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150 कैंडिडेट को ANM बनाने की फिराक में थे परमेश्वर, 100 से अधिक सिफारिशी मैसेज

Bhaskar News | Mar 21, 2017, 05:37 IST

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150 कैंडिडेट को ANM बनाने की फिराक में थे परमेश्वर, 100 से अधिक सिफारिशी मैसेज
पटना.बीएसएससी प्रश्नपत्र लीक मामले में कोर्ट को समर्पित की गई केस डायरी से कई तथ्य सामने आ रहे हैं। केस डायरी के सामने आने के बाद कई ब्यूरोक्रेट्स और राजनेताओं के नाम सामने आए। पूर्व सचिव परमेश्वर राम से एएनएम की बहाली में अपने अपने लोगों की बहाली के लिए जमीन दलाल से लेकर आईएएस अधिकारी और नेताओं, मंत्रियों तक ने पैरवी की थी। इसके साक्ष्य कोर्ट में जमा किए जा चुके हैं।
जनवरी में हुई एएनएम की बहाली के लिए लगभग 150 कैंडिडेट की पैरवी परमेश्वर राम के पास आए थे। सौ से अधिक सिफारिशी मैसेज उनके मोबाइल से मिले तो कुछ कैंडिडेट के एडमिट कार्ड और नेताओं के सिफारिशी पत्र का जिक्र जब्ती सूची में है। मनु महाराज ने कहा कि जिन नंबरों से मैसेज आए हैं उनका पता लगाया जा रहा है। जिन कैंडिडेट की पैरवी परमेश्वर राम से की गई थी, उनके रिकाॅर्ड एसआईटी ने अपने पास रख लिए हैं।

बीमारी का बहना भी काम नहीं आया : बरार को इस बात की जानकारी मिल गई थी कि पटना पुलिस की टीम उसकी तलाश में दिल्ली में है। यही कारण है कि हफ्ते भर से वह बीमारी का बहाना बनाकर एम्स के पास स्थित एक निजी नर्सिंग होम में एडमिट था। लेकिन एसआईटी लगातार उसके लोकेशन को ट्रेस कर रही थी। सोमवार के तड़के सुबह वह अस्पताल प्रशासन को बिना बताए निकलने लगा। मामला संदिग्ध जान इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन ने स्थानीय थाने को दी। तत्काल एसआईटी की टीम मौके पर पहुंची और भागते हुए आनंद बरार को गिरफ्तार कर ली।
सुधीर की हैंडराइटिंग एफएसएल के पास

भूमिगत होने से पहले सुधीर ने छुट्टी नहीं ली थी। लेकिन उनके नाम से छुट्टी का आवेदन एक आईएएस अधिकारी ने दिया था। उस अधिकारी पर सुधीर के बदले दस्तखत करने का आरोप था। एसआईटी ने उस आवेदन को जब्त कर लिया है। इसकी सत्यता जांचने के लिए उस आईएएस अधिकारी की हैंड राइटिंग का नमूना चाहिए। एसआईटी ने जब्त आवेदन और सुधीर की हैंडराइटिंग को मिलान के लिए एफएसएल को भेज दिया है।
बरार के मोबाइल में अधिकारियों से बातचीत की रिकॉर्डिंग मिली
एसआईटी की टीम ने अनंत प्रीत सिंह बरार (आनंद बरार)को गिरफ्तार करते ही मोबाइल जब्त कर लिया है। कई संदिग्ध वीडियो मिले हैं। कई कॉल की रिकार्डिंग भी एसआईटी के हाथ लगी है। सूत्रों की मानें तो कई वरीय अधिकारियों से बातचीत की रिकार्डिंग उसके मोबाइल में है। वीडियो के आधार पर बरार पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोप भी लग सकता है।बरार अधिकारियों के लिए दिल्ली के बड़े होटलों में पार्टी भी अरेंज करता था। वह दिल्ली में कार्यरत पटना के एक इवेंट मैनेजर मृत्युंजय के संपर्क में था। अबतक के अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि बरार पार्टियों के जरिए अधिकारियों को अपने प्रभाव में लेकर काम निकलवाता था। बिहार के कई बड़े अधिकारियों के पार्टी में शामिल होने के साक्ष्य बरार के मोबाइल में मिले हैं। आनंद बरार की गिरफ्तारी के बाद अब इस घोटाले के बड़े माफियाओं के नाम सामने आएंगे।
प्रश्नपत्र छापने वाले से लगातार संपर्क में था बरार
बरार अपने फोन से अहमदाबाद के प्रिंटर विनीत से लगातार लंबी बातचीत करता था। इसी के खुलासे के बाद बरार की तलाश सरगर्मी से की जाने लगी। बीएसएससी के गजट की माने तो यह गलत है। प्रश्नपत्र छापने वाला और उत्तर छापने वाला एक दूसरे से संपर्क में नहीं रह सकता है। विनीत ने भी गिरफ्तारी के बाद इस बात को स्वीकार किया था कि वह बरार से लगातार संपर्क में था। सूत्रों की माने तो बरार ने ही विनीत को बीएसएससी के प्रश्नपत्र छापने का ठेका दिलवाया था।एसआईटी के अबतक के अनुसंधान से यह साबित हो चुका है कि बरार शिक्षा जगत का बड़ा माफिया है। उसके तार बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के साथ साथ अन्य राज्यों में भी हैं। बरार पिछले लगभग छह सालों से बीएसएससी का ओएमआर सीट छापता था। उसके संबंध बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद से भी थे। आनंद के बताए प्रिंटर को ही बीएसईबी ने भी ओएमआर सीट छापने का टेंडर दिया था।

बरार ने ही आशीष को दिलवाया था प्रश्नपत्र: बीएसएससी प्रश्नपत्र छापने वाला कॉनसीसेक प्रिंटर का मालिक विनीत अग्रवाल ने एसआईटी को बताया था कि वह बरार के इशारे पर ही काम करता है। उसने ही खुलासा किया था कि बरार के कहने पर ही पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार के भांजे आशीष को प्रश्नपत्र दिया था। आशीष अपने एक अन्य साथी के साथ अहमदाबाद प्रश्नपत्र लाने गया था।
बीमारी का बहना भी काम नहीं आया
बरार को इस बात की जानकारी मिल गई थी कि पटना पुलिस की टीम उसकी तलाश में दिल्ली में है। यही कारण है कि हफ्ते भर से वह बीमारी का बहाना बनाकर एम्स के पास स्थित एक निजी नर्सिंग होम में एडमिट था। लेकिन एसआईटी उसके लोकेशन को ट्रेस कर रही थी।
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Web Title: BSSC question paper leak case
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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