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बिहार के कुख्यात जेल में लिख रहे किताब, कर रहे हैं योग

RAJESH KR OJHA | Feb 10, 2013, 16:34 IST

  • पटना. कभी बंदूकों की तड़तड़ाहट से अपना आतंक कायम करने वाले बिहार के कुख्यात अपराधी इन दिनों कलम चला रहे हैं। इसे जेल की तनहाई का असर ही कहेंगे कि कैद में जी रहे चर्चित दबंग कलम के पुजारी हो गए हैं। लोगों में अपना आतंक कायम करने वाले ये बाहुबली कविता से लेकर कहानी तक लिख रहे हैं। कुछ लोग तो महान लोगों की जीवनी पढ़ रहे हैं तथा योग सीख रहे हैं।

    पढ़े कौन क्या कर रहे हैं

  • तनहा हूं पर वक्त न जाया करता हूं, दीवारों को दर्द सुनाया करता हूं। सोता है जब सारा आलम रातों में, मैं जगकर अलाप सुनाया करता हूं। कुछ इसी अंदाज में इन दिनों बाहुबली पूर्व सांसद आनंद मोहन अपने भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। आनंद मोहन का एक कविता संग्रह भी प्रकाशित हो चुका है। दिल्ली में आयोजित एक समारोह में पिछले साल इसका लोकार्पण हुआ था। उनके करीबी बताते हैं कि अगले दो महीने में मोहन की तीन और किताबें बाजार में आ जाएंगी। इनमें काल कोठरी से जेल डायरी भी एक है। डायरी के पहले खंड में बेउर एवं भागलपुर जेल में रहने के दौरान के अनुभवों की चर्चा है। दूसरे खंड में सहरसा जेल का अनुभव है। आनंद मोहन अभी सहरसा जेल में ही हैं। इनकी किताबें राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली से प्रकाशित हो रही हैं।

  • दिल्ली दामिनी बलात्कार कांड के बाद पूर्व सांसद पप्पू यादव 'रिश्तों की आड़ में छिपे बलात्कारियों को कौन-सा कानून रोकेगा' लेख लिखा है। इसमें बताया गया है कि किस तरह 92 फीसदी मामलों में अपने ही रिश्तेदार दुष्कर्म करते हैं। लेख में किसी संत या समाज सुधारक से प्राप्त ज्ञान की छाप मिलती है। इसमें कानून, धर्म, परिवेश, खान-पान, रहन-सहन के अलावा जीवन मूल्यों में आ रहे बदलाव का भी जिक्र है। पप्पू यादव की जेल डायरी लगभग तैयार है। नाम को लेकर जिच चल रही है। पहले इसका नाम 'दस जूते मार लो, पर बाहुबली मत कहो' रखा गया था। लेकिन यादव की पत्‍‌नी को इस नाम पर ऐतराज होने के कारण नाम बदल दिया गया है।

  • राजद के पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन ने जेल में रहते पीएचडी की उपाधि हासिल किया है। फिलहाल, जेल प्रशासन इनके लिए महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, नेल्सन मंडेला और मो. अली जिन्ना की जीवनी उपलब्ध करा रहा है।

  • दूसरी ओर, राजन तिवारी धार्मिक पुस्तकें पढ़ रहे हैं ।

  • मुन्ना शुक्ला पीएचडी की उपाधि लेने के बाद कैदियों के साथ योग और साधना में रम गए हैं।

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Bihar's notorious prison writing book
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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