Home »Haryana »Ambala» A Farmer Earn Million Rupees For Beekeeping

कभी ये किसान करता था लकड़ी काटने का काम, अब इस काम से है लाखों में कमाई

Bhaskar news | Mar 19, 2017, 02:11 IST

  • सतपाल के पास जमीन नहीं थी तो दूसरों के खेतों की मेढ़ पर डिब्बे रखे।
    कैथल (हरियाणा).कभी लकड़ी काटने वाले मजदूर सतपाल के प्रयास से हरियाणा के कैथल जिले का गोहरा गांव, अब शहद गांव के नाम से मशहूर हो चुका है। सतपाल ने 1996 में 5 डिब्बों से मधुमक्खी पालन शुरू किया था। शुरूआत में मधुमक्खियों ने काटा तो धंधा बंदकर करने की सोचने लगे थे पर रुके नहीं। खुद के पास जमीन नहीं थी तो दूसरों के खेतों की मेढ़ पर डिब्बे रखे। इससे गांव के किसानों की फसलों का उत्पादन भी बढ़ गया।हर साल 200 क्विंटल शहद की करते हैं सप्लाई, कितनी है महीने की कमाई...

    तीन हजार आबादी वाले इस गांव में इन 20 सालों में सतपाल से करीब 100 से अधिक लोग जुड़ गए हैं।
    - उनके पास 10 हजार डिब्बे हैं। हर माह 200 क्विंटल शहद सप्लाई करते हैं।
    - हर महीने उन्हें करीब 10 लाख रुपए आमदनी भी होती है।
    - सतपाल कहते हैं ‘मैने और ईशान सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र कैथल से मधुमक्खी पालन को सबसे पहले सीखा था।
    - आज गांव के खेतों में शहद के डिब्बे ही डिब्बे दिखते हैं। गांव का कोई भी व्यक्ति गलियों में खाली नहीं घूमता।
    अब रिश्तेदार भी कर रहे है शहद का कारोबार
    -
    आसपास के लोग और रिश्तेदार भी यहां से मधुमक्खी पालन सीख अपने गांवों में अपना रोजगार कर रहे हैं।
    - ' ईशान बताते हैं ‘वे मजदूरी करते थे। मेरे पास आज 100 डिब्बे हैं। मधुमक्खी पालन से ही मैंने दो बेटियों को जीएनएम कराया।
    - अब वे सरकारी नौकरी कर रही हैं। एक बेटा एमसीए व दूसरा सीए कर रहा है।
    - ' गांव में किसान पहले मधुमक्खी पालन नहीं करते थे, पर जब देखा कि बिना जमीन वालों का काम बढ़ रहा है तो उन्होंने भी मधुमक्खी पालन शुरू कर दिया।
    - अब करीब 15 किसान इस व्यवसाय से जुड़ चुके हैं। ब्रांडेड कंपनियों की गाड़ियां हर माह गांव आती हैं और शहद लोड कर ले जाती हैं।
    -किसान नरेश बताते हैं ‘वे 8 साल से शहद उत्पादन कर रहे हैं, उनके पास 145 डिब्बे हैं। तीन लाख का शहद साल में बेच देते हैं।
    - मैंने अपनी बेटी को 100 डिब्बे मधुमक्खी पालन के लिए दिए हैं।'
    - ग्राम प्रधान रेखा रानी कहती हैं ‘जिनके पास कभी साइकिल तक नहीं होती थी। अब उनके पास बाइक व कारें हैं।'

    7 राज्यों में रखते हैं डिब्बे
    - गांव के शहद उत्पादक राजस्थान, यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, पंजाब में 10 हजार डिब्बे खेतों में रखते हैं।
    - क्योंकि हरियाणा में जब सरसों, बरसीम, बाजरा, कपास, बेल वाली सब्जियां, बादाम, सफेदा आदि के फूल कम हो जाते हैं तो फरवरी में यहां से डिब्बों को बाहर के राज्यों में ले जाकर रखते हैं।
    आगे की स्लाइड्स में देखें, और फोटोज
  • आज गांव के खेतों में शहद के डिब्बे ही डिब्बे दिखते हैं।
  • 20 सालों में सतपाल से करीब 100 से अधिक लोग जुड़ गए हैं।
  • गांव का कोई भी व्यक्ति गलियों में खाली नहीं घूमता।
  • हर महीने उन्हें करीब 10 लाख रुपए आमदनी भी होती है।
  • गांव में किसान पहले मधुमक्खी पालन नहीं करते थे लेकिन जब से ये काम शुरु किया है आमदनी में काफी इजाफा हुआ है।
  • ट्रेन्डिंग नोटिफिकेशन्स
Web Title: a farmer earn million rupees for beekeeping
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
पढ़ते रहिए 5.5 करोड़ + रीडर्स की पसंदीदा और विश्व की नंबर 1 हिंदी न्यूज़ वेबसाइट dainikbhaskar.com, जानो ख़बरों से ज़्यादा।

Stories You May be Interested in

      More From Ambala

        Trending Now

        पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

        दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

        * किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.
        Top