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न तो बांध बनने देंगे न गांव छोड़ेंगे 700 ग्रामीण कलेक्टर से मिले

Bhaskar News Network | Apr 21, 2017, 02:00 IST

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न तो बांध बनने देंगे न गांव छोड़ेंगे 700 ग्रामीण कलेक्टर से मिले
ग्रामीणों को सिंचाई सुविधा देने के लिए बनने वाले बांध के चलते 1600 आबादी प्रभावित होगी। सालों से जिस जमीन के भराेसे हम जीवन यापन कर रहे हैं वह डूब जाएगी। इसके चलते हम पर रोजी रोजी का संकट आ जाएगा। बांध न बने इसकी मांग को लेकर 70 किमी का सफर बाइक व अन्य गाड़ियों से कर चेराकुट और हीरामांदला के 700 से अधिक ग्रामीण कलेक्टाेरेट पहुंचे थे। कलेक्टर से राहत की गुहार लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि जिला प्रशासन यदि उनकी इस मांग को पूरा नहीं करता है तो भी वे गांव नहीं छोड़ेंगे।

ग्रामीणों ने कलेक्टर अमित कटारिया से कहा सिंचाई विभाग अपनी योजना के मुताबिक बस्तर जनपद पंचायत के चेराकुट पंचायत स्थित कपारी नाला में बांध बनवाने का काम शुरू कर दिया है। बांध बनने से इस नाले के आस पास रहने वाले 600 परिवारों के सामने राेजी रोटी की समस्या आ जाएगी।

जल संसाधन िवभाग बोला कि अभी तो सर्वे चल रहा

ग्रामीणों की बातों को सुनने के बाद कलेक्टर ने जल्द ही मामले का समाधान निकालने की बात कही। मामले में जल संसाधन विभाग के एसडीओ एसआर नेताम ने कहा कि अभी सर्वे चल रहा है। अगर बांध बनेगा तो किसानों को शासन के नियमानुसार राहत राशि दी जाएगी।

बांध बनने से इन गांवों को मिलेगा फायदा

कपारा नाला पर बांध बनने से बस्तर ब्लाक के पांच गावों को फायदा मिलने की बात कही जा रही है। इसमें घोटिया, नारायणपाल, टेमरी , सुदापाल और पाथरी शामिल है। बांध बनने से करीब दो हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने की बात ही गई है।

मंत्री कश्यप का आश्वासन झूठा साबित हुआ

सिंचाई विभाग दो पहाड़ों के बीच स्थित नाले पर बांध का निर्माण कराने की योजना बनाया है। यदि बांध बन जाता है तो चेराकुट और हीरामांदला के 9 पारे डूब जाएंगे। चेराकुट के सरपंच बुधराम बघेल ने बताया कि बांध बनने से चेराकुट के बडेपारा, पटेलपारा, कोरवापारा, कुलिहारपारा, कोलेबेड़ापारा, मारीपारा, कोिलयापरा, कोटवारापारा, पटेलपारा तो वहीं हीरामांदला के गुड़ीपारा, जूनापारा और मुंडापारा डूब जाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी आय का जरिया केवल खेती बाड़ी है। करीब 700 हेक्टेयर में धान की खेती की जाती है वहीं 150 हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में किसान सब्जियों की खेती कर रहे हैं। ग्रामीण सुकालू राम नाग, सुकरू राम और भागरती राम, मंगतू ,चैनूराम ने कहा कि बांध न बनाने स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप से दो साल पहले से गुहार लगाई थी। उन्होंने बांध निर्माण रोकने का आश्वासन दिया था जो झूठा साबित हुआ। बावजूद इसके एक बार फिर से इस मामले को लेकर मंत्री और सांसद दिनेश कश्यप से भी गुहार लगाई जाएगी।

जगदलपुर। नारेबाजी करते चेराकुट और हीरामांदला के ग्रामीण।

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Web Title: न तो बांध बनने देंगे न गांव छोड़ेंगे 700 ग्रामीण कलेक्टर से मिले
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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