» Delhi Gang-Rape: Why Should Police Commissioner Not Be Suspended, Asks HC

दिल्ली पुलिस को चेतावनी: परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें, हम कल आदेश सुनाएंगे

dainik bhaskar.com | Jan 10, 2013, 00:03 AM IST

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस बात पर सख्त एतराज जताया कि 23 वर्ष की छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या की वीभत्स घटना के लिए सिर्फ एक जूनियर पुलिस अधिकारी को निलंबित किया गया और पुलिस आयुक्त समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जवाबदेह क्यों नहीं बनाया गया।
चीफ जस्टिस डी मुरुगेसन की अध्यक्षता वाली बेंच ने बुधवार को कहा कि केवल एसीपी क्यों, डीसीपी क्यों नहीं, कमिश्नर पर कार्रवाई क्यों नहीं? बेंच ने उस इलाके में गश्त कर रहे पुलिस वालों के नाम जाहिर न करने पर नाराजगी जताई जिसमें चलती बस में लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया जा रहा था। अदालत ने दिल्ली पुलिस को यह भी चेताया कि वह परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे। कोर्ट के सख्‍त तेवर के बाद दिल्‍ली पुलिस ने अदालत से माफी मांगी है।
पुलिस द्वारा सौंपी गई सीलबंद रिपोर्ट देखने के बाद बेंच ने कहा, ‘हमने पुलिस अधिकारियों के नाम बताने को कहा था। आज भी हम संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि अधिकारियों के नाम नहीं दिए गए हैं।
हमने पर्याप्त समय दिया। आपने क्या कार्रवाई की। हम कल (आज) आदेश देंगे। इसके बाद कोर्ट की जिम्मेदारी नहीं होगी।’ हाईकोर्ट ने इस मामले में खुद संज्ञान लिया है। बेंच ने कहा कि हम इस मामले में तेजी से, निष्पक्ष और स्तरीय जांच चाहते हैं। मामले में चार्जशीट पेश कर दी गई है। अब हम इस की मॉनीटरिंग नहीं कर सकेंगे। गौरतलब है कि आज ही गैंगरेप के पांचों आरोपियों को दिल्ली के साकेत कोर्ट में पेश किया जायेगा।
अदालत ने कहा कि दिल्ली पुलिस को काफी मौके दिए गए लेकिन पुलिस अधिकारियों के नाम मुहैया नहीं कराए गए। अदालत को जब बताया गया कि दक्षिण जिले में 67 पीसीआर वैन तैनात हैं, तो उसने कहा, ‘‘हमें उन 67 पीसीआर वैन से सरोकार नहीं है और हमें तीन पीसीआर वैन और पुलिस अधिकारियों से सरोकार है, इसपर रिपोर्ट कहां है?’’
दिल्ली पुलिस के वकील डी कृष्णन ने कहा कि स्थल से निकट दो पीसीआर वैन थे और यह नहीं कहा जा सकता है कि वह बस उनके पास से गुजरी जिसपर अपराध हुआ था।
वहीं गैंगरेप पीड़िता का परिवार अपनी बेटी के दोस्त पर सख्त हो गया है। एक टीवी चैनल पर लड़की के दोस्त को वीरता पुरस्कार दिलाने के लिए चल रही मुहिम का विरोध करते हुए लड़की के पिता ने कहा है कि यदि उस लड़के ने सच में बहादुरी दिखाई होती तो हालात अलग भी हो सकते थे। लड़की के पिता ने कहा, 'लड़के ने अगर वारदात स्थल बनी उस बस का शीशा खोलकर शोर मचाया होता तो हालात बदल भी सकते थे। वह लड़का मीडिया को दिए इंटरव्यू में पहले ही कह चुका है कि उसके सिर पर लोहे की छड़ से वार किया गया था और वह बेहोश हो गया था। ऐसे में कैसी वीरता?'
पीड़ित लड़की के पिता ने दिल्ली पुलिस का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने कभी भी दिल्ली पुलिस के रवैये पर शिकायत नहीं की। उन्होंने कहा, '16 दिसंबर की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने लड़की को अस्पताल में भर्ती कराने में कोई लापरवाही नहीं बरती। मेरी बेटी ने कभी भी दिल्ली पुलिस की कोई शिकायत नहीं की।'
इसी बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने पीड़िता के पिता से बात करके उन्हें मदद का भरोसा दिया है। लड़की की तेरहवीं पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी उसके गांव पहुंच सकते हैं।

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Web Title: Delhi gang-rape: Why should Police commissioner not be suspended, asks HC
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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