Home »Gujarat »Politicians » Brand Modi And Story Behind The Politics

PHOTOS: ब्रांड मोदी : राजनीतिक परदे के पीछे की कहानी और जोखिम

divyabhaskar network | Feb 13, 2013, 12:25 PM IST

नई दिल्ली। हम सब जानते हैं कि बाजार में मांग बढ़ानी हो तो संभावित ग्राहकों का मन थाह कर उनकी पसंद के अनुरूप माल की प्रोफेशनल पैकेजिंग और धमाकेदार प्रचार सफल बिक्री के बुनियादी गुर हैं। अब तक चुनाव काल में तमाम राजनीतिक दलों द्वारा अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए अनगढ़ तरीके सामने आते थे, मसलन नेहरूजी की अचकन का गुलाब, धोतीधारी ज्योति बसु की बंधी लाल सलामी मुट्ठी, राजनारायण के सर पर बंधा हरा रूमाल, गमछाधारी साइकिल सवार वीपी सिंह, इंदिरा गांधी की हथकरघा साड़ियां और ढंका हुआ सर। पर राजीव गांधी के समय से नेताओं की प्रचारात्मक मुहिम गढ़ने और छवि बनाने के लिए दलों का विज्ञापन कंपनियों के पेशेवरों की मदद लेना शुरू हुआ। नेताओं की उस पेशेवर ब्रांडिंग प्रक्रिया को भी नरेंद्र मोदी ने नई सान दे दी है।

2007 के चुनावों में गुजरात की जनसभाओं में उनके भाषणों का विन्यास तथा मोदी-मुखौटों का प्रयोग हिट रहा। 2012 में महंगी थ्रीडी छवियों की तकनीकी मदद से मोदी की एक साथ दर्जनों जनसभाओं को संबोधित करने की क्षमता ने भी नाम कराया। बताया जाता है कि इस चुनाव के लिए सालों से बेहतरीन प्रोफेशनल्स की सलाह से मोदी की छवि : शक्ल, स्वर-प्रयोग, भाषणी मुद्राओं तथा पोशाकों को लगातार संवारा जा रहा था। कहते भी हैं कि एक नूर आदमी सौ नूर कपड़ा। लिहाजा खाकी निक्कर त्यागकर डिजायनर कुर्ते-पायजामे वाली छवि बनी। फिर ग्लोबल सीईओ के बतौर पेश होने के इच्छुक मोदी की वार्डरोब में खास डिजायनरों के सिले कीमती सूट, स्कार्फ और हैट सरीखे परिधान भी देखे जाने लगे।


आगे पढ़ें तस्वीरों के साथ...

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App
Web Title: brand modi and story behind the politics
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

    Comment Now

    Most Commented

        More From Politicians

          Trending Now

          Top