नए कानून के तहत भी सरकार को रिजर्व बैंक को निर्देश देने, उसके फैसलों को पलटने और रिजर्व बैंक के बोर्ड को भंग करने का अधिकार प्राप्त है।
ऐसे में यह आशंका निराधार नहीं है कि कई मामलों में रिजर्व बैंक को राजनीतिक नेतृत्व से मिले संकेतों के मुताबिक चलना होगा। ऐसे में कॉपरेरेट सेक्टर की इकाइयों के बैंक निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करते हुए कारोबार करेंगे, यह पूरे भरोसे के साथ नहीं कहा जा सकता। दरअसल आईएमएफ ने अंतरराष्ट्रीय अनुभवों के आधार पर कहा है कि औद्योगिक घरानों को बैंकिंग क्षेत्र में आने की इजाजत देना वाजिब फैसला नहीं है। उसने ध्यान दिलाया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अभी वित्तीय कंपनी समूहों पर निगरानी की व्यवस्था तैयार होने की प्रक्रिया में है।
यानी ऐसे उपाय अभी मौजूद नहीं हैं, जिनसे वाणिज्यिक बैंकों के कामकाज को लेकर पूरी तरह निश्चिंत हुआ जा सके। जानकारों के मुताबिक खतरा यह है कि कॉपरेरेट इकाइयों के बैंकिंग क्षेत्र में आने पर बैंकों की प्रमोटर कंपनियां निवेशकों के धन का इस्तेमाल अपने कारोबार के लिए करने लगेंगी, जिसका बाजार की प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल असर होगा।
परिवार नियंत्रित कंपनियों के बैंकों के प्रबंधक संबंधित कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों के उल्लंघन की हद तक जा सकते हैं। बैंक और वित्तीय संस्थानों की लापरवाही, मुनाफे का अतिउत्साह या नियमों की जानबूझकर अनदेखी अर्थव्यवस्था को कितनी महंगी पड़ती है, यह अमेरिका में आई मंदी से साफ है। आईएमएफ की चेतावनी उसी अनुभव से निकली लगती है। इसलिए सरकार को इस पर पर्याप्त ध्यान देना चाहिए।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: Copreret sector units
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From Editorial

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top