Home »Chhatisgarh »Raipur »News» One Thousand Crore Project For Raipur

रायपुर के लिए एक हजार करोड़ के प्रोजेक्ट, नैरोगेज एक्सप्रेस-वे बजट में शामिल

bhaskar news | Mar 07, 2017, 08:12 IST

  • रायपुर.मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के बजट में राजधानी रायपुर के लिए एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट हैं। नैरोगेज एक्सप्रेस-वे जैसी कुछ योजनाओं पर काम शुरू हो चुका है, तो कुछ पर होना है। सभी प्रोजेक्ट जून से नवंबर 2018 तक पूरे होने हैं यानी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले। नैरोगेज एक्सप्रेस-वे सबसे महत्वाकांक्षी है और सड़क ठीक उस वक्त शुरू होगी, जब सरकार चौथी पारी की उम्मीद लिए चुनावी समर में उतरेगी।
    नैरागेज एक्सप्रेस-वे
    प्रदेश सरकार ने आखिरकार राजधानी के बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट नैरोगेज एक्सप्रेस-वे को बजट में शामिल कर लिया गया है। पटरियां उखाड़कर बनाई जाने वाली यह प्रदेश की पहली सड़क होगी। इसके लिए केंद्रीय सड़क निधि के तौर पर 350 करोड़ रुपए राज्य सरकार को मिल गए हैं। सरकार ने राजधानी को आदर्श कृषि महाविद्यालय तथा दिव्यांगों के लिए पहला कालेज दिया है। यह बिलकुल नई घोषणाएं हैं। केंद्रीय विद्यालय और राजधानी की सड़कों पर एलईडी लाइट्स जैसे प्रोजेक्ट को पैसों का इंतजार था, जो आखिरकार राज्य से मिल गए हैं।
    मौजूदा शहर को नई राजधानी के सभी सेक्टरों व एयरपोर्ट से जोड़ने के लिहाज से नैरोगेज सड़क महत्वपूर्ण साबित होगी। सड़क विकास निगम (सीआरडीसी) ने एक्सप्रेस-वे बनाने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। कुछ दिन में वर्कआर्डर होने वाला है। यह प्रोजेक्ट दो चरणों का है। स्टेशन से शदाणी दरबार तक 12 किमी सड़क अभी बनाई जाएगी। दूसरे चरण में यहां से केंद्री तक 10 किमी सड़क बनेगी, यानी कुल 22 किमी।
    ये हो चुका अब तक
    नैरोगेज एक्सप्रेस-वे की 78 हेक्टेयर जमीन सरकार के कब्जे में आ गई है। शासन ने रेलवे को इसके लिए 139 करोड़ रुपए दिए हैं। सड़क का खर्च केंद्र उठाएगा। दिल्ली से 29 करोड़ रुपए की पहली किस्त भी मिल गई है। स्टेशन से शदाणी दरबार तक 12 किमी सड़क पर 294 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सीआरडीसी पहली किस्त के पैसों से 20 मार्च से काम शुरू करने जा रहा है।
    ये जल्द शुरू करेंगे
    छोटी रेल लाइन के आस-पास कब्जे हटाए जाने लगे हैं। मार्च अंत तक यह काम पूरा हो जाएगा। ठीक इसी समय पटरियां उखाड़ी जाएंगी। छोटी लाइन ट्रेन केंद्री से धमतरी तक चलेगी। इन्हें रखने के लिए केंद्री में मेंटेनेंस शेड दो माह में तैयार हो जाएगा। इसके लिए सरकार ने रेलवे को 7 करोड़ रुपए दे दिए हैं।
    आगे की स्लाइड्स में देखिए, छोटी लाइन पर चुनावी फोरलेन...
  • एलईडी लगानी हैं 45 हजार, दो साल में लगीं सिर्फ हजार
    - मौजूदा स्थिति- नगरीय प्रशासन की तरफ से दो साल पहले सूडा के माध्यम से प्रदेश के 5 नगर निगमों के स्ट्रीट लाइट में एलईडी लगाने की योजना बनाई गई थी।
    - रायपुर के अलावा बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव और कोरबा नगर निगम का चयन किया गया था। यहां 77 करोड़ रुपए में 1.11 लाख खंभों में एलईडी लगाए जाने थे।
    - रायपुर के आठ जोन में 54 हजार में से 45 हजार खंभों में लाइट बदलकर एलईडी लगाने थे। इसे लेकर काम भी शुरू किया गया लेकिन करीब एक हजार एलईडी सदर बाजार, तेलीबांधा, मरीन ड्राइव, डंगनिया और गौरव पथ रोड में लगाए गए। इसके बाद कुछ वार्ड में एलईडी लगाने को लेकर टेंडर भी जारी किया लेकिन बाद में उसे निरस्त कर दिया गया।
    - शहर में जोन क्रमांक एक में 4147 बिजली के खंभों, जोन 2 में 5865, जोन तीन में 4232, जोन चार में 5374, जोन पांच में 6470, जोन छह में 6576, जोन सात में 3221 और जोन आठ में 11415 स्ट्रीट लाइट में एलईडी लगाने हैं।
  • एयर टैक्सी तीन साल से हवा में क्योंकि विमान ही नहीं
    - रायपुर को दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, जगदलपुर, कोरबा और रायगढ़ से जोड़ने के लिए एयर टैक्सी की योजना तीन साल पहले शुरू की गई थी।
