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दिल्ली के बाद सामने आया छत्तीसगढ़ का काला सच... 11 नाबालिग छात्राओं से दुष्कर्म

भास्कर न्यूज नेटवर्क | Jan 07, 2013, 00:07 AM IST

कांकेर/रायपुर।कांकेर से करीब 42 किमी दूर नरहरपुर ब्लॉक के आदिवासी बालिका आश्रम की 11 बच्चियों के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। शनिवार देर रात महिला बाल विकास अधिकारी शैल ठाकुर ने आश्रम के चौकीदार और शिक्षाकर्मी के खिलाफ थाने में रिपोर्ट लिखाई।
रविवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके साथ ही शिक्षाकर्मी को बर्खास्त और चौकीदार व आश्रम अधीक्षिका को निलंबित कर दिया गया। प्रारंभिक मेडिकल जांच में 9 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हो गई है। उधर, कांग्रेस ने घटना के विरोध में 8 जनवरी को कांकेर बंद का आह्वान किया है।
रिपोर्ट के अनुसार आश्रम के चौकीदार दीनानाथ नागेश तथा शिक्षाकर्मी मन्नूराम गोटी निवासी कुरूभाट ने 11 बच्चियों के साथ दुष्कर्म किया। इन छात्राओं की उम्र 8 से 13 वर्ष के बीच है। शिक्षाकर्मी तथा चौकीदार विगत दो वर्षो से आश्रम में पदस्थ थे और लगभग उसी समय से इस कुकृत्य को अंजाम दे रहे थे। शुक्रवार को एक व्यक्ति ने इस मामले की गोपनीय शिकायत कलेक्टर अलरमेल मंगई डी से की। कलेक्टर ने अपनी जांच में इसे सही पाया।
इसके बाद आरोपियों के खिलाफ शनिवार देर रात अपराध पंजीबद्ध किया गया। रविवार को पीड़ित छात्राओं को मेडिकल जांच के लिए कांकेर जिला अस्पताल लाया गया, जहां महिला डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम ने उनकी जांच की। इस दौरान जिला तथा पुलिस प्रशासन का पूरा महकमा अस्पताल में जमा रहा।
शाम को प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट आ गई, जिसमें 9 छात्राओं के साथ दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हो गई। उधर, मामला सामने आने के बाद आरोपी शिक्षाकर्मी फरार हो गया। उसे उसके गांव से आज दोपहर में गिरफ्तार किया गया। पीड़ित छात्राओं के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग की है।
कांग्रेसियों ने किया हंगामा, विधायक से मांगा इस्तीफा
घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए थोड़ी देर के लिए एनएच में चक्काजाम किया। साथ ही पीड़ित छात्राओं से मिलने पहुंची विधायक सुमित्रा मारकोले से इस्तीफे की मांग की। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं में थोड़ी तकरार भी हुई। पुलिस ने बीच-बचाव कर उन्हें शांत कराया।
सवाल: कन्या आश्रम में पुरुष की नियुक्ति क्यों?
कांकेर के आदिवासी बालिका आश्रम में पुरुष शिक्षाकर्मी की तैनाती सवालों के घेरे में है। शिक्षाकर्मी मन्नूराम गोटी न सिर्फ वहां पढ़ाता था, बल्कि आश्रम में रह भी रहा था। दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद अब इस मामले में प्रशासन पर भी सवाल खड़े हो गए है। आखिर बिना अनुमति के आश्रम में पुरुष शिक्षाकर्मी को रहने की अनुमति कैसे दी गई? किसने दी? क्यों दी? हालांकि छात्राओं के परिजनों ने इस संबंध में आश्रम अधीक्षिका से शिकायत की थी, पर किसी ने भी कोई गंभीरता नहीं दिखाई।
यह पहला मौका नहीं है जब इस तरह की घटना सामने आई है। इससे पहले रायपुर शहर के एक गर्ल्स स्कूल के एक शिक्षक पर भी आरोप लग चुका है कि उसने पिकनिक पर गई छात्राओं के साथ अभद्रता की थी। इसकी जांच हुई और मामला दबा दिया गया। बाद में फिर उस स्कूल में पुरुष शिक्षकों की नियुक्तिकर दी गई। जानकारी के अनुसार अब भी राज्य के कई कन्या छात्रावासों और आश्रमों में पुरुष कर्मचारी काम कर रहे है।
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि इसमें दोषी पाए गए किसी भी व्यक्तिको बख्शा नहीं जाएगा। कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रमन ने डीजीपी से पीड़ित बालिकाओं की सुरक्षा का समुचित उपाय करने और मामले की जांच तत्परता से करने के निर्देश दिए हैं।
आईपीएस अधिकारी करेंगी जांच
डीजीपी रामनिवास ने पुलिस मुख्यालय की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी नीतू कमल को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। वो घटनास्थल के लिए रवाना हो गई हैं। ट्रायवल डिपार्टमेंट की ज्वाइंट डायरेक्टर शारदा वर्मा भी इस घटना की जांच करेंगी। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन पुलिस निरीक्षक आरएन कुजूर से भी मामले की जांच करा रहा है।
कांग्रेस ने भी बनाई जांच कमेटी
कन्या हॉस्टल में हुई घटना की जांच के लिए कांग्रेस ने गंगा ठाकुर पोटाई की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। इसमें फूलोदेवी नेताम, श्यामा ध्रुव, तारा ठाकुर और आरती श्रीवास्तव को शामिल किया गया है। कमेटी के सदस्य सोमवार को घटनास्थल पर जाकर मामले की जानकारी लेंगे और प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल को जांच रिपोर्ट सौंपेंगे। कांग्रेस ने घटना की न्यायिक जांच की मांग की है।
आश्रम में हैं 43 बच्चियां
नरहरपुर के आदिवासी बालिका आश्रम की स्थापना वर्ष 2006 में हुई। आदिम जाति कल्याण विभाग इसे संचालित करता है। वर्तमान में आश्रम में कुल 43 बच्चियां रह रही हैं। विभाग द्वारा इन गरीब बच्चियों को मुफ्त में पहली से पांचवीं कक्षा तक की आवासीय शिक्षा दी जाती है।
पहले भी आया था मामला
सूत्रों के अनुसार बालिका आश्रम में इससे पहले भी एक-दो बार छात्राओं के साथ दुष्कर्म किए जाने की बात सामने आई थी। लेकिन लोक-लाज और गांव की प्रतिष्ठा की वजह से इसे परिजनों और ग्रामीणों ने बिना पुलिस-प्रशासन को सूचना दिए ही रफा-दफा कर दिया।
जांच-पड़ताल जारी
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मामले की शिकायत की गई थी। आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म का मामला किया गया है। उनकी गिरफ्तारी हो गई है। पीड़ित छात्राओं से पूछताछ की जा रही है।
-राहुल भगत, एसपी कांकेर
छिपाने वालों पर भी कार्रवाई
मामले में संलिप्त शिक्षाकर्मी को बर्खास्त करने के अलावा चौकीदार तथा आश्रम अधीक्षिका बबीता मरकाम को निलंबित कर दिया गया है। जांच जारी है। मामले को छिपाए रखने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
-अलरमेल मंगई डी, कलेक्टर कांकेर
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
यह मामला गंभीर है। इसकी जानकारी मिलते ही जांच के लिए एक वरिष्ठ महिला आईपीएस को कांकेर रवाना किया गया है। जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-रामनिवास, डीजीपी
अगली तस्वीरों पर कीजिए क्लिक और जानिए पूरा मामला...
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Web Title: black truth of Chattisgarh comes after Delhi Gangrape case 11 minor girls raped
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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