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कर्मचारियों की हड़ताल पर सख्ती, सरकार का रुख अडिग

भास्कर न्यूज | Jan 10, 2013, 05:55 IST

कर्मचारियों की हड़ताल पर सख्ती, सरकार का रुख अडिग
रायपुर।तृतीय वर्ग कर्मचारियों की हड़ताल पर राज्य सरकार के रुख में किसी प्रकार की नरमी आने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। उनकी मांगों को अब व्यावहारिक नहीं माना जा रहा है। खासकर डीएन तिवारी कमेटी की सिफारिशों को मानने लायक नहीं बताया जा रहा है।
डीएन तिवारी कमेटी की सिफारिशें आने के बाद राज्य सरकार ने बाद में मिंज कमेटी बनाई थी। मिंज कमेटी ने तिवारी कमेटी की सिफारिशों में से ज्यादातर को खारिज कर दिया था। दूसरी ओर कर्मचारी नेताओं का तर्क है कि उन्हें डाटा इंट्री ऑपरेटर से कम वेतन मिल रहा है। उनकी तुलना में कर्मचारी अधिक काम करते हैं।
कर्मचारियों को नोटशीट बनाने से लेकर अन्य जिम्मेदारियों का वहन करना होता है। लिहाजा उनका तर्क है कि उनकी मांग से शासन के खजाने पर अधिक बोझ भी नहीं आएगा लेकिन सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है। इधर, राज्य सरकार कर्मचारियों की मांगों पर किसी प्रकार विचार करती नजर नहीं आ रही है।
इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि राज्य के कर्मचारी केंद्र के कर्मचारियों से भी अधिक राशि मांग रहे हैं। देश में यूनिफाइड व्यवस्था के तहत छठवां वेतनमान लागू किया गया है और छत्तीसगढ़ में यह वेतनमान लागू है। छठवां वेतनमान लागू होने के बाद तिवारी कमेटी की पुरानी सिफारिश वैसे भी तार्किक नहीं रह जाती।
आम लोग परेशान
शासन और कर्मचारियों के अपने-अपने तर्क हैं। इन तर्को के बीच आम लोग परेशान हो रहे हैं। तहसील कार्यालय से लेकर जिला कार्यालय में लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए भटकना पड़ रहा है। नकल से लेकर जाति और आय प्रमाण पत्र बनाने जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं।
अल्टीमेटम से नाराज, जलाएंगे प्रतियां
डीएन तिवारी कमेटी की अनुशंसा लागू करने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को जिला प्रशासन ने काम पर लौटने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चा ने कहा है कि उक्त आदेश की प्रतियां जलाई जाएंगी। मोर्चे के प्रवक्ता विजय झा ने कहा कि सीएम से हुए समझौते के तहत आदेश जारी करने के स्थान पर अफसर आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं।
पिछले साल 21 दिनों की हड़ताल के दौरान चार बार मुख्यमंत्री से मुलाकात की गई। 6 से 7 बार अधिकारियों से चर्चा हो चुकी है। आंदोलन के पहले शासन को लगातार नोटिस दी गई। उसे रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। कर्मचारियों को पीआर यादव, संजय सिंह, कौशलेंद्र पांडेय, सीएल दुबे, इदरीश खान ने भी संबोधित किया।
आंदोलन में एम सेंटियागो, सुनीति अवस्थी, चंद्र किरण दुबे, आबिदा यजदानी, गीता रमचंदानी, स्नेहलता उइके, डी सिंह, ओपी वर्मा, आरएन पटेल आदि शामिल हुए।
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Web Title: government's strict mood on strike
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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