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सट्टा बाजार के अनुसार, मोदी 100 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएंगे!

divyabhaskar network | Dec 19, 2012, 15:26 IST

  • अहमदाबाद। कल गुरुवार को गुजरात विधानसभा चुनाव की मतगणना का दिन है। गुजरात सहित पूरा देश अगली सुबह का इंतजार कर रहा है। सभी पार्टियों में मंथन का दौर चल रहा है। मीडिया ने भी नतीजों के संबंध में सर्वे कर लिए हैं और मोदी को गुजरात का बड़ा विजेता भी घोषित कर दिया है। अब तक सभी सर्वे में मोदी को पिछले चुनाव की तुलना में इस बार अधिक सीटें मिलना बताया गया है।

    कुछ सर्वे का तो यहां तक कहना है कि मोदी को इस बार 140 सीटें मिलेंगी। पिछले विधानसभा चुनाव में मोदी ने 117 सीटों पर अपनी विजय पताका लहराई थी, लेकिन इस बार का चुनाव उनके भावी भविष्य की दिशा तय करने वाला है। इसलिए मामला जरा हटके है।

    इसी बीच चौंकाने वाली जानकारी यह आई है कि सट्टा बाजार ने मीडिया के सभी सर्वे को झुठला दिया है। सटोरियों का तो दावा है कि इस बार मोदी सरकार के लिए तो 100 सीटें जीतना भी मुश्किल है।

    गुजरात के इस महासंग्राम को देखते हुए सट्टा बाजार में 5 हजार करोड़ रुपए लगे हैं। इसलिए सटोरियों का यह दावा सचमुच में काफी चौंकाने वाला है। क्योंकि अगर सटोरियों की बात सही साबित हो गई तो मोदी के लिए एक बहुत बड़ा झटका होगा।

    इस संबंध में एक बड़े अखबार ने भी दावा किया है कि इस बार गुजरात में अपेक्षा से अधिक हुआ मतदान मोदी के खिलाफ जाने की ओर इशारा करता है। अखबार के अनुसार जहां 6 दिन पहले तक सट्टा बाजार ने बीजेपी के 100 भी कम सीटें जीतने पर 114 पैसे का भाव रखा था, वहीं अब रेट बढ़कर 117 पैसे कर दिया गया है।


    आगे पढ़ें मोदी भी है चिंता में...

  • सोमवार को गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे व अंतिम चरण का मतदान भी समाप्त हो गया है। अब सभी को इंतजार है 20 दिसंबर को होने वाली मतगणना का। हालांकि सभी दलों ने अपने स्तर पर मंथन करना शुरू कर दिया है।

    इस बार के गुजरात विधानसभा चुनाव में भारी मतदान हुआ है। 13 दिसंबर को पहले चरण के लिए 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ तो दूसरे चरण में भी आंकड़ा 71.32 प्रतिशत के आसपास रहा। इसी वजह से भाजपा-कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों में मंथन का दौर चल रहा है कि आखिर इसका नतीजा क्या निकलेगा।

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  • दूसरी तरफ भाजपा में अलग ही स्थिति है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो इस संबंध में मंगलवार को एक मीटिंग भी आयोजित की, जिसमें लंबी चर्चा हुई। वर्ष 1960 में गुजरात की स्थापना हुई थी, तबसे लेकर आज तक हुए चुनावों में सबसे ज्यादा मतदान इसी चुनाव में हुआ है। इसलिए 20 दिसंबर को आने वाले चुनाव परिणामों को लेकर भाजपा में काफी ऊहापोह की स्थिति है।

    हालांकि सभी एग्जिट पोल ने मोदी को पिछले चुनाव की तुलना में अधिक सीटें मिलना बताया है, जिसे लेकर पार्टी संतुष्ट है। लेकिन फिर भी पार्टी अपनी ओर से इन दो दिनों में परिणाम निकालने की कोशिशों में लगी हुई है।

  • भाजपा से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मीटिंग में सभी 182 सीटों पर हुए मतदान के प्रतिशत के बारे में चर्चा की जा रही है। हरेक जिले में वार्ड इंचार्ज और बूथ लेवल पर कार्यकर्ताओं से जानकारियां एकत्रित की जा रही हैं। गुजरात में भाजपा पार्टी के पास माइक्रो एनालिसिस करने के लिए अत्यंत विस्तृत व्यवस्था है।

  • उल्लेखनीय है कि दूसरे चरण में मध्य गुजरात के पांच जिलों की 40, उत्तर गुजरात की 32, अहमदाबाद शहर की 17 और कच्छ जिले की 6 सीटों के लिए मतदान हुआ। पहले चरण में 87 सीटों के लिए मतदान हो चुका है, जिसमें रिकॉर्ड 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था।

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Web Title: tension cause of large voting in gujarat
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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