    - शुरुआत में एक एविवेशन कंपनी ने एक चार्टर प्लेन भी चलाया, लेकिन यात्री नहीं मिलने की वजह से कुछ महीने में ही सुविधा बंद कर दी गई। इसके बाद राज्य सरकार लगातार एयर टैक्सी के लिए योजनाएं बनाती रही, लेकिन एक बार भी टैक्सी शुरू नहीं हुई।
    -पिछले साल केंद्र सरकार ने बिलासपुर और जगदलपुर एयर स्ट्रिप को विकसित करने का फैसला किया है, लेकिन अभी तक इस पर काम शुरू नहीं हुआ है।
    -एविवेशन से जुड़े जानकारों का कहना है कि एयर टैक्सी के लिए छोटे विमानों की कमी की वजह से ये सुविधा अभी भी शुरू नहीं हो सकती है। विमान कम होने की वजह से किराया ज्यादा होता है। इतने में दिल्ली और मुंबई का सफर कर सकते हैं।
  • केंद्रीय विद्यालय, अभी 120 सीटों के लिए 3000 आवेदन
    - इस बजट में नया रायपुर के साथ सुकमा और बीजापुर में केंद्रीय विद्यालय खोलने की घोषणा की गई है।
    -वर्तमान में राजधानी में दो केंद्रीय विद्यालय डब्ल्यूआरएस कॉलोनी और डीडी नगर में संचालित हो रहे हैं।
    -डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में दो शिफ्ट और डीडी नगर में एक शिफ्ट में पहली से 12 वीं तक की कक्षाएं चल रही हैं। डब्ल्यूआरएस कॉलोनी की दोनों शिफ्ट सुबह और दोपहर को मिलाकर कुल क्रमश: 1600 और 2000 छात्र पढ़ते हैं। डीडी नगर ब्रांच में करीब 1500 छात्र हैं।
    - इन स्कूलों में प्रवेश के लिए राजधानी में मारामारी ज्यादा है। हालत यह रहते हैं कि हर साल कक्षा पहली में एडमिशन के लिए ही एक शिफ्ट में लगने वाले चार सेक्शन की 120 सीट के लिए 3000 से ज्यादा आवेदन आ रहे हैं।
    - अभी भी डब्ल्यूआरएस स्कूल में एडमिशन के लिए 6 मार्च तक 2500 से ज्यादा आवेदन भरे जा चुके हैं। 10 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि है।
  • राजधानी का कृषि सेंटर बनेगा प्रदेश में मॉडल
    - राजधानी का कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) राज्य के अन्य सेंटरों के लिए मॉडल बनेगा। राज्य शासन के बजट में पहली बार केवीके को शामिल किया गया है।
    -इसे आदर्श केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार एक करोड़ का अनुदान देगी। खेती-किसानी को लेकर नई तकनीक का डेमोस्ट्रेशन, किसानों की ट्रेनिंग समेत अन्य कार्य केवीके के माध्यम किए जा रहे हैं। प्रदेश में इनकी संख्या 22 है।
    - इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कैंपस में इसी साल जनवरी में राजधानी का पहला केवीके शुरू हुआ है।
    -इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (आईसीएआर) केवीके को सपोर्ट करती है। यहां के वैज्ञानिक व स्टॉफ की सैलरी, इसकी इंफ्रास्ट्रक्चर व अन्य खर्चों के लिए आईसीएआर ही पैसे देती है।
    - यह पहला मौका है, जब राज्य सरकार केवीके को एक करोड़ रुपए का अनुदान देगी।
    - इसका फायदा यह होगा कि रायपुर जिले के किसान इस सेंटर में आकर ट्रेनिंग ले सकेंगे। विवि से निकली खेती-किसानी की नई तकनीक व अन्य चीजें किसानों तक पहुंचाने में यह सेंटर मददगार साबित होगी। - कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र इस सेंटर से ट्रेनिंग ले सकेंगे।
    - इसके अलावा राज्य के अन्य केवीके के लिए भी राजधानी का यह सेंटर ट्रेनिंग सेंटर के रूप में स्थापित होगा।
  • किसान व हर वर्ग होगा खुशहाल
    - जनता की सहूलियतों का पूरा ध्यान रखा है। किसानों के लिए 10433.42 करोड़ का प्रावधान है। - -- यह पिछले वर्ष की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक है।
    - बृजमोहन अग्रवाल कृषि व सिंचाई मंत्री
  • छल किया है लोगों से
    - कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का और किसानों को धान बोनस का इंतजार था।
    - राज्य सरकार ने पब्लिक को सिर्फ स्मार्ट फोन से छला और कुछ नहीं किया।
    -अमित जोगी, विधायक
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: one thousand crore project for Raipur
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From News

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top