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PHOTOS: नए फतवे पर मचा बवाल, बाल डाई करने के खिलाफ फतवा जारी!

Dainikbhaskar.com | Dec 20, 2012, 00:01 IST

  • हाल ही में दारुल उलूम देवबंद ने एक नया फतवा जारी किया है, जिसके बाद से इस फतवे पर बवाल मचा हुआ है। यह फतवा जारी किया गया है बाल (काला) डाई करने के खिलाफ।
    मदरसे का कहना है कि शरिया महिला या पुरूष किसी को भी अपने बाल काले करने की अनुमति नहीं देता है। मदरसे का दावा है कि बालों को डाई करने से उनके जड़ों में पानी नहीं पहुंच पाती है, जो पूरी तरह से अवैध है।
    वैसे आपको, बता दें कि यह पहला फतवा नहीं है, जो बेतुका है, बल्कि इससे पहले टीवी देखने से लेकर पटाखे बेचने तक के लिए अनचाहे व नफरत करे वाले फतवे जारी किए जा चुके हैं।
    आगे की स्लाइड में जानिए कुछ ऐसे फतवे जिन्होंने केवल पैदा किए विवाद...
  • मदरसा दारुल उलूम देवबंद द्वारा जारी किए गए एक फतवे के अनुसार स्किन टाइट ड्रेसेस पहनना शरीयत के हिसाब से वैध नहीं है और कपड़े ढीले-ढाले ही पहनने चाहिए। वहीं इसके साथ ही एक और कंट्रोवर्सियल फतवे में कहा गया था कि विवाहित जोड़े को हकीम या यूनानी प्रैक्टिशनर से सलाह के बाद ही गर्भनिरोधक उपायों को अपनाना चाहिए।
  • टीवी देखना हराम है। देवबंद के अनुसार टीवी पर धार्मिक कार्यक्रमों को देखना भी उसे गवारा नहीं है।
  • इसके साथ ही मदरसे का मानना है कि मुस्लिम महिलाओं को अपने घर से 48 मील तक की दूरी किसी पुरूष या रिश्तेदार के बिना का सफर नहीं करना चाहिए।

  • दारुल उलूम देवबंद ने पटाखे बनाने व बेचने के खिलाफ यह कहते हुए एक फतवा जारी किया था कि यह शरीयत कानून के खिलाफ है। इसके साथ ही देवबंद का कहना था पैसे का मिसयूज करने वाले शैतान के भाईयों के समान होते हैं।

  • बीमा करवाने को भी गैर-इस्लामी मानते हुए फतवा जारी किया गया है कि पॉलिसी के लिए पैसे देना व इससे ब्याज पाना पूरी तरह इस्लाम के खिलाफ है।

  • मदरसा ने एक फतवा जारी कर कहा कि कोई भी इंसान बॉडी पार्ट्स व खून डोनेट नहीं कर सकता है। इस्लाम में किसी भी इंसान को इस बात की इजाजत नहीं है कि वह अपने बॉडी पार्ट्स को जान कर सके क्योंकि वह अपने शरीर का मालिक नहीं होता है।

  • दारुल उलूम देवबंद ने बीते 19 नवंबर को पाकिस्तान में एक मुस्लिम महिला के रिसेप्शनिस्ट के तौर पर नियुक्ति को गैर इस्लामी बताते हुए एक फतवा जारी किया। शरिया कानून के तहत किसी भी महिला का ऑफिस में किसी गैर मर्द के सामने पर्दे के बिना आना गैर-इस्लामिक कृत्य माना जाता है।

  • देवबंद के वाइस चांसलर मौलाना अबुल कासिम नौमानी कहते हैं कि किसी भी मुस्लिम को अपना बर्थडे नहीं मनाना चाहिए क्योंकि पश्चिमी सभ्यता के अनुसार अपना बर्थडे मनाना शरीयत कानून का उल्लंघन है।

  • गर्भपात को लेकर भी एक फतवा जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि यदि किसी पवित्र डॉक्टर की सलाह है कि कोई औरत बच्चे को जन्म देने में होने वाले कष्ट को सहन करने में असमर्थ होती है, तो कम से कम तीन महीने का गर्भपात करवाया जा सकता है। लेकिन, तीन महीने से ज्यादा का गर्भ होने पर गर्भपात करवाना गैर इस्लामिक होगा।

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Fatwas: Some bizarre diktats that shook the world
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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