Home »Chhatisgarh »Korba » भू-विस्थापित दूसरे दिन भी अनशन पर थे रात में अंजान युवक ने कफन गिफ्ट किया

भू-विस्थापित दूसरे दिन भी अनशन पर थे रात में अंजान युवक ने कफन गिफ्ट किया

Bhaskar News Network | Oct 19, 2016, 02:30 AM IST

भू-विस्थापित दूसरे दिन भी अनशन पर थे रात में अंजान युवक ने कफन गिफ्ट किया
नौकरी की मांग को लेकर एनटीपीसी के पांच भू-विस्थापितों का अनशन दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। इस बीच रात में बाइक से पहुंचे एक अंजान शख्स ने भू-विस्थापितों को गिफ्ट देने की बात कहते हुए एक थैला थमा दिया, जिसमें कफन के तौर पर उपयोग होने वाले सफेद कपड़े थे। इसे देखकर भू-विस्थािपतों के होश उड़ गए।

एनटीपीसी से विस्थापित चारपारा कोहड़िया के पांच भू-िवस्थापित रनसाय कैवर्त, गणपति प्रसाद कैवर्त, रामूलाल पटेल, गोरेलाल पटेल व दूजराम पटेल ने 17 अक्टूबर से आमरण अनशन शुरू किया है। वे एनटीपीसी प्रबंधन से नौकरी की मांग कर रहे है। भू-विस्थापितों के अनुसार आंदोलन के पहले दिन रात करीब 9.30 बजे जब अनशन पर बैठे पांच भ्ू-विस्थापितों के अलावा लगभग दस की संख्या में और भी लोग उपस्थित थे। इसी दौरान आंदोलन स्थल पर बाइक से एक अंजान व्यक्ति पहुंचा। उसने खुद को एनटीपीसी का कर्मचारी बताते हुए आंदोलन व भू-विस्थापितों की मांगो को लेकर चर्चा किया। इसके बाद गिफ्ट के नाम पर उनको एक थैला थमा कर चला गया। कुछ देर बाद भू-विस्थापितों ने जब उस थैला को खोलकर देखा तो उसमें कफन के तौर पर उपयोग होने वाले 10 की संख्या में सफेद रंग के कपड़े निकले इसे देखकर मौके पर उपस्थित लोगों में हड़कंप मच गया। अनशन स्थल पर उपस्थित लोगो ने इसकी सूचना भू-विस्थापित महासंघ के पदाधिकारियों व अन्य ग्रामीणों को दिया। मंगलवार को इसकी जानकारी मिलने पर मौके पर पुिलस व एनटीपीसी सीआईएसएफ के लोग पहुंचे थे।

एनटीपीसी में नौकरी की मांग को लेकर अनशन में कफन के साथ बैठे भूविस्थापित, कहा- शांति के साथ ही प्रदर्शन करेंगे।

एनटीपीसी भू-विस्थापित महासंघ ने अनशनकारी भ्ू-विस्थापितों काे गिफ्ट के नाम पर कफन थमाने वाले अंजान व्यक्ति के खिलाफ दर्री पुिलस से शिकायत किया है। भू-विस्थापित महासंघ के अनुसार मामले में खुद को एनटीपीसी कर्मी बताने वाले संबंधित अंजान व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाना चाहिए। शिकायत पत्र में अनशन पर बैठे भू-विस्थापितों ने भी हस्ताक्षर किया है।

1977 में भू-अर्जन हुआ था। इसके लिए पात्रों को नियमित नौकरी दी जा चुकी है। अन्य भ्ू-विस्थापितों के हित के लिए भी प्रबंधन ने अन्य माध्यम से रोजगार की व्यवस्था की है। सोसायटी के माध्यम से भू-विस्थापित अब तक 3 करोड़ 61 लाख से अधिक का काम कर चुके है। सीपत के भ्ू-विस्थापितों को कोरबा में नौकरी के संबंध में भू-विस्थापितों में भ्रम की स्थिति है। वहां के कर्मचारी यहां सिर्फ बेहतर प्रशिक्षण के लिए आए है। आंदोलन करना गलत है। -आशुतोष नायक, जनसंपर्क प्रमुख, एनटीपीसी कोरबा

भू-विस्थापित मंगलवार को गिफ्ट के तौर पर मिलने वाले कफन को सामने रखकर ही एनटीपीसी प्रबंधन से नौकरी की मांग को लेकर नारीबाजी करते रहे। भू-विस्थापितों के अनुसार उनको डराने और भड़काने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। लेकिन हम अपना आंदोलन शांतिपूर्वक जारी रखेंगे। भ्ू-विस्थािपतों ने संदेह जाहिर करते हुए कहा कि अंजान व्यक्ति ने खुद को एनटीपीसी कर्मचारी बताया था। इसलिए यह हो सकता है कि प्रबंधन ने भू-विस्थापितों को डराने के लिए ऐसा किया होगा।

भ्ू-विस्थापित महासंघ ने की कार्रवाई की मांग

पात्र सभी लोगों को पहले ही दे दिया है नौकरी

हमें डराने और भड़काने के लिए प्रबंधन की चाल

सूचना मिलते ही पुिलस और एनटीपीसी सीआईएसएफ का स्टाफ भी मौके पर पहुंचा

दूसरे दिन शहर विधायक जयसिंह अग्रवाल अनशन कारियों से मिलने आंदोलन स्थल पर पहुंचे थे। उन्होने हर परिस्थितियों में भू-विस्थापितों के सहयोग की बात कही है। विधायक ने कहा कि त्रि-पक्षीय वार्ता के माध्यम से भू-विस्थापितों की मांगो को लेकर जो स्थिति है उसे स्पष्ट किया जाना चाहिए। उचित ढंग से चर्चा होने से आगे के लिए सही रास्ता निकल सकता है।

त्रिपक्षीय वार्ता बुला निकालें रास्ता: विधायक

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: भू-विस्थापित दूसरे दिन भी अनशन पर थे रात में अंजान युवक ने कफन गिफ्ट किया
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

    More From Korba

      Trending Now

      Top