Home »Bihar »Patna» Most Popular Indian Leaders Who Was Starting Career With Students Politics

इन नेताओं ने कॉलेज से निकल कर कुछ यूं संभाल लिया देश का सत्ता!

अजय कुमार | Dec 11, 2012, 00:01 IST

  • पटना। कभी पटना यूनिवर्सिटी में बतौर छात्र नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पूर्व मंख्यमंत्री लालू प्रसाद, राज्य के डिप्टी सीएम सुशील मोदी, राज्यसभा सदस्य शिवानंद तिवारी, केंद्रीय मंत्री रहे रविशंकर प्रसाद, सुबोध कांत सहाय, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह, स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे, पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, पूर्व विधायक सरयू राय, कांग्रेस नेताओं रामजतन सिन्हा और अनिल शर्मा पटना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में भाषण दिया करते थे। इस कड़ी में और कई नाम हैं जो या तो राजनीति में हैं या किसी दूसरे क्षेत्र में।


    इस प्रकार कैंपस की राजनीति से बिहार के सत्ता सिंहासन तक पहुंचने वाले राजनीतिज्ञों की भरमार है। कैंपस पॉलिटिक्स से अपने कॅरियर की शुरुआत की थी। यह बात नयी पीढ़ी को नहीं मालूम होगी कि कभी पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष लालू प्रसाद तो महामंत्री सुशील मोदी हुआ करते थे। राजनीति में दोनों एक-दूसरे के धुर विरोधी हैं। कुछ छात्र नेता जज बन गये तो कुछ नौकरशाही में चले गये। कैंपस में आखिरी चुनाव 1983 में हुआ था। करीब 29 साल के अंतराल पर पटना यूनिवर्सिटी में चुनाव 11 दिसंबर को होने जा रहा है।

    आइये तस्वीरों के जरिए जानते हैं, उन तमाम नेताओं के बारे में जिनकी बुनियाद छात्र राजनीति से शुरू हुई...

  • 1970-71 में पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष रामजतन सिन्हा थे और महामंत्री चुने गये थे नरेंद्र सिंह। बाद में रामजतन सिन्हा विधायक और जनता पार्टी की सरकार में राज्य मंत्री बने। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद की कमान भी वह संभाल चुके हैं। अनिल शर्मा, प्रेमचंद मिश्र, श्याम सुंदर सिंह धीरज भी छात्र राजनीति की उपज हैं। धीरज 1990 के पहले कांग्रेसी हुकूमत में मंत्री रह चुके हैं जबकि अनिल शर्मा प्रदेश अध्यक्ष। प्रेमचंद मिश्र एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस से होते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी में प्रवक्ता का दायित्व निभा चुके हैं।

  • कैंपस में अलग-अलग राजनीति धाराओं की सक्रियता रहा करती थी। वह अब भी है। जदयू सांसद शिवानंद तिवारी कहते हैं: कैंपस की राजनीति के जरिये बड़े फलक पर जाने की भूमिका तैयार होती थी। छात्रों को अलग-अलग धाराओं की राजनीति से साबका पड़ता था। वे करीब से उनके विचारों के बारे में समझ सकते थे।

  • खुद शिवानंद तिवारी समाजवादी युवजन सभा की ओर से छात्र राजनीति में मजबूत स्तम्भ माने जाते थे। लालू-नीतीश को उन्होंने ही समाजवादी युवजन सभा का मेंबर बनाया था। दोनों नेताओं को राजनीति में भले बहुत आगे निकला हुआ मान लिया जाए मगर कैंपस की राजनीति में कई लोगों को उन्होंने स्थापित किया। वह राज्य में लालू-राबड़ी शासन में मंत्री रहे। वशिष्ठ नारायण सिंह 1990 में लालू प्रसाद के साथ मंत्री बने थे। अभी वे जदयू के प्रदेश अध्यक्ष हैं। प्रो जाबिर हुसेन विधान परिषद के सभापति रहे तो अब्दुल बारी सिद्दीकी विधान सभा में प्रतिपक्ष के नेता हैं। इसके पहले वह लालू-राबड़ी शासन में मंत्री थे। सुबोध कांत सहाय भी छात्र राजनीति से निकले। अभी वह केंद्रीय मंत्री हैं।

  • पूर्व मंत्री विजय कृष्ण, विक्रम कुंअर, भवेश चंद्र प्रसाद छात्र राजनीति से राजनीति की मुख्य धारा में आये। रघुनाथ गुप्ता, ददन सिंह और मिथिलेश सिंह उन दिनों छात्र राजनीति के जाने-पहचाने नाम थे। यह समाजवादी और मध्यमार्गी धारा के समर्थक थे। विद्यार्थी परिषद की राजनीति पर छात्रों को गोलबंद करने में सुशील मोदी के अलावा सरयू राय, रविशंकर प्रसाद, अश्विनी चौबे, नंद किशोर यादव और दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा की पहचान कोई कम न थी। इनमें सरयू राय झारखंड में भाजपा के विधायक रहे तो रविशंकर प्रसाद केंद्र में भाजपा सरकार में मंत्री। अश्विनी चौबे और नंदकिशोर यादव बिहार में मंत्री हैं।

  • छात्र राजनीति में सक्रिय रहने वाले शिव जतन ठाकुर लेक्चरर हैं तो किशोर प्रसाद मंडल और बिरेंद्र प्रसाद वर्मा जज हैं। अशोक सिंह राज्य के मंत्री रह चुके हैं तो गोपाल शरण सिंह एमएलसी रह चुके हैं। रघुपति और अख्तर हुसैन अब भी पुराने लोगों को याद हैं। सर्वोदय शर्मा माकपा के नेता हैं। डॉ सुशीला सहाय अब भी सामाजिक मुद्दों पर बेहद सक्रिय हैं। वह 1972 में छात्र संघ का चुनाव लड़ चुकी हैं।

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Most popular Indian leaders who was starting career with students politics
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From Patna

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top