Home »Gujarat »Politicians» Know About The Gujarat Pak Border Sir Creeck

यही है वह सरहद, जिस पर मोदी और केंद्र सरकार के बीच मचा है बवाल

divyabhaskar network | Dec 18, 2012, 00:05 IST

  • अहमदाबाद। भारत और पाकिस्तान के बीच झगड़ों के कई वजहें हैं, जिसमें सरहदों का मुद्दा मुख्य है। इसमे भी सर क्रीक का मुद्दा बहुत पेचीदा है। सन् 1965 में भारत-पाकिस्तान के बीच जो युद्ध हुआ, उसमें गुजरात की यही सरहदी सीमा मुख्य केंद्र में थी।


    पिछले कुछ दिनों से यह सीमा फिर से चर्चा में हैं। फिलहाल इस सरहदी सीमा के लिए झगड़ा भारत-पाकिस्तान के बीच नहीं, बल्कि गुजरात और दिल्ली के बीच हो रहा है। यानी कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के बीच। हाल ही में मोदी ने चुनावी प्रचार में इस मुद्दे को ऐसा उठाया कि अन्य मुद्दे जैसे दबकर ही रह गए।


    मोदी ने एक चुनावी सभा में यह मामला उठाकर बवाल मचाया कि सर क्रीक का कुछ हिस्सा केंद्र सरकार पाकिस्तान के सुपुर्द करने जा रही है। कहा, 'इस संबंध में मैंने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को पत्र भी लिखा था कि वे अपनी राय स्पष्ट करें।' 15 दिसंबर को पालनपुर में दिए अपने भाषण में मोदी ने फिर यही बाह दुहराई कि उन्होंने 5 दिन पहले प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था, लेकिन अब तक जवाब नहीं आया है। जबकि कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता मोदी की इस टिप्पणी पर जवाब देते आए कि केंद्र सरकार ऐसा कुछ नहीं करने जा रही है।



    आगे पढ़ें तस्वीरों के साथ...

  • हालांकि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इस पर ज्यादा बात नहीं की जा सकती, लेकिन इतना तो तय है कि मोदी ने यह मुद्दा उठाकर कांग्रेस को जमकर छकाया। चुनाव प्रचार में जहां एक तरफ कांग्रेस मोदी द्वारा किए गए गुजरात के विकास में खामियां खोज रही थी, वहीं अचानक मोदी ने यह मामला उछाल दिया और एक नई ही तरह की चुनावी जंग छिड़ गई।

    अब इस मामले का पटापेक्ष किस तरह होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल राजनीति से परे हम इस खतरनाक सरहदी सीमा के बारे में जानते हैं कि आखिर सर क्रीक विवाद है क्या...?

  • भारत और पाकिस्तान के बीच इस समय सर क्रीक ओर सियाचिन की सरहदें झगड़े का कारण हैं। कश्मीर का जो मामला है उसमें सरहद के रेखांकन को लेकर कोई विवाद नहीं, बल्कि भावनाओं का मुद्दा है। लेकिन सरक्रीक में भारत सरकार थोड़ी सी जमीन पाकिस्तान के हवाले कर सियाचिन का मुद्दा सुलझाना चाहती है। भारत में कच्छ प्रदेश और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच 96 किमी लंबी और लगभग 93 किमी चौड़ी खाई है, जिसे पहले बाण गंगा के रूप में पहचाना जाता था। इस सरहद का सर क्रीक नाम एक ब्रिटिश प्रतिनिध के नाम पर पड़ा। यह जल क्षेत्र गुजरात के कच्छ जिले और सिंध की सीमा के पास स्थित है। यह विवाद अरब सागर स्थित कच्छ के रण में 96 किलोमीटर लंबे मुहाने को लेकर है जो गुजरात को पाकिस्तान के सिंध प्रांत से अलग करता है।

  • लगभग 9000 चौरस किमी का यह क्षेत्र बारिश में पानी से भरा होता है और यहां बोट्स चल सकती हैं, ऐसी स्थिति होती है, जबकि जाड़े के अंत और गर्मी की शुरुआत में यह पूरा इलाका दलदली हो जाता है, जिस पर एक कदम पैदल चलना भी मुश्किल होता है। इस प्राकृतिक अजूबे के कारण यह तय नहीं हो पाया है कि इस जमीन को नदी कहा जाए या फिर जमीन। इसके अलावा सर क्रीक में तेल और गैस के भी प्रचुर भंडार है, यानी की आर्थिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र काफी महत्वपूर्ण हो जाता है।

