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साल भर से कह रहे थे हमारी शादी करा दो परिजन नहीं माने, ट्रेन से कटकर दी जान

Bhaskar News Network | Apr 21, 2017, 02:20 IST

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साल भर से कह रहे थे हमारी शादी करा दो परिजन नहीं माने, ट्रेन से कटकर दी जान
प्रेम विवाह के लिए घर वालों के राजी न होने से दुखी एक प्रेमी जोड़े ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर लिया है। दोनों अपने माता पिता से एक साल से आपस में उनकी शादी करा देने का आग्रह कर रहे थे, लेकिन सामाजिक बंधन और परिजनों की मंजूरी नहीं मिलने से उनकी शादी नहीं हो पाई।

प्रेमी जोड़े का शव गुरुवार की सुबह विजय नगर रेल लाइन पर उनकी लाश मिली। युवक की पहचान गेंदलाल साहू और युवती की भारती निषाद के रूप में की गई। दोनों का शव मिलने से उरला दामाद पारा में मातम पसर गया है। सूचना मिलते ही मोहन नगर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों की शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि दामाद पारा उरला निवासी गेंदलाल साहू (26) पिता अर्जुन साहू के साथ बढ़ई का काम करता था। यहीं की रहने वाली भारती निषाद को वह चाहने लगा। दोनों परिजनों की अनुमति से शादी करना चाहते थे।

भारती निषाद

गेंदलाल साहू

मोबाइल की फोटो से प्रेमी जोड़े की हुई शिनाख्त

भारती के गायब होते ही उसकी तलाश शुरू की गई। उसकी बड़ी मम्मी के घर वाले भारती की जानकारी लेने दआ रहे थे। उरला फाटक के पास रुके तब पता चला कि रेलवे लाइन पर युवक युवती ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली है। वे वहां गए और फोटो खींची। घर आने के बाद उसी फोटो से उसकी शिनाख्त की।

बड़े पापा के मोबाइल से किया था गेंदलाल को फोन

बताया जाता है कि भारती ने बुधवार की दोपहर 12 बजे के करीब अपने बड़े पापा का मोबाइल से गेंदलाल को फोन किया था। शायद फोन करके वह उसे मिलने के लिए बुलाई थी। भारती का फोन आने पर गेंदलाल अपने घर से परिजनों के बिना बताए मोटर साइकिल लेकर चला गया। चार बजे के बाद उसका फोन बंद हो गया।

मोहन नगर पुलिस ने शव को बरामद कर दुर्ग मर्चूरी में पीएम कर दोनों के परिजनों को शव सौंप दिया। गुरुवार की दोपहर डेढ़ बजे भारती निषाद और गेंदलाल का शव पांच मिनट के अंतराल में दामाद पारा पहुंचा। शव को देखते ही गेंदलाल की मां की चीख पुकार शुरू हो गई। उसके परिजन तुरंत उसकी अर्थी को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए। इसके पांच मिनट बाद भारती की अर्थी उठी। भारती की बहन शव देखते ही बेहोश हो गई। परिजनों ने तुरंत 108 की मदद से उपचार के लिए उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

जिंदगी साथ नहीं बिता सके, अर्थी एक साथ निकली

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Web Title: साल भर से कह रहे थे हमारी शादी करा दो परिजन नहीं माने, ट्रेन से कटकर दी जान
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