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सेहत... मोटापा और पीठ की सर्जरी

डॉ. अरविंद कुलकर्णी | Apr 19, 2017, 10:10 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
सेहत... मोटापा और पीठ की सर्जरी
59 वर्षीय सरला गुप्ता मोटापे से पीड़ित थीं (बीएमआई 46.6), पीठ के असहनीय दर्द से परेशान थीं। यह दर्द उनके शरीर के निचले अंगों तक चला गया था। सरला वास्तव में पीठ में खिंचाव और मोटापे के कारण पिछले दो वर्ष से अपंग जैसी हो गई थीं और कुछ भी नहीं कर पा रही थीं। उन्होंने दर्द निवारक दवाइयां भी लीं, लेकिन इससे सिर्फ कुछ घंटों के लिए दर्द से राहत मिलती थी। बाद में विभिन्न जांचों से पता लगा कि वह रीढ़ की हड्‌डी की गंभीर बीमारी लंबर स्पाइनल स्टेनोसिस की शिकार हैं और इसका एकमात्र उपचार डीकम्प्रेशन फ्यूजन सर्जरी है लेकिन, बाॅडी मास इंडेक्स जितना ज्यादा होता है रीढ़ की हड्‌डी की सर्जरी में जटिलता उतनी ही बढ़ जाती है। इनके साथ भी यह समस्या थी। ऐसे में सरला को सलाह दी गई कि वह कम चीरफाड़ वाली स्पाइनल स्टेनोसिस सर्जरी कराएं जो स्पाइनल नेविगेशन तकनीक से की जाती है। इसके परिणाम बहुत अच्छे आते हैं और जल्दी आराम मिलता है।
मोटे मरीजों (विशेषकर जिनका बीएमआई 30 से ज्यादा हो) उनमें रीढ़ की हड्‌डी की सर्जरी के दौरान जटिलताएं और संक्रमण पैदा होने की आशंका दुबले मरीजों के मुकाबले काफी ज्यादा होती है। ऐसे मरीजों में सर्जरी के लिए जाने से लेकर अस्पताल से डिस्चार्ज होने तक किसी भी समय परेशानी खड़ी हो सकती है। पीठ की सर्जरी से पहले वजन कुछ कम किया जाए तो सर्जरी के बाद आराम जल्दी मिल सकता है। हालांकि इसके बावजूद यह जोखिम भरा है, क्योंकि परंपरागत सर्जरी करते समय मोटे मरीजों को सही मुद्रा में रखना बहुत चुनौतीपूर्ण काम है। इसके अलावा ज्यादा वजन वाले लोगों में इंट्राविनस लाइन डालने के लिए नस मिलना भी मुश्किल भरा होता है।
लेकिन परम्परागत सर्जरी के मुकाबले नेविगेशन तकनीक की न्यूनतम चीरफाड़ वाली स्पाइन सर्जरी मोटे मरीजों के लिए बहुत सही विकल्प है। इसमें ज्यादा चीरफाड़ नहीं करनी पड़ती, इसलिए रिकवरी जल्दी हो जाती है और अस्पताल में कम समय के लिए रहना पड़ता है। ऐसी सर्जरी में खून बहुत कम निकलता है और दर्द भी काफी कम होता है। इससे मरीज काफी जल्दी अपने रोजमर्रा के काम शुरू कर सकता है। नेविगेशन तकनीक का एक अन्य फायदा यह है कि इससे मरीज और सर्जरी करने वाली टीम को रेडिएशन का सामना काफी कम करना पड़ता है।

कम्प्यूटर आधारित नेविगेशन तकनीक से रीढ़ की हड्‌डी की जटिल सर्जरी के दौरान स्क्रू या इम्पलांट आदि सही जगह लगाने में सहायता मिलती है, विशेषकर जहां देख पाना आसान नहीं होता, वहां यह तकनीक बहुत उपयोगी है। स्पाइनल नेवीगेशन के इस्तेमाल से सर्जरी में समय कम लगता है और रीढ़ की हड्‌डी की सर्जरी अब ज्यादा सुरक्षित, अचूक और कम चीरफाड़ वाली हो गई है। यही कारण है कि इन दिनों सर्जरी करने करने वाले डाॅक्टर और मरीज दोनों ही इसे काफी पसंद कर रहे हैं।

मोटापा कैसे परेशानियां बढ़ाता है...
पीठ के दर्द या रीढ़ की हड्‌डी की परेशानियों से पीड़ित अधिक वजन वाले मरीज शायद यह नहीं जानते कि उनका अधिक वजन ही वास्तव में उनकी रीढ़ की हड्‌डी की परेशानी को बढ़ा रहा है। वे यह भी नहीं समझ पाते कि मोटापा एक ‘कष्टदायक चक्र’ की तरह है। यदि वे व्यायाम करते हैं तो उन्हें थकान, सांस में परेशानी जैसी समस्या आ सकती है और यदि व्यायाम नहीं करते तो लगातार बढ़ते वजन से उनकी रीढ़ की हड्‌डी पर दबाव बढ़ता जाएगा। ऐसे में उनका पीठ का दर्द या रीढ़ की हड्‌डी की परेशानी और गंभीर हो जाएगी।

वास्तव में अधिक वजन वाले लोगों का शरीर एक इंच भी बढ़ता है तो यह उनकी पीठ की मांसपेशियों और अस्थिबंधों (लिगामेंट्स) पर दबाव बढ़ाता है। इसका कारण यह है कि मोटापे के कारण रीढ़ की हड्‌डी झुकने लगती है और इस पर इतना असमान रूप से दबाव पड़ता है कि कुछ समय बाद पीठ को उचित सहारा मिलना ही बंद हो सकता है। मांसपेशी, हड्‌डी और जोड़ों से संबंधित दर्द, रीढ़ का गठिया, साइटिका, डिस्क की तरफ पीठ में नीचे वाला दर्द और डिस्क का धीरे-धीरे खत्म होना आदि मोटापे के कारण होेने वाली कुछ सामान्य बाीमारियां हैं। मोटापे के कारण पीठ का दर्द और परेशानियां इसलिए बढ़ती है कि पेट के आसपास अतिरिक्त वजन बढ़ने से पेट के नीचे का कमर वाला हिस्सा आगे की तरफ खिंचता है, इससे पीठ के निचले हिस्से पर दबाव बढ़ता है और दर्द शुरू हो जाता है। इसके अलावा मोटे आदमी की वर्टेब्रल डिस्क बहुत तेजी से कमजोर या खराब हो जाती है और इससे कई परेशानियां पैदा होती हैं।

फैक्ट - लंबर स्पाइनल स्टेनोसिस का उल्लेख 1900 में प्रकाशित एक पुस्तक में मिलता है, लेकिन पहली बार इसका क्लिनिकल वर्णन डच न्यूरो-सर्जन हेंक वर्बिएस्ट ने अपनी रिपोर्ट में 1954 में किया।
डॉ. अरविंद कुलकर्णी
प्रमुख, स्पाइन स्कोलियोसिस एंड डिस्क रिप्लेसमेंट सेंटर, बॉम्बे हॉस्पिटल, मुंबई
नॉलेज भास्कर
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Web Title: Health ... obesity and back surgery
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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