» Five Accused Of Delhi Gangrape Case Produced In Saket Court

दिल्लीप गैंगरेप: कोर्ट में ड्रामा, वकीलों के हंगामे से मजिस्ट्रेट नाराज

Sandeep Kumar | Jan 07, 2013, 13:24 IST

  • नई दिल्‍ली। सनसनीखेज दिल्‍ली गैंगरेप केस की सुनवाई अब बंद कमरे में होगी। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस की मांग पर मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट नम्रता अग्रवाल ने इस मुकदमे की कार्यवाही की मीडिया में रिपोर्टिंग पर पाबंदी लगा दी।

    सोमवार को अदालत में पांच आरोपियों को साकेत जिला अदालत में पेश किए जाने के दौरान हंगामे और गहमागहमी के चलते बाधित हुई सुनवाई प्रकिया के चलते भी कोर्ट ने यह निर्णय लिया। वहीं, मामले के छठे आरोपी के मामले की सुनवाई जुवेनाईल जस्टिस बोर्ड 15 जनवरी से करेगा।

    सुबह करीब 12.30 पर बेहद कडी सुरक्षा के बीच आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के दौरान जमकर नाटक हुआ। यहां कोर्ट रुम में मौजूद वकीलों में से एक अधिवक्‍ता ने आरोपियों की तरफ से केस लडने की बात कही।

    इसका अन्‍य वकीलों ने जमकर विरोध किया और खूब हंगामा मचाया। एमएम ने वकीलों और कोर्टरुम में मौजूद अन्‍य लोगों से बाहर जाने के लिए कहा, लेकिन वकील इसके लिए राजी नही हुए। (जानिए छात्रा की आपबी‍ती)

    वहीं, करीब दो बजे सरकारी वकील और एमएम नम्रता अग्रवाल कोर्ट रुम में वापस लौट आए, लेकिन अदालत कक्ष में काफी भीडभाड होने की वजह से काफी गहमागहमी का माहौल बना हुआ है। कोर्ट कक्ष में खडे होने तक की जगह नहीं थी।

    दिल्‍ली पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत में अर्जी दायर कर सीआरपीसी के प्रावधान 327 का हवाला देते हुए कहा कि रेप केस का ट्रायल इन कैमरा (बंद कमरे) में होना चाहिए। इसे अदालत ने मान लिया। लिहाजा अब कोर्ट में सिर्फ आरोपी, अभियोजन पक्ष, बचाव पक्ष और कोर्ट स्‍टॉफ ही मौजूद रह सकता है।

    दरअसल, आज सभी आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी मुहैया कराई जानी है, ताकि सुनवाई की प्रकिया आगे बढ सके, लेकिन इससे पहले सुनवाई शुरु होने से पहले वकीलों के हंगामे के बाद एमएम कोर्ट रुम से उठकर अपने चैंबर में चले गए।

    करीब 20 मिनट तक यह ड्रामा चला। इसके बाद आरोपियों को लॉकअप ले जाया गया। अदालत परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल रहा। (रेप पीड़िता के दोस्‍त की पहचान उजागर करने पर हो सकती है दो साल तक की कैद) अदालत कक्ष से मीडिया को भी बाहर कर दिया गया।

    मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले को लेकर पैदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए इसकी जांच और सुनवाई सहित सारी कार्यवाही अदालत में बंद कमरे में होगी। अपराध प्रकिया संहिता की धारा 327 के दूसरे भाग के तीसरे प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए अदालत कक्ष में मौजूद सभी व्यक्तियों को अदालत कक्ष खाली करने का निर्देश दिया जाता है।

    न्यायाधीश ने कहा कि इस अदालत अनुमति के बगैर इस मामले से जुडी किसी सामग्री को छापना वैध नहीं होगा। इस आदेश को चुनौती देते हुए कुछ वकीलों ने जिला न्यायाधीश आर के गाबा के सामने याचिका दायर करने मीडिया पर लगी रोक हटाने की मांग की।

    गौबा ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करके इस मामले की सुनवाई के लिए नौ जनवरी की तारीख तय की। सरकारी वकील राजीव मोहन ने बंद कमरे में सुनवाई करने की याचिका दायर की थी।

    इससे दो दिन पहले दिल्ली पुलिस ने एक परामर्श जारी कर कहा था कि इस मामले की सुनवाई की रिपोर्टिंग नहीं की जा सकती क्योंकि अदालत धारा 302 हत्या, 376 दो जी (सामूहिक बलात्‍कार) और भारतीय दंड संहिता के अन्य प्रावधानों के तहत दाखिल आरोप पत्र पर पहले ही संज्ञान ले चुकी है।

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  • दरअसल, अदालत ने आरोप पञ पर संज्ञान लेने के बाद मामले के पांच आरोपी रामसिंह, उसके भाई मुकेश, पवन गुप्‍ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को आज अदालत में पेश करने का हुक्‍म दिया था। पुलिस ने आरोप पञ में इन सभी को गैंगरेप, हत्‍या, हत्‍या की कोशिश, डकैती, डकैती के साथ हत्‍या, अपहरण, आपराधिक साजिश रचने और अननेचुरल सेक्‍स की धाराओं के तहत आरोपित किया है। वहीं, मामले के छठे आरोपी का जुवेनाईल जस्टिस बोर्ड के समक्ष चल रहा है। जुवेनाईल जस्टिस बोर्ड उसकी उम्र संबंधी (नाबालिग या बालिग होने) की जांच में जुटा है और उसके स्‍कूली दस्‍तावेज परख रहा है।

  • सरकारी गवाह बनना चाहते हैं दो आरोपी

    गैंगरेप के बाद निर्दयता से पिटाई कर पैरामेडिकल छात्रा को मौत की नींद सुलाने वाले (पढें-आंखों देखी:तन ढंकने के लिए किसी ने कपड़े तक नहीं दिए थे'दामिनी'को...) छह में से दो आरोपी अब सजा से बचने के लिए सरकारी गवाह बनना चाहते हैं। रविवार को साकेत कोर्ट की मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ज्योति क्लेर के समक्ष पेश किए जाने के बाद पवन गुप्ता और विनय शर्मा नामक दो आरोपियों ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जाहिर की है। वहीं, इस मामले के दो अन्य आरोपियों राम सिंह और उसके भाई मुकेश ने अदालत के समक्ष बचाव के लिए सरकारी वकील की मदद देने की गुहार लगाई। चारों आरोपियों की दलील सुनने के बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने चारों आरोपियों की न्यायिक हिरासत को 19 जनवरी तक बढ़ाते हुए 7 जनवरी को संबंधित कोर्ट के समक्ष पेश करने का आदेश दिया था।

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Web Title: Five accused of Delhi Gangrape Case produced in Saket court
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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