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धूप के कारण स्कूल नहीं जाना चाहते थे दोनों भाई, तैयार होकर निकले तो जीप ने रौंद दिया

Bhaskar News | Apr 22, 2017, 17:09 IST

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
रायपुर.छत्तीसगढ़ के रायपुर-मंदिर हसौद रोड पर एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के सामने गुरुवार सुबह 8 बजे बरात से लौट रही स्कॉर्पियो दो बच्चों को रौंदते हुए खेत में जा पलटी। दोनों भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, छेरीखेड़ी के बेसन फैक्ट्री में काम करने वाले अमरदास बंजारे के बेटे सागर (12) और तुषार (10) स्कूल के लिए सुबह 7:30 बजे घर से निकले। दोनों जोरा शासकीय स्कूल में पढ़ते थे। शीशा तोड़कर बचाया गया स्कॉर्पियों में बैठे लोगों को...
स्कॉर्पियो के अंदर बैठे हुए पांच लोगों को आसपास के लोगों ने शीशा तोड़कर उन्हें निकाला। दुल्हन के सिर पर चोट आई है। ड्राइवर संतोष कुमार की हालत गंभीर है। बाकी को मामूली चोटें आईं हैं।
पुलिस ने बताया कि कोटा के सनत कुमार खत्री ओडिशा बारात लेकर गए थे। बुधवार देर रात वहां से वापस रायपुर के लिए निकले थे। गाड़ी सनत का भाई संतोष कुमार चला रहा था। हादसे में दुल्हन सौभागनी की रिश्तेदार चंद्रा और एक अन्य को भी चोट आई है। सभी का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
रफ्तार ज्यादा थी, टायर फटने से बेकाबू हुई कार
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, हादसे के पहले जोरदार धमाका हुआ था। पुलिस को आशंका है कि गाड़ी का टायर फट गया होगा क्योंकि रफ्तार तेज थी। इससे ड्राइवर हड़बड़ी में नियंत्रण खो बैठा और बच्चों को रौंदते हुए स्कॉर्पियो पलट गई।
धूप के कारण स्कूल नहीं जाना चाहते थे दोनों भाई
मारे गए दोनों मासूम सुबह-सुबह तेज धूप की वजह से गुरुवार को स्कूल नहीं जाना चाहते थे। पिछले तीन-चार दिन से सुबह 10 बजे से ही तापमान 40 डिग्री तक पहुंच रहा है। दोनों की छुट्टी 11 बजे के बाद होती थी। पिछले कुछ दिनों से इस समय लू चलने लगती है। इसीलिए सुबह सागर और तुषार ने तय किया था कि स्कूल नहीं जाएंगे। लेकिन बाद में दोनों तैयार होकर स्कूल के लिए निकल गए।
सेरीखेड़ी में मातम
हादसे में बच्चों की मौत की खबर 20 मिनट में ही छेरीखेड़ी में फैल गई और पूरी बस्ती में मातम छा गया। फैक्ट्रियों से भी कर्मचारी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने बताया कि बच्चों का पिता अमरदास पलारी के लुटूडीह का रहनेवाला है। वह करीब सात साल से रायपुर में है। इस दंपत्ति के दो ही बेटे थे। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव दोपहर 12 बजे के बाद दे दिए गए। परिजन शवों को लेकर दोपहर 1 बजे से पहले ही गांव रवाना हो गए।
5 बच्चों की हुई थी मौत
छेरीखेड़ी के पास ही 6 महीने पहले तेज रफ्तार गाड़ी ने एक ही परिवार के तीन बच्चों को रौंद दिया था। घटना के दो महीने बाद जोरा के पास चार पहिया वाहन ने बाइक को चपेट में ले लिया था। इसमें एक ही घर के दो लोगों की मौत हो गई थी। पिछले चार महीनों में जोरा और छेरीखेड़ी के पास एक दर्जन से ज्यादा हादसे हो चुके हैं।
चौकी खोलने की मांग
तेलीबांधा से मंदिर हसौद के बीच लगातार हादसे के कारण वहां के रहवासियों ने चौकी खोलने की कई बार मांग की गई हैं। छह महीना पहले भी एक्सीडेंट में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई। एक घायल हुआ था। उस समय भी लोगों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम भी किया था। उस समय भी चौकी खोलने की मांग की गई थी।
हादसे के कारण
-सड़कें चौड़ी और वन-वे, इस वजह से हर वाहन की गति ज्यादा।
-स्पीड हाईवे पर फैंसिंग नहीं, गांवों के आसपास ज्यादा मवेशी सड़क पर।
-लेन सिस्टम का पालन नहीं करने की वजह से अनियंत्रित ट्रैफिक।
आगे की स्लाइड्स में देखें, फोटो...
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Web Title: Incident near Krishi University in Raipur
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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