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भास्कर डॉट कॉम ने किया था आगाह, मान जाते तो नहीं होता ये 'खौफनाक हादसा'

विशेष संवाददाता | Dec 12, 2012, 09:45 AM IST

पटना। बिहार में इस साल अवैध शराब से 53 लोगों की मौत हो गयी। राज्य में नयी शराब नीति लागू होने के बाद सरकार का रेवेन्यू तो बढ़ ही रहा है, मौतें भी धड़ाधड़ होने लगी हैं। हाल में आरा शहर में जहरीली शराब पीने से 25 लोग मारे गये थे। बीती रात से लेकर अब तक गया में 11 लोगों की मौत जहरीली शराब से हो गयी। मरने वालों में अधिकतर महादलित समुदाय के हैं।

इस साल जहरीली शराब से अरवल जिले में चार लोगों की मौत हुई थी। मुजफ्फरपुर के पारू में पिछले अक्टबूर में दस लोग मारे गये थे। छपरा में भी तीन लोगों की मौत जहरीली शराब से हो गयी थी। आरा में जहरीली शराब से मरने वालों की तादाद सर्वाधिक हो गयी है। वहां 8 से 10 दिसंबर के बीच कुल 25 मौतें हुईं। आरा का विष अभी पूरी तरह उतरा भी नहीं था कि गया में 10 दिसंबर की रात अस्पताल में जहरीली शराब पीने वाले कुल 11 लोगों ने दम तोड़ दिया। डीएम वंदना प्रेयसी ने अवैध शराब कारोबबारियों पर नकेल कसने को कहा है।

गया में अस्पताल से छह भागे

गया में जहरीली शराब से बीमार हुए छह लोग अस्पाताल से भाग गये। पुलिस उन्हें तलाश रही है। बताया जाता है कि बीती रात कै-दस्त और आंखों की रोशनी कम होने की शिकायत के बाद सात लोगों को स्थानीय अस्पताल में दाखिल कराया गया था। उनमें से एक आदमी की मौत हो गयी जबकि छह भाग गये। बाद में उनमें से चार की मौत अनके घर पर हो गयी।

माफियाओं का उत्पाद विभाग पर कब्जा: तत्कालीन मंत्री

उत्पाद विभाग पर माफियाओं का कब्जा है। यह बात तत्कालीन मद्य निषेध विभाग के मंत्री जमशेद अशरफ ने कही थी। उनके इस बयान के बाद सरकार की किरकिरी हुई और अशरफ को मंत्री पद गंवाना पड़ा था।

माफियाओं ने सरेआम पूर्व मंत्री को धुना

मुजफ्फरपुर के पारू में जहरीली शराब से दस लोगों की मौत का विरोध करने वाले पूर्व मंत्री हिंद केसरी यादव को आयुक्त कार्यालय के गेट पर शराब माफियाओं ने लाठियों से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था। 70 वर्षीय यादव अवैध शराब के धंधे को बंद करने और इस धंधे को मिल रहे पुलिस संरक्षण के विरोध में सड़क पर उतरे थे।

सरकार का रेवेन्यू छह गुना बढ़ा

राज्य में नयी शराब नीति लागू होने के बाद रेवेन्यू में छह गुना इजाफा हुआ है। वर्ष 2005-06 में नीतीश सरकार जब सžा में आयी उस वक्त शराब से रेवेन्यू 329 करोड़ रुपये मिल रहा था। वर्ष 2011-12 में यह बढ़कर 2045 करोड़ पर पहुंच गया। इस समय राज्य में 5624 लाइसेंसी दुकानें हैं।

आगे की स्लाइड्स में जानें क्या कहते हैं नीतीश कुमार, साथ में दैनिक भास्कर डॉट कॉम ने कैसे किया था आगाह...

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Web Title: liquor tragedy increase in bihar
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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