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इंजीनियर की किडनैपिंग, फिरौती के 5 करोड़ से मुंबई में ऐश करने के देखे थे सपने

bhaskar news | Mar 21, 2017, 08:20 IST

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इंजीनियर की किडनैपिंग, फिरौती के 5 करोड़ से मुंबई में ऐश करने के देखे थे सपने
रायपुर. सुंदर नगर के इंजीनियर सुशील गुप्ता का अपहरण करने वालों ने फिरौती की रकम मिलने पर ऐशो आराम की जिंदगी गुजारने के सपने देखे थे। सभी की प्लानिंग पैसा मिलते ही छत्तीसगढ़ से भाग जाने की थी। पूरी वारदात का मास्टर माइंड मनोज शर्मा कानपुर जाने वाला था। समीर खान ने मुंबई जाकर डॉग का बड़ा ट्रेनिंग सेंटर खोलने की सोची थी। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने इसी तरह कई खुलासे किए।
मनोज च्वाइस सेंटर में काम करता है, लेकिन वह बड़े सपने देखता था। वह कानपुर में कोचिंग सेंटर खोलना चाहता था, ताकि बाकी की जिंदगी ऐशो आराम के साथ गुजार सके। उसने फिरौती की रकम का हिस्सा बंटवारा भी तय कर लिया था। 5 करोड़ मिलने पर डेढ़-डेढ़ करोड़ मनोज और समीर के हिस्से में आते। 50 लाख समीर के साले और इतनी ही रकम इस वारदात में उनके साथ शरीक समीर के पड़ोसी राहुल को देना तय किया गया था।
मनोज यह जानता था कि इंजीनियर के अपहरण के बाद पुलिस कुछ दिनों तक चैन से नहीं बैठेगी और उन्हें तलाश करने की कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इसी वजह से उसने योजना बनाई थी कि इंजीनियर गुप्ता को वे लोग अभनपुर के ऐसे आउटर में रखेंगे जहां पुलिस को शक न हो सके। उसी प्लानिंग के तहत समीर और उसका साला इंजीनियर को किडनैप करने के बाद अभनपुर से धमतरी के बीच सुरक्षित जगह ढूंढने गए थे। आरोपी ईट भट्टे या झोपड़ी में रखना चाह रहे थे, ताकि पुलिस वाले उन तक पहुंच न पाए। मंगलवार को समीर, मनोज और समीर के साले एबॉन को कोर्ट पेश किया जाएगा। पुलिस अफसरों ने संकेत दिए हैं कि अब उन्हें रिमांड पर नहीं लिया जाएगा।
इंजीनियर के नाम से लिया सिम
मनोज को मालूम था कि किडनैपिंग के बाद अगर उसने अपना या साथियों का मोबाइल फोन इस्तेमाल किया तो तुरंत पकड़े जाएंगे। इसलिए उसने इंजीनियर के नाम से ही फर्जी आधार कार्ड बनाया।
उस आधार पर कार्ड से सिम खरीदा। हालांकि आरोपियों ने सिम का उपयोग नहीं किया था। सिम का उपयोग घटना के बाद किया जाता। आरोपियों ने घटना के दौरान मोबाइल का उपयोग नहीं किया था। वे इंजीनियर के मोबाइल से ही बात करते रहे। घर वालों से बात करने के लिए पड़ोस में रहने वाले राहुल को फोन लगाते थे।
बधाई दी पर कमियों और दिक्कतों पर मंथन
आईजी प्रदीप गुप्ता और एसपी डॉ. संजीव शुक्ला ने अपहरणकांड का जल्द खुलासा होने पर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम को बधाई दी। सोमवार को आईजी ने अपने ऑफिस में कुछ अफसरों और क्राइम ब्रांच की टीम के साथ मंथन किया। इस दौरान यह जानने की कोशिश की कई आखिर पूरे ऑपरेशन के दौरान किस तरह की दिक्कतें सामने आईं और अफसर किन कमियों से रुबरु हुए। उन खामियों और कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए कुछ हाईटेक उपकरण भी क्राइम ब्रांच को उपलब्ध कराया जाना तय हुआ। आधी रात को भी मोबाइल का लोकेशन निकाल सके और कैमरों की जांच की जा सके। इसके लिए भी तकनीकी तौर पर पुलिस काे मजबूत करने को कहा गया।
बच्ची भी गई मां के साथ जेल
किडनैपर के घर वाले या कोई रिश्तेदार अब तक सामने नहीं आए है, इसलिए पुलिस ने समीर की 4 साल की बच्ची को मां के साथ जेल में ही रखा गया है। पुलिस के अनुसार समीर के घर या ससुराल से कोई नहीं आया है। समीर का ससुराल पंखाजुर में है। मनोज मूलत: कानपुर का रहने वाला है। उसके घर वालों को भी घटना की सूचना दी गई।
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Web Title: new disclosure in engineer sushil gupta kidnapping case
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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