» Life Struggle Of Damini

दामिनी का संघर्ष जब वह पढ़ती थी तब से जारी था!

dainikbhaskar.com | Dec 30, 2012, 00:25 IST

दामिनी का संघर्ष जब वह पढ़ती थी तब से जारी था!
मध्यम वर्गीय परिवार में बच्चे सिर्फ मां-बाप के प्यारे-दुलारे ही नहीं होते। बच्चों के साथ उस परिवार के सपनें, उनकी उम्मीदें और अरमान भी जुड़े होते हैं। ऐसे ही एक मध्यमवर्गीय परिवार में 23 साल पहले उस लड़की का जन्म हुआ जिसकी मौत पर पूरा देश मातम मना रहा है।
उत्तर-प्रदेश के बलिया से उसका परिवार कोई 25 साल पहले दिल्ली आया। इसी परिवार में 23 साल पहले एक कन्या का जन्म हुआ। उसके बाद उस परिवार में दो लड़कों का भी आगमन हुआ, पर इन तीन संतानों में बिटिया सबसे बड़ी थी।
बिटिया पर परिवार के सपनों को पंख लगाने की जिम्मेदारी थी। बिटिया थी भी मेधावी। पढ़ने में होशियार। परिवार को लगने लगा था कि बड़ी होकर वो कायापलट करेगी। अभाव और संघर्ष के दौर से परिवार को उबारेगी।
पिता ने उसे पढ़ाने के लिए कर्ज तक लिया। बिटिया ने भी कोई कसर न छोड़ी। खुद पढ़ती रही और ट्यूशन पढ़ा कर अपनी फीस भी निकालती रही।
23 साल तक जिस सपने को मां-बाप ने संजोया और संवारा अब उसके पूरा होने का वक़्त आ चुका था। बिटिया की पढ़ाई पूरी हो गई थी। देहरादून से फिजियोथिरेपी का कोर्स कर वह वापस दिल्ली आई थी और एक अस्पताल में इंटर्नशिप कर रही थी।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: life struggle of damini
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।
 

Stories You May be Interested in

      More From News

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top