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करोड़पति सुशील के नाम पर केबीसी में एंट्री के लिए मांगा जा रहा है पैसा!

अजय कुमार | Jan 04, 2013, 13:23 IST

  • पटना/मुजफ्फरपुर। सुनो-सुनो-सुनो। कौन बनेगा करोड़पति में इंट्री के लिए कोई शुल्क नहीं लगता। न ही इसके लिए पैसे देने पड़ते हैं। अगर कोई केबीसी में जाने के लिए पैसे की मांग करता है तो आप उसे न दें। हो सकता है कि केबीसी के नाम पर कोई आपसे पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहा है।

    केबीसी के जैकपॉट विजेता करोड़पति सुशील कुमार की मानें तो आम लोगों को सचेत करने के वास्ते केबीसी के आने वाले एपीसोड में इसकी उद्घोषणा की जा सकती है। दरअसल, सुशील के नाम पर एक ठगी का मामला सामने आने के बाद उन्होंने केबीसी के डायरेक्टर सिद्धार्थ बसु को इसकी जानकारी दी। बसु ने भरोसा दिलाया है कि अगले एपीसोड में लोगों को आगाह करते हुए सूचना जारी की जाएगी।

    आगे की स्लाइड्स में जानें क्या कहा सुशील ने और कैसे मांगा जा रहा है पैसा...

  • दैनिक भास्कर डॉट कॉम से बात करते हुए सुशील ने कहा कि केबीसी में एंट्री के नाम पर ठगी का एक मामला सामने आया है। इसके बाद ही उन्होंने सिद्धार्थ बसु से बात की। उनके अनुसार इस तरह का यह पहला मामला आया है। दरअसल, लखनऊ के इंजीनियरिंग कॉलेज के एक छात्र के पास फोन आया कि मैं सुशील कुमार बोल रहा हूं और आपका चयन हो गया है। अब प्रोसेसिंग फीस के रूप में 6500 रुपये भेज दें।

  • सुशील कुमार ने कहा: यह सुनकर मुझे हैरानी हुई कि केबीसी में चयन के नाम पर मेरे नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने पुलिस के पास शिकायत की है? सुशील ने कहा: आखिर पुलिस के पास मैं किस आधार पर जाऊं।

  • इधर, केबीसी के दूसरे करोड़पति अनिल सिन्हा ने बताया कि हाल ही में पुणे से लक्ष्मण बोकाडे से केबीसी के हॉट सीट तक जाने के लिए 40 हजार रुपये की मांग की गयी थी। बिहार के अलावा दूसरे राज्यों से लोग फोन कर इसके बारे में तहकीकात करते हैं। वे जानना चाहते हैं कि क्या उन्होंने पैसे देने को कहा है? अनिल सिन्हा ने कहा: मुझे लगता है कि टीवी के ऐसे कार्यक्रमों में शामिल कराने के नाम पर पैसों की उगाही करने वाला एक बड़ा रैकेट काम कर रहा है। उन्होंने कहा किया कि सिर्फ और सिर्फ टैलेंट के आधार पर ही केबीसी में जाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बक्सर के एक लड़के ने झांसे में आकर करीब 25 हजार रुपये किसी के बैंक एकाउंट में जमा कर दिया। इसमें अमिताभ बच्चन के हस्ताक्षर, प्रोसेसिंग फीस और सर्विस टैक्स के नाम पर पैसों की मांग शामिल थी।

  • केबीसी सीजन पांच में एक करोड़ जीतने वाने अनिल सिन्हा अब अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर लोगों को पहुंचाने तैयारी करवा रहे हैं। देश के दूसरे राज्यों के सैकड़ों लोग फेसबुक, इंटरनेट और फोन से उनके संपर्क में हैं।
    अनिल कुमार सिन्हा ने भास्कर डॉट कॉम से कहा: केबीसी में जाने के लिए मैंने 11 साल तक इंतजार किया। मेरे पास कोई गाइड नहीं था। लगता है कि इसके अभाव में इतना लंबा समय लगा। उसी समय अहसास हुआ कि केबीसी में जाने के लिए गाइडेंस जरूरी है।
    केबीसी की तैयारी के लिए लिखी किताब
    सिन्हा ने केबीसी में जाने की तमन्ना रखने वालों के लिए किताब तक लिख दी है। इसकी कीमत डेढ़ सौ रुपये है। किताब में केबीसी के अब तक के सभी करोड़पतियों पर चैप्टर है। करोड़पति बनने की लोगों की चाह को भुनाने के लिए अगले महीने वह दूसरी किताब भी बाजार में उतारने जा रहे हैं।
    इंस्टीट्यूट खोल दिया
    सिन्हा ने केबीसी की तैयारी कराने के लिए पटना में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट तक खोल दिया है। इसमें केबीसी में जीत के टिप्स तो दिए ही जाते हैं, कई दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करवायी जाती है। उनके अनुसार 'फास्टेस्ट फिंगर फर्स्‍ट' की बाधा पार करने के वह गुर बताते हैं।
    बैंक से टूट रहा करोड़पति का दिल
    अनिल एक सरकारी बैंक में अधिकारी हैं, लेकिन बैंक के रवैये से परेशान हैं। उनका कहना है कि केबीसी में सफलता के बाद बैंक ने उनकी इच्‍छा के मुताबिक कोलकाता से पटना तबादला करने का भरोसा दिया था, पर अब तक तबादला हुआ नहीं है। इस बीच अनिल एक हादसे का भी शिकार हो गए।
    केबीसी में किसी और के बोलों को बोल वाहवाही बटोर लेते हैं बिग बी! आगे क्लिक कर पढ़ें केबीसी से करोड़पति बने कुछ और लोग आज क्‍या कर रहे हैं...
  • ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के पिछले सीजन में पांच करोड़ रुपए जीतने वाले सुशील कुमार ने मोतिहारी में अपने घर पहुंचते हीनया घर बनवाने की बात की। इसी तरह गेम शो पर पहले करोड़पति बन चुके हर्षवर्धन नवाथे और राहत तस्लीम की जिंदगी में भी बहुत बदलाव आए। राहत का घर बन रहा है। हर्षवर्धन ने इंग्लैंड जाकर एमबीए किया।

