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विजलेंस में भी नेताओं के जासूस, छापे की खबर होती है लीक

भास्कर न्यूज | Feb 23, 2013, 06:54 IST

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विजलेंस में भी नेताओं के जासूस, छापे की खबर होती है लीक
रायपुर।रेलवे क्वार्टरों में कब्जा करने वालों ने रायपुर से बिलासपुर तक जबर्दस्त सेटिंग कर रखी है। विजलेंस के छापे के पहले ही उसकी खबर लीक हो जाती है।
किराएदार या तो ताला लगाकर कहीं चला जाता है, या छापे के वक्त असल मकान मालिक वहां पहुंच जाता है। भास्कर में खबरों में जिन मकानों का जिक्र है, यूनियन नेताओं ने उन्हें जल्द से जल्द खाली करने का फरमान दे दिया है।
क्वार्टर नंबर 115/5 और 108/4 को खाली करा दिया गया है। उनके नाम ये मकान अलॉट हैं उन्हें यहां रहने या फिर ताला लगा देने को कहा गया है।
रायपुर रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी रतन बसाक ने बताया कि क्वार्टरों में अवैध कब्जों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। उच्च अधिकारी इस पर लगातार नजर रख रहे हैं।
बिलासपुर जोन में विजिलेंस के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले तीन साल में डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में 10 बार से भी ज्यादा बार छापे मारे गए, लेकिन मात्र दो बार ही क्वार्टरों में बाहरी लोग पाए गए।
विजिलेंस अधिकारी का साफ कहना है कि शिकायत सही रहती है, लेकिन किरायदारों को पहले ही सचेत कर दिया जाता है। सबूत के अभाव में विजलेंस की टीम को खाली हाथ लौटना पड़ता है।
कुछ वर्ष पूर्व डब्ल्यूआरएस में कारखाना कार्मिक अधिकारी के रूप में डॉ. एस मेश्राम पदस्थ थे। बताते हैं कि उनके आते ही सभी क्वार्टरों के अलॉटमेंट की जांच शुरू की गई। सब कुछ नियमानुसार हो रहा था लेकिन यूनियन के नेताओं को यह रास नहीं आया और कुछ ही महीने बाद मेश्राम का स्थानांतरण जोन मुख्यालय में कर दिया गया। इतना ही नहीं जब भी कोई अधिकारी नियमानुसार व सख्ती के साथ कार्रवाई करता है, उसे यहां से हटना पड़ता है।
जांच के नाम पर होता है कमेटी का ढकोसला
मकान न मिलने से त्रस्त रेलवे के कर्मचारी जब अधिकारियों से शिकायत करते हैं तो डब्ल्यूआरएस और रेलवे प्रशासन जांच कमेटी का गठन कर देता है। इसमें इलेक्ट्रिक, आईओडब्ल्यू (सिविल), कार्मिक विभाग के अधिकारियों के साथ ही यूनियन नेताओं को शामिल किया जाता है। कमेटी अपनी रिपोर्ट में सब कुछ सामान्य बता देती है।
रेलवे से प्राप्त दस्तावेजों से पता चला है कि जांच कमेटियों की रिपोर्ट आने के बाद कभी किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। रेल कर्मियों ने भास्कर संवाददाता को फोन कर बताया कमेटी गठन करने का यह दिखावा सालों से चल रहा है।
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Web Title: spy of politicians also in Vigilance have leaked news of raids
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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