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रविंद्र बहादुर के नाम पर होगा संग्रहालय: कुलपति

Bhaskar News Network | Oct 19, 2016, 02:30 AM IST

इंदिरा कला संगीत विवि का 60 वॉ स्थापना दिवस का समापन पांच दिन तक देश विदेश के प्रख्यात कलाकारों की संगीतमयी प्रस्तुति के साथ हुआ। स्पीक मैके और विवि के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह का शुभारंभ उपकुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने विवि के संस्थापक स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह और स्व.रानी पदमावती देवी सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ किया और कहा कि 1961 में प्रकाशित विवि पत्रिका कला सौरभ में इस बात का उल्लेख है कि विवि का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कहा था कि हर व्यक्ति संगीतज्ञ नहीं हो सकता लेकिन व्यक्ति के जीवन में संगीत विद्यमान होता है। कुलपति ने इस दौरान विवि में निर्मित संग्रहालय का नाम राजा रविन्द्र बहादुर सिंह के नाम पर करने की घोषणा की।

संगीत के मंदिर को नमन: शुभारंभ के बाद पूर्व संचालक नेशनल गैलरी आॅफ माडर्न आर्ट्स नई दिल्ली के राजीव लोचन ने समकालीन कला पर व्याख्यान दिया। सांगीतिक कार्यक्रम में गायिका मंजूशा पाटिल ने राग तिलवाड़ा ताल, ठुमरी की प्रस्तुति दी। इनके साथ विवेक बंसोड़े, रोमेन्द्र सोलंकी व तानपुरा में विवि की छात्रा अनुश्री व लुपुरी लैसिनिका ने संगत की। दिल्ली की प्रेरणा श्रीमाली ने कत्थक प्रस्तुति दी। इस दौरान विवि के प्रो.प्रकाश महाडि़क, मुकुंद भाले, सुनीता भाले, रामनाथ सिंह, डा.शिवाली महोबे, इरशाद वारसी, लिकेश्वर वर्मा मौजूद रहे।

भोपाली राग सम प्रकृति का

कार्यशाला में हिंदुस्तानी गायिका मंजूशा पाटिल ने विवि के स्टुडेंट्स को ग्वालियर घराने के बंदिशों की जानकारी दी। वहीं तिलवाड़ा ताल में निबद्ध राग भोपाली के विलंबित ख्याल व पारंपरिक द्रुत रचना के बारे में बताया। राग भोपाली को सम प्रकृति का राग बताते हुए देशकार की रचना सिखाई। राग बागेश्री में त्रिताल व द्रुत एकताल व पारंपरिक जौनपुरी रचना के बारे में बताया। कार्यशाला में श्रीमती पाटिल ने महत्वपूर्ण जानकारी दी।

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Web Title: रविंद्र बहादुर के नाम पर होगा संग्रहालय: कुलपति
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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