  • ‘कौन बनेगा करोड़पति’ शो पर देश की पहली महिला करोड़पति बनीं राहत तस्लीम का गिरिडीह में तिमंजिला मकान बन गया है। पहले यहां दो हॉल और दो कमरे ही थे। महंगे टाइल्स ने घर को भव्य बना दिया है। घर में अच्छे फर्नीचर आ गए हैं।
    उन्होंने कोच्चि में 8000 रुपए की नौकरी करने वाले पति को भी अपने पास बुला लिया है। वे राहत की योजनाओं को पूरा करने में मदद कर रहे हैं। 27 नवंबर 2010 को करोड़पति बनने से पहले राहत सिलाई करके अपने परिवार का गुजर-बसर कर रही थीं। अब वे बिजनेस की नई योजना बना रही हैं।
    राहत ने कुछ समय पहले भास्‍कर को बताया था, ‘मैं बुटीक खोलना चाहती थी। मगर गिरिडीह में इस कारोबार का भविष्य न देखकर अब कपड़े का व्यवसाय करने का फैसला लिया है। पांच लाख रुपए घर पर खर्च करने के बाद बाकी पैसे बिजनेस में लगाऊंगी। घर का काम पूरा होते ही बिजनेस में जुट जाऊंगी।’ पहले बेटा-बेटी की पढ़ाई का भार उठाना मुश्किल हो रहा था, मगर अब बच्चे उसी बीएनएस डीएवी में पढ़ रहे हैं। उनकी नियमित फीस जमा हो रही है। तस्लीम ने बेटी की शादी और बेटे की उच्च शिक्षा के लिए भी निवेश किया है।
  • आईएएस नहीं बन पाए लेकिन एमएनसी में पाया बड़ा ओहदा
    ‘कौन बनेगा करोड़पति’ शो के पहले विजेता हर्षवर्धन नवाथे ने करोड़पति बनने के बाद इंग्लैंड जाकर एमबीए किया। वे आज बहुराष्ट्रीय कंपनी के मार्केटिंग विभाग में कार्यरत हैं।
    हालांकि, गेम शो में जब वे शामिल होने गए थे तब वे आईएएस बनना चाहते थे। लेकिन करोड़पति बनते ही उनका जीवन बदल गया। ग्लैमर की चकाचौंध से उनका लक्ष्य भटका। जब वे यूपीएससी की परीक्षा देने पहुंचे तो उम्र चार-पांच दिन अधिक हो चुकी थी। वे अपात्र घोषित कर दिए गए। 11 अक्टूबर 2000 को 26 साल के हर्षवर्धन को गेम
    शो के जरिए देश के पहले करोड़पति बनने का खिताब मिला था। वे आज सायन-प्रतिक्षानगर (मुंबई) स्थित म्हाडा की इमारत में रहते हैं।
    सीबीआई अधिकारी रहे हर्षवर्धन के पिता विनायक नवाथे स्वीकार करते हैं कि उनके बेटे के जीवन में केबीसी ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई। हर्षवर्धन ने मराठी टीवी सीरियल की अभिनेत्री से विवाह किया है। हालांकि, उनका रहन-सहन अब भी मध्यवर्गीय परिवारों की तरह ही है। हर्षवर्धन के पिता आज भी मुंबई के पूर्वी उपनगर के घाटकोपर इलाके की मध्यमवर्गीय सोसायटी में रहते हैं। करोड़पति बनने के बाद उनके बेटे से मिलने वालों का हुजूम यहीं उमड़ा था।
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Web Title: demanding money for entries in KBC
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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