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जरूरी बजट में कटौती से क्या साबित करेंगे राष्ट्रपति?

द एडिटोरियल बोर्ड | Mar 20, 2017, 07:39 IST

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लगातार वह काम कर रहे हैं, जो एक राष्ट्रपति को शोभा नहीं देता है। पहले उन्होंने उस स्वास्थ्य योजना को खत्म करने की बात कही, जो बराक ओबामा के समय न केवल लोकप्रिय थी, बल्कि उसका लाभ प्रत्येक अमेरिकी को मिल रहा था। इस बार जब बजट में प्रावधान बढ़ाने की बात आई, तो ट्रम्प ने खुद से संबंधित सेवाओं और राष्ट्रपति से जुड़ी योजनाओं में तो राशि बढ़ाई, लेकिन अन्य जरूरी विभागों के बजट में भारी कटौती कर दी है। पिछले दो-तीन दशकों में ऐसा कभी नहीं हुआ था।

व्हाइट हाउस के बजट डायरेक्टर मिक मुलवैनी ने राष्ट्रपति के बजट प्रावधान-2018 का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने केवल आंकड़ों को इधर-उधर किया है, जो उनके चुनावी वादों के अनुरूप हैं। अगर ट्रम्प ने ऐसा किया भी है, फिर भी ऐसा नहीं दिखता कि जो वादे उन्होंने किए थे, वे उन्हें पूरा करने वाले हैं। ट्रम्प के नजरिये से देखें तो वे सैन्य मामलों और सीमा सुरक्षा पर ज्यादा से ज्यादा राशि खर्च करना चाहते हैं। लेकिन बजट में केवल यही विषय नहीं होते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी सुविधाओं और बड़ी संरचना वाली परियोजनाओं पर भी राशि खर्च करनी पड़ती है, जिस पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया है।

इससे यही प्रतीत होता है कि ट्रम्प के नजरिये में अमेरिका की शिक्षा प्रणाली या तो सही है, या फिर उसमें सुधार की जरूरत बिल्कुल नहीं है। ऐसा लगता है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं को बिल्कुल सही मान रहे हैं और उसमें किसी प्रकार के सुधार की बात नहीं करना चाहते हैं। बजट प्रावधान - 2018 को अभी संसद के निचले सदन (कांग्रेस) में प्रस्तुत किया जाना है, संभव है कि उन्हें वहां मंजूरी न मिले। हालांकि, सदन में रिपब्लिकन सदस्यों की संख्या अधिक है, लेकिन वे भी बजट प्रावधानों को खारिज कर देंगे।

-ट्रम्प विदेश मंत्रालय के बजट में 29 फीसदी की कटौती करना चाहते हैं। जबकि उन्हें डिप्लोमेसी और वह अंतरराष्ट्रीय सहायता के बारे में समझ लेना चाहिए था, जो अमेरिका से दूसरे देशों में पहुंचाई जाती है। हालांकि उन्होंने केवल सैन्य मदद में बढ़ोतरी करने की बातें शामिल की है।

-ट्रम्प स्वास्थ्य और लोकहित से जुड़ी सेवाओं के मद में 16 फीसदी की कटौती करना चाहते हैं। अगर ऐसा हुआ तो नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ हैल्थ के रिसर्च कार्यक्रम पर बुरा असर पड़ेगा। यही नहीं न्याय, कला और प्रकाशन संबंधी सेवाओं का बजट पूरी रह खत्म कर दिया गया है, जिसमें कानूनी सहायता समूह भी शामिल हैं।
© The New York Times
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Web Title: The New York Times editorial
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