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PHOTOS: मौत देने का था क्रूर तरीका, जिंदा ही कर दिए जाते थे टुकड़े-टुकड़े!

Dainikbhaskar.com | Jul 11, 2012, 13:49 IST

  • brutal killingअपराधियों और राजनीतिक प्रतिद्वंदियों की हत्याएं करने का चलन दुनिया में काफी समय से है। शासकों द्वारा कैद किए गए अपने प्रतिद्वंदियों और किसी अपराध के दोषी को बेहद क्रूर तरीके से मौत के घाट उतारा जाता था।



    दुनिया की अलग-अलग जगहों पर सजा देने का तरीका भी अलग होता था, जो काफी क्रूर और खौफनाक होता था। इतिहास का अध्ययन किया जाए तो आपको मालूम चलेगा कि मौत के यह तरीके किस हद तक दुखदायी और यातनापूर्ण होते थे। न्याय प्रक्रिया का हिस्सा होने के कारण ऐसे कठोर दण्डों को समाज द्वारा स्वीकार भी किया जाता था।



    ऐसा ही एक तरीका था 'लिंगची' यानी टुकड़ों में काटकर हत्या। 'लिंगची' चीन में की जाने वाली हत्या का एक प्रचलित तरीका था। यह 900 ईसापूर्व से चलन में था और सन् 1905 में मानवाधिकार संस्थाओं के हस्तक्षेप के बाद इसे बंद करवाया गया। इस क्रूर प्रथा में अपराधी को सार्वजनिक स्थान पर लकड़ी के खंभे से बांध दिया जाता और फिर तेजधार चाकू से उसके शरीर के अंग काटे जाते। पहले-पहल अपराधी के शरीर से उसका मांस काटा जाता और फिर बाकी के अंग।



    ऐसा माना जाता है कि इस वीभत्स प्रथा में अपराधी को नशीले पदार्थ सुंघा दिया जाता था, ताकि असहनीय दर्द के कारण वो बेहोश न हो पाए। 'चाइनास्मैक' वेबसाइट पर इस प्रथा की कुछ वास्तविक तस्वीरें अपलोड की गई हैं, जो इसकी क्रूरता को दर्शाती हैं।



    देखिए इस प्रथा की 10 वीभत्स तस्वीरें...



  • 'लिंगची' चीन में की जाने वाली हत्या का एक प्रचलित तरीका था।
  • यह 900 ईसापूर्व से चलन में था और सन् 1905 में मानवाधिकार संस्थाओं के हस्तक्षेप के बाद इसे बंद करवाया गया।
  • इस क्रूर प्रथा में अपराधी को सार्वजनिक स्थान पर लकड़ी के खंभे से बांध दिया जाता और फिर तेजधार चाकू से उसके शरीर के अंग काटे जाते।
  • पहले-पहल अपराधी के शरीर से उसका मांस काटा जाता और फिर बाकी के अंग।
  • ऐसा माना जाता है कि इस वीभत्स प्रथा में अपराधी को नशीले पदार्थ सुंघा दिया जाता था, ताकि असहनीय दर्द के कारण वो बेहोश न हो पाए।
  • शासकों द्वारा कैद किए गए अपने प्रतिद्वंदियों और किसी अपराध के दोषी को बेहद क्रूर तरीके से मौत के घाट उतारा जाता था।
  • दुनिया की अलग-अलग जगहों पर सजा देने का तरीका भी अलग होता था, जो काफी क्रूर और खौफनाक होता था।
  • इतिहास का अध्ययन किया जाए तो आपको मालूम चलेगा कि मौत के यह तरीके किस हद तक दुखदायी और यातनापूर्ण होते थे।
  • न्याय प्रक्रिया का हिस्सा होने के कारण मौत के क्रूरतम व कठोर दण्डों को समाज द्वारा स्वीकार भी किया जाता था।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: Slow slicing or death by a thousand cuts photos
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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