  • ईस्ट इंडिया कंपनी के सेना प्रमुख चार्ल्स नैपियर ने 1842 में सिंध को जीतने के बाद उस राज्य का प्रशासन बंबई राज्य को सौंप दिया था। इसके बाद सिंध में अपना प्रशासन चला रही अंग्रेज सरकार ने सिंध और बंबई के बीच सीमारेखा खींची थी चे कच्छ के बीच से गुजरती थी। इसमें यह संपूर्ण खाड़ी सिंध प्रांत में दिखाई गई थी। यानि च्क कच्छ के मूल क्षेत्र से उसे अलग कर सिंध में जोड़ दिया गया था।

  • इसके बाद सन् 1924 में सर क्रीक को लेकर कच्छ के महाराजा और सिंध प्रांत के प्रशासक के बीच एक समझौता हुआ था। इसके अनुसार सर क्रीक की पूर्व दिशा में भारत की तरफ उसकी सरहद निर्धारित की गई थी। इसी समझौते का हवाला देकर पाकिस्तान दावा करता है कि सर क्रीक उसका हिस्सा है।

  • स्वतंत्रता के बाद पाकिस्तान ने संपूर्ण खाड़ी क्षेत्र पर अपना मालिकाना हक जताया। इसके जवाब में भारत ने प्रस्ताव भी रखा था कि कच्छ के रण से लेकर खाड़ी के मुख तक की एक सीधी रेखा को सीमारेखा मान लिया जाए, लेकिन पाकिस्तान ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसी वजह से इस खाड़ी का लगभग 650 चौरस का हिस्सा अब भी भारत-पाकिस्तान के झगड़े की वजह बना हुआ है।

  • सर क्रीक में घुसना बीएसएफ के लिये बहुत ही मुश्किल है, कारण कि हरामी नाले का पानी भारत की तरफ सीमा में फैला हुआ है जो मारसी और कीचड़ से भरा रहता है और तकरीबन 500 वर्ग किलो मीटर क्षेत्र को घेरता है। साथ ही इस क्षेत्र में पैदल तो क्या गाड़ी या पेट्रोल बोट से भी जाना नामुमकिन है।

  • हरामी नाला भारत के क्षेत्र वियानवरी क्रीक की तरफ से पाकिस्तान के जी-पिलर 29 की तरफ जाता है उसके पश्चात् यह बॉर्डर पिलर न.1171 के पास वापस भारत की सीमा की ओर बढ़ता है। पाकिस्तान सरकार ने इस विवादित क्रीक क्षेत्र को अपने इलाके में तकरीबन 2 किलोमीटर लम्बी और 50 मीटर चौड़ी एक कृत्रिम चैनल खोद कर मिला लिया है।

  • क्रीक इलाके में सीमा को लेकर भारत का पाकिस्तान के साथ लंबे समय से विवाद रहा है और दोनों देशों की बातचीत के एजेंडे में यह मुद्दा है। क्षेत्र में सर क्रीक, पीर सनाई क्रीक, पाबेवरी क्रीक, वियांबारी क्रीक, कूरी क्रीक और देवेरी क्रीक जैसी संकरी खाडिय़ों के साथ-साथ कई नाले हैं, जिनमें हरामी नाला घुसपैठ के लिहाज से काफी संवेदनशील है।

  • पाकिस्तान-भारत सीमा से लगे कच्छ के सरक्रीक में हरामी नाला दलदली, उथला वॉटर चैनल करीब 500 वर्ग किमी में फैला हुआ है। पिछले कुछ वषों में यह इलाका पाकिस्तानी मछुआरों द्वारा जल सीमा के उल्लंघन का गवाह रहा है। दलदली भूमि होने की वजह से सैनिकों को इस इलाके से होने वाली तस्करी और घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई करने में कठिनाई आती है।

  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: know about the gujarat pak border sir creeck
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From Politicians

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top