Home »Bihar »Patna» Case Of Appointment Of Assistant Professors In Engineering Colleges

अब एकेडमिक व इंटरव्यू में मिले नंबर के आधार पर होगी असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति

राहुल पराशर | Apr 21, 2017, 05:25 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
अब एकेडमिक व इंटरव्यू में मिले नंबर के आधार पर होगी असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति
पटना.इंजीनियरिंग कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए अब टेस्ट नहीं होगा। नियुक्ति एकेडमिक रिकाॅर्ड और इंटरव्यू में मिले नंबर के आधार पर ही होगी। इसके लिए बिहार अभियंत्रण शिक्षा सेवा नियमावली 2014 में संशोधन किया गया है। एकेडमिक रिकाॅर्ड के आधार पर मेधा सूची तैयार कर अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। पूर्व की लापरवाह भर्ती प्रक्रिया की वजह से ऐसा फैसला लिया गया।
वर्ष 2014 में 350 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया को सरकार की हरी झंडी मिली थी। नियुक्ति का जिम्मा बीपीएससी को दिया गया। बीपीएससी ने नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ की। लिखित परीक्षा और इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि, अभी तक चयनित अभ्यर्थियों की सूची साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग को नियुक्ति के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है। नियुक्ति की इस लंबी प्रक्रिया से बचने के लिए सरकार ने इसमें बदलाव का फैसला लिया। विभाग ने इस संबंध में बिहार अभियंत्रण शिक्षा सेवा नियमावली 2014 में संशोधन कर अधिसूचना भी जारी कर दी। साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के निदेशक अतुल सिन्हा का कहना है कि बीपीएससी से चयनित अभ्यर्थियों की सूची मिलने के बाद हम बैकलॉग की समीक्षा करेंगे। रोस्टर क्लियरेंस के बाद दूसरे चरण की नियुक्ति प्रक्रिया नई नियमावली के तहत आरंभ की जाएगी।
इन विभागों के लिए चल रही नियुक्ति प्रक्रिया

बिहार लोक सेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर लेदर टेक्नोलॉजी, इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, सिविल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, गणित, भौतिकी,अंग्रेजी, भूगर्भशास्त्र व रसायनशास्त्र विषय के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति की प्रक्रिया को लगभग पूरा किया है। बीपीएससी के सचिव प्रभात कुमार सिन्हा ने बताया कि कुछ तकनीकी दिक्कत के कारण विभाग को रिजल्ट नहीं दिया जा सका है। हम शीघ्र इसे सरकार को उपलब्ध कराने की तैयारी में हैं।
एकेडमिक व रिसर्च के लिए मिलेंगे अधिकतम 50 अंक

नई वेटेज स्कीम के तहत एकेडमिक रिकाॅर्ड व रिसर्च के आधार पर अभ्यर्थी 50 अंक हासिल कर सकते हैं। डोमेन ज्ञान व शिक्षण कौशल के मूल्यांकन के आधार पर अधिकतम 30 अंक निर्धारित किया गया है। इंटरव्यू का वेटेज अंक 20 निर्धारित किया गया है।

मानविकी और विज्ञान विषय में ऐसे मिलेंगे अंक
- एकेडमिक एंड रिसर्च के लिए निर्धारित विषय में पीजी में प्राप्त अंकों का 25% वेटेज अंक माना जाएगा। मतलब, अगर कोई अभ्यर्थी 100 अंक के पेपर में 100 अंक लेकर आते हैं तो उन्हें वेटेज अंक 25 मिलेगा।
- न्यूनतम योग्यता रखने वाले संविदा पर इंजीनियरिंग कॉलेजों में नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर को कार्यानुभव के आधार पर प्रति वर्ष दो वेटेज अंक मिलेंगे। हालांकि, यह 10 अंक से अधिक नहीं हो सकता है।
- डोमेन ज्ञान एवं शिक्षण कौशल के तहत नेट या समकक्ष परीक्षा स्लेट या सेट पास छात्रों के लिए प्राप्तांक का 30 % वेटेज अंक निर्धारित है।
- पीएचडी करने वालों को भी इसी दायरे में रखा गया है। मतलब, 100 अंकों की परीक्षा में 100 अंक प्राप्त करने पर वेटेज 30 अंक मिल जाएगा।
- संबंधित विषय में स्नातक स्तरीय योग्यता रखने वाले को वेटेज अंक 15 फीसदी मिलेगा। यानी बीटेक में संबंधित विषय में 100 में से 100 अंक हासिल करने पर 15 वेटेज अंक मिलेंगे।
इंजीनियरिंग विषयों में इस फॉर्मूले पर मिलेंगे अंक
- निर्धारित विषय में बीई या बीटेक में प्राप्त प्रतिशत अंकों का 15 फीसदी वेटेज अंक माना जाएगा। मतलब, 100 अंकों की परीक्षा में 100 नंबर लाने वाले अभ्यर्थियों का वेटेज अंक 15 होगा।
- एमई या एमटेक में कुल प्राप्तांक प्रतिशत का 15 फीसदी अंक वेटेज में गिना जाएगा। पीएचडी धारी को 10 अंकों का वेटेज मिलेगा।
- डोमेन ज्ञान एवं शिक्षण कौशल के तहत गेट (ग्रेजुएट एप्टीट्यूट टेस्ट) में प्राप्तांक प्रतिशत का 30 फीसदी अंक वेटेज का होगा। मतलब, गेट में 100 अंकों की परीक्षा में 100 अंक लाने वालों को 30 वेटेज अंक मिलेंगे। इंटरव्यू के माध्यम से 20 वेटेज अंक ले सकते हैं।
- इंजीनियरिंग कॉलेजों में संविदा पर पढ़ानेवाले अभ्यर्थियों को कार्यानुभव के आधार पर प्रति वर्ष के हिसाब से दो वेटेज अंक दिए जाएंगे, जो अधिकतम 10 हो सकते हैं।
इंजीनियरिंग कॉलेज बढ़ने से चाहिए अधिक शिक्षक
राज्य में इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। सरकार के सात निश्चय के तहत सभी जिलों में एक इंजीनियरिंग कॉलेज खुलने हैं। सत्र 2016-17 में छह नए इंजीनियरिंग कॉलेज खुल चुके हैं। वहां सत्र भी शुरू कराया गया है। वहीं, वर्ष 2017-18 में तीन नए इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना है। नौ नए इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए स्थायी शिक्षकों की व्यवस्था सरकार को करनी है।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
DBPL T20
Web Title: Case of appointment of Assistant Professors in Engineering Colleges
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।
 

Stories You May be Interested in

      More From Patna

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top