» Controversy On Death Of Delhi Police Head Constable Subhash Tomar

प्रत्यक्षदर्शी ने दिया बयान, भीड़ के हमले से नहीं हुई हेड कांस्टेबल की मौत

dainibhaskar.com | Dec 26, 2012, 01:01 IST

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प्रत्यक्षदर्शी ने दिया बयान, भीड़ के हमले से नहीं हुई  हेड कांस्टेबल की मौत

नई दिल्ली। गैंगरेप मामले की जांच और विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। विरोध-प्रदर्शन के दौरान सिपाही सुभाष तोमर की मौत की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने आरएमएल हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट को नोटिस जारी किया है।

बुधवार को राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ पीएस सिद्धू ने कहा कि सुभाष की मौत मंगलवार सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर दिल का दौरा पड़ने से हुई। उन्हें दिल का दौरा पड़ने पर अस्पताल लाया गय था जहां उन्हें सीपीआर दी गई थी। डॉ. सिद्धू ने यह भी कहा कि अस्पताल की बेडसाइड जांच में पता चला है कि तोमर को कोई बाहरी या आंतरिक चोट नहीं थी और उनके शरीर में अंदर या बाहर रक्तस्राव नहीं हुआ था। तोमर का इलाज करने वाले डॉक्टरों का भी कहना है कि उनके शरीर पर ऐसी कोई चोट नहीं थी जो उनकी मौत का कारण बन सकती हो। डॉक्टरों के मुताबिक जब उन्हें अस्पताल में लाया गया था तब उनके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं था सिवाए कुछ खरोचों के। (100 PICS: इंडिया गेट हिंसा में आठ गिरफ्तार, हत्या की कोशिश का मुकदमा)

एक ओर पीड़िता का बयान लेने वाली एसडीएम उषा चतुर्वेदी ने अस्पताल में तैनात पुलिस द्वारा उनपर दबाव डालने का आरोप लगाया है। वहीं, एक प्रत्यक्षदर्शी ने टीवी पर बताया है कि मृत पुलिस हेड कांस्टेबल सुभाष चंद्र तोमर को किसी ने निशाना नहीं बनाया था और उन्हें कोई चोट भी नहीं लगी थी। इस लिंक पर क्लिक कर देख सकते हैं हादसे के समय का वीडियो (वीडियो साभार एबीपी न्यूज)
योगेन्द्र नामक इस छात्र ने बताया कि हेड कांस्टेबल सुभाष दौड़ते हुए अचानक गिर पड़े और जब हम उनके पास पहुंचे तो उनकी सांसे अटक रही थी। हमने उनके जूते उतारे और हाथ और पैर के तलुओं को गरम करने की कोशिश की। उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। वहां मौजूद एक लड़की ने एम्बुलेंस बुलाने की भी कोशिश की। इस दौरान वहां मौजूद पुलिस वाले हेड कांस्टेबल को छोड़ भीड़ की तरफ दौड़ पड़े थे। (PICS: इंडिया गेट पर दूसरे दिन का हिंसक प्रदर्शन)
हेड कांस्टेबल सुभाष तोमर की मौत के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्‍नर नीरज कुमार ने प्रेस कांफ्रेस में बताया था कि सुभाष के पेट, छाती और गर्दन पर अंदरूनी चोट की वजह से उनकी मौत हुई है। पूरी पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट तीन-चार दिनों में आ जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शी योगेंद्र और पुलिस कमिश्नर के बयान के बीच इस विरोधाभास ने मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है। पुलिस ने तोमर की मौत के बाद हत्या के प्रयास के मुकदमे को हत्या में तबदील कर दिया है। इससे पहले इस मामले में तिलक मार्ग थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, तोड़फोड़ करना आदि विभिन्न आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कमिश्नर के मुताबिक सुभाष की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दो से तीन दिन में आ जाएगी। आरएमएल अस्पताल के डॉक्टरों से मिली जानकारी के अनुसार सुभाष के पेट, छाती व गर्दन में अंदरूनी चोटें आई थीं। मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा। (PICS: दिल्‍ली में भयंकर जाम, बंद रास्‍तों ने खड़ी की समस्‍या)

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Web Title: Controversy on Death of Delhi police head constable Subhash tomar
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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