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झूठे हैं भारत के चावल उत्पादन के दावे, चीनी वैज्ञानिक ने उठाया सवाल

dainikbhaskar.com | Feb 22, 2013, 10:55 AM IST

Yuan Longping

बिहार के विकास के दावे और हाल ही में चावल उत्पादन के मामले में बने विश्व रिकॉर्ड की चर्चा पूरी दुनिया में की जा रही है, लेकिन चीन के एक वैज्ञानिक ने इसे कोरी अफवाह करार दिया है। चीन के इस वैज्ञानिक की मानें तो बिहार के किसान द्वारा चावल उत्पादन का रिकॉर्ड पूरी तरह से गलत है। चीन के जाने-माने कृषि वैज्ञानिक और नेशनल आइकॉन युवान लोंगपिंग ने एक हेक्टेयर जमीन में 22.4 टन चावल उत्पादन को गलत बताते हुए कहा कि यह बात 120 प्रतिशत गलत है, क्योंकि बिना आनुवंशिक रूप से संशोधित किए ऐसा संभव नहीं है, जबकि बिहार के किसान ने ऐसा दावा किया है कि उसने रासायनिक खाद या हाइब्रिड तकनीक का इस्तेमाल किए बिना यह रिकॉर्ड बनाया है।
चीन में फादर ऑफ हाइब्रिड राइस के नाम से विख्यात लोंगपिंग ने कहा कि यह संभव ही नहीं है कि रासायनिक खाद या हाइब्रिड तकनीक का इस्तेमाल किए बिना इतना जबर्दस्त उत्पादन हो सके। बता दें कि लोंगपिंग ने चीन में हाइब्रिड तरीके से चावल का उत्पादन शुरू किया और एक हेक्टेयर में रिकॉर्ड 19.4 टन चावल का उत्पादन किया था। लेकिन, इस साल बिहार के नालंदा के किसान सुमंत कुमार ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सुमंत ने एक हेक्टेयर में 22.4 टन चावल का उत्पादन किया। आश्चर्य की बात यह है कि उन्होंने किसी भी प्रकार की रासायनिक खाद या हाइब्रिड तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया।
आगे की स्लाइड्स में जानें कैसे भारतीय किसान ने उत्पादन किए रिकॉर्ड चावल, क्या कहते हैं चीनी वैज्ञानिक...

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Web Title: China scientist says Bihar’s claim of rice record are fake
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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