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किसानों को धान बेचने के लिए करना पड़ता है 50 किलोमीटर का सफर

Bhaskar News Network | Oct 19, 2016, 02:25 AM IST

किसानों को धान बेचने के लिए करना पड़ता है 50 किलोमीटर का सफर
भास्कर न्यूज | जशपुर/अंकिरा

विकासखंड फरसाबहार के दक्षिणी क्षेत्र के किसानों को इस साल भी राहत मिल सकेगी, ऐसे आसार नजर नहीं आ रहे हैं। जिससे अनेक गांव के किसान इस साल भी धान बिक्री कर चेक लेने 50 किलोमीटर का सफर तय कर तपकरा कार्यालय जाने के लिए मजबूर हो सकते हैं। हालांकि इस क्षेत्र के किसान बीते कई वर्षों से कोनपारा को अलग समिति बनाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए मंत्री, जनप्रतिनिधि सहित संबंधितों से अनेक बार गुहार लगा चुके हैं, पर अब तक इस पर कोई पहल नहीं की गई है।

प्रशासन स्तर में दो माह पूर्व कोनपारा क्षेत्र के गांवों, किसानों की संख्या सहित आवश्यक जानकारी मंगाई गई थी। जिसे फरसाबहार अन्न उत्पादक संघ के पदाधिकारियों द्वारा संबंधित अधिकारियों से प्रमाणित कर समय-सीमा में भेजा जा चुका है। इसके बावजूद इसके बाद कोई पहल नहीं दिख रही है। लिहाजा इस क्षेत्र के किसान अब सड़क में उतरने का मन बना रहे हैं। इसके लिए संघ के पदाधिकारियों द्वारा जल्द से जल्द बैठक कर आवश्यक रणनीति बनाई जाएगी।

उल्लेखनीय है कि विकासखंड फरसाबहार में अभी मात्र एक ही समिति तपकरा में स्थापित है। धान खरीदी का चेक वितरण हो, या खाद-बीज का परमिट, तपकरा कार्यालय से ही सारे कार्य होते हैं। लिहाजा सदस्यों की संख्या ज्यादा होने से किसानों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर माटीपहाड़छर्रा, कुल्हारबुड़ा, जोरंडाझरिया क्षेत्र के ग्रामीणों को तपकरा कार्यालय जाने के लिए 50 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी तय करना पड़ती है, वहीं कार्यालय में किसानों की ज्यादा भीड़ होने से नंबर लगाना पड़ता है। लिहाजा कभी-कभार रात भी हो जाती है । ऐसे में किसानों का काफी समय बरबाद होेता है। अगर कोनपारा को अलग समिति बना दिया जाए, तो किसानों काे हर दृष्टि से सुविधा मिल सकती है। इसके लिए विकासखंड अन्न उत्पादक संघ द्वारा संबंधितों के पास कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद कोई पहल नहीं होने से संघ के अध्यक्ष लोचन प्रसाद यादव के नेतृत्व में अनेक किसानों ने रायपुर पहुंचकर राज्य विपणन संघ अध्यक्ष को लिखित में आवेदन दिया था। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द कोनपारा को अलग समिति का दर्जा दिया जाए।

कोनपारा जहां किसान धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग कर रहे हैं।

2 हजार किसान पंजीकृत हैं केंद्र में

कोनपारा केंद्र में 2 हजार किसान पंजीकृत हैं, वहीं यह कृषि बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण तपकरा समिति का 75 फीसदी खाद-बीज यहीं से वितरण होता है। धान खरीदी भी इसी अनुपात से होता है, ऐसी स्थिति में क्षेत्र के किसान चाहते हैं कि यहां अलग समिति बने। संघ के सचिव सरदार गोविंद सिंह ने बताया कि किसानों की सुविधाओं को देखते हुए कोनपारा को अलग समिति बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए हम लोगों ने संबंधितों से कई बार गुहार लगाई है। बावजूद कोई पहल नपं में नहीं दिख रही है। जिससे किसानों की बैठक लेकर सभी की सहमति के बाद आवश्यक पहल करने पर विचार किया जाएगा।

सीधी बात

जीएस शर्मा, सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जशपुर

धान खरीदी केंद्र कोनपारा क्षेत्र के किसानों ने कोनपारा में अलग समिति गठन करने का आवेदन दिया है, इस पर क्या पहल की जा रही है।

-प्राप्त आवेदनों के अनुरूप संबंधित समितियों से आवश्यक जानकारी मंगाई गई है। परीक्षण के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कोनपारा क्षेत्र की आवश्यक जानकारी दो माह पूर्व भेजी जा चुकी है, पर कोई पहल नहीं दिख रही हैω

-इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया चल रही है। पूरी होते ही प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

विकासखंड के 75 प्रतिशत खाद की खरीदी एवं इसी अनुपात से धान की बिक्री क्षेत्र के किसानों द्वारा की जाती है। ऐसे में यहां अलग समिति के लिए मापदंड पूरा होना लगता हैω

-इसका निर्णय छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग करता है। लिहाजा प्रतिवेदन जाने के बाद समिति के पुनर्गठन की घोषणा वहीं से की जाएगी।

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Web Title: किसानों को धान बेचने के लिए करना पड़ता है 50 किलोमीटर का सफर
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