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त्योहारी सीजन में सिंथेटिक मावे की आवक शुरू

Bhaskar News Network | Oct 19, 2016, 02:35 AM IST

निरंतर हो रही सिंथेटिक खोवा की आपूर्ति त्योहारो का सीजन प्रारंभ होते ही तेजी से बढ़ने लगी है। नगर एवं आसपास में दुग्ध उत्पादन के लिए कोई बड़ी डेयरी आदि न होने के कारण ग्रामीण कृषकों के द्वारा घरेलू स्तर पर थोड़े मोडे़ मवेशी रखकर किये जा रहे दुग्ध उत्पादन से आम जनता की दैनिक जरूरतें ले देकर पूरी हो पा रही है जिसमें भी अच्छी गुणवत्ता का दूध उपलब्ध नहीं है। इस स्थिति में लोग पैकेट बंद दूध का उपयोग कर रहे है।

इन विपरीत परिस्थितियों के बाद भी बाजार में खोवा एवं छेने से बनी मिठाइयां निरंतर प्रर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। आखिर ये मिठाइयां किस प्रकार के खोवा एवं छेने से बन रही है यह शोध का विषय है। पूरे वर्ष भर के साथ त्योहारो के सीजन में भी खाद्य एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन गतिविधियों की न तो कभी जांच की जाती है न ही नियमित निगरानी रखी जाती है। पड़ोसी जिलों से सिंथेटिक खोवा की आपूर्ति निर्बाध गति से जारी है।

अंचल में लंबे समय से चल रहा सिंथेटिक खोवा से मिठाई बनाने का कारोबार पर्व के अवसर पर और भी व्यापक पैमाने पर किया जा रहा है। सिंथेटिक खोवा के नाम से आने वाले इस नकली खोवा की आपूर्ति राजधानी रायपुर एवं न्यायधानी बिलासपुर से आम दिनो में यात्री बसों के द्वारा तथा त्योहारो के समय ज्यादा खपत होने पर पिकअप के द्वारा | शेष पेज 12





सीधे टनों की मात्रा में सप्लाई की जाती है। जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ का यह खतरनाक खेल विगत कई वर्षों से जारी है। स्वास्थ्य एवं खाद्य विभाग द्वारा इस संबंध में किसी भी प्रकार की जांच एवं कार्यवाही न किए जाने के कारण यह खतरनाक व्यवसाय दिनो दिन फल फूल रहा है। जानकारों के अनुसार अमानक स्तर के सामग्री से बनी इस खोवे की मिठाई जन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है तथा इसके निर्माण एवं व्यवसाय पर जांच कर तत्काल रोक लगाने की आवश्यकता बताई जा रही है। इस नकली खोवे की आपूर्ति पिकअप के माध्यम से देर रात या फिर सुबह सबेरे कम भीड़ भाड़ के समय की जाती है।

विक्रेताओं पर नहीं हो रही कार्यवाई

स्वास्थ्य एवं खाद्य विभाग द्वारा इस प्रकार से नकली खोवा से बनी मिठाइयों के निर्माण एवं विक्रय के दौरान जांच न किए जाने के कारण यह व्यवसाय दिनो दिन बढ़ता ही जा रहा है। आम दिनों के साथ साथ त्यौहारों के समय इस प्रकार की मिठाइयों के निर्माण एवं विक्रय की मात्रा बहुत बढ़ जाती है। जन स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए इस प्रकार के मिलावटी एवं नकली खाद्य सामग्रियों के व्यवसाय पर रोक लगाया जाना आवश्यक है।

खरीदने से पहले खाद्य सामग्रियों को परखें

नकली एवं सिंथेटिक खोवा से बनी मिठाइयां स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से घातक है। इनके उपयोग से पेट दर्द, उल्टी, के साथ फूड प्वाइजनिंग का भी गंभीर खतरा हो सकता है। इसलिए इस प्रकार की मिठाइयों के उपयोग से दूर रहना सुरक्षित है। उपभोक्ता खरीदने से पहले खाद्य सामग्रियों की अच्छी तरह जांच कर ले। डॉ एस टोप्पो, बीएमओ, कुनकुरी

अंचल में नहीं हो रहा दूध का उत्पादन

आम जनता को रोजमर्रा के उपयोग के लिए कम्पनियों के डिब्बा एवं पाउच में पैक दूध के ऊपर निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में मिठाई निर्माताओं को खोवा, छेना एवं दूध से बनी मिठाइयों के निर्माण के लिये दूध एवं खोवा कैसे और कहां से प्राप्त हो रहा है यह भी जांच का एक विषय है। किसी भी प्रकार के त्यौहार के समय अचानक बढ़ी मांग के बावजूद खोवा एवं छेना से बनी मिठाइयों की उपलब्धता में कोई कमी नहीं आती है जबकि इस क्षेत्र में दूध के उत्पादन का कोई बड़ा स्रोत नहीं है। भारी मुनाफे एवं बढ़ी मांग के कारण नकली मावा से मिठाई बनाने का कारोबार व्यापक पैमाने पर हो रहा है।

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Web Title: त्योहारी सीजन में सिंथेटिक मावे की आवक शुरू
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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