» Demonstration Against Gang Rape : Some People Were Drunk There!

गैंगरेप के खिलाफ प्रदर्शन में नशा करके पहुंचे थे कुछ लोग!

Bhaskar News | Dec 24, 2012, 02:05 AM IST

नई दिल्ली.इंडिया गेट पर मौजूद उपद्रवियों ने परिवहन विभाग के निरीक्षण दस्ते और भारत सरकार की टोयोटा करोला कार को तोडऩे के साथ ही उपद्रव का आगाज कर दिया था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने संयम बनाए रखा। इंडिया गेट पर उपद्रव का असली खेल करीब ढाई बजे शुरू हुआ।

दरअसल, अशोक रोड के पास स्थित पार्किंग एरिया के रास्ते करीब सौ प्रदर्शनकारी नॉर्थ ब्लॉक-साउथ ब्लॉक की ओर जाने का प्रयास करने लगे।

पुलिस ने इन्हें रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग करते हुए एक आंसू गैस का गोला दाग दिया। गोले की आवाज सुनकर सभी प्रदर्शनकारियों का ध्यान उस ओर आकर्षित हुए।

इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर लगाए गए टीन शेडों पर पैर से प्रहार करना शुरू कर दिया। इस प्रहार से निकली आवाज कुछ इस तरह थी जैसे पुलिस लगातार आंसू गैस के गोल दाग रही हो।

इस आवाज को सुनकर वहां मौजूद सैकड़ों प्रदर्शनकारी भड़क गए और राजपथ के उत्तरी ओर स्थित लॉन को तहस-नहस करने लगे। इसके बाद करीब पौने तीन बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बिना रुके लगातार पंद्रह मिनट तक आंसू गैस के गोलों की बौछार की।

इतना ही नहीं, प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज और पानी की बौछार छोड़कर कर दी गई। इस दौरान प्रदर्शनकारी दिल्ली पुलिस मुर्दाबाद और आरोपियों को फांसी दो जैसे नारे लगाते हुए राजपथ पर मौजूद पहले बैरिकेड को तोडऩे में कामयाब हो गए और राजपथ स्थित दूसरे बैरिकेड के पास पहुंच गए।

इस घटना के बाद लगभग 55 मिनट तक कुछ-कुछ मिनटों के अंतराल पर लगातार पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच छोटी-छोटी झड़प होती रहीं और प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस आंसू गैस का सहारा लेती रही।

भीड़ की ओर से पत्थर चलने के बाद पुलिस और सरकार को यह कहने का मौका मिल गया कि प्रदर्शन में असामाजिक और राजनीतिक तत्व घुस आए हैं।

सरकार ने खुफिया रिपोर्ट होने का भी दावा किया। युवाओं को हटाने के लिए पुलिस ने बार-बार लाठियां चलाईं। आंसू गैस के 250 गोले छोड़े गए। पानी की तेज बौछारों से भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिशें की गईं।

कई मौकों पर एंबुलेंस से लोगों को अस्पताल ले जाते देखा गया। पुलिस ने 143 लोगों के घायल होने का दावा किया है। इनमें 65 प्रदर्शनकारी और 78 पुलिसकर्मी बताए गए हैं। पुलिस ने मीडियाकर्मियों को भी नहीं बख्शा।

आखिरकार शाम होते-होते वॉटर कैनन, लाठी चार्ज और आंसू गैस के तीव्र हमले के सहारे पुलिस ने इंडिया गेट को जबरन खाली करा लिया।

थोड़ी देर तक प्रदर्शनकारी पीछे हटते हुए गुरिल्ला ढंग से लड़ते रहे और अंत में अपने गुस्से और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए लौट गए। जनरल वीके सिंह भी प्रदर्शनकारियों के बीच दिखे। बाबा रामदेव ने भी एंट्री लेने की कोशिश की। लेकिन प्रदर्शन नेतृत्वविहीन ही रहा।

सोनिया-राहुल गांधी के साथ प्रदर्शनकारियों की मुलाकात से रास्ता नहीं निकलने के बाद सरकार नदारद दिखी। शाम को कानूनों की समीक्षा के लिए तीन कानूनविदों और मंत्रियों की समिति के गठन की अधिसूचना जारी कर दी।

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से मिलीं। दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को हटाने की मांग तेज हो गई। उधर यूपीए अध्यक्ष के निर्देश पर गृह मंत्रालय ने कानून में कड़े प्रावधानों की प्रक्रिया शुरू करते हुए कानून मंत्रालय को प्रारूप भेज दिया।

9 मेट्रो स्टेशन आज भी बंद :

जंतर-मंतर छोड़कर पूरी नई दिल्ली में धारा 144 लागू कर दी गई है। मेट्रो के नौ स्टेशन सोमवार को भी बंद रहेंगे। इनमें प्रगति मैदान, मंडी हाउस, बाराखम्बा रोड, राजीव चौक, खान मार्केट, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन और रेस कोर्स मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।

गांधी की पोती ने भी कहा- दिल्ली गैंग रेप असहनीय
महात्मा गांधी की पोती और समाज सेविका तारा गांधी भट्टाचार्य भी दिल्ली गैंग रेप से व्यथित हैं। सुलभ संस्था की ओर से मैला ढोने के कार्य से मुक्त कराकर समाज की मुख्य धारा में लाई गईं 60 महिलाओं के साथ गांधी स्मृति में भोजन कार्यक्रम के दौरान तारा ने कहा कि महात्मा गांधी ने ऐसे राष्ट्र की कल्पना नहीं की थी जहां मां, बहन और बेटी असुरक्षित हों। यह मेरे लिए असहनीय है।
तारा गांधी भटटाचार्य के आमंत्रण पर राजस्थान के अलवर और टोंक से सुलभ संस्था के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक के साथ गांधी स्मृति भोजन पर आईं इन महिलाओं ने इससे पहले राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि दी। इन महिलाओं से मुलाकात के दौरान तारा ने कहा कि इन 60 महिलाओं ने समाज का नए तरह से सामना किया है।
हर वह महिला या लड़की, जो किसी भी तरह की कुरीति की शिकार हुई है, उसे इस स्थिति का साहस के साथ सामना करते हुए समाज को बदलने पर मजबूर करना चाहिए। गैंग रेप का शिकार लड़की के प्रति हमदर्दी और संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि समाज में जाति, धर्म और लड़का-लड़की में असमानता की भावना का खत्म करना होगा।
भयमुक्त समाज के लिए कार्य करना होगा। बिंदेश्वर पाठक ने इस अवसर पर कहा कि मैला ढोने वाली महिलाओं को सिर्फ स्वच्छता या साफ जल की समस्या नहीं है। उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए जीविका कार्यक्रम चलाने की जरूरत है।

आगे पढ़िए, प्रदर्शनकारियों में शामिल थे कुछ अराजक तत्व

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Web Title: Demonstration against Gang rape : some people were drunk there!
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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